पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति – Locating Places on Earth | NCERT Class 6 Social Science Chapter 1 Notes in Hindi

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पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति – NCERT Class 6 सामाजिक विज्ञान अध्याय 1 नोट्स | NCERTclasses.com
📚 NCERTclasses.com — Class 6 सामाजिक विज्ञान | Reprint 2026-27
📖 अध्याय परिचय
कक्षा6
विषयसामाजिक विज्ञान
पुस्तकसमाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे
अध्याय1
विषय (क)भारत एवं विश्व: भूभाग एवं उनके निवासी
प्रकाशकNCERT
संस्करणReprint 2026-27
भाषाहिन्दी

पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

NCERT Class 6 · सामाजिक विज्ञान · अध्याय 1 · सम्पूर्ण नोट्स (हिन्दी माध्यम)

पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति (Locating Places on Earth) NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे का प्रथम अध्याय है। यह अध्याय विषय (क) — भारत एवं विश्व: भूभाग एवं उनके निवासी के अंतर्गत आता है। इसमें विद्यार्थी मानचित्र, अक्षांश, देशांतर, समय क्षेत्र तथा भारतीय मानक समय (IST) की मूलभूत अवधारणाएँ सीखते हैं।

💡 आर्यभट्ट का कथन (लगभग 500 सा.सं.)
"पृथ्वी अंतरिक्ष में स्थित है, जो जल, पृथ्वी, अग्नि और वायु से बनी है और यह गोलाकार है। यह सभी स्थलीय और जलीय प्राणियों से घिरी हुई है।"
— महान भारतीय खगोलविद आर्यभट्ट, जिन्होंने 1500 वर्ष पूर्व पृथ्वी की गोलाकारता सिद्ध की।

1. मानचित्र और उसके घटक

मानचित्र किसी भी क्षेत्र का एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन है — यह एक गाँव जितना छोटा या संपूर्ण विश्व जितना बड़ा हो सकता है। मानचित्र में सतह को ऊपर से देखा जाता है।

एटलस (मानचित्रावली) — मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह।

मानचित्रों के प्रकार

मानचित्र का प्रकार क्या दर्शाता है? उदाहरण
भौतिक मानचित्र प्राकृतिक आकृतियाँ — पर्वत, महासागर, नदियाँ पाठ्यपुस्तक चित्र 5.2
राजनैतिक मानचित्र देश, राज्य, सीमाएँ, नगर, राजधानियाँ भारत के सभी राज्यों का मानचित्र
थिमैटिक मानचित्र विशिष्ट प्रकार की सूचना — जनसंख्या, वर्षा, वन पाठ्यपुस्तक चित्र 6.3 और 8.1
✅ किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक
  1. दूरी (Distance / Scale)
  2. दिशा (Direction)
  3. प्रतीक चिह्न (Symbols)
दूरी (Scale) 1 सेमी = X मीटर दिशा (Direction) उ, द, पू, प — 8 दिशाएँ प्रतीक चिह्न (Symbols) PO, RS, मंदिर चिह्न + + मानचित्र के तीन मुख्य घटक
चित्र 1 — मानचित्र के तीन मुख्य घटक: दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न

1.1 स्केल (पैमाना)

मानचित्र पर एक निश्चित दूरी, वास्तविक धरातल की एक बड़ी दूरी का प्रतिनिधित्व करती है। इसे स्केल कहते हैं।

1 सेमी = 500 मीटर  (उदाहरण)

यदि भारत के मानचित्र में 2.5 सेमी = 500 किमी है, तो मानचित्र पर दो बिंदुओं के बीच की दूरी मापकर वास्तविक दूरी ज्ञात की जा सकती है।

1.2 दिशा (Direction)

मानचित्र में दिशा दर्शाने के लिए चतुर्दिश (Compass Rose) का उपयोग किया जाता है। इसमें चार प्रधान दिशाएँ — उत्तर (N), दक्षिण (S), पूर्व (E), पश्चिम (W) — और चार मध्यवर्ती दिशाएँ होती हैं।

पू उ-पू उ-प द-पू द-प
चित्र 2 — चतुर्दिश (Compass Rose): 4 प्रधान + 4 मध्यवर्ती दिशाएँ
प्रधान दिशाएँ (4)मध्यवर्ती दिशाएँ (4)
उत्तर (N), दक्षिण (S)उत्तर-पूर्व (NE)
पूर्व (E), पश्चिम (W)दक्षिण-पूर्व (SE)
दक्षिण-पश्चिम (SW)
उत्तर-पश्चिम (NW)

