कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2 — अम्ल, क्षारक एवं लवण
NCERT / RBSE पाठ्यक्रम 2026–27 · सचित्र नोट्स, घर का प्रयोग, स्तर-वार प्रश्न एवं स्व-परीक्षण
वे बुलबुले किस गैस के थे? जलन क्यों हुई थी? और सोडा ने उसे रोका कैसे?
तीनों का उत्तर इसी अध्याय में है। पढ़ने के बाद आप घर की रसोई से अपना सूचक भी बना सकेंगे।
| अध्याय | 2 — अम्ल, क्षारक एवं लवण |
| English | Acids, Bases and Salts |
| अंक भार | 7 अंक — रसायन का सबसे भारी अध्याय |
| विषय कोड | 07 — विज्ञान |
| पुस्तक | विज्ञान, एन.सी.ई.आर.टी. |
1. पहले यह जाँचिए
ये तीन बातें पिछले अध्याय की हैं। न आएँ तो पहले अध्याय 1 दोहरा लीजिए, वरना यह अध्याय अधूरा समझ आएगा।
- Zn + HCl की अभिक्रिया किस प्रकार की है?
- CO2 का सूत्र लिखिए और बताइए कार्बन की संयोजकता क्या है।
- उदासीनीकरण शब्द आपने पहले सुना है? अनुमान लगाइए इसका अर्थ क्या होगा।
2. अम्ल और क्षारक — पहचान कैसे हो
अम्ल वे पदार्थ हैं जो स्वाद में खट्टे होते हैं और जल में घुलकर H+ आयन देते हैं — जैसे नींबू, इमली, सिरका।
क्षारक (base) स्वाद में कड़वे और छूने पर साबुन जैसे चिकने होते हैं, जल में OH− आयन देते हैं — जैसे चूना, खाने का सोडा।
सूचक (यानी वह पदार्थ जो रंग बदलकर बता दे कि विलयन अम्लीय है या क्षारीय)।
चित्र 1 — लिटमस सबसे सरल सूचक है। नीला लिटमस अम्ल में लाल, लाल लिटमस क्षारक में नीला हो जाता है।
| सूचक | अम्ल में | क्षारक में |
|---|---|---|
| नीला लिटमस | लाल | नीला ही रहता है |
| लाल लिटमस | लाल ही रहता है | नीला |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| फिनॉल्फ्थैलीन | रंगहीन | गुलाबी |
3. घर पर सूचक बनाइए
लिटमस लाइकेन नामक पौधे से बनता है — यानी प्राकृतिक सूचक। आपकी रसोई में भी तीन प्राकृतिक सूचक मौजूद हैं। यह प्रयोग बिना किसी प्रयोगशाला के हो सकता है।
| सूचक | कैसे बनाएँ | अम्ल में | क्षारक में |
|---|---|---|---|
| हल्दी | हल्दी को पानी में घोलकर कागज़ पर लगाकर सुखा लें | पीला ही रहता है | लाल-भूरा |
| लाल पत्तागोभी | पत्ते उबालकर रस छान लें | लाल-गुलाबी | हरा-नीला |
| गुड़हल का फूल | पंखुड़ियाँ गरम पानी में डालकर रस निकालें | गहरा गुलाबी | हरा |
एक मज़ेदार बात: साबुन लगे कपड़े पर हल्दी का दाग लाल हो जाता है — यही तो हो रहा है, साबुन क्षारीय है। अब आपको कारण पता है।
4. अम्ल के रासायनिक गुण
(क) अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन
चित्र 2 — जस्ते पर तनु अम्ल डालने पर हाइड्रोजन के बुलबुले उठते हैं। जलती तीली पास लाने पर "पॉप" की ध्वनि होती है — यही हाइड्रोजन की पहचान है।
2Na(s) + 2HCl(aq) → 2NaCl(aq) + H2(g)↑
(ख) अम्ल + धातु कार्बोनेट / हाइड्रोजन कार्बोनेट → लवण + जल + CO2
NaHCO3(s) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H2O(l) + CO2(g)↑
CO2 को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर वह दूधिया हो जाता है:
Ca(OH)2(aq) + CO2(g) → CaCO3(s)↓ + H2O(l)
आधिक्य में CO2 प्रवाहित करते रहें तो दूधियापन गायब हो जाता है, क्योंकि विलेय कैल्सियम हाइड्रोजनकार्बोनेट बन जाता है:
