RBSE Class 12 Hindi अपठित बोध Notes PDF 2025-26

📅 Monday, 5 January 2026 📖 पढ़ रहे हैं...

📚 MARWARI MISSION 100 | www.ncertclasses.com

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड | सत्र 2025-26

परिचय एवं महत्व

अपठित बोध का शाब्दिक अर्थ है – ऐसा गद्यांश या पद्यांश जो पाठ्यपुस्तक में शामिल नहीं है और जिसे पहले कभी नहीं पढ़ा गया हो। यह खंड विद्यार्थियों की पठन कुशलता, बोध क्षमता, विश्लेषण शक्ति और भाषा ज्ञान का परीक्षण करता है।

इस खंड का मुख्य उद्देश्य यह जाँचना है कि विद्यार्थी किसी नए पाठ को पढ़कर उसका अर्थ समझ सकता है या नहीं। यह एक ऐसा खंड है जिसमें रटने की कोई आवश्यकता नहीं है – केवल समझ और विश्लेषण क्षमता से पूरे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।

💡 महत्वपूर्ण: यह खंड परीक्षा में 12 अंकों का होता है। यदि सही तरीके से तैयारी की जाए तो इसमें पूरे अंक प्राप्त करना संभव है क्योंकि सभी उत्तर गद्यांश/पद्यांश में ही छिपे होते हैं।

परीक्षा प्रारूप 2025-26

RBSE कक्षा 12 हिंदी अनिवार्य परीक्षा में अपठित बोध खंड से निम्नलिखित प्रारूप में प्रश्न पूछे जाते हैं:

क्रम विषय वस्तु प्रश्न प्रकार कुल अंक
1 अपठित गद्यांश 3 MCQ + 3 अतिलघूत्तरात्मक 6 अंक
2 अपठित पद्यांश 3 MCQ + 3 अतिलघूत्तरात्मक 6 अंक
कुल योग 12 अंक

⏰ समय प्रबंधन: इस खंड के लिए 20-25 मिनट का समय पर्याप्त है। गद्यांश के लिए 10-12 मिनट और पद्यांश के लिए 10-12 मिनट निर्धारित करें।

अपठित गद्यांश (Unseen Prose Passage)

परिभाषा

अपठित गद्यांश वह गद्य अंश होता है जो पाठ्यक्रम की किसी भी पुस्तक में शामिल नहीं होता। यह किसी समाचार पत्र, पत्रिका, निबंध, कहानी, जीवनी, आत्मकथा, यात्रा वृत्तांत या अन्य साहित्यिक स्रोत से लिया जा सकता है। गद्यांश सामान्यतः 200-300 शब्दों का होता है।

गद्यांश के प्रमुख विषय

  • सामाजिक विषय: शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नारी सशक्तीकरण, बाल श्रम
  • नैतिक विषय: ईमानदारी, परोपकार, देशभक्ति, अहिंसा, सत्य
  • वैज्ञानिक विषय: तकनीक, अंतरिक्ष, चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण
  • साहित्यिक विषय: महान व्यक्तियों की जीवनी, यात्रा वृत्तांत
  • समसामयिक विषय: डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत

गद्यांश हल करने की चरणबद्ध विधि

  1. प्रश्नों को पहले पढ़ें: गद्यांश पढ़ने से पहले सभी प्रश्नों को ध्यान से पढ़ें।
  2. प्रथम पठन (Skimming): पूरे गद्यांश को एक बार तेजी से पढ़ें।
  3. द्वितीय पठन (Scanning): धीरे-धीरे पढ़ें और उत्तर रेखांकित करें।
  4. कठिन शब्दों को चिह्नित करें: संदर्भ के आधार पर अर्थ समझें।
  5. केंद्रीय भाव पहचानें: लेखक का मुख्य संदेश समझें।
  6. उत्तर खोजें: प्रत्येक प्रश्न का उत्तर गद्यांश में खोजें।
  7. उत्तर लिखें: संक्षिप्त, सटीक और स्पष्ट भाषा में लिखें।
  8. पुनः जाँच: उत्तर को गद्यांश से मिलान करें।

प्रश्नों के प्रकार

प्रश्न प्रकार विवरण उदाहरण
शीर्षक संबंधी उचित शीर्षक चुनना या लिखना गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
मुख्य विषय केंद्रीय विषय पूछा जाता है गद्यांश का मुख्य विषय क्या है?
शब्दार्थ कठिन शब्दों के अर्थ 'निर्मल' शब्द का अर्थ लिखिए।
विलोम शब्द विपरीतार्थक शब्द 'सत्य' का विलोम लिखिए।
पर्यायवाची समान अर्थ वाले शब्द 'जल' का पर्यायवाची लिखिए।
संदेश/शिक्षा गद्यांश से प्राप्त संदेश गद्यांश से क्या शिक्षा मिलती है?

