1. जल दुर्लभता (Water Scarcity) 🚰
जल की कमी केवल कम वर्षा वाले क्षेत्रों में नहीं होती। इसके दो रूप हैं:
- मात्रात्मक कमी: जब पानी की मांग ज्यादा हो और उपलब्धता कम (जैसे: अति-जनसंख्या, अधिक सिंचाई, औद्योगीकरण)।
- गुणात्मक कमी: जब पानी तो प्रचुर मात्रा में हो, लेकिन प्रदूषण (घरेलू कचरा, रसायन) के कारण पीने लायक न हो।
जवाहरलाल नेहरू ने बाँधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' कहा था। लेकिन इनके फायदे और नुकसान दोनों हैं:
| ✅ लाभ (Advantages) | ❌ हानि (Disadvantages) |
|---|---|
|
1. सिंचाई: खेतों तक पानी पहुंचाना। 2. विद्युत: पनबिजली (Hydro-electricity) उत्पादन। 3. बाढ़ नियंत्रण: नदियों के बहाव को रोकना। 4. मत्स्य पालन: जलाशयों में मछली पालना। 5. पर्यटन: नौकायन और पिकनिक स्पॉट। |
1. विस्थापन: स्थानीय लोगों को अपनी जमीन छोड़नी पड़ती है (नर्मदा बचाओ आंदोलन)। 2. जलीय जीवन: नदियों का प्राकृतिक बहाव रुक जाता है, जिससे जलीय जीवों का प्रजनन बाधित होता है। 3. तलछट जमाव: जलाशय की तली में गाद (Sediment) जमा हो जाती है। |
प्राचीन भारत में लोगों को पानी बचाने की अद्भुत तकनीकें आती थीं। राजस्थान के संदर्भ में यह सबसे महत्वपूर्ण है:
(A) टांका (Tanka) - राजस्थान की शान
बीकानेर, फलोदी और बाड़मेर में लगभग हर घर में पीने का पानी जमा करने के लिए भूमिगत टैंक होते हैं।
पलर पानी: वर्षा के जल को यहाँ 'पलर पानी' कहा जाता है, जो पानी का सबसे शुद्ध रूप माना जाता है।
(B) अन्य विधियां:
- खड़ीन और जोहड़: जैसलमेर में 'खड़ीन' और अलवर में 'जोहड़' बनाए जाते हैं। ये खेतों में वर्षा जल को रोककर मिट्टी को नमी प्रदान करते हैं।
- गुल और कुल (Guls/Kuls): पश्चिमी हिमालय में पर्वतीय क्षेत्रों में वाहिकाएं बनाकर सिंचाई की जाती है।
- बांस ड्रिप सिंचाई: मेघालय में झरनों के पानी को बांस के पाइपों द्वारा दूर तक ले जाया जाता है।
नोट: तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है जहाँ हर घर में वर्षा जल संग्रहण ढांचा बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
परीक्षा में आपको नदी का नाम या राज्य देकर बाँध पूछा जा सकता है। इसे रट लें:
- 1. सलाल बाँध: चिनाब नदी (जम्मू और कश्मीर)
- 2. भाखड़ा नांगल: सतलुज नदी (हिमाचल/पंजाब सीमा)
- 3. टिहरी बाँध: भागीरथी नदी (उत्तराखंड) - सबसे ऊँचा
- 4. राणा प्रताप सागर: चम्बल नदी (राजस्थान) - Most Important for RBSE
- 5. सरदार सरोवर: नर्मदा नदी (गुजरात)
- 6. हीराकुड बाँध: महानदी (ओडिशा) - सबसे लंबा
- 7. नागार्जुन सागर: कृष्णा नदी (तेलंगाना/आंध्र प्रदेश)
- 8. तुंगभद्रा बाँध: तुंगभद्रा नदी (कर्नाटक)
प्रश्न 1: राजस्थान में अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल संग्रहण कैसे किया जाता है?
