कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक
NCERT / RBSE पाठ्यक्रम 2026–27 · करके सीखिए, आसान से कठिन · सचित्र नोट्स, अभ्यास एवं स्व-मूल्यांकन
एक तत्व से लाखों पदार्थ कैसे? और तेल का दाग पानी से नहीं, साबुन से क्यों छूटता है? अंत तक आप दोनों का उत्तर स्वयं देंगे।
- कार्बन (2, 4) इलेक्ट्रॉन न ले सकता न दे सकता — साझा करता है = सहसंयोजी बंध
- सहसंयोजी यौगिक: निम्न गलनांक, विद्युत के कुचालक
- कार्बन की विशेषता: श्रृंखलन (कार्बन-कार्बन जुड़ना) + चतुःसंयोजकता (संयोजकता 4)
- संतृप्त = केवल एकल बंध (ऐल्केन) · असंतृप्त = द्वि/त्रि बंध (ऐल्कीन, ऐल्काइन)
- समजातीय श्रेणी: क्रमागत सदस्यों में –CH2– का अंतर, द्रव्यमान में 14 u
- नाम = कार्बन की संख्या (मेथ-1, एथ-2, प्रोप-3, ब्यूट-4) + अनुलग्न (-ऐन, -ईन, -आइन, -ऑल, -ऐल, -ओन, -ऑइक अम्ल)
- अभिक्रियाएँ: दहन, ऑक्सीकरण, संकलन (Ni उत्प्रेरक), प्रतिस्थापन (धूप में क्लोरीन)
- एस्टरीकरण: अम्ल + ऐल्कोहॉल → मीठी गंध वाला एस्टर · साबुनीकरण: एस्टर + NaOH → साबुन
- मिसेल: पूँछ तेल में, सिरा पानी में · कठोर जल में साबुन से अपमल, अपमार्जक से नहीं
🔍 जिज्ञासा 🧪 करके देखिए 📖 समझिए 🔗 लागू कीजिए ✅ जाँचिए
"जाँचिए" में तीन स्तर — 1 2 3 — अंत में अपनी सीढ़ी गिनिए।
पहले यह जाँचिए
- कार्बन (परमाणु क्रमांक 6) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास?
- NaCl में बंध कैसे बनता है? (अध्याय 3)
- उपचयन का अर्थ? (अध्याय 1)
1. सहसंयोजी बंध
🔍 जिज्ञासानमक का घोल बिजली चलाता है (अध्याय 3)। चीनी का घोल क्यों नहीं?
🧪 करके देखिए — पहले अनुमानकार्बन के बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन हैं। पूरा होने (8) के लिए उसके पास दो रास्ते हैं — 4 ले ले, या 4 दे दे। कौन-सा आसान होगा? कागज़ पर लिखिए, फिर खोलिए।
📖 समझिएकार्बन इलेक्ट्रॉन साझा करता है — साझा युग्म दोनों परमाणुओं का माना जाता है, दोनों के कोश पूरे। यह सहसंयोजी बंध है।
इनमें आयन नहीं बनते और अणुओं के बीच आकर्षण दुर्बल होता है, इसलिए:
- गलनांक और क्वथनांक निम्न होते हैं
- प्रायः विद्युत के कुचालक होते हैं
उत्तर: चीनी सहसंयोजी है — घुलकर भी आयन नहीं बनते, इसलिए धारा नहीं।
✅ जाँचिएस्तर 1 H2, O2, N2 में क्रमशः कौन-से बंध हैं?
स्तर 2 कार्बन आयनिक बंध क्यों नहीं बनाता?
स्तर 3 अमोनिया (NH3) की इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना बनाइए। नाइट्रोजन के कितने इलेक्ट्रॉन साझा नहीं होते?
2. कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति
🔍 जिज्ञासाकार्बन के ज्ञात यौगिक लाखों में हैं। अकेला एक तत्व इतना "सर्वतोमुखी" क्यों?
