औद्योगीकरण का युग Class 10 Notes | The Age of Industrialisation RBSE History Chapter 4 Hindi

📅 Thursday, 25 December 2025 📖 3-5 min read
औद्योगीकरण का युग - RBSE Class 10 History Chapter 4 Notes Hindi | NCERT Classes

औद्योगीकरण का युग

The Age of Industrialisation — RBSE Class 10 History Chapter 4

औद्योगीकरण का युग (The Age of Industrialisation) वह काल है जब हस्तनिर्मित वस्तुओं का निर्माण कम हुआ और फैक्ट्री, मशीन एवं तकनीक का विकास हुआ। इस अध्याय में हम ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति और भारत पर इसके प्रभाव का अध्ययन करते हैं।

औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) का अर्थ है खेतिहर समाज का औद्योगिक समाज में परिवर्तन। 1760 से 1840 के काल को औद्योगीकरण का युग कहा जाता है।

1. आदि-औद्योगीकरण (Proto-Industrialisation)

आदि-औद्योगीकरण का अर्थ है फैक्ट्रियों की स्थापना से पहले का औद्योगिक उत्पादन। इंग्लैंड और यूरोप में कारखाने खुलने से पहले भी अंतर्राष्ट्रीय बाजार के लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन होता था, लेकिन यह उत्पादन फैक्ट्रियों में नहीं बल्कि घरों में होता था।

1.1 आदि-औद्योगीकरण की विशेषताएं

विशेषता विवरण
उत्पादन स्थल घरों में (Cottage Industry)
व्यापारी की भूमिका कच्चा माल देना, तैयार माल खरीदना
श्रमिक किसान परिवार (खाली समय में)
गिल्ड्स कारीगरों के संगठन जो उत्पादन नियंत्रित करते थे
गिल्ड्स (Guilds) क्या थे?

गिल्ड्स उत्पादकों के संगठन थे जो कारीगरों को प्रशिक्षण देते, उत्पादन पर नियंत्रण रखते, प्रतिस्पर्धा रोकते और मूल्य तय करते थे।

2. कारखानों का उदय

इंग्लैंड में सबसे पहले 1730 के दशक में कारखाने खुले। कपास (Cotton) नए युग का पहला प्रतीक थी।

ब्रिटेन में कपास आयात (1760-1787) 25 12.5 0 Million Pounds 1760 2.5M 1787 22M 8.8x वृद्धि 27 वर्षों में कपास आयात लगभग 9 गुना बढ़ा
ब्रिटेन में कपास आयात में वृद्धि (1760-1787)

2.1 कारखाना प्रणाली के लाभ

  • सभी प्रक्रियाएं एक छत के नीचे
  • उत्पादन पर बेहतर निगरानी
  • गुणवत्ता में सुधार
  • उत्पादन में वृद्धि

3. प्रमुख आविष्कार

औद्योगिक क्रांति के दौरान कई महत्वपूर्ण आविष्कार हुए जिन्होंने उत्पादन प्रक्रिया को बदल दिया।

औद्योगिक क्रांति के प्रमुख आविष्कार 1733 फ्लाइंग शटल जॉन के 1764 स्पिनिंग जेनी जेम्स हारग्रीव्ज 1769 वाटर फ्रेम आर्कराइट + वाट का स्टीम इंजन 1779 स्पिनिंग म्यूल सैमुअल क्रॉम्पटन 1785 पावर लूम एडमंड कार्टराइट प्रभाव: कताई और बुनाई की गति में भारी वृद्धि एक श्रमिक = 8 से 120 तकलियों पर काम
औद्योगिक क्रांति के प्रमुख आविष्कार (1733-1785)

3.1 प्रमुख आविष्कारों की सूची

वर्ष आविष्कार आविष्कारक महत्व
1733 फ्लाइंग शटल (Flying Shuttle) जॉन के (John Kay) बुनाई की गति में वृद्धि
1764 स्पिनिंग जेनी (Spinning Jenny) जेम्स हारग्रीव्ज एक साथ 8 तकलियों पर कताई
1769 वाटर फ्रेम (Water Frame) रिचर्ड आर्कराइट पानी की शक्ति से कताई
1769 भाप इंजन (Steam Engine) जेम्स वाट मशीनों को चलाने की शक्ति
1779 स्पिनिंग म्यूल सैमुअल क्रॉम्पटन बेहतर गुणवत्ता का धागा
1785 पावर लूम (Power Loom) एडमंड कार्टराइट भाप से चलने वाला करघा
क्या आप जानते हैं?

