🌍 Class 10 History Chapter 3
भूमंडलीकृत विश्व का बनना
The Making of a Global World - Complete Notes 2026
NCERT India and the Contemporary World - II | CBSE Board Exam 2026
📚 इस अध्याय में क्या सीखेंगे?
- प्राचीन व्यापार मार्ग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान
- 19वीं सदी में वैश्वीकरण का विकास
- महामंदी (Great Depression) और इसके प्रभाव
- दो विश्व युद्धों का आर्थिक प्रभाव
- युद्धोत्तर अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण
- आधुनिक वैश्वीकरण की चुनौतियाँ
📑 विषय सूची (Table of Contents)
1. परिचय: भूमंडलीकरण क्या है?
🌐 भूमंडलीकरण की परिभाषा
भूमंडलीकरण (Globalization) वह प्रक्रिया है जिसमें विश्व के विभिन्न भागों में लोग, वस्तुएं, विचार और सांस्कृतिक मूल्य एक-दूसरे से जुड़ते हैं। यह एक ऐतिहासिक प्रक्रिया है जो सदियों से चल रही है।
📊 भूमंडलीकरण के प्रमुख तत्व:
| तत्व | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| व्यापार | वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान | रेशम, मसाले, चाय, कपास |
| प्रवासन | लोगों का एक स्थान से दूसरे स्थान जाना | भारतीयों का कैरेबियन द्वीपों में जाना |
| पूंजी प्रवाह | निवेश के लिए धन का स्थानांतरण | ब्रिटिश पूंजी का भारत में निवेश |
| विचार | ज्ञान, तकनीक और संस्कृति का प्रसार | बौद्ध धर्म, इस्लाम, लोकतंत्र |
2. पूर्व-आधुनिक विश्व (Pre-Modern World)
🛤️ रेशम मार्ग (Silk Routes)
रेशम मार्ग प्राचीन व्यापार मार्गों का एक विशाल जाल था जो एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ता था। ये मार्ग 3000 ईसा पूर्व से ही अस्तित्व में थे।
🗺️ रेशम मार्ग का मानचित्र
[यहाँ रेशम मार्ग का मानचित्र लगाएं]
चीन → मध्य एशिया → भारत → फारस → रोम
💡 Tip: Blog post में असली मानचित्र image upload करें
📦 रेशम मार्ग के माध्यम से व्यापार:
| क्षेत्र | निर्यात वस्तुएं |
|---|---|
| 🇨🇳 चीन | रेशम, चीनी मिट्टी, कागज, बारूद |
| 🇮🇳 भारत | मसाले, कपास, हाथी दांत, रत्न |
| 🌍 अरब | इत्र, कालीन, घोड़े |
| 🏛️ रोम/यूरोप | शराब, जैतून का तेल, कांच |
🌾 खाद्य पदार्थों का प्रसार:
- अमेरिका से विश्व: आलू 🥔, मक्का 🌽, टमाटर 🍅, चिली 🌶️, पपीता
- एशिया से विश्व: नूडल्स 🍜, पास्ता 🍝 (चीन से इटली)
- अफ्रीका से विश्व: कॉफी ☕ (इथियोपिया)
💡 रोचक तथ्य: भारत में जो आलू और टमाटर आज हम रोज खाते हैं, वे वास्तव में दक्षिण अमेरिका (पेरू, मेक्सिको) से 16वीं-17वीं सदी में आए थे!