🧪 करके देखिएनीचे के अभ्यास में "Make Molecules" चुनिए। कार्बन और हाइड्रोजन के परमाणु खींचकर जोड़िए। कितने हाइड्रोजन तक एक कार्बन से जुड़ पाते हैं? फिर दो कार्बन आपस में जोड़कर देखिए।
📖 समझिएएक कार्बन से चार हाइड्रोजन जुड़े, और कार्बन दूसरे कार्बन से भी। यही दो गुण:
| गुण | अर्थ |
|---|---|
| श्रृंखलन | कार्बन का कार्बन से जुड़कर लंबी, स्थायी श्रृंखला बनाना। सिलिकॉन केवल 7–8 परमाणु तक, वह भी अस्थायी। |
| चतुःसंयोजकता | संयोजकता 4 — चार भिन्न परमाणुओं (H, O, N, Cl, S…) से जुड़ना; छोटे आकार से बंध प्रबल। |
| प्रकार | बंध | उदाहरण |
|---|---|---|
| संतृप्त (ऐल्केन) | केवल एकल बंध | एथेन C2H6: CH3–CH3 |
| असंतृप्त (ऐल्कीन) | एक द्वि-बंध | एथीन C2H4: CH2=CH2 |
| असंतृप्त (ऐल्काइन) | एक त्रि-बंध | एथाइन C2H2: CH≡CH |
सूत्र एक, संरचना भिन्न = संरचनात्मक समावयवी (चित्र 4)। वलय: साइक्लोहेक्सेन C6H12, बेंज़ीन C6H6।
🔗 लागू कीजिएउत्तर: श्रृंखलन से अनगिनत श्रृंखलाएँ-शाखाएँ-वलय, चतुःसंयोजकता से हर कार्बन पर चार भिन्न परमाणु — दोनों मिलकर लाखों यौगिक।
✅ जाँचिएस्तर 1 संतृप्त और असंतृप्त में एक अंतर लिखिए।
स्तर 2 प्रोपेन (C3H8) का संरचना सूत्र बनाइए। इसमें कितने सहसंयोजी बंध हैं?
स्तर 3 क्या पेंटेन (C5H12) के समावयवी संभव हैं? कितने बना सकते हैं?
3. समजातीय श्रेणी एवं नामपद्धति
🔍 जिज्ञासामेथेन, एथेन, प्रोपेन… नामों और सूत्रों में कोई पैटर्न?
🧪 करके देखिए — पैटर्न पहचानिए| नाम | सूत्र | पिछले से अंतर |
|---|---|---|
| मेथेन | CH4 | — |
| एथेन | C2H6 | ? |
| प्रोपेन | C3H8 | ? |
| ब्यूटेन | ? | ? |
खाली जगहें भरिए, फिर खोलिए।
📖 समझिएजिन यौगिकों में एक ही प्रकार्यात्मक समूह हो और क्रमागत सदस्यों में –CH2– (द्रव्यमान में 14 u) का अंतर हो, वे समजातीय श्रेणी बनाते हैं। श्रेणी में आगे बढ़ने पर भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक) क्रमशः बदलते हैं, पर रासायनिक गुण समान रहते हैं।
| श्रेणी | सामान्य सूत्र | पहला सदस्य |
|---|---|---|
| ऐल्केन | CnH2n+2 | मेथेन CH4 |
| ऐल्कीन | CnH2n | एथीन C2H4 |
| ऐल्काइन | CnH2n−2 | एथाइन C2H2 |
प्रकार्यात्मक समूह — यौगिक के गुण तय करने वाला परमाणु-समूह:
| समूह | सूत्र | नाम में | उदाहरण (3 कार्बन) |
|---|---|---|---|
| हैलो | –Cl, –Br | पूर्वलग्न क्लोरो-, ब्रोमो- | क्लोरोप्रोपेन |
| ऐल्कोहॉल | –OH | अनुलग्न -ऑल | प्रोपेनॉल |
| ऐल्डिहाइड | –CHO | अनुलग्न -ऐल | प्रोपेनैल |
| कीटोन | >C=O | अनुलग्न -ओन | प्रोपेनोन |
| कार्बोक्सिलिक अम्ल | –COOH | अनुलग्न -ऑइक अम्ल | प्रोपेनॉइक अम्ल |
CH3CH2Br, HCHO और CH3COCH3 के नाम बताइए।
✅ जाँचिएस्तर 1 समजातीय श्रेणी के दो क्रमागत सदस्यों के द्रव्यमान में कितना अंतर होता है?
स्तर 2 ऐल्कीन श्रेणी का तीसरा सदस्य और उसका सूत्र?
स्तर 3 CH3OH, C2H5OH, C3H7OH — इनमें किसका क्वथनांक सबसे अधिक होगा और क्यों? रासायनिक गुणों में क्या होगा?
4. रासायनिक गुणधर्म
🔍 जिज्ञासाचूल्हे के छिद्र बंद हो जाएँ तो बर्तन की तली काली क्यों हो जाती है?
