🌾 Class 10 Geography Chapter 4
कृषि - Agriculture
Complete Notes 2026 | भारत में कृषि
NCERT Geography | CBSE Board Exam 2026
📚 इस अध्याय में क्या सीखेंगे?
- भारतीय कृषि का महत्व और विशेषताएं
- कृषि के प्रकार - आदिम, गहन, वाणिज्यिक, बागवानी
- प्रमुख फसलें - खाद्यान्न और नकदी फसलें
- रबी, खरीफ और जायद फसलें
- हरित क्रांति और इसके प्रभाव
- कृषि की समस्याएं और समाधान
📑 विषय सूची (Table of Contents)
1. भारतीय कृषि का परिचय
🌾 कृषि क्या है?
कृषि (Agriculture) भूमि की जुताई, फसल उगाना, पशुपालन और मत्स्य पालन सहित सभी प्राथमिक क्रियाकलापों को कहते हैं। भारत एक कृषि प्रधान देश है।
📊 भारतीय कृषि के तथ्य:
👨🌾 रोजगार
54%
जनसंख्या कृषि में संलग्न
💰 GDP
17-18%
राष्ट्रीय आय में योगदान
🌍 स्थान
2nd
विश्व में कृषि उत्पादन
📦 निर्यात
13%
कुल निर्यात में हिस्सा
🔑 भारतीय कृषि की विशेषताएं:
- जीवन निर्वाह कृषि: अधिकांश किसान अपने परिवार के लिए खेती करते हैं
- मानसून पर निर्भरता: 60% कृषि भूमि वर्षा पर निर्भर
- छोटी जोतें: औसत जोत का आकार घट रहा है
- पारंपरिक तकनीक: अभी भी पुरानी विधियों का उपयोग
- विविध फसलें: जलवायु विविधता के कारण
- श्रम प्रधान: मशीनीकरण सीमित
2. कृषि के प्रकार (Types of Farming)
📊 कृषि के प्रकार - Types of Farming
1️⃣ आदिम निर्वाह कृषि
Primitive Subsistence Farming
झूम खेती (Slash & Burn) | छोटे औजार | परिवार के लिए
2️⃣ गहन निर्वाह कृषि
Intensive Subsistence Farming
छोटी जोत | अधिक श्रम | चावल-गेहूं | भारत में सबसे आम
3️⃣ वाणिज्यिक कृषि
Commercial Farming
बड़ी जोत | मशीनीकरण | बाजार के लिए | पंजाब-हरियाणा
4️⃣ रोपण कृषि / बागवानी
Plantation Agriculture
एक फसल | बड़े बागान | चाय-कॉफी-रबड़ | निर्यात के लिए
💡 ऊपर से नीचे: आदिम → आधुनिक | छोटी → बड़ी जोत
📝 कृषि के प्रकार विस्तार से:
1. आदिम निर्वाह कृषि (Primitive Subsistence Farming)
विशेषताएं:
- झूम खेती (Slash and Burn): जंगल काटकर जलाना और खेती करना
- छोटे औजार (कुदाल, फावड़ा)
- परिवार के सदस्यों द्वारा श्रम
- कम उत्पादकता
क्षेत्र: उत्तर-पूर्व भारत (असम, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड)
स्थानीय नाम: झूम (असम), पोडु (आंध्र प्रदेश), पामा दाबी (ओडिशा), बेवर/दहिया (मध्य प्रदेश)
2. गहन निर्वाह कृषि (Intensive Subsistence Farming)
विशेषताएं:
- छोटी जोतें (1-2 हेक्टेयर)
- अधिक श्रम का उपयोग
- सिंचाई की सुविधा
- धान और गेहूं मुख्य फसलें
- उत्पादन परिवार के उपभोग के लिए
- हल, बैल का उपयोग
