📐 अध्याय 1: वास्तविक संख्याएँ
Real Numbers - RBSE कक्षा 10 गणित (2025-26)
1️⃣ पाठ का परिचय
कक्षा 9 में आपने प्राकृतिक संख्याओं, पूर्ण संख्याओं, पूर्णांकों, परिमेय संख्याओं और अपरिमेय संख्याओं के बारे में पढ़ा था। इस अध्याय में हम वास्तविक संख्याओं के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्मों का अध्ययन करेंगे।
• यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका और इसका उपयोग
• अंकगणित की आधारभूत प्रमेय
• HCF और LCM ज्ञात करने की अभाज्य गुणनखंड विधि
• अपरिमेय संख्याओं की अपरिमेयता का प्रमाण
• परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार
2️⃣ संख्या पद्धति की पुनरावृत्ति
चित्र 1.1: संख्या पद्धति का वर्गीकरण
प्राकृतिक संख्याएँ (ℕ): 1, 2, 3, 4, 5, ... (गिनती की संख्याएँ)
पूर्ण संख्याएँ (W): 0, 1, 2, 3, 4, ... (प्राकृतिक संख्याएँ + 0)
पूर्णांक (ℤ): ..., -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, ... (ऋणात्मक + पूर्ण संख्याएँ)
परिमेय संख्याएँ (ℚ): p/q के रूप में व्यक्त, जहाँ p, q पूर्णांक और q ≠ 0
अपरिमेय संख्याएँ: जो p/q के रूप में व्यक्त नहीं हो सकतीं (जैसे √2, π)
वास्तविक संख्याएँ (ℝ): परिमेय + अपरिमेय संख्याएँ
3️⃣ यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका
दो धनात्मक पूर्णांक a और b के लिए, अद्वितीय पूर्णांक q (भागफल) और r (शेषफल) इस प्रकार विद्यमान होते हैं कि:
यहाँ:
- a = भाज्य (Dividend)
- b = भाजक (Divisor)
- q = भागफल (Quotient)
- r = शेषफल (Remainder)
चित्र 1.2: यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का चित्रात्मक प्रदर्शन
• शेषफल (r) हमेशा भाजक (b) से छोटा होता है
• शेषफल कभी ऋणात्मक नहीं होता (0 या धनात्मक)
• जब r = 0, तो b, a को पूर्णतः विभाजित करता है
4️⃣ यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म (HCF ज्ञात करना)
एल्गोरिथ्म किसी समस्या को हल करने के लिए स्पष्ट रूप से वर्णित चरणों की श्रृंखला है। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग दो संख्याओं का HCF (महत्तम समापवर्तक) ज्ञात करने में किया जाता है।
HCF ज्ञात करने के चरण
चित्र 1.3: यूक्लिड एल्गोरिथ्म का फ्लोचार्ट
हल:
5️⃣ अंकगणित की आधारभूत प्रमेय
1 से बड़ी प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, और गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर यह गुणनखंडन अद्वितीय (unique) होता है।
अभाज्य संख्या (Prime): वह संख्या जिसके ठीक दो गुणनखंड हों (1 और स्वयं)। जैसे: 2, 3, 5, 7, 11, 13...
भाज्य संख्या (Composite): वह संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखंड हों। जैसे: 4, 6, 8, 9, 10...