🧪 करके देखिए — NCERT क्रियाकलापबड़ों की उपस्थिति में, चिमटे से पकड़कर तीन चीज़ें अलग-अलग जलाइए — कपूर, स्पिरिट (ऐल्कोहॉल) और नेफ़्थलीन की गोली। पहले अनुमान लगाइए — किसकी लौ धुएँदार होगी?
(क) दहन
CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा और प्रकाश
CH3CH2OH + 3O2 → 2CO2 + 3H2O + ऊष्मा और प्रकाश
संतृप्त हाइड्रोकार्बन प्रायः नीली, स्वच्छ लौ देते हैं; असंतृप्त — या कम वायु में कोई भी ईंधन — पीली, धुएँदार, क्योंकि कार्बन पूरा नहीं जलता। कोयले-पेट्रोलियम के सल्फ़र व नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रदूषण बढ़ाते हैं।
(ख) ऑक्सीकरण
दूसरों को ऑक्सीजन देने वाले पदार्थ ऑक्सीकारक हैं।
(ग) संकलन अभिक्रिया
असंतृप्त यौगिक हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त बनते हैं — वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरण। उत्प्रेरक स्वयं बदले बिना अभिक्रिया की दर बदलता है।
(घ) प्रतिस्थापन अभिक्रिया
सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन एक-एक करके हाइड्रोजन की जगह लेती है।
🔗 लागू कीजिएउत्तर: छिद्र बंद = वायु कम = अधूरा दहन = कालिख बर्तन पर। छिद्र खोलते ही लौ फिर नीली।
✅ जाँचिएस्तर 1 वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में कौन-सा उत्प्रेरक प्रयुक्त होता है?
स्तर 2 संकलन और प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अंतर उदाहरण सहित लिखिए।
स्तर 3 एक विद्यार्थी कहता है — "एथेनॉल का दहन भी ऑक्सीकरण है और KMnO4 वाली अभिक्रिया भी। फिर दोनों को अलग क्यों पढ़ते हैं?" आप क्या उत्तर देंगे?
5. एथेनॉल (C2H5OH)
🔍 जिज्ञासाखाँसी की दवा की शीशी पर "ऐल्कोहॉल" क्यों लिखा होता है?
🧪 करके देखिए — शिक्षक का प्रदर्शनशिक्षक सोडियम का एक छोटा टुकड़ा एथेनॉल में डालते हैं। अनुमान लगाइए — अध्याय 3 में सोडियम ने जल के साथ क्या किया था? यहाँ क्या होगा?
एथेनॉल कमरे के ताप पर द्रव है और अच्छा विलायक है — इसीलिए टिंचर आयोडीन, खाँसी की दवा और टॉनिक में प्रयुक्त होता है।
CH3CH2OH गर्म सांद्र H2SO4, 443 K→ CH2=CH2 + H2O (निर्जलीकरण)
दूसरी अभिक्रिया में सांद्र H2SO4 निर्जलीकारक है — यह एथेनॉल से जल हटा देता है।
ईंधन के रूप में: गन्ने के शीरे के किण्वन से एथेनॉल बनता है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है — यह जलकर केवल CO2 और जल देता है। और दवा में इसका उपयोग विलायक के रूप में है।
✅ जाँचिएस्तर 1 विकृत ऐल्कोहॉल में नीला रंग क्यों मिलाया जाता है?
स्तर 2 एथेनॉल से एथीन कैसे बनाएँगे? समीकरण और शर्त लिखिए।
स्तर 3 एथेनॉल और जल दोनों सोडियम से H2 देते हैं। तो क्या एथेनॉल अम्ल है? लिटमस से कैसे जाँचेंगे?
6. एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH)
🔍 जिज्ञासाशुद्ध एथेनॉइक अम्ल ठंडे देशों में सर्दियों में पानी से पहले क्यों जम जाता है?
🧪 करके देखिए — NCERT क्रियाकलापतनु एथेनॉइक अम्ल और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल — दोनों का pH सार्वत्रिक सूचक से नापिए। अनुमान: किसका pH कम होगा?
