1. पहला विश्व युद्ध, खिलाफत और असहयोग 🌍
प्रथम विश्व युद्ध (1914-1918) का प्रभाव:
- रक्षा व्यय: अंग्रेजों ने रक्षा खर्चा बढ़ा दिया, जिसे पूरा करने के लिए सीमा शुल्क बढ़ाया गया और 'आयकर' (Income Tax) शुरू किया गया।
- महंगाई: 1913 से 1918 के बीच कीमतें दोगुनी हो गईं।
- जबरन भर्ती: गाँवों से सिपाहियों को जबरदस्ती सेना में भर्ती किया गया, जिससे बहुत गुस्सा था।
- महामारी: 1918-19 में 'फ्लू' महामारी और अकाल से 120-130 लाख लोग मारे गए।
ये दोनों आंदोलन परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण हैं। अंतर समझें:
| 1. असहयोग आंदोलन (1920-22) | 2. सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) |
|---|---|
|
उद्देश्य: अंग्रेजों के साथ 'सहयोग न करना'। मुख्य कार्य:
वापसी: चौरी-चौरा (गोरखपुर) में भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिससे 22 पुलिसवाले जल मरे। हिंसा देखकर गाँधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया। |
उद्देश्य: सहयोग न करने के साथ-साथ 'औपनिवेशिक कानूनों का उल्लंघन' करना। मुख्य कार्य (दांडी मार्च):
खास बात: इसमें महिलाओं ने बड़े पैमाने पर भाग लिया। |
📍 भारत के मानचित्र में ये स्थान भरें:
(A) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन:
- कलकत्ता (सितंबर 1920): असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव रखा गया। (पश्चिम बंगाल)
- नागपुर (दिसंबर 1920): असहयोग आंदोलन स्वीकृत हुआ। (महाराष्ट्र)
- मद्रास (1927): पूर्ण स्वराज की मांग से पहले का अधिवेशन। (तमिलनाडु)
(B) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख केंद्र:
- चंपारण (बिहार): नील की खेती करने वाले किसानों का आंदोलन।
- खेड़ा (गुजरात): किसान सत्याग्रह (कर माफी के लिए)।
- अहमदाबाद (गुजरात): सूती कपड़ा मिल मजदूरों का सत्याग्रह।
- अमृतसर (पंजाब): जलियाँवाला बाग हत्याकांड।
- चौरी-चौरा (उ.प्र.): असहयोग आंदोलन की समाप्ति का कारण।
- दांडी (गुजरात): सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत (नमक कानून)।
🎨 सामूहिक अपनेपन का भाव (Sense of Collective Belonging)
राष्ट्रवाद केवल आंदोलनों से नहीं, बल्कि संस्कृति और प्रतीकों से भी फैला:
- भारत माता की छवि: सबसे पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने बनाई। बाद में अबिनीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे एक सन्यासिनी के रूप में चित्रित किया (शांत और गंभीर)।
- वंदे मातरम्: बंकिम चंद्र ने 'आनंदमठ' उपन्यास में यह गीत लिखा जो राष्ट्रगीत बना।
- स्वराज झंडा: 1921 तक गाँधीजी ने 'स्वराज का झंडा' तैयार कर लिया था। यह तिरंगा (लाल, हरा, सफेद) था और बीच में चरखा था (स्वावलंबन का प्रतीक)।
- इतिहास की पुनर्व्याख्या: अंग्रेजों ने भारतीयों को पिछड़ा बताया था। राष्ट्रवादियों ने भारत के गौरवमयी अतीत (गणित, कला, विज्ञान) के बारे में लिखना शुरू किया।
प्रश्न 1: रॉलट एक्ट क्या था? भारतीयों ने इसका विरोध क्यों किया?
उत्तर: 1919 में पारित यह एक ऐसा काला कानून था, जिसके तहत सरकार किसी भी राजनीतिक कैदी को बिना मुकदमा चलाए 2 साल तक जेल में बंद रख सकती थी। यह नागरिक आजादी का हनन था, इसलिए इसे 'काला कानून' कहा गया।
प्रश्न 2: पूना पैक्ट (1932) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।
उत्तर: यह समझौता डॉ. अम्बेडकर और महात्मा गाँधी के बीच हुआ था। अम्बेडकर ने दलितों के लिए 'अलग निर्वाचन क्षेत्र' की मांग की थी, जिसका गाँधीजी ने विरोध किया (अनशन किया)। अंत में, पूना पैक्ट हुआ जिसमें दलितों को प्रांतीय और केंद्रीय विधायी परिषदों में आरक्षित सीटें मिलीं, लेकिन मतदान सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों से ही होना तय हुआ।
प्रश्न 3: साइमन कमीशन का विरोध क्यों हुआ?
