RBSE Class 11 Swarnim Bharat Answer Key 2026 | कक्षा 11 स्वर्णिम भारत उत्तर कुंजी 2025-26

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उत्तर कुंजी — आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत | RBSE Class 11 | विषय कोड 79
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
उत्तर कुंजी — आजादी के बाद का स्वर्णिम भारत भाग–1
Answer Key — Model Paper 2025-26
विषय कोड : 79 कक्षा : 11 पूर्णांक : 80 सभी 36 प्रश्न हल किए शिक्षक / स्व-अध्ययन हेतु
खण्डप्रश्नप्रकारअंकइस Key में
Q.1–20MCQ20✅ उत्तर + कारण
Q.21–30अतिलघूत्तर20✅ मॉडल उत्तर
Q.31–34लघूत्तर (दोनों विकल्प)20✅ बिंदुवार उत्तर
Q.35–36निबंधात्मक (दोनों विकल्प)20✅ विस्तृत उत्तर
खण्ड — अ  |  MCQ उत्तर (1 अंक प्रत्येक)
Q.1 "धन का निकास" सिद्धांत का प्रतिपादक कौन? 1 अंक
(B)दादाभाई नौरोजी — इन्होंने अपनी पुस्तक "Poverty and Un-British Rule in India" में सिद्ध किया कि ब्रिटेन भारत की संपत्ति का निरंतर दोहन कर रहा है। इन्हें "ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया" कहा जाता है।
Q.2धन निकासी का सबसे बड़ा माध्यम?1 अंक
(C)राजस्व एवं होम चार्जेस — भारत से ब्रिटेन को भेजा जाने वाला "होम चार्जेस" (ऋण ब्याज, पेंशन, प्रशासनिक खर्च) धन निकासी का सबसे बड़ा जरिया था। इसके अलावा व्यापार असंतुलन भी कारण था।
Q.3INC की स्थापना कब?1 अंक
(C) 188528 दिसम्बर 1885 को बम्बई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई।
💡 याद रखें: 1885 → INC स्थापना | 1905 → बंग-भंग | 1906 → मुस्लिम लीग | 1907 → सूरत विभाजन (नरम-गरम)
Q.4INC की स्थापना किसने की?1 अंक
(C) ए.ओ. ह्यूमएलन ऑक्टेवियन ह्यूम (A.O. Hume) — ब्रिटिश सेवानिवृत्त अधिकारी। इन्होंने भारतीय राष्ट्रवादियों के सहयोग से INC बनाई। प्रथम अध्यक्ष — व्योमेश चंद्र बनर्जी।
Q.5असहयोग आंदोलन कब?1 अंक
(B) 1920सितम्बर 1920 में कलकत्ता विशेष अधिवेशन में गांधीजी ने असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव रखा। खिलाफत आंदोलन के साथ मिलकर चला। 1922 में चौरी-चौरा कांड के बाद वापस लिया।
Q.6"करो या मरो" — किस आंदोलन से?1 अंक
(D) भारत छोड़ो आंदोलन (1942)8 अगस्त 1942 को गांधीजी ने ग्वालिया टैंक मैदान (मुम्बई) में "करो या मरो" का नारा दिया। यह द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजों को भारत से निकालने का अंतिम और सबसे तीव्र आंदोलन था।
Q.71857 के बाद शासन किससे लिया?1 अंक
(B) ईस्ट इंडिया कंपनी से1857 की क्रांति के बाद 1858 के भारत सरकार अधिनियम द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी से भारत का शासन ब्रिटिश क्राउन ने सीधे अपने हाथ में ले लिया।
Q.81919 अधिनियम — कौन-से सुधार?1 अंक
(B) मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारभारत सचिव मांटेग्यू व वायसराय चेम्सफोर्ड की रिपोर्ट पर आधारित। द्विशासन (Dyarchy) की शुरुआत हुई — प्रान्तों में कुछ विषय भारतीयों को दिए गए।
