🔑 उत्तर कुंजी / ANSWER KEY
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
पाठ्यक्रम सत्र 2025–2026
भूगोल (कला वर्ग) | विषय कोड – 14 | कक्षा – 11
भौतिक भूगोल के मूल सिद्धान्त + भारत : भौतिक पर्यावरण (NCERT)
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शिक्षकों के लिए नोट: यह उत्तर कुंजी आदर्श उत्तर प्रस्तुत करती है। OR वाले प्रश्नों में केवल एक उत्तर का मूल्यांकन करें। मानचित्र में लगभग सही स्थान पर ½ अंक दें।
| खंड | भाग | प्रश्न | प्रकार | अंक |
|---|---|---|---|---|
| खंड (अ) भौतिक भूगोल | I | 1–10 | MCQ | 10 |
| II | 11–15 | अति लघु (30 शब्द) | 10 | |
| III | 16–17 | लघु (80-100 शब्द) | 8 | |
| IV | 18 | दीर्घ (150-200 शब्द) | 5 | |
| V | 19 | मानचित्र कार्य (विश्व) | 5 | |
| खंड (ब) भारत: भौतिक | I | 20–29 | MCQ | 10 |
| II | 30–34 | अति लघु (30 शब्द) | 10 | |
| III | 35–36 | लघु (80-100 शब्द) | 8 | |
| IV | 37 | दीर्घ (150-200 शब्द) | 5 | |
| V | 38 | मानचित्र कार्य (भारत) | 5 | |
| सैद्धान्तिक कुल | 70 | |||
खंड (अ) — भौतिक भूगोल के मूल सिद्धान्त | Answer Key35 अंक
भाग I — MCQ उत्तर1×10 = 10
सही विकल्प (Q 1–10)
1
(c)
हार्टशॉर्न
2
(b)
ब्रह्मांड की उत्पत्ति
3
(c)
L तरंगें (सतही)
4
(b)
अल्फ्रेड वेगनर
5
(b)
बहिर्जनित प्रक्रियाएँ
6
(b)
सूर्य-किरणों का कोण
7
(c)
उपोष्ण उच्च → भूमध्य रेखा
8
(b)
मॉसिनराम (भारत)
9
(b)
पृथ्वी का घुर्णन + पवनें
10
(a)
नॉर्मन मायर्स
सभी MCQ 1-1 अंक। कोई नकारात्मक अंकन नहीं।
भाग II — अति लघु उत्तरीय2×5 = 10
11भौतिक भूगोल का महत्त्व (दो बिंदु)2
आदर्श उत्तर
① प्राकृतिक संसाधनों की समझ — जलवायु, मिट्टी, वनस्पति का अध्ययन कृषि और उद्योग की योजना में सहायक।② आपदा प्रबंधन — भूकंप, बाढ़, सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व जानकारी और प्रबंधन में उपयोगी।
1 अंक — प्रत्येक सही बिंदु
12ज्वालामुखी के प्रकार2
आदर्श उत्तर
ज्वालामुखी तीन प्रकार के होते हैं:① सक्रिय ज्वालामुखी (Active) — जो अभी भी फूटते हैं। जैसे — माउंट एटना (इटली)।
② प्रसुप्त ज्वालामुखी (Dormant) — लंबे समय से नहीं फूटे पर फूट सकते हैं। जैसे — फ्यूजीयामा (जापान)।
③ मृत ज्वालामुखी (Extinct) — जिनके फूटने की संभावना नहीं। जैसे — माउंट किलिमंजारो।
13मृदा निर्माण के दो प्रमुख कारक2
आदर्श उत्तर
① जनक शैल (Parent Rock) — मिट्टी की संरचना और खनिज संघटन जनक शैल पर निर्भर करते हैं।② जलवायु (Climate) — तापमान और वर्षा अपक्षय की गति को नियंत्रित करते हैं; उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में मृदा निर्माण तेज़ होता है।
अन्य मान्य कारक: स्थलाकृति, जीव-जंतु, समय।
14तापमान का व्युत्क्रमण (Temperature Inversion)2
आदर्श उत्तर
