कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 कार्बन एवं उसके यौगिक | करके सीखिए, सचित्र नोट्स एवं प्रश्न

📅 Tuesday, 22 September 2026 📖 पढ़ रहे हैं...

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक

NCERT / RBSE पाठ्यक्रम 2026–27 · करके सीखिए, आसान से कठिन · सचित्र नोट्स, अभ्यास एवं स्व-मूल्यांकन

रोटी, कपड़ा, प्लास्टिक, दवा, रसोई गैस — और आपका शरीर भी। सबमें एक तत्व है: कार्बन

एक तत्व से लाखों पदार्थ कैसे? और तेल का दाग पानी से नहीं, साबुन से क्यों छूटता है? अंत तक आप दोनों का उत्तर स्वयं देंगे।
एक नज़र में  ·  अध्याय 4 — कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon and its Compounds)  ·  अंक भार 7 — रसायन का सबसे भारी अध्याय (अध्याय 2 के बराबर)  ·  विषय कोड 07  ·  पुस्तक: विज्ञान, एन.सी.ई.आर.टी.
⏱ केवल 5 मिनट हैं? यह पढ़ लीजिए
  1. कार्बन (2, 4) इलेक्ट्रॉन न ले सकता न दे सकता — साझा करता है = सहसंयोजी बंध
  2. सहसंयोजी यौगिक: निम्न गलनांक, विद्युत के कुचालक
  3. कार्बन की विशेषता: श्रृंखलन (कार्बन-कार्बन जुड़ना) + चतुःसंयोजकता (संयोजकता 4)
  4. संतृप्त = केवल एकल बंध (ऐल्केन) · असंतृप्त = द्वि/त्रि बंध (ऐल्कीन, ऐल्काइन)
  5. समजातीय श्रेणी: क्रमागत सदस्यों में –CH2– का अंतर, द्रव्यमान में 14 u
  6. नाम = कार्बन की संख्या (मेथ-1, एथ-2, प्रोप-3, ब्यूट-4) + अनुलग्न (-ऐन, -ईन, -आइन, -ऑल, -ऐल, -ओन, -ऑइक अम्ल)
  7. अभिक्रियाएँ: दहन, ऑक्सीकरण, संकलन (Ni उत्प्रेरक), प्रतिस्थापन (धूप में क्लोरीन)
  8. एस्टरीकरण: अम्ल + ऐल्कोहॉल → मीठी गंध वाला एस्टर · साबुनीकरण: एस्टर + NaOH → साबुन
  9. मिसेल: पूँछ तेल में, सिरा पानी में · कठोर जल में साबुन से अपमल, अपमार्जक से नहीं
कैसे पढ़ें — हर अवधारणा में पहले आप सोचेंगे, फिर व्याख्या:
🔍 जिज्ञासा 🧪 करके देखिए 📖 समझिए 🔗 लागू कीजिए ✅ जाँचिए
"जाँचिए" में तीन स्तर — 1 2 3 — अंत में अपनी सीढ़ी गिनिए।

पहले यह जाँचिए

  1. कार्बन (परमाणु क्रमांक 6) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास?
  2. NaCl में बंध कैसे बनता है? (अध्याय 3)
  3. उपचयन का अर्थ? (अध्याय 1)
उत्तर देखें

1. 2, 4 — बाहरी कोश में चार इलेक्ट्रॉन।   2. सोडियम एक इलेक्ट्रॉन क्लोरीन को देता है — आयनिक बंध।   3. ऑक्सीजन का योग अथवा हाइड्रोजन का निष्कासन।

1. सहसंयोजी बंध

🔍 जिज्ञासा

नमक का घोल बिजली चलाता है (अध्याय 3)। चीनी का घोल क्यों नहीं?

🧪 करके देखिए — पहले अनुमान

कार्बन के बाहरी कोश में 4 इलेक्ट्रॉन हैं। पूरा होने (8) के लिए उसके पास दो रास्ते हैं — 4 ले ले, या 4 दे दे। कौन-सा आसान होगा? कागज़ पर लिखिए, फिर खोलिए।

क्या हुआ?

