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तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
Periodic Classification of Elements
RBSE / NCERT | कक्षा 10 | विज्ञान | अध्याय 5 | सत्र 2025-26
अध्याय
5
पृष्ठ
89-104
भारांक
5 अंक
तत्व
118
तत्वों का आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements)
तत्वों का वर्गीकरण रसायन विज्ञान की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है। 1800 तक केवल 30 तत्व ज्ञात थे, आज 118 तत्व खोजे जा चुके हैं। इन सभी तत्वों को उनके गुणधर्मों के आधार पर व्यवस्थित करना एक चुनौती थी। डॉबेराइनर, न्यूलैंड्स और मेंडेलीफ के प्रयासों के बाद आज हमारे पास आधुनिक आवर्त सारणी है जो परमाणु क्रमांक पर आधारित है।
📑 विषय सूची
- वर्गीकरण की आवश्यकता
- डॉबेराइनर का त्रिक नियम
- न्यूलैंड्स का अष्टक नियम
- मेंडेलीफ की आवर्त सारणी
- आधुनिक आवर्त नियम
- आधुनिक आवर्त सारणी
- आवर्त सारणी में प्रवृत्तियाँ
- धातु, अधातु व उपधातु
- महत्वपूर्ण प्रश्न
1. वर्गीकरण की आवश्यकता (Need for Classification)
📌 वर्गीकरण क्यों?
• तत्वों की संख्या बढ़ने से अध्ययन कठिन• समान गुणधर्म वाले तत्वों को एक साथ रखना
• नए तत्वों के गुणों की भविष्यवाणी करना
• तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन संभव बनाना
📅 वर्गीकरण का इतिहास
| वर्ष | वैज्ञानिक | योगदान | आधार |
|---|---|---|---|
| 1817 | डॉबेराइनर | त्रिक का नियम | परमाणु द्रव्यमान |
| 1866 | न्यूलैंड्स | अष्टक का नियम | परमाणु द्रव्यमान |
| 1869 | मेंडेलीफ | आवर्त सारणी | परमाणु द्रव्यमान |
| 1913 | मोसले | आधुनिक आवर्त सारणी | परमाणु क्रमांक |
2. डॉबेराइनर का त्रिक नियम (Dobereiner's Triads)
📌 त्रिक नियम (1817)
जब समान गुणधर्म वाले तीन तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में रखा जाए, तो बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान, अन्य दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का लगभग औसत होता है।
डॉबेराइनर के त्रिक:
| त्रिक | तत्व 1 | द्रव्यमान | तत्व 2 (मध्य) | द्रव्यमान | तत्व 3 | द्रव्यमान | औसत |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | Li (लिथियम) | 7 | Na (सोडियम) | 23 | K (पोटैशियम) | 39 | (7+39)/2 = 23 |
| 2 | Ca (कैल्शियम) | 40 | Sr (स्ट्रॉन्शियम) | 88 | Ba (बेरियम) | 137 | (40+137)/2 = 88.5 |
| 3 | Cl (क्लोरीन) | 35.5 | Br (ब्रोमीन) | 80 | I (आयोडीन) | 127 | (35.5+127)/2 = 81.25 |
⚠️ सीमाएँ:
• डॉबेराइनर केवल 3 त्रिक ही बना सके• सभी तत्वों का वर्गीकरण संभव नहीं हुआ
3. न्यूलैंड्स का अष्टक नियम (Newlands' Law of Octaves)
📌 अष्टक नियम (1866)
जब तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में रखा जाए, तो प्रत्येक आठवें तत्व के गुणधर्म पहले तत्व के समान होते हैं - ठीक संगीत के सप्तक (octave) की तरह!