सामान्यतः ऊँचाई के साथ तापमान घटता है। परंतु जब किसी विशेष स्थिति में ऊँचाई बढ़ने पर तापमान भी बढ़ने लगे, तो इसे तापमान का व्युत्क्रमण कहते हैं। यह घाटियों में शांत रातों में, कोहरे के कारण या ध्रुवीय क्षेत्रों में होता है।
1 अंक — परिभाषा
1 अंक — कारण/उदाहरण
15महासागरीय लवणता को प्रभावित करने वाले दो कारक2
आदर्श उत्तर
① वाष्पीकरण (Evaporation) — अधिक वाष्पीकरण वाले क्षेत्रों (जैसे उपोष्ण कटिबंध) में लवणता अधिक होती है।② वर्षा और नदियाँ — अधिक वर्षा और नदियों के मीठे पानी के मिलने से लवणता घटती है।
अन्य कारक: हिमनद का पिघलना, समुद्री धाराएँ।
भाग III — लघु उत्तरीय4×2 = 8
16प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत4
आदर्श उत्तर
अवधारणा: पृथ्वी की लिथोस्फेरिक परत कई बड़े-छोटे टेक्टोनिक प्लेटों में विभाजित है। ये प्लेटें एस्थेनोस्फेयर पर तैरती और गतिशील रहती हैं।
प्लेटों की सीमाएँ (Boundaries) तीन प्रकार की:
- अभिसरण (Convergent) — दो प्लेटें आपस में टकराती हैं → पर्वत निर्माण / सबडक्शन ज़ोन। उदा. हिमालय।
- अपसरण (Divergent) — प्लेटें दूर होती हैं → मध्य-महासागरीय कटक। उदा. अटलांटिक महासागर।
- रूपांतर (Transform) — प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं → भूकंप। उदा. सैन एंड्रेस भ्रंश।
भूकंप और ज्वालामुखी: प्लेट सीमाओं पर सर्वाधिक भूकंप और ज्वालामुखी होते हैं — "Ring of Fire" इसका सर्वोत्तम उदाहरण है।
भारतीय प्लेट: यूरेशियन प्लेट से टकराकर हिमालय का निर्माण किया। यह अभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में गतिशील है।
1 अंक — परिभाषा
2 अंक — तीनों सीमाएँ
1 अंक — भूकंप/ज्वालामुखी संबंध
अथवा / OR
OR — वायुमंडलीय परिसंचरण और व्यापारिक/पश्चिमी पवनें
वायुमंडलीय परिसंचरण: असमान ताप वितरण → दाब अंतर → पवनें। तीन कोशिकाएँ: हैडली (0°-30°), फेरल (30°-60°), ध्रुवीय (60°-90°)।
व्यापारिक पवनें (Trade Winds): उपोष्ण उच्च दाब (30°) से भूमध्यरेखीय निम्न दाब (0°) की ओर — उत्तर में उत्तर-पूर्व, दक्षिण में दक्षिण-पूर्व दिशा में।
पश्चिमी पवनें (Westerlies): उपोष्ण उच्च दाब (30°) से उपध्रुवीय निम्न दाब (60°) की ओर — पश्चिम से पूर्व दिशा में।
अंतर: व्यापारिक पवनें भूमध्यरेखा की ओर, पश्चिमी पवनें ध्रुव की ओर; व्यापारिक स्थिर और नियमित, पश्चिमी अनियमित और तूफानी।
17जलचक्र (Hydrological Cycle)4
आदर्श उत्तर
परिभाषा: जल का महासागर, वायुमंडल, स्थल और जीवमंडल के बीच निरंतर चक्रीय प्रवाह ही जलचक्र है।
① वाष्पीकरण: सूर्य की ऊष्मा से महासागर/झीलों का जल वाष्प बनकर वायुमंडल में मिलता है।
② वाष्पोत्सर्जन: पेड़-पौधे जलवाष्प छोड़ते हैं।
③ संघनन (Condensation): ऊँचाई पर ठंडा होकर बादल बनते हैं।
④ वर्षण (Precipitation): वर्षा, हिमपात, ओले के रूप में जल धरती पर आता है।
