1. कृषि के प्रकार (Types of Farming) 🚜
- प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि: छोटे टुकड़ों पर, पुराने औजारों (लकड़ी के हल) से, परिवार के साथ खेती करना। इसे पूर्वोत्तर भारत में 'झूम खेती' कहते हैं।
- गहन जीविका कृषि: जहाँ जनसंख्या का दबाव अधिक होता है। यहाँ कम जमीन से अधिक पैदावार लेने के लिए रसायनों का प्रयोग होता है।
- वाणिज्यिक कृषि (Commercial): लाभ कमाने के लिए। इसमें आधुनिक बीजों (HYV), कीटनाशकों और मशीनों का प्रयोग होता है। (जैसे: पंजाब में चावल, असम में चाय)।
भारत में तीन मुख्य फसल ऋतुएँ हैं। इसे याद कर लें, यह बोर्ड में जरूर आता है:
| ❄️ रबी (Rabi) | 🌧️ खरीफ (Kharif) | ☀️ जायद (Zaid) |
|---|---|---|
|
शीत ऋतु
बुवाई: अक्टूबर-दिसंबर कटाई: अप्रैल-जून फसलें: गेहूँ, जौ, मटर, चना, सरसों। |
मानसून
बुवाई: जून-जुलाई (मानसून शुरू) कटाई: सितंबर-अक्टूबर फसलें: चावल (धान), मक्का, ज्वार, बाजरा, कपास। |
ग्रीष्म ऋतु
समय: रबी और खरीफ के बीच का छोटा मौसम (मई-जून)। फसलें: तरबूज, खरबूजा, खीरा, सब्जियाँ, चारा। |
किस फसल को कितना पानी और तापमान चाहिए? यहाँ देखें:
| फसल | तापमान & वर्षा | मृदा (Soil) | प्रमुख राज्य |
|---|---|---|---|
| चावल (Rice) (मुख्य खाद्य फसल) |
• उच्च तापमान (25°C से ऊपर) • अधिक वर्षा (100 cm से ज्यादा) |
जलोढ़ मृदा (Alluvial) | प. बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब (सिंचाई से)। |
| गेहूँ (Wheat) (दूसरी मुख्य फसल) |
• ठंडी जलवायु • पकते समय खिली धूप • वर्षा: 50-75 cm |
जलोढ़ और काली मृदा | पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, म.प्र.। |
| मोटे अनाज (Millets) (ज्वार, बाजरा, रागी) |
• कम वर्षा • शुष्क जलवायु |
बलुई और उथली काली मृदा (बाजरा के लिए) | राजस्थान (बाजरा), महाराष्ट्र (ज्वार), कर्नाटक (रागी)। |
| गन्ना (Sugarcane) (नगदी फसल) |
• गर्म और आर्द्र जलवायु • 21°C - 27°C |
विविध मृदा | उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक। |
| चाय (Tea) (पेय पदार्थ) |
• उष्ण और उपोष्ण जलवायु • वर्ष भर समान वर्षा की बौछारें |
ह्यूमस वाली, ढलवां जमीन (ताकि पानी न रुके) | असम, दार्जिलिंग (प. बंगाल)। |
| कपास (Cotton) | • 210 पाला-रहित दिन (Frost-free days) • खिली धूप |
काली मृदा (Regur Soil) | महाराष्ट्र, गुजरात, म.प्र.। |
(A) संस्थागत और तकनीकी सुधार
- हरित क्रांति (Green Revolution): 1960 के दशक में उन्नत बीज (HYV), खाद और सिंचाई से उत्पादन बढ़ाया गया।
- श्वेत क्रांति (White Revolution): 'ऑपरेशन फ्लड' द्वारा दूध उत्पादन में वृद्धि।
- KCC: किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना।
🕊️ भूदान - ग्रामदान (रक्तहीन क्रांति)
एक बार विनोबा भावे भाषण दे रहे थे। कुछ भूमिहीन किसानों ने उनसे जमीन मांगी। तभी श्री रामचंद्र रेड्डी उठे और अपनी 80 एकड़ जमीन 80 भूमिहीन किसानों को दान कर दी। इसे 'भूदान' कहा गया। बाद में कई जमींदारों ने पूरे गाँव दान किए (ग्रामदान)। इसे भारत की 'रक्तहीन क्रांति' कहा जाता है।
प्रश्न 1: 'झूम खेती' (कर्तन दहन प्रणाली) क्या है?