🎵 न्यूलैंड्स का अष्टक:
| सा (Do) | रे (Re) | गा (Mi) | म (Fa) | प (Sol) | ध (La) | नि (Ti) | सा (Do) |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| H | Li | Be | B | C | N | O | F |
| F | Na | Mg | Al | Si | P | S | Cl |
| Cl | K | Ca | - | - | - | - | - |
⚠️ सीमाएँ:
• केवल कैल्शियम (Ca) तक ही लागू• 56 तत्वों तक ही सीमित रहा
• नए तत्वों के लिए स्थान नहीं
• असमान तत्वों को एक स्थान पर रखा (Co, Ni, Fe)
4. मेंडेलीफ की आवर्त सारणी (Mendeleev's Periodic Table - 1869)
📌 मेंडेलीफ का आवर्त नियम
"तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म उनके परमाणु द्रव्यमान के आवर्ती फलन होते हैं।"डमित्री इवानोविच मेंडेलीफ (रूसी रसायनज्ञ) - आवर्त सारणी के जनक
मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की संरचना:
📊 संरचना
- 63 तत्व व्यवस्थित
- 8 वर्ग (I - VIII + 0)
- 6 आवर्त
- वर्ग I-VII में उपवर्ग A, B
✅ उपलब्धियाँ
- नए तत्वों के लिए रिक्त स्थान
- Sc, Ga, Ge की भविष्यवाणी
- अक्रिय गैसों को स्थान
- तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन
🔮 मेंडेलीफ की भविष्यवाणी:
| भविष्यवाणी | एका-बोरॉन | एका-एल्युमीनियम | एका-सिलिकॉन |
|---|---|---|---|
| खोजा गया तत्व | स्कैंडियम (Sc) | गैलियम (Ga) | जर्मेनियम (Ge) |
| खोज वर्ष | 1879 | 1875 | 1886 |
| अनुमानित द्रव्यमान | 44 | 68 | 72 |
| वास्तविक द्रव्यमान | 45 | 70 | 72.6 |
⚠️ मेंडेलीफ की सारणी की सीमाएँ:
• हाइड्रोजन की स्थिति अनिश्चित (वर्ग I या VII?)• समस्थानिकों के लिए स्थान नहीं
• प्रतिलोम क्रम - Co (59) को Ni (58) से पहले रखा
• परमाणु द्रव्यमान एक मूल गुण नहीं है
5. आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law - 1913)
📌 मोसले का आधुनिक आवर्त नियम
"तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।"हेनरी मोसले (1913) - आधुनिक आवर्त सारणी के जनक
⚛️ परमाणु क्रमांक (Z) = प्रोटॉन की संख्या = इलेक्ट्रॉन की संख्या
यह मूल गुण है जो समस्थानिकों की समस्या हल करता है!
6. आधुनिक आवर्त सारणी (Modern Periodic Table)
📌 संरचना
• 118 तत्व व्यवस्थित• 18 वर्ग (Groups) - ऊर्ध्वाधर स्तंभ
• 7 आवर्त (Periods) - क्षैतिज पंक्तियाँ
• आधार: परमाणु क्रमांक एवं इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
🗺️ आधुनिक आवर्त सारणी का मानचित्र:
📊 वर्ग एवं आवर्त:
| आवर्त | कोश (n) | तत्वों की संख्या | सूत्र: 2n² | प्रकार |
|---|---|---|---|---|
| 1 | K (1) | 2 | 2×1² = 2 | अतिलघु आवर्त |
| 2 | L (2) | 8 | 2×2² = 8 | लघु आवर्त |
| 3 | M (3) | 8 | - | लघु आवर्त |
| 4 | N (4) | 18 | 2×3² = 18 | दीर्घ आवर्त |
| 5 | O (5) | 18 | - | दीर्घ आवर्त |
| 6 | P (6) | 32 | 2×4² = 32 | अति दीर्घ आवर्त |
| 7 | Q (7) | 32 | - | अपूर्ण आवर्त |
7. आवर्त सारणी में प्रवृत्तियाँ (Periodic Trends)
📈 गुणधर्मों में परिवर्तन:
| गुणधर्म | आवर्त में (→) | वर्ग में (↓) | कारण |
|---|---|---|---|
| परमाणु त्रिज्या | घटती है ↓ | बढ़ती है ↑ | नाभिकीय आवेश/नया कोश |
| आयनन ऊर्जा | बढ़ती है ↑ | घटती है ↓ | इलेक्ट्रॉन निकालना कठिन/आसान |
| विद्युत ऋणात्मकता | बढ़ती है ↑ | घटती है ↓ | इलेक्ट्रॉन आकर्षण |
| धात्विक गुण | घटता है ↓ | बढ़ता है ↑ | इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति |
| अधात्विक गुण | बढ़ता है ↑ | घटता है ↓ | इलेक्ट्रॉन ग्रहण की प्रवृत्ति |
🔢 संयोजकता (Valency):
संयोजकता = संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या या 8 - संयोजी इलेक्ट्रॉन
