RBSE Class 12 Physics
Current Electricity – Complete Guide
विद्युत धारा | Electric Current • Drift Velocity • Ohm’s Law
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RBSE Class 12 Physics – Current Electricity | विद्युत धारा
RBSE Class 12 Physics – Current Electricity (Part 1)
RBSE – Marwari Mission 100
🔌 Electric Current (विद्युत धारा)
विद्युत धारा किसी चालक के अनुप्रस्थ क्षेत्र से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले कुल विद्युत आवेश की मात्रा है।
I = Q / t
| राशि | प्रतीक | SI मात्रक |
|---|---|---|
| विद्युत धारा | I | Ampere (A) |
| आवेश | Q | Coulomb (C) |
| समय | t | second (s) |
🚶 Drift Velocity (ड्रिफ्ट वेग)
धातु चालक में मुक्त इलेक्ट्रॉन सदैव अनियमित गति करते हैं। जब चालक पर विभवांतर लगाया जाता है, तो इलेक्ट्रॉन एक औसत वेग से एक निश्चित दिशा में गति करते हैं, इसे ड्रिफ्ट वेग कहते हैं।
vd = eEτ / m
| प्रतीक | अर्थ |
|---|---|
| vd | Drift velocity |
| E | Electric field |
| τ | Relaxation time |
| m | Electron mass |
📏 धारा एवं ड्रिफ्ट वेग का संबंध
I = n q A vd
| प्रतीक | अर्थ |
|---|---|
| n | Electron number density |
| A | अनुप्रस्थ क्षेत्रफल |
📐 Ohm’s Law (ओम का नियम)
नियत ताप पर, किसी चालक में प्रवाहित विद्युत धारा उसके सिरों के बीच विभवांतर के समानुपाती होती है।
V ∝ I ⇒ V = IR
| राशि | प्रतीक | SI मात्रक |
|---|---|---|
| विभवांतर | V | Volt (V) |
| प्रतिरोध | R | Ohm (Ω) |
🧮 RBSE Exam Numerical
प्रश्न: यदि किसी चालक में 6 V का विभवांतर लगाने पर 0.3 A धारा प्रवाहित होती है, तो प्रतिरोध ज्ञात करें।
R = V / I = 6 / 0.3 = 20 Ω
🎯 RBSE परीक्षा दृष्टिकोण
- ✔ विद्युत धारा की परिभाषा
- ✔ ड्रिफ्ट वेग की अवधारणा
- ✔ ओम के नियम का कथन एवं सूत्र
- ✔ सरल संख्यात्मक प्रश्न
🔗 आगे क्या पढ़ें
- Current Electricity – Resistance & Resistivity (PART 2)
- Electrostatics – Electric Charges and Fields (Revision)
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🔹 Resistance (प्रतिरोध)
किसी चालक द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने की क्षमता को प्रतिरोध (Resistance) कहते हैं।
यदि किसी चालक में विद्युत धारा I प्रवाहित करने पर उसके सिरों के बीच विभवांतर V हो, तो चालक का प्रतिरोध —
R = V / I
🔸 SI मात्रक
- Ohm (Ω)
🔹 Factors Affecting Resistance
किसी चालक का प्रतिरोध निम्नलिखित कारकों पर निर्भर करता है:
1️⃣ चालक की लंबाई (Length – L)
प्रतिरोध चालक की लंबाई के समानुपाती होता है।
R ∝ L
अतः चालक जितना लंबा होगा, उसका प्रतिरोध उतना अधिक होगा।
2️⃣ अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (Area – A)
प्रतिरोध चालक के अनुप्रस्थ क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
R ∝ 1 / A
अतः मोटा तार कम प्रतिरोध प्रदान करता है।
3️⃣ चालक की प्रकृति (Nature of Material)
भिन्न-भिन्न पदार्थों में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या अलग होती है, इसी कारण उनका प्रतिरोध भी अलग होता है।
- तांबा, चाँदी → कम प्रतिरोध
- नाइक्रोम, मैंगनीन → अधिक प्रतिरोध
🔹 Resistance का गणितीय संबंध
उपरोक्त सभी कारकों को सम्मिलित करने पर:
R = ρ L / A
जहाँ ρ (रो) पदार्थ का विशिष्ट प्रतिरोध (Resistivity) है।