तुलना: 1909 = मॉर्ले-मिंटो (पृथक निर्वाचन) | 1919 = मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड (द्विशासन) | 1935 = पूर्ण संघीय ढांचा
Q.9संविधान सभा के अध्यक्ष?1 अंक
(C) डॉ. राजेंद्र प्रसाद11 दिसम्बर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित हुए। डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा अस्थायी अध्यक्ष थे। डॉ. अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे।
Q.10संविधान अंगीकृत — कब?1 अंक
(C) 26 नवम्बर 194926 नवम्बर 1949 को संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया। 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ — इसीलिए 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है।
💡 अंतर: अंगीकृत (Adopted) = 26 नवम्बर 1949 → संविधान दिवस | लागू (Enforced) = 26 जनवरी 1950 → गणतंत्र दिवस
Q.11प्रारूप समिति के अध्यक्ष?1 अंक
(B) डॉ. बी.आर. अंबेडकर29 अगस्त 1947 को प्रारूप समिति बनी। डॉ. अंबेडकर को "संविधान का जनक/पिता" कहा जाता है। समिति ने 141 दिनों में संविधान तैयार किया।
Q.12नेहरू की वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाली पुस्तक?1 अंक
(B) भारत की खोज (Discovery of India)1944 में अहमदनगर जेल में लिखी। इसमें भारत की सभ्यता, इतिहास और वैज्ञानिक सोच पर विचार हैं। "विश्व इतिहास की झलकियाँ" व "मेरी कहानी" उनकी अन्य प्रसिद्ध पुस्तकें हैं।
Q.13नेहरू ने पंचशील किस देश के साथ दिया?1 अंक
(C) चीन29 अप्रैल 1954 को भारत-चीन व्यापार समझौते में प्रधानमंत्री नेहरू और चीनी प्रधानमंत्री चाउ-एन-लाई ने पंचशील के 5 सिद्धांत घोषित किए।
Q.14नेहरू की विदेश नीति का आधार?1 अंक
(B) गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment)शीत युद्ध काल में भारत ने न NATO (अमेरिकी गुट) और न Warsaw Pact (सोवियत गुट) को चुना। 1961 में बेलग्रेड में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की स्थापना में नेहरू, नासेर, टीटो अग्रणी रहे।
Q.15परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक?1 अंक
(C) डॉ. होमी जहांगीर भाभा1948 में भाभा की अध्यक्षता में परमाणु ऊर्जा आयोग बना। 1954 में ट्रॉम्बे (मुम्बई) में BARC (भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र) की नींव रखी। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक हैं।
Q.16योजना आयोग का गठन कब?1 अंक
(C) 195015 मार्च 1950 को भारत सरकार के प्रस्ताव द्वारा योजना आयोग का गठन हुआ। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष थे। नेहरू प्रथम अध्यक्ष। 2014 में NITI Aayog ने इसे प्रतिस्थापित किया।
Q.17प्रथम पंचवर्षीय योजना का फोकस?1 अंक
(B) कृषि एवं सिंचाई1951–56 | हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित। खाद्यान्न उत्पादन, सिंचाई (भाखड़ा नांगल, हीराकुंड), सामुदायिक विकास पर जोर। लक्ष्य 2.1% वृद्धि, प्राप्त 3.6% — सफल रही।