उत्तर: यह आदिम प्रकार की कृषि है। इसमें किसान जंगल के एक छोटे टुकड़े को काटकर और जलाकर साफ करते हैं। फिर वहां बीज बोते हैं। जब मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है, तो वे उस जगह को छोड़कर दूसरी जगह चले जाते हैं। इसे पूर्वोत्तर भारत में 'झूम' कहते हैं।
प्रश्न 2: भारत की चार 'रेशेदार' (Fibre) फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर: (1) कपास, (2) जूट (पटसन), (3) सन और (4) प्राकृतिक रेशम।
(नोट: रेशम को छोड़कर बाकी तीनों मिट्टी में उगती हैं। रेशम कीड़े के कोकून से मिलता है।)
प्रश्न 3: जूट को 'सुनहरा रेशा' (Golden Fibre) क्यों कहते हैं?
उत्तर: इसके चमकीले सुनहरे रंग और इसके आर्थिक महत्व (विदेशी मुद्रा अर्जन) के कारण इसे 'सुनहरा रेशा' कहा जाता है। इसका उपयोग बोरियां, चटाई और कालीन बनाने में होता है।
अध्याय 4 समाप्त! 🌾
जय जवान, जय किसान!
अगला अध्याय: "खनिज तथा ऊर्जा संसाधन" (Minerals and Energy)
लौह अयस्क, कोयला, पेट्रोलियम और भारत की खदानें। ⛏️⚡
कक्षा 10 भूगोल अध्याय 4: कृषि (Agriculture) – संपूर्ण नोट्स एवं फसल कैलेंडर 2026
कृषि भारत की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन की आधारशिला है। यह अध्याय भारत में कृषि के प्रकार, फसल ऋतुएँ, प्रमुख फसलें, कृषि में तकनीकी एवं संस्थागत सुधार तथा कृषि के राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान को समझने में सहायता करता है।
सामग्री
1. कृषि की परिभाषा एवं महत्व
कृषि वह प्रक्रिया है जिसमें मानव मिट्टी को तैयार करके बीज बोता है, फसल उगाता है तथा पौधों और पशुओं से खाद्य पदार्थ, कच्चा माल और अन्य आवश्यक वस्तुएँ प्राप्त करता है। भारत में कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पशुपालन, डेयरी, मछली पालन, कुक्कुट पालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियाँ भी शामिल मानी जाती हैं।
भारत की बड़ी कार्यशील आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, इसलिए कृषि को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहा जाता है। कृषि खाद्य सुरक्षा, औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति और ग्रामीण रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
2. भारत में कृषि के प्रकार
2.1 आदिम निर्वाह कृषि (Primitive Subsistence Farming)
यह सबसे पुरानी कृषि पद्धति है, जो मुख्यतः वनों, पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित है। किसान पारंपरिक औज़ारों जैसे कुल्हाड़ी, खुरपी, हंसिया आदि से अपने परिवार की जरूरत भर फसल उगाता है, अधिशेष बचत बहुत कम होती है।
2.2 गहन निर्वाह कृषि (Intensive Subsistence Farming)
यह कृषि पद्धति जनसंख्या सघन वाले क्षेत्रों में छोटी जोतों पर अधिक उत्पादन के लिए अपनाई जाती है। इसमें खेत छोटे होते हैं, परंतु श्रम, उर्वरक, खाद और सिंचाई का उपयोग अधिक किया जाता है ताकि प्रति इकाई क्षेत्र से अधिकतम उत्पादन प्राप्त हो सके।
2.3 वाणिज्यिक कृषि (Commercial Farming)
वाणिज्यिक कृषि में उत्पादन का मुख्य उद्देश्य बाजार और लाभ होता है, न कि केवल परिवार की जरूरतें। इसमें उन्नत बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, मशीनरी और बड़े खेतों का उपयोग किया जाता है, जैसे – गन्ना, कपास, चाय, कॉफी की खेती।