🔹 Resistivity (विशिष्ट प्रतिरोध)
Resistivity किसी पदार्थ का मौलिक गुण है जो यह दर्शाता है कि वह विद्युत धारा के प्रवाह का कितना विरोध करता है।
🔸 परिभाषा
यदि किसी पदार्थ के चालक की —
- लंबाई = 1 m
- अनुप्रस्थ क्षेत्रफल = 1 m2
हो, तो उसका प्रतिरोध उस पदार्थ की resistivity कहलाता है।
🔸 SI मात्रक
- Ohm meter (Ω m)
🔹 Temperature Dependence of Resistance
🔸 धातुओं के लिए
धातुओं में ताप बढ़ाने पर प्रतिरोध बढ़ता है।
RT = R0 (1 + αT)
जहाँ —
- R0 = प्रारंभिक प्रतिरोध
- α = ताप गुणांक
- T = ताप परिवर्तन
🔸 अर्धचालकों के लिए
अर्धचालकों में ताप बढ़ाने पर प्रतिरोध घटता है।
🧮 RBSE परीक्षा आधारित संख्यात्मक प्रश्न
प्रश्न:
एक तांबे के तार की लंबाई 2 m
और अनुप्रस्थ क्षेत्रफल 1 mm2 है।
यदि तांबे की resistivity
1.7 × 10−8 Ω m हो,
तो तार का प्रतिरोध ज्ञात करें।
R = ρL / A
= (1.7×10−8 × 2) / (1×10−6)
= 0.034 Ω
🎯 RBSE परीक्षा दृष्टिकोण
- ✔ Resistance की परिभाषा (1 अंक)
- ✔ R = ρL/A का उपयोग
- ✔ Resistivity की अवधारणा
- ✔ ताप पर निर्भरता
- ✔ संख्यात्मक प्रश्न (बहुत महत्वपूर्ण)
🔗 इसी लेख में आगे
- Electrical Energy & Power
- Cells, EMF & Internal Resistance
- Kirchhoff’s Laws
- Wheatstone Bridge
🔹 Electrical Energy (विद्युत ऊर्जा)
जब किसी विद्युत परिपथ में धारा प्रवाहित होती है, तो चालक में कार्य किया जाता है। यह किया गया कार्य विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) के रूप में प्रकट होता है।
Electrical Energy = VIt
🔸 अन्य उपयोगी रूप
W = I2RtW = V2t / R
🔸 SI मात्रक
- Joule (J)
🔹 Electrical Power (विद्युत शक्ति)
विद्युत शक्ति वह दर है, जिससे विद्युत ऊर्जा का उपभोग होता है।
P = W / t
🔸 उपयोगी सूत्र
P = VIP = I2RP = V2 / R
🔸 SI मात्रक
- Watt (W)
🔹 Heating Effect of Electric Current (विद्युत धारा का ऊष्मीय प्रभाव)
जब विद्युत धारा किसी प्रतिरोधक में प्रवाहित होती है, तो विद्युत ऊर्जा ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। इस घटना को Joule का ऊष्मीय नियम कहते हैं।
H = I2Rt
🔸 निष्कर्ष
- ऊष्मा ∝ धारा के वर्ग के
- ऊष्मा ∝ प्रतिरोध के
- ऊष्मा ∝ समय के
🔸 अनुप्रयोग
- Electric heater
- Electric iron
- Fuse wire
🧮 RBSE परीक्षा आधारित संख्यात्मक प्रश्न
प्रश्न:
एक विद्युत हीटर 220 V पर
5 A धारा लेता है।
हीटर की शक्ति ज्ञात करें।
P = VI
= 220 × 5
= 1100 W
🔹 Electric Cell (विद्युत सेल)
Electric cell वह युक्ति है, जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है।
🔸 EMF (विद्युत वाहक बल)
सेल का EMF वह विभवांतर है, जो परिपथ खुला होने पर सेल के सिरों के बीच होता है।
🔸 EMF और विभवांतर में अंतर
| EMF | विभवांतर |
|---|---|
| Open circuit | Closed circuit |
| सेल का गुण | परिपथ पर निर्भर |
🔹 Internal Resistance (आंतरिक प्रतिरोध)
सेल के भीतर उपस्थित इलेक्ट्रोलाइट द्वारा धारा के प्रवाह का विरोध आंतरिक प्रतिरोध कहलाता है।
V = E − Ir
जहाँ —
- E = EMF
- r = आंतरिक प्रतिरोध
🔹 Cells in Series and Parallel
🔸 Series Combination
- EMF जुड़ता है
- आंतरिक प्रतिरोध भी जुड़ता है
🔸 Parallel Combination
- EMF वही रहता है
- आंतरिक प्रतिरोध घटता है
🎯 RBSE परीक्षा दृष्टिकोण (Current Electricity)
- ✔ Energy और Power के सूत्र
- ✔ Joule heating law
- ✔ EMF एवं Internal resistance
