कक्षा 10 विज्ञान शब्दकोश भाग 1 (रसायन): हिन्दी-English शब्द, सरल अर्थ और परीक्षा संकेत
हिन्दी और English, एक ही पंक्ति में
अध्याय 1 से 4 · 57 शब्द · सरल अर्थ · परीक्षा संकेत
हिन्दी माध्यम का विद्यार्थी प्रश्न हिन्दी में पढ़ता है, पर आगे की पढ़ाई, कोचिंग और प्रयोगशाला में English शब्द मिलते हैं। इसलिए इस शब्दकोश में हर शब्द दोनों भाषाओं में है, साथ में एक पंक्ति का अर्थ और परीक्षा का एक संकेत। यह रसायन विज्ञान (अध्याय 1 से 4) का भाग है।
- खोजें: हिन्दी या English में शब्द लिखें, जैसे "oxidation" या "भर्जन"।
- याद-मोड: अर्थ धुंधला हो जाएगा। पहले खुद बोलें, फिर कार्ड छूकर जाँचें।
- कोई भी शब्द: एक यादृच्छिक शब्द पर पहुँचकर रोज़ पाँच शब्द पक्के करें।
ऐसा परिवर्तन जिसमें पदार्थ बदलकर नए गुणों वाले नए पदार्थ बन जाते हैं।
💡 पहचान: गैस निकलना, रंग या ताप बदलना, अवक्षेप बनना, अवस्था बदलना।
ऐसा समीकरण जिसमें तीर के दोनों ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो।
💡 संतुलन में केवल गुणांक बदलते हैं, सूत्र के नीचे लिखी संख्याएँ कभी नहीं।
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है।
💡 संतुलित समीकरण की ज़रूरत इसी नियम से निकलती है।
दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक ही उत्पाद बनाएँ।
💡 उदाहरण: CaO + H2O → Ca(OH)2, यानी बुझा चूना बनना (ऊष्मा निकलती है)।
एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल पदार्थ दे।
💡 ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत से होती है। तीनों का एक-एक उदाहरण याद रखें।
अधिक सक्रिय तत्व कम सक्रिय तत्व को उसके यौगिक से हटाकर उसकी जगह ले ले।
💡 Fe + CuSO4 में विलयन का नीला रंग फीका पड़ता है और कील पर भूरी परत जमती है।
दो यौगिक आपस में आयनों की अदला-बदली करके दो नए यौगिक बनाएँ।
💡 उदाहरण: Na2SO4 + BaCl2 → BaSO4↓ + 2NaCl (सफ़ेद अवक्षेप)।
अभिक्रिया में बना अविलेय ठोस पदार्थ, जो विलयन में नीचे बैठ जाता है।
💡 अवक्षेप बनाने वाली अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहते हैं।
ऐसी अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा निकलती है।
💡 उदाहरण: दहन, श्वसन, वनस्पति पदार्थ का कंपोस्ट बनना।
ऐसी अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा अवशोषित होती है।
💡 वियोजन अभिक्रियाएँ प्रायः ऊष्मा लेती हैं। ऊष्माक्षेपी से भ्रमित न हों।
अभिक्रिया में ऑक्सीजन जुड़ना या हाइड्रोजन हटना।
💡 पाठ्यपुस्तक में 'उपचयन' लिखा है। परीक्षा में दोनों नाम चलते हैं, अपनी पुस्तक वाला लिखें।
अभिक्रिया में हाइड्रोजन जुड़ना या ऑक्सीजन हटना।
💡 दोनों साथ होने पर रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है। CuO + H2 → Cu + H2O में CuO अपचयित होता है।
धातु का हवा, नमी या अम्ल से क्रिया करके धीरे-धीरे नष्ट होना।
💡 लोहे में जंग, चाँदी का काला पड़ना, ताँबे पर हरी परत: तीनों उदाहरण पूछे जाते हैं।
तेल या वसा वाले भोजन का उपचयित होकर बुरी गंध और स्वाद देना।
💡 बचाव: प्रतिऑक्सीकारक मिलाना, नाइट्रोजन भरना, हवाबंद डिब्बा, रेफ्रिजरेटर।
