वास्तविक संख्याएँ कक्षा 10 | RBSE गणित अध्याय 1 नोट्स 2025-26

📅 Friday, 2 January 2026 📖 3-5 min read
वास्तविक संख्याएँ कक्षा 10 | RBSE Class 10 Maths Chapter 1 Hindi

📐 अध्याय 1: वास्तविक संख्याएँ

Real Numbers - RBSE कक्षा 10 गणित (2025-26)

📚 NCERT आधारित ⏱️ 3-4 घंटे 📝 बोर्ड अंक: 4 📖 हिंदी माध्यम

1️⃣ पाठ का परिचय

कक्षा 9 में आपने प्राकृतिक संख्याओं, पूर्ण संख्याओं, पूर्णांकों, परिमेय संख्याओं और अपरिमेय संख्याओं के बारे में पढ़ा था। इस अध्याय में हम वास्तविक संख्याओं के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्मों का अध्ययन करेंगे।

🎯 इस अध्याय में आप सीखेंगे:

• यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका और इसका उपयोग
• अंकगणित की आधारभूत प्रमेय
• HCF और LCM ज्ञात करने की अभाज्य गुणनखंड विधि
• अपरिमेय संख्याओं की अपरिमेयता का प्रमाण
• परिमेय संख्याओं के दशमलव प्रसार

2️⃣ संख्या पद्धति की पुनरावृत्ति

संख्या पद्धति (Number System) वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) - ℝ परिमेय संख्याएँ (ℚ) p/q के रूप में, जहाँ q ≠ 0 पूर्णांक (ℤ) ..., -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, ... पूर्ण संख्याएँ (W) 0, 1, 2, 3, 4, ... प्राकृतिक संख्याएँ (ℕ) 1, 2, 3, 4, 5, ... गिनती की संख्याएँ अपरिमेय संख्याएँ p/q में नहीं लिखी जा सकतीं √2 = 1.41421356... √3 = 1.73205080... √5 = 2.23606797... π = 3.14159265... e = 2.71828182... विशेषता: असांत अनावर्ती दशमलव

चित्र 1.1: संख्या पद्धति का वर्गीकरण

📘 परिभाषाएँ

प्राकृतिक संख्याएँ (ℕ): 1, 2, 3, 4, 5, ... (गिनती की संख्याएँ)

पूर्ण संख्याएँ (W): 0, 1, 2, 3, 4, ... (प्राकृतिक संख्याएँ + 0)

पूर्णांक (ℤ): ..., -3, -2, -1, 0, 1, 2, 3, ... (ऋणात्मक + पूर्ण संख्याएँ)

परिमेय संख्याएँ (ℚ): p/q के रूप में व्यक्त, जहाँ p, q पूर्णांक और q ≠ 0

अपरिमेय संख्याएँ: जो p/q के रूप में व्यक्त नहीं हो सकतीं (जैसे √2, π)

वास्तविक संख्याएँ (ℝ): परिमेय + अपरिमेय संख्याएँ

3️⃣ यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका

📜 यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका (Euclid's Division Lemma)

दो धनात्मक पूर्णांक a और b के लिए, अद्वितीय पूर्णांक q (भागफल) और r (शेषफल) इस प्रकार विद्यमान होते हैं कि:

a = b × q + r     जहाँ     0 ≤ r < b

यहाँ:

  • a = भाज्य (Dividend)
  • b = भाजक (Divisor)
  • q = भागफल (Quotient)
  • r = शेषफल (Remainder)
यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का उदाहरण उदाहरण: 17 को 5 से भाग करें 17 = 5 × 3 + 2 (a) भाज्य (b) भाजक (q) भागफल (r) शेषफल शर्त: 0 ≤ r < b यहाँ: 0 ≤ 2 < 5 ✓ (सत्य)

चित्र 1.2: यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका का चित्रात्मक प्रदर्शन

💡 याद रखें

• शेषफल (r) हमेशा भाजक (b) से छोटा होता है
• शेषफल कभी ऋणात्मक नहीं होता (0 या धनात्मक)
• जब r = 0, तो b, a को पूर्णतः विभाजित करता है

4️⃣ यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म (HCF ज्ञात करना)

📘 एल्गोरिथ्म क्या है?