स्पिनिंग जेनी का नाम जेम्स हारग्रीव्ज की बेटी के नाम पर रखा गया था। शुरू में इसमें 8 तकलियां थीं जो बाद में बढ़कर 120 तक पहुंच गईं। कई कताई मजदूरों ने डर से कि मशीन उनकी नौकरी छीन लेगी, हारग्रीव्ज के घर पर हमला किया और उनकी मशीनें तोड़ दीं।

4. औद्योगिक परिवर्तन की गति

आम धारणा के विपरीत, औद्योगिक परिवर्तन की गति बहुत तेज नहीं थी। उन्नीसवीं सदी के अंत तक भी ब्रिटेन की अधिकांश श्रम-शक्ति पारंपरिक क्षेत्रों में काम करती थी।

4.1 प्रमुख उद्योग

चरण अग्रणी उद्योग समय
पहला चरण सूती कपड़ा उद्योग (Cotton) 1840 के दशक तक
दूसरा चरण लोहा और इस्पात (Iron & Steel) 1840 के बाद (रेलवे विस्तार)

4.2 हाथ का श्रम क्यों बना रहा?

  • सस्ता श्रम: ब्रिटेन में मानव श्रम की कमी नहीं थी
  • मौसमी मांग: कई उद्योगों में श्रमिकों की मांग मौसम के अनुसार बदलती थी
  • विशेष कौशल: बारीक डिजाइन वाली वस्तुओं के लिए मानवीय निपुणता जरूरी थी
  • महंगी मशीनें: नई तकनीक में निवेश महंगा था

5. श्रमिकों की जिंदगी

औद्योगीकरण से श्रमिकों का जीवन कठिन हो गया। गरीब किसान और बेरोजगार लोग काम की तलाश में शहरों में आते थे।

5.1 श्रमिकों की समस्याएं

  • बेरोजगारी: काम की कोई गारंटी नहीं
  • लंबे कार्य घंटे: दिन में 15-18 घंटे काम
  • कम वेतन: बहुत कम मजदूरी
  • खराब स्थितियां: अस्वास्थ्यकर कारखाने
  • बाल श्रम: छोटे बच्चों से भी काम करवाया जाता था
जॉबर (Jobber) कौन था?

जॉबर वह व्यक्ति था जो गांव से लोगों को लाता, उन्हें काम दिलवाता, शहर में बसने में मदद करता और जरूरत के समय पैसा उधार देता था। जॉबर का श्रमिकों पर काफी प्रभाव होता था।

6. भारत में औद्योगीकरण

भारत में औद्योगीकरण का इतिहास ब्रिटेन से अलग था क्योंकि भारत एक उपनिवेश (Colony) था।

6.1 भारत में कारखानों की शुरुआत

वर्ष घटना
1854 पहली सूती मिल - बंबई (मुंबई)
1855 पहली जूट मिल - बंगाल (रिशरा)
1907 टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) - जमशेदपुर

7. भारतीय कपड़ा उद्योग

मशीन उद्योगों के युग से पहले अंतर्राष्ट्रीय कपड़ा बाजार में भारत के रेशमी और सूती उत्पादों का दबदबा था।

भारतीय कपड़ा व्यापार (18वीं सदी तक) भारत (कपड़ा निर्माता) यूरोप मध्य एशिया दक्षिण-पूर्व एशिया अफ्रीका प्रमुख बंदरगाह: सूरत, हुगली, मसूलीपट्टनम
18वीं सदी में भारतीय कपड़ा निर्यात

