विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव कक्षा 10 | Magnetic Effects of Electric Current Notes RBSE NCERT 2025

📅 Thursday, 1 January 2026 📖 3-5 min read
अध्याय 13 - विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव

🧲 अध्याय 13: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव

Magnetic Effects of Electric Current | कक्षा 10 विज्ञान | RBSE/NCERT | Marwari Mission 100™
📋 अध्याय सारांश
विषय:
भौतिक विज्ञान
खोजकर्ता:
ऑर्स्टेड (1820)
EMI खोज:
फैराडे (1831)
मुख्य सूत्र:
F = BIL sinθ
B का मात्रक:
टेस्ला (T)
भारत AC:
220V, 50Hz
मोटर:
विद्युत → यांत्रिक
जनरेटर:
यांत्रिक → विद्युत

1. चुंबक एवं चुंबकत्व

चुंबक वह पदार्थ है जो लोहे के टुकड़ों को आकर्षित करता है। प्रत्येक चुंबक के दो ध्रुव होते हैं - उत्तरी ध्रुव (N) और दक्षिणी ध्रुव (S)। समान ध्रुवों में प्रतिकर्षण तथा विपरीत ध्रुवों में आकर्षण होता है।

चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण:

  • चुंबक के बाहर N से S तथा अंदर S से N की ओर जाती हैं
  • बंद वक्र बनाती हैं और एक-दूसरे को कभी नहीं काटतीं
  • जहाँ रेखाएं घनी होती हैं, वहाँ क्षेत्र प्रबल होता है

2. ऑर्स्टेड का प्रयोग (1820)

खोज: हैंस क्रिश्चियन ऑर्स्टेड ने 1820 में खोजा कि विद्युत धारावाही तार के पास रखी चुंबकीय सुई विक्षेपित हो जाती है। इससे सिद्ध हुआ कि विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है। धारा की दिशा बदलने पर सुई का विक्षेप भी विपरीत हो जाता है।

3. चुंबकीय क्षेत्र के पैटर्न

चालक का प्रकारक्षेत्र रेखाओं का पैटर्नविशेषता
सीधा तारसंकेंद्रीय वृत्ताकारदूरी बढ़ने पर क्षेत्र घटता है
वृत्ताकार कुंडलीकेंद्र पर सीधी समांतरफेरे बढ़ाने पर क्षेत्र बढ़ता है
परिनालिकाछड़ चुंबक जैसाअंदर एकसमान क्षेत्र

4. महत्वपूर्ण नियम

👍 दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम (सीधे तार के लिए):

यदि दाहिने हाथ में तार इस प्रकार पकड़ें कि अंगूठा धारा की दिशा में हो, तो मुड़ी हुई अंगुलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं।

✊ दक्षिण-हस्त नियम (परिनालिका के लिए):

यदि दाहिने हाथ की मुड़ी अंगुलियाँ धारा की दिशा में हों, तो अंगूठा उत्तरी ध्रुव (N) की दिशा बताता है।

परिनालिका में: B = μ₀nI
जहाँ μ₀ = 4π×10⁻⁷ T·m/A, n = फेरे प्रति मीटर, I = धारा

5. विद्युत चुंबक

विद्युत चुंबक नर्म लोहे की छड़ पर तांबे के तार की कुंडली लपेटकर बनाया जाता है। धारा प्रवाहित करने पर यह चुंबक बन जाता है और धारा बंद करने पर चुंबकत्व समाप्त हो जाता है।

विद्युत चुंबकस्थायी चुंबक
अस्थायी चुंबकत्वस्थायी चुंबकत्व
शक्ति नियंत्रित की जा सकती हैशक्ति स्थिर रहती है
ध्रुवता बदली जा सकती हैध्रुवता स्थिर रहती है
नर्म लोहा प्रयुक्तइस्पात/अलनिको प्रयुक्त
उपयोग: क्रेन, घंटी, रिलेउपयोग: कम्पास, स्पीकर

6. चुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बल

जब कोई धारावाही चालक चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो उस पर बल लगता है। यह बल धारा और क्षेत्र दोनों के लंबवत होता है।

F = BIL sinθ
F = बल (N), B = चुंबकीय क्षेत्र (T), I = धारा (A), L = लंबाई (m), θ = कोण
विशेष स्थितियाँ:
  • θ = 90° (चालक ⊥ क्षेत्र): F = BIL (अधिकतम बल)
  • θ = 0° या 180° (चालक ∥ क्षेत्र): F = 0 (शून्य बल)

🤚 फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम (Left Hand Rule):

बाएं हाथ की तीन अंगुलियों को परस्पर लंबवत फैलाएं:

  • तर्जनी (F): चुंबकीय क्षेत्र (B) की दिशा
  • मध्यमा (B): धारा (I) की दिशा
  • अंगूठा (I): बल/गति (F) की दिशा

याद रखें: FBI (Force, B-field, Current)

7. विद्युत मोटर

सिद्धांत: जब धारावाही कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है तो उस पर बल युग्म लगता है जो कुंडली को घुमाता है।

मुख्य भाग:

  • आर्मेचर (ABCD): तांबे के तार की आयताकार कुंडली
  • क्षेत्र चुंबक: स्थायी चुंबक (N-S ध्रुव)
  • विभक्त वलय (C₁, C₂): दो अर्ध-वलय - दिक्परिवर्तक का काम करते हैं
  • ब्रश (B₁, B₂): कार्बन के - विभक्त वलयों से संपर्क

कार्यविधि:

फ्लेमिंग वाम-हस्त नियम से AB भुजा पर नीचे और CD भुजा पर ऊपर बल लगता है। यह बल युग्म कुंडली को घुमाता है। आधे चक्कर बाद विभक्त वलय धारा की दिशा बदल देते हैं जिससे कुंडली लगातार एक ही दिशा में घूमती रहती है।

विद्युत ऊर्जा → यांत्रिक ऊर्जा
उपयोग: पंखे, मिक्सर, वाशिंग मशीन, कूलर, इलेक्ट्रिक वाहन

8. विद्युत चुंबकीय प्रेरण (EMI)

खोज: माइकल फैराडे (1831)

फैराडे का नियम: जब किसी कुंडली से गुजरने वाला चुंबकीय फ्लक्स बदलता है तो कुंडली में विद्युत वाहक बल (EMF) प्रेरित होता है।

फैराडे के प्रयोग:

  • चुंबक को कुंडली में आगे-पीछे करने पर धारा उत्पन्न होती है
  • कुंडली को चुंबक के पास लाने/दूर करने पर धारा उत्पन्न होती है
  • एक कुंडली में धारा बदलने पर पास की दूसरी कुंडली में प्रेरित धारा उत्पन्न होती है
e = -N(dΦ/dt)
e = प्रेरित EMF, N = फेरों की संख्या, Φ = चुंबकीय फ्लक्स, t = समय

✋ फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम (Right Hand Rule):

दाहिने हाथ की तीन अंगुलियों को परस्पर लंबवत फैलाएं:

  • तर्जनी: चुंबकीय क्षेत्र (B) की दिशा
  • अंगूठा: चालक की गति (v) की दिशा
  • मध्यमा: प्रेरित धारा (I) की दिशा

उपयोग: जनरेटर में प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करना

9. विद्युत जनरेटर

सिद्धांत: विद्युत चुंबकीय प्रेरण (EMI) - जब कुंडली को चुंबकीय क्षेत्र में घुमाया जाता है तो प्रेरित धारा उत्पन्न होती है।

यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
मोटर का विपरीत | बिजली उत्पादन का मुख्य साधन
विशेषताAC जनरेटरDC जनरेटर
वलयसर्पी वलय (Slip Rings)विभक्त वलय (Split Rings)
आउटपुटप्रत्यावर्ती धारा (AC)दिष्ट धारा (DC)
धारा दिशाहर आधे चक्कर में बदलती हैएक ही दिशा में रहती है
उपयोगपावर प्लांट, घरेलू सप्लाईबैटरी चार्जिंग, DC मोटर

मोटर vs जनरेटर:

विशेषताविद्युत मोटरविद्युत जनरेटर
सिद्धांतचुंबकीय क्षेत्र में धारावाही चालक पर बलविद्युत चुंबकीय प्रेरण (EMI)
ऊर्जा रूपांतरणविद्युत → यांत्रिकयांत्रिक → विद्युत
नियमफ्लेमिंग वाम-हस्तफ्लेमिंग दक्षिण-हस्त
इनपुटविद्युत धारायांत्रिक ऊर्जा (घूर्णन)
आउटपुटघूर्णन गतिविद्युत धारा

10. घरेलू विद्युत परिपथ

AC vs DC:

  • AC (प्रत्यावर्ती धारा): दिशा बदलती रहती है | भारत: 220V, 50 Hz
  • DC (दिष्ट धारा): एक ही दिशा में बहती है | बैटरी से प्राप्त
  • 50 Hz का अर्थ: 1 सेकंड में 50 बार पूर्ण चक्र = 100 बार दिशा बदलना

सुरक्षा उपकरण:

उपकरणकार्यविशेषता
फ्यूजअधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ता हैLive तार में लगाया जाता है
MCBस्वचालित रूप से परिपथ तोड़ता हैपुनः उपयोग योग्य
अर्थिंगलीकेज करंट को भूमि में भेजता हैधातु बॉडी से जुड़ा
शॉर्ट सर्किट: Live और Neutral तार का सीधे जुड़ना → अत्यधिक धारा → खतरा
ओवरलोडिंग: एक ही परिपथ में बहुत सारे उपकरण → अधिक धारा → तार गर्म

11. संख्यात्मक प्रश्न (Numericals)

Q1. 0.5m लंबे तार में 2A धारा बह रही है। यदि चुंबकीय क्षेत्र 0.4T है और θ=90°, तो बल ज्ञात करें।

हल: F = BIL sinθ = 0.4 × 2 × 0.5 × sin90° = 0.4 × 2 × 0.5 × 1 = 0.4 N

Q2. एक चालक की लंबाई 1m, धारा 5A, चुंबकीय क्षेत्र 0.2T और θ=30° है। बल ज्ञात करें।

हल: F = BIL sinθ = 0.2 × 5 × 1 × sin30° = 0.2 × 5 × 1 × 0.5 = 0.5 N

Q3. एक परिनालिका में 500 फेरे हैं, लंबाई 0.5m, धारा 2A है। n और B ज्ञात करें।

हल: n = N/L = 500/0.5 = 1000 फेरे/m
B = μ₀nI = 4π×10⁻⁷ × 1000 × 2 = 2.51 × 10⁻³ T

Q4. भारत में AC सप्लाई 50 Hz है। 1 सेकंड में धारा कितनी बार दिशा बदलती है?

हल: 1 cycle में 2 बार दिशा बदलती है
50 Hz = 50 cycles/sec
दिशा बदलाव = 50 × 2 = 100 बार/सेकंड