क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल - भारत में सबसे प्रचलित
3. वाणिज्यिक कृषि (Commercial Farming)
विशेषताएं:
- बड़ी जोतें और मशीनीकरण
- उच्च उत्पादकता
- रासायनिक उर्वरक और HYV बीजों का उपयोग
- उत्पादन बाजार के लिए
- एक या दो फसलें (Monoculture)
- ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर का प्रयोग
क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र (गन्ना), गुजरात (कपास)
फसलें: गेहूं, कपास, गन्ना, सोयाबीन
4. रोपण कृषि / बागवानी कृषि (Plantation Agriculture)
विशेषताएं:
- एक ही फसल की खेती (Single crop)
- बड़े पैमाने पर बागान
- पूंजी और तकनीक प्रधान
- निर्यात उन्मुखी (Export oriented)
- सस्ते श्रमिकों पर निर्भर
- अच्छी परिवहन सुविधा आवश्यक
क्षेत्र: असम (चाय), कर्नाटक (कॉफी), केरल (रबड़, नारियल, काली मिर्च)
फसलें: चाय, कॉफी, रबड़, गन्ना, केला, नारियल, काली मिर्च
3. फसल ऋतुएं (Cropping Seasons)
📅 भारत में फसल ऋतुएं - Cropping Calendar
❄️ रबी (Rabi)
बुवाई: अक्टूबर-नवंबर
कटाई: मार्च-अप्रैल
मुख्य फसलें:
गेहूं 🌾
जौ, चना
मटर, सरसों
☀️ शीत ऋतु की फसलें
गर्मी में पकती हैं
🌧️ खरीफ (Kharif)
बुवाई: जून-जुलाई
कटाई: सितंबर-अक्टूबर
मुख्य फसलें:
धान/चावल 🍚
मक्का, बाजरा
कपास, जूट
☔ मानसून की फसलें
अधिक वर्षा चाहिए
☀️ जायद (Zaid)
बुवाई: मार्च-अप्रैल
कटाई: जून-जुलाई
मुख्य फसलें:
तरबूज, खरबूज 🍉
खीरा, ककड़ी
मूंग, उड़द
🌞 ग्रीष्म ऋतु की फसलें
सिंचाई आवश्यक
💡 भारत में साल भर खेती होती है - तीन फसल ऋतुएं
📊 रबी vs खरीफ vs जायद - विस्तृत तुलना
| विशेषता | रबी (Rabi) | खरीफ (Kharif) | जायद (Zaid) |
|---|---|---|---|
| मौसम | शीत ऋतु | वर्षा ऋतु | ग्रीष्म ऋतु |
| बुवाई | अक्टूबर-नवंबर | जून-जुलाई | मार्च-अप्रैल |
| कटाई | मार्च-अप्रैल | सितंबर-अक्टूबर | जून-जुलाई |
| तापमान | ठंडा मौसम गर्म फसल |
गर्म और आर्द्र | अधिक गर्म |
| वर्षा | कम (सिंचाई) | अधिक (मानसून) | सिंचाई आवश्यक |
| मुख्य फसल | गेहूं | धान/चावल | तरबूज, खरबूज |
| अन्य फसलें | जौ, चना, मटर, सरसों, आलू | मक्का, बाजरा, ज्वार, कपास, जूट, गन्ना, मूंगफली | खीरा, ककड़ी, लौकी, मूंग, उड़द |
| प्रमुख क्षेत्र | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश | पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश | उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश |
4. प्रमुख खाद्यान्न फसलें (Major Food Crops)
