जैव प्रक्रम Class 10 Notes | Life Processes

📅 Wednesday, 31 December 2025 📖 3-5 min read
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जैव प्रक्रम

Life Processes
RBSE / NCERT | कक्षा 10 | विज्ञान | अध्याय 6 | सत्र 2025-26
मार्गदर्शक: श्री सुरेन्द्र सिंह चौहान
अध्याय
6
पृष्ठ
105-134
भारांक
8 अंक
टॉपिक्स
25+

जैव प्रक्रम (Life Processes)

जीवन एक अद्भुत घटना है। प्रत्येक सजीव को जीवित रहने के लिए कुछ आवश्यक क्रियाएँ करनी होती हैं जिन्हें जैव प्रक्रम कहते हैं। ये प्रक्रम शरीर की टूट-फूट की मरम्मत करते हैं और जीवन को बनाए रखते हैं। मुख्य जैव प्रक्रमों में पोषण, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन शामिल हैं। इस अध्याय में हम इन सभी प्रक्रमों का विस्तृत अध्ययन करेंगे।

📑 विषय सूची
  1. जैव प्रक्रम: परिचय
  2. पोषण (Nutrition)
    • स्वपोषी पोषण (Autotrophic)
    • विषमपोषी पोषण (Heterotrophic)
    • मानव पाचन तंत्र
  3. श्वसन (Respiration)
  4. परिवहन (Transportation)
    • मानव परिसंचरण तंत्र
    • पादपों में परिवहन
  5. उत्सर्जन (Excretion)
  6. महत्वपूर्ण प्रश्न

1. जैव प्रक्रम: परिचय (Life Processes: Introduction)

📌 जैव प्रक्रम की परिभाषा
वे सभी प्रक्रम जो सम्मिलित रूप से जीव के अनुरक्षण (Maintenance) का कार्य करते हैं, जैव प्रक्रम कहलाते हैं।

मुख्य जैव प्रक्रम: पोषण, श्वसन, परिवहन, उत्सर्जन

सजीव vs निर्जीव

विशेषता सजीव (Living) निर्जीव (Non-living)
पोषण✅ होता है❌ नहीं होता
श्वसन✅ होता है❌ नहीं होता
वृद्धि✅ होती है❌ नहीं होती
उत्सर्जन✅ होता है❌ नहीं होता
प्रजनन✅ होता है❌ नहीं होता
उदाहरणपौधे, जंतु, मनुष्यपत्थर, मिट्टी, लकड़ी
💡 याद रखें
अनुरक्षण (Maintenance) = शरीर की टूट-फूट की मरम्मत + ऊर्जा उत्पादन + अपशिष्ट का निष्कासन
जैव प्रक्रम रुकने पर जीव की मृत्यु हो जाती है।

2. पोषण (Nutrition)

📌 पोषण की परिभाषा
जीव के लिए ऊर्जा के स्रोत को भोजन तथा उसे शरीर के अंदर लेने के प्रक्रम को पोषण कहते हैं।

भोजन के कार्य: ऊर्जा प्रदान करना, शरीर की वृद्धि, टूट-फूट की मरम्मत

पोषण के प्रकार:

🌿 स्वपोषी पोषण (Autotrophic)

वे जीव जो अकार्बनिक पदार्थों से स्वयं भोजन बनाते हैं।

  • उदाहरण: हरे पौधे, शैवाल, कुछ जीवाणु
  • प्रक्रिया: प्रकाश संश्लेषण
  • आवश्यक: CO₂, H₂O, सूर्य प्रकाश, क्लोरोफिल
🍖 विषमपोषी पोषण (Heterotrophic)

वे जीव जो अन्य जीवों से भोजन प्राप्त करते हैं।

  • शाकाहारी: गाय, बकरी, हिरण
  • मांसाहारी: शेर, बाघ, चीता
  • सर्वाहारी: मनुष्य, भालू, कौआ
  • परजीवी: अमरबेल, जोंक, फीताकृमि
  • मृतजीवी: कवक, जीवाणु

🌱 प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis)

📌 प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा
वह प्रक्रिया जिसमें हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में CO₂ और H₂O का उपयोग करके ग्लूकोज (भोजन) बनाते हैं।
प्रकाश संश्लेषण का समीकरण
6CO₂ + 12H₂O सूर्य प्रकाशक्लोरोफिल C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
कार्बन डाइऑक्साइड + जल → ग्लूकोज + ऑक्सीजन + जल
प्रकाश संश्लेषण का चित्र सूर्य पत्ती (क्लोरोफिल) प्रकाश संश्लेषण स्थल CO₂ H₂O जड़ों द्वारा O₂ वायुमंडल में C₆H₁₂O₆ ग्लूकोज (भोजन) रंध्र ncertclasses.com | Marwari Mission 100™

प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक:

