हमारा पर्यावरण कक्षा 10 | Our Environment Notes RBSE NCERT Hindi PDF 2025

📅 Thursday, 1 January 2026 📖 3-5 min read
अध्याय 15 - हमारा पर्यावरण

🌍 अध्याय 15: हमारा पर्यावरण (Our Environment)

कक्षा 10 विज्ञान | RBSE/NCERT | Marwari Mission 100™ | पढ़ेगा राजस्थान, बढ़ेगा राजस्थान 🚀
📋 अध्याय सारांश
विषय:
पारिस्थितिकी
ऊर्जा प्रवाह:
एकदिशीय (10%)
पोषी स्तर:
4-5 स्तर
ओजोन परत:
समताप मंडल
ओजोन सूत्र:
O₃
CFC:
ओजोन नाशक
जैव निम्नीकरणीय:
सड़नशील
अजैव निम्नीकरणीय:
प्लास्टिक, कांच

1. पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem)

पारिस्थितिक तंत्र किसी क्षेत्र के सभी जीवों (जैविक घटक) और उनके भौतिक वातावरण (अजैविक घटक) का एक परस्पर क्रियाशील तंत्र है। यह शब्द A.G. Tansley (1935) ने दिया।

🔬 पारिस्थितिक तंत्र के उदाहरण:
  • प्राकृतिक: वन, तालाब, झील, समुद्र, घास का मैदान, मरुस्थल
  • कृत्रिम: बगीचा, खेत, एक्वेरियम, फसल क्षेत्र
पारिस्थितिक तंत्र के घटक पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) अजैविक घटक (Abiotic) जैविक घटक (Biotic) जलवायु ताप, प्रकाश वर्षा, आर्द्रता मृदा/जल खनिज, pH जल, वायु भौगोलिक ऊँचाई, ढाल अक्षांश उत्पादक 🌿 हरे पौधे स्वपोषी T₁ (प्रथम) उपभोक्ता 🐄 शाकाहारी मांसाहारी T₂, T₃, T₄ अपघटक 🍄 जीवाणु, कवक मृतजीवी पुनर्चक्रण निर्जीव कारक सजीव कारक ☀️ सूर्य → उत्पादक → उपभोक्ता → अपघटक
चित्र 1: पारिस्थितिक तंत्र के जैविक और अजैविक घटक

1.1 जैविक घटकों का वर्गीकरण

घटक पोषण प्रकार उदाहरण कार्य
उत्पादक (Producers) स्वपोषी (Autotrophs) हरे पौधे, शैवाल, नीले-हरे जीवाणु प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन निर्माण
प्राथमिक उपभोक्ता (T₂) परपोषी - शाकाहारी गाय, हिरण, खरगोश, टिड्डा पौधों को खाते हैं
द्वितीयक उपभोक्ता (T₃) परपोषी - मांसाहारी मेंढक, छोटी मछली, छिपकली शाकाहारियों को खाते हैं
तृतीयक उपभोक्ता (T₄) परपोषी - उच्च मांसाहारी साँप, बड़ी मछली, बाज द्वितीयक को खाते हैं
अपघटक (Decomposers) मृतजीवी (Saprotrophs) जीवाणु, कवक (फफूंद) मृत जीवों का अपघटन, पोषक पुनर्चक्रण

2. खाद्य श्रृंखला (Food Chain)

खाद्य श्रृंखला जीवों की वह श्रृंखला है जिसमें एक जीव दूसरे को खाता है और स्वयं तीसरे का भोजन बनता है। इसमें ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है।

खाद्य श्रृंखला (Food Chain) - घास का मैदान ☀️ सूर्य घास 🌿 उत्पादक (T₁) 100% टिड्डा 🦗 प्राथमिक (T₂) 10% मेंढक 🐸 द्वितीयक (T₃) 1% साँप 🐍 तृतीयक (T₄) 0.1% 10% नियम: प्रत्येक स्तर पर केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित
चित्र 2: खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा प्रवाह और 10% नियम
💡 10% का नियम (Lindeman's Rule):