Q.18द्वितीय पंचवर्षीय योजना का मुख्य फोकस?1 अंक
(B) भारी एवं आधारभूत उद्योग1956–61 | पी.सी. महालनोबिस मॉडल पर आधारित। भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला इस्पात संयंत्र, कोयला, बिजली पर जोर। "समाजवादी ढाँचे की समाज" नीति।
तुलना: प्रथम = कृषि | द्वितीय = भारी उद्योग | तृतीय = आत्मनिर्भरता (1961-66)
Q.19सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत?1 अंक
(C) दांडी यात्रा (नमक सत्याग्रह)12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से 78 अनुयायियों के साथ 241 मील की पदयात्रा। 6 अप्रैल 1930 को दांडी (गुजरात) पहुँचकर नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा।
Q.20आजाद हिंद फौज की स्थापना?1 अंक
(C) सुभाषचंद्र बोस1942 में सिंगापुर में सुभाषचंद्र बोस ने INA (Indian National Army / आजाद हिंद फौज) का पुनर्गठन किया। "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा" — इनका प्रसिद्ध नारा।
खण्ड — ब  |  अतिलघूत्तर उत्तर (2 अंक प्रत्येक)
Q.21धन निकासी — नौरोजी के अनुसार + दो माध्यम2 अंक
धन निकासी (Drain of Wealth): दादाभाई नौरोजी के अनुसार भारत से ब्रिटेन की ओर धन का वह एकतरफा प्रवाह जिसके बदले में भारत को कोई आर्थिक प्रतिफल नहीं मिलता था।

दो प्रमुख माध्यम:
1. होम चार्जेस: ब्रिटिश सरकार के लिए ऋण ब्याज, पेंशन, प्रशासनिक व्यय भारत से भेजना।
2. व्यापार असंतुलन: भारत से कच्चा माल सस्ते में निर्यात और ब्रिटिश निर्मित वस्तुएँ महँगे में आयात।
1 अंक — परिभाषा 1 अंक — दो माध्यम
Q.22हस्तशिल्प कलाओं के पतन के दो कारण2 अंक
दो प्रमुख कारण:
1. मशीन निर्मित सस्ती वस्तुओं की बाढ़: ब्रिटेन की औद्योगिक क्रांति के बाद मशीनों से बने सस्ते कपड़े एवं वस्तुएँ भारत में आई जिससे भारतीय दस्तकार मुकाबला नहीं कर सके।
2. भेदभावपूर्ण टैरिफ नीति: ब्रिटिश सरकार ने भारतीय निर्मित वस्तुओं पर ऊँचा आयात शुल्क और ब्रिटिश वस्तुओं पर कम/शून्य शुल्क लगाया।
1 अंक — प्रत्येक कारण
Q.23उग्रवादी युग के दो नेता + विशेषता2 अंक
1 अंक — प्रत्येक नेता + विशेषता
Q.24चौरी-चौरा कांड + असहयोग वापसी का कारण2 अंक
चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922): उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा में उत्तेजित भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी जिसमें 22 पुलिसकर्मी जलकर मृत हो गए।

आंदोलन वापसी का कारण: गांधीजी का मानना था कि हिंसा के मार्ग पर चले आंदोलन को जारी रखना अहिंसा के सिद्धांत का उल्लंघन है। उन्होंने 12 फरवरी 1922 को आंदोलन तत्काल वापस ले लिया — जिसे अन्य नेताओं ने "राष्ट्रीय दुर्भाग्य" कहा।
1 अंक — घटना का वर्णन 1 अंक — वापसी का कारण
Q.25मॉर्ले-मिंटो 1909 — महत्त्व + एक आलोचना2 अंक
महत्त्व: इस अधिनियम द्वारा विधान परिषदों में भारतीय सदस्यों की संख्या बढ़ाई गई एवं प्रतिनिधि निकायों में निर्वाचन का सिद्धांत स्वीकार किया गया।

