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भारत में राष्ट्रवाद - RBSE Class 10 History Chapter 2 Notes Hindi | Nationalism in India

📅 Thursday, 25 December 2025 📖 3-5 min read
भारत में राष्ट्रवाद - RBSE Class 10 History Chapter 2 Notes Hindi | NCERT Classes

MARWARI MISSION 100 by Shala Saral™

भारत में राष्ट्रवाद

Nationalism in India

Chapter 2 Class 10 History RBSE Board 4 Marks

अध्याय की जानकारी

अध्याय: 2 - भारत में राष्ट्रवाद
बोर्ड: RBSE (राजस्थान)
कक्षा: 10वीं
विषय: इतिहास
बोर्ड में अंक: 4 अंक
परीक्षा: 17 फरवरी 2026

1. अध्याय परिचय (Introduction)

भारत में राष्ट्रवाद का उदय उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन से जुड़ा हुआ था। औपनिवेशिक शासकों के विरुद्ध संघर्ष के दौरान लोगों में आपसी एकता की भावना जागृत हुई। यह अध्याय 1920 से 1947 तक के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का विस्तृत वर्णन करता है।

महत्वपूर्ण तथ्य
  • भारत में राष्ट्रवाद की भावना उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन से जुड़ी थी।
  • 1920 के बाद महात्मा गांधी ने राष्ट्रीय आंदोलन का नेतृत्व किया।
  • 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना बम्बई में हुई।
  • 1870 में बंकिमचंद्र चटर्जी ने 'वंदे मातरम्' गीत लिखा।

2. प्रथम विश्व युद्ध और भारत (1914-1918)

प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) ने भारत में एक नई राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पैदा कर दी। युद्ध के कारण भारतीयों पर अनेक कठिनाइयाँ आईं जिससे राष्ट्रवाद को बल मिला।

2.1 प्रथम विश्व युद्ध के प्रभाव

समस्या विवरण
रक्षा खर्च में वृद्धि युद्ध के लिए भारी खर्च, नए कर लगाए गए
कीमतों में वृद्धि 1913-18 के बीच कीमतें दोगुनी हो गईं
जबरन भर्ती गाँवों से सिपाहियों की जबरदस्ती भर्ती
अकाल और महामारी 1918-19 में फ्लू महामारी से 12-13 लाख मौतें
आयकर आय कर (Income Tax) नामक नया कर लगाया गया

3. महात्मा गांधी का भारत आगमन

महात्मा गांधी (1869-1948)
  • जन्म: 2 अक्टूबर 1869, पोरबंदर, गुजरात
  • भारत आगमन: जनवरी 1915 (दक्षिण अफ्रीका से)
  • उपाधि: राष्ट्रपिता, बापू, महात्मा
  • सिद्धांत: सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह
  • दक्षिण अफ्रीका में: नस्लभेदी सरकार के विरुद्ध सत्याग्रह किया

3.1 सत्याग्रह का अर्थ

सत्याग्रह क्या है?

सत्याग्रह = सत्य + आग्रह (सत्य के लिए आग्रह)

  • यह शारीरिक बल नहीं बल्कि आत्मबल पर आधारित था।
  • इसमें उत्पीड़क की अंतरात्मा को जगाना था, न कि उसे हिंसा से हराना।
  • यदि आपका उद्देश्य सत्य और न्यायपूर्ण है तो संघर्ष में हिंसा की जरूरत नहीं।

4. गांधीजी के प्रारंभिक सत्याग्रह (1916-1918)

सत्याग्रह वर्ष स्थान कारण
चंपारण सत्याग्रह 1917 बिहार नील की खेती करने वाले किसानों का शोषण
खेड़ा सत्याग्रह 1917 गुजरात फसल खराब होने पर भी लगान वसूली
अहमदाबाद मिल मजदूर 1918 गुजरात कपड़ा मिल मजदूरों के वेतन वृद्धि हेतु

