परिचय: विद्युत धारा केवल गर्मी (Heating) ही पैदा नहीं करती, बल्कि यह अपने चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) भी बनाती है।
चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जहाँ उसका बल महसूस होता है।
- दिशा: चुंबक के बाहर उत्तर (N) से दक्षिण (S) की ओर। (चुंबक के अंदर S से N)।
- ये रेखाएं बंद वक्र (Closed Curves) होती हैं।
- महत्वपूर्ण: दो क्षेत्र रेखाएं एक-दूसरे को कभी नहीं काटतीं। (अगर काटतीं, तो उस बिंदु पर कंपास की सुई दो दिशाएं दिखाती, जो असंभव है)।
सीधे चालक में धारा बहने पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा कैसे पता करें?
पास-पास लिपटे विद्युतरोधी तांबे के तार की बेलन जैसी आकृति।
- जब इसमें धारा बहती है, तो यह छड़ चुंबक (Bar Magnet) जैसा व्यवहार करती है।
- विद्युत चुंबक (Electromagnet): यदि परिनालिका के भीतर नरम लोहा (Soft Iron) रख दें, तो वह बहुत शक्तिशाली चुंबक बन जाता है। (क्रेन में उपयोग होता है)।
जब किसी धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखा जाता है, तो उस पर एक बल (Force) लगता है। (मोटर का सिद्धांत)।
(Thumb)
बल (Force)
(Forefinger)
चुंबकीय क्षेत्र (B)
(Middle Finger)
विद्युत धारा (I)
ट्रिक: F-B-I (Force - B_Field - I_Current)
हमारे घरों में बिजली 220V, 50Hz (AC) पर आती है। तारों का रंग कोड:
| तार का नाम | रंग (Color) | कार्य (Function) |
|---|---|---|
| 1. विद्युन्मय तार (Live) | 🟥 लाल (Red) | इसमें करंट आता है (220V)। |
| 2. उदासीन तार (Neutral) | ⬛ काला (Black) | सर्किट पूरा करता है (0V)। |
| 3. भूसंपर्क तार (Earth) | 🟩 हरा (Green) | सुरक्षा के लिए (लीकेज करंट को जमीन में भेजता है)। |
लघुपथन (Short Circuit): जब लाइव तार और न्यूट्रल तार सीधे संपर्क में आ जाते हैं। प्रतिरोध शून्य हो जाता है और आग लग सकती है।
अतिभारण (Overloading): जब एक ही सॉकेट में बहुत सारे उपकरण जोड़ दिए जाएं।
फ्यूज (Fuse): यह सुरक्षा उपकरण है। शॉर्ट सर्किट होने पर यह पिघल जाता है और परिपथ तोड़ देता है।
📝 बोर्ड परीक्षा प्रश्न
प्रश्न 1: विद्युत चुंबक और स्थायी चुंबक में अंतर क्या है?
उत्तर: विद्युत चुंबक (नरम लोहे वाला) अस्थायी होता है; धारा बंद करते ही चुंबकत्व खत्म हो जाता है। स्थायी चुंबक (स्टील वाला) का चुंबकत्व हमेशा बना रहता है।
प्रश्न 2: प्रत्यावर्ती धारा (AC) और दिष्ट धारा (DC) में क्या अंतर है?
उत्तर: AC (घरों में) समय के साथ अपनी दिशा बदलती रहती है। DC (बैटरी में) सदैव एक ही दिशा में बहती है।
RBSE Class 10 Science Chapter 12
Magnetic Effects of Electric Current – Question Bank (2026)
🎯 Exam Oriented | NCERT + RBSE | Marwari Mission 100
🔹 Very Short Answer Questions (1 Mark)
- चुंबकीय क्षेत्र क्या है?
- चुंबकीय क्षेत्र की SI इकाई क्या है?
- दाएँ हाथ का अंगूठा नियम किसने दिया?
- विद्युत धारा वहन करने वाले चालक के चारों ओर क्या बनता है?
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम किससे संबंधित है?
- फ्लेमिंग का दायाँ हाथ नियम किससे संबंधित है?
- विद्युत मोटर किस सिद्धांत पर कार्य करती है?
- विद्युत जनित्र का कार्य क्या है?
- चुंबकीय बल किस पर निर्भर करता है?