नोट: 1 न तो अभाज्य है न भाज्य।
चित्र 1.4: 420 का गुणनखंड वृक्ष
हल: भाग विधि से:
70 ÷ 2 = 35
35 ÷ 5 = 7
7 ÷ 7 = 1
6️⃣ HCF और LCM (अभाज्य गुणनखंड विधि)
HCF (महत्तम समापवर्तक / Highest Common Factor): दो या अधिक संख्याओं का वह बड़े से बड़ा गुणनखंड जो सभी संख्याओं को विभाजित करे।
LCM (लघुत्तम समापवर्त्य / Least Common Multiple): दो या अधिक संख्याओं का वह छोटे से छोटा अपवर्त्य जो सभी संख्याओं से विभाज्य हो।
अभाज्य गुणनखंड विधि से HCF
सभी संख्याओं के उभयनिष्ठ (common) अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल जिसमें प्रत्येक उभयनिष्ठ गुणनखंड की न्यूनतम घात ली जाती है।
अभाज्य गुणनखंड विधि से LCM
सभी संख्याओं में आने वाले सभी अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल जिसमें प्रत्येक गुणनखंड की अधिकतम घात ली जाती है।
हल:
404 = 2 × 2 × 101 = 2² × 101
दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए:
सत्यापन: 4 × 9696 = 38784 और 96 × 404 = 38784 ✓
• यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए सत्य है
• तीन या अधिक संख्याओं के लिए यह संबंध लागू नहीं होता
• इस संबंध का उपयोग करके यदि एक ज्ञात हो तो दूसरा ज्ञात किया जा सकता है
7️⃣ अपरिमेय संख्याओं की अपरिमेयता का प्रमाण
यदि p एक अभाज्य संख्या है और p, a² को विभाजित करता है, तो p, a को भी विभाजित करता है।
प्रमाण (विरोधाभास विधि द्वारा):
तो √2 = p/q, जहाँ p और q सहभाज्य पूर्णांक हैं (HCF = 1) और q ≠ 0
2 = p²/q²
2q² = p² ... (i)
⟹ p भी सम है (क्योंकि यदि p² सम है तो p सम होगा)
माना p = 2m (किसी पूर्णांक m के लिए)
2q² = 4m²
q² = 2m² ... (ii)
⟹ q भी सम है
यह हमारी मान्यता (p और q सहभाज्य हैं) के विपरीत है।
∴ √2 अपरिमेय है। (इति सिद्धम्)
• √3 अपरिमेय है
• √5 अपरिमेय है
• √p अपरिमेय है (जहाँ p कोई भी अभाज्य संख्या है)
• 2 + √3, 5 - √2, 3√5 आदि भी अपरिमेय हैं
8️⃣ परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार
1. सांत दशमलव (Terminating): दशमलव के बाद अंकों की संख्या सीमित हो।
उदाहरण: 1/4 = 0.25, 7/8 = 0.875
2. असांत आवर्ती (Non-terminating Repeating): अंक अनंत तक दोहराते हों।
उदाहरण: 1/3 = 0.333... = 0.3̄, 1/7 = 0.142857̄
3. असांत अनावर्ती (Non-terminating Non-repeating): अंक अनंत तक बिना दोहराव के।
ये अपरिमेय संख्याएँ होती हैं। उदाहरण: √2 = 1.41421356..., π = 3.14159...
माना x = p/q एक परिमेय संख्या है जहाँ p और q सहभाज्य हैं।
x का दशमलव प्रसार सांत होगा यदि और केवल यदि q के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 और/या 5 हों।
चित्र 1.5: दशमलव प्रसार का वर्गीकरण
| परिमेय संख्या | हर (q) | q का गुणनखंडन | दशमलव प्रसार | प्रकार |
|---|---|---|---|---|
| 1/2 | 2 | 2¹ | 0.5 | सांत |
| 3/4 | 4 | 2² | 0.75 | सांत |
| 7/8 | 8 | 2³ | 0.875 | सांत |
| 13/25 | 25 | 5² | 0.52 | सांत |
| 17/40 | 40 | 2³ × 5 | 0.425 | सांत |
| 1/3 | 3 | 3 | 0.333... | असांत आवर्ती |
| 1/6 | 6 | 2 × 3 | 0.1666... | असांत आवर्ती |
