RBSE Class 10 SST Short Notes 2026 | कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान सम्पूर्ण नोट्स — 22 अध्याय NCERT

📅 Monday, 16 February 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
RBSE Class 10 SST Short Notes 2026 | कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान सम्पूर्ण नोट्स — राजस्थान बोर्ड

📚 RBSE Class 10 — सामाजिक विज्ञान
सम्पूर्ण Short Notes 2026

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड | NCERT Based | Chapter-wise | Hindi-English Bilingual
📜 History — 5 Chapters 🌍 Geography — 7 Chapters ⚖️ Political Science — 5 Chapters 💰 Economics — 5 Chapters 📝 22 Chapters Total

📜 इतिहास (History)

NCERT: India and the Contemporary World-II | भारत और समकालीन विश्व-II
📜 अध्याय 1: यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय (The Rise of Nationalism in Europe)

🔹 फ्रांसीसी क्रांति (1789) और राष्ट्रवाद

फ्रांसीसी क्रांति ने स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व (Liberty, Equality, Fraternity) के विचार पूरे यूरोप में फैलाए। इसने राजतंत्र को चुनौती दी और 'राष्ट्र-राज्य' (Nation-State) की अवधारणा को जन्म दिया।

🔹 नेपोलियन और राष्ट्रवाद

नेपोलियन बोनापार्ट ने नेपोलियन संहिता (Napoleonic Code, 1804) लागू की — इसने सामंती विशेषाधिकार समाप्त किए, कानून के समक्ष समानता स्थापित की, और संपत्ति के अधिकार को मान्यता दी। उसके सुधारों ने अनजाने में राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया।

🔹 वियना कांग्रेस (1815)

नेपोलियन की हार के बाद ऑस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिख ने वियना संधि की मेजबानी की। उद्देश्य: यूरोप में पुनः राजतंत्र स्थापित करना (Restoration of Monarchies)। परंतु राष्ट्रवादी भावनाएँ दबाई न जा सकीं।

🔹 जर्मनी का एकीकरण

ओटो वॉन बिस्मार्क (Otto von Bismarck), प्रशा के मुख्यमंत्री, ने 'लोहा और रक्त' (Blood and Iron) की नीति से जर्मनी का एकीकरण किया। तीन युद्धों (डेनमार्क, ऑस्ट्रिया, फ्रांस) के बाद 1871 में जर्मन साम्राज्य की घोषणा वर्साय में हुई। प्रशा के राजा विलियम प्रथम को कैसर (Emperor) बनाया गया।

🔹 इटली का एकीकरण

तीन प्रमुख नेता: मेत्सिनी (Mazzini) — 'यंग इटली' संस्था, इटली एकीकरण की 'आत्मा'; काउंट कावूर (Cavour) — सार्डीनिया-पीडमॉंट के मुख्यमंत्री, 'मस्तिष्क'; गैरीबाल्डी (Garibaldi) — 'रेड शर्ट्स' सेना के नेता, दक्षिणी इटली को जीता, 'तलवार'। 1861 में इटली का एकीकरण पूर्ण हुआ।

🔑 परीक्षा में याद रखें: बिस्मार्क → जर्मनी | गैरीबाल्डी → इटली | मेत्सिनी → यंग इटली | वियना कांग्रेस → 1815, मेटरनिख | नेपोलियन संहिता → 1804, समानता
📖 NCERT Reference: India and the Contemporary World-II, Chapter 1, Pages 3-28
📜 अध्याय 2: भारत में राष्ट्रवाद (Nationalism in India) Most Important

🔹 प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्रवाद

प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के बाद भारत में आर्थिक कठिनाइयाँ बढ़ीं — कीमतें दोगुनी, अकाल, महामारी (1918-19 इन्फ्लूएंजा)। ब्रिटिश सरकार ने रॉलेट एक्ट (1919) पारित किया — बिना मुकदमे गिरफ्तारी का अधिकार।

🔹 जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919)

अमृतसर में बैसाखी के दिन जनरल डायर ने निहत्थी भीड़ पर गोली चलवाई। सैकड़ों लोग मारे गए। इस घटना ने पूरे देश में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध गहरा आक्रोश पैदा किया। रवींद्रनाथ टैगोर ने 'नाइटहुड' की उपाधि लौटा दी।

🔹 असहयोग आंदोलन (1920-22)

गाँधीजी ने खिलाफत आंदोलन (उस्मानी खलीफा के समर्थन में) के साथ मिलकर असहयोग आंदोलन चलाया। कार्यक्रम: विदेशी कपड़ों का बहिष्कार, सरकारी उपाधियाँ लौटाना, स्कूल-कॉलेज-न्यायालय का बहिष्कार, स्वदेशी अपनाना। चौरी-चौरा कांड (फरवरी 1922) में हिंसा होने पर गाँधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया।

🔹 नमक सत्याग्रह / दांडी मार्च (1930)

सविनय अवज्ञा आंदोलन (Civil Disobedience Movement) की शुरुआत। गाँधीजी ने 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से 385 किमी पैदल चलकर 6 अप्रैल को दांडी पहुँचे और नमक बनाकर कानून तोड़ा। यह ब्रिटिश सत्ता की अवहेलना का प्रतीक बना।

🔹 भारत छोड़ो आंदोलन (1942)

गाँधीजी ने 8 अगस्त 1942 को बम्बई अधिवेशन में 'करो या मरो' (Do or Die) का नारा दिया। अंग्रेजों की तुरंत वापसी की माँग। सभी प्रमुख नेता गिरफ्तार, जनता ने स्वतंत्र रूप से आंदोलन जारी रखा।