🕌 धर्मों और विचारों का प्रसार:
| धर्म/विचार | उत्पत्ति स्थान | प्रसार |
|---|---|---|
| बौद्ध धर्म | भारत | चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, म्यांमार |
| इस्लाम | अरब (मक्का) | मध्य एशिया, भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका |
| ईसाई धर्म | फिलीस्तीन | यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका, एशिया |
3. 19वीं सदी में वैश्वीकरण (1815-1914)
🔄 तीन प्रकार की गतिविधियाँ
19वीं सदी में वैश्वीकरण तीन मुख्य रूपों में हुआ:
📦 1. व्यापार (Trade)
वस्तुओं का अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान
- कपास, अनाज, कच्चा माल
- औद्योगिक उत्पाद
- खाद्य पदार्थ
👷 2. श्रम प्रवासन (Labour)
रोजगार के लिए लोगों का स्थानांतरण
- भारत → कैरेबियन, मॉरीशस, फिजी
- चीन → दक्षिण-पूर्व एशिया
- यूरोप → अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया
💰 3. पूंजी प्रवाह (Capital)
निवेश के लिए धन का स्थानांतरण
- ब्रिटिश पूंजी → रेलवे निर्माण
- खदानों में निवेश
- बागानों में निवेश
⚙️ तकनीकी विकास और परिवहन क्रांति
| तकनीक | वर्ष | प्रभाव |
|---|---|---|
| 🚂 रेलवे | 1830s | तेज और सस्ता परिवहन, बाजारों का विस्तार |
| 🚢 स्टीम शिप | 1840s-50s | महासागरीय व्यापार में तेजी |
| 📞 टेलीग्राफ | 1850s-60s | तुरंत संचार, व्यापारिक निर्णय में तेजी |
| ❄️ रेफ्रिजरेशन | 1870s | खराब होने वाले खाद्य पदार्थों का लंबी दूरी तक परिवहन |
| ⛏️ खनन तकनीक | 1880s | अधिक उत्पादन, सस्ती धातुएं |
⛓️ ग़िरमिटिया मजदूर (Indentured Labour)
📝 ग़िरमिटिया (Girmitiya) का अर्थ:
अंग्रेजी शब्द "Agreement" से बना। वे मजदूर जो एक अनुबंध (contract) के तहत विदेश में काम करने गए।
📊 ग़िरमिटिया प्रणाली की विशेषताएं:
- अवधि: 5 वर्षों के लिए अनुबंध
- स्रोत: मुख्यतः भारत और चीन
- गंतव्य: कैरेबियन द्वीप (ट्रिनिडाड, गुयाना), मॉरीशस, फिजी, मलाया
- कार्य: गन्ने, रबर, चाय के बागानों में
- स्थिति: गुलामी के बाद सस्ते श्रम की व्यवस्था
⚠️ समस्याएं और कठिनाइयाँ:
- कठोर परिश्रम और लंबे काम के घंटे
- कम वेतन और खराब रहन-सहन
- अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन
- परिवार से अलगाव
- भेदभाव और शोषण
| देश | भारतीय प्रवासी (लगभग) | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| मॉरीशस | 4,50,000 | गन्ना बागान |
| ट्रिनिडाड | 1,43,000 | गन्ना बागान |
| गुयाना | 2,39,000 | गन्ना बागान |
| फिजी | 60,000 | गन्ना बागान |
| सूरीनाम | 34,000 | गन्ना बागान |
💡 महत्वपूर्ण: आज इन देशों में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी संख्या है। मॉरीशस में 68% जनसंख्या भारतीय मूल की है।
🦠 रिंडरपेस्ट (Rinderpest) - अफ्रीका की त्रासदी
रिंडरपेस्ट एक घातक पशु रोग था जो 1880s-90s में अफ्रीका में फैला। यह बीमारी ब्रिटिश सैनिकों के साथ इटली से आई।
📉 प्रभाव:
- 90% मवेशी मर गए
- आजीविका नष्ट हो गई
- भुखमरी और गरीबी
- अफ्रीकी समाज का पतन
⛓️ उपनिवेशवादियों का लाभ:
- मजबूर मजदूर मिले
- सस्ता श्रम
- खदानों में काम
- बागानों में काम
⚡ Note: रिंडरपेस्ट ने उपनिवेशवाद को मजबूत किया क्योंकि अफ्रीकी लोग जीने के लिए यूरोपीय लोगों के लिए काम करने को मजबूर हुए।
4. महामंदी (Great Depression 1929-1935)
📉 महामंदी क्या थी?