एक पोषी स्तर से दूसरे पोषी स्तर में केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है। शेष 90% ऊर्जा जीवन क्रियाओं (श्वसन, गति, उत्सर्जन) में खर्च हो जाती है।

उदाहरण: यदि उत्पादक में 10,000 J ऊर्जा है, तो:

  • T₁ (उत्पादक) = 10,000 J
  • T₂ (शाकाहारी) = 1,000 J (10%)
  • T₃ (मांसाहारी) = 100 J (1%)
  • T₄ (उच्च मांसाहारी) = 10 J (0.1%)

2.1 खाद्य श्रृंखला के प्रकार

प्रकार आरंभ उदाहरण
चराई खाद्य श्रृंखला हरे पौधों से घास → हिरण → शेर
अपरद खाद्य श्रृंखला मृत पदार्थों से पत्ती (मृत) → केंचुआ → मुर्गी → बिल्ली

3. खाद्य जाल (Food Web)

प्रकृति में एक जीव कई खाद्य श्रृंखलाओं का भाग होता है। इन परस्पर जुड़ी खाद्य श्रृंखलाओं के जाल को खाद्य जाल कहते हैं। यह पारिस्थितिक तंत्र को स्थायित्व प्रदान करता है।

खाद्य जाल (Food Web) घास 🌿 पौधे 🌱 फल 🍎 खरगोश 🐰 हिरण 🦌 चूहा 🐭 साँप 🐍 लोमड़ी 🦊 बाज/शेर 🦅 खाद्य जाल के लाभ: • पारिस्थितिक स्थायित्व • वैकल्पिक भोजन स्रोत • प्रजाति संतुलन • ऊर्जा प्रवाह के कई मार्ग • जैव विविधता संरक्षण T₁ T₂ T₃ T₄
चित्र 3: खाद्य जाल - परस्पर जुड़ी खाद्य श्रृंखलाएं

4. जैव संकेंद्रण / जैव आवर्धन (Biomagnification)

जैव संकेंद्रण वह प्रक्रिया है जिसमें हानिकारक रसायन (जैसे DDT, पारा) खाद्य श्रृंखला के प्रत्येक उच्च स्तर पर बढ़ती सांद्रता में एकत्रित होते जाते हैं।

जैव आवर्धन (Biomagnification) - DDT का उदाहरण जल 💧 0.003 ppm प्लवक 🦠 0.04 ppm छोटी मछली 🐟 0.5 ppm बड़ी मछली 🐠 2 ppm पक्षी/मनुष्य 🦅 25 ppm ⬆️ सांद्रता बढ़ती है (8000 गुना) DDT अजैव निम्नीकरणीय है - शरीर में जमा होता रहता है
चित्र 4: जैव आवर्धन - खाद्य श्रृंखला में DDT की बढ़ती सांद्रता
⚠️ जैव आवर्धन के दुष्प्रभाव:
  • शीर्ष उपभोक्ताओं (मनुष्य, पक्षी) में सर्वाधिक हानि
  • DDT से पक्षियों के अंडों का खोल पतला → प्रजनन क्षमता कम
  • कैंसर, तंत्रिका तंत्र विकार, जन्म दोष
  • बाज, गिद्ध जैसी प्रजातियों की संख्या में कमी

5. अपशिष्ट पदार्थों का वर्गीकरण

विशेषता जैव निम्नीकरणीय (Biodegradable) अजैव निम्नीकरणीय (Non-biodegradable)
परिभाषा जीवाणुओं द्वारा अपघटित होने वाले जीवाणुओं द्वारा अपघटित न होने वाले
उदाहरण सब्जी, फल, कागज, लकड़ी, गोबर, पत्ते प्लास्टिक, कांच, धातु, DDT, पॉलिथीन
अपघटन समय कुछ दिनों से महीनों में सैकड़ों-हजारों वर्ष या कभी नहीं
पर्यावरण प्रभाव कम हानिकारक, पोषक चक्र में सहायक अत्यधिक हानिकारक, प्रदूषण कारक
निपटान कम्पोस्ट, बायोगैस पुनर्चक्रण, भूमि भराव
जैव आवर्धन नहीं होता होता है (DDT, पारा)

6. ओजोन परत (Ozone Layer)