🔹 डॉ. बी.आर. अम्बेडकर और दलित आंदोलन

अम्बेडकर ने दलितों (अनुसूचित जातियों) के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने पृथक निर्वाचन (Separate Electorates) की माँग की। पूना पैक्ट (1932) में गाँधी-अम्बेडकर समझौता हुआ — संयुक्त निर्वाचन में आरक्षित सीटें। अम्बेडकर संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष बने।

🔑 तिथियाँ याद रखें: रॉलेट एक्ट → 1919 | जलियाँवाला बाग → 13 अप्रैल 1919 | असहयोग → 1920-22 | चौरी-चौरा → फरवरी 1922 | दांडी मार्च → 12 मार्च 1930 | पूना पैक्ट → 1932 | भारत छोड़ो → 8 अगस्त 1942 | स्वतंत्रता → 15 अगस्त 1947
🔑 नारे: 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है' → तिलक | 'करो या मरो' → गाँधी | 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा' → सुभाष चंद्र बोस | 'इंकलाब ज़िंदाबाद' → भगत सिंह | 'जय हिंद' → सुभाष चंद्र बोस
📖 NCERT Reference: India and the Contemporary World-II, Chapter 2, Pages 29-62
📜 अध्याय 3: भूमंडलीकृत विश्व का बनना (The Making of a Global World)

🔹 रेशम मार्ग (Silk Route)

प्राचीन व्यापार मार्ग जो एशिया, यूरोप और उत्तरी अफ्रीका को जोड़ते थे। इनसे रेशम, मसाले, सोना, कपड़ा और विचारों का आदान-प्रदान होता था। भोजन भी यात्रा करता था — आलू, मिर्च, टमाटर अमेरिका से दुनिया भर में पहुँचे।

🔹 उपनिवेशवाद और व्यापार

यूरोपीय शक्तियों ने एशिया, अफ्रीका और अमेरिका में उपनिवेश स्थापित किए। गिरमिटिया मजदूर (Indentured Labour) — भारतीय मजदूरों को अनुबंध पर कैरेबियन, फिजी, मॉरीशस आदि देशों में भेजा गया। शोषणकारी परिस्थितियाँ।

🔹 महामंदी (Great Depression, 1929-1934)

अमेरिका में वॉल स्ट्रीट शेयर बाज़ार के पतन से शुरू। प्रभाव: बैंकों का दिवाला, बेरोज़गारी, कृषि कीमतों में गिरावट, विश्वव्यापी आर्थिक संकट। भारत पर प्रभाव: कृषि उत्पादों की कीमतें गिरीं, किसान कर्ज में डूबे।

🔑 Key Points: Silk Route → Trade + Ideas | Indentured Labour → शोषण | Great Depression → 1929, USA, Wall Street | Bretton Woods → 1944, IMF + World Bank
📖 NCERT Reference: India and the Contemporary World-II, Chapter 3, Pages 63-90
📜 अध्याय 4: औद्योगीकरण का युग (The Age of Industrialisation)

🔹 ब्रिटेन में औद्योगिक क्रांति

सबसे पहले सूती वस्त्र उद्योग (Cotton Textiles) का यंत्रीकरण हुआ। प्रमुख आविष्कार: स्पिनिंग जेनी (1764, हरग्रीव्ज), वॉटर फ्रेम (आर्कराइट), पावर लूम (कार्टराइट), स्टीम इंजन (जेम्स वॉट)। कारखाना प्रणाली ने कुटीर उद्योगों को विस्थापित किया।

🔹 भारत में औद्योगीकरण

भारत में पहली सूती मिल बम्बई (1854) में और पहली जूट मिल कलकत्ता (1855) में स्थापित हुई। प्रमुख भारतीय उद्योगपति: दिनशॉ पेटिट, जमशेदजी टाटा (TISCO, 1907), सेठ हुकुमचंद। जॉबर (Jobber) — गाँवों से मजदूरों को भर्ती करने वाला पुराना विश्वसनीय कामगार।

🔑 याद रखें: Spinning Jenny → हरग्रीव्ज | पहली सूती मिल भारत → बम्बई 1854 | TISCO → 1907 जमशेदपुर | जॉबर → मजदूर भर्ती करता था
📖 NCERT Reference: India and the Contemporary World-II, Chapter 4, Pages 91-116
📜 अध्याय 5: मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया (Print Culture and the Modern World)

🔹 छापाखाने का आविष्कार

चीन में लकड़ी के ठप्पों (Woodblock Printing) से शुरुआत। योहान गुटेनबर्ग (Johann Gutenberg) ने जर्मनी में लगभग 1440 में धातु के चल टाइपों (Movable Metal Type) वाली प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया। पहली मुद्रित पुस्तक: बाइबल। इससे ज्ञान का लोकतंत्रीकरण हुआ।

🔹 भारत में मुद्रण

भारत में पहली प्रिंटिंग प्रेस गोवा (1556) में पुर्तगालियों द्वारा लाई गई। पहला हिंदी अखबार: उदन्त मार्तंड (1826), संपादक: जुगल किशोर शुक्ल, कलकत्ता। राजा राममोहन राय ने 'संवाद कौमुदी' प्रकाशित किया। मुद्रण ने सामाजिक सुधार आंदोलनों को गति दी।

🔑 Key Points: गुटेनबर्ग → 1440, जर्मनी, Movable Type | पहली छपी किताब → बाइबल | उदन्त मार्तंड → 1826, पहला हिंदी अखबार | गोवा → 1556, पहली प्रिंटिंग प्रेस भारत
📖 NCERT Reference: India and the Contemporary World-II, Chapter 5, Pages 117-144