- ✔ Series–Parallel cell numericals
🔗 इसी लेख में आगे
- Kirchhoff’s Laws
- Wheatstone Bridge
- Meter Bridge
- Potentiometer
🔹 Kirchhoff’s Laws (किर्चहॉफ के नियम)
जटिल विद्युत परिपथों में जहाँ Ohm का नियम सीधे लागू नहीं किया जा सकता, वहाँ Kirchhoff के नियम का उपयोग किया जाता है।
🔸 Kirchhoff का प्रथम नियम (धारा नियम)
किसी जंक्शन पर आने वाली कुल धारा जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है।
∑I = 0
🔸 Kirchhoff का द्वितीय नियम (वोल्टेज नियम)
किसी बंद परिपथ में सभी विभवांतरों तथा EMF का बीजीय योग शून्य होता है।
∑V = 0
🧮 Kirchhoff नियमों पर आधारित संख्यात्मक
प्रश्न:
एक परिपथ में 10 V और 5 V की दो बैटरियाँ
तथा 5 Ω और 10 Ω के दो प्रतिरोध श्रेणीक्रम में जुड़े हैं।
परिपथ में प्रवाहित धारा ज्ञात करें।
कुल EMF = 10 + 5 = 15 V
कुल प्रतिरोध = 5 + 10 = 15 Ω
I = E / R = 15 / 15 = 1 A
🔹 Wheatstone Bridge (व्हीटस्टोन ब्रिज)
Wheatstone bridge एक ऐसा परिपथ है, जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को ज्ञात प्रतिरोधों की सहायता से मापने के लिए किया जाता है।
🔸 संतुलन की शर्त
P / Q = R / S
यदि यह शर्त पूरी होती है, तो गैल्वेनोमीटर में धारा प्रवाहित नहीं होती।
🔹 Meter Bridge (मीटर ब्रिज)
मीटर ब्रिज, Wheatstone bridge का ही एक व्यावहारिक रूप है।
X / R = l / (100 − l)
जहाँ —
- X = अज्ञात प्रतिरोध
- R = ज्ञात प्रतिरोध
- l = संतुलन लंबाई (cm)
🧮 Meter Bridge पर आधारित संख्यात्मक
प्रश्न:
एक meter bridge में
संतुलन बिंदु 40 cm पर प्राप्त होता है।
यदि ज्ञात प्रतिरोध 5 Ω हो,
तो अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करें।
X / 5 = 40 / 60
X = (40 × 5) / 60 = 3.33 Ω
🔹 Potentiometer (पोटेंशियोमीटर)
Potentiometer एक ऐसा उपकरण है, जिसका उपयोग EMF अथवा विभवांतर को बिना धारा प्रवाहित किए मापने के लिए किया जाता है।
🔸 Potential Gradient
k = V / L
🔸 Potentiometer के अनुप्रयोग
- दो सेल के EMF की तुलना
- किसी सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात करना
- वोल्टमीटर की जाँच
🧮 Potentiometer आधारित संख्यात्मक
प्रश्न:
यदि potentiometer तार की लंबाई 100 cm
और उस पर विभवांतर 2 V हो,
तो potential gradient ज्ञात करें।
k = V / L = 2 / 100 = 0.02 V/cm
🎯 RBSE परीक्षा दृष्टिकोण (सम्पूर्ण Current Electricity)
- ✔ Kirchhoff के दोनों नियम
- ✔ Wheatstone एवं Meter bridge सूत्र
- ✔ Potentiometer के अनुप्रयोग
- ✔ संख्यात्मक प्रश्नों में सूत्रों का सही प्रयोग
🧠 सम्पूर्ण अध्याय का संक्षिप्त पुनरावलोकन (Quick Revision)
| विषय | मुख्य सूत्र / तथ्य |
|---|---|
| विद्युत धारा | I = Q / t |
| ओम का नियम | V = IR |
| प्रतिरोध | R = ρL / A |
| विद्युत ऊर्जा | W = VIt |
| विद्युत शक्ति | P = VI |
| ऊष्मीय प्रभाव | H = I²Rt |
| EMF व आंतरिक प्रतिरोध | V = E − Ir |
| Kirchhoff नियम | ∑I = 0 , ∑V = 0 |
| Wheatstone Bridge | P / Q = R / S |
| Meter Bridge | X / R = l / (100 − l) |
| Potentiometer | k = V / L |
⚠️ RBSE परीक्षा में होने वाली सामान्य गलतियाँ
- धारा की दिशा को इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा मान लेना
- Units न लिखना या गलत units लिखना
- Series–Parallel में EMF व resistance का भ्रम
- Kirchhoff नियमों में sign convention भूल जाना