1.3 प्रतीक चिह्न (Map Symbols)

बड़े मानचित्रों में सभी भवनों और आकृतियों का वास्तविक चित्रण संभव नहीं है। इसलिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा निर्धारित प्रतीक चिह्नों का उपयोग किया जाता है।

श्रेणीप्रतीक / संकेत
रेलवे लाइन (बड़ी/छोटी) + स्टेशन (RS)━━━━ ╫╫╫╫ 🟥RS
सड़कें — पक्की / कच्ची━━━ / - - - -
अंतर्राष्ट्रीय / राज्य / जिला सीमा─·─·─ / ─··─ / ─···─
नदी, कुआँ, तालाब, नहर, सेतु🌊 ● 🟦 ══ ✕
मंदिर, गिरजाघर, मस्जिद, छत्री⛩️ ✝️ 🕌 🏛️
डाकघर (PO), डाक-तार (PTO), पुलिस (PS)PO   PTO   PS
बस्तियाँ, कब्रिस्तान🔲 ∧∧
वृक्ष, घास🌳 ▌▌▌▌

2. निर्देशांक प्रणाली (Coordinate System)

किसी स्थान की सटीक स्थिति बताने के लिए दो निर्देशांकों की आवश्यकता होती है — ठीक उसी तरह जैसे शतरंज के पटल पर 'घ4' या बाजार में '5वीं पंक्ति, 7वीं दुकान' बताया जाता है।

3 2 1 शतरंज: ग-3 29°उ, 77°पू ग्लोब: दिल्ली की स्थिति
चित्र 3 — शतरंज की निर्देशांक प्रणाली → ग्लोब पर स्थान की पहचान

3. अक्षांश (Latitude)

अक्षांश भूमध्य रेखा (विषुवत वृत्त) से किसी स्थान की उत्तर या दक्षिण दूरी है, जिसे अंशों (डिग्री) में मापा जाता है। अक्षांश रेखाएँ भूमध्य रेखा के समानांतर पूर्व-पश्चिम दिशा में जाती हैं।

📌 अक्षांश के मुख्य तथ्य
  • भूमध्य रेखा = 0° अक्षांश (सबसे बड़ा वृत्त)
  • उत्तरी ध्रुव = 90° उ. (N)
  • दक्षिणी ध्रुव = 90° द. (S)
  • भूमध्य रेखा के पास → उष्ण (गर्म) जलवायु
  • ध्रुवों की ओर जाने पर → शीतोष्ण फिर शीत (ठंडी) जलवायु
  • ध्रुवों की ओर जाते हुए अक्षांश वृत्त छोटे होते जाते हैं
0° (भूमध्य रेखा) 30° उ. 60° उ. 90° उ. (उत्तरी ध्रुव) 90° द. (दक्षिणी ध्रुव) 30° द. 60° द. अक्षांश के समानांतर (Parallels of Latitude)
चित्र 4 — अक्षांश रेखाएँ: भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर वृत्त छोटे होते जाते हैं

4. देशांतर (Longitude)

देशांतर प्रमुख याम्योत्तर (Prime/Greenwich Meridian) से किसी स्थान की पूर्व या पश्चिम दूरी है। देशांतर रेखाएँ (याम्योत्तर) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव तक जाने वाले अर्धवृत्त हैं।

📌 देशांतर के मुख्य तथ्य
  • प्रमुख याम्योत्तर (Greenwich Meridian) = 0° देशांतर — इंग्लैंड के ग्रिनिच से गुजरती है (1884 में अंतर्राष्ट्रीय मानक निर्धारित)
  • पूर्व या पश्चिम दोनों ओर 0° से 180° तक बढ़ता है
  • पूर्व के लिए 'पू.' (E) और पश्चिम के लिए 'प.' (W)
  • न्यूयॉर्क = 74° प., दिल्ली = 77° पू., टोक्यो = 140° पू.
  • 180° देशांतर = अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (IDL)
  • सभी याम्योत्तरों की लंबाई समान होती है (भूमध्य रेखा की आधी)
0° (Greenwich) प्रमुख याम्योत्तर (Prime Meridian) 90° पू. 90° प. 135° प. 135° पू. भूमध्य रेखा उत्तरी ध्रुव दक्षिणी ध्रुव
चित्र 5 — देशांतर रेखाएँ (याम्योत्तर): 0° (Greenwich) से 180° तक