🌍 भूगोल (Geography)

NCERT: Contemporary India-II | समकालीन भारत-II
🌍 अध्याय 1: संसाधन एवं विकास (Resources and Development) Most Important

🔹 संसाधन के प्रकार (Types of Resources)

उत्पत्ति के आधार पर: जैव (Biotic) — वनस्पति, जीव-जंतु; और अजैव (Abiotic) — खनिज, चट्टान, धातु। समाप्यता के आधार पर: नवीकरणीय (Renewable) — सौर ऊर्जा, पवन, जल, वन; और अनवीकरणीय (Non-Renewable) — कोयला, पेट्रोलियम, खनिज (लाखों वर्षों में बनते हैं)। स्वामित्व के आधार पर: व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय। विकास के आधार पर: संभावी (Potential) — जिनका उपयोग नहीं हुआ; विकसित (Developed) — जो उपयोग में हैं।

🔹 सतत विकास (Sustainable Development)

ऐसा विकास जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करे बिना भविष्य की पीढ़ियों की क्षमता को हानि पहुँचाए। 1992 रियो डी जेनेरो (पृथ्वी सम्मेलन) में Agenda 21 अपनाया गया — सतत विकास का वैश्विक कार्यक्रम।

🔹 भारत की प्रमुख मृदाएँ (Major Soils of India)

1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil): सबसे उपजाऊ, उत्तरी मैदान और नदी डेल्टाओं में। बांगर (पुरानी जलोढ़) और खादर (नई जलोढ़)। फसलें: गेहूँ, चावल, गन्ना, दालें।

2. काली मृदा (Black/Regur Soil): दक्कन पठार (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश)। लावा से बनी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, लोहा और एल्यूमीनियम से भरपूर। नमी धारण क्षमता उत्कृष्ट। कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम।

3. लाल मृदा (Red Soil): लोहे के ऑक्साइड (Iron Oxide) के कारण लाल रंग। तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में।

4. लैटेराइट मृदा (Laterite Soil): भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में। पोषक तत्वों का निक्षालन (Leaching)। केरल, कर्नाटक, पूर्वोत्तर भारत। चाय-कॉफ़ी की खेती।

5. मरुस्थलीय मृदा (Desert/Arid Soil): राजस्थान, गुजरात। रेतीली, नमी कम, कैल्शियम की मात्रा अधिक। सिंचाई से उपजाऊ बन सकती है।

🔹 मृदा संरक्षण (Soil Conservation)

समोच्च जुताई (Contour Ploughing), सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming), पट्टीदार खेती (Strip Cropping), आश्रय पट्टी (Shelter Belt), वनरोपण (Afforestation)।

🔑 याद रखें: जलोढ़ → उत्तरी मैदान, सबसे उपजाऊ | काली → कपास, दक्कन | लाल → Iron Oxide | लैटेराइट → भारी वर्षा, चाय | मरुस्थलीय → राजस्थान | Agenda 21 → Rio 1992
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 1, Pages 1-18
🌍 अध्याय 2: वन एवं वन्य जीव संसाधन (Forest and Wildlife Resources)

🔹 वनों का वर्गीकरण

भारत में वन क्षेत्र कुल भूमि का लगभग 21.71% है (वन सर्वेक्षण 2019)। वर्गीकरण: आरक्षित वन (Reserved Forests) — सबसे अधिक संरक्षित, 50% से अधिक; रक्षित वन (Protected Forests) — वन विभाग की देखरेख में; अवर्गीकृत वन (Unclassed Forests) — सरकारी एवं निजी दोनों।

🔹 जैव विविधता (Biodiversity)

भारत विश्व के 12 Mega Biodiversity देशों में से एक है। IUCN वर्गीकरण: सामान्य (Normal), सुभेद्य (Vulnerable), संकटग्रस्त (Endangered), विलुप्त (Extinct)। उदाहरण: बाघ, एशियाई शेर, गैंडा — संकटग्रस्त।

🔹 संरक्षण के प्रयास

प्रोजेक्ट टाइगर (1973): बाघ संरक्षण, जिम कॉर्बेट पहला टाइगर रिज़र्व। चिपको आंदोलन: उत्तराखंड (गढ़वाल), सुंदरलाल बहुगुणा, पेड़ों को गले लगाकर बचाया। नवदान्य: वंदना शिवा — बीज और जैव विविधता संरक्षण। Joint Forest Management (JFM): 1988 की वन नीति — स्थानीय समुदायों की भागीदारी।

🔑 Key: वन क्षेत्र → ~21.71% | Project Tiger → 1973 | चिपको → उत्तराखंड, बहुगुणा | JFM → 1988 Forest Policy | India → Mega Biodiversity
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 2, Pages 19-32
🌍 अध्याय 3: जल संसाधन (Water Resources) Important

🔹 जल की उपलब्धता

पृथ्वी की सतह का 71% जल है, परंतु मीठा जल केवल 2.5% और उसका भी अधिकांश हिमनदों और भूमिगत जल में। भारत को वर्षा का अधिकांश जल मानसून से मिलता है, जो अनियमित और असमान है।

🔹 बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ (Multipurpose River Valley Projects)

पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बाँधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' कहा। उद्देश्य: सिंचाई, बिजली उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, जल आपूर्ति, मत्स्यपालन, नौकायन।

प्रमुख बाँध: भाखड़ा नांगल (सतलज, पंजाब-हिमाचल सीमा) — भारत का सबसे ऊँचा गुरुत्व बाँध; हीराकुंड (महानदी, ओडिशा) — विश्व का सबसे लंबा बाँध; नर्मदा सरोवर (नर्मदा, गुजरात); टिहरी बाँध (भागीरथी, उत्तराखंड)।