📖 समझिएएथेनॉइक अम्ल (ऐसीटिक अम्ल) का जल में 5–8% विलयन सिरका है — अचार का परिरक्षक। शुद्ध अम्ल का गलनांक 290 K है; ठंड में यह जमकर बर्फ़ जैसा दिखता है, इसलिए इसे ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल कहते हैं।
साबुनीकरण: CH3COOC2H5 + NaOH → C2H5OH + CH3COONa
क्षारक से: NaOH + CH3COOH → CH3COONa + H2O
कार्बोनेट से: 2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2
हाइड्रोजनकार्बोनेट से: CH3COOH + NaHCO3 → CH3COONa + H2O + CO2
एस्टर मधुर गंध वाले पदार्थ हैं — इत्र और स्वाद-वर्धक (फ़्लेवर) इन्हीं से बनते हैं। अंतिम दो अभिक्रियाओं की CO2 चूने के पानी को दूधिया करती है — अध्याय 2 से जुड़ाव।
🔗 लागू कीजिएउत्तर: 290 K ≈ 17°C, जबकि पानी 273 K (0°C) पर जमता है — ठंड में अम्ल पहले जमता है।
✅ जाँचिएस्तर 1 सिरका किसका विलयन है और कितने प्रतिशत?
स्तर 2 एस्टरीकरण और साबुनीकरण में संबंध लिखिए।
स्तर 3 दो बोतलों में बिना लेबल एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल हैं। केवल खाने का सोडा देकर पहचानिए — कैसे?
7. साबुन एवं अपमार्जक
🔍 जिज्ञासाशुरुआत वाला प्रश्न — तेल का दाग पानी से नहीं, साबुन से क्यों छूटता है?
🧪 करके देखिए — घर पर, पूरी तरह सुरक्षित- दो गिलास लीजिए, दोनों में आधा पानी और खाना पकाने के तेल की दो बूँदें।
- एक गिलास में थोड़ा साबुन का घोल डालिए, दूसरे में नहीं।
- दोनों को चम्मच से ज़ोर से हिलाइए, फिर दो मिनट रखिए।
दूसरा प्रयोग: अब यही साबुन दो तरह के पानी में डालिए — वर्षा का या उबालकर ठंडा किया पानी, और नलकूप या कुएँ का पानी। किसमें झाग जल्दी और ज़्यादा बना?
📖 समझिएसाबुन लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं। अणु के दो भाग: आयनिक सिरा — पानी में घुलता है (जलरागी); लंबी हाइड्रोकार्बन पूँछ — तेल में घुलती है (जलविरागी)।
साबुन के अणु मैल को घेर लेते हैं — पूँछें भीतर तेल में, सिरे बाहर पानी में। यह गुच्छा मिसेल है; खँगालते ही मैल समेत बह जाता है।
| साबुन | अपमार्जक (डिटर्जेंट) | |
|---|---|---|
| रासायनिक प्रकृति | लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के Na/K लवण | लंबी श्रृंखला वाले अम्लों के अमोनियम या सल्फ़ोनेट लवण |
| कठोर जल में | Ca2+, Mg2+ से अघुलनशील अपमल बनाता है, झाग कम | अपमल नहीं बनता — कठोर जल में भी काम करता है |
| उपयोग | नहाने का साबुन | कपड़े धोने का पाउडर, शैम्पू |
हुक का उत्तर: पानी तेल को पकड़ नहीं पाता। साबुन का अणु पुल है — पूँछ तेल को, सिरा पानी को पकड़ता है। कठोर जल वाले इलाक़ों में अपमार्जक इसीलिए प्रचलित हैं।
✅ जाँचिएस्तर 1 कठोर जल में साबुन से क्या बनता है?
स्तर 2 मिसेल बनने की प्रक्रिया चित्र सहित समझाइए। (3 अंक)
स्तर 3 किसी विलयन में साबुन डालने पर झाग बहुत कम बना। कौन-से दो कारण हो सकते हैं, और कैसे पहचानेंगे कि कौन-सा सही है?