CaCO3(s) + H2O(l) + CO2(g) → Ca(HCO3)2(aq)
यह दूसरी अभिक्रिया प्रायः भूल जाते हैं — और यही पूछी जाती है।
तो ईनो का रहस्य यही था। ईनो में सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट होता है। पेट के अम्ल से मिलते ही यही अभिक्रिया होती है — बुलबुले CO2 के थे, और अतिरिक्त अम्ल समाप्त हो गया, इसलिए जलन शांत हुई।
(ग) अम्ल + धात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
काला कॉपर ऑक्साइड घुलता जाता है और विलयन नीला-हरा हो जाता है। चूँकि धात्विक ऑक्साइड अम्ल से क्रिया कर लवण और जल देते हैं, इसलिए ये क्षारकीय ऑक्साइड कहलाते हैं।
5. क्षारक के रासायनिक गुण
(क) क्षारक + धातु → लवण + हाइड्रोजन
सभी धातुएँ ऐसा नहीं करतीं। जस्ता करता है:
(सोडियम ज़िंकेट)
(ख) क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड → लवण + जल
यह अभिक्रिया अम्ल + धात्विक ऑक्साइड जैसी ही है — इसीलिए अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय ऑक्साइड कहलाते हैं।
(ग) उदासीनीकरण
चित्र 3 — उदासीनीकरण : अम्ल और क्षारक मिलकर लवण और जल बनाते हैं।
6. अम्ल-क्षारक में समानता — जल की भूमिका
दोनों में समानता यह है कि दोनों जल में घुलकर ही आयन देते हैं, और तभी विद्युत का चालन करते हैं।
क्षार: NaOH जल→ Na+ + OH−
शुष्क HCl गैस नीले लिटमस को लाल नहीं करती, पर उसका जलीय विलयन कर देता है। कारण — जल के बिना H+ आयन मुक्त ही नहीं होते। H+ अकेला नहीं रह सकता, वह जल से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन H3O+ बनाता है।
यह परीक्षा का प्रिय प्रश्न है।
7. तनुकरण और उसकी सावधानी
अम्ल या क्षारक में जल मिलाने पर आयनों की सांद्रता घट जाती है — इसे तनुकरण कहते हैं। यह प्रक्रिया अत्यधिक उष्माक्षेपी है।
कभी भी जल को अम्ल में न डालें। इतनी ऊष्मा एक साथ निकलती है कि मिश्रण उछलकर बाहर आ सकता है और गंभीर रूप से जला सकता है। काँच का बर्तन भी चटक सकता है।
8. प्रबलता और pH स्केल
कोई विलयन कितना अम्लीय या क्षारीय है, यह pH स्केल बताता है। यह 0 से 14 तक होता है और वास्तव में H+ आयन की सांद्रता मापता है।
चित्र 4 — pH स्केल। सूचक सरककर दिखाता है कि रोज़मर्रा की चीज़ें कहाँ बैठती हैं।
| pH मान | प्रकृति | उदाहरण |
|---|---|---|
| 0 – 6 | अम्लीय | नींबू 2, सिरका 3, दूध 6 |
| 7 | उदासीन | शुद्ध जल |
| 8 – 14 | क्षारीय | रक्त 7.4, साबुन 10, NaOH 14 |
9. दैनिक जीवन में pH
| कहाँ | क्या होता है | उपाय |
|---|---|---|
| हमारा शरीर | शरीर pH 7.0 – 7.8 के बीच ही ठीक काम करता है | — |
| दंत क्षय | मुँह का pH 5.5 से नीचे जाते ही दाँत का इनैमल गलने लगता है। शक्कर से जीवाणु अम्ल बनाते हैं। | क्षारकीय मंजन से ब्रश |
| अपच | आमाशय में HCl अधिक बन जाए तो जलन | ऐन्टैसिड — मिल्क ऑफ मैग्नीशिया |
| मृदा का pH | पौधे एक निश्चित pH पर ही अच्छे उगते हैं | अम्लीय मिट्टी में चूना, क्षारीय में जैविक खाद |
| अम्ल वर्षा | वर्षा जल का pH 5.6 से कम हो जाए तो अम्ल वर्षा; नदियों का pH घटता है, जलीय जीवन कठिन | प्रदूषण नियंत्रण |
| डंक | मधुमक्खी का डंक अम्लीय होता है | बेकिंग सोडा लगाएँ |