महामंदी (Great Depression) 20वीं सदी की सबसे बड़ी आर्थिक मंदी थी। यह 1929 में अमेरिका से शुरू हुई और पूरे विश्व में फैल गई।
📅 महामंदी की Timeline:
📊 1920s - समृद्धि का दौर
- अमेरिका में तेजी से आर्थिक विकास
- उत्पादन में वृद्धि
- लोगों ने बड़ी मात्रा में कर्ज लिया
- शेयर बाजार में अत्यधिक निवेश
💥 24 October 1929 - Black Thursday
न्यूयॉर्क शेयर बाजार की दुर्घटना (Stock Market Crash) - एक दिन में शेयरों की कीमतें गिर गईं। लाखों लोग बर्बाद हो गए।
📉 1930-1933 - सबसे बुरा दौर
- बैंक दिवालिया हो गए
- कारखाने बंद हो गए
- व्यापार ठप हो गया
- बेरोजगारी आसमान छू गई
🔄 1933-1939 - धीरे-धीरे सुधार
New Deal नीति (अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट द्वारा) - सरकारी हस्तक्षेप से अर्थव्यवस्था में सुधार।
🌍 महामंदी का विश्वव्यापी प्रभाव:
| देश/क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| 🇺🇸 अमेरिका |
• बेरोजगारी: 25% (1933 में) • औद्योगिक उत्पादन: 50% गिरावट • 13 मिलियन लोग बेरोजगार |
| 🇩🇪 जर्मनी |
• बेरोजगारी: 30% • आर्थिक संकट → नाज़ीवाद का उदय • हिटलर सत्ता में आया (1933) |
| 🇬🇧 ब्रिटेन |
• बेरोजगारी: 20% • निर्यात में गिरावट • औपनिवेशिक व्यापार प्रभावित |
| 🇮🇳 भारत |
• कृषि उत्पादों की कीमतें गिरीं • गेहूं: 50% गिरावट • किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ा • ग्रामीण अशांति |
| 🌏 एशिया/अफ्रीका |
• कच्चे माल की कीमतें गिरीं • निर्यात घटा • गरीबी बढ़ी |
🔍 महामंदी के कारण:
- अत्यधिक उत्पादन (Overproduction): मांग से ज्यादा उत्पादन → कीमतें गिरीं
- कृषि संकट: किसानों की आय घटी → खरीद शक्ति कम हुई
- शेयर बाजार का बुलबुला: वास्तविक मूल्य से ज्यादा निवेश
- आय की असमानता: अमीर-गरीब का बढ़ता अंतर
- बैंकों की कमजोरी: लोगों ने जमा राशि निकाली → बैंक दिवालिया
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में कमी: protectionism और टैरिफ
💡 समाधान के प्रयास:
🇺🇸 New Deal (नई व्यवस्था) - 1933
राष्ट्रपति Franklin D. Roosevelt द्वारा शुरू की गई सुधार नीतियां:
- सरकारी नौकरियों का सृजन (Public Works)
- बैंकों का नियमन
- मजदूरों के अधिकार
- सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम
- बुनियादी ढांचे में निवेश
⚠️ दीर्घकालिक प्रभाव:
- विश्व युद्ध II के कारणों में से एक
- नाज़ीवाद और फासीवाद का उदय
- अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की आवश्यकता महसूस हुई
- सरकार की आर्थिक भूमिका में वृद्धि
5. युद्धोत्तर अर्थव्यवस्था (Post-War Economy)
🕊️ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद (1945 के बाद)
विश्व युद्ध II की समाप्ति के बाद, दुनिया ने एक नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया।
🏛️ ब्रेटन वुड्स प्रणाली (Bretton Woods System) - 1944
जुलाई 1944 में अमेरिका के ब्रेटन वुड्स (New Hampshire) में 44 देशों का सम्मेलन हुआ। उद्देश्य: स्थिर अंतर्राष्ट्रीय मौद्रिक प्रणाली बनाना।
🏦 IMF (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष)
स्थापना: 1945
उद्देश्य:
- विनिमय दर स्थिरता
- भुगतान संतुलन संकट में मदद
- अल्पकालिक ऋण
🌍 World Bank (विश्व बैंक)
स्थापना: 1945
उद्देश्य:
- युद्ध से तबाह देशों का पुनर्निर्माण
- विकास परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक ऋण
- गरीबी उन्मूलन
💵 निश्चित विनिमय दर प्रणाली (Fixed Exchange Rate):
- सभी मुद्राएं US Dollar से जुड़ीं
- US Dollar सोने से जुड़ा (1 ounce gold = $35)
- यह प्रणाली 1971 तक चली
❄️ शीत युद्ध का प्रभाव (Cold War Impact)
🇺🇸 पश्चिमी गुट (Western Bloc)
नेतृत्व: अमेरिका
आर्थिक व्यवस्था: पूंजीवाद
- मुक्त बाजार
- निजी संपत्ति
- NATO सदस्य
🇷🇺 पूर्वी गुट (Eastern Bloc)
नेतृत्व: सोवियत संघ
आर्थिक व्यवस्था: समाजवाद
- नियोजित अर्थव्यवस्था
- सार्वजनिक संपत्ति
- Warsaw Pact सदस्य
🌏 विकासशील देशों का संघर्ष
📊 G-77 (Group of 77)
1964 में 77 विकासशील देशों ने मिलकर एक समूह बनाया। उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था में अपनी आवाज उठाना।
🔄 NIEO (New International Economic Order)
मांगें:
- कच्चे माल के उचित मूल्य
- विकसित देशों से तकनीक हस्तांतरण
- विकासशील देशों में अधिक निवेश
- अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व
📈 1970s के बाद परिवर्तन
| दशक | प्रमुख घटनाएं |
|---|---|
| 1970s |
• 1971: ब्रेटन वुड्स प्रणाली समाप्त • तेल संकट (1973, 1979) • मुद्रास्फीति बढ़ी |
| 1980s |
• चीन ने आर्थिक सुधार शुरू किए (1978 से) • सोवियत संघ का पेरेस्त्रोइका • वैश्वीकरण की गति तेज |
| 1990s |
• 1991: सोवियत संघ का विघटन • भारत में आर्थिक उदारीकरण (1991) • WTO की स्थापना (1995) • इंटरनेट क्रांति |
| 2000s |
• चीन और भारत का तेज आर्थिक विकास • वैश्वीकरण का चरम • 2008: वैश्विक वित्तीय संकट |
6. महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1: रेशम मार्ग (Silk Route) का क्या महत्व था?