खाद्यान्न फसलें (Food Crops) वे हैं जो मुख्यतः मानव उपभोग के लिए उगाई जाती हैं। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा खाद्यान्न उत्पादक देश है।
🍚 धान / चावल (Rice - Paddy)
📍 भौगोलिक परिस्थितियां:
- तापमान: 22°C - 32°C (उच्च तापमान और आर्द्रता)
- वर्षा: 100 cm से अधिक
- मिट्टी: चिकनी दोमट, डेल्टा की मिट्टी
- श्रम: अधिक श्रम की आवश्यकता (रोपाई)
- फसल ऋतु: खरीफ (मुख्य)
| राज्य | % उत्पादन | विशेषता |
|---|---|---|
| 1. पश्चिम बंगाल | 15% | सबसे बड़ा उत्पादक |
| 2. उत्तर प्रदेश | 13% | दूसरा स्थान |
| 3. आंध्र प्रदेश | 12% | गोदावरी-कृष्णा डेल्टा |
| 4. पंजाब | 11% | सिंचाई द्वारा |
| 5. तमिलनाडु | 7% | कावेरी डेल्टा |
🇮🇳 भारत का स्थान: विश्व में चावल उत्पादन में दूसरा स्थान (चीन के बाद)
📊 क्षेत्र: देश के कुल कृषि क्षेत्र का 24%
🌾 गेहूं (Wheat)
📍 भौगोलिक परिस्थितियां:
- तापमान: 10°C - 15°C (बुवाई), 21°C - 26°C (पकते समय)
- वर्षा: 50-75 cm (सम वितरण)
- मिट्टी: दोमट और चिकनी दोमट
- फसल ऋतु: रबी
- सिंचाई: आवश्यक (उत्तर भारत में)
| राज्य | % उत्पादन | विशेषता |
|---|---|---|
| 1. उत्तर प्रदेश | 30% | सबसे बड़ा उत्पादक |
| 2. पंजाब | 18% | सर्वाधिक उत्पादकता |
| 3. हरियाणा | 12% | हरित क्रांति क्षेत्र |
| 4. मध्य प्रदेश | 10% | मालवा पठार |
| 5. राजस्थान | 8% | सिंचाई आधारित |
🇮🇳 भारत का स्थान: विश्व में गेहूं उत्पादन में दूसरा स्थान (चीन के बाद)
🌾 मुख्य क्षेत्र: गंगा-सतलुज का मैदान और दक्कन का काली मिट्टी क्षेत्र
🌾 मोटे अनाज (Millets - Coarse Grains)
प्रमुख मोटे अनाज:
ज्वार (Jowar)
महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश
मिट्टी: काली
बाजरा (Bajra)
राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश
विशेष: सूखा सहन
रागी (Ragi)
कर्नाटक, तमिलनाडु
पोषण: अत्यधिक
मक्का (Maize)
कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश
उपयोग: खाद्य + चारा
💡 विशेषता: कम वर्षा और कम उपजाऊ मिट्टी में भी उग सकते हैं
🌍 महत्व: सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए आदर्श, पोषण से भरपूर
🫘 दालें (Pulses)
प्रमुख दालें:
अरहर/तुअर, उड़द, मूंग, चना, मसूर, मटर
🥇 सबसे बड़ा उत्पादक: मध्य प्रदेश (25%)
📍 अन्य राज्य: उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक
🇮🇳 भारत: विश्व का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता
💪 महत्व: प्रोटीन का मुख्य स्रोत (शाकाहारी भोजन)
5. प्रमुख नकदी फसलें (Major Cash Crops)
