कार्बन एवं उसके यौगिक
कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon and its Compounds)
कार्बन (Carbon) एक अद्वितीय तत्व है जो सभी जीवों एवं जैविक पदार्थों का आधार है। भूपर्पटी में खनिजों के रूप में केवल 0.02% कार्बन उपस्थित है तथा वायुमंडल में 0.03% CO₂ है। फिर भी कार्बन लाखों यौगिक बनाता है! भोजन, ईंधन, कपड़े, दवाइयां, प्लास्टिक - सब कार्बन यौगिक हैं। इस अध्याय में हम कार्बन की विशेष प्रकृति, हाइड्रोकार्बन, क्रियात्मक समूह, एथेनॉल, एथेनोइक अम्ल और साबुन-अपमार्जक का अध्ययन करेंगे।
- कार्बन में आबंधन (सहसंयोजी बंध)
- कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति
- श्रृंखलन और चतुःसंयोजकता
- कार्बन के अपररूप
- हाइड्रोकार्बन के प्रकार
- समजातीय श्रेणी
- क्रियात्मक समूह
- IUPAC नामकरण
- कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुण
- एथेनॉल (C₂H₅OH)
- एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH)
- साबुन और अपमार्जक
- महत्वपूर्ण प्रश्न
1. कार्बन में आबंधन - सहसंयोजी बंध (Covalent Bond)
कार्बन (C): परमाणु क्रमांक = 6, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4
कार्बन को अष्टक पूर्ण करने के लिए 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए। यह 4 इलेक्ट्रॉन त्यागना या ग्रहण करना संभव नहीं, इसलिए साझेदारी करता है।
सहसंयोजी आबंध के उदाहरण:
| अणु | सूत्र | साझा इलेक्ट्रॉन युग्म | बंध प्रकार |
|---|---|---|---|
| हाइड्रोजन | H₂ | 1 | एकल बंध (H-H) |
| ऑक्सीजन | O₂ | 2 | द्वि-बंध (O=O) |
| नाइट्रोजन | N₂ | 3 | त्रि-बंध (N≡N) |
| मीथेन | CH₄ | 4 | 4 एकल बंध (C-H) |
| जल | H₂O | 2 | 2 एकल बंध (O-H) |
| कार्बन डाइऑक्साइड | CO₂ | 4 | 2 द्वि-बंध (O=C=O) |
सहसंयोजी यौगिकों के गुण:
- गलनांक/क्वथनांक: निम्न (अंतराअणुक बल कम)
- विद्युत चालकता: कुचालक (आयन नहीं बनते)
- अवस्था: ठोस, द्रव या गैस
- जल में विलेयता: सामान्यतः अविलेय
2. कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (Versatile Nature)
1. चतुःसंयोजकता (Tetravalency) - 4 संयोजकता होने से 4 परमाणुओं से बंध बना सकता है
2. श्रृंखलन (Catenation) - अपने ही परमाणुओं से जुड़कर लंबी श्रृंखला बना सकता है
कार्बन-कार्बन बंध अत्यंत प्रबल होता है। कार्बन परमाणु आपस में जुड़कर बना सकते हैं:
- सीधी श्रृंखला (Straight chain)
- शाखित श्रृंखला (Branched chain)
- चक्रीय/वलय (Cyclic/Ring)
कार्बन की संयोजकता 4 है, इसलिए:
- 4 एकल बंध (C-C, C-H, C-O, C-N)
- 1 द्वि-बंध + 2 एकल बंध
- 1 त्रि-बंध + 1 एकल बंध
- 2 द्वि-बंध
3. कार्बन के अपररूप (Allotropes of Carbon)
कार्बन के तीन मुख्य अपररूप: हीरा, ग्रेफाइट, फुलरीन
| गुण | हीरा (Diamond) | ग्रेफाइट (Graphite) | फुलरीन (Fullerene) |
|---|---|---|---|
| संरचना | त्रिविमीय जालक, हर C 4 अन्य C से जुड़ा | षट्कोणीय परतें, हर C 3 अन्य C से जुड़ा | गोलाकार (C₆₀ - फुटबॉल आकार) |
| कठोरता | सबसे कठोर पदार्थ | नरम, फिसलनदार | मध्यम |
| विद्युत चालकता | कुचालक | सुचालक (मुक्त इलेक्ट्रॉन) | अर्धचालक |
| उपयोग | आभूषण, काटने के औजार | पेंसिल, स्नेहक, इलेक्ट्रोड | नैनो तकनीक, दवाइयां |
4. हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbons)
उदाहरण: CH₄ (मीथेन), C₂H₆ (एथेन), C₆H₆ (बेंजीन)
हाइड्रोकार्बन के प्रकार:
एल्केन (Alkanes)
- केवल एकल बंध (C-C)
- सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₊₂
- दहन में स्वच्छ नीली ज्वाला
- उदाहरण: CH₄, C₂H₆, C₃H₈
एल्कीन (Alkenes) - द्वि-बंध (C=C)
- सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ
- उदाहरण: C₂H₄ (एथीन)
एल्काइन (Alkynes) - त्रि-बंध (C≡C)
- सामान्य सूत्र: CₙH₂ₙ₋₂
- उदाहरण: C₂H₂ (एथाइन/एसीटिलीन)
- दहन में पीली धुंआदार ज्वाला
📊 प्रमुख एल्केन (Alkanes) - CₙH₂ₙ₊₂
| n | नाम | सूत्र | संरचना | उपयोग |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मीथेन | CH₄ | CH₄ | CNG, गोबर गैस |
| 2 | एथेन | C₂H₆ | CH₃-CH₃ | ईंधन |
| 3 | प्रोपेन | C₃H₈ | CH₃-CH₂-CH₃ | LPG |
| 4 | ब्यूटेन | C₄H₁₀ | CH₃-CH₂-CH₂-CH₃ | LPG, लाइटर |
| 5 | पेंटेन | C₅H₁₂ | CH₃-(CH₂)₃-CH₃ | पेट्रोल |
| 6 | हेक्सेन | C₆H₁₄ | CH₃-(CH₂)₄-CH₃ | विलायक |
5. समजातीय श्रेणी (Homologous Series)
• समान क्रियात्मक समूह हो
• समान सामान्य सूत्र हो
• क्रमागत सदस्य -CH₂- (14u) से भिन्न हों
• समान रासायनिक गुण हों
समजातीय श्रेणी कहलाती है।
| CH₃OH (मेथेनॉल) | → | C₂H₅OH (एथेनॉल) | → | C₃H₇OH (प्रोपेनॉल) |
प्रत्येक सदस्य में -CH₂- का अंतर है।
6. क्रियात्मक समूह (Functional Groups)
| क्रियात्मक समूह | संरचना | उपसर्ग/प्रत्यय | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| हैलोजन | -X (Cl, Br, I) | क्लोरो-, ब्रोमो- | CH₃Cl (क्लोरोमेथेन) |
| एल्कोहॉल | -OH | -ऑल (-ol) | C₂H₅OH (एथेनॉल) |
| एल्डिहाइड | -CHO | -ऐल (-al) | CH₃CHO (एथेनैल) |
| कीटोन | >C=O | -ओन (-one) | CH₃COCH₃ (प्रोपेनोन) |
| कार्बोक्सिलिक अम्ल | -COOH | -ओइक अम्ल (-oic acid) | CH₃COOH (एथेनोइक अम्ल) |
7. IUPAC नामकरण (IUPAC Nomenclature)
मूल शब्द (Root Word): कार्बन संख्या के अनुसार
अनुलग्न (Suffix): क्रियात्मक समूह के अनुसार
| कार्बन संख्या | मूल शब्द | एल्केन (-ane) | एल्कोहॉल (-ol) | अम्ल (-oic acid) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मेथ- (Meth-) | मेथेन | मेथेनॉल | मेथेनोइक अम्ल |
| 2 | एथ- (Eth-) | एथेन | एथेनॉल | एथेनोइक अम्ल |
| 3 | प्रोप- (Prop-) | प्रोपेन | प्रोपेनॉल | प्रोपेनोइक अम्ल |
| 4 | ब्यूट- (But-) | ब्यूटेन | ब्यूटेनॉल | ब्यूटेनोइक अम्ल |
| 5 | पेंट- (Pent-) | पेंटेन | पेंटेनॉल | पेंटेनोइक अम्ल |
| 6 | हेक्स- (Hex-) | हेक्सेन | हेक्सेनॉल | हेक्सेनोइक अम्ल |
8. कार्बन यौगिकों के रासायनिक गुण
8.1 दहन (Combustion)
C₂H₅OH + 3O₂ → 2CO₂ + 3H₂O + ऊष्मा
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन: पीली धुंआदार ज्वाला (अपूर्ण दहन → कालिख)
8.2 ऑक्सीकरण (Oxidation)
(एथेनॉल) क्षारीय KMnO₄ (एथेनोइक अम्ल)
क्षारीय KMnO₄ या अम्लीय K₂Cr₂O₇ ऑक्सीकारक का कार्य करते हैं।
8.3 योगात्मक अभिक्रिया (Addition Reaction)
(एथीन) Ni उत्प्रेरक, 473K (एथेन)
इसे हाइड्रोजनीकरण कहते हैं। वनस्पति तेल → वनस्पति घी (वसा)