उत्तर: राजस्थान के अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों (बीकानेर, बाड़मेर) में हर घर में पीने का पानी जमा करने के लिए भूमिगत टैंक बनाए जाते हैं, जिन्हें 'टांका' कहते हैं। ये छत से पाइप द्वारा जुड़े होते हैं ताकि बारिश का पानी सीधे टैंक में जा सके। पहली बारिश का पानी छत साफ़ करने में प्रयोग होता है, और बाद का पानी जमा किया जाता है।
प्रश्न 2: "बाँधों को बहुउद्देशीय परियोजनाएं क्यों कहा जाता है?"
उत्तर: क्योंकि ये एक साथ कई उद्देश्यों की पूर्ति करते हैं: (1) सिंचाई, (2) बिजली उत्पादन, (3) बाढ़ नियंत्रण, (4) पेयजल आपूर्ति, (5) मछली पालन और (6) मनोरंजन।
प्रश्न 3: बाँधों के विरोध के क्या कारण हैं?
उत्तर: (1) स्थानीय समुदायों का बड़े पैमाने पर विस्थापन। (2) जंगल और खेती की जमीन का डूबना। (3) नदी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट। (4) भूकंप आने की संभावना बढ़ना।
अध्याय 3 समाप्त! 💧
जल बचाएं, जीवन बचाएं।
अगला अध्याय: "कृषि" (Agriculture)
रबी, खरीफ, जायद और भारत की मुख्य फसलें। 🌾🌽
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RBSE Class 10 Geography Chapter 3: जल संसाधन (Water Resources) – संपूर्ण नोट्स एवं मानचित्र कार्य 2026
इस अध्याय में भारत में उपलब्ध मीठे जल का वितरण, जल की कमी, बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन जैसी अवधारणाएँ सरल भाषा में समझाई जाती हैं, जो RBSE एवं NCERT कक्षा 10 भूगोल पाठ्यक्रम 2025–26 पर आधारित हैं।
पुस्तक: समकालीन भारत – II (भूगोल)
अध्याय संख्या: 3
परीक्षा बोर्ड: RBSE / NCERT (कक्षा 10)
मुख्य विषय: जल की कमी, बहुउद्देशीय परियोजनाएँ, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन
मानचित्र कार्य: भारत के प्रमुख बाँध एवं नदियाँ
सामग्री
1. परिचय: जल संसाधन का महत्व
पृथ्वी पर जीवन के लिए जल सबसे मूल्यवान संसाधन है, क्योंकि पेयजल, कृषि, उद्योग, परिवहन और विद्युत उत्पादन सभी में जल की आवश्यकता होती है। भारत जैसे विशाल देश में जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण और औद्योगीकरण ने जल की माँग को लगातार बढ़ा दिया है, जिसके कारण जल संसाधन का वैज्ञानिक एवं संतुलित प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो गया है।
2. पृथ्वी पर जल की उपलब्धता
पृथ्वी की सतह का लगभग तीन-चौथाई भाग जल से ढका है, परन्तु इसमें से अधिकांश खारा समुद्री जल है, जिसे सीधे पेयजल या सिंचाई के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता। उपयोगी मीठा जल मुख्यतः नदियों, झीलों, ग्लेशियरों, भूजल एवं वर्षा जल से प्राप्त होता है, जो प्राकृतिक जलचक्र के माध्यम से लगातार पुनर्भरा होता रहता है।
2.1 जलचक्र (Hydrological Cycle)
जलचक्र वह प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें समुद्र, नदियों और झीलों से जल वाष्पित होकर बादल बनाता है, फिर वर्षा, हिमपात या ओस के रूप में पुनः पृथ्वी पर गिरकर नदियों, झीलों और भूजल को भरता है। यही चक्र सुनिश्चित करता है कि जल एक नवीकरणीय संसाधन बना रहे, बशर्ते मनुष्य द्वारा अत्यधिक दोहन और प्रदूषण न किया जाए।