आलोचना: इस अधिनियम ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorate) का प्रावधान किया। इससे साम्प्रदायिक राजनीति को बढ़ावा मिला और हिन्दू-मुस्लिम एकता को ठेस पहुँची — जो अंततः विभाजन का आधार बनी।
1 अंक — महत्त्व 1 अंक — आलोचना
Q.26संविधान सभा का गठन — कब? सदस्य?2 अंक
1 अंक — गठन वर्ष 1 अंक — सदस्य संख्या + अन्य तथ्य
Q.27नेहरू का "लोकतांत्रिक समाजवाद"2 अंक
नेहरू का लोकतांत्रिक समाजवाद का अर्थ था — लोकतांत्रिक माध्यमों (न कि क्रांति से) द्वारा समाजवादी लक्ष्यों की प्राप्ति।

मुख्य विशेषताएँ:
• सोवियत मॉडल की तरह सर्वहारा क्रांति नहीं, बल्कि संसदीय पद्धति से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन।
• मिश्रित अर्थव्यवस्था (Public + Private sector)।
• 1955 में कांग्रेस के अवाडी अधिवेशन में "समाजवादी ढाँचे की समाज" का संकल्प पारित।
1 अंक — अवधारणा 1 अंक — विशेषताएँ
Q.28पंचशील के कोई तीन सिद्धांत2 अंक
पंचशील के पाँच सिद्धांत (1954):
1. एक-दूसरे की प्रादेशिक अखंडता व संप्रभुता का सम्मान।
2. परस्पर अनाक्रमण (एक-दूसरे पर हमला नहीं)।
3. एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं।
4. समानता एवं परस्पर लाभ।
5. शांतिपूर्ण सहअस्तित्व।
(कोई भी तीन लिखना पर्याप्त)
½ अंक प्रत्येक सिद्धांत (3 × ½ = 1½) + ½ संदर्भ
Q.29योजना आयोग — उद्देश्य + अध्यक्ष2 अंक
1 अंक — उद्देश्य 1 अंक — अध्यक्ष + अन्य तथ्य
Q.30प्रथम बनाम द्वितीय योजना — अंतर + एक-एक उपलब्धि2 अंक
तुलनाप्रथम (1951-56)द्वितीय (1956-61)
मुख्य क्षेत्रकृषि, सिंचाईभारी उद्योग
मॉडलहैरोड-डोमरमहालनोबिस
प्रमुख उपलब्धिभाखड़ा नांगल बाँध, 3.6% वृद्धि (लक्ष्य 2.1%)भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला इस्पात संयंत्र
1 अंक — अंतर 1 अंक — उपलब्धियाँ
खण्ड — स  |  लघूत्तर उत्तर — दोनों विकल्प (5 अंक प्रत्येक)
Q.31(अ)धन निकासी की पद्धतियाँ + आर्थिक प्रभाव5 अंक
धन निकासी की प्रमुख पद्धतियाँ:
(i) होम चार्जेस: ऋण ब्याज, पेंशन, सैन्य व प्रशासनिक खर्च भारत से ब्रिटेन भेजना।
(ii) व्यापारिक नीति: भारतीय कच्चे माल का सस्ता निर्यात, ब्रिटिश उत्पादों का महँगा आयात।
(iii) कंपनी मुनाफा: ब्रिटिश कंपनियाँ भारत में अर्जित लाभ इंग्लैंड ले जाती थीं।
(iv) एकतरफा व्यापार: भारत व्यापार में हमेशा अधिशेष (Surplus) में पर धन उसे नहीं मिलता था।
आर्थिक प्रभाव:
• भारत की राष्ट्रीय आय में निरंतर गिरावट।
• प्रतिव्यक्ति आय अत्यंत न्यून (20वीं सदी में लगभग ₹20 वार्षिक)।
• पूँजी निर्माण में बाधा — उद्योग विकास रुका।
• गाँवों में ऋणग्रस्तता, किसानों की दुर्दशा।
• भारत की आर्थिक शक्ति निरंतर क्षीण होती रही।
नौरोजी का अनुमान: उन्होंने गणना की कि ब्रिटेन प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये भारत से ले जाता था जो भारत के विकास में लग सकते थे। इसे "अनिष्टकर धन" कहा।