12. महत्वपूर्ण MCQs

1. चुंबकीय क्षेत्र रेखाएं: (a) एक-दूसरे को काटती हैं (b) कभी नहीं काटतीं (c) समांतर हैं (d) सीधी हैं → उत्तर: (b)
2. ऑर्स्टेड ने खोजा: (a) EMI (b) धारा का चुंबकीय प्रभाव (c) मोटर (d) जनरेटर → उत्तर: (b)
3. फ्लेमिंग वाम-हस्त नियम प्रयुक्त होता है: (a) जनरेटर (b) मोटर (c) ट्रांसफॉर्मर (d) फ्यूज → उत्तर: (b)
4. विद्युत मोटर बदलती है: (a) यांत्रिक→विद्युत (b) विद्युत→यांत्रिक (c) ऊष्मा→विद्युत (d) कोई नहीं → उत्तर: (b)
5. EMI की खोज किसने की: (a) ऑर्स्टेड (b) फैराडे (c) फ्लेमिंग (d) एम्पियर → उत्तर: (b)
6. AC जनरेटर में प्रयुक्त होते हैं: (a) विभक्त वलय (b) सर्पी वलय (c) दोनों (d) कोई नहीं → उत्तर: (b)
7. DC मोटर में दिक्परिवर्तक का काम: (a) धारा बढ़ाना (b) धारा की दिशा बदलना (c) वोल्टेज बढ़ाना (d) गति बढ़ाना → उत्तर: (b)
8. भारत में AC की आवृत्ति: (a) 50 Hz (b) 60 Hz (c) 100 Hz (d) 220 Hz → उत्तर: (a)
9. चुंबकीय क्षेत्र का SI मात्रक: (a) वेबर (b) टेस्ला (c) हेनरी (d) गॉस → उत्तर: (b)
10. विभक्त वलय प्रयुक्त होते हैं: (a) AC जनरेटर (b) DC जनरेटर/मोटर (c) ट्रांसफॉर्मर (d) फ्यूज → उत्तर: (b)
11. परिनालिका के अंदर क्षेत्र: (a) शून्य (b) असमान (c) एकसमान (d) कोई नहीं → उत्तर: (c)
12. विद्युत चुंबक में प्रयुक्त: (a) इस्पात (b) नर्म लोहा (c) तांबा (d) एल्युमीनियम → उत्तर: (b)
13. फ्लेमिंग दक्षिण-हस्त नियम प्रयुक्त होता है: (a) मोटर (b) जनरेटर (c) ट्रांसफॉर्मर (d) फ्यूज → उत्तर: (b)
14. F = BIL में θ=0° हो तो F=: (a) अधिकतम (b) BIL (c) शून्य (d) अनंत → उत्तर: (c)
15. चुंबक को तोड़ने पर: (a) एक ध्रुव (b) दो छोटे चुंबक (c) चुंबकत्व खत्म (d) कोई नहीं → उत्तर: (b)
16. शॉर्ट सर्किट होता है जब: (a) Live-Neutral जुड़ें (b) फ्यूज उड़े (c) धारा कम हो (d) वोल्टेज बढ़े → उत्तर: (a)

📋 Quick Revision

ऑर्स्टेड: धारा → चुंबकीय क्षेत्र | फैराडे: बदलता चुंबकीय क्षेत्र → धारा

दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ: सीधे तार में B की दिशा | दक्षिण-हस्त: परिनालिका के ध्रुव

फ्लेमिंग वाम-हस्त (FBI): मोटर में बल की दिशा | फ्लेमिंग दक्षिण-हस्त: जनरेटर में धारा की दिशा

F = BIL sinθ | B = μ₀nI | e = -N(dΦ/dt)

मोटर: विद्युत→यांत्रिक | जनरेटर: यांत्रिक→विद्युत | भारत: 220V, 50Hz AC

महत्वपूर्ण राशियाँ और मात्रक:

राशिप्रतीकSI मात्रकसूत्र/मान
चुंबकीय क्षेत्रBटेस्ला (T)B = F/(IL)
चुंबकीय फ्लक्सΦवेबर (Wb)Φ = BA
बलFन्यूटन (N)F = BIL sinθ
प्रेरित EMFeवोल्ट (V)e = -N(dΦ/dt)
पारगम्यताμ₀T·m/A4π × 10⁻⁷
आवृत्तिfहर्ट्ज (Hz)भारत: 50 Hz

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