नर्मदा बचाओ आंदोलन: मेधा पाटकर के नेतृत्व में — बाँध से विस्थापन और पर्यावरण क्षति का विरोध।

🔹 वर्षा जल संग्रहण (Rainwater Harvesting)

छत वर्षा जल संग्रहण (Rooftop Harvesting) — भूमिगत जल का पुनर्भरण। परंपरागत तरीके: टांका (Rajasthan) — भूमिगत टंकी; जोहड़ (Rajasthan); कुल (Himachal Pradesh); बाँस ड्रिप सिंचाई (Meghalaya); एरी (Tamil Nadu)। शिलांग (मेघालय) में छत जल संग्रहण अनिवार्य है।

🔑 बाँध: भाखड़ा → सतलज | हीराकुंड → महानदी (सबसे लंबा) | टिहरी → भागीरथी | नर्मदा बचाओ → मेधा पाटकर | टांका → राजस्थान | मीठा जल → 2.5%
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 3, Pages 33-44
🌍 अध्याय 4: कृषि (Agriculture) Most Important

🔹 फसलों के प्रकार

रबी फसलें (October-November बुआई, March-April कटाई): गेहूँ, जौ, सरसों, चना, मटर — शीतकालीन फसलें। प्रमुख क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान।

खरीफ फसलें (June-July बुआई, September-October कटाई): चावल, मक्का, कपास, ज्वार, बाजरा, मूँगफली — मानसूनी फसलें।

जायद फसलें (March-June): तरबूज, खीरा, खरबूजा — गर्मियों की छोटी अवधि की फसलें।

🔹 प्रमुख फसलें और उत्पादक राज्य

चावल: पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब। गेहूँ: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश। गन्ना: उत्तर प्रदेश (सबसे बड़ा), महाराष्ट्र, कर्नाटक। कपास: गुजरात, महाराष्ट्र (काली मिट्टी)। चाय: असम (50% से अधिक), दार्जिलिंग, नीलगिरी। कॉफी: कर्नाटक (70%)। रबड़: केरल। जूट (Golden Fibre): पश्चिम बंगाल, बिहार, असम।

🔹 कृषि क्रांतियाँ

हरित क्रांति (Green Revolution): 1960 के दशक, M.S. स्वामीनाथन — HYV बीज, रासायनिक उर्वरक, सिंचाई। गेहूँ और चावल उत्पादन में भारी वृद्धि (पंजाब, हरियाणा)। श्वेत क्रांति (White Revolution / Operation Flood): डॉ. वर्गीज कुरियन — दूध उत्पादन, भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक।

🔑 फसलें: रबी → गेहूँ, सरसों (शीतकाल) | खरीफ → चावल, कपास (मानसून) | जायद → तरबूज (गर्मी) | जूट → Golden Fibre | चाय → असम | कॉफी → कर्नाटक | हरित क्रांति → स्वामीनाथन | श्वेत → कुरियन
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 4, Pages 45-62
🌍 अध्याय 5: खनिज तथा ऊर्जा संसाधन (Minerals and Energy Resources)

🔹 खनिज (Minerals)

खनिज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले समांगी पदार्थ हैं। प्रकार: धात्विक (Metallic) — लोहा, ताँबा, बॉक्साइट, मैंगनीज; और अधात्विक (Non-Metallic) — अभ्रक, चूना पत्थर, नमक।

लौह अयस्क (Iron Ore): ओडिशा (सबसे बड़ा), झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक। प्रकार: मैग्नेटाइट (सर्वोत्तम, 70% लोहा), हेमेटाइट (सर्वाधिक उपयोग)। मैंगनीज: ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र। बॉक्साइट (Aluminium): ओडिशा, झारखंड, गुजरात। अभ्रक (Mica): झारखंड, बिहार, राजस्थान — विद्युत उद्योग में उपयोग।

🔹 ऊर्जा संसाधन

पारंपरिक (Conventional): कोयला — भारत का प्रमुख ऊर्जा स्रोत, झारखंड (झरिया), ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल (रानीगंज); पेट्रोलियम — मुंबई हाई (63%), गुजरात, असम; प्राकृतिक गैस — कृष्णा-गोदावरी बेसिन, मुंबई हाई। गैर-पारंपरिक (Non-Conventional): सौर ऊर्जा — राजस्थान, गुजरात (अधिक धूप); पवन ऊर्जा — तमिलनाडु (सबसे बड़ा पवन फार्म); बायोगैस; ज्वारीय ऊर्जा; भूतापीय ऊर्जा।

🔑 Key: लौह अयस्क → ओडिशा | कोयला → झारखंड (झरिया) | पेट्रोलियम → मुंबई हाई 63% | पवन ऊर्जा → तमिलनाडु | अभ्रक → झारखंड | बॉक्साइट → ओडिशा
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 5, Pages 63-78
🌍 अध्याय 6: विनिर्माण उद्योग (Manufacturing Industries)

🔹 उद्योगों का वर्गीकरण

कच्चे माल के आधार पर: कृषि आधारित (सूती वस्त्र, चीनी, जूट) और खनिज आधारित (लोहा-इस्पात, सीमेंट)। आकार के आधार पर: बड़े, मध्यम, लघु, कुटीर उद्योग। स्वामित्व के आधार पर: सार्वजनिक, निजी, संयुक्त, सहकारी।

