तंत्रिका तंत्र: न्यूरॉन और प्रतिवर्ती क्रिया (Nervous System Class 10 Hindi)

📅 Sunday, 18 January 2026 📖 3-5 min read

तंत्रिका तंत्र: न्यूरॉन और प्रतिवर्ती क्रिया

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परिभाषा: नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव वातावरण में होने वाले परिवर्तनों (उद्दीपन) को पहचानते हैं और उनके प्रति उचित अनुक्रिया करते हैं। जंतुओं में यह कार्य तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र द्वारा किया जाता है।

सभी सजीव अपने पर्यावरण में हो रहे परिवर्तनों के प्रति अनुक्रिया करते हैं। पर्यावरण में हो रहे ये परिवर्तन जिनके प्रति सजीव अनुक्रिया करते हैं, उद्दीपन (Stimuli) कहलाते हैं (जैसे- ऊष्मा, ठंड, ध्वनि, सुगंध, स्पर्श आदि)। मानव में तंत्रिका तंत्र विद्युत आवेगों के द्वारा सूचनाओं का तीव्र संचार करता है।

1. न्यूरॉन (तंत्रिका कोशिका)

न्यूरॉन (Neuron) तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और क्रियात्मक इकाई है। यह सूचनाओं को संवेदी अंगों से मस्तिष्क तक और मस्तिष्क से पेशियों तक पहुँचाने का कार्य करती है। एक न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग होते हैं:

  • कोशिका काय (Cell Body/Cyton): इसमें केंद्रक और कोशिका द्रव्य होता है।
  • द्रुमिका (Dendrites): ये छोटे धागे जैसी संरचनाएं होती हैं जो सूचना (आवेग) ग्रहण करती हैं और उसे कोशिका काय तक भेजती हैं।
  • तंत्रिकाक्ष (Axon): यह एक लंबा प्रवर्ध होता है जो आवेग को कोशिका काय से दूर दूसरे न्यूरॉन तक ले जाता है।
  • तंत्रिका का अंतिम सिरा: यहाँ विद्युत आवेग रासायनिक संकेत में बदल जाता है।
कोशिका काय द्रुमिका तंत्रिकाक्ष (Axon) तंत्रिका का अंतिम सिरा
चित्र 1: तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) की संरचना।
(आरेख पैमाने पर नहीं है; केवल वैचारिक समझ के लिए)

सिनेप्स (Synapse) - अंत्रग्रथन

दो न्यूरॉन्स आपस में भौतिक रूप से जुड़े नहीं होते। एक न्यूरॉन के अंतिम सिरे और अगले न्यूरॉन की द्रुमिका के बीच एक सूक्ष्म रिक्त स्थान होता है, जिसे सिनेप्स (Synapse) कहते हैं।

  • क्रियाविधि: तंत्रिका के अंतिम सिरे पर विद्युत आवेग कुछ रसायनों का विमोचन कराता है।
  • ये रसायन सिनेप्स को पार करते हैं और अगली तंत्रिका कोशिका की द्रुमिका में इसी तरह का विद्युत आवेग प्रारंभ करते हैं।

2. प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action)

प्रतिवर्ती क्रिया किसी उद्दीपन के प्रति एक अचानक, अनैच्छिक (Involuntary) और स्वचालित अनुक्रिया है जो मस्तिष्क के सोचने वाले भाग के नियंत्रण में नहीं होती। उदाहरण: गर्म वस्तु छूने पर हाथ का तुरंत पीछे हटना।

प्रतिवर्ती चाप (Reflex Arc)

प्रतिवर्ती क्रिया में तंत्रिका आवेग द्वारा तय किया गया रास्ता प्रतिवर्ती चाप कहलाता है। ये चाप मुख्य रूप से मेरुरज्जु (Spinal Cord) में बनते हैं।

मेरुरज्जु के अंदर एक मध्यस्थ न्यूरॉन (Relay neuron) संवेदी तंत्रिका को प्रेरक तंत्रिका से जोड़ता है, जिससे सूचना तुरंत प्रवाहित होती है।

ग्राही (त्वचा) मेरुरज्जु (Spinal Cord) संवेदी तंत्रिका कोशिका प्रेरक तंत्रिका कोशिका कार्यकर अंग (पेशी) प्रतिसारण तंत्रिका
चित्र 2: प्रतिवर्ती चाप का मार्ग।
उद्दीपन → ग्राही → संवेदी तंत्रिका → मेरुरज्जु → प्रेरक तंत्रिका → पेशी
सामान्य गलती: प्रतिवर्ती क्रियाएं मेरुरज्जु (Spinal Cord) द्वारा नियंत्रित होती हैं, मस्तिष्क द्वारा नहीं।

परीक्षा हेतु याद रखने योग्य बिंदु

  • इकाई: न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक इकाई है।
  • दिशा: तंत्रिका आवेग हमेशा एक ही दिशा में चलता है: द्रुमिका → कोशिका काय → तंत्रिकाक्ष → अंतिम सिरा।
  • प्रवाह: आवेग हमेशा एक न्यूरॉन के तंत्रिकाक्ष (Axon) से दूसरे न्यूरॉन की द्रुमिका (Dendrite) की ओर जाता है।
  • गति: विद्युत आवेग बहुत तीव्र होते हैं लेकिन वे उन कोशिकाओं तक नहीं पहुँच सकते जो तंत्रिका ऊतक से नहीं जुड़ी हैं।
  • केंद्र: प्रतिवर्ती क्रिया का मुख्य केंद्र मेरुरज्जु है।

अभ्यास प्रश्न (Chapter Assessment)

(अ) अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (1 अंक)