3. जल की कमी (Water Scarcity)
जल की कमी का अर्थ केवल भौतिक रूप से जल का न होना नहीं है, बल्कि यह स्थिति तब भी मानी जाती है जब स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल तक सभी लोगों की समान पहुँच न हो। भारत के अनेक क्षेत्र, विशेषकर शुष्क एवं अर्ध-शुष्क भाग, अनियमित वर्षा, भूजल के अत्यधिक दोहन, प्रदूषण और बढ़ती माँग के कारण जल संकट का सामना कर रहे हैं।
3.1 जल की कमी के प्रमुख कारण
- तेजी से बढ़ती जनसंख्या और शहरों का विस्तार, जिससे घरेलू तथा औद्योगिक जल की माँग बहुत बढ़ गई।
- कृषि में अधिक जल वाली फसलों (जैसे धान, गन्ना) का बड़े क्षेत्र में उत्पादन।
- भूजल का अत्यधिक दोहन, विशेषकर नलकूपों और ट्यूबवेलों के द्वारा बिना पुनर्भरण की सोच के।
- औद्योगिक एवं घरेलू गंदे पानी द्वारा नदियों और झीलों का प्रदूषण।
- असमान वर्षा, जलवायु परिवर्तन तथा वनों की अंधाधुंध कटाई के कारण जलस्रोतों का क्षय।
4. बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ
बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ वे बड़ी योजनाएँ हैं जिनमें बाँध, नहरें और बिजलीघर बनाकर सिंचाई, पेयजल, बाढ़ नियंत्रण और जलविद्युत उत्पादन जैसे अनेक कार्य एक साथ किए जाते हैं। स्वतंत्रता के बाद भारत के आर्थिक विकास के लिए इन्हें “आधुनिक भारत के मंदिर” भी कहा गया, क्योंकि इन्होंने कृषि और उद्योग दोनों के विकास में योगदान दिया।
4.1 भारत की प्रमुख बहुउद्देशीय परियोजनाएँ
| परियोजना | नदी | मुख्य उद्देश्य / लाभ | संबंधित राज्य |
|---|---|---|---|
| भाखड़ा–नंगल परियोजना | सतलज नदी | सिंचाई, जलविद्युत, बाढ़ नियंत्रण | हिमाचल प्रदेश, पंजाब |
| हीराकुंड परियोजना | महानदी | बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, बिजली | ओडिशा |
| सरदार सरोवर परियोजना | नर्मदा नदी | सिंचाई, पेयजल, बिजली | गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र |
| टिहरी परियोजना | भागीरथी नदी | जलविद्युत, पेयजल, सिंचाई | उत्तराखंड |
| नागार्जुन सागर परियोजना | कृष्णा नदी | सिंचाई, बिजली | आंध्र प्रदेश/तेलंगाना |
| राणा प्रताप सागर परियोजना | चम्बल नदी | सिंचाई, जलविद्युत | राजस्थान |
4.2 लाभ और हानियाँ
बहुउद्देशीय परियोजनाओं से सिंचाई का विस्तार, पेयजल उपलब्धता, जलविद्युत उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण और अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा मिलता है। दूसरी ओर, बड़े बाँधों से विस्थापन, वन एवं जैव-विविधता का नाश, नदी के प्राकृतिक प्रवाह में परिवर्तन और गाद के जमाव के पैटर्न में बदलाव जैसी पर्यावरणीय समस्याएँ भी उत्पन्न होती हैं।
5. जल संरक्षण एवं प्रबंधन
जल संरक्षण का तात्पर्य है जल का विवेकपूर्ण उपयोग, बर्बादी को रोकना और पारंपरिक व आधुनिक तकनीकों द्वारा जल को बचाना। इसके लिए फसलों का वैज्ञानिक चयन, ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, रिसाइक्लिंग, तालाबों और झीलों का पुनर्जीवन तथा भूजल पुनर्भरण जैसी रणनीतियाँ अपनाई जाती हैं।
6. वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting)
वर्षा जल संचयन का अर्थ है वर्षा के जल को छतों, आँगन या खुले क्षेत्र से इकट्ठा करके टंकी, कुओं या भूजल स्तर में पहुँचाना, ताकि भविष्य में इसे उपयोग किया जा सके। शहरी क्षेत्रों में छत पर गिरने वाला जल पाइप के माध्यम से भूमिगत टंकी या रिचार्ज कुओं तक पहुँचाया जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, जोहड़ और बावड़ियों जैसी पारंपरिक पद्धतियाँ अधिक प्रचलित हैं।
6.1 वर्षा जल संचयन के लाभ
- भूजल स्तर में वृद्धि और नलकूपों/कुओं की आयु में वृद्धि होती है।
- कई महीनों तक घरेलू एवं पेयजल की स्थानीय व्यवस्था बनी रहती है।
- बाढ़ और जल-जमाव की समस्या में कमी आती है, विशेषकर घनी आबादी वाले शहरों में।
- दूसरे क्षेत्रों से लम्बी पाइपलाइन द्वारा जल लाने की आवश्यकता घटती है।
7. मानचित्र कार्य: प्रमुख बाँध एवं नदियाँ
इस अध्याय के मानचित्र कार्य में भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय बाँधों और उनकी नदियों तथा संबंधित राज्यों का स्थान चिन्हित करना शामिल होता है। बोर्ड परीक्षा में प्रायः 1 अंक के प्रश्न के रूप में किसी बाँध, नदी या परियोजना का स्थान नक्शे पर दिखाने के लिए कहा जाता है।
7.1 नक्शे पर दिखाने योग्य प्रमुख बाँध
- सलाल बाँध – चेनाब नदी, जम्मू एवं कश्मीर
- भाखड़ा–नंगल बाँध – सतलज नदी, हिमाचल प्रदेश/पंजाब
- टिहरी बाँध – भागीरथी नदी, उत्तराखंड
- रिहन्द बाँध – सोन नदी, उत्तर प्रदेश
- नागार्जुन सागर बाँध – कृष्णा नदी, आंध्र प्रदेश/तेलंगाना
- राणा प्रताप सागर – चम्बल नदी, राजस्थान
- हीराकुंड बाँध – महानदी, ओडिशा
- सरदार सरोवर बाँध – नर्मदा नदी, गुजरात
अभ्यास के लिए विद्यार्थी भारत का खाली राजनीतिक नक्शा लेकर उपरोक्त बाँधों को सही नदी एवं राज्य के साथ चिन्हित करने का अभ्यास करें, साथ ही नदी के प्रवाह की दिशा भी दर्शाएँ।
8. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Key Points)
- जल एक नवीकरणीय, परन्तु सीमित और असमान रूप से वितरित संसाधन है।
- भारत में वर्षा का अधिकांश भाग कुछ ही महीनों और कुछ ही क्षेत्रों में केंद्रित रहता है।
- जल की कमी का प्रमुख कारण केवल प्राकृतिक कमी नहीं, बल्कि मानवजनित दोहन एवं प्रदूषण भी है।
- बहुउद्देशीय परियोजनाएँ बिजली, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण में सहायक हैं, परन्तु पर्यावरणीय एवं सामाजिक समस्याएँ भी उत्पन्न करती हैं।
- वर्षा जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई, पारंपरिक जल संरचनाएँ और जनजागरूकता जल संरक्षण की प्रमुख रणनीतियाँ हैं।
9. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) – जल संसाधन
-
पृथ्वी की सतह का लगभग कितना भाग जल से ढका है?
(A) एक-तिहाई (B) दो-तिहाई (C) तीन-चौथाई (D) आधा
उत्तर: (C) तीन-चौथाई। -
निम्न में से कौन-सा जलचक्र का भाग नहीं है?
(A) वाष्पीकरण (B) संघनन (C) वर्षा (D) दहन
उत्तर: (D) दहन। -
भाखड़ा–नंगल परियोजना किस नदी पर स्थित है?
(A) गंगा (B) नर्मदा (C) सतलज (D) कृष्णा
उत्तर: (C) सतलज। -
राणा प्रताप सागर बाँध किस राज्य में स्थित है?