दोनों लगभग असंभव। C4−: 6 प्रोटॉन 10 इलेक्ट्रॉन नहीं थाम सकते। C4+: बहुत अधिक ऊर्जा चाहिए। तो तीसरा रास्ता।

📖 समझिए

कार्बन इलेक्ट्रॉन साझा करता है — साझा युग्म दोनों परमाणुओं का माना जाता है, दोनों के कोश पूरे। यह सहसंयोजी बंध है।

आयनिक बंध और सहसंयोजी बंध में अंतर — सोडियम क्लोराइड में इलेक्ट्रॉन का लेन-देन, हाइड्रोजन अणु में इलेक्ट्रॉन की साझेदारी, कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 4 कार्बन एवं उसके यौगिक
चित्र 1 — बाएँ: धातु-अधातु में इलेक्ट्रॉन का लेन-देन (अध्याय 3)। दाएँ: दो अधातु परमाणु इलेक्ट्रॉन साझा करते हैं (इस अध्याय का विषय)।
मेथेन CH4 की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना और संरचना सूत्र — कार्बन के चार इलेक्ट्रॉन चार हाइड्रोजन से साझा, चार एकल सहसंयोजी बंध, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 2 — मेथेन: कार्बन अपने चारों बाहरी इलेक्ट्रॉन चार हाइड्रोजन से साझा करता है। बाएँ इलेक्ट्रॉन-बिंदु, दाएँ संरचना सूत्र।
एकल, द्वि और त्रि सहसंयोजी बंध — हाइड्रोजन H2 में एकल बंध, ऑक्सीजन O2 में द्वि-बंध, नाइट्रोजन N2 में त्रि-बंध, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 3 — जितने इलेक्ट्रॉन-युग्म साझा, उतनी रेखाएँ।

इनमें आयन नहीं बनते और अणुओं के बीच आकर्षण दुर्बल होता है, इसलिए:

  • गलनांक और क्वथनांक निम्न होते हैं
  • प्रायः विद्युत के कुचालक होते हैं
🔗 लागू कीजिए

उत्तर: चीनी सहसंयोजी है — घुलकर भी आयन नहीं बनते, इसलिए धारा नहीं।

✅ जाँचिए

स्तर 1 H2, O2, N2 में क्रमशः कौन-से बंध हैं?

उत्तर

एकल, द्वि, त्रि।

स्तर 2 कार्बन आयनिक बंध क्यों नहीं बनाता?

उत्तर

C4− में 6 प्रोटॉन 10 इलेक्ट्रॉनों को नहीं थाम सकते; C4+ बनाने में अत्यधिक ऊर्जा लगती है। इसलिए कार्बन इलेक्ट्रॉन साझा करता है।

स्तर 3 अमोनिया (NH3) की इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना बनाइए। नाइट्रोजन के कितने इलेक्ट्रॉन साझा नहीं होते?

उत्तर

N (2, 5) के तीन इलेक्ट्रॉन तीन H से युग्म बनाते हैं; दो इलेक्ट्रॉन साझा नहीं होते — इन्हें N के ऊपर अलग दिखाइए।

2. कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति

🔍 जिज्ञासा

कार्बन के ज्ञात यौगिक लाखों में हैं। अकेला एक तत्व इतना "सर्वतोमुखी" क्यों?

🧪 करके देखिए

नीचे के अभ्यास में "Make Molecules" चुनिए। कार्बन और हाइड्रोजन के परमाणु खींचकर जोड़िए। कितने हाइड्रोजन तक एक कार्बन से जुड़ पाते हैं? फिर दो कार्बन आपस में जोड़कर देखिए।

अभ्यास: PhET Interactive Simulations, University of Colorado Boulder — CC-BY 4.0।

📖 समझिए

एक कार्बन से चार हाइड्रोजन जुड़े, और कार्बन दूसरे कार्बन से भी। यही दो गुण:

गुणअर्थ
श्रृंखलनकार्बन का कार्बन से जुड़कर लंबी, स्थायी श्रृंखला बनाना। सिलिकॉन केवल 7–8 परमाणु तक, वह भी अस्थायी।
चतुःसंयोजकतासंयोजकता 4 — चार भिन्न परमाणुओं (H, O, N, Cl, S…) से जुड़ना; छोटे आकार से बंध प्रबल।
कार्बन की सीधी श्रृंखला, शाखित श्रृंखला और वलय — ब्यूटेन, आइसोब्यूटेन समावयव और साइक्लोहेक्सेन, कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 4 — कार्बन परमाणु तीन तरह से जुड़ते हैं। हाइड्रोजन यहाँ सरलता के लिए नहीं दिखाए।
प्रकारबंधउदाहरण
संतृप्त (ऐल्केन)केवल एकल बंधएथेन C2H6: CH3–CH3
असंतृप्त (ऐल्कीन)एक द्वि-बंधएथीन C2H4: CH2=CH2
असंतृप्त (ऐल्काइन)एक त्रि-बंधएथाइन C2H2: CH≡CH