| नेटल पत्ती | बिच्छू बूटी के डंक में मेथैनॉइक अम्ल | डॉक पौधे की पत्ती रगड़ें |
10. स्वयं करके देखिए
नीचे विभिन्न विलयन डालकर pH नापिए — कॉफ़ी, थूक, साबुन, दूध। जल मिलाकर देखिए pH कैसे बदलता है। पढ़ने से ज़्यादा यह करने से बैठेगा।
11. लवण — परिवार एवं प्रकृति
अम्ल और क्षारक के उदासीनीकरण से बने यौगिक लवण कहलाते हैं।
लवण परिवार
जिन लवणों का कोई एक मूलक समान हो, वे एक परिवार के कहलाते हैं।
| परिवार | सदस्य |
|---|---|
| सोडियम लवण | NaCl, Na2SO4, NaNO3 |
| क्लोराइड लवण | NaCl, KCl, CaCl2 |
लवणों का pH
| किससे बना | प्रकृति | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रबल अम्ल + प्रबल क्षार | उदासीन (pH 7) | NaCl |
| प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षार | अम्लीय (pH < 7) | NH4Cl |
| दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षार | क्षारीय (pH > 7) | Na2CO3, CH3COONa |
12. साधारण नमक से बनने वाले रसायन
साधारण नमक (NaCl) केवल भोजन की चीज़ नहीं — यह पूरे रसायन उद्योग का कच्चा माल है।
चित्र 5 — क्लोर-क्षार प्रक्रिया। तीनों उत्पाद उपयोगी हैं, इसीलिए नाम में "क्लोर" और "क्षार" दोनों हैं।
(क) विरंजक चूर्ण — CaOCl2
उपयोग: कपड़ा एवं कागज़ उद्योग में विरंजन, पेयजल को कीटाणुरहित करना, तथा ऑक्सीकारक के रूप में। आपके गाँव की पानी की टंकी में जो क्लोरीन डाली जाती है, वह यही काम है।
(ख) बेकिंग सोडा — NaHCO3
2NaHCO3 Δ→ Na2CO3 + H2O + CO2↑
उपयोग: बेकिंग पाउडर में (केक फूलने का कारण यही CO2 है), ऐन्टैसिड के रूप में, तथा अग्निशामक यंत्रों में। यह दुर्बल क्षारक है।
(ग) धोने का सोडा — Na2CO3·10H2O
उपयोग: काँच, साबुन एवं कागज़ उद्योग, तथा जल की स्थायी कठोरता दूर करना।
(घ) प्लास्टर ऑफ पेरिस — CaSO4·½H2O
(जिप्सम से प्लास्टर ऑफ पेरिस)
जल मिलाने पर यह पुनः जिप्सम बनकर कठोर ठोस हो जाता है। उपयोग: टूटी हड्डी का प्लास्टर, मूर्तियाँ, दीवार की चिकनाई।
1. ताप 373 K लिखिए (यानी 100°C)। इससे अधिक गरम करने पर जल पूरा निकल जाता है और प्लास्टर ऑफ पेरिस नहीं बनता।
2. सूत्र में ½H2O ही लिखिए — आधा अणु जल। यह अजीब लगता है पर सही है, क्योंकि वास्तव में दो सूत्र इकाइयों पर एक अणु जल होता है।
13. क्रिस्टलन जल
कुछ लवणों के क्रिस्टल में जल के अणु एक निश्चित अनुपात में जुड़े रहते हैं — इसे क्रिस्टलन जल कहते हैं।
| लवण | सूत्र | प्रचलित नाम |
|---|---|---|
| कॉपर सल्फेट | CuSO4·5H2O | नीला थोथा |
| सोडियम कार्बोनेट | Na2CO3·10H2O | धोने का सोडा |
| कैल्सियम सल्फेट | CaSO4·2H2O | जिप्सम |
14. सारांश तालिका
| अभिक्रिया | उत्पाद | उदाहरण |
|---|---|---|
| अम्ल + धातु | लवण + H2 | Zn + 2HCl → ZnCl2 + H2 |
| अम्ल + धातु कार्बोनेट | लवण + जल + CO2 | Na2CO3 + 2HCl |
| अम्ल + धात्विक ऑक्साइड | लवण + जल | CuO + 2HCl |
| क्षारक + अधात्विक ऑक्साइड | लवण + जल | Ca(OH)2 + CO2 |
| अम्ल + क्षारक | लवण + जल | NaOH + HCl → NaCl + H2O |
15. समीकरण संग्रह
2NaOH + Zn → Na2ZnO2 + H2↑
Na2CO3 + 2HCl → 2NaCl + H2O + CO2↑
NaHCO3 + HCl → NaCl + H2O + CO2↑
Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3↓ + H2O