7.1 भारतीय कपड़े की विशेषताएं

  • मसलिन (Muslin): ढाका का प्रसिद्ध महीन कपड़ा
  • पटोला: गुजरात का बहुरंगी रेशमी कपड़ा
  • जामदानी: बारीक बुनाई वाला कपड़ा
  • चिंट्ज़ (Chintz): छपाई वाला सूती कपड़ा

7.2 बुनकरों की समस्याएं (ईस्ट इंडिया कंपनी के बाद)

  • गोमास्ता: कंपनी के एजेंट जो बुनकरों पर दबाव डालते थे
  • अग्रिम राशि: पेशगी लेने के बाद बुनकर बंधुआ हो जाते थे
  • कम कीमत: कंपनी कम कीमत पर माल खरीदती थी
  • प्रतिबंध: अन्य व्यापारियों को बेचने पर रोक

8. भारत में मैनचेस्टर का आगमन

19वीं सदी में ब्रिटिश मैनचेस्टर के मिल-निर्मित कपड़े भारत में आने लगे। इससे भारतीय हथकरघा उद्योग को भारी नुकसान हुआ।

8.1 भारतीय उद्योग पर प्रभाव

प्रभाव विवरण
निर्यात में गिरावट भारतीय कपड़े का निर्यात घटा
स्थानीय बाजार ब्रिटिश कपड़े से प्रतिस्पर्धा
बेरोजगारी लाखों बुनकर बेरोजगार हुए
अकाल बुनकरों के परिवारों में भुखमरी

8.2 स्वदेशी आंदोलन का प्रभाव

1905 के स्वदेशी आंदोलन से भारतीय मिलों को बढ़ावा मिला। लोगों ने विदेशी कपड़ों का बहिष्कार किया और खादी पहनना शुरू किया।

9. महत्वपूर्ण तिथियां

1733 — जॉन के ने फ्लाइंग शटल का आविष्कार किया
1764 — जेम्स हारग्रीव्ज ने स्पिनिंग जेनी बनाई
1769 — आर्कराइट ने वाटर फ्रेम बनाया; जेम्स वाट का भाप इंजन
1779 — सैमुअल क्रॉम्पटन ने स्पिनिंग म्यूल बनाया
1785 — एडमंड कार्टराइट ने पावर लूम बनाया
1854 — भारत में पहली सूती मिल (बंबई)
1855 — भारत में पहली जूट मिल (बंगाल)
1905 — स्वदेशी आंदोलन
1907 — TISCO की स्थापना (जमशेदपुर)

10. वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

1. स्पिनिंग जेनी का आविष्कार किसने किया?
उत्तर: (ब) जेम्स हारग्रीव्ज (1764)
2. फ्लाइंग शटल का आविष्कार कब हुआ?
उत्तर: (स) 1733
3. भारत में पहली सूती मिल कहां खुली?
उत्तर: (अ) बंबई (1854)
4. भारत में पहली जूट मिल कहां स्थापित हुई?
उत्तर: (ब) बंगाल - रिशरा (1855)
5. भाप इंजन का आविष्कार किसने किया?
उत्तर: (द) जेम्स वाट (1769)
6. TISCO की स्थापना कब हुई?
उत्तर: (स) 1907
7. औद्योगीकरण के पहले चरण का अग्रणी उद्योग कौन सा था?
उत्तर: (अ) सूती कपड़ा उद्योग
8. गोमास्ता कौन था?
उत्तर: (ब) ईस्ट इंडिया कंपनी का वेतनभोगी एजेंट
9. 1760 में ब्रिटेन कितने पौंड कपास का आयात करता था?
उत्तर: (स) 25 लाख पौंड
10. वाटर फ्रेम का आविष्कार किसने किया?
उत्तर: (द) रिचर्ड आर्कराइट
11. आदि-औद्योगीकरण में उत्पादन कहां होता था?
उत्तर: (अ) घरों में
12. ढाका किस कपड़े के लिए प्रसिद्ध था?
उत्तर: (ब) मसलिन
13. स्वदेशी आंदोलन कब शुरू हुआ?
उत्तर: (स) 1905
14. पावर लूम का आविष्कारक कौन था?
उत्तर: (द) एडमंड कार्टराइट
15. इंग्लैंड में पहले कारखाने कब खुले?
उत्तर: (ब) 1730 के दशक में