सूत्र एक, संरचना भिन्न = संरचनात्मक समावयवी (चित्र 4)। वलय: साइक्लोहेक्सेन C6H12, बेंज़ीन C6H6

🔗 लागू कीजिए

उत्तर: श्रृंखलन से अनगिनत श्रृंखलाएँ-शाखाएँ-वलय, चतुःसंयोजकता से हर कार्बन पर चार भिन्न परमाणु — दोनों मिलकर लाखों यौगिक।

✅ जाँचिए

स्तर 1 संतृप्त और असंतृप्त में एक अंतर लिखिए।

उत्तर

संतृप्त में केवल एकल बंध; असंतृप्त में कम से कम एक द्वि या त्रि-बंध।

स्तर 2 प्रोपेन (C3H8) का संरचना सूत्र बनाइए। इसमें कितने सहसंयोजी बंध हैं?

उत्तर

CH3–CH2–CH3। C–C बंध 2 + C–H बंध 8 = 10

स्तर 3 क्या पेंटेन (C5H12) के समावयवी संभव हैं? कितने बना सकते हैं?

उत्तर

हाँ, तीन — (i) पाँचों कार्बन सीधी श्रृंखला में, (ii) चार की श्रृंखला पर एक शाखा, (iii) बीच के कार्बन पर दो शाखाएँ। सूत्र तीनों का C5H12

3. समजातीय श्रेणी एवं नामपद्धति

🔍 जिज्ञासा

मेथेन, एथेन, प्रोपेन… नामों और सूत्रों में कोई पैटर्न?

🧪 करके देखिए — पैटर्न पहचानिए
नामसूत्रपिछले से अंतर
मेथेनCH4
एथेनC2H6?
प्रोपेनC3H8?
ब्यूटेन??

खाली जगहें भरिए, फिर खोलिए।

उत्तर

हर बार एक C और दो H बढ़ते हैं — यानी –CH2। ब्यूटेन = C4H10। सामान्य सूत्र: CnH2n+2

📖 समझिए

जिन यौगिकों में एक ही प्रकार्यात्मक समूह हो और क्रमागत सदस्यों में –CH2 (द्रव्यमान में 14 u) का अंतर हो, वे समजातीय श्रेणी बनाते हैं। श्रेणी में आगे बढ़ने पर भौतिक गुण (गलनांक, क्वथनांक) क्रमशः बदलते हैं, पर रासायनिक गुण समान रहते हैं।

श्रेणीसामान्य सूत्रपहला सदस्य
ऐल्केनCnH2n+2मेथेन CH4
ऐल्कीनCnH2nएथीन C2H4
ऐल्काइनCnH2n−2एथाइन C2H2

प्रकार्यात्मक समूह — यौगिक के गुण तय करने वाला परमाणु-समूह:

समूहसूत्रनाम मेंउदाहरण (3 कार्बन)
हैलो–Cl, –Brपूर्वलग्न क्लोरो-, ब्रोमो-क्लोरोप्रोपेन
ऐल्कोहॉल–OHअनुलग्न -ऑलप्रोपेनॉल
ऐल्डिहाइड–CHOअनुलग्न -ऐलप्रोपेनैल
कीटोन>C=Oअनुलग्न -ओनप्रोपेनोन
कार्बोक्सिलिक अम्ल–COOHअनुलग्न -ऑइक अम्लप्रोपेनॉइक अम्ल
नाम रखने के तीन चरण: (1) कार्बन गिनिए — मेथ 1, एथ 2, प्रोप 3, ब्यूट 4, पेंट 5, हेक्स 6। (2) प्रकार्यात्मक समूह पहचानिए। (3) अनुलग्न स्वर से शुरू हो तो ऐल्केन के अंत का "e" हटा दीजिए — propane → propanol। द्वि-बंध हो तो -ईन, त्रि-बंध हो तो -आइन।
🔗 लागू कीजिए

CH3CH2Br, HCHO और CH3COCH3 के नाम बताइए।

उत्तर

ब्रोमोएथेन (2 कार्बन, हैलो) · मेथेनैल (1 कार्बन, ऐल्डिहाइड) · प्रोपेनोन (3 कार्बन, कीटोन)।

✅ जाँचिए

स्तर 1 समजातीय श्रेणी के दो क्रमागत सदस्यों के द्रव्यमान में कितना अंतर होता है?

उत्तर

14 u (एक CH2 = 12 + 2)।

स्तर 2 ऐल्कीन श्रेणी का तीसरा सदस्य और उसका सूत्र?