आवश्यक तत्वस्रोतकार्य
CO₂वायुमंडल (रंध्रों द्वारा)कार्बन का स्रोत
H₂Oमृदा (जड़ों द्वारा)हाइड्रोजन व इलेक्ट्रॉन
सूर्य प्रकाशसूर्यऊर्जा प्रदान करना
क्लोरोफिलपत्तियों मेंप्रकाश ऊर्जा अवशोषित करना

🍽️ मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System)

📌 पाचन तंत्र
वह तंत्र जो भोजन को ग्रहण, पाचन, अवशोषण और अपशिष्ट के निष्कासन का कार्य करता है।
पाचन नाल की लंबाई: लगभग 9 मीटर (30 फीट)
मानव पाचन तंत्र मुख लार ग्रंथि (एमिलेस) ग्रसनी/ग्रासनली आमाशय HCl + पेप्सिन यकृत पित्त अग्न्याशय छोटी आंत (6m) पोषक अवशोषण बड़ी आंत (1.5m) जल अवशोषण मलाशय गुदा पाचन के चरण 1. मुख: यांत्रिक पाचन + लार एमिलेस (स्टार्च → माल्टोज) 2. आमाशय: HCl + पेप्सिन (प्रोटीन → पेप्टोन) 3. छोटी आंत: पित्त + एंजाइम → अवशोषण (विलाई द्वारा)

पाचन अंग और उनके कार्य:

अंगस्राव/एंजाइमकार्य
मुख गुहालार (एमिलेस)स्टार्च → माल्टोज
आमाशयHCl, पेप्सिनप्रोटीन → पेप्टोन, जीवाणु नाश
यकृतपित्त रसवसा का इमल्सीकरण
अग्न्याशयट्रिप्सिन, लाइपेज, एमिलेसप्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट पाचन
छोटी आंतआंत्र रसअंतिम पाचन + अवशोषण (विलाई)
बड़ी आंत-जल व लवण का अवशोषण

3. श्वसन (Respiration)

📌 श्वसन की परिभाषा
वह जैव रासायनिक प्रक्रिया जिसमें भोजन (ग्लूकोज) का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा (ATP) मुक्त होती है।

श्वसन ≠ श्वास लेना (श्वास लेना = गैसों का आदान-प्रदान)

श्वसन के प्रकार:

🔵 वायवीय श्वसन (Aerobic)

O₂ की उपस्थिति में

C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + 38 ATP
  • स्थान: माइटोकॉन्ड्रिया
  • ऊर्जा: अधिक (38 ATP)
  • उत्पाद: CO₂, H₂O
  • उदा: अधिकांश जीव
🟠 अवायवीय श्वसन (Anaerobic)

O₂ की अनुपस्थिति में

C₆H₁₂O₆ → 2C₂H₅OH + 2CO₂ + 2 ATP
  • स्थान: कोशिकाद्रव्य
  • ऊर्जा: कम (2 ATP)
  • उत्पाद: एथेनॉल/लैक्टिक अम्ल
  • उदा: यीस्ट, पेशियाँ (थकान)
💡 महत्वपूर्ण
ATP (Adenosine Triphosphate) = कोशिका की "ऊर्जा मुद्रा"
किण्वन: यीस्ट द्वारा अवायवीय श्वसन → शराब + CO₂ (ब्रेड, शराब बनाने में)

🫁 मानव श्वसन तंत्र

अंगकार्य
नासिकावायु को छानना, गर्म व नम करना
ग्रसनी/स्वरयंत्रवायु मार्ग, ध्वनि उत्पादन
श्वासनली (Trachea)वायु को फेफड़ों तक पहुँचाना
श्वसनी (Bronchi)श्वासनली की शाखाएँ
फेफड़े (Lungs)गैसों का आदान-प्रदान
कूपिका (Alveoli)O₂ व CO₂ का विसरण (सतह क्षेत्र बढ़ाना)

4. परिवहन (Transportation)

📌 परिवहन की परिभाषा
पोषक तत्वों, O₂, CO₂ और अपशिष्ट पदार्थों को शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक ले जाने की प्रक्रिया।

❤️ मानव परिसंचरण तंत्र

🩸 रक्त (Blood)
  • प्लाज्मा: 55% (तरल भाग)
  • RBC: O₂ परिवहन (हीमोग्लोबिन)
  • WBC: रोग प्रतिरोधक
  • प्लेटलेट्स: रक्त का थक्का
💙 रक्त वाहिकाएँ
  • धमनी: O₂ युक्त रक्त (हृदय से)
  • शिरा: CO₂ युक्त रक्त (हृदय को)
  • केशिका: गैस विनिमय
💜 हृदय (Heart)
  • 4 कक्ष: 2 अलिंद + 2 निलय
  • दोहरा परिसंचरण
  • वाल्व: एकदिशीय प्रवाह
दोहरा परिसंचरण (Double Circulation)
फुफ्फुसीय परिसंचरण: हृदय → फेफड़े → हृदय
दैहिक परिसंचरण: हृदय → शरीर → हृदय