उत्तर:
रेशम मार्ग प्राचीन व्यापार मार्गों का जाल था जो एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ता था। इसका महत्व:
- व्यापारिक: रेशम, मसाले, चीनी मिट्टी, कपास आदि का व्यापार
- सांस्कृतिक: विभिन्न सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान
- धार्मिक: बौद्ध धर्म, इस्लाम और ईसाई धर्म का प्रसार
- प्रौद्योगिकी: कागज, छपाई, बारूद जैसी तकनीकों का प्रसार
- खाद्य पदार्थ: नए खाद्य पदार्थों का प्रसार (आलू, मक्का, टमाटर आदि)
प्रश्न 2: 19वीं सदी में कौन-सी तीन प्रकार की गतिविधियां वैश्वीकरण से जुड़ी थीं?
उत्तर:
-
व्यापार (Trade Flows):
- वस्तुओं का अंतर्राष्ट्रीय आदान-प्रदान
- कपास, गेहूं, चाय, रबर आदि का निर्यात
- औद्योगिक वस्तुओं का आयात
-
श्रम प्रवासन (Labour Migration):
- ग़िरमिटिया मजदूरों का प्रवासन
- भारत से कैरेबियन, मॉरीशस, फिजी
- चीन से दक्षिण-पूर्व एशिया
-
पूंजी प्रवाह (Capital Flows):
- निवेश के लिए धन का स्थानांतरण
- ब्रिटिश पूंजी का रेलवे, खदानों में निवेश
- बागानों में पूंजी निवेश
प्रश्न 3: रिंडरपेस्ट (Rinderpest) क्या था और इसका अफ्रीका पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर:
रिंडरपेस्ट एक घातक पशु रोग था जो 1880-90 के दशक में अफ्रीका में फैला। यह बीमारी ब्रिटिश सैनिकों के साथ इटली से आई थी।
प्रभाव:
- मवेशियों की मृत्यु: 90% मवेशी मर गए
- आजीविका का नाश: अफ्रीकी लोगों की आजीविका खत्म हो गई
- भुखमरी: खाद्य संकट और भुखमरी फैली
- मजबूर श्रम: लोग जीवित रहने के लिए यूरोपीय बागानों और खदानों में काम करने को मजबूर हुए
- उपनिवेशवाद को बल: यूरोपीय लोगों को सस्ता श्रम मिल गया
- सामाजिक व्यवस्था का पतन: अफ्रीकी समाज की पारंपरिक व्यवस्था नष्ट हो गई
प्रश्न 4: ग़िरमिटिया मजदूर (Indentured Labour) कौन थे? उनकी स्थिति कैसी थी?
उत्तर:
ग़िरमिटिया शब्द अंग्रेजी के "Agreement" से बना है। ये वे मजदूर थे जो एक अनुबंध (contract) के तहत विदेश में काम करने गए।
विशेषताएं:
- 5 वर्ष के अनुबंध के लिए विदेश भेजे गए
- मुख्यतः भारत और चीन से
- गन्ने, रबर, चाय के बागानों में काम
- कैरेबियन द्वीप, मॉरीशस, फिजी, मलाया आदि में भेजे गए
उनकी कठिन स्थिति:
- कठोर परिश्रम और लंबे काम के घंटे (12-14 घंटे प्रतिदिन)
- बहुत कम वेतन
- खराब रहन-सहन की स्थिति
- अनुबंध की शर्तों का अक्सर उल्लंघन
- परिवार से अलगाव
- जातीय और सामाजिक भेदभाव
- शारीरिक दंड और शोषण
प्रश्न 5: महामंदी (Great Depression) के कारण और प्रभाव बताइए।
उत्तर:
कारण:
- अत्यधिक उत्पादन: मांग से ज्यादा वस्तुओं का उत्पादन
- शेयर बाजार की दुर्घटना: 1929 में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज की दुर्घटना
- बैंकों की विफलता: लोगों ने पैसा निकाला, बैंक दिवालिया हो गए
- कृषि संकट: कृषि उत्पादों की कीमतों में गिरावट
- आय असमानता: अमीर-गरीब का बढ़ता अंतर
प्रभाव:
- बेरोजगारी: अमेरिका में 25%, जर्मनी में 30%
- औद्योगिक उत्पादन में कमी: 50% तक गिरावट
- व्यापार में कमी: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार 2/3 घट गया
- राजनीतिक परिणाम: जर्मनी में नाज़ीवाद का उदय
- भारत पर प्रभाव: कृषि उत्पादों की कीमतों में 50% गिरावट, किसानों पर कर्ज का बोझ
- द्वितीय विश्व युद्ध: महामंदी विश्व युद्ध II के कारणों में से एक थी
प्रश्न 6: ब्रेटन वुड्स प्रणाली (Bretton Woods System) क्या थी?