ओजोन (O₃) ऑक्सीजन का एक अपररूप है जो समताप मंडल (15-35 km ऊँचाई) में पाया जाता है। यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों (UV) को अवशोषित करता है।

ओजोन परत और इसका क्षरण ☀️ सूर्य UV किरणें ओजोन परत O₃ 15-35 km पृथ्वी 🌍 सुरक्षित किरणें ओजोन का निर्माण: O₂ + UV → O + O (ऑक्सीजन विखंडन) O + O₂ → O₃ (ओजोन निर्माण) यह चक्र निरंतर चलता रहता है ओजोन क्षरण (CFC द्वारा): CFC + UV → Cl + अन्य Cl + O₃ → ClO + O₂ 1 Cl परमाणु = 1 लाख O₃ नष्ट
चित्र 5: ओजोन परत - UV किरणों से पृथ्वी की सुरक्षा और CFC द्वारा क्षरण
🛡️ ओजोन परत का महत्व:
  • UV-B और UV-C किरणों को रोकती है
  • त्वचा कैंसर से सुरक्षा
  • मोतियाबिंद से बचाव
  • पौधों और प्लवकों की सुरक्षा
  • पारिस्थितिक संतुलन
⚠️ ओजोन क्षरण के कारण:
  • CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) - AC, रेफ्रिजरेटर
  • हैलोन - अग्निशामक
  • कार्बन टेट्राक्लोराइड
  • मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड
  • ओजोन छिद्र: अंटार्कटिका में
🌍 UNEP और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987):

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने 1987 में मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पारित किया जिसमें CFC के उत्पादन और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया। भारत ने 1992 में इस पर हस्ताक्षर किए। 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है।

7. पारिस्थितिक पिरामिड (Ecological Pyramid)

पोषी स्तरों के क्रमबद्ध चित्रण को पारिस्थितिक पिरामिड कहते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं।

पारिस्थितिक पिरामिड ऊर्जा का पिरामिड (सदैव सीधा) T₄: 10J T₃: 100J T₂: 1000J T₁: 10000J संख्या का पिरामिड (उल्टा भी हो सकता) पक्षी: 1000 कीट: 10000 पेड़: 1 (वृक्ष पारितंत्र - उल्टा) जैवभार का पिरामिड (जलीय में उल्टा) 5 kg 50 kg 500 kg 5000 kg (स्थलीय - सीधा)
चित्र 6: पारिस्थितिक पिरामिड - ऊर्जा, संख्या और जैवभार
पिरामिड आधार सीधा/उल्टा उदाहरण
ऊर्जा का पिरामिड ऊर्जा (J/kJ) सदैव सीधा 10% नियम के कारण
संख्या का पिरामिड जीवों की संख्या सीधा या उल्टा वृक्ष पारितंत्र में उल्टा
जैवभार का पिरामिड शुष्क भार (kg) सीधा या उल्टा जलीय पारितंत्र में उल्टा

8. संख्यात्मक प्रश्न

Q1. एक खाद्य श्रृंखला में उत्पादक स्तर पर 20,000 J ऊर्जा है। प्राथमिक और द्वितीयक उपभोक्ता को कितनी ऊर्जा मिलेगी?

हल: 10% नियम से:
T₁ (उत्पादक) = 20,000 J
T₂ (प्राथमिक उपभोक्ता) = 20,000 × 10% = 2,000 J
T₃ (द्वितीयक उपभोक्ता) = 2,000 × 10% = 200 J

Q2. यदि तृतीयक उपभोक्ता को 100 J ऊर्जा मिलती है, तो उत्पादक स्तर पर कितनी ऊर्जा थी?

हल: उल्टे क्रम में:
T₄ = 100 J
T₃ = 100 × 10 = 1,000 J
T₂ = 1,000 × 10 = 10,000 J
T₁ = 10,000 × 10 = 1,00,000 J = 100 kJ

Q3. एक खाद्य श्रृंखला में 4 पोषी स्तर हैं। यदि उत्पादक में 50,000 J ऊर्जा है तो शीर्ष उपभोक्ता को कितनी मिलेगी?