- विद्युत धारा की दिशा किससे निर्धारित की जाती है?
🔹 Short Answer Questions (2 Marks)
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं?
- दाएँ हाथ के अंगूठा नियम को समझाइए।
- फ्लेमिंग के बाएँ हाथ नियम का उपयोग लिखिए।
- विद्युत मोटर का एक उपयोग लिखिए।
- विद्युत जनित्र और मोटर में एक अंतर लिखिए।
- चुंबकीय क्षेत्र की दिशा कैसे ज्ञात करते हैं?
- समानांतर धारावाही चालकों के बीच बल का स्वरूप बताइए।
- DC और AC में अंतर लिखिए।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की सघनता क्या बताती है?
🔹 Short Answer Questions (3 Marks)
- फ्लेमिंग के दाएँ हाथ नियम को चित्र सहित समझाइए।
- विद्युत मोटर की संरचना और कार्यविधि लिखिए।
- विद्युत जनित्र की कार्यविधि समझाइए।
- धारावाही चालक पर लगने वाले बल को समझाइए।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण लिखिए।
- इलेक्ट्रोमैग्नेट और स्थायी चुंबक में अंतर लिखिए।
- चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए।
- दाएँ हाथ की मुट्ठी नियम क्या है?
🔹 Long Answer Questions (5 Marks)
- विद्युत मोटर का नामांकित चित्र बनाकर कार्यविधि समझाइए।
- विद्युत जनित्र का सिद्धांत, संरचना एवं कार्य लिखिए।
- फ्लेमिंग के बाएँ हाथ नियम का प्रयोग समझाइए।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की विशेषताएँ विस्तार से लिखिए।
- धारावाही चालक पर चुंबकीय बल का व्यंजक समझाइए।
🔹 Assertion – Reason Questions
-
A: चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ बंद वक्र होती हैं।
R: चुंबकीय एकध्रुव का अस्तित्व नहीं होता। -
A: मोटर में विभाजक (कम्यूटेटर) लगाया जाता है।
R: यह धारा की दिशा बदलता है।
🔹 HOTS Questions
- यदि धारा की दिशा उलट दी जाए तो मोटर पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
- दो समानांतर चालकों में धारा समान दिशा में हो तो क्या होगा?
- जनित्र में स्लिप रिंग का क्या कार्य है?
🔹 Board Exam Tip
- फ्लेमिंग के दोनों नियमों के चित्र अवश्य बनाएं।
- मोटर और जनित्र का अंतर तालिका में लिखें।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के गुण याद रखें।
📌 Source: NCERT + RBSE | Prepared for Marwari Mission 100
Class 10 Science – Chapter 12 Worksheet (2026)
Magnetic Effects of Electric Current
RBSE | NCERT | Exam Practice | Marwari Mission 100
✍️ Section A: Very Short Answer (1 Mark each)
- चुंबकीय क्षेत्र की SI इकाई लिखिए।
- धारावाही चालक के चारों ओर क्या उत्पन्न होता है?
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम किससे संबंधित है?
- विद्युत मोटर में प्रयुक्त वलय का नाम लिखिए।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा क्या दर्शाती है?
✍️ Section B: Short Answer (2 Marks each)
- दाएँ हाथ का अंगूठा नियम लिखिए।
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं?
- DC और AC में दो अंतर लिखिए।
- विद्युत जनित्र का उपयोग लिखिए।
- इलेक्ट्रोमैग्नेट क्या है?
✍️ Section C: Short Answer (3 Marks each)
- फ्लेमिंग के दाएँ हाथ नियम को समझाइए।
- विद्युत मोटर का सिद्धांत लिखिए।
- धारावाही चालक पर चुंबकीय बल किन कारकों पर निर्भर करता है?
✍️ Section D: Long Answer (5 Marks)
- विद्युत मोटर का नामांकित चित्र बनाकर कार्यविधि समझाइए।
- विद्युत जनित्र का सिद्धांत एवं कार्यविधि लिखिए।
🧠 Section E: HOTS
- यदि मोटर में धारा की दिशा बदल दी जाए तो क्या होगा? कारण सहित समझाइए।
- दो समानांतर चालकों में समान दिशा की धारा प्रवाहित करने पर क्या प्रभाव होगा?