5. रॉलेट एक्ट 1919

रॉलेट एक्ट (काला कानून) - 1919

ब्रिटिश सरकार ने 1919 में यह अन्यायपूर्ण कानून पारित किया।

  • बिना मुकदमा चलाए 2 वर्ष तक जेल में रखने का अधिकार
  • राजनीतिक गतिविधियों को कुचलने की शक्ति
  • अपील, दलील और वकील का कोई अधिकार नहीं
  • इसे "No Vakil, No Dalil, No Appeal" कानून भी कहा गया

गांधीजी की प्रतिक्रिया: 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल (हरताल) का आह्वान किया गया। रैलियाँ निकाली गईं और कई शहरों में दुकानें बंद रहीं।

6. जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919)

जलियाँवाला बाग हत्याकांड
तिथि:13 अप्रैल 1919 (बैसाखी का दिन)
स्थान:जलियाँवाला बाग, अमृतसर (पंजाब)
जिम्मेदार:जनरल डायर (General Dyer)
कारण:शांतिपूर्ण सभा पर बिना चेतावनी गोलीबारी
मृतक:सैकड़ों निहत्थे लोग (आधिकारिक: 379)

6.1 हत्याकांड के परिणाम

  • सारे देश में रोष की लहर फैल गई
  • रवींद्रनाथ टैगोर ने 'नाइटहुड' (Sir) की उपाधि लौटा दी
  • राष्ट्रीय आंदोलन और तीव्र हो गया
  • गांधीजी ने 'केसर-ए-हिंद' पदक वापस किया
  • आंदोलन में जनता की भागीदारी बढ़ी

7. खिलाफत आंदोलन (1919-1924)

खिलाफत आंदोलन

खलीफा: ऑटोमन (तुर्की) सम्राट को इस्लामिक विश्व का आध्यात्मिक नेता माना जाता था।

  • प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की की हार के बाद खलीफा की शक्ति छीनने की आशंका
  • नेता: मोहम्मद अली और शौकत अली (अली बंधु)
  • उद्देश्य: खलीफा की शक्ति बनाए रखना
  • गांधीजी ने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए इसका समर्थन किया
  • सितंबर 1920: कांग्रेस ने खिलाफत के साथ असहयोग आंदोलन शुरू किया

8. असहयोग आंदोलन (1920-1922)

प्रारंभ: अगस्त 1920 में खिलाफत आंदोलन के साथ

कारण: रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकांड, खिलाफत का मुद्दा

8.1 असहयोग आंदोलन के चरण

चरण कार्यवाही
प्रथम चरण (त्याग) • सरकारी उपाधियों का त्याग
• सरकारी नौकरियों का बहिष्कार
• विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार
• सरकारी स्कूल-कॉलेजों का बहिष्कार
द्वितीय चरण (सविनय अवज्ञा) • करों का भुगतान न करना
• कानूनों की अवज्ञा
असहयोग में विभिन्न वर्गों की भागीदारी
  • विद्यार्थी: स्कूल-कॉलेज छोड़े, जामिया मिलिया इस्लामिया की स्थापना
  • वकील: कचहरियों का बहिष्कार (मोतीलाल नेहरू, सी.आर. दास)
  • किसान: अवध में किसान आंदोलन
  • आदिवासी: आंध्र प्रदेश में अल्लूरी सीताराम राजू का विद्रोह
  • बागान मजदूर: असम में हड़ताल

8.2 चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922)

चौरी-चौरा कांड
  • तिथि: 5 फरवरी 1922
  • स्थान: चौरी-चौरा, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश)
  • घटना: उत्तेजित भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, 22 पुलिसकर्मी मारे गए
  • परिणाम: गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया
  • कारण: हिंसा सत्याग्रह के सिद्धांतों के विरुद्ध थी

9. साइमन कमीशन (1928)