🔹 प्रमुख उद्योग

लोहा-इस्पात (Iron & Steel): आधारभूत उद्योग — अन्य सभी उद्योगों को कच्चा माल। TISCO (जमशेदपुर), भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बोकारो। सूती वस्त्र: भारत का सबसे पुराना उद्योग, मुंबई 'कॉटनोपोलिस', अहमदाबाद 'मैनचेस्टर ऑफ इंडिया'। सूचना प्रौद्योगिकी (IT): बेंगलुरु 'Silicon Valley of India' — 7000+ IT कंपनियाँ।

🔹 औद्योगिक प्रदूषण और नियंत्रण

जल प्रदूषण: ETP (Effluent Treatment Plant) अनिवार्य। वायु प्रदूषण: इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर, स्क्रबर। CPCB और SPCB प्रदूषण नियंत्रण करते हैं।

🔑 Key: लोहा-इस्पात → आधारभूत उद्योग | TISCO → जमशेदपुर | बेंगलुरु → Silicon Valley | अहमदाबाद → Manchester of India | मुंबई → Cottonopolis
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 6, Pages 79-98
🌍 अध्याय 7: राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ (Lifelines of National Economy)

🔹 परिवहन (Transport)

सड़क मार्ग: भारत का सड़क नेटवर्क विश्व में दूसरा सबसे बड़ा। स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral): दिल्ली–मुंबई–चेन्नई–कोलकाता (4-6 लेन राजमार्ग, NHAI)। राष्ट्रीय राजमार्ग-1: दिल्ली–अमृतसर। रेल मार्ग: भारतीय रेलवे — 18 जोन, विश्व का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क। जल मार्ग: NW-1 (गंगा: इलाहाबाद–हल्दिया, 1620 km), NW-2 (ब्रह्मपुत्र: धुबरी–सादिया, 891 km)। वायु मार्ग: Air India (अंतरराष्ट्रीय), Alliance Air (क्षेत्रीय)।

🔹 प्रमुख पत्तन (Major Ports)

भारत में 13 प्रमुख पत्तन। कांडला (दीनदयाल पोर्ट, गुजरात): सबसे बड़ा (कार्गो)। मुंबई: सबसे बड़ा प्राकृतिक बंदरगाह। चेन्नई: कृत्रिम बंदरगाह। विशाखापत्तनम: सबसे गहरा बंदरगाह।

🔹 संचार (Communication)

व्यक्तिगत: डाक, टेलीफोन, मोबाइल, इंटरनेट। जन संचार: रेडियो, टीवी, समाचार पत्र। भारत — विश्व का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार नेटवर्क।

🔑 Key: Golden Quadrilateral → दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता | NH-1 → दिल्ली-अमृतसर | NW-1 → गंगा (1620 km) | कांडला → सबसे बड़ा | विशाखापत्तनम → सबसे गहरा | रेलवे → 18 जोन
📖 NCERT Reference: Contemporary India-II, Chapter 7, Pages 99-118

⚖️ राजनीति विज्ञान (Political Science)

NCERT: Democratic Politics-II | लोकतांत्रिक राजनीति-II
⚖️ अध्याय 1: सत्ता की साझेदारी (Power Sharing) Most Important

🔹 बेल्जियम और श्रीलंका के उदाहरण

बेल्जियम: जनसंख्या — 59% डच भाषी, 40% फ्रेंच भाषी, 1% जर्मन। समाधान: समायोजन (Accommodation) — सामुदायिक सरकार (Community Government), संघीय व्यवस्था, दोनों भाषा समूहों को समान प्रतिनिधित्व। श्रीलंका: सिंहली बहुमत (74%) ने बहुसंख्यकवाद (Majoritarianism) अपनाया — 1956 में सिंहली को राजभाषा, बौद्ध धर्म को प्राथमिकता। परिणाम: तमिल अलगाववाद, गृहयुद्ध।

🔹 सत्ता की साझेदारी के रूप

1. क्षैतिज वितरण (Horizontal): विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका — नियंत्रण और संतुलन (Checks and Balances)। 2. ऊर्ध्वाधर वितरण (Vertical/Federal): केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकारें। 3. सामाजिक समूहों में: विभिन्न जाति, धर्म, भाषा समूहों को प्रतिनिधित्व। 4. राजनीतिक दलों में: बहुदलीय व्यवस्था, गठबंधन सरकारें।

🔑 Key: बेल्जियम → समायोजन (Accommodation) ✅ | श्रीलंका → बहुसंख्यकवाद (Majoritarianism) ❌ → गृहयुद्ध | सत्ता साझेदारी → क्षैतिज + ऊर्ध्वाधर + सामाजिक + राजनीतिक
📖 NCERT Reference: Democratic Politics-II, Chapter 1, Pages 1-14
⚖️ अध्याय 2: संघवाद (Federalism) Most Important

🔹 संघवाद क्या है?

सरकार की ऐसी प्रणाली जिसमें सत्ता केंद्र और राज्य/प्रांतीय सरकारों के बीच संविधान द्वारा विभाजित होती है। भारत — 'Holding Together' Federation (केंद्र से राज्यों को शक्तियाँ)। अमेरिका, स्विट्ज़रलैंड — 'Coming Together' (राज्यों ने मिलकर संघ बनाया)।

🔹 तीन सूचियाँ (Three Lists)

संघ सूची (Union List) — 97 विषय: रक्षा, विदेश नीति, बैंकिंग, मुद्रा, संचार, परमाणु ऊर्जा — केवल केंद्र। राज्य सूची (State List) — 66 विषय: पुलिस, कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, भूमि — केवल राज्य। समवर्ती सूची (Concurrent List) — 47 विषय: शिक्षा, वन, ट्रेड यूनियन, विवाह — दोनों (टकराव पर केंद्र का कानून प्रभावी)। अवशिष्ट शक्तियाँ (Residuary Powers): केंद्र सरकार को।