8.4 प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction)
(मीथेन) सूर्य प्रकाश (क्लोरोमेथेन)
9. एथेनॉल (Ethanol) - C₂H₅OH
सामान्य नाम: एथिल एल्कोहॉल / स्पिरिट
सूत्र: C₂H₅OH या CH₃-CH₂-OH
क्रियात्मक समूह: -OH (हाइड्रॉक्सिल समूह)
एथेनॉल के गुणधर्म:
| गुण | विवरण |
|---|---|
| भौतिक अवस्था | रंगहीन द्रव, विशेष गंध |
| क्वथनांक | 78°C (जल से कम) |
| जल में विलेयता | पूर्णतः विलेय (हाइड्रोजन बंध) |
| Na से अभिक्रिया | 2C₂H₅OH + 2Na → 2C₂H₅ONa + H₂↑ |
| निर्जलीकरण | C₂H₅OH → C₂H₄ + H₂O (सान्द्र H₂SO₄, 443K) |
• मद्यव्यसन (शराब की लत) - तंत्रिका तंत्र प्रभावित
• यकृत सिरोसिस - लिवर खराब
• विकृत स्पिरिट: एथेनॉल + मेथेनॉल (विषैला) = पीने योग्य नहीं
10. एथेनोइक अम्ल (Ethanoic Acid) - CH₃COOH
सामान्य नाम: एसीटिक अम्ल / सिरका (Vinegar में 5-8%)
सूत्र: CH₃COOH
क्रियात्मक समूह: -COOH (कार्बोक्सिल समूह)
गलनांक: 290K (16.6°C) - इसलिए ग्लेशियल एसीटिक अम्ल कहते हैं
एथेनोइक अम्ल के रासायनिक गुण:
(सोडियम एसीटेट)
CH₃COOH + NaHCO₃ → CH₃COONa + H₂O + CO₂↑
(एथेनोइक अम्ल) + (एथेनॉल) → (एथिल एथेनोएट/एस्टर) + जल
एस्टर = मीठी सुगंध वाले यौगिक (इत्र, फ्लेवर में उपयोग)
11. साबुन और अपमार्जक (Soaps and Detergents)
11.1 साबुन (Soap)
उदाहरण: C₁₇H₃₅COONa (सोडियम स्टिएरेट)
C₃H₅(OOCC₁₇H₃₅)₃ + 3NaOH → 3C₁₇H₃₅COONa + C₃H₅(OH)₃
11.2 मिसेल का निर्माण (Micelle Formation)
साबुन के अणु में दो भाग होते हैं:
- जलरागी सिरा (Hydrophilic): आयनिक भाग (-COO⁻Na⁺) → जल में घुलता है
- जलविरागी सिरा (Hydrophobic): हाइड्रोकार्बन श्रृंखला (R-) → तेल/मैल में घुलता है
मिसेल: जब साबुन जल में घुलता है तो अणु गोलाकार संरचना बनाते हैं जिसमें जलविरागी भाग अंदर (मैल के साथ) और जलरागी भाग बाहर (जल में) होता है। इसे मिसेल कहते हैं।
11.3 अपमार्जक (Detergent)
उदाहरण: सोडियम एल्किल बेंजीन सल्फोनेट (R-C₆H₄-SO₃Na)
11.4 साबुन और अपमार्जक में अंतर
| गुण | साबुन (Soap) | अपमार्जक (Detergent) |
|---|---|---|
| संरचना | वसीय अम्लों के Na/K लवण | सल्फोनिक अम्ल के लवण |
| कठोर जल में | ❌ झाग नहीं बनता (Ca²⁺, Mg²⁺ से अवक्षेप) | ✅ झाग बनता है (घुलनशील लवण) |
| जैव निम्नीकरण | ✅ आसानी से | ❌ कठिन (जल प्रदूषण) |
| कच्चा माल | वनस्पति तेल, वसा | पेट्रोलियम उत्पाद |
| उपयोग | नहाना, कपड़े (मृदु जल) | कपड़े धोना (कठोर जल) |
12. महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर
उदाहरण: वनस्पति तेल + H₂ → वनस्पति घी (वसा)
CH₃COOH + C₂H₅OH → CH₃COOC₂H₅ + H₂O
🎯 MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
13. संबंधित लिंक (Related Links)
📚 कक्षा 10 विज्ञान के अन्य अध्याय:
- अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण
- अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण
- अध्याय 3: धातु एवं अधातु
- अध्याय 5: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
📖 कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान:
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अंतिम अपडेट: 31 दिसम्बर 2025


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