हल: T₁ = 50,000 J → T₂ = 5,000 J → T₃ = 500 J → T₄ = 50 J
या सूत्र से: 50,000 × (10%)³ = 50,000 × 0.001 = 50 J

9. महत्वपूर्ण MCQs

1. पारिस्थितिक तंत्र शब्द किसने दिया: (a) ओडम (b) टांसले (c) लिंडमैन (d) हैकल → उत्तर: (b) A.G. Tansley
2. 10% का नियम किसने दिया: (a) ओडम (b) टांसले (c) लिंडमैन (d) हैकल → उत्तर: (c) Lindeman
3. खाद्य श्रृंखला में ऊर्जा प्रवाह: (a) द्विदिशीय (b) एकदिशीय (c) बहुदिशीय (d) चक्रीय → उत्तर: (b)
4. ओजोन परत कहाँ पाई जाती है: (a) क्षोभमंडल (b) समताप मंडल (c) मध्यमंडल (d) आयनमंडल → उत्तर: (b)
5. ओजोन का रासायनिक सूत्र: (a) O (b) O₂ (c) O₃ (d) O₄ → उत्तर: (c)
6. CFC का पूर्ण नाम: (a) क्लोरोफ्लोरोकार्बन (b) कार्बन फ्लोरो क्लोराइड (c) क्लोरीन फ्लोरीन कार्बन (d) इनमें से कोई नहीं → उत्तर: (a)
7. जैव निम्नीकरणीय पदार्थ है: (a) प्लास्टिक (b) DDT (c) कागज (d) पॉलिथीन → उत्तर: (c)
8. अजैव निम्नीकरणीय पदार्थ है: (a) गोबर (b) पत्ते (c) कागज (d) प्लास्टिक → उत्तर: (d)
9. सदैव सीधा पिरामिड: (a) संख्या (b) जैवभार (c) ऊर्जा (d) सभी → उत्तर: (c)
10. प्राथमिक उपभोक्ता हैं: (a) मांसाहारी (b) शाकाहारी (c) सर्वाहारी (d) अपघटक → उत्तर: (b)
11. अपघटक के उदाहरण: (a) पौधे (b) शाकाहारी (c) जीवाणु, कवक (d) मांसाहारी → उत्तर: (c)
12. विश्व ओजोन दिवस: (a) 5 जून (b) 22 अप्रैल (c) 16 सितंबर (d) 21 मार्च → उत्तर: (c)
13. जैव आवर्धन में सांद्रता: (a) घटती है (b) बढ़ती है (c) समान रहती है (d) शून्य होती है → उत्तर: (b)
14. उत्पादक का पोषी स्तर: (a) T₁ (b) T₂ (c) T₃ (d) T₄ → उत्तर: (a)
15. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल संबंधित है: (a) जल प्रदूषण (b) वायु प्रदूषण (c) ओजोन क्षरण (d) ग्लोबल वार्मिंग → उत्तर: (c)
16. ओजोन छिद्र कहाँ है: (a) उत्तरी ध्रुव (b) दक्षिणी ध्रुव (c) भूमध्य रेखा (d) भारत → उत्तर: (b) अंटार्कटिका

📋 Quick Revision

पारिस्थितिक तंत्र: जैविक (उत्पादक, उपभोक्ता, अपघटक) + अजैविक (जलवायु, मृदा)

खाद्य श्रृंखला: उत्पादक → शाकाहारी → मांसाहारी → उच्च मांसाहारी | ऊर्जा प्रवाह = एकदिशीय

10% नियम (Lindeman): प्रत्येक स्तर पर केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित

जैव आवर्धन: DDT, पारा जैसे रसायन खाद्य श्रृंखला में ऊपर जाने पर बढ़ते हैं

ओजोन (O₃): समताप मंडल (15-35 km) | UV किरणों को रोकती है | CFC से क्षरण

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल: 1987 | CFC पर प्रतिबंध | 16 सितंबर = ओजोन दिवस

पारिस्थितिक पिरामिड: ऊर्जा = सदैव सीधा | संख्या/जैवभार = उल्टा भी हो सकता

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मार्गदर्शक: श्री सुरेन्द्र सिंह चौहान | © ncertclasses.com

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