आपकी सीढ़ी — स्वयं आँकिए
सातों "जाँचिए" में कितने सही रहे?
| स्तर | कुल प्रश्न | यदि इतने सही | तो आप |
|---|---|---|---|
| स्तर 1 | 7 | 6 या अधिक | परिचित — अध्याय की पहचान हो गई |
| स्तर 2 | 7 | 5 या अधिक | दक्ष — बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार |
| स्तर 3 | 7 | 4 या अधिक | निपुण — समझ गहरी है, दूसरों को पढ़ा सकते हैं |
भूल-सुधार तालिका
| आम भूल | सही बात |
|---|---|
| इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना में सब बिंदु एक जैसे | दो परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन अलग चिह्नों (• और ×) से दिखाइए। |
| "समजातीय श्रेणी में रासायनिक गुण बदलते हैं" | रासायनिक गुण समान, भौतिक गुण क्रमशः बदलते हैं। |
| propane + ol = "propaneol" | स्वर से शुरू होने वाले अनुलग्न से पहले "e" हटता है — propanol। |
| संकलन अभिक्रिया में उत्प्रेरक न लिखना | Ni या Pd अवश्य लिखिए — आधा अंक इसी का। |
| निर्जलीकरण में ताप छोड़ना | 443 K और गर्म सांद्र H2SO4 — दोनों शर्तें। |
| मिसेल में पूँछ बाहर दिखा देना | पूँछ भीतर तेल में, आयनिक सिरा बाहर पानी में। |
बोर्ड चित्र एवं अंक योजना
चित्र A — मेथेन की इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना (ऊपर चित्र 2)
चित्र B — मिसेल (ऊपर चित्र 6)
- बीच में एक गोला — नामांकन "तेल / मैल"।
- उसके चारों ओर 10–12 छोटी रेखाएँ, भीतर की ओर धँसी हुई — "जलविरागी पूँछ"।
- हर रेखा के बाहरी सिरे पर छोटा वृत्त — "जलरागी आयनिक सिरा"।
- पूरे चित्र के चारों ओर लिखिए "जल"। नामांकन के बिना आधे अंक ही मिलेंगे।
अंक योजना का उदाहरण (परीक्षकों की सामान्य पद्धति पर आधारित — बोर्ड की आधिकारिक योजना नहीं)
प्रश्न (3 अंक): साबुन की सफ़ाई क्रिया मिसेल के नामांकित चित्र सहित समझाइए।
नामांकित मिसेल चित्र — तेल, पूँछ, सिरा, जल। 1 अंक
साबुन अणु के दो भाग: जलरागी आयनिक सिरा और जलविरागी हाइड्रोकार्बन पूँछ। 1 अंक
पूँछें तेल में, सिरे पानी में — मिसेल बनता है; खँगालने पर मैल सहित बह जाता है। 1 अंक
अंतिम परीक्षण — मिश्रित, पिछले अध्यायों सहित
पिछले अध्याय भी मिलाए हैं। 8+ सही = अध्याय पक्का।
- कार्बन की संयोजकता कितनी है?
- एथाइन का सूत्र और उसमें बंध का प्रकार?
- C4H10 के कितने समावयवी हैं?
- CH3CHO का नाम?
- संकलन अभिक्रिया का औद्योगिक उपयोग?
- ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल को यह नाम क्यों मिला?
- एस्टर की पहचान किस गुण से होती है?
- अपमार्जक कठोर जल में क्यों काम करता है?
- (अध्याय 2) CO2 की पहचान कैसे करेंगे?
- (अध्याय 3) NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालन क्यों नहीं करता, जबकि मेथेन किसी भी अवस्था में नहीं करती?
शब्दावली
| हिंदी | English | हिंदी | English |
|---|---|---|---|
| सहसंयोजी बंध | Covalent bond | प्रकार्यात्मक समूह | Functional group |
| श्रृंखलन | Catenation | संकलन अभिक्रिया | Addition reaction |
| चतुःसंयोजकता | Tetravalency | प्रतिस्थापन अभिक्रिया | Substitution reaction |
| संतृप्त / असंतृप्त | Saturated / Unsaturated | एस्टरीकरण | Esterification |
| समावयवी | Isomers | साबुनीकरण | Saponification |
| समजातीय श्रेणी | Homologous series | अपमार्जक / अपमल | Detergent / Scum |
अभिभावक एवं शिक्षक के लिए
आगे की जिज्ञासा
पाठ NCERT कक्षा 10 की सीमा में है। कक्षा 11–12 का "कार्बनिक रसायन" आगे जानने को — केवल विश्वसनीय स्रोत:
- ncert.nic.in — NCERT, भारत सरकार: मूल पाठ्यपुस्तक
- ePathshala — शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- PhET — University of Colorado Boulder: अणु-निर्माण सिमुलेशन
- Chemistry LibreTexts — University of California, Davis
हमारा वचन: पाठ में इन स्रोतों से कुछ भी नहीं मिलाया गया है। ये केवल जिज्ञासा के लिए हैं, परीक्षा के लिए नहीं।

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