📌 परीक्षा अभ्यास हेतु तैयार | NCERT + RBSE आधारित
Answer Key – Chapter 12 (2026)
Magnetic Effects of Electric Current
Teacher Copy | RBSE | NCERT | Marwari Mission 100
✔ Section A: Very Short Answer
- चुंबकीय क्षेत्र की SI इकाई – टेस्ला (Tesla)
- धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम विद्युत मोटर से संबंधित है।
- विद्युत मोटर में प्रयुक्त वलय – स्प्लिट रिंग (कम्यूटेटर)
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा उत्तर ध्रुव से दक्षिण ध्रुव की ओर होती है।
✔ Section B: Short Answer
-
दाएँ हाथ का अंगूठा नियम:
यदि दाएँ हाथ का अंगूठा धारा की दिशा दर्शाए, तो मुड़ी हुई उँगलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की दिशा बताती हैं। - चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटतीं क्योंकि किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा एक ही होती है।
-
DC और AC में अंतर:
DC एक दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि AC की दिशा बदलती रहती है। - विद्युत जनित्र का उपयोग – यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलना।
-
इलेक्ट्रोमैग्नेट:
धारावाही कुंडली से बना अस्थायी चुंबक।
✔ Section C: Short Answer
-
फ्लेमिंग का दाएँ हाथ नियम:
अंगूठा – चालक की गति, तर्जनी – चुंबकीय क्षेत्र, मध्यमा – प्रेरित धारा की दिशा बताती है। -
विद्युत मोटर का सिद्धांत:
धारावाही चालक को चुंबकीय क्षेत्र में रखने पर उस पर बल कार्य करता है। -
चुंबकीय बल निर्भर करता है:
• धारा की मात्रा
• चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता
• चालक की लंबाई
✔ Section D: Long Answer
-
विद्युत मोटर:
सिद्धांत, नामांकित चित्र तथा कार्यविधि – धारा प्रवाहित होने पर कुंडली घूमती है। -
विद्युत जनित्र:
विद्युत चुम्बकीय प्रेरण पर आधारित, कुंडली के घूमने से धारा उत्पन्न होती है।
✔ Section E: HOTS
- धारा की दिशा बदलने पर बल की दिशा भी बदल जाती है, जिससे मोटर की घूर्णन दिशा बदल जाती है।
- समान दिशा की धारा वाले चालक एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
✔ Exam Ready | Teacher Verified | Board Pattern
⚡ Chapter 12 – Magnetic Effects of Electric Current
One-Page Crash Notes | RBSE | NCERT | Marwari Mission 100
🔹 1. चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field)
- धारावाही चालक के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है।
- SI इकाई – Tesla (T)
- चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
🔹 2. Right Hand Thumb Rule
अंगूठा → धारा की दिशा मुड़ी उँगलियाँ → चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
🔹 3. Fleming’s Rules
- Left Hand Rule → विद्युत मोटर
- Right Hand Rule → विद्युत जनित्र
🔹 4. विद्युत मोटर (Electric Motor)
- सिद्धांत: धारावाही चालक चुंबकीय क्षेत्र में बल अनुभव करता है।
- मुख्य भाग: कुंडली, चुंबक, कम्यूटेटर, ब्रश
- उपयोग: पंखा, मिक्सर, वॉशिंग मशीन
🔹 5. विद्युत जनित्र (Electric Generator)
- सिद्धांत: विद्युत चुम्बकीय प्रेरण
- कार्य: यांत्रिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा
- AC और DC दोनों जनित्र संभव
🔹 6. Electromagnet vs Permanent Magnet
| Electromagnet | Permanent Magnet |
|---|---|
| अस्थायी | स्थायी |
| धारा पर निर्भर | धारा आवश्यक नहीं |
🔹 7. परीक्षा में याद रखने योग्य ट्रिक्स
- Motor → Left Hand
- Generator → Right Hand
- Thumb = Current
- Tesla = Magnetic Field
🔹 8. HOTS लाइन