⑤ अपवाह और रिसाव: नदियों द्वारा महासागर में जाता है या भूमिगत जल बनता है।
महत्त्व: जलचक्र जल की उपलब्धता सुनिश्चित करता है और जलवायु नियमन में सहायक है।
1 अंक — परिभाषा
2 अंक — चरण (4+)
1 अंक — महत्त्व
अथवा / OR
OR — जैव-विविधता: महत्त्व, ह्रास, संरक्षण
महत्त्व: खाद्य, औषधि, जलवायु नियमन, परागण, मृदा उर्वरता।
ह्रास के कारण: आवास विनाश, वनों की कटाई, प्रदूषण, अत्यधिक शिकार, जलवायु परिवर्तन।
संरक्षण: राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बायोस्फेयर रिजर्व (इन-सीटू), जीन बैंक (एक्स-सीटू), CBD सन्धि।
भाग IV — दीर्घ उत्तरीय5 अंक
18भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ — अंतर्जनित एवं बहिर्जनित5
आदर्श उत्तर (150-200 शब्द)
① अंतर्जनित प्रक्रियाएँ (Endogenic Processes):
पृथ्वी के आंतरिक भाग से ऊर्जा द्वारा संचालित — भूपटल में परिवर्तन।
ज्वालामुखी: मैग्मा का धरातल पर आना → ज्वालामुखी स्थलरूप।
भूकंप: प्लेट गति से कंपन → भ्रंश, उत्थान।
पर्वत निर्माण: दबाव और वलन से हिमालय जैसी श्रृंखलाएँ।
② बहिर्जनित प्रक्रियाएँ (Exogenic Processes):
पृथ्वी की बाहरी शक्तियों द्वारा — अपरदन, अपक्षय, निक्षेपण।
प्रवाहित जल: V-आकार की घाटी, जलप्रपात, जलोढ़ मैदान।
हिमनद: U-आकार की घाटी, फियॉर्ड, मोरेन।
पवन: बालू टीले (Sand Dunes), बारखान; मरुस्थलीय स्थलरूप।
समुद्री तरंगें: तटीय भृगु (Cliff), पुलिन (Beach), लैगून।
③ मृदा निर्माण:
बहिर्जनित प्रक्रियाओं का परिणाम — अपक्षय से शैल टूटकर मृदा बनती है। मुख्य कारक: शैल, जलवायु, जीव, भूमि ढाल, समय।
④ भूस्खलन (Landslide):
अत्यधिक वर्षा / भूकंप से ढालों पर मृदा और शैल का खिसकना। हिमालय और पश्चिमी घाट में सर्वाधिक।
2 अंक — अंतर्जनित
2 अंक — बहिर्जनित
1 अंक — मृदा/भूस्खलन/निष्कर्ष
अथवा / OR
OR — कोपेन का जलवायु वर्गीकरण + जलवायु परिवर्तन
कोपेन का वर्गीकरण: तापमान और वर्षा के आधार पर 5 मुख्य वर्ग — A (उष्णकटिबंधीय), B (शुष्क), C (उपोष्ण), D (महाद्वीपीय शीत), E (ध्रुवीय)।
जलवायु परिवर्तन: वायुमंडल में CO₂, CH₄, N₂O जैसी ग्रीनहाउस गैसों की वृद्धि → ग्लोबल वार्मिंग।
प्रमुख कारण: जीवाश्म ईंधन, वनों की कटाई, औद्योगीकरण।
प्रभाव: हिमनदों का पिघलना, समुद्र स्तर वृद्धि, चरम मौसमी घटनाएँ, जैव-विविधता का ह्रास।
भाग V — मानचित्र उत्तर (विश्व)5 अंक
19विश्व मानचित्र — चिह्नांकन + पहचान5
सही उत्तर
(i)
हिमालय पर्वत श्रेणी
दक्षिण एशिया — भारत-नेपाल-भूटान-चीन सीमा पर। विश्व की सर्वोच्च पर्वत श्रेणी।
(ii)
अमेज़न नदी बेसिन
दक्षिण अमेरिका — ब्राज़ील। विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय वर्षावन।
A
एंडीज़ पर्वत श्रेणी
दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट। विश्व की सबसे लंबी पर्वत श्रृंखला (~7,000 km)।
B
प्रशांत महासागर