नकदी फसलें (Cash Crops) वे हैं जो मुख्यतः व्यापार और निर्यात के लिए उगाई जाती हैं। ये किसानों को अच्छी आय देती हैं।
🎋 गन्ना (Sugarcane)
- जलवायु: उष्ण और आर्द्र (21-27°C)
- वर्षा: 75-100 cm
- मिट्टी: गहरी दोमट मिट्टी
- फसल अवधि: 12-18 महीने
| राज्य | योगदान |
|---|---|
| 1. उत्तर प्रदेश | 45% (सबसे बड़ा) |
| 2. महाराष्ट्र | 20% |
| 3. कर्नाटक | 8% |
🇮🇳 भारत: ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक
🏭 उपयोग: चीनी, गुड़, खांडसारी उद्योग
☁️ कपास (Cotton)
- जलवायु: उष्ण (21-27°C)
- वर्षा: 50-100 cm
- मिट्टी: काली मिट्टी (सबसे उपयुक्त)
- धूप: 210 दिन पाला रहित
- फसल ऋतु: खरीफ
| राज्य | योगदान |
|---|---|
| 1. गुजरात | 33% (सबसे बड़ा) |
| 2. महाराष्ट्र | 26% |
| 3. तेलंगाना | 12% |
🇮🇳 भारत: विश्व में तीसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक (चीन, USA के बाद)
🏭 महत्व: कपड़ा उद्योग का कच्चा माल
🪢 जूट (Jute - Golden Fiber)
- जलवायु: गर्म और आर्द्र (25-35°C)
- वर्षा: 150-200 cm (अधिक वर्षा)
- मिट्टी: डेल्टा की जलोढ़ मिट्टी
- फसल ऋतु: खरीफ
🥇 मुख्य उत्पादक: पश्चिम बंगाल (80%)
📍 अन्य: बिहार, असम, ओडिशा
🇮🇳 भारत: विश्व का सबसे बड़ा जूट उत्पादक
🏭 उपयोग: बोरे, रस्सी, गलीचे, पैकिंग सामग्री
🌱 पर्यावरण: "सुनहरा रेशा" - Biodegradable
🍵 चाय (Tea)
- जलवायु: उष्ण और आर्द्र (20-30°C)
- वर्षा: 150-300 cm (समान रूप से)
- ढाल: पहाड़ी ढलान (जल निकास)
- मिट्टी: अम्लीय मिट्टी
- प्रकार: रोपण कृषि
| राज्य | योगदान |
|---|---|
| 1. असम | 52% (सबसे बड़ा) |
| 2. पश्चिम बंगाल | 25% (दार्जिलिंग) |
| 3. तमिलनाडु | 10% (नीलगिरि) |
🇮🇳 भारत: विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक (चीन के बाद)
📦 निर्यात: प्रमुख विदेशी मुद्रा अर्जक
☕ कॉफी (Coffee)
- जलवायु: गर्म और आर्द्र (15-28°C)
- वर्षा: 150-200 cm
- ऊंचाई: 1000-1500 मीटर पहाड़ी ढलान
- छाया: छायादार पेड़ों के नीचे
- प्रकार: अरेबिका और रोबस्टा
🥇 मुख्य उत्पादक: कर्नाटक (70%) - बाबाबूदन पहाड़ियां
📍 अन्य: केरल, तमिलनाडु
🇮🇳 भारत: विश्व में 6वां स्थान
📦 निर्यात: इटली, जर्मनी, रूस को
⚖️ खाद्यान्न vs नकदी फसलें
| विशेषता | खाद्यान्न फसलें | नकदी फसलें |
|---|---|---|
| उद्देश्य | भोजन के लिए | व्यापार के लिए |
| उदाहरण | चावल, गेहूं, दालें | कपास, जूट, गन्ना, चाय |
| उपभोग | स्वयं द्वारा | बाजार में बिक्री |
| आय | कम से मध्यम | अधिक |
| निर्यात | सीमित | अधिक |
6. हरित क्रांति (Green Revolution)
🌾 हरित क्रांति क्या है?