2 अंक — पद्धतियाँ (4 बिंदु) 2 अंक — आर्थिक प्रभाव 1 अंक — उदाहरण/आँकड़ा
Q.31(ब)परंपरागत उद्योगों का पतन + कृषि पर प्रभाव5 अंक
परंपरागत उद्योगों के पतन के कारण:
• ब्रिटिश मशीन-निर्मित वस्तुओं की सस्ती कीमत।
• भेदभावपूर्ण टैरिफ — भारतीय पर अधिक, ब्रिटिश पर कम।
• शाही संरक्षण का अंत — मुगल दरबार और रजवाड़ों के समाप्त होने से कारीगरों को आश्रय नहीं।
• कच्चे माल का निर्यात — भारत में ही उत्पादन के लिए सामग्री नहीं बची।
कृषि पर ब्रिटिश नीतियों का प्रभाव:
स्थायी बंदोबस्त (1793): जमींदारी व्यवस्था ने किसानों का शोषण बढ़ाया।
रैयतवाड़ी व महालवाड़ी: भारी भू-राजस्व, न देने पर भूमि जब्त।
नकदी फसल: किसानों को खाद्यान्न की जगह नील, कपास उगाने पर मजबूर किया।
• अकाल की बारंबारता — 1876-79, 1899-1900 के भीषण अकाल।
2 अंक — उद्योगों के पतन के कारण 2 अंक — कृषि पर प्रभाव 1 अंक — उदाहरण
Q.32(अ)भारत छोड़ो आंदोलन 1942 — कारण, घटनाएँ, महत्त्व5 अंक
2 अंक — कारण 2 अंक — घटनाएँ 1 अंक — महत्त्व
Q.32(ब)INA + 1946 नौसैनिक विद्रोह — स्वतंत्रता में भूमिका5 अंक
आजाद हिंद फौज (INA):
सुभाषचंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में INA को संगठित किया। "जय हिंद" का नारा दिया। महिला रेजिमेंट "रानी झाँसी रेजिमेंट" बनाई। इम्फाल-कोहिमा (1944) तक पहुँची। यद्यपि सैनिक रूप से असफल, पर INA के मुकदमे ने राष्ट्रीय एकता जगाई।
1946 का नौसैनिक विद्रोह:
फरवरी 1946 में बम्बई में नौसेना के भारतीय जवानों ने विद्रोह किया। नस्लीय भेदभाव, खराब भोजन व INA अधिकारियों की सज़ा के विरोध में। 20,000 नाविक और 78 जहाज शामिल। कांग्रेस, मुस्लिम लीग, कम्युनिस्टों का समर्थन।
स्वतंत्रता में महत्त्व:
• ब्रिटिश सरकार को एहसास हुआ कि सेना अब भारत को दबाने में काम नहीं आएगी।
• INA मुकदमों ने राष्ट्रीय भावना को तीव्र किया।
• ब्रिटेन के लिए भारत पर नियंत्रण अव्यावहारिक हो गया — यह भी 1947 के निर्णय का एक कारण।
2 अंक — INA 2 अंक — नौसैनिक विद्रोह 1 अंक — महत्त्व का विश्लेषण
Q.33(अ)संविधान सभा — संरचना, सदस्य, निर्माण प्रक्रिया5 अंक
संरचना: कैबिनेट मिशन योजना (1946) के अनुसार संविधान सभा बनी। प्रारंभ में 389 सदस्य (विभाजन के बाद 299)। प्रांतों से अप्रत्यक्ष निर्वाचन।
प्रमुख सदस्य:
अध्यक्ष: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
प्रारूप समिति अध्यक्ष: डॉ. बी.आर. अंबेडकर
• अन्य: जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजिनी नायडू, अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर।
संविधान निर्माण प्रक्रिया:
• 9 दिसम्बर 1946 — प्रथम बैठक।
• 13 समितियाँ गठित (प्रारूप, संचालन, मौलिक अधिकार आदि)।
• 11 सत्र, 165 दिन की चर्चा, 7635 संशोधन प्रस्ताव।
• 26 नवम्बर 1949 — अंगीकरण; 26 जनवरी 1950 — लागू।
2 अंक — संरचना 2 अंक — प्रमुख सदस्य 1 अंक — प्रक्रिया
Q.33(ब)1935 अधिनियम — विशेषताएँ, सीमाएँ, संविधान का आधार क्यों?5 अंक
