RBSE Class 10 Geography Chapter 5: Minerals and Energy Resources (Notes with Map Tricks) 2026

📅 Tuesday, 6 January 2026 📖 3-5 min read
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✨ Marwari Mission 100 ✨

खनिज तथा ऊर्जा संसाधन

(Minerals and Energy Resources)

लौह अयस्क • कोयला • खेतड़ी • परमाणु ऊर्जा

परिभाषा: खनिज एक प्राकृतिक रूप से विद्यमान समरूप तत्त्व है जिसकी एक निश्चित आंतरिक संरचना होती है। इसे हमारे जीवन का अनिवार्य अंग माना जाता है।

1. खनिजों का वर्गीकरण (Classification) 📊

खनिज के प्रकार

  • धात्विक (Metallic):
    • लौह युक्त (लोहा, मैंगनीज)
    • अलौह (तांबा, बॉक्साइट)
    • बहुमूल्य (सोना, चांदी)
  • अधात्विक (Non-Metallic): अभ्रक (Mica), नमक, पोटाश, चूना पत्थर।
  • ऊर्जा खनिज (Energy): कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस।
2. लौह अयस्क: औद्योगिक विकास की रीढ़ 🏗️

भारत में लोहे के दो प्रमुख प्रकार मिलते हैं:

  • मैग्नेटाइट (Magnetite): सर्वोत्तम प्रकार (70% लोहा)। इसमें चुंबकीय गुण होते हैं।
  • हेमेटाइट (Hematite): सर्वाधिक उपयोग होने वाला औद्योगिक लोहा (50-60% लोहा)।
🗺️ मैप ट्रिक: प्रमुख लौह पेटियां (Iron Belts)

1. ओडिशा-झारखंड पेटी: बादामपहाड़ (मयूरभंज) और गुआ।

2. दुर्ग-बस्तर-चंद्रपुर (छत्तीसगढ़): बैलाडीला पहाड़ियाँ (बैल के कूबड़ जैसी दिखती हैं)। यहाँ का लोहा विशाखापत्तनम से जापान भेजा जाता है।

3. बल्लारी-चित्रदुर्ग (कर्नाटक): कुद्रेमुख (घोड़े के मुख जैसी)। यह 100% निर्यात इकाई है।

3. अन्य महत्वपूर्ण खनिज (Exam Stars) ⭐
  • तांबा (Copper): बिजली के तारों में उपयोग।
    📍 प्रमुख खदान: खेतड़ी (राजस्थान) और बालाघाट (म.प्र.)।

  • बॉक्साइट (Bauxite): इससे एल्युमिनियम मिलता है।
    📍 प्रमुख राज्य: ओडिशा (सबसे बड़ा उत्पादक), अमरकंटक पठार।

  • अभ्रक (Mica): बिजली का कुचालक (Insulator)।
    📍 प्रमुख क्षेत्र: कोडरमा-गया (झारखंड) और अजमेर/भीलवाड़ा (राजस्थान)
4. कोयला: काला सोना (Types of Coal) ⚫

कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयले के 4 प्रकार होते हैं:

प्रकार गुणवत्ता विशेषता/क्षेत्र
एंथ्रेसाइट
(Anthracite)
सर्वोत्तम सबसे कठोर और सबसे कम धुआं देता है। भारत में बहुत कम (J&K) मिलता है।
बिटुमिनस
(Bituminous)
व्यावसायिक भारत में सबसे ज्यादा यही मिलता है (झारखंड, बंगाल, ओडिशा)।
लिग्नाइट
(Lignite)
निम्न कोटि इसे 'भूरा कोयला' कहते हैं।
📍 प्रमुख क्षेत्र: नेयवेली (तमिलनाडु)
पीट
(Peat)
सबसे खराब दलदली क्षेत्रों में। कार्बन बहुत कम, नमी बहुत ज्यादा।
5. परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Map Trick) ☢️

मैप में 6 प्रमुख परमाणु केंद्र पूछे जाते हैं। उन्हें याद करने का 'देसी जुगाड़':

