मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया Class 10 Notes | Print Culture Modern World RBSE History Chapter 5 Hindi

📅 Thursday, 25 December 2025 📖 3-5 min read
मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया - RBSE Class 10 History Chapter 5 Notes Hindi | NCERT Classes

मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

Print Culture and the Modern World — RBSE Class 10 History Chapter 5

मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया (Print Culture and the Modern World) अध्याय में हम मुद्रण (छपाई) के इतिहास, इसके विकास और समाज पर इसके प्रभाव का अध्ययन करते हैं। मुद्रण क्रांति ने ज्ञान के प्रसार, साक्षरता और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा दी।

मुद्रण क्रांति का अर्थ है छपाई तकनीक के विकास से पुस्तकों और सूचनाओं का व्यापक प्रसार। 1440 में जर्मनी के योहान गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया जिसने पूरी दुनिया को बदल दिया।

1. चीन, जापान और कोरिया में मुद्रण

मुद्रण तकनीक का विकास सबसे पहले एशिया में हुआ। चीन, जापान और कोरिया में यूरोप से बहुत पहले मुद्रण की शुरुआत हो चुकी थी।

1.1 चीन में मुद्रण

  • 594 ईस्वी: चीन में लकड़ी के ब्लॉक से छपाई शुरू
  • 868 ईस्वी: डायमंड सूत्र — विश्व की सबसे पुरानी मुद्रित पुस्तक
  • 11वीं सदी: बी शेंग ने चल टाइप (Movable Type) का आविष्कार किया
देश योगदान समय
चीन ब्लॉक प्रिंटिंग, चल टाइप 6वीं-11वीं सदी
कोरिया धातु के चल टाइप 13वीं सदी (जिक्जी 1377)
जापान बौद्ध ग्रंथों की छपाई 8वीं सदी
क्या आप जानते हैं?

डायमंड सूत्र (868 ईस्वी) एक बौद्ध ग्रंथ है जो विश्व की सबसे पुरानी मुद्रित पुस्तक मानी जाती है। यह चीन के दुनहुआंग में मिली थी।

2. गुटेनबर्ग और प्रिंटिंग प्रेस

योहान गुटेनबर्ग (Johannes Gutenberg) जर्मनी के मेंज शहर के एक सुनार थे। उन्होंने 1440 के आसपास धातु के चल टाइप (Movable Metal Type) वाले प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया।

गुटेनबर्ग प्रिंटिंग प्रेस की विशेषताएं धातु के चल टाइप लेड, टिन, एंटीमनी मिश्र तेल आधारित स्याही गाढ़ी और टिकाऊ स्क्रू प्रेस वाइन प्रेस से प्रेरित हैंड मोल्ड तेज़ी से टाइप बनाना संभव ⚡ 3,600 पेज/दिन (हाथ से केवल 40 पेज)
गुटेनबर्ग प्रिंटिंग प्रेस की मुख्य विशेषताएं

2.1 गुटेनबर्ग बाइबल (1455)

  • पहली बड़ी मुद्रित पुस्तक
  • 180 प्रतियां छापी गईं
  • प्रत्येक पृष्ठ पर 42 पंक्तियां
  • कुछ प्रतियां वेलम (बछड़े की खाल) पर छपीं

2.2 मुद्रण का प्रसार

गुटेनबर्ग के आविष्कार के बाद मुद्रण तेजी से फैला:

वर्ष उपलब्धि
1440 गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस बनाया (मेंज, जर्मनी)
1455 गुटेनबर्ग बाइबल छपी
1476 विलियम कैक्सटन ने इंग्लैंड में प्रेस लाया
1500 यूरोप में 200+ शहरों में प्रेस; 2 करोड़ पुस्तकें छपीं

3. मुद्रण क्रांति और उसके प्रभाव

मुद्रण क्रांति ने समाज के हर पहलू को प्रभावित किया। पुस्तकें सस्ती हुईं और आम लोगों तक पहुंचीं।

