मानव उत्सर्जन तंत्र (Human Excretory System)
🇬🇧 English Medium Students: Click Here for English Versionउत्सर्जन तंत्र शरीर की वह जैविक प्रणाली है जो चयापचय (Metabolism) के दौरान बनने वाले हानिकारक अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालती है। मनुष्यों में मुख्य अपशिष्ट पदार्थ यूरिया (Urea) है, जिसे वृक्क (Kidney) द्वारा रक्त से अलग किया जाता है।
नोट: यह लेख कक्षा 10 विज्ञान (NCERT) अध्याय 'जैव प्रक्रम' के अनुसार है।
उत्सर्जन तंत्र की संरचना
मानव उत्सर्जन तंत्र में निम्नलिखित अंग होते हैं:
- वृक्क (Kidneys): उदर में रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर स्थित सेम के आकार के दो अंग जो रक्त को छानते हैं।
- मूत्रवाहिनी (Ureters): दो नलियां जो मूत्र को वृक्क से मूत्राशय तक ले जाती हैं।
- मूत्राशय (Urinary Bladder): एक पेशीय थैली जहाँ मूत्र जमा होता है।
- मूत्रमार्ग (Urethra): वह नली जिससे मूत्र शरीर से बाहर निकलता है।
चित्र 1: मानव उत्सर्जन तंत्र।
वृक्काणु (Nephron): निस्यंदन इकाई
प्रत्येक वृक्क में लाखों छोटी इकाइयां होती हैं जिन्हें वृक्काणु (Nephron) कहते हैं। इसके मुख्य भाग हैं:
- बोमन संपुट (Bowman’s Capsule): यह एक प्याले जैसी रचना है जिसमें केशिका गुच्छ (Glomerulus) होता है। यहाँ रक्त छनता है।
- नलिकाकार भाग: यहाँ शरीर के लिए उपयोगी पदार्थों (ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, जल) का पुनः अवशोषण होता है।
कृत्रिम वृक्क (अपोहन/Dialysis):
वृक्क खराब होने की स्थिति में, रक्त से नाइट्रोजनी अपशिष्टों को बाहर निकालने के लिए एक कृत्रिम मशीन का उपयोग किया जाता है, जिसे डायलिसिस कहते हैं।
वृक्क खराब होने की स्थिति में, रक्त से नाइट्रोजनी अपशिष्टों को बाहर निकालने के लिए एक कृत्रिम मशीन का उपयोग किया जाता है, जिसे डायलिसिस कहते हैं।
अभ्यास प्रश्न
1. वृक्क की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई क्या है?
वृक्क की इकाई वृक्काणु (Nephron) है।
2. पादप अपशिष्ट पदार्थ कहाँ संचित करते हैं?
पादप अपशिष्ट पदार्थों को पुरानी पत्तियों, छाल और कोशिका रिक्तिकाओं (Vacuoles) में संचित करते हैं। कुछ अपशिष्ट रेजिन और गोंद के रूप में भी निकलते हैं।
संदर्भ: NCERT कक्षा 10 विज्ञान।
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