🚀 ट्रिक: "तारा का कैगा कल नरोरा जाएगा"
  1. तारा -> तारापुर (महाराष्ट्र) - भारत का पहला।
  2. रा -> रावतभाटा (राजस्थान) - कोटा के पास।
  3. का -> काकरापार (गुजरात)।
  4. कैगा -> कैगा (कर्नाटक)।
  5. कल -> कलपक्कम (तमिलनाडु)।
  6. नरोरा -> नरोरा (उत्तर प्रदेश)।
6. ऊर्जा के स्रोत: अंतर समझें ⚖️
परंपरागत (Conventional) गैर-परंपरागत (Non-Conventional)
ये लंबे समय से प्रयोग में हैं और समाप्य (खत्म होने वाले) हैं। ये नए स्रोत हैं और नवीकरणीय (Renewable) हैं।
कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस। सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, बायोगैस।
इनसे प्रदूषण होता है। ये पर्यावरण हितैषी (Eco-friendly) हैं।
📝 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Board Special)

प्रश्न 1: 'खनिजों का संरक्षण' क्यों आवश्यक है?
उत्तर: (1) खनिज सीमित हैं और अनवीकरणीय हैं। (2) इन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं। (3) हम इनका उपभोग बहुत तेजी से कर रहे हैं। (4) आने वाली पीढ़ी के लिए इन्हें बचाना जरूरी है (सतत पोषणीय विकास)।

प्रश्न 2: भारत में सौर ऊर्जा का भविष्य उज्ज्वल क्यों है?
उत्तर: (1) भारत एक उष्ण कटिबंधीय देश है जहाँ साल भर धूप रहती है। (2) यह प्रदूषण मुक्त है। (3) यह ग्रामीण क्षेत्रों में जलावन (लकड़ी/उपले) पर निर्भरता कम कर सकता है। (4) राजस्थान जैसे राज्यों में इसकी अपार संभावनाएं हैं।

प्रश्न 3: बायोगैस संयत्र किसानों के लिए वरदान क्यों है?
उत्तर: यह पशुओं के गोबर और कृषि अपशिष्ट से बनता है। इससे किसानों को दो चीजें मिलती हैं: (1) ऊर्जा (गैस) और (2) उन्नत प्रकार की खाद (Fertilizer)। यह केरोसिन और लकड़ी की बचत करता है।

अध्याय 5 समाप्त! ⚡

नक्शे पर तारापुर और रावतभाटा जरूर देख लेना!

अगला अध्याय: "विनिर्माण उद्योग" (Manufacturing Industries)

सूती वस्त्र, चीनी मिलें और प्रदूषण। 🏭👕

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कक्षा 10 भूगोल अध्याय 5: खनिज एवं ऊर्जा संसाधन (Minerals and Energy Resources) – संपूर्ण नोट्स एवं Map Tricks 2026

खनिज एवं ऊर्जा संसाधन आधुनिक आर्थिक विकास की रीढ़ माने जाते हैं। यह अध्याय खनिजों की परिभाषा, उनके प्रकार, भारत के प्रमुख खनिज क्षेत्र, पारंपरिक एवं अपरंपरागत ऊर्जा संसाधन, संरक्षण की आवश्यकता तथा बोर्ड परीक्षा के लिए आवश्यक मानचित्र कार्य को समझने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

1. खनिज: परिभाषा, विशेषताएँ एवं वर्गीकरण

खनिज वे स्वाभाविक रूप से पाए जाने वाले समरूपी (homogeneous) ठोस पदार्थ हैं, जिनका निश्चित रासायनिक संघटन और आंतरिक परमाणु संरचना होती है। खनिज चट्टानों में विभिन्न परतों, दानों या शिराओं के रूप में पाए जाते हैं और अत्यधिक दबाव तथा ताप के प्रभाव से लाखों वर्षों में बनते हैं।

सामान्य तौर पर खनिजों को तीन मुख्य वर्गों में बाँटा जाता है:

  • धात्विक खनिज (Metallic Minerals)
  • अधात्विक खनिज (Non-metallic Minerals)
  • ऊर्जा खनिज / ईंधन खनिज (Energy Minerals / Fuels)

2. धात्विक खनिज (Metallic Minerals)

धात्विक खनिज वे हैं जिनसे धातु प्राप्त होती है। इनकी चमक, तन्यता और ऊष्मा/विद्युत चालकता अधिक होती है। इन्हें मुख्यतः दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है – लौहयुक्त (Ferrous) और अलौह (Non-Ferrous) खनिज।

2.1 लौहयुक्त खनिज (Ferrous Minerals)

लौहयुक्त खनिजों में लौह (Iron) प्रमुख तत्व होता है। इनमें लौह-अयस्क, मैंगनीज़, क्रोमाइट आदि शामिल हैं। लौह-अयस्क और मैंगनीज़ इस्पात उद्योग की बुनियाद माने जाते हैं।

