यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय
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अध्याय का केंद्रीय विचार
उन्नीसवीं शताब्दी के यूरोप में राष्ट्रवाद ने बहु-राष्ट्रीय राजवंशीय साम्राज्यों को चुनौती दी और आधुनिक राष्ट्र-राज्यों के निर्माण का मार्ग खोला। यह परिवर्तन केवल युद्धों से नहीं हुआ; नागरिकता, संविधान, आर्थिक एकता, भाषा, लोक-संस्कृति, क्रांतियों और जन-संघर्षों ने मिलकर साझा राष्ट्रीय पहचान बनाई। आगे चलकर जब राष्ट्रवाद साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा से जुड़ा, तो वही शक्ति बाल्कन में तनाव और प्रथम विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि का भाग बनी।
1. फ्रांसीसी क्रांति और राष्ट्र का विचार
1789 की फ्रांसीसी क्रांति को आधुनिक राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति माना जाता है। सत्ता का केंद्र राजा से हटकर नागरिकों की सामूहिक संस्था की ओर गया। क्रांतिकारियों ने ला पत्री अर्थात पितृभूमि और ले सिटोयेन अर्थात नागरिक की अवधारणा दी। शाही ध्वज के स्थान पर तिरंगा अपनाया गया, समान कानून और समान माप-तौल लागू किए गए तथा फ्रांसीसी भाषा को साझा राष्ट्रीय भाषा के रूप में बढ़ावा मिला।
नेपोलियन संहिता, 1804
नेपोलियन की नागरिक संहिता ने जन्म-आधारित विशेषाधिकार समाप्त किए, कानून के समक्ष समानता स्थापित की और संपत्ति के अधिकार की रक्षा की। दूसरी ओर कर-वृद्धि, सेंसरशिप और सेना में अनिवार्य भर्ती के कारण जीते गए क्षेत्रों में विरोध भी बढ़ा। इसलिए नेपोलियन का प्रभाव सुधार और नियंत्रण—दोनों रूपों में दिखाई देता है।
2. उदारवाद, आर्थिक राष्ट्रवाद और वियना कांग्रेस
उदारवादी राष्ट्रवाद व्यक्ति की स्वतंत्रता, कानून के समक्ष समानता, संविधान, प्रतिनिधि शासन और निजी संपत्ति के अधिकार से जुड़ा था। फिर भी मताधिकार प्रायः संपत्ति रखने वाले पुरुषों तक सीमित था। जर्मन क्षेत्रों में 1834 में प्रशा की पहल पर बने जॉलवेराइन ने आंतरिक शुल्क बाधाएँ घटाकर आर्थिक एकता को बल दिया।
नेपोलियन की पराजय के बाद 1815 की वियना कांग्रेस ने पुरानी राजशाहियाँ पुनः स्थापित करने और यूरोप में शक्ति-संतुलन कायम रखने का प्रयास किया। मेटरनिख की रूढ़िवादी व्यवस्था क्रांतिकारी विचारों को पूरी तरह रोक नहीं सकी।
3. क्रांतियाँ, मेत्सिनी और फ्रैंकफर्ट संसद
जूसेपे मेत्सिनी ने यंग इटली और यंग यूरोप जैसे संगठनों के माध्यम से स्वतंत्र और एकीकृत गणराज्यों का विचार फैलाया। 1830 के बाद फ्रांस, बेल्जियम और यूनान सहित यूरोप के अनेक क्षेत्रों में राष्ट्रवादी चेतना बढ़ी। 1848 में जर्मन क्षेत्रों के प्रतिनिधि फ्रैंकफर्ट के सेंट पॉल चर्च में एक संविधान और राष्ट्र-राज्य बनाने के लिए एकत्र हुए। प्रशा के राजा फ्रेडरिक विलियम चतुर्थ द्वारा मुकुट अस्वीकार करने और राजशाही-सैन्य विरोध के कारण यह प्रयास विफल रहा।
4. जर्मनी का एकीकरण
फ्रैंकफर्ट संसद की असफलता के बाद जर्मनी का एकीकरण प्रशा के नेतृत्व में हुआ। प्रधानमंत्री ऑटो वॉन बिस्मार्क ने सेना और कूटनीति के सहारे डेनमार्क, ऑस्ट्रिया और फ्रांस के विरुद्ध तीन युद्धों में सफलता प्राप्त की। 18 जनवरी 1871 को वर्साय के शीश महल में प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया गया।
5. इटली का एकीकरण
