RBSE Class 9 Urdu Answer Key 2025-26 | कक्षा 9 उर्दू मॉडल पेपर उत्तर तालिका

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कक्षा 9 उर्दू उत्तर तालिका RBSE 2025-26 | Urdu Answer Key Class 9
🗝️ उत्तर तालिका — कक्षा 9 उर्दू | RBSE 2025-26
शिक्षक / स्व-मूल्यांकन हेतु | विषय कोड : 72 | जान पहचान — हिस्सा-चार
ANSWER KEY

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर

कक्षा 9 उर्दू (विषय कोड : 72) — मॉडल पेपर | सत्र 2025-26

اردو (تیسری زبان) — جواباتی کلید (Answer Key)
🗝️ उत्तर तालिका — अंकन योजना सहित
पूर्णांक : 100⚠️ केवल शिक्षक / स्व-मूल्यांकन हेतु
32
हिस्सा-ए-नस्र
32
हिस्सा-ए-नज्म
08
गैर दर्सी इक्तिबास
16
कवाइद
12
तहरीरी महारत
इकाई – 1 | हिस्सा-ए-नस्र — उत्तराणि 32 अंक
(अ) मआरूजी सवालात — प्र. 1 के जवाब8 अंक
प्र. 1 — मआरूजी सवालात (8 × 1 = 8) 8 अंक
क्र.सवालसही जवाबविकल्प
(i)मशहूर हाथी का क्या नाम था?ब — मोतीموتی
(ii)मोती किसका पसंदीदा हाथी था?स — बहादुर शाह जफर काبہادر شاہ ظفر
(iii)मोती किसकी आवाज पहचानता था?ब — अपने मालिक कीمالک
(iv)मोती को कहाँ लाया गया?स — शाही दरबार मेंشاہی دربار
(v)'मआरूजी' का मतलब?ब — बहुविकल्पीयMCQ
(vi)मेहमानों ने तारीफ कहाँ सुनी?स — पहले से
(vii)मोती किस बात से मशहूर था?ब — अपनी अक्लमंदी सेذہانت
(viii)मोती को देखकर सबने क्या किया?स — हैरत का इज्हार कियाحیرت
📝 प्रत्येक सही MCQ = 1 अंक। काटकर बदलने पर अंक नहीं।
प्र. 2 — खाली जगह (3 × 1 = 3) 3 अंक
(i) बहादुर शाह के दरबारी हाथियों में एक हाथी बड़ा मशहूर था। مشہور
(ii) मोती बड़ा अक्लमंद और समझदार था। سمجھدار
(iii) मेहमानों ने मोती की खूबसूरती और जेहानत देखकर हैरत का इज्हार किया। خوبصورتی
प्र. 3 — मुख्तसरतरीन सवालात (5 × 1 = 5) 5 अंक
(i) मशहूर हाथी का नाम मोती था।
(ii) बहादुर शाह जफर दिल्ली के आखिरी मुगल बादशाह थे। वे एक शायर भी थे।
(iii) मेहमानों ने मोती की तारीफ सुनी थी, इसलिए उसे देखने के लिए दरबार में लाया गया।
(iv) मोती अक्लमंद, समझदार था और अपने मालिक की आवाज पहचानता था।
(v) इस सबक के मुसन्निफ मीर बाकर अली दहलवी हैं।
📝 मुख्तसर जवाब = 1-2 जुमले। पूरा मज्मून नहीं।
(ब) तशरीह मय सियाक-ओ-सबाक — प्र. 4 (दो में से एक)5 अंक
प्र. 4 — तशरीह (अ) 'नादान दोस्त' — आदर्श उत्तर 5 अंक
इक्तिबास (सही पात्र — केशव और श्यामा) :
کیشو اور شیاما دو بہن بھائی تھے۔ اس نے دوستی اور محبت میں انڈوں پر روئی ڈال دی۔
सियाक (प्रसंग — 1 अंक) : यह इक्तिबास मुंशी प्रेमचन्द की मशहूर कहानी 'नादान दोस्त' से लिया गया है। इस कहानी में दो भाई-बहन केशव और श्यामा हैं जो चिड़िया के अंडों की हिफाजत करना चाहते हैं।
सबाक/तशरीह (मतलब — 3 अंक) : केशव और श्यामा ने सोचा कि चिड़िया के अंडों को सर्दी लग रही होगी। नेकनीयती से उन्होंने अंडों पर रूई डाल दी। मगर यह नादानी थी — चिड़िया ने घोंसला छोड़ दिया और अंडे बर्बाद हो गए।