2.4 रोपण कृषि (Plantation Agriculture)
रोपण कृषि में एक बड़े क्षेत्र में एक ही फसल को वैज्ञानिक ढंग से उगाया जाता है, जिसका उत्पादन मुख्यतः निर्यात या उद्योगों के लिए होता है। चाय, कॉफी, रबर, नारियल और इलायची आदि रोपण कृषि के प्रमुख उदाहरण हैं।
3. भारत की फसल ऋतुएँ एवं फसल कैलेंडर
भारत में कृषि मुख्यतः तीन फसल ऋतुओं पर आधारित है – खरीफ, रबी और जायद। इन ऋतुओं का निर्धारण मानसून, तापमान तथा नमी की स्थिति के आधार पर किया जाता है।
3.1 फसल कैलेंडर (Kharif–Rabi–Zaid)
| फसल ऋतु | बोआई का समय | कटाई का समय | मुख्य फसलें |
|---|---|---|---|
| खरीफ (Kharif) | जून–जुलाई (दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन पर) | सितंबर–अक्टूबर (मानसून के अंत पर) | धान (चावल), मक्का, ज्वार, बाजरा, सोयाबीन, कपास, जूट, मूंगफली, गन्ना आदि। |
| रबी (Rabi) | अक्टूबर–नवंबर (मानसून के बाद) | मार्च–अप्रैल / अप्रैल–मई | गेहूँ, जौ, चना, मटर, सरसों, आलू आदि। |
| जायद (Zaid) | मार्च–अप्रैल | जून–जुलाई (खरीफ से पहले) | तरबूज, खरबूज, ककड़ी, सब्जियाँ, चारा फसलें और कुछ छोटी अवधि वाली फसलें। |
4. भारत की प्रमुख फसलें
4.1 खाद्यान्न फसलें (Food Crops)
(क) धान (Rice)
धान भारत की मुख्य खाद्य फसल है और जनसंख्या के बड़े हिस्से के भोजन का आधार है। यह खरीफ फसल है, जिसे अधिक तापमान, अधिक नमी और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाया जाता है; सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में कम वर्षा में भी उगाई जा सकती है।
धान के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र – असम, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरला और पंजाब–हरियाणा के सिंचित क्षेत्र हैं।
(ख) गेहूँ (Wheat)
गेहूँ भारत की दूसरी सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है और मुख्यतः उत्तरी एवं उत्तर-पश्चिमी भारत की रबी फसल है। यह मध्यम तापमान, पर्याप्त नमी और अच्छी सिंचाई की व्यवस्था में उगाया जाता है।
गेहूँ के प्रमुख उत्पादक राज्य – पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश हैं।
(ग) मोटे अनाज (Millets) – ज्वार, बाजरा, रागी
मोटे अनाज सूखा एवं कम उपजाऊ मिट्टी में उगने वाली फसलें हैं, जिन्हें गरीबों का अनाज भी कहा जाता है। ज्वार नमी प्रिय, बाजरा रेतीली और काली मिट्टी में तथा रागी पहाड़ी व शुष्क क्षेत्रों में अच्छी होती है।
4.2 दलहन (Pulses)
दलहन फसलें (चना, अरहर/तूर, मूंग, उड़द, मसूर आदि) प्रोटीन का मुख्य स्रोत हैं और अधिकांशतः कम उर्वर मिट्टी में भी अच्छी तरह उग जाती हैं। दलहन मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर उसकी उर्वरता बढ़ाती हैं, इसलिए फसल चक्र में इनका विशेष महत्व है।
4.3 नगदी फसलें (Cash Crops)
(क) गन्ना (Sugarcane)
गन्ना एक उष्णकटिबंधीय, लम्बी अवधि की नगदी फसल है जो शक्कर, गुड़, खांडसारी और इथेनॉल के लिए प्रयुक्त होती है। इसे अधिक तापमान, पर्याप्त वर्षा/सिंचाई और गहरी, उपजाऊ दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है।
(ख) कपास (Cotton)
कपास एक महत्वपूर्ण रेशेदार नगदी फसल है, जिसे मुख्यतः काली कपासी मिट्टी में उगाया जाता है। यह 21°C से 30°C तापमान और मध्यम वर्षा वाली परिस्थितियों में अच्छी उपज देती है।