इटली के एकीकरण में मेत्सिनी ने वैचारिक प्रेरणा दी, काउंट कावूर ने कूटनीतिक नेतृत्व किया और गैरीबाल्डी के लाल कुर्ती दल ने दक्षिणी इटली में निर्णायक अभियान चलाया। 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय एकीकृत इटली के राजा बने। 1866 में वेनेशिया और 1870 में रोम के विलय के साथ एकीकरण पूर्ण हुआ।
6. ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य
ब्रिटेन का राष्ट्र-राज्य किसी एक क्रांति से नहीं बना। 1707 के एक्ट ऑफ यूनियन से इंग्लैंड और स्कॉटलैंड का राजनीतिक संघ हुआ। आयरलैंड में अंग्रेजी प्रभुत्व के विरोध को दबाया गया और 1801 में उसे यूनाइटेड किंगडम में शामिल किया गया। यूनियन जैक, राष्ट्रगान और अंग्रेजी भाषा-संस्कृति के माध्यम से नई ब्रिटिश पहचान विकसित की गई।
7. राष्ट्र की दृश्य-कल्पना
राष्ट्र जैसे अमूर्त विचार को पहचान देने के लिए कलाकारों ने स्त्री-रूपकों का प्रयोग किया। फ्रांस की मारिआन स्वतंत्रता और गणतंत्र की प्रतीक थी; लाल टोपी, तिरंगा और कॉकैड उसके प्रमुख चिह्न थे। जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र की प्रतिमा थी; बलूत के पत्तों का मुकुट वीरता और तलवार संघर्ष का प्रतीक था।
8. बाल्कन, राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद
उस्मानिया साम्राज्य के कमजोर होने पर बाल्कन के विभिन्न समुदायों ने स्वतंत्रता और अधिक भूभाग की माँग की। उनके दावे आपस में टकराते थे। रूस, ऑस्ट्रिया-हंगरी, जर्मनी और ब्रिटेन जैसी महाशक्तियाँ भी इस क्षेत्र में प्रभाव बढ़ाना चाहती थीं। राष्ट्रवाद और साम्राज्यवादी प्रतिस्पर्धा के इस मेल ने बाल्कन संकट को गहरा किया और 1914 के युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार की।
महत्वपूर्ण समयरेखा
| वर्ष | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 1789 | फ्रांसीसी क्रांति |
| 1804 | नेपोलियन नागरिक संहिता |
| 1815 | वियना कांग्रेस |
| 1832 | यूनान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता |
| 1834 | जॉलवेराइन की स्थापना |
| 1848 | फ्रैंकफर्ट संसद और यूरोप की उदारवादी क्रांतियाँ |
| 1861 | विक्टर इमैनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया |
| 1870 | रोम के विलय के साथ इटली का एकीकरण पूर्ण हुआ |
| 1871 | वर्साय में जर्मन साम्राज्य की घोषणा हुई |
| 1914 | प्रथम विश्व युद्ध आरंभ हुआ |
बोर्ड परीक्षा में उत्तर कैसे लिखें?
तीन से पाँच अंक के उत्तरों में यह क्रम उपयोगी है: कारण → मुख्य घटना → संबंधित व्यक्ति → परिणाम → ऐतिहासिक महत्त्व। उदाहरण के लिए जर्मनी के एकीकरण में पहले जर्मन राज्यों की स्थिति, फिर बिस्मार्क और प्रशा की भूमिका, तीन युद्ध, 1871 की घोषणा और अंत में यूरोप पर प्रभाव लिखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आधुनिक राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति कहाँ हुई?
आधुनिक राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति 1789 की फ्रांसीसी क्रांति में हुई।
2. जर्मनी का एकीकरण किसके नेतृत्व में हुआ?
जर्मनी का एकीकरण प्रशा के नेतृत्व और उसके मुख्यमंत्री ऑटो वॉन बिस्मार्क की नीति द्वारा हुआ।
3. इटली के एकीकरण में किन नेताओं की भूमिका थी?
ज्युसेपे मेत्सिनी, काउंट कैमिलो डी कावूर, ज्युसेपे गैरीबाल्डी और विक्टर इमैनुएल द्वितीय ने प्रमुख भूमिका निभाई।
4. मैरिएन और जर्मेनिया कौन थीं?
मैरिएन फ्रांस तथा जर्मेनिया जर्मन राष्ट्र की प्रतीकात्मक नारी आकृतियाँ थीं।
अस्वीकरण
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