11. प्रश्नोत्तर

11.1 लघु उत्तरीय प्रश्न (2-3 अंक)

प्रश्न 1. आदि-औद्योगीकरण क्या है?
उत्तर: आदि-औद्योगीकरण से तात्पर्य फैक्ट्रियों की स्थापना से पहले के औद्योगिक उत्पादन से है। इंग्लैंड और यूरोप में कारखाने खुलने से पहले भी अंतर्राष्ट्रीय बाजार के लिए बड़े पैमाने पर उत्पादन होता था, लेकिन यह उत्पादन कारखानों में नहीं बल्कि घरों में होता था।
प्रश्न 2. स्पिनिंग जेनी क्या थी? इसका महत्व बताइए।
उत्तर: स्पिनिंग जेनी 1764 में जेम्स हारग्रीव्ज द्वारा आविष्कृत एक कताई मशीन थी। इसके द्वारा एक कामगार एक साथ कई तकलियों पर काम कर सकता था। शुरू में 8 तकलियां थीं जो बाद में 120 तक बढ़ गईं। इससे कताई की गति और उत्पादकता में भारी वृद्धि हुई।
प्रश्न 3. गोमास्ता कौन था?
उत्तर: गोमास्ता ईस्ट इंडिया कंपनी का वेतनभोगी एजेंट था जो बुनकरों की निगरानी करता था, उन्हें अग्रिम राशि देता था और कपड़ा इकट्ठा करता था। गोमास्ता बुनकरों पर दबाव डालते थे और उन्हें कम कीमत पर माल बेचने को मजबूर करते थे।
प्रश्न 4. जॉबर कौन था?
उत्तर: जॉबर वह व्यक्ति था जो गांव से मजदूरों को लाता, उन्हें कारखानों में काम दिलवाता, शहर में बसने में मदद करता और जरूरत के समय उधार देता था। जॉबर का श्रमिकों पर काफी प्रभाव होता था।

11.2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4-5 अंक)

प्रश्न 1. ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के कारणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति के निम्नलिखित कारण थे:

1. प्राकृतिक संसाधन: कोयला और लोहे की खानों की प्रचुरता।

2. पूंजी: व्यापार से अर्जित धन निवेश के लिए उपलब्ध था।

3. उपनिवेश: कच्चे माल का स्रोत और तैयार माल का बाजार।

4. नए आविष्कार: स्पिनिंग जेनी, भाप इंजन जैसे आविष्कार।

5. श्रम की उपलब्धता: गांवों से शहरों में आने वाले मजदूर।
प्रश्न 2. ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय बुनकरों पर कैसे नियंत्रण स्थापित किया?
उत्तर: ईस्ट इंडिया कंपनी ने निम्न तरीकों से बुनकरों पर नियंत्रण किया:

1. गोमास्ता नियुक्ति: वेतनभोगी एजेंट जो बुनकरों की निगरानी करते थे।

2. अग्रिम राशि: पेशगी देकर बुनकरों को बंधुआ बनाया।

3. व्यापार प्रतिबंध: अन्य व्यापारियों को बेचने पर रोक लगाई।

4. कम कीमत: बाजार दर से कम कीमत पर माल खरीदा।

5. दंड: नियम तोड़ने पर सजा दी जाती थी।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
  • औद्योगिक क्रांति: 1760-1840 (ब्रिटेन)
  • फ्लाइंग शटल: 1733, जॉन के
  • स्पिनिंग जेनी: 1764, जेम्स हारग्रीव्ज
  • भाप इंजन: 1769, जेम्स वाट
  • पावर लूम: 1785, एडमंड कार्टराइट
  • पहली सूती मिल (भारत): 1854, बंबई
  • पहली जूट मिल (भारत): 1855, बंगाल
  • TISCO: 1907, जमशेदपुर
  • गोमास्ता: कंपनी का एजेंट
  • जॉबर: श्रमिकों को लाने वाला बिचौलिया

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