साइमन कमीशन (1927-28)
  • गठन: 1927 में ब्रिटेन की टोरी सरकार द्वारा
  • अध्यक्ष: सर जॉन साइमन
  • सदस्य: 7 सदस्य (सभी अंग्रेज, एक भी भारतीय नहीं)
  • उद्देश्य: भारत की संवैधानिक व्यवस्था का अध्ययन
  • भारत आगमन: 1928
  • विरोध का नारा: "साइमन गो बैक" (Simon Go Back)

लाला लाजपत राय: लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध के दौरान पुलिस की लाठियों से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा था - "मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत में कील साबित होगी।"

10. पूर्ण स्वराज की घोषणा (दिसंबर 1929)

लाहौर अधिवेशन (दिसंबर 1929)
  • अध्यक्ष: पंडित जवाहरलाल नेहरू
  • निर्णय: पूर्ण स्वराज (Complete Independence) की मांग
  • 26 जनवरी 1930: पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया
  • इसके बाद सविनय अवज्ञा आंदोलन की योजना बनी

11. नमक सत्याग्रह / दांडी मार्च (1930)

दांडी मार्च - ऐतिहासिक यात्रा
प्रारंभ:12 मार्च 1930
समाप्ति:6 अप्रैल 1930
प्रारंभ स्थान:साबरमती आश्रम, अहमदाबाद
समाप्ति स्थान:दांडी (गुजरात का समुद्री तट)
दूरी:240 मील (लगभग 390 किमी)
अवधि:24 दिन
साथी:78 अनुयायी

6 अप्रैल 1930: गांधीजी ने समुद्र के पानी से नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा और कहा - "इसके साथ मैं ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला रहा हूँ।"

नमक सत्याग्रह क्यों?
  • नमक हर भारतीय के लिए जरूरी था (गरीब से गरीब भी)
  • नमक पर कर अन्यायपूर्ण था
  • यह सबको एकजुट कर सकता था
  • अहिंसक तरीके से कानून तोड़ने का प्रतीक

12. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-1934)

12.1 आंदोलन का विस्तार

क्षेत्र गतिविधि
तटीय क्षेत्र नमक बनाना और बेचना
शहरों में विदेशी वस्त्रों की होली, शराब की दुकानों पर धरना
ग्रामीण क्षेत्र लगान और कर न देना
वन क्षेत्र वन कानूनों का उल्लंघन

गिरफ्तारी: 60,000 से अधिक लोगों को जेल में डाला गया। गांधीजी को 5 मई 1930 को गिरफ्तार किया गया।

12.2 गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च 1931)

गांधी-इरविन समझौता
  • गांधीजी को जनवरी 1931 में जेल से रिहा किया गया
  • वायसराय लॉर्ड इरविन से वार्ता
  • शर्तें:
    • सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित
    • राजनीतिक कैदियों की रिहाई
    • समुद्र तट पर नमक बनाने की अनुमति
    • गांधीजी दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेंगे

13. राष्ट्रवाद के प्रतीक और चिह्न

राष्ट्रवादी नेताओं ने लोगों को एकजुट करने के लिए विभिन्न प्रतीकों और चिह्नों का प्रयोग किया।

13.1 भारत माता की छवि

भारत माता
  • 1870 के दशक: बंकिमचंद्र चटर्जी ने 'वंदे मातरम्' गीत लिखा (आनंदमठ उपन्यास में)
  • अबनींद्रनाथ टैगोर: भारत माता की प्रसिद्ध तस्वीर बनाई
  • भारत माता को संन्यासिनी के रूप में दिखाया - शांत, संयमित, दैवी

13.2 राष्ट्रीय ध्वज

तिरंगे का विकास
  • 1921: गांधीजी ने स्वराज ध्वज का प्रस्ताव दिया
  • केंद्र में चरखा (स्वदेशी का प्रतीक)
  • लाल: हिंदू, हरा: मुस्लिम, सफेद: अन्य समुदाय
  • ध्वज को फहराना स्वाभिमान और राष्ट्रवाद का प्रतीक बना

14. महत्वपूर्ण तिथियां (Timeline)