🔹 स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government)

73वाँ संविधान संशोधन (1992): पंचायती राज को संवैधानिक मान्यता। तीन स्तर: ग्राम पंचायत → पंचायत समिति (ब्लॉक) → ज़िला परिषद। 74वाँ संशोधन: नगरीय स्थानीय शासन — नगर पालिका, नगर निगम। महिलाओं के लिए 1/3 आरक्षण अनिवार्य। अनुसूचित जाति/जनजाति को भी आरक्षण।

🔑 Key: संघ → रक्षा, बैंकिंग (केंद्र) | राज्य → पुलिस, कृषि (राज्य) | समवर्ती → शिक्षा, वन (दोनों) | 73वाँ → पंचायती राज 1992 | 74वाँ → नगरीय शासन | 1/3 महिला आरक्षण
📖 NCERT Reference: Democratic Politics-II, Chapter 2, Pages 15-34
⚖️ अध्याय 3: लोकतंत्र और विविधता (Democracy and Diversity)

🔹 सामाजिक विभाजन और लोकतंत्र

समाज में विभाजन जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र, लिंग के आधार पर होता है। Cross-cutting differences (आड़ी-तिरछी विभिन्नताएँ) — जब सामाजिक अंतर एक-दूसरे को काटते हैं, तो संघर्ष कम होता है। Overlapping differences — जब एक प्रकार का अंतर दूसरे को मजबूत करे, तो तनाव बढ़ता है।

🔹 जाति और राजनीति

जाति व्यवस्था लोकतंत्र के लिए चुनौती — भेदभाव, असमानता। लेकिन लोकतंत्र ने जाति व्यवस्था को भी प्रभावित किया — SC/ST/OBC के लिए आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी बढ़ी। भारत में सांप्रदायिकता (Communalism) — धर्म के आधार पर राजनीतिक ध्रुवीकरण एक गंभीर चुनौती।

🔑 Key: Cross-cutting → संघर्ष कम | Overlapping → तनाव अधिक | जाति + राजनीति → चुनौती भी, अवसर भी | सांप्रदायिकता → धर्म आधारित ध्रुवीकरण
📖 NCERT Reference: Democratic Politics-II, Chapter 3 & 4, Pages 35-64
⚖️ अध्याय 4: राजनीतिक दल (Political Parties)

🔹 राजनीतिक दल क्या है?

व्यक्तियों का संगठित समूह जो चुनाव लड़कर सत्ता प्राप्त करना चाहता है। कार्य: चुनाव लड़ना, नीतियाँ बनाना, सरकार चलाना, विपक्ष की भूमिका, जनमत निर्माण।

🔹 दलीय व्यवस्था के प्रकार

एकदलीय: चीन (साम्यवादी दल)। द्विदलीय: अमेरिका (रिपब्लिकन, डेमोक्रेट), ब्रिटेन (लेबर, कंजर्वेटिव)। बहुदलीय: भारत — विविधता के कारण अनेक दल, गठबंधन सरकारें।

🔹 भारत के प्रमुख राष्ट्रीय दल

INC (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस): 1885 में स्थापित। BJP (भारतीय जनता पार्टी): सांस्कृतिक राष्ट्रवाद। BSP (बहुजन समाज पार्टी): कांशीराम द्वारा स्थापित, SC/ST/OBC। CPI(M): मार्क्सवादी कम्युनिस्ट। NCP: शरद पवार। राष्ट्रीय दल बनने के लिए: कम से कम 4 राज्यों में लोकसभा/विधानसभा चुनावों में 6% मत और 4 लोकसभा सीटें

🔹 भारत का चुनाव आयोग (Election Commission)

स्वतंत्र संवैधानिक निकाय। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। मतदान आयु: 18 वर्ष (61वाँ संविधान संशोधन, 1989)। लोकसभा उम्मीदवार: न्यूनतम 25 वर्ष

🔑 Key: INC → 1885 | बहुदलीय → भारत | राष्ट्रीय दल → 4 राज्य, 6% मत, 4 सीटें | मतदान → 18 वर्ष | उम्मीदवार → 25 वर्ष | चुनाव आयोग → स्वतंत्र संवैधानिक
📖 NCERT Reference: Democratic Politics-II, Chapter 5, Pages 65-82
⚖️ अध्याय 5: लोकतंत्र के परिणाम (Outcomes of Democracy)

🔹 लोकतंत्र क्यों बेहतर है?

लोकतंत्र अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर है क्योंकि: उत्तरदायित्व (Accountability) — निर्वाचित प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह; पारदर्शिता (Transparency) — निर्णय खुलेआम; वैधता (Legitimacy) — जनता की स्वीकृति; गरिमा और स्वतंत्रता — नागरिकों के मौलिक अधिकार; शांतिपूर्ण संघर्ष समाधान — चुनाव द्वारा सरकार बदलने का अधिकार।

🔹 लोकतंत्र की सीमाएँ

धीमा निर्णय: बहस, विचार-विमर्श में समय लगता है। भ्रष्टाचार: लोकतंत्र इससे मुक्त नहीं। आर्थिक असमानता: लोकतंत्र अकेले गरीबी दूर नहीं कर सकता। लेकिन लोकतंत्र में गलतियाँ सुधारने का अवसर होता है — चुनाव के माध्यम से।

🔑 Key: लोकतंत्र → उत्तरदायित्व + पारदर्शिता + गरिमा + शांतिपूर्ण परिवर्तन | सीमा → धीमा, भ्रष्टाचार | लेकिन → सुधार का अवसर चुनाव द्वारा
📖 NCERT Reference: Democratic Politics-II, Chapter 7, Pages 99-112

