प्रकाश परावर्तन अपवर्तन Class 10 Notes | Light Reflection Refraction PDF

📅 Wednesday, 31 December 2025 📖 3-5 min read
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प्रकाश - परावर्तन तथा अपवर्तन

Light - Reflection and Refraction
RBSE / NCERT | कक्षा 10 | विज्ञान | अध्याय 10 | सत्र 2025-26
मार्गदर्शक: श्री सुरेन्द्र सिंह चौहान
अध्याय
10
पृष्ठ
203-233
भारांक
10 अंक
टॉपिक्स
50+

प्रकाश (Light): परिचय

प्रकाश ऊर्जा का वह रूप है जिसकी सहायता से हम वस्तुओं को देख पाते हैं। प्रकाश सरल रेखाओं में गमन करता है। इसकी चाल निर्वात में 3 × 10⁸ m/s होती है।

1. प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

📌 परिभाषा
जब प्रकाश की किरण किसी चिकने पृष्ठ से टकराकर वापस लौटती है, तो इसे प्रकाश का परावर्तन कहते हैं।
परावर्तन के नियम (Laws of Reflection) अभिलम्ब (N) आपतित किरण परावर्तित किरण i r आपतन बिंदु परावर्तन के नियम 1. आपतन कोण = परावर्तन कोण ∠i = ∠r 2. आपतित किरण, अभिलम्ब व परावर्तित किरण एक ही तल में होती हैं। ncertclasses.com | Marwari Mission 100™

2. गोलीय दर्पण (Spherical Mirrors)

📌 परिभाषा
वे दर्पण जिनका परावर्तक पृष्ठ गोलीय (Spherical) होता है, गोलीय दर्पण कहलाते हैं।

📐 गोलीय दर्पण की प्रमुख शब्दावली:

शब्दप्रतीकपरिभाषा
ध्रुव (Pole)Pदर्पण के परावर्तक पृष्ठ का मध्य बिंदु
वक्रता केंद्रCउस गोले का केंद्र जिसका दर्पण भाग है
वक्रता त्रिज्याRध्रुव से वक्रता केंद्र की दूरी
मुख्य अक्ष-ध्रुव और वक्रता केंद्र से गुजरने वाली रेखा
मुख्य फोकसFसमांतर किरणें जहाँ मिलती/मिलती प्रतीत होती हैं
फोकस दूरीfध्रुव से फोकस की दूरी (f = R/2)
महत्वपूर्ण संबंध
f = R/2 या R = 2f
फोकस दूरी, वक्रता त्रिज्या की आधी होती है

🔬 अवतल व उत्तल दर्पण की तुलना:

🔵 अवतल दर्पण (Concave)
  • परावर्तक पृष्ठ अंदर की ओर धँसा हुआ
  • किरणें अभिसारित (converge) होती हैं
  • फोकस दर्पण के सामने (वास्तविक)
  • वास्तविक व आभासी दोनों प्रतिबिंब
  • उपयोग: टॉर्च, सर्चलाइट, शेविंग मिरर, दंत चिकित्सक
🔴 उत्तल दर्पण (Convex)
  • परावर्तक पृष्ठ बाहर की ओर उभरा हुआ
  • किरणें अपसारित (diverge) होती हैं
  • फोकस दर्पण के पीछे (आभासी)
  • सदैव आभासी, सीधा, छोटा प्रतिबिंब
  • उपयोग: वाहनों का पार्श्व दर्पण, सुरक्षा दर्पण

📊 अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब निर्माण:

अवतल दर्पण - किरण आरेख (बिंब C से परे) P F C बिंब (O) प्रतिबिंब (I) प्रतिबिंब के गुण: • स्थिति: F और C के बीच • प्रकृति: वास्तविक, उल्टा • आकार: छोटा (diminished) ncertclasses.com | Marwari Mission 100™

📋 अवतल दर्पण में प्रतिबिंब निर्माण सारणी:

बिंब की स्थिति प्रतिबिंब की स्थिति आकार प्रकृति
अनंत परF परअत्यंत छोटा, बिंदुवास्तविक, उल्टा
C से परेF व C के बीचछोटावास्तविक, उल्टा
C परC परसमानवास्तविक, उल्टा
F व C के बीचC से परेबड़ावास्तविक, उल्टा
F परअनंत परअत्यंत बड़ावास्तविक, उल्टा
P व F के बीचदर्पण के पीछेबड़ाआभासी, सीधा

3. दर्पण सूत्र एवं आवर्धन

📐 दर्पण सूत्र (Mirror Formula)
1/v + 1/u = 1/f
v = प्रतिबिंब दूरी | u = बिंब दूरी | f = फोकस दूरी
📐 आवर्धन (Magnification)
m = h'/h = -v/u
h' = प्रतिबिंब की ऊँचाई | h = बिंब की ऊँचाई
m > 1 → बड़ा प्रतिबिंब | m < 1 → छोटा प्रतिबिंब | m = 1 → समान आकार
m (+) → सीधा प्रतिबिंब | m (−) → उल्टा प्रतिबिंब