उत्तर: 1928 में सर जॉन साइमन के नेतृत्व में एक आयोग भारत आया। इसका काम भारत की संवैधानिक व्यवस्था की जांच करना था। समस्या यह थी कि इसमें एक भी भारतीय सदस्य नहीं था (सभी अंग्रेज थे)। इसलिए "साइमन वापस जाओ" (Simon Go Back) के नारे लगाए गए।
अध्याय 2 समाप्त! 🇮🇳
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अगला अध्याय: "भूमंडलीकृत विश्व का बनना" (Making of a Global World)
रेशम मार्ग, आलू का सफर और महामंदी। 🥔🌍
Nationalism in India (Complete Question Bank – 100 Questions & Answers) | 2026
Q1. भारत में राष्ट्रवाद का प्रसार किस काल में हुआ?
Ans. 1919 से 1932 के बीच।
Q2. प्रथम विश्व युद्ध कब हुआ?
Ans. 1914–1918।
Q3. प्रथम विश्व युद्ध का भारत पर क्या प्रभाव पड़ा?
Ans. कीमतों में वृद्धि, करों में बढ़ोतरी, बेरोजगारी और गरीबी।
Q4. होम रूल आंदोलन किसने चलाया?
Ans. बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट ने।
Q5. ऑल इंडिया मुस्लिम लीग की स्थापना कब हुई?
Ans. 1906 में।
Q6. गांधीजी भारत कब आए?
Ans. 1915 में।
Q7. गांधीजी ने पहली बार सत्याग्रह कहाँ किया?
Ans. चंपारण, बिहार (1917)।
Q8. चंपारण सत्याग्रह किसलिए हुआ?
Ans. नील किसानों की समस्याओं के लिए।
Q9. खेड़ा सत्याग्रह कब हुआ?
Ans. 1918 में।
Q10. अहमदाबाद मिल मजदूर हड़ताल कब हुई?
Ans. 1918 में।
Q11. रॉलेट एक्ट कब आया?
Ans. 1919 में।
Q12. रॉलेट एक्ट का उद्देश्य क्या था?
Ans. बिना मुकदमे कैद की अनुमति देना।
Q13. जलियांवाला बाग हत्याकांड कब हुआ?
Ans. 13 अप्रैल 1919।
Q14. जलियांवाला बाग में गोली किसने चलवाई?
Ans. जनरल डायर ने।
Q15. गांधीजी ने जलियांवाला हत्याकांड के विरोध में क्या किया?
Ans. कई सम्मान लौटाए और आंदोलन चलाया।
Q16. खिलाफत आंदोलन क्यों शुरू हुआ?
Ans. तुर्की खलीफा के समर्थन के लिए।
Q17. खिलाफत आंदोलन के नेता कौन थे?
Ans. मोहम्मद अली और शौकत अली।
Q18. असहयोग आंदोलन कब शुरू हुआ?
Ans. 1920 में।
Q19. असहयोग आंदोलन का मुख्य हथियार क्या था?
Ans. विदेशी वस्त्रों का बहिष्कार और सरकारी पद छोड़ना।
Q20. कांग्रेस ने स्वराज कब तक आने की उम्मीद जताई?
Ans. 1 वर्ष के अंदर।
Q21. असहयोग आंदोलन किस सत्र में पारित हुआ?
Ans. नागपुर सत्र, 1920।
Q22. असहयोग आंदोलन में किस प्रकार के स्कूल स्थापित हुए?
Ans. राष्ट्रीय विद्यालय।
Q23. किसानों में आंदोलन कहाँ प्रभावी था?
Ans. अवध में।
Q24. अवध में किसानों का नेता कौन था?
Ans. बाबा रामचंद्र।
Q25. एकराशी आंदोलन किसने चलाया?
Ans. अल्लूरी सीताराम राजू ने।
Q26. असहयोग आंदोलन क्यों वापस लिया गया?
Ans. चौरी-चौरा हिंसा के कारण (1922)।
Q27. चौरी-चौरा घटना किस राज्य में हुई?
Ans. उत्तर प्रदेश में।
Q28. स्वराज पार्टी किसने बनाई?
Ans. मोतीलाल नेहरू और सी.आर. दास ने।
Q29. साइमन कमीशन कब आया?
Ans. 1928 में।
Q30. साइमन कमीशन का नारा क्या था?
Ans. साइमन गो बैक।
Q31. नमक मार्च कब शुरू हुआ?
Ans. 12 मार्च 1930।
Q32. गांधीजी कहाँ से नमक सत्याग्रह के लिए चले?