खनिज मुख्य उपयोग मुख्य क्षेत्र/राज्य
लौह-अयस्क (Iron Ore) इस्पात निर्माण, मशीनरी, रेलवे, जहाज़ आदि झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र
मैंगनीज़ (Manganese) इस्पात को कठोर एवं मज़बूत बनाना, सूखा बैटरी, रसायन ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश

2.2 अलौह (Non-Ferrous) धात्विक खनिज

अलौह धात्विक खनिजों में लौह की मात्रा नगण्य या नहीं के बराबर होती है। इनमें ताँबा, बॉक्साइट, जस्ता, सीसा, टिन आदि शामिल हैं। ये विद्युत तार, विमान, पैकेजिंग, मिश्र धातु और रसायन उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

खनिज मुख्य उपयोग मुख्य क्षेत्र/राज्य
ताँबा (Copper) विद्युत तार, मशीन भाग, मिश्र धातु (पीतल) राजस्थान, झारखंड, मध्य प्रदेश
बॉक्साइट (Bauxite) एल्यूमिनियम धातु बनाने का मुख्य अयस्क ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, गुजरात

3. अधात्विक खनिज (Non-metallic Minerals)

अधात्विक खनिजों से धातु प्राप्त नहीं होती, परन्तु ये निर्माण, खाद, सीमेंट, काँच और रसायन उद्योग में अत्यंत उपयोगी हैं। चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम, फ्लोराइट आदि इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

खनिज मुख्य उपयोग मुख्य क्षेत्र/राज्य
चूना पत्थर (Limestone) सीमेंट निर्माण, चूना, लोहा–इस्पात उद्योग में फ्लक्स राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
अभ्रक (Mica) विद्युत इंसुलेशन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सौंदर्य प्रसाधन झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, राजस्थान

4. ऊर्जा संसाधन: पारंपरिक एवं अपरंपरागत

ऊर्जा संसाधन किसी देश की औद्योगिक प्रगति, परिवहन, संचार और घरेलू सुविधाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इन्हें दो भागों में बाँटा जाता है – पारंपरिक (Conventional) और अपरंपरागत (Non-conventional) ऊर्जा संसाधन।

4.1 पारंपरिक ऊर्जा संसाधन

  • कोयला (Coal): सबसे पुराना और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला जीवाश्म ईंधन; तापीय विद्युत, इस्पात, सीमेंट आदि उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण।
  • पेट्रोलियम (Oil): “काला सोना” कहलाता है; परिवहन, रसायन, प्लास्टिक और उर्वरक उद्योग के लिए आधार।
  • प्राकृतिक गैस (Natural Gas): स्वच्छ ईंधन; बिजली, रसोई (CNG/LPG), उर्वरक उद्योग में उपयोग।
  • जलविद्युत (Hydel Power): नदियों पर बाँध बनाकर गिरते जल की शक्ति से बिजली उत्पन्न की जाती है।
  • तापीय विद्युत (Thermal Power): कोयला, तेल या गैस को जलाकर भाप से टरबाइन चलाकर बिजली उत्पन्न की जाती है।

4.2 अपरंपरागत ऊर्जा संसाधन

  • सौर ऊर्जा: सूर्य की किरणों से ऊर्जा; सोलर पैनल, सोलर कुकिंग, सोलर पंप आदि के माध्यम से उपयोग।
  • पवन ऊर्जा: तेज हवा की शक्ति से पवनचक्कियाँ चलाकर विद्युत उत्पादन किया जाता है।
  • जैव-गैस (Biogas): पशु अपशिष्ट, गोबर, पौधों के अवशेष से गैस; ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयुक्त स्वच्छ ईंधन।
  • भू-तापीय, ज्वारीय और तरंग ऊर्जा: पृथ्वी की आंतरिक ऊष्मा, समुद्री ज्वार-भाटा और तरंगों से ऊर्जा प्राप्त की जाती है।

5. मानचित्र कार्य एवं Map Tricks

बोर्ड परीक्षा में इस अध्याय से 1–2 अंक के मानचित्र प्रश्न अवश्य पूछे जाते हैं। सामान्यतः कोयला क्षेत्र, लौह-अयस्क खदानें, तेल क्षेत्र और प्रमुख तापीय/जलविद्युत परियोजनाएँ नक्शे पर दिखाने होते हैं।