उत्तर

ब्यूटीन, C4H8 (n = 4, CnH2n)।

स्तर 3 CH3OH, C2H5OH, C3H7OH — इनमें किसका क्वथनांक सबसे अधिक होगा और क्यों? रासायनिक गुणों में क्या होगा?

उत्तर

C3H7OH — द्रव्यमान बढ़ने से भौतिक गुण क्रमशः बढ़ते हैं। रासायनिक गुण समान, क्योंकि समूह (–OH) एक ही।

4. रासायनिक गुणधर्म

🔍 जिज्ञासा

चूल्हे के छिद्र बंद हो जाएँ तो बर्तन की तली काली क्यों हो जाती है?

🧪 करके देखिए — NCERT क्रियाकलाप

बड़ों की उपस्थिति में, चिमटे से पकड़कर तीन चीज़ें अलग-अलग जलाइए — कपूर, स्पिरिट (ऐल्कोहॉल) और नेफ़्थलीन की गोली। पहले अनुमान लगाइए — किसकी लौ धुएँदार होगी?

क्या होता है?

कपूर और नेफ़्थलीन पीली लौ के साथ काला धुआँ देते हैं; ऐल्कोहॉल की लौ लगभग स्वच्छ और नीली होती है। कारण नीचे समझिए।

सावधानी: यह प्रयोग केवल बड़ों की देखरेख में, खुली जगह में, पानी पास रखकर करें। धुआँ सूँघें नहीं।
📖 समझिए

(क) दहन

C + O2 → CO2 + ऊष्मा और प्रकाश
CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा और प्रकाश
CH3CH2OH + 3O2 → 2CO2 + 3H2O + ऊष्मा और प्रकाश
संतृप्त हाइड्रोकार्बन की नीली स्वच्छ लौ और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन की पीली धुएँदार कालिख वाली लौ — दहन, कक्षा 10 विज्ञान कार्बन एवं उसके यौगिक
चित्र 5 — गैस चूल्हे की नीली लौ और दीये की पीली लौ का अंतर। पीली लौ से कालिख (अधजला कार्बन) उठती है।

संतृप्त हाइड्रोकार्बन प्रायः नीली, स्वच्छ लौ देते हैं; असंतृप्त — या कम वायु में कोई भी ईंधन — पीली, धुएँदार, क्योंकि कार्बन पूरा नहीं जलता। कोयले-पेट्रोलियम के सल्फ़र व नाइट्रोजन ऑक्साइड प्रदूषण बढ़ाते हैं।

(ख) ऑक्सीकरण

CH3CH2OH  क्षारीय KMnO4 + ऊष्मा  अथवा  अम्लीकृत K2Cr2O7→  CH3COOH

दूसरों को ऑक्सीजन देने वाले पदार्थ ऑक्सीकारक हैं।

(ग) संकलन अभिक्रिया

R2C=CR2 + H2  निकैल / पैलेडियम उत्प्रेरक→  R2CH–CHR2

असंतृप्त यौगिक हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त बनते हैं — वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरणउत्प्रेरक स्वयं बदले बिना अभिक्रिया की दर बदलता है।

स्वास्थ्य से जुड़ी बात (NCERT): वनस्पति तेलों में प्रायः असंतृप्त वसा अम्ल होते हैं; पशु वसा में संतृप्त। संतृप्त वसा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है, इसलिए खाना पकाने में असंतृप्त वसा वाले तेल बेहतर हैं।

(घ) प्रतिस्थापन अभिक्रिया

CH4 + Cl2  सूर्य का प्रकाश→  CH3Cl + HCl

सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन एक-एक करके हाइड्रोजन की जगह लेती है।

🔗 लागू कीजिए

उत्तर: छिद्र बंद = वायु कम = अधूरा दहन = कालिख बर्तन पर। छिद्र खोलते ही लौ फिर नीली।

✅ जाँचिए

स्तर 1 वनस्पति तेल के हाइड्रोजनीकरण में कौन-सा उत्प्रेरक प्रयुक्त होता है?

उत्तर

निकैल (अथवा पैलेडियम)।

स्तर 2 संकलन और प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अंतर उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर

संकलन — असंतृप्त यौगिक में परमाणु जुड़ते हैं, द्वि-बंध टूटता है: एथीन + H2 → एथेन। प्रतिस्थापन — संतृप्त यौगिक में एक परमाणु दूसरे की जगह लेता है: CH4 + Cl2 → CH3Cl + HCl।

स्तर 3 एक विद्यार्थी कहता है — "एथेनॉल का दहन भी ऑक्सीकरण है और KMnO4 वाली अभिक्रिया भी। फिर दोनों को अलग क्यों पढ़ते हैं?" आप क्या उत्तर देंगे?