अपठित पद्यांश (Unseen Poetry Passage)

परिभाषा

अपठित पद्यांश वह काव्य अंश होता है जो पाठ्यपुस्तक में शामिल नहीं होता। यह किसी प्रसिद्ध कवि की कविता, गीत, दोहा, छंद, सवैया या अन्य काव्य रचना से लिया जा सकता है। पद्यांश में लय, तुक और छंद होते हैं जो इसे गद्यांश से अलग बनाते हैं।

पद्यांश की विशेषताएं

  • लय और संगीतात्मकता: पद्यांश को गाया जा सकता है
  • तुक: पंक्तियों के अंत में समान ध्वनि
  • छंद: मात्राओं और वर्णों की नियमित व्यवस्था
  • अलंकार: भाषा की शोभा बढ़ाने वाले तत्व
  • बिंब और प्रतीक: मानसिक चित्र और संकेत

काव्य शब्दावली

शब्द परिभाषा उदाहरण
भाव कवि की मनोदशा या विचार प्रेम, वीरता, करुणा, शांत भाव
रस काव्य से उत्पन्न आनंद श्रृंगार, वीर, करुण, हास्य रस
बिंब शब्दों से बनने वाला चित्र दृश्य बिंब, श्रव्य बिंब
प्रतीक किसी विचार का संकेत कमल = पवित्रता, चाँद = सुंदरता
छंद मात्राओं की नियमित व्यवस्था दोहा, चौपाई, सोरठा

प्रमुख अलंकार

काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्वों को अलंकार कहते हैं। परीक्षा में प्रायः निम्नलिखित अलंकारों की पहचान पूछी जाती है:

अलंकार परिभाषा उदाहरण
अनुप्रास एक वर्ण की आवृत्ति बार-बार ारु ंद्र की ंचल िरणें
उपमा तुलना करना (जैसा, सा, सम) मुख चंद्रमा के समान है
रूपक उपमेय पर उपमान का आरोप मुख चंद्र है (मुख ही चंद्र)
श्लेष एक शब्द के अनेक अर्थ रहिमन पानी राखिए (जल/इज्जत)
यमक शब्द की पुनरावृत्ति भिन्न अर्थ में कनक कनक ते सौ गुनी
अतिशयोक्ति बढ़ा-चढ़ाकर कहना हनुमान की पूँछ में लगन न पाई आग
मानवीकरण निर्जीव में मानवीय गुण बादल रो रहा है

महत्वपूर्ण शब्द ज्ञान

प्रमुख विलोम शब्द

शब्द विलोम शब्द विलोम शब्द विलोम
सत्य असत्य ज्ञान अज्ञान आदि अंत
सम्मान अपमान स्वतंत्र परतंत्र जीवन मरण
उन्नति अवनति विश्वास अविश्वास आशा निराशा
सुख दुख प्रेम घृणा आलस्य परिश्रम

प्रमुख पर्यायवाची शब्द

शब्द पर्यायवाची शब्द पर्यायवाची
जल पानी, नीर, वारि, अंबु, तोय पृथ्वी धरा, भूमि, वसुधा, अवनि
आकाश गगन, नभ, आसमान, अंबर सूर्य रवि, भानु, दिनकर, भास्कर
चंद्रमा चाँद, शशि, राकेश, निशाकर फूल पुष्प, कुसुम, सुमन, प्रसून
वायु हवा, पवन, समीर, अनिल नेत्र आँख, नयन, लोचन, दृग

परीक्षा में सफलता के टिप्स

  1. समय प्रबंधन: इस खंड के लिए 20-25 मिनट निर्धारित करें।
  2. प्रश्न पहले पढ़ें: गद्यांश/पद्यांश पढ़ने से पहले प्रश्न पढ़ें।
  3. रेखांकन करें: महत्वपूर्ण बिंदुओं को पेंसिल से रेखांकित करें।
  4. MCQ तकनीक: Elimination Method का प्रयोग करें।
  5. संक्षिप्त उत्तर: अतिलघूत्तरात्मक में 15-20 शब्दों में उत्तर दें।
  6. गद्यांश से लिखें: अपनी बात न जोड़ें, केवल दी गई जानकारी लिखें।
  7. भाषा शुद्धता: व्याकरण और वर्तनी की गलतियों से बचें।
  8. हस्तलेख: स्पष्ट और सुंदर हस्तलेख रखें।
  9. शब्द ज्ञान: विलोम, पर्यायवाची का नियमित अभ्यास करें।
  10. अभ्यास: परीक्षा से पहले 10-15 गद्यांश/पद्यांश हल करें।