| 1/7 | 7 | 7 | 0.142857... | असांत आवर्ती |
9️⃣ सूत्र सारणी
| क्र. | नाम | सूत्र/कथन |
|---|---|---|
| 1 | यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका | a = bq + r, जहाँ 0 ≤ r < b |
| 2 | HCF (अभाज्य गुणनखंड विधि) | उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल (न्यूनतम घात) |
| 3 | LCM (अभाज्य गुणनखंड विधि) | सभी अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल (अधिकतम घात) |
| 4 | HCF-LCM संबंध | HCF × LCM = a × b (केवल दो संख्याओं के लिए) |
| 5 | सांत दशमलव की शर्त | p/q सांत है यदि q = 2ⁿ × 5ᵐ |
| 6 | अंकगणित की आधारभूत प्रमेय | प्रत्येक भाज्य संख्या = अभाज्य संख्याओं का अद्वितीय गुणनफल |
🔟 हल सहित उदाहरण
हल:
माना दूसरी संख्या = x
सूत्र: HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या
38784 = 96x
x = 38784 ÷ 96
x = 404
(i) 13/3125 (ii) 17/8 (iii) 64/455
हल:
(i) 13/3125
3125 = 5⁵ = 2⁰ × 5⁵
चूँकि हर में केवल 5 की घात है (q = 2ⁿ × 5ᵐ के रूप में)
∴ सांत दशमलव
(ii) 17/8
8 = 2³ = 2³ × 5⁰
चूँकि हर में केवल 2 की घात है
∴ सांत दशमलव
(iii) 64/455
455 = 5 × 7 × 13
चूँकि हर में 2 और 5 के अलावा 7 और 13 भी हैं
∴ असांत आवर्ती दशमलव
हल:
72 = 2³ × 3² = 8 × 9
120 = 2³ × 3 × 5 = 8 × 15
1️⃣1️⃣ अभ्यास प्रश्न
📝 स्वयं हल करें
1️⃣2️⃣ बोर्ड परीक्षा पैटर्न
📋 RBSE बोर्ड 2025-26: अध्याय 1 से अपेक्षित प्रश्न
| प्रश्न प्रकार | अंक | संभावित टॉपिक |
|---|---|---|
| वस्तुनिष्ठ (MCQ) | 1 | HCF-LCM संबंध, दशमलव प्रसार पहचानना |
| अति लघु उत्तरीय | 1 | सांत/असांत दशमलव बताना, अभाज्य गुणनखंडन |
| लघु उत्तरीय | 2 | HCF या LCM ज्ञात करना, यूक्लिड एल्गोरिथ्म |
| दीर्घ उत्तरीय | 3-4 | √2, √3 की अपरिमेयता का प्रमाण |
• √2, √3 की अपरिमेयता का प्रमाण रटें - हर साल आता है
• यूक्लिड एल्गोरिथ्म के स्टेप्स क्रमबद्ध लिखें
• HCF × LCM = a × b सूत्र याद रखें
• दशमलव प्रसार के लिए हर का गुणनखंडन देखें (2ⁿ × 5ᵐ)
1️⃣3️⃣ त्वरित पुनरावृत्ति
⚡ एक नज़र में याद करें
1️⃣4️⃣ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए, अद्वितीय पूर्णांक q और r इस प्रकार विद्यमान होते हैं कि a = bq + r, जहाँ 0 ≤ r < b। इसका उपयोग HCF ज्ञात करने में किया जाता है।
1 से बड़ी प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, और गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर यह गुणनखंडन अद्वितीय होता है।
विरोधाभास विधि से: मान लें √2 = p/q (सहभाज्य), वर्ग करने पर 2q² = p², इससे p और q दोनों सम सिद्ध होते हैं जो सहभाज्य होने के विपरीत है। अतः √2 अपरिमेय है।
दो संख्याओं a और b के लिए: HCF(a,b) × LCM(a,b) = a × b। यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए मान्य है, तीन या अधिक के लिए नहीं।
p/q का दशमलव प्रसार सांत होता है यदि q के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 और/या 5 हों, अर्थात् q = 2ⁿ × 5ᵐ के रूप में हो।


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