मानव हृदय: संरचना और कार्य (Human Heart)
🇬🇧 English Medium Students: Click Here for English Versionहृदय (Heart) एक पेशीय अंग है जो हमारी मुट्ठी के आकार का होता है। यह पूरे शरीर में रुधिर (Blood) को पंप करता है। चूंकि रुधिर को ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों का वहन करना होता है, इसलिए ऑक्सीजन युक्त रुधिर को कार्बन डाइऑक्साइड युक्त रुधिर से मिलने से रोकने के लिए हृदय कई कोष्ठकों (Chambers) में बंटा होता है।
हृदय की संरचना (Structure of the Heart)
मानव हृदय चार कोष्ठकों (Chambers) में विभाजित होता है:
- आलिंद (Atria): ऊपरी कोष्ठक, जिनकी भित्ति पतली होती है। ये रक्त ग्रहण करते हैं। (दायां आलिंद और बायां आलिंद)।
- निलय (Ventricles): निचले कोष्ठक, जिनकी भित्ति मोटी और पेशीय होती है क्योंकि इन्हें उच्च दाब (Pressure) के साथ रक्त को शरीर में भेजना होता है। (दायां निलय और बायां निलय)।
- विभाजिका (Septum): यह दायीं और बायीं ओर के कोष्ठकों को अलग करती है ताकि ऑक्सीजनित और विऑक्सीजनित रक्त आपस में न मिले।
- वाल्व (Valves): ये सुनिश्चित करते हैं कि रक्त केवल एक ही दिशा में बहे और पीछे की ओर (Backflow) न जाए।
(नीला = विऑक्सीजनित रुधिर, लाल = ऑक्सीजनित रुधिर)
दोहरा परिसंचरण (Double Circulation)
मनुष्यों में, रक्त को शरीर में एक बार पूरा चक्कर लगाने के लिए हृदय से दो बार गुजरना पड़ता है। इसे 'दोहरा परिसंचरण' कहते हैं।
1. फुफ्फुसीय परिसंचरण (Pulmonary Circulation)
शरीर से आया अशुद्ध (विऑक्सीजनित) रक्त दाएं आलिंद में आता है, फिर दाएं निलय में जाता है, और वहां से फेफड़ों (Lungs) में ऑक्सीजन लेने के लिए पंप कर दिया जाता है।
2. दैहिक परिसंचरण (Systemic Circulation)
फेफड़ों से शुद्ध (ऑक्सीजनित) रक्त बाएं आलिंद में आता है, फिर बाएं निलय में जाता है, और वहां से महाधमनी (Aorta) द्वारा पूरे शरीर में पंप कर दिया जाता है।
रुधिर वाहिकाएं: धमनी और शिरा (Arteries vs Veins)
| धमनी (Artery) | शिरा (Vein) |
|---|---|
| रक्त को हृदय से शरीर के अंगों तक ले जाती हैं। | रक्त को अंगों से वापस हृदय में लाती हैं। |
| भित्ति मोटी और लचीली होती है (क्योंकि रक्त दाब अधिक होता है)। | भित्ति पतली होती है। |
| इनमें वाल्व नहीं होते। | इनमें वाल्व होते हैं जो रक्त को उल्टा बहने से रोकते हैं। |
| ऑक्सीजनित रक्त बहता है (अपवाद: फुफ्फुस धमनी)। | विऑक्सीजनित रक्त बहता है (अपवाद: फुफ्फुस शिरा)। |
- बाएं निलय (Left Ventricle) की भित्ति सबसे मोटी होती है क्योंकि इसे पूरे शरीर में रक्त पंप करना होता है।
- पक्षियों और स्तनधारियों में 4 कोष्ठक होते हैं ताकि शरीर का तापमान बनाए रखने के लिए उच्च ऊर्जा मिल सके।
- मछलियों के हृदय में केवल 2 कोष्ठक होते हैं।
अभ्यास प्रश्न (Chapter Assessment)
1. स्तनधारियों में ऑक्सीजनित और विऑक्सीजनित रुधिर को अलग करना क्यों आवश्यक है?
2. दोहरे परिसंचरण का क्या अर्थ है?
3. हृदय में वाल्व (Valves) का क्या कार्य है?
Last Updated: January 2026
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