हरित क्रांति (Green Revolution) 1960 के दशक में भारतीय कृषि में आया वैज्ञानिक और तकनीकी परिवर्तन था। इसका उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना था।
📅 हरित क्रांति की Timeline
1960-61: शुरुआत
• प्रधानमंत्री: लाल बहादुर शास्त्री
• नारा: "जय जवान जय किसान"
• HYV (High Yielding Variety) बीजों की शुरुआत
1966-67: पहला चरण
• मैक्सिको के गेहूं के बीज (Norman Borlaug)
• पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश में सफलता
• गेहूं उत्पादन में तेज वृद्धि
1970s: विस्तार
• चावल में भी HYV बीज (IR-8, फिलीपींस से)
• रासायनिक उर्वरकों का बड़े पैमाने पर उपयोग
• सिंचाई सुविधाओं का विकास
1980s-90s: परिणाम
• भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर
• निर्यातक देश बना
• खाद्य सुरक्षा प्राप्त
🔧 हरित क्रांति की विशेषताएं:
1. HYV बीज
उच्च उपज देने वाली किस्में (High Yielding Varieties)
2. रासायनिक उर्वरक
NPK (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) उर्वरक
3. सिंचाई विकास
नहरें, ट्यूबवेल, कुओं का विस्तार
4. कीटनाशक
कीट और खरपतवार नियंत्रण
5. मशीनीकरण
ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, थ्रेशर
6. बहु-फसल
साल में 2-3 फसलें
⚖️ हरित क्रांति के प्रभाव
| सकारात्मक प्रभाव ✅ | नकारात्मक प्रभाव ❌ |
|---|---|
|
|
💡 हरित क्रांति का पिता:
Dr. M.S. Swaminathan - "Father of Green Revolution in India"
Dr. Norman Borlaug - "Father of Green Revolution" (वैश्विक स्तर पर)
7. कृषि की समस्याएं और समाधान
⚠️ भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याएं:
1. छोटी और विखंडित जोतें
समस्या: औसत जोत का आकार 1.08 हेक्टेयर (घट रहा है)
कारण: जनसंख्या वृद्धि, विरासत कानून
प्रभाव: मशीनीकरण कठिन, कम उत्पादकता
2. मानसून पर निर्भरता
समस्या: 60% कृषि भूमि वर्षा पर निर्भर
प्रभाव: अनिश्चित उत्पादन, सूखा/बाढ़ का खतरा
3. मिट्टी की उर्वरता में कमी
कारण: अत्यधिक रासायनिक उर्वरक, मिट्टी कटाव
प्रभाव: उत्पादकता में गिरावट, लागत बढ़ना
4. पूंजी और ऋण की कमी
समस्या: गरीब किसानों को साहूकारों से महंगा ऋण
प्रभाव: किसानों पर कर्ज बढ़ना, आत्महत्या
5. विपणन और भंडारण की समस्या
समस्या: मध्यस्थों का शोषण, उचित मूल्य न मिलना
प्रभाव: फसल बर्बाद, किसानों को नुकसान
6. पारंपरिक तकनीक और कम मशीनीकरण
समस्या: पुराने औजार, बैलों पर निर्भरता
प्रभाव: कम उत्पादकता, अधिक श्रम
🏛️ सरकारी योजनाएं (Government Schemes 2026)
PM-KISAN
पूरा नाम: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
लाभ: ₹6000/वर्ष (3 किस्तों में)
लाभार्थी: सभी भूमिधारक किसान
किसान क्रेडिट कार्ड
उद्देश्य: सस्ता ऋण उपलब्ध
ब्याज दर: 4% (समय पर चुकाने पर)
लाभ: बीज, खाद, उपकरण खरीद
फसल बीमा योजना
पूरा नाम: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
उद्देश्य: प्राकृतिक आपदा से सुरक्षा
प्रीमियम: बहुत कम (2% खरीफ, 1.5% रबी)
MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य)
उद्देश्य: उचित मूल्य की गारंटी
फसलें: 23 फसलों के लिए
लाभ: किसानों की आय सुरक्षित
ई-नाम (e-NAM)
पूरा नाम: राष्ट्रीय कृषि बाजार
उद्देश्य: ऑनलाइन मंडी प्रणाली
लाभ: पारदर्शिता, बेहतर मूल्य
PM कुसुम योजना