पैगाम (1 अंक) : अच्छे इरादे काफी नहीं होते — समझदारी और तजुर्बा भी जरूरी है।
📝 अंकन : सियाक (1) + तशरीह (3) + पैगाम (1) = 5 अंक।
— अथवा —
तशरीह (ब) 'अहसान का बदला अहसान' — मुख्य बिंदु :
सियाक : डॉ. ज़ाकिर हुसैन की कहानी — शेर और चूहे की दोस्ती का किस्सा।
तशरीह : एक बार शेर जाल में फँस गया। जिस चूहे की उसने जान बख्शी थी, उसी ने शेर को रस्सी काटकर आजाद किया। पैगाम : अहसान का बदला अहसान होता है — नेकी कभी बेकार नहीं जाती।
प्र. 5 — सबक का खुलासा (दो में से एक) 5 अंक
(अ) 'नादान दोस्त' — आदर्श खुलासा :
मुंशी प्रेमचन्द की यह कहानी दो भाई-बहन केशव और श्यामा की है। उन्होंने बाग में चिड़िया का घोंसला देखा जिसमें अंडे थे। उन्हें डर था कि अंडों को सर्दी लगेगी। उन्होंने प्यार से अंडों पर रूई डाल दी। लेकिन उनकी यह हरकत नादानी साबित हुई — चिड़िया ने घोंसला छोड़ दिया। यह कहानी बताती है कि अच्छे इरादों के साथ अकल और समझ भी जरूरी है।
📝 मुख्य बिंदु (3) + भाषा की सफाई (1) + पैगाम (1) = 5 अंक।
प्र. 6 — मुसन्निफ की हालात-ए-जिन्दगी (दो में से एक) 6 अंक
(अ) मुंशी प्रेमचन्द — हालात-ए-जिन्दगी :
नुक्तातफसील
पैदाइश31 जुलाई 1880, लमही (वाराणसी, UP)
असली नामधनपत राय श्रीवास्तव
तालीमBA, काशी (बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी)
अदबी खिदमातउर्दू-हिन्दी दोनों में अफसाने, नावल, ड्रामे
नुमायाँ कारनामेगोदान, निर्मला, सेवासदन, ईदगाह, पंच परमेश्वर, नादान दोस्त
लकबउपन्यास सम्राट / कलम का सिपाही
वफात8 अक्टूबर 1936
— अथवा —
(ब) डॉ. ज़ाकिर हुसैन — हालात-ए-जिन्दगी :
नुक्तातफसील
पैदाइश8 फरवरी 1897, हैदराबाद
तालीमअलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, जर्मनी से PhD
खिदमातजामिया मिल्लिया की बुनियाद, AMU के वाइस चांसलर
अहम ओहदेबिहार के गवर्नर, भारत के तीसरे राष्ट्रपति (1967)
सम्मानभारत रत्न (1963)
वफात3 मई 1969 (राष्ट्रपति के पद पर)
📝 पैदाइश (1) + तालीम (1) + कारनामे (2) + किताबें (1) + वफात (1) = 6 अंक।
इकाई – 2 | हिस्सा-ए-नज्म — उत्तराणि 32 अंक
प्र. 7 — नज्म मआरूजी सवालात (8 × 1 = 8) 8 अंक
क्र.सवालसही जवाबउर्दू में
(i)'हिन्दू मुसलमान' के शायरस — तिलोक चन्द महरूमتلوک چند محروم
(ii)इस नज्म का पैगामब — भाईचारे काبھائی چارہ
(iii)हिन्दू-मुसलमान किसके बेटे हैं?ब — एक धरती केایک دھرتی
(iv)'बहादुर बनो' के शायरस — सूरज नराइन महरسورج نرائن مہر
(v)'एक पोदा और घास' के शायरस — इस्माईल मेरठीاسماعیل میرٹھی
(vi)'दोहे' किसने लिखे?अ — कबीरکبیر
(vii)'बहार के दिन' के शायरअ — अफसर मेरठीافسر میرٹھی
(viii)'मिस्रा' का मतलबअ — शेर का पहला/दूसरा हिस्साمصرع
प्र. 8 — खाली जगह (3 × 1 = 3) 3 अंक
(i) 'हिन्दू मुसलमान' के शायर तिलोक चन्द महरूम हैं।
(ii) 'बहादुर बनो' में बच्चों को बहादुर और हिम्मती रहने का पैगाम दिया गया है।
(iii) कबीर के दोहे बहुत मशहूर हैं।
प्र. 9 — मुख्तसरतरीन सवालात (5 × 1 = 5) 5 अंक