समान दिशा की धारा वाले चालक एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं, विपरीत दिशा वाले चालक प्रतिकर्षित करते हैं।
✔ Exam Booster ✔ Last-Minute Revision ✔ Board Focused
⚡ Chapter 12 – Magnetic Effects of Electric Current (2026)
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धारावाही चालक के चारों ओर उत्पन्न क्षेत्र को चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं। SI इकाई – Tesla (T)
अंगूठा → धारा की दिशा
मुड़ी उंगलियाँ → चुंबकीय क्षेत्र की दिशा
F → Field | I → Current | M → Motion
Field – Motion – Induced Current
विपरीत दिशा की धारा → प्रतिकर्षण
Generator → Right Hand
Magnetic Field → Tesla
✔ Tap & Revise | Mobile Friendly | Board Focused
RBSE Class 10 Science – Chapter 12 (2026)
Magnetic Effects of Electric Current
🔥 Assertion–Reason + MCQ Bank | Exam Focus | Marwari Mission 100
🔹 Assertion – Reason Questions
निर्देश: नीचे दिए गए प्रश्नों में A और R पढ़कर सही विकल्प चुनिए।
(a) A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
(b) A और R दोनों सत्य हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
(c) A सत्य है पर R असत्य है।
(d) A असत्य है पर R सत्य है।
-
A: चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
R: किसी बिंदु पर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा केवल एक ही होती है। -
A: विद्युत मोटर में कम्यूटेटर लगाया जाता है।
R: यह कुंडली में धारा की दिशा बदलता है। -
A: समान दिशा की धारा वाले दो चालक एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
R: चालकों के बीच चुंबकीय क्षेत्र परस्पर क्रिया करता है। -
A: एमीटर का प्रतिरोध बहुत कम रखा जाता है।
R: एमीटर को परिपथ में समानांतर जोड़ा जाता है। -
A: विद्युत जनित्र विद्युत-चुंबकीय प्रेरण के सिद्धांत पर कार्य करता है।
R: कुंडली के घूमने से उसमें धारा उत्पन्न होती है।
🔹 MCQ Question Bank (1 Mark Each)
- चुंबकीय क्षेत्र की SI इकाई है—
- (a) एम्पियर
- (b) वोल्ट
- (c) टेस्ला
- (d) ओम
- फ्लेमिंग का बायाँ हाथ नियम संबंधित है—
- (a) विद्युत जनित्र से
- (b) विद्युत मोटर से
- (c) ट्रांसफॉर्मर से
- (d) फ्यूज से
- धारावाही चालक के चारों ओर उत्पन्न होता है—
- (a) विद्युत क्षेत्र
- (b) चुंबकीय क्षेत्र
- (c) गुरुत्वीय क्षेत्र
- (d) ध्वनि तरंग
- विद्युत मोटर का मुख्य सिद्धांत है—
- (a) ओम का नियम
- (b) विद्युत चुम्बकीय प्रेरण
- (c) धारावाही चालक पर बल
- (d) ऊष्मा प्रभाव
- किस स्थिति में दो समानांतर चालक प्रतिकर्षित करेंगे?
- (a) समान दिशा की धारा
- (b) विपरीत दिशा की धारा
- (c) धारा शून्य हो
- (d) उच्च प्रतिरोध
- विद्युत जनित्र में प्रयोग होता है—
- (a) स्प्लिट रिंग
- (b) कम्यूटेटर
- (c) स्लिप रिंग
- (d) रियोस्टैट
- फ्लेमिंग के दाएँ हाथ नियम में मध्य उँगली दर्शाती है—
- (a) क्षेत्र
- (b) गति
- (c) धारा
- (d) बल
- इलेक्ट्रोमैग्नेट होता है—
- (a) स्थायी चुंबक
- (b) अस्थायी चुंबक
- (c) प्राकृतिक चुंबक
- (d) पृथ्वी चुंबक
🔹 Answer Key (Teacher Use)
Assertion–Reason:
1–(a), 2–(a), 3–(a), 4–(c), 5–(a)
MCQ:
1–(c), 2–(b), 3–(b), 4–(c), 5–(b), 6–(c), 7–(c), 8–(b)
✔ Board Pattern ✔ HOTS Included ✔ Exam Dominating Content
यह अध्याय विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव, फ्लेमिंग के नियम, विद्युत मोटर एवं जनित्र जैसे महत्वपूर्ण बोर्ड-प्रश्न आधारित विषयों को सम्मिलित करता है। यह अध्याय 8–10 अंकों तक के प्रश्न नियमित रूप से देता है।



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