मुख्य विशेषताएँ:
• अखिल भारतीय संघ की अवधारणा (रियासतें शामिल)।
• प्रांतों में द्विसदनीय विधानमंडल।
• प्रांतीय स्वायत्तता — 1937 के चुनावों में कांग्रेस ने 11 में से 8 प्रांतों में सरकार बनाई।
• केंद्र में द्विशासन (Dyarchy) प्रस्तावित पर लागू नहीं हुआ।
सीमाएँ:
• भारतीय लोगों को कोई वास्तविक सत्ता नहीं।
• वायसराय के पास व्यापक विशेषाधिकार।
• मुस्लिम पृथक निर्वाचन मंडल जारी।
• संघ कभी लागू नहीं हुआ।
भारतीय संविधान का आधार: भारतीय संविधान की 70% से अधिक सामग्री 1935 के अधिनियम से ली गई — संघीय ढाँचा, आपातकालीन प्रावधान, सेवाओं के नियम, राज्यपाल की भूमिका। अंबेडकर ने इसे "दासता का चार्टर" कहा पर व्यावहारिक ढाँचे के रूप में स्वीकार किया।
2 अंक — विशेषताएँ 1 अंक — सीमाएँ 2 अंक — संविधान का आधार विश्लेषण
Q.34(अ)नेहरू के आर्थिक विचार + योजना आयोग की भूमिका5 अंक
2 अंक — आर्थिक विचार 2 अंक — योजना आयोग भूमिका 1 अंक — उपलब्धि/मूल्यांकन
Q.34(ब)तृतीय पंचवर्षीय योजना — लक्ष्य, उपलब्धि, विफलता5 अंक
तृतीय पंचवर्षीय योजना: 1961–1966

लक्ष्य: आत्मनिर्भर एवं स्व-स्फूर्त अर्थव्यवस्था बनाना। राष्ट्रीय आय में 5.6% वार्षिक वृद्धि। खाद्यान्न उत्पादन 100 मिलियन टन। उद्योग व कृषि दोनों को प्राथमिकता।
उपलब्धियाँ:
• कोकिंग कोयला, सीमेंट, चीनी उत्पादन में वृद्धि।
• शिक्षा विस्तार — IIT, NIT की स्थापना।
• बोकारो इस्पात संयंत्र की योजना।
विफलताएँ / बाधाएँ:
• 1962 का भारत-चीन युद्ध — रक्षा व्यय बढ़ा, विकास प्रभावित।
• 1965 का भारत-पाक युद्ध।
• 1965-66 का भीषण सूखा — खाद्यान्न संकट।
• वृद्धि दर लक्ष्य 5.6% के स्थान पर मात्र 2.4% प्राप्त हुई।
• इसके बाद 1966-69 — "तीन योजना अवकाश (Plan Holiday)"।
1 अंक — लक्ष्य 2 अंक — उपलब्धियाँ 2 अंक — विफलताएँ
खण्ड — द  |  निबंधात्मक उत्तर — दोनों विकल्प (10 अंक प्रत्येक)
Q.35(अ)गांधी युग 1920–1947 — आंदोलन, विचार, प्रभाव10 अंक
गांधीजी की पृष्ठभूमि एवं दर्शन:
मोहनदास करमचंद गांधी 1915 में दक्षिण अफ्रीका से लौटे। अहिंसा, सत्याग्रह, स्वराज उनके तीन मूल सिद्धांत थे। चंपारण (1917), खेड़ा (1918) एवं अहमदाबाद मिल हड़ताल (1918) — उनकी भारत में प्रथम सफलताएँ।
असहयोग आंदोलन (1920–1922):
कारण: रॉलेट एक्ट (1919), जलियांवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919), खिलाफत मुद्दा।
कार्यक्रम: स्कूल-कॉलेज छोड़ना, सरकारी पदों का त्याग, विदेशी वस्त्र बहिष्कार, खादी अपनाना।
चौरी-चौरा (फरवरी 1922) के बाद आंदोलन वापस — परंतु जन-जागरण हुआ।
सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930–1934):
12 मार्च 1930 — दांडी यात्रा (241 मील, 78 अनुयायी)। 6 अप्रैल — नमक बनाकर कानून तोड़ा।
लक्षणीय: महिलाओं की भारी भागीदारी। गांधी-इर्विन समझौता (1931)।
इसी दौरान गोलमेज सम्मेलन (1930-32) में गांधीजी ने भारतीयों का पक्ष रखा।
भारत छोड़ो आंदोलन (1942):