(i) 'हिन्दू मुसलमान' नज्म का मुख्य पैगाम है — हिन्दू और मुसलमान एक हैं, आपस में मिलकर रहना चाहिए।
(ii) 'बहादुर बनो' में नसीहत दी गई है — मुश्किलों से न घबराओ, हिम्मत रखो और आगे बढ़ो।
(iii) 'एक पोदा और घास' में सिखाया गया है — छोटे से छोटा जीव भी काम का होता है, किसी को छोटा मत समझो।
(iv) कबीर के दोहों का मुख्य मौजू है — इंसानियत, भाईचारा, झूठ से परहेज, परमात्मा की याद।
(v) 'बहार के दिन' में बहार (वसंत) के मौसम का जिक्र है।
प्र. 10 — नज्म की तशरीह मय सियाक-ओ-सबाक ('बहादुर बनो') 5 अंक
بہادر بنو، ہمت سے کام لو / مشکلوں میں گھبراؤ مت
सियाक (1 अंक) : यह बंद सूरज नराइन महर की नज्म 'बहादुर बनो' से है। यह नज्म बच्चों को हिम्मत और जुर्रत की तालीम देती है।
तशरीह (3 अंक) : शायर बच्चों को समझाता है — बहादुर बनो और हिम्मत से काम लो। जब जिंदगी में मुश्किलें आएँ तो घबराओ मत। यह दुनिया बहादुरों की है। आगे बढ़ते रहो और डरो मत।
पैगाम (1 अंक) : जिंदगी में कामयाब होने के लिए हिम्मत और बहादुरी जरूरी है।
प्र. 11 — नज्म का खुलासा (दो में से एक) 5 अंक
(अ) 'हिन्दू मुसलमान' — आदर्श खुलासा :
तिलोक चन्द महरूम की यह नज्म हिन्दुस्तान की गंगा-जमुनी तहजीब का जश्न मनाती है। शायर कहते हैं कि हिन्दू और मुसलमान दोनों का दिल एक है — दोनों एक ही धरती की कोख से पैदा हुए हैं। इनका खून एक है। हिन्दुस्तान के बाशिंदे आपस में भाई-भाई हैं। उन्हें मिलकर रहना चाहिए और प्यार बढ़ाना चाहिए। यह नज्म हमें एकता और भाईचारे का पैगाम देती है।
📝 मुख्य बिंदु (3) + पैगाम (1) + भाषा (1) = 5 अंक।
प्र. 12 — शायर की हालात-ए-जिन्दगी (दो में से एक) 6 अंक
(अ) तिलोक चन्द महरूम :
नुक्तातफसील
पैदाइश1887, दिल्ली
तालीमदिल्ली में हुई, उर्दू-फारसी की तालीम
अदबी खिदमातहिन्दू-मुस्लिम एकता पर नज्में, हिन्दुस्तानी तहजीब के शायर
खासियतहिन्दी और उर्दू दोनों में शायरी, साझा विरासत के नुमाइंदे
अहम नज्में'हिन्दू मुसलमान', देशभक्ति की नज्में
— अथवा —
(ब) इस्माईल मेरठी :
नुक्तातफसील
पैदाइश12 नवम्बर 1844, मेरठ (UP)
तालीममेरठ में। दिल्ली कॉलेज से तालीम।
खिदमातबच्चों के लिए उर्दू शायरी के बाबा आदम। तालीमी शायर।
अहम कारनामे'एक पोदा और घास', 'मकड़ी और मक्खी', बच्चों के लिए कई नज्में
वफात1 नवम्बर 1917
📝 पैदाइश (1) + तालीम (1) + कारनामे (2) + नज्में (1) + वफात (1) = 6 अंक।
इकाई – 3 | गैर दर्सी इक्तिबास — उत्तराणि 8 अंक
प्र. 13 — चार मुख्तसर जवाब (4 × 2 = 8) 8 अंक
(i) पानी इंसान, जानवर और पौदों की बुनियादी जरूरत है। پانی انسان، جانور اور پودوں کی بنیادی ضرورت ہے۔
(ii) जमीन का तीन चौथाई (3/4) हिस्सा पानी से ढका हुआ है। زمین کا تین چوتھائی حصہ پانی سے ڈھکا ہوا ہے۔
(iii) आजकल पानी की कमी एक बड़ा मसला बन गई है — पीने का पानी बहुत कम है। پانی کی کمی ایک بڑا مسئلہ ہے۔
(iv) हम सबकी जिम्मेदारी है कि पानी बचाएँ और उसे जाया न करें। پانی بچانا ہم سب کی ذمہ داری ہے۔