विश्व का सबसे बड़ा और गहरा महासागर। "Ring of Fire" इसी में।
C
ऑस्ट्रेलिया का ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल
ऑस्ट्रेलिया का मध्य-पश्चिम क्षेत्र। दक्षिणी गोलार्ध का प्रमुख मरुस्थल।
½ अंक — सटीक स्थान + ½ अंक — नाम = 1 × 5 = 5 अंक।
खंड (ब) — भारत : भौतिक पर्यावरण | Answer Key35 अंक
भाग I — MCQ उत्तर1×10 = 10
सही विकल्प (Q 20–29)
20
(a)
82°30' पूर्व
21
(c)
टर्शियरी काल
22
(c)
जलोढ़ मिट्टी
23
(a)
गंगा
24
(b)
1 जून
25
(b)
उत्तर-पश्चिम भारत
26
(b)
पश्चिमी घाट + पूर्वोत्तर हिमालय
27
(b)
हिमालय + पूर्वोत्तर
28
(b)
पश्चिम बंगाल (सुंदरबन)
29
(b)
पूर्वी तट (बंगाल की खाड़ी)
भाग II — अति लघु उत्तरीय2×5 = 10
30भारत की स्थिति और विस्तार2
आदर्श उत्तर
भारत 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तरी अक्षांश और 68°7' से 97°25' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। कर्क रेखा (23.5°N) भारत के मध्य से गुज़रती है। भारत का क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किमी (विश्व में 7वाँ) है।31प्रायद्वीपीय खंड और हिमालय में संरचनात्मक अंतर2
आदर्श उत्तर
| आधार | प्रायद्वीपीय खंड | हिमालय |
|---|---|---|
| आयु | अत्यंत प्राचीन (Pre-Cambrian) | नवीन (Tertiary) |
| संरचना | कठोर, कम परिवर्तित | मुड़ा हुआ, वलित पर्वत |
| भूकंप | कम संवेदनशील | अधिक संवेदनशील |
32हिमालयी और प्रायद्वीपीय अपवाह तंत्र में दो अंतर2
आदर्श उत्तर
① हिमालयी नदियाँ — बारहमासी (हिमनद + वर्षा); प्रायद्वीपीय — मौसमी (केवल मानसून पर निर्भर)।② हिमालयी नदियाँ — युवा, गहरी V-आकार घाटी; प्रायद्वीपीय — परिपक्व, चौड़ी उथली घाटी।
33भारत में 'ग्रीष्म ऋतु' की दो मुख्य विशेषताएँ2
आदर्श उत्तर
① उच्च तापमान — मार्च से मई तक तापमान 40–48°C तक पहुँच जाता है; थार मरुस्थल और राजस्थान में सर्वाधिक।② लू (Loo) — उत्तरी भारत में उत्तर-पश्चिम से चलने वाली गर्म शुष्क हवाएँ जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
34आपदा प्रबंधन क्या है?2
आदर्श उत्तर
आपदा प्रबंधन वह प्रक्रिया है जिसमें प्राकृतिक या मानव-जनित आपदाओं के प्रभाव को पूर्व-तैयारी, बचाव, राहत एवं पुनर्वास के माध्यम से कम किया जाता है। भारत में NDMA (National Disaster Management Authority) इसका संचालन करती है।
1 अंक — परिभाषा
1 अंक — NDMA / उपाय
भाग III — लघु उत्तरीय4×2 = 8
35भारतीय मानसून — उत्पत्ति, प्रकृति एवं आर्थिक जीवन पर प्रभाव4
आदर्श उत्तर
उत्पत्ति: ग्रीष्म में थार मरुस्थल और उत्तरी मैदान में तीव्र ताप → गहरा निम्न दाब → हिंद महासागर से आर्द्र दक्षिण-पश्चिम पवनें खिंचती हैं।
आगमन: 1 जून — केरल → 15 जुलाई तक पूरा भारत।
विच्छेद और प्रत्यावर्तन: अक्टूबर-नवंबर में मानसून लौटता है → बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की संभावना।