"करो या मरो" — 8 अगस्त 1942। सभी नेता गिरफ्तार पर जन-आंदोलन स्वतःस्फूर्त जारी रहा।
स्थान-स्थान पर "समानांतर सरकारें" — बलिया (उ.प्र.), सतारा (महाराष्ट्र)।
यह अंतिम बड़ा आंदोलन था जिसने स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया।
गांधीजी के विचारों का योगदान:
सत्याग्रह: सत्य के लिए दृढ़ता से खड़े रहना — नया हथियार।
स्वराज: केवल राजनैतिक नहीं, आत्मशासन।
स्वदेशी: आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा।
सामाजिक सुधार: छुआछूत विरोध, हिंदू-मुस्लिम एकता, महिला सशक्तिकरण।
• राष्ट्रीय आंदोलन को जन-आंदोलन में बदला — करोड़ों साधारण भारतीय जुड़े।
💡 परीक्षा टिप: तीनों आंदोलनों की तुलना करने वाली एक पंक्ति जरूर लिखें — यह विश्लेषणात्मकता दिखाती है और अतिरिक्त अंक मिलते हैं।
2 अंक — गांधी दर्शन/पृष्ठभूमि 2 अंक — असहयोग + सविनय अवज्ञा 2 अंक — भारत छोड़ो आंदोलन 2 अंक — विचारों का योगदान 2 अंक — प्रभाव/मूल्यांकन + लेखन शैली
Q.35(ब)संवैधानिक विकास — 1773 से 1947 तक प्रमुख अधिनियम10 अंक
2 अंक — 1773-1833 (प्रारंभिक) 2 अंक — 1853-1909 2 अंक — 1919-1935 2 अंक — 1947 अधिनियम 2 अंक — निष्कर्ष + लेखन
Q.36(अ)नेहरू की वैचारिक विरासत — वैज्ञानिक, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, गुटनिरपेक्षता, पंचशील10 अंक
वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper):
नेहरू विज्ञान और तर्क में गहरी आस्था रखते थे। "भारत की खोज" में उन्होंने लिखा कि विज्ञान ही भारत की गरीबी दूर कर सकता है। IIT, AIIMS, BARC, ISRO, DAE जैसे संस्थान उनकी इसी सोच की देन हैं। संविधान में "वैज्ञानिक दृष्टिकोण" मूल कर्तव्य बनाया गया (अनुच्छेद 51A-h)।
लोकतांत्रिक समाजवाद:
नेहरू मार्क्सवाद से प्रभावित थे पर सोवियत तानाशाही के विरोधी। उनका मानना था कि लोकतंत्र और समाजवाद साथ चल सकते हैं। 1955 के अवाडी कांग्रेस अधिवेशन में "समाजवादी ढाँचे की समाज" का संकल्प पारित।
मिश्रित अर्थव्यवस्था — सार्वजनिक क्षेत्र में इस्पात, बिजली, परमाणु; निजी क्षेत्र को उपभोक्ता वस्तुओं की अनुमति।
धर्मनिरपेक्षता (Secularism):
नेहरू के लिए धर्मनिरपेक्षता का अर्थ — राज्य का कोई धर्म नहीं, सभी धर्मों को समान आदर।
विभाजन के बाद जब सांप्रदायिक हिंसा चरम पर थी, नेहरू ने अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया। "हिंदू राष्ट्र" की अवधारणा का विरोध।
गुटनिरपेक्षता (Non-Alignment):
शीत युद्ध काल में भारत ने न अमेरिकी गुट (NATO) और न सोवियत गुट (वार्सा पैक्ट) को चुना।
1961 में बेलग्रेड में NAM की स्थापना — नेहरू, नासेर (मिस्र), टीटो (यूगोस्लाविया)।
नीति का आधार: स्वतंत्र विदेश नीति, साम्राज्यवाद व उपनिवेशवाद का विरोध।
पंचशील (1954):
चीन के साथ व्यापार समझौते में 5 सिद्धांत: परस्पर संप्रभुता सम्मान, अनाक्रमण, अहस्तक्षेप, समानता, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व।
महत्त्व: विश्व शांति का प्रारूप। अंतर्राष्ट्रीय कानून का आधार।