(ग) जूट, तिलहन, चाय एवं कॉफी
जूट को सुनहरा रेशा कहा जाता है, जो मुख्यतः गंगा–ब्रह्मपुत्र के डेल्टा क्षेत्रों में उगाया जाता है और बोरी, रस्सी, थैले आदि बनाने में प्रयोग होता है। तिलहन (सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, तिल, सूरजमुखी आदि) से तेल प्राप्त होता है जो भोजन एवं उद्योग दोनों के लिए उपयोगी है।
चाय एवं कॉफी महत्वपूर्ण रोपण फसलें हैं; चाय ठंडी एवं आर्द्र जलवायु वाली पहाड़ियों पर और कॉफी अधिक वर्षा वाले दक्षिण भारत के पठारी क्षेत्रों में उगाई जाती है।
5. कृषि में तकनीकी एवं संस्थागत सुधार
स्वतंत्रता के बाद कृषि को मजबूत बनाने के लिए भूमि सुधार, जमींदारी उन्मूलन, भूमिसुधार, समेकित जोत जैसी संस्थागत सुधार नीतियाँ लागू की गईं। साथ ही, हरित क्रांति, उच्च उत्पादक किस्मों के बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई परियोजनाएँ और यंत्रीकरण जैसे तकनीकी सुधार किए गए।
किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य, सहकारी समितियाँ और कृषि प्रसार सेवाएँ किसानों की सुरक्षा और उत्पादन बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। इन सुधारों का उद्देश्य कृषि को अधिक उत्पादक, लाभकारी और स्थायी बनाना है।
6. कृषि का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था एवं रोजगार में योगदान
कृषि भारत के सकल घरेलू उत्पाद में प्रत्यक्ष योगदान के साथ-साथ कई कृषि आधारित उद्योगों (टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, शुगर मिल, तेल मिल) को कच्चा माल उपलब्ध कराती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश रोजगार कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से ही उपलब्ध होता है।
कृषि से मिलने वाला विदेशी मुद्रा अर्जन (जैसे – कपास वस्त्र, चाय, कॉफी, मसाले, जूट उत्पादों का निर्यात) भी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए कृषि को भारत की आजीविका, भोजन, उद्योग और व्यापार – चारों के लिए आधार माना जाता है।
7. महत्वपूर्ण बिंदु (One-liner Facts)
- भारत की बड़ी कार्यशील जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।
- खरीफ, रबी और जायद – भारत की तीन प्रमुख फसल ऋतुएँ हैं।
- धान खरीफ, जबकि गेहूँ प्रमुख रबी खाद्य फसल है।
- जूट को “सुनहरा रेशा” कहा जाता है।
- हरित क्रांति उच्च उत्पादक किस्मों के बीज और सिंचाई–उर्वरक के पैकेज पर आधारित थी।
- कृषि फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा देती है।
8. अभ्यास प्रश्न (MCQ + लघु/दीर्घ उत्तरीय)
8.1 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
-
भारत में कितनी प्रमुख फसल ऋतुएँ मानी जाती हैं?
(A) दो (B) तीन (C) चार (D) पाँच
उत्तर: (B) तीन – खरीफ, रबी और जायद। -
धान किस फसल ऋतु की फसल है?
(A) रबी (B) खरीफ (C) जायद (D) मिश्रित
उत्तर: (B) खरीफ। -
जूट को किस नाम से जाना जाता है?
(A) गरीबों का अनाज (B) सुनहरा रेशा (C) सफेद सोना (D) पीला धातु
उत्तर: (B) सुनहरा रेशा। -
गन्ना मुख्यतः किस प्रकार की फसल है?
(A) खाद्यान्न फसल (B) नगदी फसल (C) दलहन फसल (D) रेशेदार फसल
उत्तर: (B) नगदी फसल। -
गहन निर्वाह कृषि की मुख्य विशेषता क्या है?