| वर्ग | 1 | 2 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17 | 18 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| संयोजी e⁻ | 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| संयोजकता | 1 | 2 | 3 | 4 | 3 | 2 | 1 | 0 |
8. धातु, अधातु एवं उपधातु (Metals, Non-metals & Metalloids)
📋 महत्वपूर्ण वर्ग:
| वर्ग | नाम | तत्व | संयोजकता | विशेषता |
|---|---|---|---|---|
| 1 | क्षार धातु | Li, Na, K, Rb, Cs | 1 | सबसे अधिक क्रियाशील धातु |
| 2 | क्षारीय मृदा धातु | Be, Mg, Ca, Sr, Ba | 2 | क्षारीय ऑक्साइड बनाते हैं |
| 17 | हैलोजन | F, Cl, Br, I | 1 | सबसे अधिक क्रियाशील अधातु |
| 18 | उत्कृष्ट गैस | He, Ne, Ar, Kr, Xe | 0 | अक्रिय, पूर्ण संयोजी कोश |
9. महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर
Q1. मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की दो सीमाएँ लिखिए।
उत्तर: (i) हाइड्रोजन की स्थिति अनिश्चित थी। (ii) समस्थानिकों के लिए स्थान नहीं था। (iii) प्रतिलोम क्रम का दोष - Co (59) को Ni (58) से पहले रखा।
Q2. आधुनिक आवर्त नियम क्या है?
उत्तर: "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म उनके परमाणु क्रमांक के आवर्ती फलन होते हैं।" - हेनरी मोसले (1913)
Q3. आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु त्रिज्या क्यों घटती है?
उत्तर: आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर परमाणु क्रमांक बढ़ता है → नाभिकीय आवेश बढ़ता है → इलेक्ट्रॉनों पर आकर्षण बल बढ़ता है → परमाणु त्रिज्या घटती है।
Q4. किसी तत्व की स्थिति उसके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से कैसे ज्ञात करें?
उत्तर: • कोशों की संख्या = आवर्त संख्या
• संयोजी इलेक्ट्रॉन = वर्ग संख्या
उदाहरण: Na (2, 8, 1) → 3 कोश = आवर्त 3, 1 संयोजी e⁻ = वर्ग 1
• संयोजी इलेक्ट्रॉन = वर्ग संख्या
उदाहरण: Na (2, 8, 1) → 3 कोश = आवर्त 3, 1 संयोजी e⁻ = वर्ग 1
Q5. उत्कृष्ट गैसें अक्रिय क्यों होती हैं?
उत्तर: उत्कृष्ट गैसों का बाह्यतम कोश पूर्णतः भरा होता है (He = 2, अन्य = 8 इलेक्ट्रॉन)। ये अष्टक नियम का पालन करती हैं, इसलिए इन्हें इलेक्ट्रॉन त्यागने या ग्रहण करने की आवश्यकता नहीं और ये अक्रिय हैं।
🎯 MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)
1. आधुनिक आवर्त सारणी में कुल वर्ग हैं:
(a) 7 (b) 8 (c) 9 (d) 18
✓ उत्तर: (d) 18
2. मेंडेलीफ ने तत्वों को किसके आधार पर वर्गीकृत किया?
(a) परमाणु क्रमांक (b) परमाणु द्रव्यमान (c) इलेक्ट्रॉन संख्या (d) प्रोटॉन संख्या
✓ उत्तर: (b) परमाणु द्रव्यमान
3. क्षार धातुएँ किस वर्ग में हैं?
(a) 1 (b) 2 (c) 17 (d) 18
✓ उत्तर: (a) 1
4. आवर्त में बाएँ से दाएँ जाने पर आयनन ऊर्जा:
(a) घटती है (b) बढ़ती है (c) समान रहती है (d) कोई नहीं
✓ उत्तर: (b) बढ़ती है
5. सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है:
(a) Cl (b) O (c) F (d) N
✓ उत्तर: (c) F (फ्लोरीन)
10. संबंधित लिंक (Related Links)
📚 कक्षा 10 विज्ञान के अन्य अध्याय:
- अध्याय 1: रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण
- अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण
- अध्याय 3: धातु एवं अधातु
- अध्याय 4: कार्बन एवं उसके यौगिक
- अध्याय 6: जैव प्रक्रम
📖 उपयोगी संसाधन:
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अंतिम अपडेट: 31 दिसम्बर 2025


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