सीमा: 1962 के भारत-चीन युद्ध ने पंचशील की सीमाएँ उजागर कीं।
मूल्यांकन: नेहरू की विरासत बहुआयामी है। उनके वैज्ञानिक संस्थान, लोकतांत्रिक ढाँचा, धर्मनिरपेक्ष संविधान आज भी भारत की शक्ति है। आलोचक कहते हैं — आर्थिक नीतियाँ अत्यधिक सरकारी-नियंत्रित रहीं। पर निर्विवाद है कि आधुनिक भारत की नींव नेहरू ने रखी।
2 अंक — वैज्ञानिक दृष्टिकोण 2 अंक — समाजवाद + धर्मनिरपेक्षता 2 अंक — गुटनिरपेक्षता 2 अंक — पंचशील 2 अंक — समग्र मूल्यांकन + लेखन
Q.36(ब)तीनों पंचवर्षीय योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण + नेहरू की भूमिका10 अंक
नियोजित विकास की अवधारणा:
स्वतंत्रता के बाद भारत के सामने तीन चुनौतियाँ थीं — गरीबी, असमानता, पिछड़ापन। नेहरू की सोच थी कि बाजार की शक्तियाँ अकेले इन्हें दूर नहीं कर सकतीं। अतः सोवियत मॉडल से प्रेरणा लेकर पंचवर्षीय योजनाओं का मार्ग चुना गया।
तीनों योजनाओं का तुलनात्मक विश्लेषण:
पहलूप्रथम (1951-56)द्वितीय (1956-61)तृतीय (1961-66)
मॉडलहैरोड-डोमरमहालनोबिसमहालनोबिस+कृषि
प्राथमिकताकृषि, सिंचाईभारी उद्योगआत्मनिर्भरता
लक्ष्य वृद्धि2.1%4.5%5.6%
प्राप्त वृद्धि3.6% ✅4.27% ✅2.4% ❌
उपलब्धिभाखड़ा नांगलभिलाई, दुर्गापुर, राउरकेलाबोकारो, IIT विस्तार
बाधामुद्रास्फीतिचीन-पाक युद्ध, सूखा
प्रथम योजना की सफलता के कारण:
लक्ष्य व्यावहारिक थे। कृषि पर ध्यान — खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा। भाखड़ा नांगल जैसे बाँध देश की जरूरतें पूरी करने लगे।
द्वितीय योजना का महत्त्व:
भारी उद्योगों की स्थापना ने भविष्य की औद्योगिक क्रांति की नींव रखी। इस्पात, कोयला, बिजली — सब में आत्मनिर्भरता की दिशा।
नेहरू की भूमिका का मूल्यांकन:
नेहरू योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष थे। उन्होंने "मंदिर हैं ये आधुनिक भारत के" कहकर बाँधों, इस्पात संयंत्रों, परमाणु केंद्रों को राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक बनाया।
आलोचना: अत्यधिक सरकारी हस्तक्षेप, लाइसेंस राज की शुरुआत।
योगदान: 1947 के टूटे भारत को 1964 तक एक ठोस आर्थिक ढाँचा दिया।
निष्कर्ष: तीन योजनाओं ने भारत को "शताब्दी के पिछड़ेपन" से निकालने की कोशिश की। प्रथम दो सफल रहीं, तृतीय बाहरी कारणों से विफल। परंतु इन योजनाओं ने आधुनिक भारत की आर्थिक संरचना की आधारशिला रखी।
2 अंक — नियोजित विकास की अवधारणा 2 अंक — तुलनात्मक तालिका 2 अंक — प्रथम + द्वितीय विश्लेषण 2 अंक — तृतीय विफलता + कारण 2 अंक — नेहरू मूल्यांकन + निष्कर्ष
📊 अंक सारांश — Marking Summary
खण्डप्रश्नप्रति प्रश्नकुल
अ (MCQ)Q.1–20120
ब (अतिलघूत्तर)Q.21–30220
स (लघूत्तर)Q.31–34520
द (निबंधात्मक)Q.35–361020
Theory कुल80
Project कार्य (विद्यालय स्तर)20
महायोग / Grand Total100

⭐ वैकल्पिक सही उत्तरों को भी पूर्ण अंक दिए जाएँ। परीक्षक का विवेक सर्वोपरि।

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