(A) बड़े खेत, कम श्रम (B) छोटे खेत, अधिक श्रम (C) केवल मशीनों का उपयोग (D) केवल पशुपालन
उत्तर: (B) छोटे खेत, अधिक श्रम।
8.2 लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
- भारत में कृषि के तीन प्रमुख प्रकारों को संक्षेप में समझाइए – आदिम निर्वाह, गहन निर्वाह और वाणिज्यिक कृषि।
- खरीफ, रबी और जायद फसल ऋतुओं की विशेषताएँ लिखिए।
- धान की खेती के लिए आवश्यक भौतिक परिस्थितियाँ बताइए।
- दलहन फसलों का महत्व क्या है? दो कारण लिखिए।
8.3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)
- “कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है” – इस कथन की पुष्टि करते हुए कृषि के महत्व और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में इसके योगदान की व्याख्या कीजिए।
- भारत में कृषि में किए गए प्रमुख तकनीकी और संस्थागत सुधारों का वर्णन कीजिए।
- भारत की प्रमुख खाद्यान्न और नगदी फसलों का वर्गीकरण कीजिए और उनमें से किसी दो फसलों की भौतिक एवं आर्थिक आवश्यकताएँ लिखिए।
Agriculture (कृषि) Notes & Question Bank – 100 Questions & Answers | 2026
Q1. कृषि किसे कहते हैं?
Ans. भूमि पर फसलों का उत्पादन व पशुपालन को कृषि कहते हैं।
Q2. भारत में कृषि मुख्य रूप से किस पर निर्भर करती है?
Ans. मानसूनी वर्षा पर।
Q3. भारत में कितने प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं?
Ans. लगभग 50% लोग।
Q4. खाद्यान्न फसलें कौन-सी हैं?
Ans. गेहूं, चावल, ज्वार, बाजरा आदि।
Q5. भारत में प्रमुख खरीफ फसलें कौन-सी हैं?
Ans. धान, मक्का, ज्वार, कपास, गन्ना, मूंगफली।
Q6. प्रमुख रबी फसलें?
Ans. गेहूं, चना, सरसों, जौ, मटर।
Q7. ज़ायद फसलें कौन-सी हैं?
Ans. खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, सब्ज़ियाँ।
Q8. भारत में धान कहाँ अधिक उगाया जाता है?
Ans. असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु।
Q9. गेहूं कहाँ उगाया जाता है?
Ans. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान।
Q10. कपास उगाने के लिए किस प्रकार की मिट्टी उपयुक्त है?
Ans. काली मिट्टी।
Q11. बागवानी किसे कहते हैं?
Ans. फल-सब्ज़ियों की खेती को।
Q12. भारत की दो प्रमुख नकदी फसलें?
Ans. कपास और गन्ना।
Q13. जूट कहाँ उगाया जाता है?
Ans. गंगा-ब्रह्मपुत्र के डेल्टा में।
Q14. गन्ने का प्रमुख उत्पादक राज्य?
Ans. उत्तर प्रदेश।
Q15. भारत का प्रमुख खाद्यान्न?
Ans. चावल।
Q16. भारत में कृषि का स्वरूप कैसा है?
Ans. पारंपरिक एवं आश्रित।
Q17. ग्रीन रिवोल्यूशन क्या है?
Ans. उन्नत बीजों व तकनीक से उत्पादन बढ़ाना।
Q18. हरित क्रांति का जनक कौन?
Ans. नॉर्मन बोरलॉग।
Q19. भारत में हरित क्रांति का लाभ मुख्यतः किसे मिला?
Ans. पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
Q20. जैविक कृषि क्या है?
Ans. बिना रासायनिक खाद-कीटनाशक के खेती।
Q21. मिश्रित कृषि क्या है?
Ans. फसल + पशुपालन एक साथ।
Q22. शिफ्टिंग कल्टीवेशन कहाँ पाई जाती है?
Ans. पूर्वोत्तर भारत में।
Q23. शिफ्टिंग खेती का स्थानीय नाम?
Ans. झूम खेती।
Q24. गहन कृषि किसे कहते हैं?
Ans. छोटी भूमि पर बार-बार फसल उगाना।
Q25. वर्षा आधारित खेती कहाँ प्रचलित है?
Ans. मध्य और प्रायद्वीपीय भारत।
Q26. सिंचित कृषि कहाँ पाई जाती है?
Ans. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तरप्रदेश।
Q27. रबी फसल बोने का समय?