CaCO3 + H2O + CO2 → Ca(HCO3)2
CuO + 2HCl → CuCl2 + H2O
NaOH + HCl → NaCl + H2O
2NaCl + 2H2O → 2NaOH + Cl2 + H2
Ca(OH)2 + Cl2 → CaOCl2 + H2O
NaCl + H2O + CO2 + NH3 → NH4Cl + NaHCO3
2NaHCO3 Δ→ Na2CO3 + H2O + CO2
CaSO4·2H2O 373K→ CaSO4·½H2O + 1½H2O
16. आम भ्रांतियाँ
| जो अक्सर समझा जाता है | सही बात |
|---|---|
| "सभी अम्ल खतरनाक होते हैं" | नींबू, इमली, दही, सिरका — सब अम्ल हैं और हम रोज़ खाते हैं। खतरनाक प्रबल अम्ल होते हैं। |
| "क्षार और क्षारक एक ही हैं" | जल में घुलनशील क्षारक ही क्षार है। CuO क्षारक है, क्षार नहीं। |
| "प्रबल का मतलब सांद्र" | प्रबल = पूरी तरह आयनित। सांद्र = जल कम। प्रबल अम्ल भी तनु हो सकता है। |
| "pH 7 से नीचे जाना ही खतरा है" | आमाशय का pH 1.5 है और वह सामान्य है। खतरा तब है जब जो pH जहाँ होना चाहिए, वहाँ न हो। |
| "लवण मतलब खाने का नमक" | NaCl केवल एक लवण है। हर उदासीनीकरण से लवण बनता है — CuSO4 भी लवण है। |
| "शक्कर दाँत को खा जाती है" | शक्कर नहीं, उससे जीवाणुओं द्वारा बना अम्ल इनैमल गलाता है। |
17. अंक क्यों कटते हैं
- गैस का संकेत न लगाना। H2↑ और CO2↑ में तीर अनिवार्य है।
- चूने के पानी की दूसरी अभिक्रिया छोड़ देना — आधिक्य CO2 से दूधियापन गायब होना।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस में 373 K न लिखना या ½H2O को 1 कर देना।
- क्रिस्टलन जल वाले सूत्रों में जल भूल जाना — Na2CO3 और Na2CO3·10H2O अलग हैं।
- प्रबल और सांद्र को एक समझ लेना।
- सूचक के रंग उलट देना। फिनॉल्फ्थैलीन क्षारक में गुलाबी होती है, अम्ल में रंगहीन।
- pH का मान बिना इकाई-संदर्भ के लिखना। pH की कोई इकाई नहीं होती — यह लिख देना अतिरिक्त अंक दिला सकता है।
18. प्रश्न — तीन स्तर
अपने स्तर से शुरू कीजिए। हरा आसान है, बैंगनी चुनौती।
आधार बुनियादी समझ
प्र.1 फिनॉल्फ्थैलीन का रंग क्षारक में क्या होता है?
प्र.2 उदासीन विलयन का pH कितना होता है?
प्र.3 हाइड्रोजन गैस की पहचान कैसे करेंगे?
बोर्ड परीक्षा-स्तर
प्र.4 (2 अंक) शुष्क HCl गैस नीले लिटमस को लाल क्यों नहीं करती, जबकि उसका जलीय विलयन कर देता है?
प्र.5 (3 अंक) CO2 को चूने के पानी में प्रवाहित करने पर क्या होता है? आधिक्य में प्रवाहित करते रहने पर क्या होगा? दोनों समीकरण लिखिए।
प्र.6 (3 अंक) प्लास्टर ऑफ पेरिस कैसे बनाया जाता है? समीकरण तथा दो उपयोग लिखिए।
प्र.7 (4 अंक) क्लोर-क्षार प्रक्रिया क्या है? तीनों उत्पाद तथा उनका एक-एक उपयोग लिखिए।
चुनौती सोचकर उत्तर दीजिए
प्र.8 एक विद्यार्थी ने जल में सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल डालने के बजाय अम्ल में जल डाल दिया। क्या होगा और क्यों?
प्र.9 ताज़ा दूध का pH 6 है। उसमें थोड़ा खाने का सोडा मिला देने पर pH बढ़कर 8 हो जाता है। ऐसा क्यों किया जाता है, और दही जमने में क्या अंतर आएगा?
प्र.10 किसान की मिट्टी बहुत अम्लीय निकली। वह क्या डालेगा और क्यों? यदि गलती से अधिक डाल दे तो?
19. स्व-परीक्षण — 15 प्रश्न
कागज़ पर उत्तर लिखिए, फिर नीचे खोलकर मिलाइए। 12 या अधिक सही = अध्याय तैयार।
- नीला लिटमस अम्ल में किस रंग का हो जाता है?