💰 अर्थशास्त्र (Economics)

NCERT: Understanding Economic Development | आर्थिक विकास की समझ
💰 अध्याय 1: विकास (Development) Important

🔹 विकास की अवधारणा

विकास का अर्थ केवल आय वृद्धि नहीं — इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, समानता, स्वतंत्रता भी शामिल हैं। अलग-अलग लोगों के लिए विकास के अर्थ अलग हो सकते हैं (एक मजदूर के लिए बेहतर वेतन, एक किसान के लिए अच्छी कीमत)।

🔹 राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय

प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) = कुल राष्ट्रीय आय ÷ कुल जनसंख्या। विश्व बैंक इसके आधार पर देशों का वर्गीकरण करता है: निम्न आय, मध्यम आय, उच्च आय वाले देश। लेकिन यह एकमात्र मापदंड नहीं है।

🔹 मानव विकास सूचकांक (HDI)

UNDP द्वारा प्रकाशित। तीन मापदंड: 1. स्वास्थ्य (Life Expectancy at Birth) — जीवन प्रत्याशा; 2. शिक्षा (Education) — साक्षरता दर, नामांकन अनुपात; 3. जीवन स्तर (Standard of Living) — प्रति व्यक्ति आय। उच्च HDI: नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्ज़रलैंड। भारत: मध्यम HDI श्रेणी।

🔑 Key: Per Capita Income = राष्ट्रीय आय ÷ जनसंख्या | HDI = स्वास्थ्य + शिक्षा + आय (UNDP) | विकास → केवल आय नहीं, समग्र जीवन गुणवत्ता
📖 NCERT Reference: Understanding Economic Development, Chapter 1, Pages 1-16
💰 अध्याय 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक (Sectors of the Indian Economy) Most Important

🔹 तीन क्षेत्रक (Three Sectors)

प्राथमिक क्षेत्रक (Primary Sector): कृषि, मत्स्य पालन, खनन, वानिकी — प्रकृति से सीधे उत्पादन। भारत के 42% से अधिक श्रमिक इसमें कार्यरत (सबसे अधिक रोज़गार)।

द्वितीयक क्षेत्रक (Secondary Sector): विनिर्माण, निर्माण — कच्चे माल को तैयार उत्पाद में बदलना (सूती कपड़ा, इस्पात, चीनी)। औद्योगिक क्षेत्र।

तृतीयक क्षेत्रक (Tertiary/Service Sector): परिवहन, बैंकिंग, शिक्षा, IT, स्वास्थ्य, संचार — सेवाएँ प्रदान करना। भारत के GDP में 50% से अधिक योगदान (सबसे अधिक)।

🔹 GDP (सकल घरेलू उत्पाद)

एक देश में एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य। तीनों क्षेत्रकों के उत्पादन का योग = GDP। भारत में तृतीयक क्षेत्र GDP में सबसे बड़ा, लेकिन प्राथमिक क्षेत्र रोज़गार में सबसे बड़ा — यह विसंगति है।

🔹 संगठित और असंगठित क्षेत्रक

संगठित (Organised): सरकारी नियमों का पालन, निश्चित वेतन, पेंशन, छुट्टी। असंगठित (Unorganised): कोई नियम नहीं, कम वेतन, नौकरी की सुरक्षा नहीं — ठेला विक्रेता, घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर।

🔹 MGNREGA (मनरेगा)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (2005) — ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 100 दिन का रोज़गार की गारंटी। काम न मिले तो बेरोज़गारी भत्ता। उद्देश्य: ग्रामीण गरीबी और बेरोज़गारी कम करना।

🔑 Key: प्राथमिक → कृषि (सबसे अधिक रोज़गार) | द्वितीयक → विनिर्माण | तृतीयक → सेवाएँ (GDP में 50%+) | GDP → अंतिम वस्तुओं का मूल्य | MGNREGA → 100 दिन रोज़गार गारंटी
📖 NCERT Reference: Understanding Economic Development, Chapter 2, Pages 17-36
💰 अध्याय 3: मुद्रा और साख (Money and Credit) Important

🔹 मुद्रा का विकास

वस्तु विनिमय प्रणाली (Barter System) → 'आवश्यकताओं के दोहरे संयोग' (Double Coincidence of Wants) की समस्या → मुद्रा का आविष्कार। आधुनिक मुद्रा: करेंसी नोट और सिक्के — भारत में RBI जारी करता है। इसे सभी स्वीकार करते हैं क्योंकि यह सरकार द्वारा अधिकृत (Authorised) है।

🔹 बैंकों की भूमिका

बैंक जमा स्वीकार करते हैं और ऋण देते हैं। जमा पर ब्याज देते हैं, ऋण पर अधिक ब्याज लेते हैं — यह अंतर बैंक की आय। बैंक जमा राशि का केवल 15% नकद रखते हैं (CRR — Cash Reserve Ratio), शेष ऋण के रूप में देते हैं।

🔹 औपचारिक और अनौपचारिक साख

औपचारिक (Formal): बैंक, सहकारी समितियाँ — RBI द्वारा नियंत्रित, कम ब्याज दरअनौपचारिक (Informal): महाजन, साहूकार, व्यापारी, रिश्तेदार — RBI द्वारा नियंत्रित नहीं, ऊँची ब्याज दर, शोषण की संभावना। ग्रामीण भारत में 85% गरीब परिवार अनौपचारिक स्रोतों पर निर्भर।

🔹 स्वयं सहायता समूह (SHGs)