Ans. अक्टूबर–नवंबर।
Q28. खरीफ फसल बोने का समय?
Ans. जून–जुलाई।
Q29. रबी फसल कटाई?
Ans. मार्च–अप्रैल।
Q30. खरीफ फसल कटाई?
Ans. सितंबर–अक्टूबर।
Q31–Q50 (Exam Focus Short Questions)
Q31. भारत एक कृषि प्रधान देश है — सही
Q32. मक्का — खरीफ फसल
Q33. चना — रबी फसल
Q34. तेजपुर — चाय उत्पादन
Q35. दार्जिलिंग — चाय
Q36. कॉफी — कर्नाटक में अधिक
Q37. रबर — केरल
Q38. मसाले — दक्षिण भारत
Q39. कृषि ऋण — KCC
Q40. सहकारिता — दूध उत्पादन
Q41. दुग्ध क्रांति — ऑपरेशन फ्लड
Q42. डेयरी — पशुधन आधारित
Q43. राजस्थान — बाजरा प्रमुख
Q44. मध्य प्रदेश — सोयाबीन
Q45. गुजरात — गन्ना/कपास
Q46. नकदी फसल — कपास
Q47. मृदा अपरदन — कृषि हेतु हानिकारक
Q48. सिंचाई — उत्पादन बढ़ाती
Q49. मल्चिंग — नमी संरक्षण
Q50. उर्वरक — मिट्टी पोषण
Q51–Q80 (High Value One-Liners)
Q51. ICAR — Agriculture Research
Q52. MSP — न्यूनतम समर्थन मूल्य
Q53. FCI — Food storage
Q54. कृषि जोखिम — वर्षा निर्भर
Q55. फसल बीमा — PMFBY
Q56. जैव उर्वरक — गोबर खाद
Q57. मिश्रित फसल — दो फसल साथ
Q58. फसल चक्र — बारी-बारी फसल
Q59. नीली क्रांति — मत्स्य पालन
Q60. श्वेत क्रांति — दूध उत्पादन
Q61. ग्रीन मैन्योर — हरी खाद
Q62. पशुपालन — ग्रामीण आय वृद्धि
Q63. चाय — एस्साम
Q64. मसाले — केरल
Q65. जूट — सुनहरा रेशा
Q66. रेशम — कीट से प्राप्त
Q67. कृषि उत्पाद — Primary sector
Q68. मत्स्य — उद्योग भी
Q69. बागवानी — फल-सब्जियाँ
Q70. जलवायु — खेती को प्रभावित
Q71. मानसून — जीवन रेखा
Q72. भूमि-जोत — छोटी
Q73. ट्रैक्टर — यंत्रीकरण
Q74. पुराने औजार — हल, दरांती
Q75. कृषि विपणन — बिक्री प्रक्रिया
Q76. मंडी — खरीद-बिक्री
Q77. निर्यात — कृषि आय
Q78. WTO — वैश्विक व्यापार
Q79. शुष्क खेती — कम वर्षा वाले क्षेत्र
Q80. सिंचित खेती — अधिक उत्पादन
Q81–Q100 (Revision Capsule)
Q81. जैविक खाद — पर्यावरण अनुकूल
Q82. उर्वरता — मिट्टी की शक्ति
Q83. कीट — फसल नुकसान
Q84. बीज — अच्छी गुणवत्ता
Q85. भूमि सुधार — कृषक हित
Q86. किसान क्रेडिट कार्ड — KCC
Q87. PM-KISAN — किसानों को सहायता
Q88. जल-संरक्षण — खेती के लिए जरूरी
Q89. किसान — अर्थव्यवस्था का आधार
Q90. मंडी मूल्य — बाजार दर
Q91. खाद्यान्न भंडारण — गोदाम
Q92. पैदावार — उत्पादन
Q93. कृषि नीति — सरकारी योजना
Q94. ट्रांसपोर्ट — मंडी तक ले जाना
Q95. इंटरनेट — कृषि जानकारी
Q96. मौसम पूर्वानुमान — सहायक
Q97. सूखा — खेती पर प्रभाव
Q98. बाढ़ — फसल नष्ट
Q99. कृषि — जीवन का आधार
Q100. निष्कर्ष — कृषि बचाओ, देश बचाओ


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