🌿 पादपों में परिवहन

ऊतकपरिवहन पदार्थदिशाबल
जाइलमजल, खनिज लवणजड़ → तना → पत्ती (ऊपर)वाष्पोत्सर्जन खिंचाव
फ्लोएमभोजन (शर्करा)पत्ती → सभी भाग (ऊपर-नीचे)परासरण दाब
📌 वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)
पत्तियों की सतह से जल का वाष्प के रूप में निकलना। यह जल के ऊपर चढ़ने में सहायक है।

5. उत्सर्जन (Excretion)

📌 उत्सर्जन की परिभाषा
उपापचयी क्रियाओं में बने हानिकारक नाइट्रोजनी अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने की प्रक्रिया।
मुख्य अपशिष्ट: यूरिया, यूरिक अम्ल, अमोनिया, CO₂

🫘 मानव उत्सर्जन तंत्र

मानव उत्सर्जन तंत्र वृक्क वृक्क मूत्रवाहिनी मूत्राशय मूत्रमार्ग वृक्क कार्य: निस्यंदन पुनःअवशोषण नेफ्रॉन वृक्क की इकाई ~10 लाख/वृक्क
अंगकार्य
वृक्क (Kidney)रक्त का निस्यंदन → मूत्र निर्माण (प्रतिदिन 180L निस्यंदन, 1.5L मूत्र)
नेफ्रॉनवृक्क की कार्यात्मक इकाई (बोमन संपुट + नलिका)
मूत्रवाहिनीमूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक पहुँचाना
मूत्राशयमूत्र का संग्रहण
मूत्रमार्गमूत्र का शरीर से निष्कासन

🌿 पादपों में उत्सर्जन:

  • वाष्पोत्सर्जन: अतिरिक्त जल का निष्कासन
  • रिक्तिका: अपशिष्ट का संचय
  • गोंद/रेजिन: जाइलम में संचित
  • पत्तियों का गिरना: अपशिष्ट से मुक्ति

6. महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर

Q1. प्रकाश संश्लेषण के लिए कौन-कौन से कारक आवश्यक हैं?
उत्तर: (i) सूर्य का प्रकाश (ii) कार्बन डाइऑक्साइड (iii) जल (iv) क्लोरोफिल। इनके बिना प्रकाश संश्लेषण संभव नहीं।
Q2. वायवीय और अवायवीय श्वसन में अंतर बताइए।
उत्तर: वायवीय: O₂ में, माइटोकॉन्ड्रिया में, 38 ATP। अवायवीय: O₂ के बिना, कोशिकाद्रव्य में, 2 ATP। अवायवीय में एथेनॉल/लैक्टिक अम्ल बनता है।
Q3. छोटी आंत में विलाई (Villi) का क्या महत्व है?
उत्तर: विलाई अंगुली जैसी संरचनाएँ हैं जो आंत की भीतरी सतह का क्षेत्रफल बढ़ाती हैं। इससे पोषक तत्वों का अवशोषण तेज़ और प्रभावी होता है। इनमें रक्त केशिकाएँ होती हैं।
Q4. दोहरा परिसंचरण क्या है?
उत्तर: एक पूर्ण परिसंचरण में रक्त हृदय से दो बार गुजरता है। (i) फुफ्फुसीय: दायाँ निलय → फेफड़े → बायाँ अलिंद (ii) दैहिक: बायाँ निलय → शरीर → दायाँ अलिंद। यह O₂ युक्त व CO₂ युक्त रक्त को अलग रखता है।
Q5. वृक्क में मूत्र कैसे बनता है?
उत्तर: (i) निस्यंदन: रक्त बोमन संपुट में छनता है (ii) पुनःअवशोषण: ग्लूकोज, जल, लवण वापस रक्त में (iii) स्रावण: अतिरिक्त अपशिष्ट नलिका में → मूत्र बनता है

🎯 MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न)

1. मनुष्य में वृक्क किस तंत्र का भाग है?
(a) पोषण (b) श्वसन (c) उत्सर्जन (d) परिवहन
✓ उत्तर: (c) उत्सर्जन
2. पादप में जाइलम उत्तरदायी है:
(a) जल का वहन (b) भोजन का वहन (c) अमीनो अम्ल (d) O₂
✓ उत्तर: (a) जल का वहन
3. स्वपोषी पोषण के लिए आवश्यक है:
(a) CO₂ + H₂O (b) क्लोरोफिल (c) सूर्य प्रकाश (d) उपरोक्त सभी
✓ उत्तर: (d) उपरोक्त सभी
4. किण्वन में अंतिम उत्पाद है:
(a) CO₂ + H₂O (b) CO₂ + एथेनॉल (c) लैक्टिक अम्ल (d) ग्लूकोज
✓ उत्तर: (b) CO₂ + एथेनॉल
5. O₂ का परिवहन किसके द्वारा होता है?
(a) प्लाज्मा (b) WBC (c) हीमोग्लोबिन (d) प्लेटलेट्स
✓ उत्तर: (c) हीमोग्लोबिन

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अंतिम अपडेट: 31 दिसम्बर 2025

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