अक्षांश बनाम देशांतर — तुलना

तुलना बिंदु अक्षांश (Latitude) देशांतर (Longitude)
संदर्भ रेखाभूमध्य रेखा (0°)प्रमुख याम्योत्तर — Greenwich (0°)
दिशापूर्व-पश्चिम (समानांतर)उत्तर-दक्षिण (अर्धवृत्त)
सीमा0° – 90° (उ./द.)0° – 180° (पू./प.)
आकारध्रुव की ओर वृत्त छोटे होते हैंसभी याम्योत्तर समान लंबाई
निर्धारणजलवायु क्षेत्रस्थानीय समय
उदाहरणदिल्ली — 29° उ.दिल्ली — 77° पू.
🌍 स्थान की पहचान — दोनों निर्देशांक एक साथ

किसी भी स्थान की सटीक स्थिति = अक्षांश + देशांतर

उदाहरण: दिल्ली = 29° उ. अक्षांश, 77° पू. देशांतर

ये दोनों रेखाएँ मिलकर ग्लोब पर ग्रिड (जाल) बनाती हैं।

5. समय क्षेत्र और भारतीय मानक समय

5.1 देशांतर और समय का संबंध

पृथ्वी अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक पूरा चक्कर (360°) लगाती है।

360° ÷ 24 घंटे = 15° प्रति घंटा

अर्थात्, पूर्व की ओर प्रत्येक 15° देशांतर बढ़ने पर 1 घंटा आगे और पश्चिम की ओर 1 घंटा पीछे

9 पूर्वाह्न 10 पूर्वाह्न 11 पूर्वाह्न 12 मध्याह्न 1 अपराह्न 2 अपराह्न 3 अपराह्न 45° प. 30° प. 15° प. 0° Greenwich 15° पू. 30° पू. 45° पू. ← 15° →
चित्र 6 — प्रत्येक 15° देशांतर = 1 घंटे का समय अंतर

5.2 भारतीय मानक समय (IST)

⏰ भारतीय मानक समय (Indian Standard Time — IST)
  • IST = GMT/UTC + 5 घंटे 30 मिनट
  • जब लंदन (Greenwich) में दोपहर 12:00 बजते हैं → भारत में शाम 5:30 बजते हैं
  • भारत का मानक याम्योत्तर = 82.5° पू. (इलाहाबाद/प्रयागराज के पास)
  • भारत एक ही समय क्षेत्र अपनाता है (विशाल देश होने पर भी)

5.3 समय क्षेत्र — विशेष तथ्य

देशसमय क्षेत्रों की संख्याGMT से अंतर
भारत1+5:30
संयुक्त राज्य अमेरिका6–5 से –11
रूस11+2 से +12
चीन1+8
ऑस्ट्रेलिया3++8 से +11

5.4 अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line — IDL)

180° देशांतर पर स्थित रेखा को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं। यह प्रमुख याम्योत्तर के ठीक विपरीत है।

  • पूर्व से पश्चिम पार करने पर → एक दिन घटाएँ (सोमवार → रविवार)
  • पश्चिम से पूर्व पार करने पर → एक दिन जोड़ें (रविवार → सोमवार)
  • यह रेखा टेढ़ी-मेढ़ी है — किसी देश के मध्य से न गुजरे इसलिए

6. भारत का अक्षांश-देशांतर विस्तार

कर्क रेखा 23.5°उ. 68°पू. 80°पू. 92°पू. 37°उ. 25°उ. 13°उ. 8°उ. दिल्ली मुंबई चेन्नई भारत: अक्षांश-देशांतर विस्तार
चित्र 7 — भारत का अनुमानित अक्षांश (8°–37° उ.) व देशांतर (68°–97° पू.) विस्तार
🇮🇳 भारत का भौगोलिक विस्तार
विवरणमान
अक्षांश विस्तारलगभग 8° उ. से 37° उ.
देशांतर विस्तारलगभग 68° पू. से 97° पू.
मानक याम्योत्तर82.5° पू.
IST (GMT से)+5:30 घंटे
कर्क रेखा23.5° उ. — भारत के मध्य से गुजरती है

7. भारत की प्राचीन खगोलीय विरासत 🌟

NCERT पाठ्यपुस्तक विशेष रूप से उल्लेख करती है कि ग्रिनिच याम्योत्तर पहली ज्ञात प्रमुख याम्योत्तर नहीं है