1885भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (बम्बई)
1905बंगाल विभाजन, स्वदेशी आंदोलन
1915गांधीजी का दक्षिण अफ्रीका से भारत आगमन
1917चंपारण सत्याग्रह (बिहार)
1919रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल)
1920असहयोग आंदोलन प्रारंभ (खिलाफत के साथ)
1922चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी), आंदोलन वापस
1928साइमन कमीशन का भारत आगमन
1929लाहौर अधिवेशन, पूर्ण स्वराज की घोषणा
1930दांडी मार्च (12 मार्च - 6 अप्रैल), सविनय अवज्ञा
1931गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च)
1942भारत छोड़ो आंदोलन (8 अगस्त)
1947भारत स्वतंत्र (15 अगस्त)

15. महत्वपूर्ण व्यक्तित्व

व्यक्ति योगदान
महात्मा गांधीराष्ट्रपिता, सत्याग्रह, अहिंसा, दांडी मार्च
जवाहरलाल नेहरूलाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष, प्रथम प्रधानमंत्री
सरदार पटेलबारदोली सत्याग्रह का नेतृत्व
अली बंधुखिलाफत आंदोलन के नेता
लाला लाजपत रायसाइमन कमीशन विरोध में शहीद
बंकिमचंद्र चटर्जीवंदे मातरम् के रचयिता
रवींद्रनाथ टैगोरजन गण मन, नोबेल पुरस्कार विजेता
अल्लूरी सीताराम राजूआंध्र प्रदेश में आदिवासी विद्रोह का नेतृत्व

16. वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQ) - 1 अंक

1. महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत कब लौटे?
उत्तर: (स) 1915
2. रॉलेट एक्ट कब पारित हुआ?
उत्तर: (ब) 1919
3. जलियाँवाला बाग हत्याकांड कब हुआ?
उत्तर: (द) 13 अप्रैल 1919
4. जलियाँवाला बाग हत्याकांड का आदेश किसने दिया?
उत्तर: (ब) जनरल डायर
5. असहयोग आंदोलन कब प्रारंभ हुआ?
उत्तर: (स) 1920
6. चौरी-चौरा कांड कब हुआ?
उत्तर: (ब) 5 फरवरी 1922
7. साइमन कमीशन भारत कब आया?
उत्तर: (स) 1928
8. पूर्ण स्वराज की घोषणा कब हुई?
उत्तर: (द) दिसंबर 1929
9. दांडी मार्च कब प्रारंभ हुआ?
उत्तर: (ब) 12 मार्च 1930
10. दांडी मार्च की कुल दूरी कितनी थी?
उत्तर: (स) 240 मील (390 किमी)
11. गांधी-इरविन समझौता कब हुआ?
उत्तर: (ब) 5 मार्च 1931
12. 'वंदे मातरम्' गीत किसने लिखा?
उत्तर: (स) बंकिमचंद्र चटर्जी
13. खिलाफत आंदोलन के नेता कौन थे?
उत्तर: (ब) मोहम्मद अली और शौकत अली
14. लाहौर अधिवेशन (1929) के अध्यक्ष कौन थे?
उत्तर: (स) जवाहरलाल नेहरू
15. भारत छोड़ो आंदोलन कब प्रारंभ हुआ?
उत्तर: (द) 8 अगस्त 1942

17. लघु उत्तरीय प्रश्न (2-3 अंक)