एल्गोरिथ्म किसी समस्या को हल करने के लिए स्पष्ट रूप से वर्णित चरणों की श्रृंखला है। यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग दो संख्याओं का HCF (महत्तम समापवर्तक) ज्ञात करने में किया जाता है।

HCF ज्ञात करने के चरण

1 बड़ी संख्या को भाज्य और छोटी को भाजक बनाएँ। यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका लगाएँ: a = bq + r
2 यदि r = 0, तो भाजक (b) ही HCF है। यहीं रुकें।
3 यदि r ≠ 0, तो भाजक (b) को नया भाज्य और शेषफल (r) को नया भाजक बनाकर चरण 1 दोहराएँ।
4 जब तक r = 0 न हो जाए, प्रक्रिया जारी रखें। अंतिम भाजक ही HCF होगा।
यूक्लिड एल्गोरिथ्म फ्लोचार्ट प्रारंभ दो संख्याएँ a और b लें a = bq + r लागू करें r = 0? हाँ b = HCF (उत्तर) नहीं a ← b b ← r समाप्त

चित्र 1.3: यूक्लिड एल्गोरिथ्म का फ्लोचार्ट

✏️ उदाहरण 1: HCF(455, 42) ज्ञात कीजिए
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म का उपयोग करके 455 और 42 का HCF ज्ञात कीजिए।

हल:

1 चरण 1: बड़ी संख्या 455 को भाज्य और 42 को भाजक लें
455 = 42 × 10 + 35
यहाँ q = 10, r = 35 (चूँकि r ≠ 0, अगला चरण)
2 चरण 2: अब 42 को भाज्य और 35 को भाजक लें
42 = 35 × 1 + 7
यहाँ q = 1, r = 7 (चूँकि r ≠ 0, अगला चरण)
3 चरण 3: अब 35 को भाज्य और 7 को भाजक लें
35 = 7 × 5 + 0
यहाँ q = 5, r = 0 ✓
उत्तर: चूँकि शेषफल 0 है, अतः अंतिम भाजक 7 ही HCF है।
HCF(455, 42) = 7

5️⃣ अंकगणित की आधारभूत प्रमेय

📜 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (Fundamental Theorem of Arithmetic)

1 से बड़ी प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, और गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर यह गुणनखंडन अद्वितीय (unique) होता है।

📘 अभाज्य और भाज्य संख्याएँ

अभाज्य संख्या (Prime): वह संख्या जिसके ठीक दो गुणनखंड हों (1 और स्वयं)। जैसे: 2, 3, 5, 7, 11, 13...

भाज्य संख्या (Composite): वह संख्या जिसके दो से अधिक गुणनखंड हों। जैसे: 4, 6, 8, 9, 10...

नोट: 1 न तो अभाज्य है न भाज्य।

गुणनखंड वृक्ष (Factor Tree) - 420 का उदाहरण 420 2 ✓ अभाज्य 210 2 ✓ अभाज्य 105 3 ✓ अभाज्य 35 अभाज्य गुणनखंडन: 420 = 2 × 2 × 3 × 5 × 7 = 2² × 3 × 5 × 7

चित्र 1.4: 420 का गुणनखंड वृक्ष

✏️ उदाहरण 2: अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करें
140 का अभाज्य गुणनखंडन ज्ञात कीजिए।

हल: भाग विधि से:

140 ÷ 2 = 70
70 ÷ 2 = 35
35 ÷ 5 = 7
7 ÷ 7 = 1
उत्तर: 140 = 2 × 2 × 5 × 7 = 2² × 5 × 7

6️⃣ HCF और LCM (अभाज्य गुणनखंड विधि)

📘 परिभाषाएँ

HCF (महत्तम समापवर्तक / Highest Common Factor): दो या अधिक संख्याओं का वह बड़े से बड़ा गुणनखंड जो सभी संख्याओं को विभाजित करे।

LCM (लघुत्तम समापवर्त्य / Least Common Multiple): दो या अधिक संख्याओं का वह छोटे से छोटा अपवर्त्य जो सभी संख्याओं से विभाज्य हो।

अभाज्य गुणनखंड विधि से HCF

🔢 HCF ज्ञात करने का नियम

सभी संख्याओं के उभयनिष्ठ (common) अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल जिसमें प्रत्येक उभयनिष्ठ गुणनखंड की न्यूनतम घात ली जाती है।