उद्देश्य: सोलर पंप सब्सिडी
लाभ: सिंचाई लागत कम
सब्सिडी: 60% तक
🌱 जैविक खेती (Organic Farming)
जैविक खेती वह विधि है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। इसमें प्राकृतिक खाद और जैविक कीट नियंत्रण का उपयोग होता है।
लाभ:
- मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है
- स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद
- पर्यावरण के अनुकूल
- अधिक मूल्य मिलता है
- दीर्घकालिक रूप से लाभदायक
विधियां:
- गोबर की खाद: जैविक उर्वरक
- कंपोस्ट: कूड़े-करकट से खाद
- हरी खाद: दलहनी फसलों को मिट्टी में मिलाना
- जैव कीटनाशक: नीम, तुलसी आधारित
- फसल चक्र: मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना
🇮🇳 भारत में: सिक्किम - पूर्णतः जैविक राज्य (2016)
🌍 विश्व: भारत 9वां स्थान (जैविक कृषि क्षेत्र में)
8. महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1: भारतीय कृषि की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
- जीवन निर्वाह कृषि: अधिकांश किसान परिवार के लिए खेती करते हैं
- मानसून पर निर्भरता: 60% कृषि वर्षा आधारित
- छोटी जोतें: औसत जोत 1.08 हेक्टेयर
- विविध फसलें: जलवायु विविधता के कारण
- श्रम प्रधान: अधिक मानव श्रम
- महत्व: 54% जनसंख्या को रोजगार
प्रश्न 2: रबी और खरीफ फसलों में अंतर बताइए।
उत्तर:
| विशेषता | रबी | खरीफ |
|---|---|---|
| मौसम | शीत ऋतु | वर्षा ऋतु |
| बुवाई | अक्टूबर-नवंबर | जून-जुलाई |
| कटाई | मार्च-अप्रैल | सितंबर-अक्टूबर |
| मुख्य फसल | गेहूं | धान/चावल |
| वर्षा | कम (सिंचाई) | अधिक (मानसून) |
प्रश्न 3: हरित क्रांति क्या है? इसकी उपलब्धियां बताइए।
उत्तर:
हरित क्रांति 1960 के दशक में भारतीय कृषि में लाया गया वैज्ञानिक और तकनीकी परिवर्तन था जिससे खाद्यान्न उत्पादन में भारी वृद्धि हुई।
मुख्य विशेषताएं:
- HYV (उच्च उपज) बीज
- रासायनिक उर्वरक
- सिंचाई सुविधाएं
- कीटनाशकों का उपयोग
- मशीनीकरण
उपलब्धियां:
- गेहूं और चावल के उत्पादन में भारी वृद्धि
- भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना
- अकाल की समस्या समाप्त
- किसानों की आय में वृद्धि
- भारत निर्यातक देश बना
प्रश्न 4: चावल की खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियां बताइए।
उत्तर:
- तापमान: 22°C - 32°C (उच्च तापमान और आर्द्रता)
- वर्षा: 100 cm से अधिक
- मिट्टी: चिकनी दोमट, डेल्टा की मिट्टी
- श्रम: अधिक श्रम (रोपाई के लिए)
- जल: खड़े पानी की आवश्यकता
- मौसम: मुख्यतः खरीफ फसल
मुख्य उत्पादक राज्य: पश्चिम बंगाल (15%), उत्तर प्रदेश (13%), आंध्र प्रदेश (12%), पंजाब (11%), तमिलनाडु (7%)
प्रश्न 5: कृषि के प्रकार समझाइए।
उत्तर:
1. आदिम निर्वाह कृषि:
- झूम खेती (Slash and Burn)
- छोटे औजार, परिवार का श्रम
- क्षेत्र: उत्तर-पूर्व भारत
2. गहन निर्वाह कृषि:
- छोटी जोतें, अधिक श्रम
- धान-गेहूं मुख्य फसलें
- भारत में सबसे आम
3. वाणिज्यिक कृषि:
- बड़ी जोतें, मशीनीकरण
- बाजार के लिए उत्पादन
- क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा
4. रोपण कृषि:
- एक फसल, बड़े बागान
- चाय, कॉफी, रबड़
- निर्यात उन्मुखी
प्रश्न 6: भारतीय कृषि की समस्याएं और समाधान बताइए।
उत्तर:
प्रमुख समस्याएं:
- छोटी और विखंडित जोतें