खट्टे स्वाद वाला पदार्थ, जो नीले लिटमस को लाल करता है और जल में H+ आयन देता है।
💡 अम्ल का pH 7 से कम होता है।
कड़वे स्वाद वाला, फिसलनदार पदार्थ, जो लाल लिटमस को नीला करता है और अम्ल को उदासीन करता है।
💡 क्षारक का pH 7 से अधिक होता है।
जल में घुलनशील क्षारक, जो OH− आयन देता है।
💡 सभी क्षार क्षारक हैं, पर सभी क्षारक क्षार नहीं। उदाहरण: NaOH, KOH।
ऐसा पदार्थ जिसका रंग या गंध अम्ल और क्षारक में बदल जाए।
💡 लिटमस और हल्दी प्राकृतिक सूचक हैं। फ़ीनॉल्फ़थेलिन और मेथिल ऑरेंज संश्लेषित हैं।
ऐसा पदार्थ जिसकी गंध अम्ल या क्षारक मिलाने पर बदल जाए।
💡 उदाहरण: प्याज़, वैनिला, लौंग का तेल।
कई सूचकों का मिश्रण, जो अलग-अलग pH पर अलग रंग देता है।
💡 इससे केवल अम्ल या क्षारक ही नहीं, उनकी प्रबलता भी पता चलती है।
विलयन में H+ आयन की सांद्रता मापने का 0 से 14 तक का पैमाना।
💡 7 उदासीन, 7 से कम अम्लीय, 7 से अधिक क्षारीय। pH जितना कम, अम्लीयता उतनी अधिक।
अम्ल को जल में मिलाकर उसकी सांद्रता घटाना।
💡 सदैव अम्ल को जल में धीरे-धीरे मिलाएँ, जल को अम्ल में कभी नहीं। यह प्रक्रिया ऊष्माक्षेपी है।
अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया, जिसमें लवण और जल बनते हैं।
💡 HCl + NaOH → NaCl + H2O। दैनिक उदाहरण: अपच में मैग्नीशिया का दूध।
अम्ल और क्षारक की अभिक्रिया से बना आयनिक यौगिक।
💡 प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक से बना लवण उदासीन होता है, जैसे NaCl।
सोडियम हाइड्रोजनकार्बोनेट (NaHCO3), एक मृदु क्षारक।
💡 गर्म करने पर CO2 देता है। उपयोग: एंटैसिड, केक फुलाना, अग्निशामक।
Na2CO3·10H2O, यानी क्रिस्टलन के 10 जल-अणुओं वाला सोडियम कार्बोनेट।
💡 काँच, साबुन और काग़ज़ उद्योग में तथा कठोर जल की स्थायी कठोरता हटाने में काम आता है।
CaOCl2, जो बुझे चूने पर क्लोरीन की क्रिया से बनता है।
💡 उपयोग: कपड़ा और कागज़ का विरंजन, पेयजल का कीटाणुशोधन।
CaSO4·½H2O, जो जिप्सम को 373 K पर गर्म करने से बनता है।
💡 जल मिलाने पर जमकर कठोर जिप्सम बनता है। उपयोग: टूटी हड्डी पर पट्टी, खिलौने।
लवण की एक सूत्र-इकाई में जुड़े जल के निश्चित अणु।
💡 CuSO4·5H2O नीला है। गर्म करने पर सफ़ेद हो जाता है, जल मिलाने पर फिर नीला।
NaCl के जलीय विलयन (लवण जल) का विद्युत-अपघटन।
💡 कैथोड पर H2, ऐनोड पर Cl2 और विलयन में NaOH बनता है।
पीटने पर धातु का चादर बनना आघातवर्ध्यता है और खींचने पर तार बनना तन्यता।
💡 सोना सबसे तन्य है: एक ग्राम सोने से लगभग 2 km लंबा तार बन सकता है।
धातुओं को उनकी सक्रियता के घटते क्रम में सजाने वाली सूची।
💡 K, Na, Ca, Mg, Al, Zn, Fe, Pb, [H], Cu, Hg, Ag, Au। ऊपर की धातु नीचे वाली को हटाती है।
ऐसा धात्विक ऑक्साइड जो अम्ल और क्षारक, दोनों से अभिक्रिया करता है।
💡 उदाहरण: Al2O3 और ZnO।
धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से बना यौगिक।
💡 ठोस और कठोर, गलनांक ऊँचा। ठोस में विद्युत नहीं चलाते, गलित या जलीय अवस्था में चलाते हैं।
पृथ्वी में प्राकृतिक रूप से मिलने वाले तत्व या यौगिक।
💡 हर खनिज अयस्क नहीं होता।
वह खनिज जिससे धातु लाभकारी ढंग से निकाली जा सके।