अभाज्य गुणनखंड विधि से LCM

🔢 LCM ज्ञात करने का नियम

सभी संख्याओं में आने वाले सभी अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल जिसमें प्रत्येक गुणनखंड की अधिकतम घात ली जाती है।

✏️ उदाहरण 3: HCF और LCM (96, 404)
96 और 404 का HCF और LCM अभाज्य गुणनखंड विधि से ज्ञात कीजिए।

हल:

1 अभाज्य गुणनखंडन:
96 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 = 2⁵ × 3
404 = 2 × 2 × 101 = 2² × 101
2 HCF: उभयनिष्ठ गुणनखंड = 2 (न्यूनतम घात = 2)
HCF = 2² = 4
3 LCM: सभी गुणनखंड अधिकतम घात के साथ
LCM = 2⁵ × 3 × 101 = 32 × 3 × 101 = 9696
उत्तर: HCF(96, 404) = 4, LCM(96, 404) = 9696
⚠️ महत्वपूर्ण संबंध

दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए:

HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b

सत्यापन: 4 × 9696 = 38784 और 96 × 404 = 38784 ✓

💡 ध्यान दें

• यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए सत्य है
• तीन या अधिक संख्याओं के लिए यह संबंध लागू नहीं होता
• इस संबंध का उपयोग करके यदि एक ज्ञात हो तो दूसरा ज्ञात किया जा सकता है

7️⃣ अपरिमेय संख्याओं की अपरिमेयता का प्रमाण

📜 प्रमेय: √2 अपरिमेय है

यदि p एक अभाज्य संख्या है और p, a² को विभाजित करता है, तो p, a को भी विभाजित करता है।

✏️ प्रमाण: √2 अपरिमेय है

प्रमाण (विरोधाभास विधि द्वारा):

1 मान लें: √2 परिमेय है।
तो √2 = p/q, जहाँ p और q सहभाज्य पूर्णांक हैं (HCF = 1) और q ≠ 0
2 वर्ग करने पर:
(√2)² = (p/q)²
2 = p²/q²
2q² = p² ... (i)
3 निष्कर्ष: समीकरण (i) से p² सम संख्या है (2 से विभाज्य)
⟹ p भी सम है (क्योंकि यदि p² सम है तो p सम होगा)
माना p = 2m (किसी पूर्णांक m के लिए)
4 प्रतिस्थापन: p = 2m को समीकरण (i) में रखने पर:
2q² = (2m)²
2q² = 4m²
q² = 2m² ... (ii)
5 निष्कर्ष: समीकरण (ii) से q² सम है
⟹ q भी सम है
विरोधाभास: p और q दोनों सम हैं, अर्थात् दोनों में 2 उभयनिष्ठ गुणनखंड है।
यह हमारी मान्यता (p और q सहभाज्य हैं) के विपरीत है।

∴ √2 अपरिमेय है। (इति सिद्धम्)
💡 इसी प्रकार सिद्ध किया जा सकता है

• √3 अपरिमेय है
• √5 अपरिमेय है
• √p अपरिमेय है (जहाँ p कोई भी अभाज्य संख्या है)
• 2 + √3, 5 - √2, 3√5 आदि भी अपरिमेय हैं

8️⃣ परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार

📘 दशमलव प्रसार के प्रकार

1. सांत दशमलव (Terminating): दशमलव के बाद अंकों की संख्या सीमित हो।
उदाहरण: 1/4 = 0.25, 7/8 = 0.875

2. असांत आवर्ती (Non-terminating Repeating): अंक अनंत तक दोहराते हों।
उदाहरण: 1/3 = 0.333... = 0.3̄, 1/7 = 0.142857̄

3. असांत अनावर्ती (Non-terminating Non-repeating): अंक अनंत तक बिना दोहराव के।
ये अपरिमेय संख्याएँ होती हैं। उदाहरण: √2 = 1.41421356..., π = 3.14159...

📜 प्रमेय: सांत दशमलव की शर्त

माना x = p/q एक परिमेय संख्या है जहाँ p और q सहभाज्य हैं।
x का दशमलव प्रसार सांत होगा यदि और केवल यदि q के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 और/या 5 हों।

q = 2n × 5m     (जहाँ n, m ≥ 0 पूर्णांक)
दशमलव प्रसार का वर्गीकरण परिमेय संख्याएँ (p/q) सांत दशमलव q = 2ⁿ × 5ᵐ 7/8 = 0.875 असांत आवर्ती q में 2, 5 के अलावा अन्य गुणनखंड 1/3 = 0.333... अपरिमेय संख्याएँ असांत अनावर्ती p/q में व्यक्त नहीं √2 = 1.41421356... √3 = 1.73205080... π = 3.14159265... e = 2.71828182...