- मानसून पर निर्भरता
- मिट्टी की उर्वरता में कमी
- पूंजी की कमी और ऋण समस्या
- विपणन और भंडारण की समस्या
- पारंपरिक तकनीक
समाधान:
- चकबंदी: जोतों को एकीकृत करना
- सिंचाई विस्तार: नहर, ट्यूबवेल, ड्रिप सिंचाई
- जैविक खेती: मिट्टी की उर्वरता बढ़ाना
- किसान क्रेडिट कार्ड: सस्ता ऋण
- MSP: उचित मूल्य की गारंटी
- आधुनिकीकरण: मशीनें, प्रशिक्षण
9. बोर्ड परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
📝 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
Q1. भारत में हरित क्रांति की आवश्यकता क्यों पड़ी? इसकी विशेषताएं और प्रभाव बताइए।
Q2. कृषि के प्रकारों का वर्णन कीजिए। प्रत्येक के क्षेत्र और विशेषताएं बताइए।
Q3. चावल और गेहूं की खेती के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों का तुलनात्मक वर्णन कीजिए।
Q4. भारतीय कृषि की समस्याओं का वर्णन करते हुए उनके समाधान सुझाइए।
Q5. भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसलों के नाम, उत्पादक क्षेत्र और महत्व बताइए।
📝 लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
Q1. रबी और खरीफ फसलों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Q2. भारत में कपास की खेती के अनुकूल परिस्थितियां बताइए।
Q3. जैविक खेती क्या है? इसके लाभ लिखिए।
Q4. भारत में चाय की खेती के प्रमुख क्षेत्रों के नाम लिखिए।
Q5. मोटे अनाजों के प्रकार और महत्व बताइए।
Q6. PM-KISAN योजना क्या है?
📝 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
Q1. भारत का सबसे बड़ा चावल उत्पादक राज्य?
उत्तर: पश्चिम बंगाल
Q2. हरित क्रांति का जनक (भारत में)?
उत्तर: Dr. M.S. Swaminathan
Q3. गन्ना किस फसल ऋतु में बोई जाती है?
उत्तर: रबी और खरीफ दोनों
Q4. जूट को किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर: Golden Fiber (सुनहरा रेशा)
Q5. भारत का सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक राज्य?
उत्तर: कर्नाटक (70%)
Q6. काली मिट्टी के लिए सबसे उपयुक्त फसल?
उत्तर: कपास
Q7. जायद फसल का उदाहरण?
उत्तर: तरबूज, खरबूज, खीरा
Q8. विश्व में चावल उत्पादन में भारत का स्थान?
उत्तर: दूसरा (चीन के बाद)
Q9. झूम खेती किस प्रकार की कृषि है?
उत्तर: आदिम निर्वाह कृषि
Q10. MSP का पूरा नाम?
उत्तर: Minimum Support Price (न्यूनतम समर्थन मूल्य)
💡 परीक्षा Tips:
- मानचित्र कार्य: फसल उत्पादक राज्य, मिट्टी के प्रकार याद रखें
- आंकड़े: Top 5 उत्पादक राज्यों के % याद करें
- तुलना: Rabi vs Kharif, Food vs Cash Crops तालिका बनाएं
- हरित क्रांति: Timeline, उपलब्धियां, समस्याएं - सभी पक्ष लिखें
- सरकारी योजनाएं: PM-KISAN, KCC, PMFBY - नाम और मुख्य बिंदु
- भौगोलिक परिस्थितियां: हर फसल के लिए - तापमान, वर्षा, मिट्टी
- चित्र: फसल ऋतुएं calendar, कृषि के प्रकार pyramid
📚 महत्वपूर्ण शब्दावली
HYV
High Yielding Variety - उच्च उपज देने वाली किस्में
MSP
Minimum Support Price - न्यूनतम समर्थन मूल्य
चकबंदी
Consolidation of Holdings - जोतों का एकीकरण
रोपण कृषि
Plantation - बड़े बागान, एक फसल
जैविक खेती
Organic Farming - रासायनिक मुक्त कृषि
हरित क्रांति
Green Revolution - कृषि में वैज्ञानिक क्रांति
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