अध्याय 16: प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
Management of Natural Resources
🌍 प्राकृतिक संसाधन क्या हैं?
प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) वे पदार्थ और ऊर्जा स्रोत हैं जो प्रकृति में स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं। इनमें वायु, जल, मृदा, वन, खनिज, कोयला, पेट्रोलियम आदि शामिल हैं।
- सीमित भंडार: कोयला, पेट्रोलियम एक दिन खत्म हो जाएंगे
- जनसंख्या वृद्धि: बढ़ती आबादी = बढ़ती माँग
- भावी पीढ़ियाँ: आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षण
- पर्यावरण: प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन रोकना
| प्रकार | विवरण | उदाहरण | भंडार |
|---|---|---|---|
| समाप्य (Exhaustible) | सीमित मात्रा में | कोयला, पेट्रोलियम, खनिज | 50-200 वर्ष |
| अक्षय (Inexhaustible) | असीमित/नवीकरणीय | सूर्य, पवन, जल ऊर्जा | अनंत ♾️ |
♻️ 3R सिद्धांत (Reduce, Reuse, Recycle)
संसाधनों के संरक्षण के लिए 3R सिद्धांत सबसे महत्वपूर्ण है। यह तीन शब्दों से मिलकर बना है:
- बिजली-पानी कम उपयोग
- LED बल्ब लगाएं
- बाल्टी से नहाएं
- कपड़े का थैला
- रिफिल पेन
- पुरानी बोतलें
- कागज → नया कागज
- प्लास्टिक → नई वस्तुएं
- धातु → पुनः गलाना
3R में प्राथमिकता क्रम: REDUCE > REUSE > RECYCLE
कारण: Reduce में ऊर्जा खर्च नहीं, Reuse में थोड़ी, Recycle में सबसे ज्यादा।
🌲 वन एवं वन्य जीवन
वन (Forests) पृथ्वी के फेफड़े हैं। ये जैव विविधता के भंडार हैं। भारत में वर्तमान में लगभग 24% भूमि पर वन हैं, जबकि राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार यह 33% होना चाहिए।
✊ चिपको आंदोलन & 🌳 बिश्नोई आंदोलन
| 📅 वर्ष: | 1974 |
| 📍 स्थान: | गढ़वाल (उत्तराखंड) |
| 👤 नेता: | सुंदरलाल बहुगुणा, गौरा देवी |
| 🎯 उद्देश्य: | पेड़ों से चिपककर बचाना |
| 💀 बलिदान: | कोई नहीं (अहिंसक) |
| 📅 वर्ष: | 1730 (12 सितंबर) |
| 📍 स्थान: | खेजड़ली, जोधपुर (राजस्थान) |
| 👤 नेता: | अमृता देवी बिश्नोई |
| 🌲 वृक्ष: | खेजड़ी (राज्य वृक्ष) |
| 💀 बलिदान: | 363 लोग शहीद |
💧 जल संसाधन
जल जीवन का आधार है। पृथ्वी पर 71% जल है, लेकिन केवल 2.5% मीठा जल है, और उसमें से भी केवल 1% उपयोग योग्य है।
- जल विद्युत उत्पादन
- सिंचाई सुविधा
- बाढ़ नियंत्रण
- पेयजल आपूर्ति
- विस्थापन (लाखों लोग)
- वन क्षेत्र डूबना
- पारिस्थितिकी असंतुलन
- भूकंप का खतरा
🏜️ राजस्थान की पारंपरिक जल संचयन विधियाँ
जल संचयन (Water Harvesting) वर्षा जल को एकत्रित करके भूमिगत जल रिचार्ज करने की विधि है। राजस्थान में यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।
| विधि | क्षेत्र | विवरण | उपयोग |
|---|---|---|---|
| खड़ीन (Khadeen) | जैसलमेर | मिट्टी का बाँध | कृषि सिंचाई |
| जोहड़ (Johad) | अलवर | छोटे चेक डैम | भूजल रिचार्ज |
| टांका (Tanka) | बीकानेर, जोधपुर | भूमिगत बेलनाकार टंकी | पेयजल संग्रहण |
| नाड़ी (Nadi) | जोधपुर | गाँव का तालाब | पशुओं के लिए जल |
| बावड़ी (Baoli) | पूरे राजस्थान | सीढ़ीदार कुआँ | पेयजल |