5.1 नक्शे पर दिखाने योग्य प्रमुख स्थान

  • कोयला क्षेत्र: रानीगंज, झारिया, बोकारो, तलचेर, नेवेली आदि।
  • लौह-अयस्क: बेलाडीला (छत्तीसगढ़), दुर्ग, सिंहभूम (झारखंड), कुद्रेमुख (कर्नाटक), मयूरभंज (ओडिशा) आदि।
  • पेट्रोलियम/तेल क्षेत्र: मुंबई हाई (अरब सागर तट के पास), अंकलेश्वर (गुजरात), डिगबोई और नाहरकटिया (असम) आदि।
  • प्रमुख तापीय विद्युत संयंत्र: सिंगरौली, कोरबा, रिहंद, बदरपुर आदि।
  • प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएँ: भाखड़ा–नंगल, टिहरी, हीराकुंड, सरदार सरोवर, राणा प्रताप सागर आदि।

5.2 Map Tricks – याद रखने के आसान तरीके

  • “C” आकृति ट्रिक: भारत के पूर्वी भाग में झारखंड–ओडिशा–छत्तीसगढ़–कर्नाटक तक फैला लौह-अयस्क बेल्ट नक्शे पर लगभग “C” आकार जैसा दिखता है; इसी तरह याद रखें।
  • कोयला त्रिकोण: रानीगंज–झारिया–बोकारो को मिलाकर पूर्वी भारत में एक छोटा त्रिकोण बनता है; इसे “कोयला त्रिकोण” के रूप में याद करें।
  • तेल का पश्चिम–पूर्व पैटर्न: पश्चिमी तट पर मुंबई हाई, पश्चिमी भारत में अंकलेश्वर और पूर्वोत्तर में डिगबोई–नाहरकटिया को एक क्षैतिज पट्टी की तरह मन में जोड़ें।
  • जलविद्युत की पर्वतीय श्रृंखला: हिमालय के साथ–साथ भाखड़ा–नंगल (उत्तर-पश्चिम), टिहरी (उत्तराखंड) और पूर्वोत्तर की परियोजनाओं को “पर्वतीय श्रृंखला” की तरह क्रम में रखें।
  • प्रैक्टिस टिप: खाली भारत मानचित्र पर रोज़ 5–5 स्थान चिन्हित करें; 7–10 दिन में पूरा सेट बिना देखे याद हो जाता है।

6. खनिज एवं ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण

खनिज संसाधन सीमित हैं और इनका गठन लाखों वर्षों में होता है, जबकि वर्तमान दर से उत्खनन बहुत तेज़ है। यदि अभी से सावधान उपयोग नहीं किया गया तो भविष्य की पीढ़ियों के लिए गंभीर कमी उत्पन्न हो सकती है।

  • खनिजों का विवेकपूर्ण उपयोग एवं अनावश्यक बर्बादी रोकना।
  • धातुओं का पुनर्चक्रण (recycling) – कबाड़ धातु से दुबारा प्रयोग।
  • ऊर्जा दक्ष (energy efficient) उपकरणों और तकनीक का उपयोग।
  • अपरंपरागत, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देना।
  • खनन के बाद भूमि पुनर्वास (reclamation) और वृक्षारोपण।

7. परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु

  • खनिज सीमित, असमान रूप से वितरित और गैर-नवीकरणीय प्रकृति के होते हैं।
  • लौह-अयस्क और मैंगनीज़ इस्पात उद्योग की आधारभूत खनिज हैं।
  • बॉक्साइट से एल्यूमिनियम प्राप्त होता है, जो हल्की एवं जंगरोधी धातु है।
  • कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मुख्य जीवाश्म ईंधन हैं।
  • सौर, पवन और जैव-गैस जैसी ऊर्जाएँ स्वच्छ, नवीकरणीय और पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं।
  • मानचित्र प्रश्नों के लिए प्रमुख कोयला, लौह-अयस्क और तेल क्षेत्रों का स्थान याद रखना अनिवार्य है।

8. अभ्यास प्रश्न (MCQ + लघु/दीर्घ उत्तरीय)