अभ्यास प्रश्न

नमूना गद्यांश

"शिक्षा मनुष्य के जीवन का आधार है। शिक्षित व्यक्ति समाज में सम्मान पाता है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर पहलू से सीखने की कला है। एक शिक्षित व्यक्ति न केवल अपना बल्कि दूसरों का जीवन भी सुधार सकता है। आज के युग में शिक्षा का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि तकनीकी विकास ने हर क्षेत्र में क्रांति ला दी है।"

प्रश्न:

(क) शिक्षा को मनुष्य के जीवन का क्या कहा गया है?
    (i) शृंगार    (ii) आधार    (iii) व्यापार    (iv) संसार

(ख) 'सम्मान' शब्द का विलोम लिखिए।

(ग) गद्यांश से क्या संदेश मिलता है?

उत्तर: (क) (ii) आधार | (ख) अपमान | (ग) शिक्षा जीवन का आधार है और प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित होना चाहिए।

नमूना पद्यांश

श्रम ही जीवन है, आलस्य है मरण,
परिश्रम से ही होता है जग का तरण।
जो करता है मेहनत, पाता है फल,
बिना परिश्रम के कुछ भी नहीं सफल।

प्रश्न:

(क) कवि के अनुसार जीवन क्या है?
    (i) आलस्य    (ii) श्रम    (iii) धन    (iv) यश

(ख) 'आलस्य' शब्द का विलोम लिखिए।

(ग) पद्यांश का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर: (क) (ii) श्रम | (ख) परिश्रम | (ग) श्रम/परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

📝 सारांश (Quick Revision)

  • अपठित बोध खंड से 12 अंक (गद्यांश 6 + पद्यांश 6)
  • प्रत्येक में 3 MCQ + 3 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
  • रटने की आवश्यकता नहीं – समझ से पूरे अंक संभव
  • पहले प्रश्न पढ़ें, फिर गद्यांश/पद्यांश पढ़ें
  • समय प्रबंधन: 20-25 मिनट इस खंड के लिए

PDF डाउनलोड करें

इस अध्याय के विस्तृत नोट्स की PDF डाउनलोड करें जिसमें शामिल हैं:

  • विस्तृत नोट्स (11 पेज)
  • परीक्षा प्रारूप 2025-26
  • गद्यांश और पद्यांश हल करने की विधि
  • प्रमुख अलंकार और काव्य शब्दावली
  • महत्वपूर्ण विलोम और पर्यायवाची शब्द
  • अभ्यास प्रश्न उत्तर सहित

PDF में Watermark: Marwari Mission 100 | www.ncertclasses.com

🔗 संबंधित अध्याय:

  • खंड-2: रचनात्मक लेखन (निबंध, पत्र)
  • खंड-3: व्यावहारिक व्याकरण
  • खंड-4: आरोह भाग-2
  • खंड-5: वितान भाग-2

MARWARI MISSION 100

www.ncertclasses.com

© 2025-26 All Rights Reserved | केवल शैक्षिक उपयोग हेतु

📢 महत्वपूर्ण सूचना - Official अंक विभाजन 2025-26

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर के Official Syllabus के अनुसार

खंड विषय अंक
खंड-1 अपठित बोध 12
खंड-2 रचनात्मक लेखन (अभिव्यक्ति एवं माध्यम सहित) 18
- व्यावहारिक व्याकरण 08
खंड-3 आरोह भाग-2 (पाठ्यपुस्तक) 31
खंड-4 वितान भाग-2 (पूरक पुस्तक) 11
प्रश्न-पत्र कुल अंक: 80
सत्रांक (Internal): 20
पूर्णांक: 100

⏱️ परीक्षा समय: 3 घंटे 15 मिनट | 📚 निर्धारित पुस्तकें: आरोह भाग-2, वितान भाग-2, अभिव्यक्ति एवं माध्यम (NCERT)

📤 शेयर करें:

📚 आगे क्या पढ़ें?

💬 टिप्पणियाँ

No comments:

Post a Comment