(A) गुजरात (B) उत्तराखंड (C) राजस्थान (D) ओडिशा
उत्तर: (C) राजस्थान। -
वर्षा जल संचयन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) केवल बिजली उत्पादन (B) केवल बाढ़ नियंत्रण (C) जल का संग्रह एवं भूजल पुनर्भरण (D) नदी की दिशा बदलना
उत्तर: (C) जल का संग्रह एवं भूजल पुनर्भरण।
10. लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
(क) लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
- जल की कमी (Water Scarcity) से आप क्या समझते हैं? इसके दो प्रमुख कारण लिखिए।
- बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजना से आपका क्या आशय है? दो लाभ लिखिए।
- वर्षा जल संचयन की कोई दो विधियाँ संक्षेप में समझाइए।
(ख) दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
- “जल एक नवीकरणीय संसाधन होते हुए भी अनेक क्षेत्रों में जल संकट क्यों है?” पाँच बिंदुओं सहित स्पष्ट कीजिए।
- भारत में बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के लाभ एवं हानियाँ समझाइए और उदाहरण सहित लिखिए।
- वर्षा जल संचयन की आवश्यकता, महत्व और तरीकों पर प्रकाश डालिए।
नोट: यह लेख कक्षा 10 भूगोल के “जल संसाधन” अध्याय के मुख्य बिंदुओं का सरल एवं मौलिक संकलन है। नवीनतम पाठ्यक्रम या परीक्षा पैटर्न में किसी भी परिवर्तन के लिए संबंधित शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से अवश्य मिलान कर लें।
Water Resources (100 Questions & Answers – Question Bank) | 2026
Q1. जल संसाधन किसे कहते हैं?
Ans. वह सभी प्राकृतिक स्रोत जिनसे जल प्राप्त होता है, जल संसाधन कहलाते हैं।
Q2. पृथ्वी पर कितने प्रतिशत जल उपलब्ध है?
Ans. लगभग 71% पृथ्वी जल से ढकी है।
Q3. मीठा पानी कुल जल का कितना प्रतिशत है?
Ans. केवल लगभग 2.5%।
Q4. पीने योग्य पानी कितना है?
Ans. केवल लगभग 1%।
Q5. जल को नवीकरणीय संसाधन क्यों कहते हैं?
Ans. क्योंकि जल चक्र के माध्यम से यह पुनः उपलब्ध हो जाता है।
Q6. जल चक्र क्या है?
Ans. वाष्पीकरण, संघनन और वर्षा की प्रक्रिया को जल चक्र कहते हैं।
Q7. जल संकट से क्या तात्पर्य है?
Ans. जब जल की आवश्यकता के अनुसार जल उपलब्ध न हो।
Q8. जल का अत्यधिक दोहन किसका कारण है?
Ans. जल संकट।
Q9. भारत में जल संकट का मुख्य कारण?
Ans. असमान वर्षा वितरण एवं जनसंख्या वृद्धि।
Q10. अतिदोहन (Over-exploitation) क्या है?
Ans. भूमिगत जल का अत्यधिक उपयोग।
Q11. जल संरक्षण क्या है?
Ans. जल के विवेकपूर्ण उपयोग एवं बचत को जल संरक्षण कहते हैं।
Q12. बहुउद्देश्यीय नदी परियोजनाएं क्या हैं?
Ans. जिनसे सिंचाई, बिजली, बाढ़ नियंत्रण आदि अनेक लाभ मिलते हैं।
Q13. भाखड़ा नांगल परियोजना किस नदी पर है?
Ans. सतलज नदी पर।
Q14. हीराकुंड बांध किस नदी पर है?
Ans. महानदी पर।
Q15. टेहरी बांध किस राज्य में है?
Ans. उत्तराखंड।
Q16. सरदार सरोवर बांध किस नदी पर?
Ans. नर्मदा नदी पर।
Q17. जलविद्युत किसे कहते हैं?
Ans. पानी की गति से पैदा होने वाली बिजली।
Q18. जलविद्युत का महत्व?
Ans. यह स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा है।
Q19. वर्षा जल संचयन क्या है?
Ans. वर्षा के पानी को एकत्र कर संग्रहित करना।
Q20. बाढ़ का प्रमुख कारण?
Ans. अत्यधिक वर्षा एवं नदी तटों का कटाव।
Q21. सूखा किसे कहते हैं?
Ans. जब लंबे समय तक वर्षा नहीं होती।
Q22. भारत में सबसे अधिक वर्षा कहाँ होती है?
Ans. मेघालय के मासिनराम में।
Q23. जल का मुख्य स्रोत?
Ans. वर्षा।
Q24. भूमिगत जल कैसे प्राप्त होता है?
Ans. कुओं, ट्यूबवेल आदि से।
Q25. जल प्रदूषण क्या है?
Ans. जल में हानिकारक पदार्थों का मिलना।
Q26. जल प्रदूषण का मुख्य कारण?
Ans. उद्योगों एवं घरेलू अपशिष्ट।
Q27. मत्स्य पालन कहाँ विकसित होता है?