प्रश्न 1. सत्याग्रह का क्या अर्थ है?
उत्तर: सत्याग्रह का अर्थ है 'सत्य के लिए आग्रह'। यह गांधीजी द्वारा प्रयुक्त अहिंसक प्रतिरोध की विधि थी। इसमें शारीरिक बल के स्थान पर आत्मबल का प्रयोग किया जाता है। उत्पीड़क को हिंसा से हराने के बजाय उसकी अंतरात्मा को जगाना इसका उद्देश्य है।
प्रश्न 2. रॉलेट एक्ट का विरोध क्यों किया गया?
उत्तर: रॉलेट एक्ट (1919) का विरोध इसलिए हुआ क्योंकि: (1) बिना मुकदमा चलाए 2 वर्ष तक जेल में रखने का अधिकार (2) अपील, दलील और वकील का कोई अधिकार नहीं (3) राजनीतिक गतिविधियों को कुचलने की शक्ति। यह कानून भारतीयों के मूल अधिकारों का हनन करता था।
प्रश्न 3. गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस क्यों लिया?
उत्तर: 5 फरवरी 1922 को चौरी-चौरा (गोरखपुर) में भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए। यह हिंसा सत्याग्रह और अहिंसा के सिद्धांतों के विरुद्ध थी। इसलिए गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया।
प्रश्न 4. साइमन कमीशन का विरोध क्यों किया गया?
उत्तर: साइमन कमीशन का विरोध इसलिए हुआ क्योंकि इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था। सभी 7 सदस्य अंग्रेज थे। भारतीयों ने इसे अपमानजनक माना और "साइमन गो बैक" के नारे लगाए।
प्रश्न 5. नमक सत्याग्रह का महत्व बताइए।
उत्तर: नमक सत्याग्रह का महत्व: (1) नमक हर भारतीय के लिए जरूरी था (2) यह अहिंसक प्रतिरोध का प्रतीक बना (3) पूरे देश को एकजुट किया (4) अंतर्राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया (5) सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत हुई।

18. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4-5 अंक)

प्रश्न 1. असहयोग आंदोलन में विभिन्न वर्गों की भागीदारी का वर्णन कीजिए।
उत्तर: असहयोग आंदोलन में विभिन्न वर्गों ने भाग लिया:

1. विद्यार्थी: सरकारी स्कूल-कॉलेज छोड़े, जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे राष्ट्रीय संस्थान स्थापित हुए।

2. वकील: मोतीलाल नेहरू, सी.आर. दास जैसे प्रसिद्ध वकीलों ने कचहरियों का बहिष्कार किया।

3. किसान: अवध में किसानों ने जमींदारों के विरुद्ध आंदोलन किया।

4. आदिवासी: आंध्र प्रदेश में अल्लूरी सीताराम राजू के नेतृत्व में विद्रोह किया।

5. बागान मजदूर: असम में चाय बागान मजदूरों ने हड़ताल की।
प्रश्न 2. दांडी मार्च का वर्णन कीजिए और इसका महत्व बताइए।
उत्तर: दांडी मार्च (12 मार्च - 6 अप्रैल 1930):

परिचय: गांधीजी ने 78 अनुयायियों के साथ साबरमती आश्रम से दांडी तक 240 मील (390 किमी) की पदयात्रा की।

उद्देश्य: ब्रिटिश नमक कानून को तोड़ना और सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू करना।

महत्व:
1. यह अहिंसक प्रतिरोध का सबसे प्रभावशाली उदाहरण था।
2. पूरे देश को एकजुट किया - हर वर्ग ने भाग लिया।
3. अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने इसे कवर किया।
4. 60,000 से अधिक लोगों को जेल में डाला गया।
5. इसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी।

त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

  • 1915: गांधीजी का भारत आगमन
  • 1919: रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग (13 अप्रैल)
  • 1920: असहयोग + खिलाफत आंदोलन
  • 1922: चौरी-चौरा (5 फरवरी), आंदोलन वापस
  • 1928: साइमन कमीशन, "साइमन गो बैक"
  • 1929: लाहौर अधिवेशन, पूर्ण स्वराज
  • 1930: दांडी मार्च (12 मार्च - 6 अप्रैल)
  • 1931: गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च)
  • 1942: भारत छोड़ो आंदोलन

याद रखने की ट्रिक:

  • "CKA" = चंपारण, खेड़ा, अहमदाबाद (गांधीजी के प्रारंभिक सत्याग्रह)
  • "13-4-19" = 13 अप्रैल 1919 = जलियाँवाला बाग
  • "78 साथी, 24 दिन, 240 मील" = दांडी मार्च

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