Ans. साबरमती आश्रम से दांडी तक।
Q33. नमक सत्याग्रह की दूरी कितनी थी?
Ans. लगभग 240 किमी।
Q34. नमक कानून का विरोध क्यों किया गया?
Ans. यह गरीबों पर अन्यायपूर्ण कर था।
Q35. सविनय अवज्ञा आंदोलन कब शुरू हुआ?
Ans. 1930 में।
Q36. गांधी-इरविन समझौता कब हुआ?
Ans. 1931 में।
Q37. गोलमेज सम्मेलन कितने हुए?
Ans. तीन।
Q38. गांधीजी ने किस गोलमेज सम्मेलन में हिस्सा लिया?
Ans. दूसरे में।
Q39. दलित वर्ग के नेता कौन थे?
Ans. डॉ. भीमराव अंबेडकर।
Q40. पूना पैक्ट कब हुआ?
Ans. 1932 में।
Q41–Q100 (Short Q&A)
Q41. गांधीजी की राजनीतिक शुरुआत — 1915
Q42. खिलाफत आंदोलन — तुर्की खलीफा
Q43. जनरल डायर — जलियांवाला कांड
Q44. स्वदेशी का अर्थ — देशी वस्तुओं का प्रयोग
Q45. अली भाई — खिलाफत नेता
Q46. असहयोग मतलब — सरकार से दूरी
Q47. किसान आंदोलन — अवध
Q48. जंगल विद्रोह — आंध्र प्रदेश
Q49. दांडी यात्रा — नमक कानून तोड़ना
Q50. सत्याग्रह — अहिंसक संघर्ष
Q51. स्वराज पार्टी का उद्देश्य — विधान सभाओं में प्रवेश
Q52. Simon Commission विरोध — भारतीय सदस्य नहीं
Q53. सवतंत्रता का अर्थ — अपना शासन
Q54. किसान क्यों नाराज — कर बढ़ोतरी
Q55. दांडी कहाँ है — गुजरात
Q56. सविनय अवज्ञा — कानून तोड़ना
Q57. तिलक का नारा — स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार
Q58. कांग्रेस गठन — 1885
Q59. राष्ट्रीय ध्वज — त्रिरंगा
Q60. चरखा — आत्मनिर्भरता
Q61. खादी — स्वदेशी का प्रतीक
Q62. गांधीजी का जन्म — 1869
Q63. गांधीजी का पेशा — वकील
Q64. गांधीजी पहले कहाँ से आए — दक्षिण अफ्रीका
Q65. राष्ट्रीय आंदोलन में महिलाएँ — सक्रिय भूमिका
Q66. दलितों को गांधीजी ने कहा — हरिजन
Q67. आधुनिक राष्ट्रवाद — स्वतंत्रता संग्राम
Q68. जंगल कानून — वनवासियों पर नियंत्रण
Q69. आंदोलन की रीढ़ — किसान
Q70. मजदूर आंदोलन — लोकप्रिय हुआ
Q71. राष्ट्रवाद का प्रसार — अखबारों से
Q72. मिल मजदूर सत्याग्रह — अहमदाबाद
Q73. रेलवे का प्रभाव — लोग जुड़ पाए
Q74. असहयोग हथियार — बहिष्कार
Q75. अफवाहों का महत्व — जन समर्थन मिला
Q76. गांधीजी का सिद्धांत — अहिंसा
Q77. राष्ट्रवाद — एकता की भावना
Q78. आंदोलन का लक्ष्य — ब्रिटिश शासन हटाना
Q79. गोलमेज सम्मेलन — लंदन
Q80. अलग मतदाता प्रणाली — दलितों के लिए प्रस्तावित
Q81. साम्प्रदायिक मतभेद — राष्ट्रवाद पर असर
Q82. आंदोलन में छात्र — सक्रिय हुए
Q83. विदेशी कपड़ों का क्या हुआ — आग लगाई गई
Q84. चारखाना — ग्रामीण अर्थव्यवस्था
Q85. दमन — क्षति
Q86. चर्च — लोगों का केंद्र
Q87. धर्म — राजनीति से अलग
Q88. सांप्रदायिकता — खतरा
Q89. राष्ट्रीय प्रतीक — एकता
Q90. भारत छोड़ो — 1942
Q91. क्रांतिकारी — आजादी हेतु
Q92. आंदोलन का प्रभाव — एकता बढ़ी
Q93. युवा — सक्रिय भूमिका
Q94. ब्रिटिश नीति — फूट डालो
Q95. सामाजिक सुधार — महत्वपूर्ण
Q96. किसान — आधार स्तंभ
Q97. राजनैतिक चेतना — विकसित
Q98. राष्ट्रवाद का लक्ष्य — स्वतंत्रता
Q99. आंदोलन का सार — अहिंसा + सत्याग्रह
Q100. अध्याय का मुख्य संदेश — जन–आंदोलन से आजादी
1. सत्याग्रह का विचार और गाँधीजी का आगमन 🚶♂️
जनवरी 1915 में महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। उन्होंने एक नया हथियार दिया— 'सत्याग्रह'।