उत्तर

विद्यार्थी सही है — दोनों ऑक्सीकरण हैं। अंतर परिणाम का: दहन में एथेनॉल पूरा टूटकर CO2 व जल; नियंत्रित ऑक्सीकरण में श्रृंखला बची रहती है और नया यौगिक, एथेनॉइक अम्ल, बनता है।

5. एथेनॉल (C2H5OH)

🔍 जिज्ञासा

खाँसी की दवा की शीशी पर "ऐल्कोहॉल" क्यों लिखा होता है?

🧪 करके देखिए — शिक्षक का प्रदर्शन

शिक्षक सोडियम का एक छोटा टुकड़ा एथेनॉल में डालते हैं। अनुमान लगाइए — अध्याय 3 में सोडियम ने जल के साथ क्या किया था? यहाँ क्या होगा?

क्या होता है?

बुलबुले उठते हैं — हाइड्रोजन। जलती तीली पास लाने पर "पॉप" की ध्वनि। जल की तरह एथेनॉल में भी –OH है, इसलिए सोडियम मिलती-जुलती क्रिया करता है।

सावधानी: सोडियम से यह प्रयोग केवल शिक्षक प्रयोगशाला में करें — घर पर कदापि नहीं।
📖 समझिए

एथेनॉल कमरे के ताप पर द्रव है और अच्छा विलायक है — इसीलिए टिंचर आयोडीन, खाँसी की दवा और टॉनिक में प्रयुक्त होता है।

2Na + 2CH3CH2OH → 2CH3CH2ONa+ + H2  (सोडियम एथॉक्साइड)
CH3CH2OH  गर्म सांद्र H2SO4, 443 K→  CH2=CH2 + H2O  (निर्जलीकरण)

दूसरी अभिक्रिया में सांद्र H2SO4 निर्जलीकारक है — यह एथेनॉल से जल हटा देता है।

स्वास्थ्य संबंधी तथ्य (NCERT): ऐल्कोहॉल का सेवन — थोड़ी मात्रा में भी — शरीर की क्रियाओं को धीमा करता है, निर्णय-क्षमता बिगाड़ता है और लंबे समय में गंभीर हानि करता है। मेथेनॉल तो अल्प मात्रा में भी प्राणघातक है — यकृत में यह मेथेनैल बनाता है, जिससे अंधापन और मृत्यु तक हो सकती है। इसलिए औद्योगिक एथेनॉल में मेथेनॉल और नीला रंग मिलाकर उसे पीने के अयोग्य बनाया जाता है — इसे विकृत ऐल्कोहॉल कहते हैं।
🔗 लागू कीजिए

ईंधन के रूप में: गन्ने के शीरे के किण्वन से एथेनॉल बनता है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है — यह जलकर केवल CO2 और जल देता है। और दवा में इसका उपयोग विलायक के रूप में है।

✅ जाँचिए

स्तर 1 विकृत ऐल्कोहॉल में नीला रंग क्यों मिलाया जाता है?

उत्तर

ताकि वह पहचाना जा सके और कोई उसे पीने योग्य न समझे।

स्तर 2 एथेनॉल से एथीन कैसे बनाएँगे? समीकरण और शर्त लिखिए।

उत्तर

गर्म सांद्र H2SO4 के साथ 443 K पर गरम करके: CH3CH2OH → CH2=CH2 + H2O।

स्तर 3 एथेनॉल और जल दोनों सोडियम से H2 देते हैं। तो क्या एथेनॉल अम्ल है? लिटमस से कैसे जाँचेंगे?

उत्तर

नहीं। H2 –OH से आती है, जो जल में भी है — और जल अम्ल नहीं। एथेनॉल नीले लिटमस को लाल नहीं करता; अम्ल की पहचान H+ देना है (अध्याय 2)।

6. एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH)

🔍 जिज्ञासा

शुद्ध एथेनॉइक अम्ल ठंडे देशों में सर्दियों में पानी से पहले क्यों जम जाता है?

🧪 करके देखिए — NCERT क्रियाकलाप

तनु एथेनॉइक अम्ल और तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल — दोनों का pH सार्वत्रिक सूचक से नापिए। अनुमान: किसका pH कम होगा?

क्या होता है?