💡 बॉक्साइट से एल्युमिनियम निकलता है। अयस्क में मिली मिट्टी-रेत को गैंग कहते हैं।
सल्फ़ाइड अयस्क को हवा की अधिकता में गर्म करके ऑक्साइड बनाना।
💡 2ZnS + 3O2 → 2ZnO + 2SO2। सल्फ़ाइड के लिए भर्जन।
कार्बोनेट अयस्क को हवा की सीमित मात्रा में गर्म करके ऑक्साइड बनाना।
💡 ZnCO3 → ZnO + CO2। कार्बोनेट के लिए निस्तापन।
अशुद्ध धातु को ऐनोड और शुद्ध धातु की पतली पट्टी को कैथोड बनाकर शुद्ध करना।
💡 ताँबे का परिष्करण इसी से होता है। अघुलनशील अशुद्धि नीचे बैठकर ऐनोड पंक बनाती है।
किसी धातु का अन्य धातु या अधातु के साथ समांगी मिश्रण।
💡 पीतल (Cu + Zn), काँसा (Cu + Sn), सोल्डर (Pb + Sn)।
Fe2O3 + 2Al → 2Fe + Al2O3 + ऊष्मा। इसमें गलित लोहा बनता है।
💡 उपयोग: रेल की पटरियाँ और मशीनी दरारें जोड़ना।
लोहे पर जस्ते (ज़िंक) की परत चढ़ाना, ताकि जंग न लगे।
💡 परत टूट जाने पर भी लोहा सुरक्षित रहता है, क्योंकि जस्ता अधिक सक्रिय है।
परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन साझा करने से बना बंध।
💡 कार्बन के लिए 4 इलेक्ट्रॉन पाना या खोना कठिन है, इसलिए वह इलेक्ट्रॉन साझा करके बंध बनाता है।
कार्बन की अपने ही परमाणुओं से जुड़कर लंबी शृंखला, शाखाएँ या वलय बनाने की क्षमता।
💡 कार्बन के यौगिकों की बहुत बड़ी संख्या के कारणों में से एक यही है।
केवल एकल बंध वाले यौगिक संतृप्त (ऐल्केन); द्विबंध या त्रिबंध वाले असंतृप्त (ऐल्कीन, ऐल्काइन)।
💡 सूत्र: ऐल्केन CnH2n+2, ऐल्कीन CnH2n, ऐल्काइन CnH2n−2।
कार्बन-शृंखला से जुड़ा वह परमाणु या परमाणु-समूह जो यौगिक के गुण तय करे।
💡 −OH ऐल्कोहॉल, −CHO ऐल्डिहाइड, >C=O कीटोन, −COOH कार्बोक्सिलिक अम्ल।
एक ही प्रकार्यात्मक समूह वाले यौगिकों की श्रेणी, जिसके क्रमागत सदस्यों में −CH2− का अंतर होता है।
💡 क्रमागत सदस्यों के द्रव्यमान में अंतर 14 u होता है।
समान अणुसूत्र पर अलग संरचना वाले यौगिक।
💡 ब्यूटेन (C4H10) के दो संरचनात्मक समावयव बनते हैं।
ऑक्सीजन में जलकर CO2, जल, ऊष्मा और प्रकाश देना।
💡 संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ लौ से जलते हैं, असंतृप्त पीली और कालिख वाली लौ से।
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में Ni या Pd उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजन जुड़कर संतृप्त बनना।
💡 इसी से वनस्पति तेल का हाइड्रोजनीकरण होकर वनस्पति घी बनता है।
संतृप्त हाइड्रोकार्बन में सूर्य के प्रकाश में क्लोरीन हाइड्रोजन को एक-एक करके हटाकर उसकी जगह ले ले।
💡 संकलन असंतृप्त में, प्रतिस्थापन संतृप्त में: यह जोड़ी याद रखें।
C2H5OH, एक ऐल्कोहॉल।
💡 सोडियम से अभिक्रिया पर H2 देता है। सांद्र H2SO4 के साथ गर्म करने पर एथीन बनती है।
अम्ल और ऐल्कोहॉल की अभिक्रिया (सांद्र H2SO4 की उपस्थिति में), जिससे मीठी गंध वाला एस्टर बनता है।
💡 एस्टर इत्र और स्वाद बनाने में काम आते हैं।
एस्टर का क्षारक (जैसे NaOH) से अभिक्रिया करके ऐल्कोहॉल और साबुन देना।
💡 एस्टरीकरण का लगभग उलटा। साबुन बनाने की विधि यही है।
लंबी शृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण।