मुद्रण क्रांति के प्रभाव मुद्रण क्रांति 📚 ज्ञान का प्रसार पुस्तकें सुलभ ✝️ धर्म सुधार प्रोटेस्टेंट आंदोलन 📖 साक्षरता वृद्धि पढ़ने की संस्कृति 💡 वैज्ञानिक क्रांति नए विचारों का प्रसार 🏛️ फ्रांसीसी क्रांति
मुद्रण क्रांति के प्रमुख प्रभाव

3.1 मार्टिन लूथर और धर्म सुधार

1517 में मार्टिन लूथर ने रोमन कैथोलिक चर्च की कुरीतियों की आलोचना करते हुए अपनी 95 थीसिस लिखीं। मुद्रण की मदद से ये विचार तेजी से फैले और प्रोटेस्टेंट आंदोलन की शुरुआत हुई।

मुद्रण का डर

कई लोगों को छपाई से डर था। उन्हें लगता था कि यदि किताबें सभी के पास पहुंच गईं तो विद्रोहात्मक और अधार्मिक विचार फैलेंगे। रोमन चर्च ने प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची (Index of Prohibited Books) जारी की।

4. पढ़ने का जुनून

17वीं और 18वीं सदी में यूरोप में साक्षरता बढ़ी। नए प्रकार का साहित्य छपने लगा:

  • पंचांग (Almanac): दैनिक जानकारी वाली छोटी पुस्तकें
  • चैपबुक: सस्ती, छोटी किताबें (1 पैसे की)
  • बिलियोथेक ब्ल्यू: फ्रांस में नीले कवर की सस्ती किताबें
  • पत्रिकाएं: 18वीं सदी से साप्ताहिक/मासिक पत्रिकाएं

5. मुद्रण और फ्रांसीसी क्रांति

कई इतिहासकारों का मानना है कि मुद्रण संस्कृति ने 1789 की फ्रांसीसी क्रांति की जमीन तैयार की।

5.1 मुद्रण ने क्रांति में कैसे मदद की?

तरीका विवरण
विचारों का प्रसार वोल्तेयर, रूसो के विचार आम लोगों तक पहुंचे
निरंकुशवाद की आलोचना राजा और चर्च की आलोचना वाले पर्चे छपे
बहस का माहौल लोग सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने लगे
जनमत निर्माण समाचार पत्रों और पैम्फलेटों से जनमत बना

6. भारत में मुद्रण का आगमन

भारत में प्रिंटिंग प्रेस 16वीं सदी में पुर्तगाली धर्म प्रचारकों के साथ गोवा में आया।

भारत में मुद्रण का विकास 1556 गोवा में पहला प्रेस 1674 50 किताबें कोंकणी/कन्नड़ 1780 बंगाल गजट जेम्स हिक्की 1822 फारसी/गुजराती अखबार 1878 वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट भारत में मुद्रण यात्रा: गोवा (1556) → कोलकाता (1780) → पूरे भारत में पहला भारतीय अखबार: बंगाल गजट (1780)
भारत में मुद्रण का विकास (1556-1878)

6.1 भारत में मुद्रण की शुरुआत

वर्ष घटना
1556 पुर्तगाली धर्म प्रचारकों के साथ गोवा में पहला प्रेस
1579 कोचीन में पहली तमिल किताब छपी
1674 कोंकणी और कन्नड़ में लगभग 50 पुस्तकें छपीं
1713 पहली मलयालम पुस्तक छपी
1778 जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने कोलकाता में प्रेस स्थापित किया

7. भारत में समाचार पत्र

1780 में जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने बंगाल गजट नामक साप्ताहिक समाचार पत्र निकाला। यह भारत का पहला समाचार पत्र था।

7.1 प्रमुख समाचार पत्र और पत्रिकाएं

वर्ष समाचार पत्र भाषा
1780 बंगाल गजट (जेम्स हिक्की) अंग्रेजी
1821 संवाद कौमुदी (राजा राममोहन राय) बंगाली
1822 बम्बई समाचार गुजराती
1822 जाम-ए-जहाँ नामा फारसी
1826 उदंत मार्तण्ड (जुगल किशोर शुक्ल) हिंदी
राजा राममोहन राय और प्रेस