HCl का pH काफ़ी कम आता है। कारण: HCl प्रबल अम्ल है (पूरा आयनित), एथेनॉइक अम्ल दुर्बल (आंशिक आयनित) — अध्याय 2 में पढ़ा भेद यहाँ प्रत्यक्ष दिख गया।

📖 समझिए

एथेनॉइक अम्ल (ऐसीटिक अम्ल) का जल में 5–8% विलयन सिरका है — अचार का परिरक्षक। शुद्ध अम्ल का गलनांक 290 K है; ठंड में यह जमकर बर्फ़ जैसा दिखता है, इसलिए इसे ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल कहते हैं।

एस्टरीकरण: CH3COOH + CH3CH2OH  अम्ल→  CH3COOCH2CH3 + H2O  (एस्टर)
साबुनीकरण: CH3COOC2H5 + NaOH → C2H5OH + CH3COONa
क्षारक से: NaOH + CH3COOH → CH3COONa + H2O
कार्बोनेट से: 2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2
हाइड्रोजनकार्बोनेट से: CH3COOH + NaHCO3 → CH3COONa + H2O + CO2

एस्टर मधुर गंध वाले पदार्थ हैं — इत्र और स्वाद-वर्धक (फ़्लेवर) इन्हीं से बनते हैं। अंतिम दो अभिक्रियाओं की CO2 चूने के पानी को दूधिया करती है — अध्याय 2 से जुड़ाव।

🔗 लागू कीजिए

उत्तर: 290 K ≈ 17°C, जबकि पानी 273 K (0°C) पर जमता है — ठंड में अम्ल पहले जमता है।

✅ जाँचिए

स्तर 1 सिरका किसका विलयन है और कितने प्रतिशत?

उत्तर

एथेनॉइक अम्ल का, जल में 5–8%।

स्तर 2 एस्टरीकरण और साबुनीकरण में संबंध लिखिए।

उत्तर

एक-दूसरे के लगभग उलटे हैं। एस्टरीकरण में अम्ल + ऐल्कोहॉल से एस्टर बनता है; साबुनीकरण में एस्टर क्षारक से क्रिया कर टूटता है और ऐल्कोहॉल व अम्ल का सोडियम लवण देता है।

स्तर 3 दो बोतलों में बिना लेबल एथेनॉल और एथेनॉइक अम्ल हैं। केवल खाने का सोडा देकर पहचानिए — कैसे?

उत्तर

दोनों में NaHCO3 डालिए — जिसमें बुलबुले (CO2) उठें, वह एथेनॉइक अम्ल; एथेनॉल में कोई क्रिया नहीं।

7. साबुन एवं अपमार्जक

🔍 जिज्ञासा

शुरुआत वाला प्रश्न — तेल का दाग पानी से नहीं, साबुन से क्यों छूटता है?

🧪 करके देखिए — घर पर, पूरी तरह सुरक्षित
  1. दो गिलास लीजिए, दोनों में आधा पानी और खाना पकाने के तेल की दो बूँदें।
  2. एक गिलास में थोड़ा साबुन का घोल डालिए, दूसरे में नहीं।
  3. दोनों को चम्मच से ज़ोर से हिलाइए, फिर दो मिनट रखिए।
क्या दिखा?

बिना साबुन वाले गिलास में तेल फिर ऊपर परत बनाकर अलग हो गया। साबुन वाले गिलास में तेल छोटी-छोटी बूँदों में पानी में फैला रहा, अलग नहीं हुआ। इसे पायस (इमल्शन) कहते हैं।

दूसरा प्रयोग: अब यही साबुन दो तरह के पानी में डालिए — वर्षा का या उबालकर ठंडा किया पानी, और नलकूप या कुएँ का पानी। किसमें झाग जल्दी और ज़्यादा बना?

क्या दिखा?

प्रायः नलकूप-कुएँ के पानी में झाग कम और सफ़ेद चिपचिपा पदार्थ — यह कठोर जल है।

📖 समझिए

साबुन लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण हैं। अणु के दो भाग: आयनिक सिरा — पानी में घुलता है (जलरागी); लंबी हाइड्रोकार्बन पूँछ — तेल में घुलती है (जलविरागी)।

साबुन की मिसेल संरचना — जलरागी आयनिक सिरा पानी की ओर, जलविरागी हाइड्रोकार्बन पूँछ तेल के मैल में, साबुन की सफाई क्रिया, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 6 — मिसेल: साबुन की पूँछें तेल में धँस जाती हैं, सिरे पानी की ओर। पानी बहते ही मैल साथ बह जाता है।