आर्थिक महत्त्व:
- कृषि — 70%+ फसलें मानसून पर निर्भर (खरीफ — धान, ज्वार, मूँगफली)।
- जल संसाधन — नदियों और जलाशयों की पूर्ति।
- पनबिजली उत्पादन — जल-प्रवाह बढ़ने से बिजली उत्पादन।
- मानसून की विफलता = सूखा → खाद्य संकट।
1 अंक — उत्पत्ति
1 अंक — प्रकृति/आगमन
2 अंक — आर्थिक प्रभाव
अथवा / OR
OR — भारत की प्राकृतिक वनस्पति + वन संरक्षण
उष्णकटिबंधीय सदाबहार: पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर; 200+ cm वर्षा; महोगनी, एबोनी।
उष्णकटिबंधीय पर्णपाती: मध्य भारत; 70-200 cm वर्षा; सागवान, साल। — "मानसून वन"।
उष्णकटिबंधीय कंटीले: राजस्थान, गुजरात; 70 cm से कम; बबूल, खजूर।
पर्वतीय वन: हिमालय में ऊँचाई के साथ ओक → देवदार → अल्पाइन।
मैंग्रोव: सुंदरबन, ओडिशा, गुजरात तट — तटीय सुरक्षा।
वन संरक्षण की आवश्यकता: मृदा अपरदन रोकना, जैव-विविधता रक्षा, जलवायु नियमन, आदिवासी आजीविका।
36भारत में प्राकृतिक आपदाएँ + आपदा प्रबंधन4
आदर्श उत्तर
भूकंप: हिमालय-Zone V सर्वाधिक जोखिम। 2001 भुज भूकंप (7.7 M) — 20,000 मृत। कारण — भारतीय प्लेट का यूरेशियन से टकराव।
सुनामी: 2004 हिंद महासागर सुनामी — पूर्वी तट, अंडमान-निकोबार; 10,000+ मृत। कारण — समुद्री भूकंप।
उष्णकटिबंधीय चक्रवात: बंगाल की खाड़ी में अधिक। ओडिशा, आंध्र प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित। 1999 ओडिशा चक्रवात — 10,000 मृत।
बाढ़ और सूखा: गंगा का मैदान — वार्षिक बाढ़; राजस्थान, विदर्भ — बार-बार सूखा।
आपदा प्रबंधन के उपाय:
- NDMA (2005 Act) — राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय।
- Early Warning System — Doppler Radar, Satellite।
- भूकंपरोधी भवन निर्माण, Cyclone Shelters।
- आपदा जागरूकता शिक्षा।
1.5 अंक — 3 आपदाएँ
1.5 अंक — प्रबंधन उपाय
1 अंक — उदाहरण
अथवा / OR
OR — भारत का अपवाह तंत्र + हिमालयी vs प्रायद्वीपीय नदियाँ
हिमालयी अपवाह: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र — बारहमासी; बड़ा जलग्रहण क्षेत्र; डेल्टा निर्माण।
प्रायद्वीपीय अपवाह: गोदावरी, कृष्णा, कावेरी — मौसमी; छोटा जलग्रहण; पूर्व की ओर प्रवाह।
तुलना: हिमालयी — युवा, गहरी घाटी, अधिक तलछट; प्रायद्वीपीय — परिपक्व, चट्टानी, कम तलछट।
भाग IV — दीर्घ उत्तरीय5 अंक
37भारत की संरचना एवं भूआकृतिक विभाजन5
आदर्श उत्तर (150-200 शब्द)
भारत के भूआकृतिक विभाग:
हिमालय के भाग: ट्रांस हिमालय (तिब्बत), हिमाद्रि, हिमाचल, शिवालिक — उत्तर से दक्षिण क्रम।
① हिमालय पर्वत श्रेणी (नवीन, वलित): टर्शियरी काल में भारतीय-यूरेशियन प्लेट टक्कर से निर्मित। तीन श्रेणियाँ — हिमाद्रि (2°N), हिमाचल, शिवालिक। माउंट एवरेस्ट (8848 m) — विश्व की सर्वोच्च चोटी।