चित्र 1.5: दशमलव प्रसार का वर्गीकरण

परिमेय संख्या हर (q) q का गुणनखंडन दशमलव प्रसार प्रकार
1/2 2 0.5 सांत
3/4 4 0.75 सांत
7/8 8 0.875 सांत
13/25 25 0.52 सांत
17/40 40 2³ × 5 0.425 सांत
1/3 3 3 0.333... असांत आवर्ती
1/6 6 2 × 3 0.1666... असांत आवर्ती
1/7 7 7 0.142857... असांत आवर्ती

9️⃣ सूत्र सारणी

क्र. नाम सूत्र/कथन
1 यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका a = bq + r, जहाँ 0 ≤ r < b
2 HCF (अभाज्य गुणनखंड विधि) उभयनिष्ठ अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल (न्यूनतम घात)
3 LCM (अभाज्य गुणनखंड विधि) सभी अभाज्य गुणनखंडों का गुणनफल (अधिकतम घात)
4 HCF-LCM संबंध HCF × LCM = a × b (केवल दो संख्याओं के लिए)
5 सांत दशमलव की शर्त p/q सांत है यदि q = 2ⁿ × 5ᵐ
6 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय प्रत्येक भाज्य संख्या = अभाज्य संख्याओं का अद्वितीय गुणनफल

🔟 हल सहित उदाहरण

✏️ उदाहरण 4: HCF-LCM संबंध से प्रश्न
दो संख्याओं का HCF 4 और LCM 9696 है। यदि एक संख्या 96 है, तो दूसरी संख्या ज्ञात कीजिए।

हल:

माना दूसरी संख्या = x

सूत्र: HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या

4 × 9696 = 96 × x
38784 = 96x
x = 38784 ÷ 96
x = 404
उत्तर: दूसरी संख्या = 404
✏️ उदाहरण 5: दशमलव प्रसार
बिना भाग किए बताइए कि निम्न परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसार सांत होगा या असांत आवर्ती:
(i) 13/3125    (ii) 17/8    (iii) 64/455

हल:

(i) 13/3125

3125 = 5⁵ = 2⁰ × 5⁵

चूँकि हर में केवल 5 की घात है (q = 2ⁿ × 5ᵐ के रूप में)

सांत दशमलव

(ii) 17/8

8 = 2³ = 2³ × 5⁰

चूँकि हर में केवल 2 की घात है

सांत दशमलव

(iii) 64/455

455 = 5 × 7 × 13

चूँकि हर में 2 और 5 के अलावा 7 और 13 भी हैं

असांत आवर्ती दशमलव

✏️ उदाहरण 6: तीन संख्याओं का HCF और LCM
6, 72 और 120 का HCF और LCM ज्ञात कीजिए।

हल:

1 अभाज्य गुणनखंडन:
6 = 2 × 3 = 2¹ × 3¹
72 = 2³ × 3² = 8 × 9
120 = 2³ × 3 × 5 = 8 × 15
2 HCF: उभयनिष्ठ = 2 और 3 (न्यूनतम घात)
HCF = 2¹ × 3¹ = 6
3 LCM: सभी गुणनखंड अधिकतम घात के साथ
LCM = 2³ × 3² × 5 = 8 × 9 × 5 = 360
उत्तर: HCF = 6, LCM = 360