राजा राममोहन राय ने संवाद कौमुदी (1821) और मिरात-उल-अखबार (फारसी) जैसे समाचार पत्र निकाले। उन्होंने सती प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ लिखा।

8. प्रिंट और महिलाएं

19वीं सदी में मुद्रण के प्रसार से महिलाओं की स्थिति में सुधार आया:

  • महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा मिला
  • महिलाओं ने अपनी आत्मकथाएं और लेख लिखे
  • राशसुंदरी देवी की आत्मकथा "आमार जीबन" (1876) — बंगाली में पहली आत्मकथा
  • ताराबाई शिंदे ने "स्त्री पुरुष तुलना" लिखी
  • पंडिता रमाबाई ने महिला शिक्षा पर लिखा

9. प्रिंट और प्रतिबंध

ब्रिटिश सरकार ने भारतीय प्रेस पर कई प्रतिबंध लगाए:

9.1 वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट (1878)

वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट 1878

लॉर्ड लिटन के समय 1878 में यह कानून पारित हुआ। इसके तहत:

  • भारतीय भाषाओं के समाचार पत्रों पर सेंसरशिप
  • सरकार-विरोधी सामग्री पर रोक
  • चेतावनी के बाद प्रेस और मशीनें जब्त करने का अधिकार
यह कानून आयरिश प्रेस कानूनों पर आधारित था।

9.2 अन्य प्रतिबंध

वर्ष कानून/घटना
1835 मेटकाफ ने प्रेस पर से प्रतिबंध हटाए
1878 वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट
1907 तिलक को राजद्रोह के लिए जेल

10. महत्वपूर्ण तिथियां

594 ईस्वी — चीन में लकड़ी के ब्लॉक से छपाई शुरू
868 ईस्वी — डायमंड सूत्र (विश्व की सबसे पुरानी मुद्रित पुस्तक)
1377 — कोरिया में जिक्जी (धातु के टाइप से छपी पुस्तक)
1440 — गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया
1455 — गुटेनबर्ग बाइबल छपी
1517 — मार्टिन लूथर की 95 थीसिस
1556 — भारत में पहला प्रिंटिंग प्रेस (गोवा)
1780 — बंगाल गजट (जेम्स हिक्की)
1821 — संवाद कौमुदी (राजा राममोहन राय)
1826 — उदंत मार्तण्ड (पहला हिंदी अखबार)
1878 — वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट

11. वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ)

1. प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किसने किया?
उत्तर: (ब) योहान गुटेनबर्ग (1440)
2. गुटेनबर्ग बाइबल कब छपी?
उत्तर: (स) 1455
3. भारत में पहला प्रिंटिंग प्रेस कहाँ आया?
उत्तर: (अ) गोवा (1556)
4. बंगाल गजट किसने शुरू किया?
उत्तर: (द) जेम्स ऑगस्टस हिक्की (1780)
5. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट कब पारित हुआ?
उत्तर: (स) 1878
6. मार्टिन लूथर ने कितनी थीसिस लिखीं?
उत्तर: (ब) 95
7. पहला हिंदी समाचार पत्र कौन सा था?
उत्तर: (अ) उदंत मार्तण्ड (1826)
8. "आमार जीबन" किसकी आत्मकथा है?
उत्तर: (द) राशसुंदरी देवी
9. संवाद कौमुदी किसने निकाला?
उत्तर: (ब) राजा राममोहन राय
10. विश्व की सबसे पुरानी मुद्रित पुस्तक कौन सी है?
उत्तर: (स) डायमंड सूत्र (868 ईस्वी)
11. चीन में चल टाइप का आविष्कार किसने किया?
उत्तर: (अ) बी शेंग (11वीं सदी)
12. इंग्लैंड में प्रिंटिंग प्रेस कौन लाया?
उत्तर: (द) विलियम कैक्सटन (1476)
13. बम्बई समाचार किस भाषा में निकलता था?
उत्तर: (ब) गुजराती
14. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट किसके समय पारित हुआ?
उत्तर: (स) लॉर्ड लिटन
15. गुटेनबर्ग किस पेशे से थे?
उत्तर: (अ) सुनार (Goldsmith)