- खड़ीन = जैसलमेर (ख = जै) → कृषि
- टांका = टंकी → भूमिगत → पीने का पानी
- नाड़ी = जोधपुर (न = जो) → पशुओं के लिए
- बावड़ी = सीढ़ी (बा = सी) → सीढ़ीदार कुआँ
⛽ कोयला और पेट्रोलियम
जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) लाखों-करोड़ों वर्षों में जीवों के अवशेषों से बने हैं। ये समाप्य (Non-renewable) संसाधन हैं।
| ईंधन | भंडार | प्रदूषण |
|---|---|---|
| ⚫ कोयला | ~200 वर्ष | अधिक (CO₂, SO₂) |
| 🛢️ पेट्रोलियम | ~50 वर्ष | मध्यम |
| 🔥 CNG (प्राकृतिक गैस) | ~60 वर्ष | कम (स्वच्छ) ✓ |
🌍 सतत विकास (Sustainable Development)
"वह विकास जो वर्तमान की आवश्यकताओं की पूर्ति करे, बिना भावी पीढ़ियों की आवश्यकता पूर्ति की क्षमता को प्रभावित किए।"
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📝 बहुविकल्पीय प्रश्न (25 MCQs)
(a) Reuse (b) Recycle (c) Reduce ✓ (d) Refuse
(a) 1970, राजस्थान (b) 1974, गढ़वाल ✓ (c) 1980, केरल (d) 1985, असम
(a) 100 (b) 263 (c) 363 ✓ (d) 463
(a) 1980 (b) 1985 ✓ (c) 1990 (d) 2014
(a) वायु प्रदूषण (b) मल प्रदूषण ✓ (c) ध्वनि प्रदूषण (d) मृदा प्रदूषण
(a) जोधपुर (b) अलवर (c) जैसलमेर ✓ (d) बीकानेर
(a) जैसलमेर (b) बीकानेर (c) जोधपुर ✓ (d) उदयपुर
(a) 24% (b) 25% (c) 33% ✓ (d) 40%
(a) हीराकुंड (b) भाखड़ा (c) टिहरी ✓ (d) सरदार सरोवर
(a) प्रोपेन (b) ब्यूटेन (c) मीथेन ✓ (d) इथेन
(a) रामसर (b) क्योटो (c) ब्रुंटलैंड ✓ (d) पेरिस
(a) नीम (b) खेजड़ी ✓ (c) पीपल (d) बरगद
(a) 30 वर्ष (b) 50 वर्ष ✓ (c) 100 वर्ष (d) 200 वर्ष
(a) खड़ीन (b) टांका ✓ (c) नाड़ी (d) बावड़ी
(a) मेधा पाटकर (b) सुंदरलाल बहुगुणा ✓ (c) अमृता देवी (d) राजेंद्र सिंह
(a) कोयला (b) पेट्रोल (c) डीजल (d) प्राकृतिक गैस ✓
(a) जोधपुर (b) अलवर ✓ (c) जैसलमेर (d) बाड़मेर
(a) गांधी जी (b) नेहरू जी ✓ (c) सरदार पटेल (d) अंबेडकर
(a) 50 वर्ष (b) 100 वर्ष (c) 200 वर्ष ✓ (d) 500 वर्ष
(a) 1985 (b) 2000 (c) 2014 ✓ (d) 2020
(a) टांका (b) खड़ीन (c) बावड़ी ✓ (d) नाड़ी
(a) नीम (b) खेजड़ी ✓ (c) आम (d) पीपल
(a) टिहरी (b) भाखड़ा (c) हीराकुंड ✓ (d) नागार्जुन
(a) सुंदरलाल बहुगुणा (b) मेधा पाटकर ✓ (c) अमृता देवी (d) राजेंद्र सिंह
(a) स्थानीय लोग (b) वन विभाग (c) उद्योगपति (d) मछुआरे ✓
📚 Previous Year Questions (PYQ)
प्रश्न: 3R क्या है? समझाइए।
प्रश्न: चिपको आंदोलन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
प्रश्न: राजस्थान में जल संचयन की परंपरागत विधियाँ लिखिए।
प्रश्न: बाँधों के लाभ और हानि लिखिए।
लाभ: जल विद्युत, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति
हानि: विस्थापन, वन क्षेत्र डूबना, पारिस्थितिकी असंतुलन, भूकंप का खतरा
📚 *Chapter 16: प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन*
✅ 3R: Reduce → Reuse → Recycle
🌳 चिपको: 1974, गढ़वाल
🌲 बिश्नोई: 1730, 363 शहीद
💧 गंगा एक्शन प्लान: 1985
🏜️ राजस्थान: खड़ीन, टांका, नाड़ी, बावड़ी
⛽ कोयला: 200 वर्ष | पेट्रोलियम: 50 वर्ष
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