📏 चिह्न परिपाटी (New Cartesian Sign Convention):

नियमविवरण
1. मूल बिंदुदर्पण/लेंस का ध्रुव (P)/प्रकाशिक केंद्र (O)
2. मुख्य अक्षX-अक्ष के रूप में
3. आपतित किरणसदैव बाएँ से दाएँ
4. दूरियाँ (+)आपतित किरण की दिशा में (दाएँ)
5. दूरियाँ (−)आपतित किरण के विपरीत (बाएँ)
6. ऊँचाई (+)मुख्य अक्ष के ऊपर
7. ऊँचाई (−)मुख्य अक्ष के नीचे

4. प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)

📌 परिभाषा
जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में तिरछा प्रवेश करता है तो उसकी दिशा बदल जाती है। इसे अपवर्तन कहते हैं।
प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light) विरल माध्यम (वायु) - Rarer Medium सघन माध्यम (काँच/जल) - Denser Medium अभिलम्ब (N) आपतित किरण अपवर्तित किरण i r अपवर्तन के नियम 1. आपतित किरण, अभिलम्ब व अपवर्तित किरण एक ही तल में। 2. स्नेल का नियम: sin i / sin r = n (अपवर्तनांक) विरल → सघन: अभिलम्ब की ओर झुकाव ncertclasses.com | Marwari Mission 100™

🔢 अपवर्तनांक (Refractive Index):

माध्यमअपवर्तनांक (n)
निर्वात/वायु1.00
जल1.33
काँच1.50
हीरा2.42 (सर्वाधिक)

5. गोलीय लेंस (Spherical Lens)

🟢 उत्तल लेंस (Convex)
  • बीच में मोटा, किनारों पर पतला
  • किरणें अभिसारित होती हैं
  • अभिसारी लेंस (Converging)
  • फोकस दूरी धनात्मक (+)
  • उपयोग: आवर्धक, कैमरा, दूरबीन
🔴 अवतल लेंस (Concave)
  • बीच में पतला, किनारों पर मोटा
  • किरणें अपसारित होती हैं
  • अपसारी लेंस (Diverging)
  • फोकस दूरी ऋणात्मक (−)
  • उपयोग: निकट दृष्टि दोष सुधार

6. लेंस सूत्र एवं क्षमता

📐 लेंस सूत्र (Lens Formula)
1/v1/u = 1/f
(ध्यान दें: दर्पण सूत्र में + है, लेंस सूत्र में − है)
📐 लेंस की क्षमता (Power of Lens)
P = 1/f (मीटर में)
मात्रक: डायोप्टर (D) | 1D = 1 m⁻¹
उत्तल लेंस → P (+) धनात्मक | अवतल लेंस → P (−) ऋणात्मक

7. महत्वपूर्ण प्रश्न

Q1. गोलीय दर्पण के लिए R = 2f सिद्ध करें।
समांतर किरण C से गुजरती है तो उसी पथ पर लौटती है। फोकस F, P और C के मध्य में होता है। अतः PF = PC/2, यानी f = R/2।
Q2. उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों के पार्श्व दर्पण में क्यों किया जाता है?
क्योंकि यह सदैव सीधा व छोटा प्रतिबिंब बनाता है और इसका दृष्टि क्षेत्र विस्तृत होता है, जिससे ड्राइवर पीछे के अधिक क्षेत्र को देख सकता है।
Q3. तारे क्यों टिमटिमाते हैं?
वायुमंडल की विभिन्न परतों में तापमान व घनत्व अलग-अलग होते हैं। इससे प्रकाश बार-बार अपवर्तित होता है और तारों का प्रतिबिंब स्थिर नहीं रहता।
Q4. लेंस की क्षमता से क्या अभिप्राय है?
लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसारित या अपसारित करने की क्षमता। P = 1/f (मीटर में)। मात्रक डायोप्टर (D)।

🎯 MCQ

1. अवतल दर्पण की फोकस दूरी का चिह्न होता है:
(a) धनात्मक (b) ऋणात्मक (c) शून्य (d) अनिश्चित
✓ उत्तर: (b) ऋणात्मक
2. वाहनों के पार्श्व दर्पण में कौन-सा दर्पण प्रयुक्त होता है?
(a) समतल (b) अवतल (c) उत्तल (d) परवलयिक
✓ उत्तर: (c) उत्तल
3. हीरे का अपवर्तनांक है:
(a) 1.00 (b) 1.33 (c) 1.50 (d) 2.42
✓ उत्तर: (d) 2.42
4. लेंस की क्षमता का मात्रक है:
(a) मीटर (b) सेमी (c) डायोप्टर (d) न्यूटन
✓ उत्तर: (c) डायोप्टर
5. दर्पण सूत्र है:
(a) 1/v + 1/u = 1/f (b) 1/v - 1/u = 1/f (c) v + u = f (d) v - u = f
✓ उत्तर: (a) 1/v + 1/u = 1/f

Marwari Mission 100™

मार्गदर्शक: श्री सुरेन्द्र सिंह चौहान

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