- Potentiometer में current flow मान लेना
✅ परीक्षा में उत्तर लिखने की रणनीति
- पहले सूत्र लिखें, फिर मान रखें
- हर चरण में SI मात्रक लिखें
- अंतिम उत्तर box या underline करें
- Diagram साफ़ व labelled रखें
RBSE Class 12 Physics – Current Electricity (Complete Chapter)
🎓 Academic Guidance
• सुरेंद्र सिंह चौहान
• कार्तिकेय खत्री
यह शैक्षणिक सामग्री केवल अध्ययन एवं परीक्षा-तैयारी के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें प्रस्तुत विषयवस्तु RBSE/NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित है। इसे किसी आधिकारिक प्रश्नपत्र, मॉडल उत्तर या बोर्ड निर्देश के रूप में न माना जाए। विद्यार्थी अंतिम तैयारी हेतु पाठ्यपुस्तक एवं बोर्ड की आधिकारिक सूचनाओं का अवलोकन अवश्य करें।
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🔁 सम्पूर्ण यूनिट का शिक्षक-शैली पुनरावलोकन (Teacher-Guided Visual Explanation for 100% Clarity)
अब हम इस यूनिट को एक शिक्षक की तरह दोबारा समझेंगे। हर महत्वपूर्ण अवधारणा पहले चित्र (SVG) के माध्यम से दिखाई जाएगी, फिर उसी चित्र को देखकर शब्दों में विस्तार से समझाया जाएगा ताकि विद्यार्थी बिना किसी बाहरी सहायता के विषय को समझ सके।
🔹 Electric Current एवं Drift Velocity
अब इस चित्र को ध्यान से देखिए। नीला आयत धातु चालक को दर्शाता है और काले बिंदु उसमें उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन हैं।
जब कोई विद्युत क्षेत्र नहीं होता, तब ये इलेक्ट्रॉन अनियमित दिशा में चलते हैं। लेकिन जैसे ही दाईं ओर दर्शाया गया Electric Field (E) लगाया जाता है, इलेक्ट्रॉन औसतन एक दिशा में खिसकने लगते हैं।
इसी औसत गति को हम Drift Velocity कहते हैं। यही drift motion मिलकर विद्युत धारा (Electric Current) उत्पन्न करता है।
🔹 Resistance एवं Resistivity
इस चित्र में बीच का हरा भाग प्रतिरोधक (Resistance) है। जब धारा इससे होकर गुजरती है, तो यह उसके प्रवाह का विरोध करता है।
अब शिक्षक के रूप में मैं आपको यह अंतर स्पष्ट करता हूँ:
- Resistance – किसी विशेष तार या चालक का गुण
- Resistivity – पूरे पदार्थ का मौलिक गुण
इसी कारण हम कहते हैं:
R = ρL / Aजहाँ ρ केवल पदार्थ पर निर्भर करता है।
🔹 Electrical Energy एवं Heating Effect
यह चित्र एक विद्युत हीटर का सरल रूप दिखाता है। जब धारा प्रतिरोधक से गुजरती है, तो विद्युत ऊर्जा ऊष्मा ऊर्जा में बदल जाती है।
इसे हम Joule का ऊष्मीय नियम कहते हैं:
H = I²Rt
यही सिद्धांत हीटर, इस्त्री और फ्यूज़ तीनों में लागू होता है।
🔹 EMF एवं Internal Resistance
यहाँ मैं आपको एक बहुत महत्वपूर्ण बात समझा रहा हूँ। सेल के अंदर भी कुछ प्रतिरोध होता है, जिसे हम Internal Resistance कहते हैं।
इसी कारण बाहरी परिपथ में मिलने वाला विभवांतर हमेशा EMF से थोड़ा कम होता है:
V = E − Ir
🔹 Kirchhoff के नियम – शिक्षक की दृष्टि से
इस जंक्शन को देखकर शिक्षक यह कहेगा:
- जितनी धारा अंदर आती है
- उतनी ही धारा बाहर जाती है
✅ शिक्षक का अंतिम निष्कर्ष
- आपने हर अवधारणा चित्र देखकर समझी
- हर सूत्र का भौतिक अर्थ जाना
- अब यह यूनिट आत्मनिर्भर रूप से समझी जा सकती है
- RBSE परीक्षा के लिए पूर्ण रूप से तैयार
विद्युत धारा (Current Electricity) - संक्षिप्त नोट्स