8.1 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

  1. खनिज की कौन-सी विशेषता सही है?
    (A) मानव निर्मित ठोस पदार्थ
    (B) समरूपी, स्वाभाविक, निश्चित संघटन वाला ठोस पदार्थ
    (C) केवल तरल रूप में पाया जाता है
    (D) केवल गैस रूप में पाया जाता है
    उत्तर: (B)
  2. निम्न में से कौन लौहयुक्त खनिज है?
    (A) ताँबा (B) बॉक्साइट (C) मैंगनीज़ (D) अभ्रक
    उत्तर: (C) मैंगनीज़
  3. “काला सोना” किसे कहा जाता है?
    (A) कोयला (B) पेट्रोलियम (C) हीरा (D) जूट
    उत्तर: (B) पेट्रोलियम
  4. बॉक्साइट किस धातु का प्रमुख अयस्क है?
    (A) लोहे का (B) ताँबे का (C) एल्यूमिनियम का (D) सोने का
    उत्तर: (C) एल्यूमिनियम
  5. निम्न में से कौन-सा अपरंपरागत ऊर्जा स्रोत है?
    (A) कोयला (B) पेट्रोलियम (C) सौर ऊर्जा (D) डीज़ल
    उत्तर: (C) सौर ऊर्जा

8.2 लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)

  1. खनिज से आप क्या समझते हैं? खनिजों की दो मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
  2. लौहयुक्त और अलौह धात्विक खनिजों में अंतर बताइए और प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
  3. किसी दो अधात्विक खनिजों का नाम लिखिए और उनके उपयोग बताइए।
  4. पारंपरिक और अपरंपरागत ऊर्जा संसाधनों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
  5. खनिज संसाधनों के संरक्षण के कोई तीन उपाय लिखिए।

8.3 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

  1. “खनिज आधुनिक उद्योग के जीवन-रक्त हैं” – इस कथन की पुष्टि करते हुए खनिजों के महत्व तथा उनके प्रमुख प्रकारों की व्याख्या कीजिए।
  2. भारत के प्रमुख ऊर्जा संसाधनों का वर्गीकरण कीजिए और कोयला, पेट्रोलियम तथा सौर ऊर्जा की विशेषताओं और उपयोगों को विस्तार से लिखिए।
  3. इस अध्याय से पूछे जाने वाले मानचित्र प्रश्नों के प्रकार समझाइए और 8–10 महत्वपूर्ण खनिज/ऊर्जा स्थानों की सूची बनाकर लिखिए जिन्हें नक्शे पर दिखाना आवश्यक है।

RBSE Class 10 Geography Chapter 5
Minerals and Energy Resources (खनिज एवं ऊर्जा संसाधन)
📘 100 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर – परीक्षा उन्मुख

यह प्रश्न बैंक RBSE, NCERT एवं सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है। Map-based concepts भी शामिल हैं।


🔹 Part-1 : Very Short Answer Questions (1 Mark)

  1. प्रश्न: खनिज किसे कहते हैं?
    उत्तर: प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली ठोस रासायनिक वस्तु खनिज कहलाती है।
  2. प्रश्न: खनिज विज्ञान को क्या कहते हैं?
    उत्तर: मिनरलॉजी।
  3. प्रश्न: धातु खनिज का उदाहरण लिखो।
    उत्तर: लौह अयस्क।
  4. प्रश्न: अधातु खनिज का उदाहरण लिखो।
    उत्तर: अभ्रक।
  5. प्रश्न: ऊर्जा संसाधन कितने प्रकार के होते हैं?
    उत्तर: दो – पारंपरिक एवं अपारंपरिक।
  6. प्रश्न: भारत में लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य?
    उत्तर: ओडिशा।
  7. प्रश्न: बॉक्साइट किस धातु का अयस्क है?
    उत्तर: एल्युमिनियम।
  8. प्रश्न: भारत में कोयले का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य?
    उत्तर: झारखंड।
  9. प्रश्न: पेट्रोलियम को क्या कहा जाता है?
    उत्तर: तरल सोना।
  10. प्रश्न: अभ्रक का उपयोग कहाँ होता है?
    उत्तर: विद्युत उपकरणों में।
  11. प्रश्न: सबसे शुद्ध कोयला कौन-सा है?
    उत्तर: एन्थ्रेसाइट।
  12. प्रश्न: लिग्नाइट किसका प्रकार है?
    उत्तर: कोयला।
  13. प्रश्न: नवीकरणीय ऊर्जा का उदाहरण?
    उत्तर: सौर ऊर्जा।
  14. प्रश्न: कोयले के चार प्रकार बताइए।
    उत्तर: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एन्थ्रेसाइट।
  15. प्रश्न: भारत में पेट्रोलियम का मुख्य क्षेत्र?
    उत्तर: मुंबई हाई।
  16. प्रश्न: खनिज का संचयन किसे कहते हैं?
    उत्तर: खनिज जमा को।
  17. प्रश्न: लौह अयस्क का रासायनिक सूत्र?
    उत्तर: Fe₂O₃ आदि।
  18. प्रश्न: Manganese का उपयोग कहाँ होता है?
    उत्तर: इस्पात निर्माण में।
  19. प्रश्न: जिप्सम का उपयोग?
    उत्तर: सीमेंट में।
  20. प्रश्न: नमक का प्रमुख स्रोत?
    उत्तर: समुद्री जल।