15-20 सदस्यों (मुख्यतः महिलाओं) का समूह, नियमित बचत करते हैं, सदस्यों को उचित ब्याज दर पर ऋण देते हैं। ग्रामीण बैंक SHGs को ऋण देते हैं। उदाहरण: बांग्लादेश का ग्रामीण बैंक (Grameen Bank) — मुहम्मद यूनुस (नोबेल पुरस्कार)।

🔑 Key: RBI → मुद्रा जारी + बैंकों का नियंत्रण | औपचारिक → बैंक (कम ब्याज) | अनौपचारिक → महाजन (ऊँची ब्याज) | SHG → महिला बचत समूह | Grameen Bank → यूनुस, बांग्लादेश
📖 NCERT Reference: Understanding Economic Development, Chapter 3, Pages 37-52
💰 अध्याय 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था (Globalisation and the Indian Economy) Important

🔹 वैश्वीकरण (Globalisation) क्या है?

विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं का व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी और लोगों के आवागमन के माध्यम से एकीकरण और अंतर्संबंध। विश्व एक 'वैश्विक गाँव' बन रहा है। उदारीकरण (Liberalisation) — 1991 में सरकार ने व्यापार और निवेश पर प्रतिबंध हटाए।

🔹 बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ (MNCs)

वे कंपनियाँ जो एक से अधिक देशों में उत्पादन करती हैं। उदाहरण: Samsung, Apple, Toyota, Coca-Cola, Tata Motors। MNCs वहाँ उत्पादन करती हैं जहाँ: सस्ता श्रम, बाज़ार उपलब्ध, अनुकूल सरकारी नीतियाँ।

🔹 WTO (विश्व व्यापार संगठन)

1995 में स्थापित, मुख्यालय: जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड)। 164 सदस्य देश। कार्य: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियम बनाना, व्यापार विवादों का निपटारा, मुक्त व्यापार को बढ़ावा। विकसित देश अपने हित में नियम बनाते हैं — आलोचना।

🔹 SEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र)

विदेशी निवेश आकर्षित करने और निर्यात बढ़ाने हेतु स्थापित। सुविधाएँ: कर छूट, सरलीकृत नियम, अच्छा बुनियादी ढाँचा। भारत में 2000 के दशक में SEZ नीति।

🔑 Key: वैश्वीकरण → एकीकरण (व्यापार + निवेश + प्रौद्योगिकी) | 1991 → उदारीकरण | MNC → कई देशों में उत्पादन | WTO → 1995, जिनेवा, 164 देश | SEZ → कर छूट, विदेशी निवेश
📖 NCERT Reference: Understanding Economic Development, Chapter 4, Pages 53-70
💰 अध्याय 5: उपभोक्ता अधिकार (Consumer Rights)

🔹 उपभोक्ता आंदोलन

भारत में उपभोक्ता आंदोलन 1960 के दशक में शुरू हुआ — मिलावट, कालाबाज़ारी, अनुचित व्यापार के विरुद्ध। परिणाम: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (COPRA) 1986, जिसे 2019 में अपडेट किया गया।

🔹 उपभोक्ता के अधिकार (6 Rights)

1. सुरक्षा का अधिकार (Right to Safety): खतरनाक उत्पादों से सुरक्षा। 2. सूचना का अधिकार (Right to be Informed): उत्पाद की गुणवत्ता, मात्रा, कीमत, निर्माण-समाप्ति तिथि की जानकारी। 3. चुनने का अधिकार (Right to Choose): विविध उत्पादों में से चुनाव की स्वतंत्रता। 4. क्षतिपूर्ति का अधिकार (Right to Redressal): शिकायत करने और मुआवज़ा पाने का अधिकार। 5. शिक्षा का अधिकार (Right to Consumer Education): उपभोक्ता जागरूकता। 6. सुनवाई का अधिकार (Right to be Heard): उपभोक्ता फोरम में आवाज़ उठाना।

🔹 उपभोक्ता निवारण तंत्र (3-स्तरीय)

जिला फोरम (District Forum): ₹1 करोड़ तक के मामले। राज्य आयोग (State Commission): ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़। राष्ट्रीय आयोग (National Commission): ₹10 करोड़ से अधिक।

🔹 गुणवत्ता चिह्न

ISI Mark: BIS (Bureau of Indian Standards) — औद्योगिक उत्पाद। Agmark: कृषि उत्पाद की गुणवत्ता। Hallmark: सोने के आभूषण (BIS)। FSSAI: खाद्य सुरक्षा। 24 दिसंबर = राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस (National Consumer Day)।

🔑 Key: COPRA → 1986 (Updated 2019) | 6 अधिकार → सुरक्षा, सूचना, चुनाव, क्षतिपूर्ति, शिक्षा, सुनवाई | ISI → औद्योगिक | Agmark → कृषि | Hallmark → सोना | 24 दिसंबर → उपभोक्ता दिवस
📖 NCERT Reference: Understanding Economic Development, Chapter 5, Pages 71-86

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इन नोट्स में कितने अध्याय हैं?
कुल 22 अध्याय — इतिहास 5, भूगोल 7, राजनीति विज्ञान 5, अर्थशास्त्र 5। सभी NCERT पुस्तकों (India and the Contemporary World-II, Contemporary India-II, Democratic Politics-II, Understanding Economic Development) पर आधारित।
क्या ये नोट्स RBSE Board Exam 2026 के लिए पर्याप्त हैं?
हाँ, ये नोट्स NCERT पाठ्यपुस्तकों से 100% प्रमाणिक हैं और RBSE Board Exam 2025-26 के सिलेबस को पूरी तरह कवर करते हैं। Last-minute revision के लिए सर्वोत्तम।
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