विद्युत धारा (Current Electricity) भौतिकी की वह शाखा है जो गतिमान आवेशों (charges in motion) के अध्ययन से संबंधित है। यह अध्याय ओम के नियम, परिपथ विश्लेषण के लिए किरचॉफ के नियमों और विभवमापी जैसे मापन यंत्रों पर केंद्रित है।
1. विद्युत धारा और ओम का नियम (Electric Current & Ohm's Law)
-
विद्युत धारा (Electric Current, I): आवेश प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं।
सूत्र: I = q / t
इसका SI मात्रक एम्पीयर (Ampere - A) है। यह एक अदिश राशि है। -
ओम का नियम (Ohm's Law): यदि किसी चालक की भौतिक अवस्थाएँ (जैसे ताप, लंबाई) स्थिर रहें, तो चालक के सिरों के बीच विभवान्तर (V), उसमें प्रवाहित धारा (I) के समानुपाती होता है।
सूत्र: V = IR
जहाँ R चालक का प्रतिरोध (Resistance) है। - प्रतिरोध (Resistance, R): धारा के प्रवाह में चालक द्वारा उत्पन्न बाधा। मात्रक: ओम (Ω)।
-
प्रतिरोधकता (Resistivity, ρ): यह पदार्थ का विशिष्ट गुण है।
सूत्र: R = ρ (L / A)
यह चालक की विमाओं (लंबाई/क्षेत्रफल) पर निर्भर नहीं करती, केवल पदार्थ की प्रकृति और तापमान पर निर्भर करती है।
2. अपवाह वेग (Drift Velocity)
बाह्य विद्युत क्षेत्र की उपस्थिति में मुक्त इलेक्ट्रॉनों का औसत वेग, जिससे वे चालक के धनात्मक सिरे की ओर खिसकते हैं, अपवाह वेग (vd) कहलाता है।
- धारा और अपवाह वेग में संबंध: I = nAevd
3. किरचॉफ के नियम (Kirchhoff's Laws)
जटिल विद्युत परिपथों के विश्लेषण के लिए ये नियम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
-
प्रथम नियम (संधि नियम - Junction Rule): किसी भी संधि (Junction) पर मिलने वाली समस्त धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
ΣI = 0 (आने वाली धारा = जाने वाली धारा)।
यह आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है। -
द्वितीय नियम (लूप नियम - Loop Rule): किसी बंद लूप (Closed Loop) में विभव परिवर्तनों का कुल बीजगणितीय योग शून्य होता है।
ΣΔV = 0 या ΣE = ΣIR
यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है।
4. मापन यंत्र (Measuring Instruments)
A. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge)
- चार प्रतिरोधों (P, Q, R, S) का एक संयोजन, जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
- संतुलन की स्थिति: जब गैल्वेनोमीटर में कोई विक्षेप न हो (धारा शून्य हो)।
सूत्र: P / Q = R / S - मीटर सेतु (Meter Bridge): यह व्हीटस्टोन सेतु के सिद्धांत पर कार्य करने वाला एक प्रायोगिक उपकरण है।
B. विभवमापी (Potentiometer)
यह एक आदर्श उपकरण है जिसका उपयोग सेल का विद्युत वाहक बल (EMF) मापने, दो सेलों के EMF की तुलना करने, या सेल का आंतरिक प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए किया जाता है।
- सिद्धांत: जब किसी एकसमान तार में नियत धारा प्रवाहित होती है, तो तार के किसी भी भाग के सिरों पर विभवान्तर, उस भाग की लंबाई के समानुपाती होता है।
V ∝ L या V = kL (जहाँ k विभव प्रवणता है)। - महत्व: यह शून्य विक्षेप विधि (Null Deflection Method) पर कार्य करता है, अर्थात् संतुलन की स्थिति में यह स्रोत से कोई धारा नहीं लेता। इसलिए यह वोल्टमीटर से अधिक यथार्थ (accurate) मान देता है।
- तापमान बढ़ाने पर चालकों (conductors) का प्रतिरोध बढ़ता है, जबकि अर्धचालकों (semiconductors) का प्रतिरोध घटता है।
- विद्युत शक्ति (Electric Power): P = VI = I²R = V²/R। मात्रक: वाट (Watt)।


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