साबुन के अणु मैल को घेर लेते हैं — पूँछें भीतर तेल में, सिरे बाहर पानी में। यह गुच्छा मिसेल है; खँगालते ही मैल समेत बह जाता है।

साबुनअपमार्जक (डिटर्जेंट)
रासायनिक प्रकृतिलंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के Na/K लवणलंबी श्रृंखला वाले अम्लों के अमोनियम या सल्फ़ोनेट लवण
कठोर जल मेंCa2+, Mg2+ से अघुलनशील अपमल बनाता है, झाग कमअपमल नहीं बनता — कठोर जल में भी काम करता है
उपयोगनहाने का साबुनकपड़े धोने का पाउडर, शैम्पू
🔗 लागू कीजिए

हुक का उत्तर: पानी तेल को पकड़ नहीं पाता। साबुन का अणु पुल है — पूँछ तेल को, सिरा पानी को पकड़ता है। कठोर जल वाले इलाक़ों में अपमार्जक इसीलिए प्रचलित हैं।

✅ जाँचिए

स्तर 1 कठोर जल में साबुन से क्या बनता है?

उत्तर

अघुलनशील अपमल (स्कम)।

स्तर 2 मिसेल बनने की प्रक्रिया चित्र सहित समझाइए। (3 अंक)

उत्तर

इसका आदर्श उत्तर अंक-विभाजन सहित नीचे "बोर्ड चित्र एवं अंक योजना" में है।

स्तर 3 किसी विलयन में साबुन डालने पर झाग बहुत कम बना। कौन-से दो कारण हो सकते हैं, और कैसे पहचानेंगे कि कौन-सा सही है?

उत्तर

(1) पानी कठोर, या (2) साबुन बहुत कम। पहचान: उसी पानी में अपमार्जक डालिए — अच्छा झाग बने तो पानी कठोर था, क्योंकि अपमार्जक पर Ca/Mg का असर नहीं।

आपकी सीढ़ी — स्वयं आँकिए

सातों "जाँचिए" में कितने सही रहे?

स्तरकुल प्रश्नयदि इतने सहीतो आप
स्तर 176 या अधिकपरिचित — अध्याय की पहचान हो गई
स्तर 275 या अधिकदक्ष — बोर्ड परीक्षा के लिए तैयार
स्तर 374 या अधिकनिपुण — समझ गहरी है, दूसरों को पढ़ा सकते हैं
जहाँ अटके, वहीं लौटिए — और दो-तीन दिन बाद वही प्रश्न फिर कीजिए। दोबारा याद करना ही स्मृति पक्की करता है।

भूल-सुधार तालिका

आम भूलसही बात
इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना में सब बिंदु एक जैसेदो परमाणुओं के इलेक्ट्रॉन अलग चिह्नों (• और ×) से दिखाइए।
"समजातीय श्रेणी में रासायनिक गुण बदलते हैं"रासायनिक गुण समान, भौतिक गुण क्रमशः बदलते हैं।
propane + ol = "propaneol"स्वर से शुरू होने वाले अनुलग्न से पहले "e" हटता है — propanol
संकलन अभिक्रिया में उत्प्रेरक न लिखनाNi या Pd अवश्य लिखिए — आधा अंक इसी का।
निर्जलीकरण में ताप छोड़ना443 K और गर्म सांद्र H2SO4 — दोनों शर्तें।
मिसेल में पूँछ बाहर दिखा देनापूँछ भीतर तेल में, आयनिक सिरा बाहर पानी में।

बोर्ड चित्र एवं अंक योजना

चित्र A — मेथेन की इलेक्ट्रॉन-बिंदु संरचना (ऊपर चित्र 2)

ऐसे बनाइए: बीच में C, चारों ओर H; हर C–H के बीच एक • (कार्बन) और एक × (हाइड्रोजन)। जाँच: C के चारों ओर 8 चिह्न, हर H के पास 2। बगल में संरचना सूत्र — हर युग्म एक रेखा।

चित्र B — मिसेल (ऊपर चित्र 6)

ऐसे बनाइए:
  1. बीच में एक गोला — नामांकन "तेल / मैल"
  2. उसके चारों ओर 10–12 छोटी रेखाएँ, भीतर की ओर धँसी हुई — "जलविरागी पूँछ"
  3. हर रेखा के बाहरी सिरे पर छोटा वृत्त"जलरागी आयनिक सिरा"
  4. पूरे चित्र के चारों ओर लिखिए "जल"। नामांकन के बिना आधे अंक ही मिलेंगे।