सत्याग्रह का अर्थ: अगर आपका उद्देश्य सच्चा है और संघर्ष अन्याय के खिलाफ है, तो आपको शारीरिक बल की जरूरत नहीं है। सत्य और अहिंसा से ही लड़ाई जीती जा सकती है।
- 1917 चंपारण (बिहार): नील की खेती करने वाले किसानों के लिए।
- 1917 खेड़ा (गुजरात): फसल खराब होने पर लगान माफी के लिए।
- 1918 अहमदाबाद (गुजरात): सूती कपड़ा मिल मजदूरों के लिए।
रॉलट एक्ट (काला कानून) लागू। 13 अप्रैल को जलियाँवाला बाग हत्याकांड।
सितंबर में कलकत्ता अधिवेशन और दिसंबर में नागपुर अधिवेशन (असहयोग आंदोलन पास)।
असहयोग-खिलाफत आंदोलन की शुरुआत।
चौरी-चौरा कांड: गोरखपुर में भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगाई। गाँधीजी ने आंदोलन वापस लिया।
साइमन कमीशन: भारत आया। 'साइमन वापस जाओ' के नारे।
दांडी मार्च: 6 अप्रैल को नमक बनाकर 'सविनय अवज्ञा आंदोलन' शुरू किया।
गाँधी-इर्विन समझौता: गाँधीजी दूसरे गोलमेज सम्मेलन के लिए लंदन गए।
पूना पैक्ट: गाँधीजी और अम्बेडकर के बीच समझौता (दलितों के लिए आरक्षित सीटें)।
भारत छोड़ो आंदोलन: 'करो या मरो' का नारा।
ये दोनों आंदोलन अक्सर कंफ्यूज करते हैं। यहाँ इनका अंतर स्पष्ट है:
| असहयोग आंदोलन (1920-22) | सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) |
|---|---|
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उद्देश्य: अंग्रेजों के साथ 'सहयोग न करना'। गतिविधियां:
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उद्देश्य: सहयोग न करने के साथ 'कानून तोड़ना'। गतिविधियां:
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भारत के राजनीतिक मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को पहचानें और भरें:
(A) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन
(B) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के केंद्र
प्रश्न 1: रॉलट एक्ट (1919) का भारतीयों ने विरोध क्यों किया?
उत्तर: रॉलट एक्ट एक 'काला कानून' था। इसके तहत सरकार किसी भी भारतीय को बिना मुकदमा चलाए 2 साल तक जेल में बंद रख सकती थी। यह नागरिक स्वतंत्रता का हनन था, इसलिए गाँधीजी ने इसके खिलाफ सत्याग्रह किया।
प्रश्न 2: पूना पैक्ट (1932) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर: डॉ. अम्बेडकर ने दलितों के लिए 'अलग निर्वाचन क्षेत्र' की मांग की थी, जिसका गाँधीजी ने विरोध किया (क्योंकि इससे समाज बंट जाता)। अंत में पूना पैक्ट हुआ, जिसके तहत दलितों को प्रांतीय और केंद्रीय परिषदों में आरक्षित सीटें मिलीं, लेकिन मतदान सामान्य निर्वाचन से ही होना तय हुआ।
प्रश्न 3: नमक यात्रा (Salt March) उपनिवेशवाद के खिलाफ प्रतिरोध का असरदार प्रतीक कैसे थी?
उत्तर: (1) नमक अमीर-गरीब सबकी जरूरत थी। (2) नमक पर टैक्स लगाना अंग्रेजों के अत्याचार का प्रतीक था। (3) गाँधीजी ने एक मुट्ठी नमक बनाकर यह संदेश दिया कि हम अब अंग्रेजों के अन्यायपूर्ण कानूनों को नहीं मानेंगे। यह आंदोलन पूरे देश को एक साथ ले आया।
अध्याय 2 समाप्त! 🇮🇳
मैप वर्क की प्रैक्टिस घर पर खाली नक्शे में जरूर करें।
अगला अध्याय: "भूमंडलीकृत विश्व का बनना"
सिल्क रूट, आलू का सफर और महामंदी। 🥔🚢


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