🔭 उज्जयिनी (Ujjain) — भारत की प्राचीन प्रमुख याम्योत्तर
  • यूरोप से अनेक शताब्दियों पूर्व भारत की अपनी प्रमुख याम्योत्तर थी — मध्य रेखा
  • यह उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन, मध्यप्रदेश) के मध्य से गुजरती थी — 75.8° पू.
  • उज्जैन अनेक शताब्दियों तक खगोल विद्या का प्रतिष्ठित केंद्र रहा
  • लगभग 1500 वर्ष पूर्व प्रसिद्ध खगोलविद वराहमिहिर यहाँ रहे
  • भारतीय खगोलविद शून्य एवं प्रमुख याम्योत्तर सहित अक्षांश-देशांतर से परिचित थे
  • उज्जयिनी याम्योत्तर सभी भारतीय खगोलीय ग्रंथों में गणनाओं का संदर्भ बिंदु था

8. सारांश — महत्वपूर्ण बिंदु

🗺️ मानचित्र
तीन घटक: दूरी + दिशा + प्रतीक
तीन प्रकार: भौतिक, राजनैतिक, थिमैटिक
📐 अक्षांश
भूमध्य रेखा =
ध्रुव = 90°
दिशा: पूर्व-पश्चिम
📍 देशांतर
Greenwich =
IDL = 180°
दिशा: उत्तर-दक्षिण
⏱️ समय
15° = 1 घंटा
IST = GMT + 5:30
भारत: 82.5° पू.
📅 IDL
180° देशांतर
पूर्व से पार → दिन घटाएँ
पश्चिम से पार → दिन जोड़ें
🌏 भारत
8°–37° उ. अक्षांश
68°–97° पू. देशांतर
कर्क रेखा मध्य से

महत्वपूर्ण शब्दावली (Key Terms)

मानचित्र (Map)
किसी क्षेत्र का प्रतीकात्मक ऊपरी दृश्य। तीन घटक: दूरी, दिशा, प्रतीक।
स्केल (Scale)
मानचित्र और वास्तविकता के बीच दूरी का अनुपात। जैसे 1 सेमी = 500 मीटर।
एटलस (Atlas)
मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह।
ग्लोब (Globe)
पृथ्वी की गोलाकार प्रतिकृति। यह समतल मानचित्र से बेहतर प्रतिनिधित्व करता है।
भूमध्य रेखा (Equator)
0° अक्षांश। पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में विभाजित करती है।
अक्षांश (Latitude)
भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण दूरी। 0° से 90° तक।
देशांतर (Longitude)
प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम दूरी। 0° से 180° तक।
प्रमुख याम्योत्तर (Prime Meridian)
0° देशांतर। ग्रिनिच (इंग्लैंड) से गुजरती है। 1884 में अंतर्राष्ट्रीय मानक।
निर्देशांक (Coordinates)
अक्षांश + देशांतर = किसी स्थान की सटीक स्थिति।
ग्रिड (Grid)
अक्षांश और देशांतर रेखाएँ मिलकर जो जाल बनाती हैं।
IST (Indian Standard Time)
भारतीय मानक समय = GMT + 5:30 घंटे। 82.5° पू. पर आधारित।
समय क्षेत्र (Time Zone)
15° देशांतर का एक क्षेत्र जो एक समान मानक समय का पालन करता है।
अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (IDL)
180° देशांतर। इसे पार करने पर तिथि में एक दिन का परिवर्तन होता है।
मुहाना (Estuary)
वह स्थान जहाँ नदी समुद्र में मिलती है।