- अम्ल जल में कौन-सा आयन देता है?
- शुद्ध जल का pH कितना है?
- दंत क्षय किस pH से नीचे शुरू होता है?
- मधुमक्खी के डंक पर क्या लगाया जाता है?
- धोने के सोडे का सूत्र लिखिए।
- विरंजक चूर्ण का सूत्र क्या है?
- प्लास्टर ऑफ पेरिस किस ताप पर बनता है?
- नीला थोथा गरम करने पर किस रंग का हो जाता है?
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया में ऐनोड पर कौन-सी गैस मिलती है?
- NH4Cl की प्रकृति कैसी होगी?
- कौन-से दो प्राकृतिक सूचक आपकी रसोई में हैं?
- अम्ल वर्षा किस pH से नीचे कहलाती है?
- गंधीय सूचक का एक उदाहरण दीजिए।
- क्षार और क्षारक में एक अंतर लिखिए।
20. शब्दावली
| हिंदी | English | हिंदी | English |
|---|---|---|---|
| अम्ल | Acid | उदासीनीकरण | Neutralisation |
| क्षारक | Base | तनुकरण | Dilution |
| क्षार | Alkali | प्रबल अम्ल | Strong acid |
| लवण | Salt | दुर्बल अम्ल | Weak acid |
| सूचक | Indicator | क्रिस्टलन जल | Water of crystallisation |
| गंधीय सूचक | Olfactory indicator | विरंजक चूर्ण | Bleaching powder |
| हाइड्रोनियम आयन | Hydronium ion | ऐन्टैसिड | Antacid |
| अम्ल वर्षा | Acid rain | दंत क्षय | Tooth decay |
21. अभिभावक एवं शिक्षक के लिए
- लिटमस अम्ल में कैसा हो जाता है? (नीला → लाल)
- उदासीनीकरण में क्या बनता है? (लवण और जल)
- दाँत किस pH के नीचे गलने लगते हैं? (5.5)
- अम्ल को जल में डालें या जल को अम्ल में? (अम्ल को जल में — यह सुरक्षा का प्रश्न है)
- प्लास्टर ऑफ पेरिस किस काम आता है? (टूटी हड्डी का प्लास्टर)
22. आगे की जिज्ञासा
ऊपर का पूरा पाठ NCERT कक्षा 10 की सीमा में है — परीक्षा के लिए इतना ही पर्याप्त और आवश्यक है।
पर विज्ञान परीक्षा पर समाप्त नहीं होता। जिन विद्यार्थियों के मन में प्रश्न उठें — "pH का गणित क्या है?", "अम्ल की परिभाषा और भी कोई है क्या?" — उनके लिए नीचे केवल सरकारी तथा विश्वविद्यालय-स्तर के विश्वसनीय स्रोत दिए हैं। ये पाठ्यक्रम का भाग नहीं हैं, परीक्षा में नहीं आएँगे, पर आगे कक्षा 11–12 में यही पढ़ाया जाएगा।
| स्रोत | संस्था | वहाँ क्या मिलेगा |
|---|---|---|
| ncert.nic.in | NCERT, भारत सरकार | मूल पाठ्यपुस्तक की आधिकारिक PDF — निःशुल्क |
| ePathshala | शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार | सभी कक्षाओं की ई-पुस्तकें एवं ऑडियो-वीडियो |
| PhET Simulations | University of Colorado Boulder, अमेरिका | अम्ल-क्षारक, pH एवं आयनन के निःशुल्क सिमुलेशन |
| RSC Education | Royal Society of Chemistry, ब्रिटेन | रसायन के प्रयोग, वीडियो एवं शिक्षक-सामग्री |
हमारा वचन: इस पृष्ठ का एक भी तथ्य इन स्रोतों से उठाकर पाठ्यक्रम में नहीं मिलाया गया है। पाठ पूर्णतः NCERT आधारित है; ये लिंक केवल उन विद्यार्थियों के लिए हैं जो अपनी जिज्ञासा से आगे जाना चाहें। ज्ञान का द्वार खुला रहना चाहिए, पर परीक्षा की तैयारी भ्रमित नहीं होनी चाहिए — इसीलिए दोनों को अलग रखा गया है।
चित्र 6 — अध्याय 1 में अभिक्रिया सीखी, यहाँ उसी की एक विशेष अभिक्रिया देखी, अगले में धातुओं पर लागू करेंगे।

No comments:
Post a Comment