💡 एक सिरा जलरागी (आयनिक, hydrophilic) और दूसरा जलविरागी (हाइड्रोकार्बन, hydrophobic) होता है।
साबुन के अणुओं का गुच्छा, जिसमें जलविरागी सिरे मैल की ओर और जलरागी (आयनिक) सिरे बाहर जल की ओर रहते हैं।
💡 इसी से साबुन मैल को घेरकर जल में खींच ले जाता है।
लंबी शृंखला वाले सल्फ़ोनिक अम्लों के सोडियम लवण या अमोनियम लवण।
💡 कठोर जल में साबुन स्कम बनाता है, अपमार्जक नहीं।
इस नाम का शब्द नहीं मिला। दूसरा रूप या English में लिखकर देखें।
भ्रम की जोड़ियाँ: अंतर एक नज़र में
| जोड़ी | अंतर |
|---|---|
| क्षारक / क्षार | सभी क्षार क्षारक हैं। क्षार वह क्षारक है जो जल में घुलता है (NaOH, KOH)। |
| खनिज / अयस्क | खनिज धरती में मिलने वाला पदार्थ है। अयस्क वह खनिज है जिससे धातु लाभ से निकले। |
| भर्जन / निस्तापन | भर्जन: सल्फ़ाइड अयस्क, हवा अधिक। निस्तापन: कार्बोनेट अयस्क, हवा सीमित। |
| विस्थापन / द्विविस्थापन | विस्थापन में एक तत्व हटता है। द्विविस्थापन में दो यौगिक आयनों की अदला-बदली करते हैं। |
| बेकिंग सोडा / धोने का सोडा | NaHCO3 (मृदु क्षारक) और Na2CO3·10H2O (10 जल-अणु)। |
| संकलन / प्रतिस्थापन | संकलन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में H2 जोड़ता है। प्रतिस्थापन संतृप्त में H को हटाकर क्लोरीन लगाता है। |
| साबुन / अपमार्जक | साबुन कार्बोक्सिलिक अम्ल का लवण है और कठोर जल में स्कम बनाता है। अपमार्जक सल्फ़ोनिक अम्ल या अमोनियम लवण है और स्कम नहीं बनाता। |
शब्द पहचानो: 5 त्वरित प्रश्न
पहले खुद सोचिए, फिर प्रश्न पर छूकर उत्तर देखिए।
Fe + CuSO4 में लोहा कॉपर को उसके लवण से हटा देता है। यह कौन-सी अभिक्रिया है?
विस्थापन अभिक्रिया। अधिक सक्रिय लोहे ने कम सक्रिय कॉपर की जगह ली।
कार्बोनेट अयस्क को हवा की सीमित मात्रा में गर्म करना क्या कहलाता है?
निस्तापन। सल्फ़ाइड अयस्क को हवा की अधिकता में गर्म करना भर्जन है।
कौन-सा ऑक्साइड अम्ल और क्षारक, दोनों से अभिक्रिया करता है?
उभयधर्मी ऑक्साइड, जैसे Al2O3 या ZnO।
वनस्पति तेल से वनस्पति घी बनाने में कौन-सी अभिक्रिया होती है?
संकलन अभिक्रिया (हाइड्रोजनीकरण), Ni या Pd उत्प्रेरक की उपस्थिति में।
साबुन कठोर जल में क्या बनाता है और अपमार्जक क्यों बेहतर है?
साबुन कठोर जल में स्कम (अविलेय पदार्थ) बनाता है। अपमार्जक ऐसा नहीं करता।
इसी विषय के और पन्ने
पाठ्यपुस्तक के अध्याय (NCERT हिन्दी PDF)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस शब्दकोश में कौन-से अध्याय हैं?
कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 1 से 4 (रासायनिक अभिक्रियाएँ; अम्ल, क्षारक एवं लवण; धातु एवं अधातु; कार्बन एवं उसके यौगिक)। भौतिकी और जीव-विज्ञान के शब्द अलग भागों में आएँगे।
शब्द किस पुस्तक के अनुसार हैं?
NCERT की हिन्दी पाठ्यपुस्तक के अनुसार। दूसरा प्रचलित नाम कोष्ठक में है। अर्थ हमारे अपने सरल शब्दों में हैं, इसलिए परिभाषा अपनी पुस्तक से मिलाकर याद करें।
याद-मोड क्या है?
यह अर्थ और संकेत को धुंधला कर देता है। शब्द देखकर पहले खुद बोलें, फिर कार्ड छूकर जाँचें।

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