RBSE Class 10 Hindi Chapter 16: Sanskriti (Bhadant Anand Kausalyayan) Explanation 2026

📅 Tuesday, 6 January 2026 📖 3-5 min read
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✨ Marwari Mission 100 ✨

संस्कृति (Culture)

निबंधकार: भदंत आनंद कौसल्यायन

"सभ्यता क्या है और संस्कृति क्या है?"

विधा: निबंध (Essay)
विषय: सभ्यता और संस्कृति का भेद

पाठ का सार: 'सभ्यता' और 'संस्कृति'—ये दो ऐसे शब्द हैं जिनका उपयोग हम रोज करते हैं, लेकिन इनका अर्थ अक्सर हमें नहीं पता होता। लेखक भदंत आनंद कौसल्यायन ने बहुत ही वैज्ञानिक और तार्किक ढंग से इनके बीच का अंतर समझाया है।

⚖️ संस्कृति बनाम सभ्यता (The Difference)

लेखक के अनुसार, जो व्यक्ति किसी नई चीज़ की खोज करता है, वह 'संस्कृत' है। और हम जो उसके द्वारा खोजी गई चीज़ का उपयोग करते हैं, हम 'सभ्य' हैं।

संस्कृति (Culture) 🧠 सभ्यता (Civilization) 🏙️
यह मूल प्रेरणा या शक्ति है जो इंसान को कुछ नया खोजने के लिए उकसाती है। यह संस्कृति का बाहरी परिणाम है। यह हमारे रहन-सहन का तरीका है।
उदाहरण: जिस आदमी ने पहली बार 'आग' (Fire) का आविष्कार किया, वह 'संस्कृत' था। उदाहरण: आज हम जो माचिस, चूल्हा या लाइटर इस्तेमाल कर रहे हैं, वह हमारी 'सभ्यता' है।
यह 'आविष्कारक' (Inventor) से जुड़ी है। यह 'उपयोगकर्ता' (User) से जुड़ी है।
यह सूक्ष्म (Internal) है। यह स्थूल (External) है।
2. आग और सुई-धागे का उदाहरण 🔥🪡

लेखक दो प्रमुख उदाहरण देते हैं:

(1) आग का आविष्कार:
हजारों साल पहले, जब इंसान जानवर जैसा था, तब जिस व्यक्ति ने पहली बार पत्थरों को रगड़कर 'आग' पैदा की होगी, वह सबसे बड़ा 'संस्कृत' मानव था। आज हम आग जलाते हैं, तो हम सभ्य हैं, लेकिन आविष्कारक नहीं।
(2) सुई-धागे का आविष्कार:
जिस व्यक्ति ने पहली बार सोचा होगा कि लोहे के छोटे टुकड़े में छेद करके और धागा डालकर कपड़े जोड़े जा सकते हैं (ताकि सर्दी से बचा जा सके), वह 'संस्कृत' था। आज हम सिलाई मशीन से कपड़े पहनते हैं, यह हमारी 'सभ्यता' है।
3. असंस्कृति क्या है? (What is Non-Culture?) 💣

लेखक एक बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हैं: क्या हर आविष्कार संस्कृति है?

उत्तर है - नहीं।

  • जिस योग्यता से मानव का कल्याण (Welfare) हो, वही संस्कृति है।
  • जिस आविष्कार से मानव का विनाश हो (जैसे- एटम बम या हथियार), वह संस्कृति नहीं, बल्कि 'असंस्कृति' है।
  • ऐसी 'असंस्कृति' अंततः 'असभ्यता' को जन्म देती है, जिससे मानवता का नाश होता है।

📝 विस्तृत प्रश्नोत्तरी (Mega Question Bank)

प्रश्न 1: लेखक ने 'संस्कृति' और 'सभ्यता' में क्या अंतर बताया है?
उत्तर: लेखक के अनुसार, जो योग्यता किसी व्यक्ति को नई खोज या आविष्कार करने के लिए प्रेरित करती है, वह 'संस्कृति' है। जबकि उस खोज के परिणामस्वरूप जो जीवन-पद्धति या संसाधन हम अपनाते हैं, वह 'सभ्यता' है। जैसे- सुई-धागे का आविष्कार 'संस्कृति' है, लेकिन तरह-तरह के कपड़े पहनना 'सभ्यता' है।

प्रश्न 2: 'असंस्कृति' से लेखक का क्या अभिप्राय है?
उत्तर: मानव की वह बुद्धि या योग्यता जो मानव-कल्याण के बजाय उसके विनाश (Destruction) का कारण बने, उसे लेखक ने 'असंस्कृति' कहा है। जैसे विध्वंसक हथियारों का निर्माण करना। यदि संस्कृति कल्याणकारी नहीं है, तो वह संस्कृति कहलाने योग्य नहीं है।

प्रश्न 3 (HOTS): न्यूटन को 'संस्कृत' मानव क्यों कहा गया है?
उत्तर: न्यूटन ने अपने ज्ञान और बुद्धि से गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के सिद्धांत की 'नई खोज' की थी। उन्होंने दुनिया को एक नई जानकारी दी, इसलिए वे 'संस्कृत' मानव हैं। हम, जो आज न्यूटन के नियमों को जानते हैं, हम उनसे अधिक सभ्य हो सकते हैं (क्योंकि हम और भी बहुत कुछ जानते हैं), लेकिन हम न्यूटन जितने 'संस्कृत' नहीं हो सकते क्योंकि हमने वह मौलिक खोज नहीं की।

प्रश्न 4: वास्तविक अर्थों में 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है?
उत्तर: वास्तविक अर्थों में संस्कृत व्यक्ति वह है जो अपनी बुद्धि और विवेक से किसी नए तथ्य का दर्शन करता है या समाज को कोई नई दिशा देता है। वह पूर्वजों से मिले ज्ञान पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि अपनी मौलिकता (Originality) से कुछ नया अर्जित करता है।

गद्य खंड (Prose) समाप्त! 🎉

बधाई हो! क्षितिज भाग-2 के सभी 17 अध्याय (काव्य + गद्य) पूरे हो चुके हैं।

अगला मिशन: पूरक पुस्तक 'कृतिका भाग-2' (3 अध्याय)

1. माता का अँचल, 2. साना-साना हाथ जोड़ि, 3. मैं क्यों लिखता हूँ।

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