Ans. समुद्री व मीठे जल में।
Q28. भारत का जलवायु प्रकार?
Ans. मानसूनी।
Q29. वर्षा अधिकतर कब होती है?
Ans. जून से सितंबर।
Q30. जल जीवन है — क्यों?
Ans. क्योंकि बिना जल जीवन संभव नहीं।
Q31–Q50 (Exam-Oriented Short Questions)
Q31. सिंचाई — फसलों हेतु जल
Q32. टैंकों का निर्माण — दक्षिण भारत
Q33. झीलें — जल संग्रह
Q34. बांध — नदी पर अवरोध
Q35. नहरें — सिंचाई हेतु
Q36. जल संरक्षण — Save Water
Q37. हाइड्रो पावर — Water Electricity
Q38. जलभृत — Groundwater layer
Q39. बाढ़ क्षेत्र — नदी किनारे
Q40. सूखा क्षेत्र — कम वर्षा
Q41. मरुस्थलीकरण — Desert spread
Q42. पेयजल — Drinking water
Q43. ग्लेशियर — बर्फ नदी
Q44. जलभरण — Ground recharge
Q45. वर्षा मात्रा — Rainfall level
Q46. मानसून — Seasonal winds
Q47. जल संकट — Water scarcity
Q48. वाटर हार्वेस्टिंग — Rain storage
Q49. पनबिजली — Hydro power
Q50. जल गुणवत्ता — Water purity
Q51–Q80 (Important One-Liners)
Q51. भारत का दक्षिणी पठार — नदियाँ छोटी
Q52. हिमालयी नदियाँ — सदैव जलयुक्त
Q53. वर्षा का स्रोत — समुद्र
Q54. पेयजल उपचार — फिल्ट्रेशन
Q55. पुनर्चक्रण — Reuse water
Q56. जल प्रबंधन — Water planning
Q57. तालाब — Traditional storage
Q58. झील — Natural/Artificial
Q59. खारे पानी — Sea water
Q60. मीठा पानी — Fresh water
Q61. वाटरपोल्यूशन — Dirty water
Q62. हाइड्रो डैम — Water barrier
Q63. वर्षा जल — Best fresh water
Q64. जल-बचाओ — Save future
Q65. वाटर-लेवल — Groundwater depth
Q66. जलवायु — Depends on water
Q67. जलापूर्ति — Water supply
Q68. रिसाइक्लिंग — Reuse
Q69. कृषि — Water-dependent
Q70. जीवन — Water-based
Q71. जलक्षय — Loss of water
Q72. सिंचाई प्रणालियाँ — Canal, drip, sprinkler
Q73. ड्रिप सिंचाई — Water saving
Q74. स्प्रिंकलर — Rain effect
Q75. वाटर स्कारसिटी — Shortage
Q76. भूजल — Under earth
Q77. सतही जल — Surface
Q78. मीठे जल का स्रोत — Rivers & rain
Q79. बाढ़ — Over-flow
Q80. जलधारा — Flowing water
Q81–Q100 (High-Value Quick Revision)
Q81. जल संरक्षण — Need of hour
Q82. पुनर्भरण — Recharge
Q83. भूमिगत जल ह्रास — Over-use
Q84. फसल उत्पादन — Water based
Q85. नदी घाटी — Catchment
Q86. जल के बिना — जीवन नहीं
Q87. ग्लोबल वार्मिंग — जल चक्र प्रभावित
Q88. जनसंख्या — जल दबाव बढ़ाती
Q89. औद्योगिकीकरण — जल खपत बढ़ाता
Q90. पीने का जल — सुरक्षित होना चाहिए
Q91. जल संचयन — रूफ-टॉप सिस्टम
Q92. ग्रामीण जल स्रोत — कुएं/तालाब
Q93. शहरी जल स्रोत — नल/टंकी
Q94. जल वाष्पीकरण — Evaporation
Q95. संघनन — Condensation
Q96. वर्षण — Precipitation
Q97. जल सुरक्षा — Need for future
Q98. नदियाँ — जीवन रेखा
Q99. परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु — जल संरक्षण
Q100. निष्कर्ष — जल बचाओ, जीवन बचाओ

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