उत्तर:
जुलाई 1944 में अमेरिका के ब्रेटन वुड्स में 44 देशों का एक सम्मेलन हुआ। इसका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक स्थिर अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था बनाना था।
मुख्य विशेषताएं:
- IMF की स्थापना: विनिमय दर स्थिरता और भुगतान संतुलन में मदद के लिए
- विश्व बैंक की स्थापना: युद्ध से तबाह देशों के पुनर्निर्माण के लिए
- निश्चित विनिमय दर: सभी मुद्राएं US Dollar से जुड़ीं
- सोने का मानक: US Dollar सोने से जुड़ा (1 ounce = $35)
महत्व:
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में स्थिरता
- आर्थिक सहयोग को बढ़ावा
- महामंदी जैसे संकट से बचाव
- अमेरिकी Dollar विश्व मुद्रा बना
💡 नोट: यह प्रणाली 1971 तक चली, जब अमेरिकी राष्ट्रपति Nixon ने Dollar को सोने से अलग कर दिया।
7. बोर्ड परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
📝 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
Q1. विश्व अर्थव्यवस्था पर महामंदी के प्रभाव की व्याख्या कीजिए।
या
Explain the impact of the Great Depression on the world economy.
Q2. 19वीं सदी में वैश्वीकरण की प्रक्रिया में तकनीक की क्या भूमिका थी?
Q3. ग़िरमिटिया मजदूर प्रणाली का वर्णन कीजिए। इसके क्या परिणाम हुए?
📝 लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
Q1. रेशम मार्ग के महत्व को समझाइए।
Q2. ब्रेटन वुड्स प्रणाली क्या थी?
Q3. G-77 और NIEO की मांगों का वर्णन कीजिए।
Q4. रिंडरपेस्ट का अफ्रीकी अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?
📝 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)
Q1. महामंदी कब शुरू हुई?
उत्तर: 1929
Q2. ब्रेटन वुड्स सम्मेलन कब हुआ?
उत्तर: जुलाई 1944
Q3. G-77 की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1964
Q4. रिंडरपेस्ट कहां फैली?
उत्तर: अफ्रीका (1890s)
Q5. IMF की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1945
Q6. विश्व बैंक की स्थापना कब हुई?
उत्तर: 1945
💡 परीक्षा में अच्छे अंक के लिए Tips:
- तिथियां याद रखें: 1929 (महामंदी), 1944 (ब्रेटन वुड्स), 1964 (G-77)
- आंकड़े दें: 90% मवेशी (रिंडरपेस्ट), 25% बेरोजगारी (अमेरिका), 50% गिरावट (कीमतें)
- उदाहरण दें: मॉरीशस, ट्रिनिडाड (ग़िरमिटिया), नाज़ीवाद (महामंदी का परिणाम)
- मानचित्र बनाएं: रेशम मार्ग, प्रवासन मार्ग
- तुलना करें: पूर्व-आधुनिक vs आधुनिक वैश्वीकरण
- कारण-प्रभाव: हर घटना के कारण और परिणाम स्पष्ट करें
- विस्तार से लिखें: 5 अंक के प्रश्न में कम से कम 2 पेज लिखें
📚 महत्वपूर्ण शब्दावली (Key Terms)
भूमंडलीकरण
Globalization - विश्व के विभिन्न भागों का आपस में जुड़ना
ग़िरमिटिया
Indentured Labour - अनुबंध के तहत काम करने वाले मजदूर
महामंदी
Great Depression - 1929-35 की वैश्विक आर्थिक मंदी
रिंडरपेस्ट
Rinderpest - पशुओं की घातक बीमारी
ब्रेटन वुड्स
Bretton Woods - 1944 की अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था
G-77
Group of 77 - विकासशील देशों का समूह (1964)
NIEO
New International Economic Order - नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था
IMF
International Monetary Fund - अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
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