1️⃣1️⃣ अभ्यास प्रश्न

📝 स्वयं हल करें

प्रश्न 1: यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म द्वारा 867 और 255 का HCF ज्ञात कीजिए।
उत्तर: HCF = 51
प्रश्न 2: 12, 15 और 21 का LCM और HCF ज्ञात कीजिए।
उत्तर: HCF = 3, LCM = 420
प्रश्न 3: सिद्ध कीजिए कि √3 एक अपरिमेय संख्या है।
उत्तर: विरोधाभास विधि द्वारा (√2 के समान)
प्रश्न 4: बिना भाग किए बताइए कि 77/210 का दशमलव प्रसार सांत होगा या असांत आवर्ती?
उत्तर: असांत आवर्ती (210 = 2 × 3 × 5 × 7, 3 और 7 भी हैं)
प्रश्न 5: दो संख्याओं का LCM 1200 और HCF 20 है। यदि एक संख्या 240 है, तो दूसरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 100 (∵ 20 × 1200 = 240 × x ⟹ x = 100)
प्रश्न 6: 3825 का अभाज्य गुणनखंडन ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 3825 = 3 × 5² × 17
प्रश्न 7: सिद्ध कीजिए कि 5 + √2 अपरिमेय है।
उत्तर: मान लें 5 + √2 = p/q (परिमेय), तो √2 = p/q - 5 भी परिमेय होगा जो असत्य है
प्रश्न 8: 23/(2³ × 5²) का दशमलव प्रसार ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 23/200 = 0.115 (सांत)

1️⃣2️⃣ बोर्ड परीक्षा पैटर्न

📋 RBSE बोर्ड 2025-26: अध्याय 1 से अपेक्षित प्रश्न

प्रश्न प्रकार अंक संभावित टॉपिक
वस्तुनिष्ठ (MCQ) 1 HCF-LCM संबंध, दशमलव प्रसार पहचानना
अति लघु उत्तरीय 1 सांत/असांत दशमलव बताना, अभाज्य गुणनखंडन
लघु उत्तरीय 2 HCF या LCM ज्ञात करना, यूक्लिड एल्गोरिथ्म
दीर्घ उत्तरीय 3-4 √2, √3 की अपरिमेयता का प्रमाण
🎯 परीक्षा टिप्स

• √2, √3 की अपरिमेयता का प्रमाण रटें - हर साल आता है
• यूक्लिड एल्गोरिथ्म के स्टेप्स क्रमबद्ध लिखें
• HCF × LCM = a × b सूत्र याद रखें
• दशमलव प्रसार के लिए हर का गुणनखंडन देखें (2ⁿ × 5ᵐ)

1️⃣3️⃣ त्वरित पुनरावृत्ति

⚡ एक नज़र में याद करें

1. यूक्लिड प्रमेयिका: a = bq + r (0 ≤ r < b)
2. HCF: उभयनिष्ठ गुणनखंड × न्यूनतम घात
3. LCM: सभी गुणनखंड × अधिकतम घात
4. HCF × LCM = a × b (केवल दो संख्याओं के लिए)
5. सांत दशमलव: q = 2ⁿ × 5ᵐ
6. √p अपरिमेय (p = अभाज्य) - विरोधाभास विधि से सिद्ध
7. अंकगणित की आधारभूत प्रमेय: भाज्य = अभाज्यों का अद्वितीय गुणनफल
8. परिमेय = सांत या असांत आवर्ती | अपरिमेय = असांत अनावर्ती

1️⃣4️⃣ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

❓ यूक्लिड विभाजन प्रमेयिका क्या है?

किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए, अद्वितीय पूर्णांक q और r इस प्रकार विद्यमान होते हैं कि a = bq + r, जहाँ 0 ≤ r < b। इसका उपयोग HCF ज्ञात करने में किया जाता है।

❓ अंकगणित की आधारभूत प्रमेय क्या कहती है?

1 से बड़ी प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणनफल के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, और गुणनखंडों के क्रम को छोड़कर यह गुणनखंडन अद्वितीय होता है।

❓ √2 अपरिमेय कैसे सिद्ध करें?

विरोधाभास विधि से: मान लें √2 = p/q (सहभाज्य), वर्ग करने पर 2q² = p², इससे p और q दोनों सम सिद्ध होते हैं जो सहभाज्य होने के विपरीत है। अतः √2 अपरिमेय है।

❓ HCF और LCM में क्या संबंध है?

दो संख्याओं a और b के लिए: HCF(a,b) × LCM(a,b) = a × b। यह संबंध केवल दो संख्याओं के लिए मान्य है, तीन या अधिक के लिए नहीं।

❓ दशमलव प्रसार कब सांत होता है?

p/q का दशमलव प्रसार सांत होता है यदि q के अभाज्य गुणनखंडन में केवल 2 और/या 5 हों, अर्थात् q = 2ⁿ × 5ᵐ के रूप में हो।

📚 विद्या मित्र - आपका शैक्षिक साथी

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