12. प्रश्नोत्तर

12.1 लघु उत्तरीय प्रश्न (2-3 अंक)

प्रश्न 1. गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार कैसे किया?
उत्तर: योहान गुटेनबर्ग जर्मनी के एक सुनार थे। उन्होंने लगभग 1440 में प्रिंटिंग प्रेस बनाया। इसमें धातु के चल टाइप (लेड, टिन, एंटीमनी मिश्र धातु), तेल आधारित स्याही, और स्क्रू प्रेस (वाइन प्रेस से प्रेरित) का उपयोग किया गया। 1455 में उन्होंने गुटेनबर्ग बाइबल छापी।
प्रश्न 2. वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट क्या था?
उत्तर: वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट 1878 में लॉर्ड लिटन के समय पारित हुआ। इसके तहत भारतीय भाषाओं में छपने वाले समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लगाई गई। यदि कोई अखबार सरकार-विरोधी सामग्री छापता तो उसकी मशीनें जब्त की जा सकती थीं।
प्रश्न 3. भारत में पहला समाचार पत्र कौन सा था?
उत्तर: भारत का पहला समाचार पत्र बंगाल गजट था जो 1780 में जेम्स ऑगस्टस हिक्की ने कोलकाता से निकाला। यह एक साप्ताहिक अंग्रेजी अखबार था।

12.2 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4-5 अंक)

प्रश्न 1. मुद्रण संस्कृति ने फ्रांसीसी क्रांति के लिए कैसे जमीन तैयार की?
उत्तर: मुद्रण संस्कृति ने फ्रांसीसी क्रांति (1789) के लिए निम्नलिखित तरीकों से जमीन तैयार की:

1. विचारों का प्रसार: वोल्तेयर, रूसो जैसे दार्शनिकों के विचार मुद्रित पुस्तकों द्वारा आम लोगों तक पहुंचे।

2. निरंकुशवाद की आलोचना: राजा और चर्च की आलोचना वाले पर्चे और पुस्तिकाएं छपीं।

3. बहस का माहौल: कॉफी हाउसों में लोग छपी सामग्री पर चर्चा करते थे।

4. जनमत निर्माण: समाचार पत्रों और पैम्फलेटों ने क्रांतिकारी जनमत बनाया।

5. साक्षरता में वृद्धि: पढ़े-लिखे लोगों की संख्या बढ़ी जो राजनीतिक बदलाव चाहते थे।
प्रश्न 2. 19वीं सदी में भारत में मुद्रण संस्कृति के प्रसार का महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: 19वीं सदी में मुद्रण संस्कृति ने भारतीय महिलाओं के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाए:

1. शिक्षा में वृद्धि: उदारवादी पिताओं और पतियों ने महिलाओं को पढ़ना-लिखना सिखाया।

2. लेखन का अवसर: महिलाओं ने अपनी आत्मकथाएं और लेख लिखे। राशसुंदरी देवी की "आमार जीबन" (1876) बंगाली में पहली आत्मकथा थी।

3. सामाजिक जागरूकता: महिलाओं ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लिखा। ताराबाई शिंदे ने "स्त्री पुरुष तुलना" लिखी।

4. सशक्तिकरण: मुद्रित साहित्य ने महिलाओं में आत्म-जागरूकता और स्वतंत्रता की भावना जगाई।
त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
  • प्रिंटिंग प्रेस: गुटेनबर्ग, 1440, जर्मनी
  • गुटेनबर्ग बाइबल: 1455, 180 प्रतियां
  • डायमंड सूत्र: 868 ईस्वी, चीन
  • मार्टिन लूथर: 95 थीसिस, 1517
  • भारत में पहला प्रेस: 1556, गोवा
  • बंगाल गजट: 1780, जेम्स हिक्की
  • उदंत मार्तण्ड: 1826, पहला हिंदी अखबार
  • वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट: 1878, लॉर्ड लिटन
  • आमार जीबन: 1876, राशसुंदरी देवी
  • संवाद कौमुदी: 1821, राजा राममोहन राय

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