📝 हर जवाब में उर्दू या हिन्दी में एक-दो जुमले = 2 अंक। इक्तिबास के आधार पर जवाब जरूरी।
इकाई – 4 | कवाइद — उत्तराणि 16 अंक
प्र. 14 — इस्म और इसकी इक्साम 2 अंक
इस्म-ए-खास (اسمِ خاص)इस्म-ए-आम (اسمِ عام)
دہلی، منشی پریم چند، راجستھان، گنگا شہر، افسانہ، دریا، کتاب
दिल्ली, मुंशी प्रेमचन्द, राजस्थान, गंगा शहर, अफसाना, दरिया, किताब
📝 खास = किसी खास शख्स/जगह का नाम | आम = जिंस/किस्म का नाम
प्र. 15 — जमीर और इसकी किस्म 2 अंक
जुमलाजमीरकिस्म
मैं किताब पढ़ता हूँ।मैं (میں)मुतकल्लिम (वाहिद)
तुम स्कूल जाते हो।तुम (تم)हाजिर (वाहिद)
वह खेलता है।वह (وہ)गायब (वाहिद)
हम मिलकर काम करते हैं।हम (ہم)मुतकल्लिम (जमा)
प्र. 16 — सिफत और इसकी इक्साम 2 अंक
सिफत-ए-जाती (صفتِ ذاتی)सिफत-ए-निस्बती (صفتِ نسبتی)
अच्छा, लाल, बड़ा, मीठा, खूबसूरत हिन्दुस्तानी, राजस्थानी, देहाती
اچھا، لال، بڑا، میٹھا، خوبصورت ہندوستانی، راجستھانی، دیہاتی
📝 जाती = खुद की खूबी | निस्बती = किसी जगह/कौम से निस्बत
प्र. 17 — फैल और इसकी इक्साम 2 अंक
जुमलाफैलकिस्म
अहमद किताब पढ़ता है।पढ़ता है (پڑھتا ہے)हाल (حال) — Present
उसने खाना खाया।खाया (کھایا)माजी (ماضی) — Past
वह कल जाएगा।जाएगा (جائے گا)मुस्तकबिल (مستقبل) — Future
बच्चे खेल रहे हैं।खेल रहे हैं (کھیل رہے ہیں)हाल (जारी) — Present Continuous
प्र. 18 — मुहावरों के मआनी 2 अंक
मुहावरामआनी (अर्थ)जुमला (उदाहरण)
आँखें खुलनाहोश आना / हकीकत समझ आनानुकसान होने पर उसकी आँखें खुल गईं।
हाथ मलनापछताना / बेफायदा कोशिश करनामौका गँवाने के बाद वह हाथ मलता रहा।
दिल टूटनाबहुत दुख होना / उम्मीद खत्म होनादोस्त के धोखे से उसका दिल टूट गया।
नाक में दम करनाबहुत परेशान करनाशरारती बच्चे ने सबकी नाक में दम कर दिया।
📝 मआनी (½) + जुमला (½) = 1 अंक प्रत्येक × 2 = 2 अंक।
प्र. 19 — मुतजाद अल्फाज (विलोम) 2 अंक
लफ्जमुतजादलफ्जमुतजाद
अच्छा (اچھا)बुरा (برا) दिन (دن)रात (رات)
बड़ा (بڑا)छोटा (چھوٹا) सच (سچ)झूठ (جھوٹ)
खुशी (خوشی)गम (غم) आसान (آسان)मुश्किल (مشکل)
नया (نیا)पुराना (پرانا) ऊपर (اوپر)नीचे (نیچے)
📝 8 में से कोई भी 4 सही × ½ = 2 अंक।
प्र. 20 — मुजक्कर और मौअन्नस 2 अंक
मुजक्कर (م)मौअन्नस (औ)
भाई (بھائی)बहन (بہن)
लड़का (لڑکا)लड़की (لڑکی)
मुर्गा (مرغ)मुर्गी (مرغی)
शायर (شاعر)शायरा (شاعرہ)
उस्ताद (استاد)उस्तानी (استانی)
📝 5 में से कोई भी 4 सही × ½ = 2 अंक।
प्र. 21 — वाहिद-जमा 2 अंक
वाहिद (واحد)जमा (جمع)
किताब (کتاب)किताबें (کتابیں)
दरख्त (درخت)दरख्त (درخت) / दरख्तें
बच्चा (بچہ)बच्चे (بچے)
लड़की (لڑکی)लड़कियाँ (لڑکیاں)
अफसाना (افسانہ) ← अफसानेअफसाने (افسانے)
गुलाब (گلاب) ← गुलाबगुलाब (गुलाब — अपरिवर्तित)
शहर (شہر)शहर (شہر) / शहरें
कहानी (کہانی)कहानियाँ (کہانیاں)
📝 8 में से कोई भी 4 सही × ½ = 2 अंक।
इकाई – 5 | तहरीरी महारत — आदर्श उत्तर 12 अंक
प्र. 22 — खुतूत / दरख्वास्त — आदर्श नमूना 6 अंक
(अ) दोस्ताना मुबारकबाद का खत — आदर्श नमूना :
جے پور،
تاریخ : ١٥ مارچ ٢٠٢٦