9. परीक्षा उपयोगी प्रश्न एवं उत्तर

प्र. 1 — जब लंदन में दोपहर 12 बजे होते हैं, तो भारत में कितने बजते हैं?
✅ उत्तर: भारत में शाम 5:30 बजते हैं (IST = GMT + 5:30)।
प्र. 2 — मानचित्र के तीन मुख्य घटक कौन से हैं?
✅ उत्तर: दूरी (स्केल), दिशा, और प्रतीक चिह्न
प्र. 3 — पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है। प्रत्येक घंटे में कितने डिग्री देशांतर घूमती है?
✅ उत्तर: 15° (360 ÷ 24 = 15)
प्र. 4 — अक्षांश और देशांतर में क्या अंतर है?
✅ उत्तर: अक्षांश भूमध्य रेखा से उत्तर/दक्षिण दूरी (0°–90°, पूर्व-पश्चिम रेखाएँ) है, जबकि देशांतर प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व/पश्चिम दूरी (0°–180°, उत्तर-दक्षिण रेखाएँ) है।
प्र. 5 — दिल्ली और बेंगलुरु के अक्षांश क्रमशः 29° उ. और 13° उ. हैं और देशांतर लगभग 77° पू. एक ही है। दोनों के बीच स्थानीय समय में कितना अंतर होगा?
✅ उत्तर: कोई अंतर नहीं — क्योंकि स्थानीय समय देशांतर पर निर्भर है, अक्षांश पर नहीं। दोनों का देशांतर 77° पू. एक ही है।
प्र. 6 — अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा क्या है? इसे पार करने पर क्या होता है?
✅ उत्तर: 180° देशांतर पर स्थित काल्पनिक रेखा। पूर्व से पश्चिम पार करने पर एक दिन घटाते हैं, पश्चिम से पूर्व पार करने पर एक दिन जोड़ते हैं।
प्र. 7 — भारत की पुरानी प्रमुख याम्योत्तर कौन सी थी और वह कहाँ से गुजरती थी?
✅ उत्तर: उज्जयिनी याम्योत्तर (मध्य रेखा), जो उज्जैन (75.8° पू.) से गुजरती थी। यह यूरोप से बहुत पहले भारत में उपयोग की जाती थी।
प्र. 8 — स्थानीय समय और मानक समय में क्या अंतर है?
✅ उत्तर: स्थानीय समय — उस स्थान के देशांतर पर आधारित। मानक समय — एक देश/क्षेत्र के मध्य याम्योत्तर पर आधारित एक समान समय। भारत में IST (82.5° पू.) पूरे देश का मानक समय है।

सही (✓) / गलत (✗) — कथन विश्लेषण

कथनसही/गलतकारण
अक्षांशों के सभी समानांतरों की लंबाई समान होती है।✗ गलतभूमध्य रेखा सबसे बड़ी; ध्रुवों की ओर छोटी होती हैं।
देशांतर के एक याम्योत्तर की लंबाई भूमध्य रेखा की आधी होती है।✓ सहीयाम्योत्तर अर्धवृत्त हैं।
दक्षिण ध्रुव का अक्षांश 90° द. है।✓ सहीयह परिभाषा है।
असम में स्थानीय समय और IST एक ही है।✗ गलतअसम का स्थानीय समय IST से लगभग 1 घंटा आगे है।
समय क्षेत्र को पृथक करने वाली रेखाएँ याम्योत्तर के समान होती हैं।✗ गलतये सीमाओं का पालन करती हैं, सीधी नहीं होतीं।
भूमध्य रेखा एक अक्षांश वृत्त भी है।✓ सहीयह 0° अक्षांश वृत्त है।

अध्याय का सार — आगे बढ़ने से पहले

  • मानचित्र पृथ्वी के क्षेत्र को दर्शाने का अत्यंत उपयोगी साधन है। मुख्य घटक — दूरी, दिशा, प्रतीक चिह्न
  • पृथ्वी के प्रत्येक स्थान की स्थिति अक्षांश + देशांतर (ग्रिड) से सटीक परिभाषित की जा सकती है।
  • देशांतर से समय निर्धारित होता है; 15° = 1 घंटा।
  • समय क्षेत्र 15° के क्षेत्र का व्यापक पालन करते हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (IDL) लगभग 180° देशांतर पर — इसे पार करने पर तिथि में एक दिन का परिवर्तन।
📌 अस्वीकरण (Disclaimer): यह नोट्स केवल शैक्षिक उद्देश्य हेतु निर्मित हैं। सभी पाठ्यक्रम सामग्री NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तक समाज का अध्ययन: भारत और उसके आगे, कक्षा 6 (Reprint 2026-27) पर आधारित है। NCERT की समस्त सामग्री पर © NCERT, नई दिल्ली का कॉपीराइट है। विद्यार्थियों से अनुरोध है कि वे मूल पाठ्यपुस्तक का अध्ययन अवश्य करें।

आधिकारिक स्रोत (Official NCERT Links):
NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक
NCERT की आधिकारिक वेबसाइट — ncert.nic.in
DIKSHA पोर्टल — diksha.gov.in

© 2026 NCERTclasses.com | यह लेख शैक्षिक Fair Use के अंतर्गत बनाया गया है।

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