मानव श्वसन तंत्र (Human Respiratory System)
🇬🇧 English Medium Students: Click Here for English Versionमानव श्वसन तंत्र वह तंत्र है जो शरीर को ऑक्सीजन ग्रहण करने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्रक्रिया में फेफड़े (Lungs) मुख्य भूमिका निभाते हैं।
श्वसन मार्ग (Pathway of Air)
वायु शरीर में निम्नलिखित मार्ग से प्रवेश करती है:
- नासाद्वार (Nostrils): वायु यहाँ से शरीर के अंदर जाती है। यहाँ मौजूद महीन बाल धूल के कणों को रोकते हैं।
- ग्रसनी और कंठ (Pharynx & Larynx): वायु गले से होकर गुजरती है।
- श्वास नली (Trachea): यह गले से नीचे जाती है। इसमें उपास्थि के वलय (Rings of Cartilage) होते हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि वायु मार्ग निपतित (Collapse) न हो (अर्थात पिचके नहीं)।
- श्वसनी (Bronchi): श्वास नली दो भागों में बंटकर दोनों फेफड़ों में जाती है।
- कूपिका (Alveoli): अंत में मार्ग गुब्बारे जैसी रचनाओं में समाप्त होता है, जिन्हें कूपिका कहते हैं।
श्वास लेने की क्रियाविधि (Mechanism)
जब हम श्वास अंदर लेते हैं (अंतःश्वसन), तो हमारी पसलियां ऊपर उठती हैं और डायफ्राम (Diaphragm) चपटा हो जाता है। इससे वक्ष गुहा बड़ी हो जाती है और वायु फेफड़ों में भर जाती है।
फेफड़ों के अंदर, कूपिकाएं (Alveoli) सतह उपलब्ध कराती हैं जहाँ गैसों का विनिमय होता है। रुधिर वाहिकाएं O₂ ले लेती हैं और CO₂ को कूपिकाओं में छोड़ देती हैं।
- गैसों का विनिमय कूपिका (Alveoli) में होता है।
- श्वास नली में उपास्थि वलय होते हैं जो उसे पिचकने से रोकते हैं।
- हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) ऑक्सीजन का वहन करता है।
अभ्यास प्रश्न
1. श्वास नली में उपास्थि के वलयों का क्या कार्य है?
2. जलीय जीव (Aquatic animals) स्थलीय जीवों की तुलना में तेज़ सांस क्यों लेते हैं?
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