  • प्र 1. दो न्यूरॉन के बीच के खाली स्थान को क्या कहते हैं?
    उत्तर: सिनेप्स (Synapse)।
  • प्र 2. न्यूरॉन का कौन सा भाग सूचना ग्रहण करता है?
    उत्तर: द्रुमिका (Dendrite)।
  • प्र 3. गर्म वस्तु को छूने पर हाथ का हटना कौन सी क्रिया है?
    उत्तर: प्रतिवर्ती क्रिया (Reflex Action)।
  • प्र 4. तंत्रिकाक्ष (Axon) में सूचना किस रूप में चलती है?
    उत्तर: विद्युत आवेग के रूप में।
  • प्र 5. शरीर का संतुलन बनाए रखने के लिए कौन सा तंत्र जिम्मेदार है?
    उत्तर: तंत्रिका तंत्र (मस्तिष्क का अनुमस्तिष्क भाग)।
  • प्र 6. ग्राही (Receptors) क्या हैं?
    उत्तर: ग्राही संवेदी अंगों में विशिष्ट कोशिकाएं हैं जो वातावरण से सूचना (उद्दीपन) ग्रहण करती हैं।
  • प्र 7. जंतुओं में नियंत्रण व समन्वय के लिए दूसरा तंत्र कौन सा है?
    उत्तर: अंतःस्रावी तंत्र (हार्मोनल सिस्टम)।
  • प्र 8. रससंवेदी ग्राही (Gustatory receptors) कहाँ होते हैं?
    उत्तर: जीभ पर (स्वाद का पता लगाने के लिए)।
  • प्र 9. घ्राण ग्राही (Olfactory receptors) कहाँ होते हैं?
    उत्तर: नाक में (गंध का पता लगाने के लिए)।
  • प्र 10. क्या प्रतिवर्ती क्रिया ऐच्छिक है या अनैच्छिक?
    उत्तर: अनैच्छिक (Involuntary)।

(ब) लघूत्तरात्मक प्रश्न (2-3 अंक)

प्र 11. सिनेप्स (Synapse) पर क्या होता है?
सिनेप्स पर, एक न्यूरॉन के अंतिम सिरे पर पहुँचने वाला विद्युत आवेग कुछ रसायनों का विमोचन कराता है। ये रसायन रिक्त स्थान को पार करके अगले न्यूरॉन की द्रुमिका में पहुंचते हैं और वहाँ पुनः विद्युत आवेग उत्पन्न कर देते हैं।
प्र 12. तंत्रिका आवेग का प्रवाह एकदिशिक (Unidirectional) क्यों होता है?
आवेग हमेशा एक दिशा में चलता है क्योंकि रसायन केवल तंत्रिकाक्ष के अंतिम सिरे पर बनते हैं और उन्हें ग्रहण करने वाले ग्राही केवल अगले न्यूरॉन की द्रुमिका पर होते हैं। इसलिए आवेग उल्टा नहीं चल सकता।
प्र 13. संवेदी तंत्रिका और प्रेरक तंत्रिका में अंतर लिखिए।
संवेदी तंत्रिका (Sensory Neuron)प्रेरक तंत्रिका (Motor Neuron)
यह सूचना को ग्राही अंगों से मस्तिष्क/मेरुरज्जु तक ले जाती है।यह आदेश को मस्तिष्क/मेरुरज्जु से कार्यकर अंगों (पेशियों) तक ले जाती है।
प्र 14. प्रतिवर्ती चाप का नामांकित चित्र (Flowchart) बनाइए।
उद्दीपनग्राहीसंवेदी तंत्रिकामेरुरज्जु (प्रतिसारण तंत्रिका)प्रेरक तंत्रिकाकार्यकर अंग (पेशी)अनुक्रिया
प्र 15. जंतुओं में प्रतिवर्ती चाप क्यों विकसित हुआ?
जंतुओं में सोचने की प्रक्रिया जटिल और धीमी होती है। अचानक आने वाले खतरों से बचने के लिए शरीर को एक तत्काल प्रतिक्रिया की आवश्यकता थी, जो बिना सोचे हो सके। इसलिए सोचने के प्रक्रम को बायपास (Bypass) करने के लिए प्रतिवर्ती चाप विकसित हुआ।

(स) उच्च स्तरीय चिंतन प्रश्न (HOTS)

प्र 16. यदि अनुमस्तिष्क (Cerebellum) कार्य करना बंद कर दे तो क्या होगा?
अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन और ऐच्छिक क्रियाओं की परिशुद्धता को नियंत्रित करता है। यदि यह खराब हो जाए, तो व्यक्ति सीधे चल नहीं पाएगा, साइकिल नहीं चला पाएगा और किसी वस्तु को सही से पकड़ नहीं पाएगा।
प्र 17. "सभी अनैच्छिक क्रियाएं प्रतिवर्ती क्रियाएं हैं, लेकिन सभी प्रतिवर्ती क्रियाएं अनैच्छिक नहीं हैं।" क्या यह कथन सत्य है?
यह कथन गलत है। सही यह है: सभी प्रतिवर्ती क्रियाएं अनैच्छिक होती हैं (जैसे गर्म वस्तु छूने पर हाथ हटाना), लेकिन सभी अनैच्छिक क्रियाएं (जैसे दिल का धड़कना, भोजन का पचना) प्रतिवर्ती क्रियाएं नहीं हैं क्योंकि वे किसी बाह्य उद्दीपन के प्रति अचानक प्रतिक्रिया नहीं हैं।
संदर्भ: NCERT विज्ञान कक्षा 10 (अध्याय 7: नियंत्रण एवं समन्वय)।
अंतिम अपडेट: जनवरी 2026
Reviewed under Sarkari Service Prep Academic Policy.

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