अंक योजना का उदाहरण (परीक्षकों की सामान्य पद्धति पर आधारित — बोर्ड की आधिकारिक योजना नहीं)

प्रश्न (3 अंक): साबुन की सफ़ाई क्रिया मिसेल के नामांकित चित्र सहित समझाइए।

नामांकित मिसेल चित्र — तेल, पूँछ, सिरा, जल। 1 अंक

साबुन अणु के दो भाग: जलरागी आयनिक सिरा और जलविरागी हाइड्रोकार्बन पूँछ। 1 अंक

पूँछें तेल में, सिरे पानी में — मिसेल बनता है; खँगालने पर मैल सहित बह जाता है। 1 अंक

अंतिम परीक्षण — मिश्रित, पिछले अध्यायों सहित

पिछले अध्याय भी मिलाए हैं। 8+ सही = अध्याय पक्का।

  1. कार्बन की संयोजकता कितनी है?
  2. एथाइन का सूत्र और उसमें बंध का प्रकार?
  3. C4H10 के कितने समावयवी हैं?
  4. CH3CHO का नाम?
  5. संकलन अभिक्रिया का औद्योगिक उपयोग?
  6. ग्लेशियल ऐसीटिक अम्ल को यह नाम क्यों मिला?
  7. एस्टर की पहचान किस गुण से होती है?
  8. अपमार्जक कठोर जल में क्यों काम करता है?
  9. (अध्याय 2) CO2 की पहचान कैसे करेंगे?
  10. (अध्याय 3) NaCl ठोस अवस्था में विद्युत का चालन क्यों नहीं करता, जबकि मेथेन किसी भी अवस्था में नहीं करती?
उत्तर देखें

1. 4  |  2. C2H2, त्रि-बंध  |  3. दो — ब्यूटेन, आइसोब्यूटेन  |  4. एथेनैल  |  5. वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरण  |  6. 290 K पर जमकर बर्फ़ जैसा दिखता है  |  7. मधुर गंध  |  8. उसके आवेशित सिरे Ca/Mg के साथ अघुलनशील अवक्षेप नहीं बनाते  |  9. चूने का पानी दूधिया होता है  |  10. NaCl में आयन हैं पर ठोस में बँधे हैं (गलाने पर चालन करेगा); मेथेन सहसंयोजी है — उसमें आयन होते ही नहीं।

शब्दावली

हिंदीEnglishहिंदीEnglish
सहसंयोजी बंधCovalent bondप्रकार्यात्मक समूहFunctional group
श्रृंखलनCatenationसंकलन अभिक्रियाAddition reaction
चतुःसंयोजकताTetravalencyप्रतिस्थापन अभिक्रियाSubstitution reaction
संतृप्त / असंतृप्तSaturated / Unsaturatedएस्टरीकरणEsterification
समावयवीIsomersसाबुनीकरणSaponification
समजातीय श्रेणीHomologous seriesअपमार्जक / अपमलDetergent / Scum

अभिभावक एवं शिक्षक के लिए

पाँच मिनट की जाँच: कार्बन साझा क्यों करता है? मेथेन में कितने बंध? लौ पीली क्यों? सिरका क्या है? साबुन तेल कैसे हटाता है? घर पर: अवधारणा 7 का तेल-पानी-साबुन प्रयोग — सुरक्षित, और मिसेल सदा के लिए याद।

आगे की जिज्ञासा

पाठ NCERT कक्षा 10 की सीमा में है। कक्षा 11–12 का "कार्बनिक रसायन" आगे जानने को — केवल विश्वसनीय स्रोत:

  • ncert.nic.in — NCERT, भारत सरकार: मूल पाठ्यपुस्तक
  • ePathshala — शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
  • PhET — University of Colorado Boulder: अणु-निर्माण सिमुलेशन
  • Chemistry LibreTexts — University of California, Davis

हमारा वचन: पाठ में इन स्रोतों से कुछ भी नहीं मिलाया गया है। ये केवल जिज्ञासा के लिए हैं, परीक्षा के लिए नहीं।

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→ अगला: अध्याय 5 — जैव प्रक्रम
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यह पाठ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर के कक्षा 10 विज्ञान (कोड 07) पाठ्यक्रम सत्र 2026–2027 के अनुसार है। निर्धारित पुस्तक — विज्ञान, एन.सी.ई.आर.टी.। सभी आरेख मौलिक। संरचना शोध-आधारित 5E शिक्षण मॉडल पर। परीक्षा से पूर्व आधिकारिक वेबसाइट से मिलान करें।
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