عزیز دوست رمیش،
السلام علیکم / آداب۔

مجھے یہ جان کر بے حد خوشی ہوئی کہ تم نے اس سال امتحان میں پہلا درجہ حاصل کیا ہے۔ تمہاری محنت اور لگن نے ثمر دیا۔ میں تمہیں دل کی گہرائیوں سے مبارکباد دیتا ہوں۔ تمہاری کامیابی سے میرا دل خوشی سے بھر گیا۔
اللہ کرے تم آگے بھی اسی طرح کامیاب ہوتے رہو۔

تمہارا دوست،
سریش
کلاس : ۹
अंकन योजनाअंक
सही प्रारूप (जगह, तारीख, इब्तिदाइया, इख्तिताम)1
मुबारकबाद का उल्लेख1
खुशी का इज्हार1
तारीफ और मेहनत का जिक्र1
भविष्य के लिए दुआ1
उर्दू भाषा की सफाई1
कुल6
— अथवा —
(ब) प्रिंसिपल को अवकाश दरख्वास्त — आदर्श नमूना :
بخدمت،
جناب پرنسپل صاحب،
[اسکول کا نام]، جے پور

موضوع : رخصت کی درخواست

جناب والا،
ادب کے ساتھ عرض ہے کہ میں گزشتہ دو دنوں سے بخار میں مبتلا ہوں۔ ڈاکٹر صاحب نے تین دن آرام کا مشورہ دیا ہے۔ اس لیے میں ١٦ مارچ تا ١٨ مارچ ٢٠٢٦ تک اسکول نہیں آ سکتا۔
گزارش ہے کہ مجھے تین دن کی رخصت عنایت فرمائیں۔
شکریہ۔

آپ کا فرمانبردار طالب علم،
[نام]
کلاس : ۹، رول نمبر : [نمبر]
प्र. 23 — मज्मून (तीन में से एक) — अंकन योजना 6 अंक
मज्मूनलाजिमी नुक्तेअंक
(अ) मेरा स्कूल स्कूल का तआरुफ + कमरे और कुतुबखाना + आचार्य + तालीम + खेलकूद + स्कूल से मुहब्बत 6
(ब) पानी की अहमियत पानी की जरूरत + जमीन का 3/4 पानी + पीने का पानी कम + बचत की जरूरत + हमारी जिम्मेदारी 6
(स) हिन्दुस्तान मेरा वतन वतन से मुहब्बत + गंगा-जमुनी तहजीब + भाईचारा + आजादी की कुर्बानी + तरक्की + फख्र 6
'मेरा स्कूल' — आदर्श मज्मून के मुख्य जुमले :
میرے اسکول کا نام [اسکول کا نام] ہے۔ یہ ایک خوبصورت اور وسیع عمارت ہے۔ یہاں بہت سے کمرے، ایک بڑی لائبریری اور کھیل کا میدان ہے۔ ہمارے استاد بہت محنتی اور مہربان ہیں۔ وہ ہمیں علم کے ساتھ ساتھ اخلاق کی تعلیم بھی دیتے ہیں۔ میں اپنے اسکول سے بہت محبت کرتا ہوں۔
अंकन नुक्तेअंक
उनवान का जिक्र और तआरुफ1
मज्मून की विस्तार (3 मुख्य नुक्ते)3
खातमा (निष्कर्ष/पैगाम)1
उर्दू भाषा की सफाई1
कुल6

⚠️ यह उत्तर तालिका केवल शिक्षक / स्व-मूल्यांकन हेतु है।

یہ جواباتی کلید صرف اساتذہ / خود احتسابی کے لیے ہے۔

📚 نصابی کتاب : جان پہچان — حصہ چار (NCERT، نئی دہلی)

Answer Key | कक्षा 9 उर्दू | RBSE 2025-26 | Print: Ctrl+P

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