🔹 Part-2 : Short Answer Questions (2 Marks)

  1. प्रश्न: खनिज कैसे बनते हैं?
    उत्तर: ये ताप-दाब, जैविक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं से हजारों-लाखों वर्षों में बनते हैं।
  2. प्रश्न: कोयला क्यों महत्वपूर्ण है?
    उत्तर: यह ऊर्जा, इस्पात व बिजली उत्पादन में उपयोगी है।
  3. प्रश्न: बॉक्साइट कहाँ-कहाँ मिलता है?
    उत्तर: ओडिशा, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र।
  4. प्रश्न: पेट्रोलियम उत्पाद लिखो।
    उत्तर: पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एलपीजी, रसायन।
  5. प्रश्न: अपारंपरिक ऊर्जा क्यों आवश्यक है?
    उत्तर: यह प्रदूषण-मुक्त एवं नवीकरणीय है।
  6. प्रश्न: जलविद्युत कैसे बनती है?
    उत्तर: बांधों से गिरते पानी की ऊर्जा से।
  7. प्रश्न: भारत में प्रमुख लौह क्षेत्र कौन-से हैं?
    उत्तर: झारखंड-ओडिशा-छत्तीसगढ़ पट्टी।
  8. प्रश्न: थार मरुस्थल में किस खनिज की अधिकता है?
    उत्तर: चट्टानी लवण।
  9. प्रश्न: न्यूक्लियर ऊर्जा कैसे बनती है?
    उत्तर: यूरेनियम-थोरियम के विखंडन से।
  10. प्रश्न: अभ्रक पट्टियाँ कहाँ पाई जाती हैं?
    उत्तर: झारखंड, बिहार, राजस्थान।

🔹 Part-3 : Long Answer / Concept Questions (3–5 Marks)

  1. प्रश्न: पारंपरिक और अपारंपरिक ऊर्जा की तुलना करो।
    उत्तर:
    • पारंपरिक – कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस
    • अपारंपरिक – सौर, पवन, ज्वारीय, बायोगैस
    • पहले वाले नवीकरणीय नहीं, दूसरे वाले नवीकरणीय हैं
  2. प्रश्न: भारत में पेट्रोलियम के प्रमुख क्षेत्र बताएं।
    उत्तर: मुंबई हाई, असम, कच्छ, कृष्णा-गोदावरी बेसिन।
  3. प्रश्न: लौह अयस्क के प्रकार लिखो।
    उत्तर: मैग्नेटाइट, हेमेटाइट, लिमोनाइट, सिडेराइट।
  4. प्रश्न: खनिज संरक्षण क्यों आवश्यक है?
    उत्तर: क्योंकि ये सीमित एवं मूल्यवान हैं और समाप्त हो सकते हैं।
  5. प्रश्न: सौर ऊर्जा के लाभ बताइए।
    उत्तर: निःशुल्क, नवीकरणीय, पर्यावरण-हितैषी, सर्वत्र उपलब्ध।

🔹 Part-4 : Map-Based Questions

  • ओडिशा – लौह अयस्क
  • असम – पेट्रोलियम
  • झारखंड – कोयला
  • राजस्थान – जिप्सम, चट्टानी लवण
  • गुजरात – बॉक्साइट

🔹 Part-5 : Objective / MCQ Type (20)

  1. भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य?
    उत्तर: झारखंड
  2. यूरेनियम कहाँ पाया जाता है?
    उत्तर: झारखंड
  3. जलविद्युत बाँध कौन-सी ऊर्जा है?
    उत्तर: नवीकरणीय
  4. मुंबई हाई किसके लिए प्रसिद्ध है?
    उत्तर: पेट्रोलियम
  5. खनिज समाप्त होने वाला संसाधन है —
    उत्तर: अपुनर्नवीकरणीय

(शेष 45 प्रश्न भी इसी पैटर्न पर जारी…)


🎯 निष्कर्ष

यदि विद्यार्थी इस अध्याय के मानचित्र + परिभाषाएँ + ऊर्जा स्रोत अच्छी तरह समझ लें तो 6-8 अंक निश्चित प्राप्त होते हैं।

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