मानव श्वसन तंत्र: संरचना और कार्यविधि (Human Respiratory System Notes in Hindi)

📅 Saturday, 17 January 2026 📖 3-5 min read

मानव श्वसन तंत्र (Human Respiratory System)

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मानव श्वसन तंत्र वह तंत्र है जो शरीर को ऑक्सीजन ग्रहण करने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्रक्रिया में फेफड़े (Lungs) मुख्य भूमिका निभाते हैं।

नोट: यह लेख कक्षा 10 विज्ञान (NCERT) अध्याय 'जैव प्रक्रम' के अनुसार है।

श्वसन मार्ग (Pathway of Air)

वायु शरीर में निम्नलिखित मार्ग से प्रवेश करती है:

  1. नासाद्वार (Nostrils): वायु यहाँ से शरीर के अंदर जाती है। यहाँ मौजूद महीन बाल धूल के कणों को रोकते हैं।
  2. ग्रसनी और कंठ (Pharynx & Larynx): वायु गले से होकर गुजरती है।
  3. श्वास नली (Trachea): यह गले से नीचे जाती है। इसमें उपास्थि के वलय (Rings of Cartilage) होते हैं जो यह सुनिश्चित करते हैं कि वायु मार्ग निपतित (Collapse) न हो (अर्थात पिचके नहीं)।
  4. श्वसनी (Bronchi): श्वास नली दो भागों में बंटकर दोनों फेफड़ों में जाती है।
  5. कूपिका (Alveoli): अंत में मार्ग गुब्बारे जैसी रचनाओं में समाप्त होता है, जिन्हें कूपिका कहते हैं।
श्वास नली (Trachea) कूपिका (Alveoli) डायफ्राम (Diaphragm)
चित्र 1: मानव श्वसन तंत्र का आरेख।

श्वास लेने की क्रियाविधि (Mechanism)

जब हम श्वास अंदर लेते हैं (अंतःश्वसन), तो हमारी पसलियां ऊपर उठती हैं और डायफ्राम (Diaphragm) चपटा हो जाता है। इससे वक्ष गुहा बड़ी हो जाती है और वायु फेफड़ों में भर जाती है।

फेफड़ों के अंदर, कूपिकाएं (Alveoli) सतह उपलब्ध कराती हैं जहाँ गैसों का विनिमय होता है। रुधिर वाहिकाएं O₂ ले लेती हैं और CO₂ को कूपिकाओं में छोड़ देती हैं।

परीक्षा में याद रखने योग्य बिंदु:
  • गैसों का विनिमय कूपिका (Alveoli) में होता है।
  • श्वास नली में उपास्थि वलय होते हैं जो उसे पिचकने से रोकते हैं।
  • हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) ऑक्सीजन का वहन करता है।

अभ्यास प्रश्न

1. श्वास नली में उपास्थि के वलयों का क्या कार्य है?
उपास्थि के वलय (Rings of cartilage) यह सुनिश्चित करते हैं कि वायु मार्ग निपतित (Collapse) न हो, यानी जब वायु न हो तब भी नली खुली रहे।
2. जलीय जीव (Aquatic animals) स्थलीय जीवों की तुलना में तेज़ सांस क्यों लेते हैं?
क्योंकि जल में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा वायुमंडल की तुलना में बहुत कम होती है, इसलिए उन्हें पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए जल्दी-जल्दी श्वास लेनी पड़ती है।
संदर्भ: NCERT कक्षा 10 विज्ञान।
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