② उत्तरी मैदान: सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र की जलोढ़ मिट्टी से निर्मित। भारत का सबसे उपजाऊ क्षेत्र; कृषि और जनसंख्या का केंद्र। खादर (नई) और बाँगर (पुरानी) जलोढ़।
③ प्रायद्वीपीय पठार: प्राचीन गोंडवाना भूमि का हिस्सा। दक्कन पठार — काली मिट्टी, कठोर आधार। पश्चिमी घाट (उच्च) और पूर्वी घाट (टूटे हुए)।
④ तटीय मैदान: पूर्वी तट — चौड़ा, डेल्टा; पश्चिमी तट — संकरा, फियॉर्ड।
⑤ द्वीप समूह: अंडमान-निकोबार (बंगाल की खाड़ी) — ज्वालामुखी द्वीप; लक्षद्वीप (अरब सागर) — कोरल द्वीप।
हिमालय के भाग: ट्रांस हिमालय (तिब्बत), हिमाद्रि, हिमाचल, शिवालिक — उत्तर से दक्षिण क्रम।
1 अंक — हिमालय
1 अंक — उत्तरी मैदान
1 अंक — प्रायद्वीपीय पठार
1 अंक — तट/द्वीप
1 अंक — प्रस्तुति/भाषा
अथवा / OR
OR — भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक + मानसून
कारक: अक्षांश (कर्क रेखा), समुद्र से दूरी, हिमालय (अवरोधक), भू-आकृति, मानसूनी पवनें, उच्च/निम्न दाब।
मानसून की एकरूपता: पूरे भारत में एक ही समय वर्षा, कृषि कैलेंडर एक जैसा।
विविधता: चेरापूँजी (1141 cm/वर्ष) vs जैसलमेर (12 cm/वर्ष); पश्चिमी घाट — भारी वर्षा, पूर्वी घाट वृष्टिछाया।
पारंपरिक ऋतुएँ: शीत (दिसंबर-फरवरी), ग्रीष्म (मार्च-मई), वर्षा (जून-सितंबर), शरद (अक्टूबर-नवंबर)।
भाग V — मानचित्र उत्तर (भारत)5 अंक
38भारत मानचित्र — चिह्नांकन + पहचान5
सही उत्तर
(i)
गंगा नदी
उत्तराखंड (गंगोत्री) से बंगाल की खाड़ी। उत्तरी भारत की सबसे पवित्र और महत्त्वपूर्ण नदी।
(ii)
पश्चिमी घाट
भारत का पश्चिमी तट — गुजरात से केरल। UNESCO World Heritage; जैव-विविधता हॉटस्पॉट।
A
माउंट K2 / कंचनजंगा
हिमालय — K2 (8611 m) भारत में दूसरी सर्वोच्च; कंचनजंगा (8586 m) — सिक्किम।
B
थार मरुस्थल
राजस्थान — भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तान। जैसलमेर, बाड़मेर क्षेत्र।
C
सुंदरबन (मैंग्रोव)
पश्चिम बंगाल — गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा। विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव क्षेत्र + रॉयल बंगाल टाइगर।
½ अंक — चिह्नांकन + ½ अंक — नाम = 1 × 5 = 5 अंक।
📊 मूल्यांकन दिशानिर्देश — शिक्षकों हेतुMarking Scheme
अंक वितरण नियम
| प्रश्न प्रकार | मूल्यांकन मानदंड | नोट |
|---|---|---|
| MCQ | सही = 1; गलत = 0 | No Negative Marking |
| अति लघु (2 अंक) | 2 सही बिंदु = 2; 1 = 1 | 30 शब्द सीमा |
| लघु (4 अंक) | Content (3) + Presentation (1) | 80-100 शब्द; OR मान्य |
| दीर्घ (5 अंक) | Content (4) + Conclusion/Language (1) | 150-200 शब्द; OR मान्य |
| मानचित्र | ½ चिह्नांकन + ½ नाम = 1 × 5 | लगभग सही स्थान = ½ |
OR वाले प्रश्नों में दोनों भागों के उत्तर न लें। प्रायोगिक परीक्षा (30 अंक) अलग से होगी।


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