कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान शब्दकोश: इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र (हिन्दी-English, चित्र सहित)
चारों विषय, एक ही लेख में
22 अध्याय · 195 शब्द · 40 चित्र
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ऐसा शासन जिसमें शासक पर कोई रोक-टोक नहीं होती और सत्ता पूरी तरह उसी के हाथ में रहती है।
💡 19वीं सदी के आरंभ में यूरोप के बड़े भाग में निरंकुश राजतंत्र थे।
ऐसा राज्य जिसमें एक सीमा के भीतर रहने वाले लोग स्वयं को एक राष्ट्र मानते हैं।
💡 जर्मनी का एकीकरण 18 जनवरी 1871 को वर्साय में पूरा हुआ। कैसर विलियम प्रथम घोषित हुए।
नेपोलियन का बनाया कानून, जिसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार हटाए और कानून के आगे बराबरी दी।
💡 संपत्ति का अधिकार सुरक्षित किया। जीते हुए क्षेत्रों में भी लागू हुई।
स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता पर ज़ोर देने वाली विचारधारा।
💡 आर्थिक क्षेत्र में बाज़ार की स्वतंत्रता और वस्तुओं-पूँजी के आवागमन पर रोक हटाने की माँग।
पुरानी व्यवस्था, परंपरा और संस्थाओं को बनाए रखने का पक्षधर विचार।
💡 1815 के बाद रूढ़िवादी शासन लौटे, पर पूरी तरह पुरानी व्यवस्था नहीं लौटी।
नेपोलियन की हार के बाद यूरोप की व्यवस्था फिर से तय करने वाला समझौता।
💡 मेटरनिख की अध्यक्षता में हुई। उद्देश्य नेपोलियन से पहले की व्यवस्था लौटाना था।
प्रशा की पहल पर बना शुल्क संघ, जिसने जर्मन राज्यों के बीच सीमा-शुल्क की बाधा घटाई।
💡 1834 में बना। मुद्राओं की संख्या 30 से अधिक से घटकर 2 रह गई।
जर्मन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की सभा, जो संविधान बनाने बैठी।
💡 18 मई 1848, सेंट पॉल चर्च, 831 प्रतिनिधि। फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ ने ताज ठुकरा दिया।
किसी अमूर्त विचार को किसी व्यक्ति या चित्र के रूप में दिखाना।
💡 फ्रांस की मारीआन और जर्मनी की जर्मेनिया। ओक की पत्तियों का मुकुट वीरता का प्रतीक।
इटली के एकीकरण के तीन नायक: विचारक, कूटनीतिज्ञ मंत्री और सैनिक।
💡 मात्सिनी ने यंग इटली बनाया। कावूर ने कूटनीति चलाई। गैरीबॉल्डी ने 1860 में 'लाल कुर्ते' वाली हज़ार सैनिकों की मुहिम चलाई।
सच्चाई और अहिंसा के बल पर अन्याय का विरोध करने की गांधीजी की पद्धति।
💡 गांधीजी जनवरी 1915 में लौटे। चंपारण (1917), खेड़ा (1917), अहमदाबाद (1918)।
1919 का कानून, जिसने बिना मुकदमे के गिरफ़्तारी की छूट दी।
💡 दो साल तक बिना मुकदमे नज़रबंदी। 6 अप्रैल 1919 को हड़ताल हुई।
अमृतसर का वह मैदान, जहाँ सभा पर गोली चली।
💡 13 अप्रैल 1919, जनरल डायर।
तुर्की के खलीफ़ा के प्रति हुए व्यवहार के विरोध में मुसलमानों का आंदोलन।
💡 ख़िलाफ़त समिति मार्च 1919 में बंबई में बनी।
सरकार से हर स्तर पर सहयोग रोकने का अभियान।
💡 नागपुर अधिवेशन दिसंबर 1920। आरंभ जनवरी 1921।
संवैधानिक सुधार जाँचने के लिए आया आयोग।
💡 1928 में आया। इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था, इसलिए विरोध हुआ।
ब्रिटिश अधीनता से पूरी आज़ादी की माँग।
💡 लाहौर अधिवेशन, दिसंबर 1929। 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस की प्रतिज्ञा।
नमक कानून तोड़कर शुरू हुआ सविनय अवज्ञा आंदोलन।
💡 78 स्वयंसेवक, 240 किमी, 24 दिन। दांडी में 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया।
आंदोलन रोकने और गोलमेज़ सम्मेलन में भाग लेने का समझौता।
💡 5 मार्च 1931।
दलित वर्गों के प्रतिनिधित्व पर गांधीजी और अंबेडकर के बीच समझौता।
💡 सितंबर 1932। अंबेडकर का दलित वर्ग संघ 1930 में बना था।
ब्रिटेन में अनाज के आयात पर लगी रोक के कानून।
💡 इनके हटने पर सस्ता अनाज आया और नई ज़मीन खेती में आई।
पशुओं की घातक महामारी।
💡 1880 के दशक के अंत में अफ्रीका में फैली। लगभग 90% पशु मरे।
अनुबंध से बँधे मज़दूर, जिन्हें दूर के देशों में काम पर ले जाया जाता था।
💡 5 साल का अनुबंध। यह प्रथा 1921 में समाप्त हुई।
चलती पंक्ति में एक साथ बहुत सामान बनाने की बृहत उत्पादन पद्धति।
💡 फोर्ड ने जनवरी 1914 से 5 डॉलर प्रतिदिन मज़दूरी दी। कारें 20 लाख (1919) से 50 लाख से अधिक (1929)।
1929 से शुरू हुआ भारी आर्थिक संकट।
💡 1933 तक 4,000 से अधिक बैंक बंद हुए। 1929-32 में लगभग 1,10,000 कंपनियाँ डूबीं।
युद्धोत्तर आर्थिक व्यवस्था तय करने वाला सम्मेलन।
💡 जुलाई 1944। 1 डॉलर = 35 औंस सोने का स्थिर मान।
ब्रेटन वुड्स से जन्मी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ।
💡 दोनों ने 1947 से काम आरंभ किया। विश्व बैंक पुनर्निर्माण-विकास ऋण देता है, IMF भुगतान-संतुलन का घाटा सँभालता है।
कारख़ानों से पहले का गाँव-आधारित व्यापारिक उत्पादन।
💡 सौदागर किसानों और कारीगरों से घर पर काम कराते थे।
कारीगर-व्यापारियों के संघ।
💡 शहरों में उत्पादन और कीमतों को नियंत्रित करते थे।
रेशों को सीधा करने की प्रक्रिया।
💡 कताई से पहले का चरण।
एक साथ कई तकले चलाने वाली मशीन।
💡 जेम्स हारग्रीव्ज़ ने 1764 में बनाई।
भाप से चलने वाला इंजन, जिससे कारख़ानों की मशीनें चलीं।
💡 वॉट और बोल्टन के कारख़ाने के 321 इंजनों में 80 कपास और 9 ऊन उद्योग में थे।
ईस्ट इंडिया कंपनी का वेतनभोगी एजेंट, जो बुनकरों पर निगरानी रखता था।
💡 बुनकरों की आपूर्ति पर कंपनी का नियंत्रण बनाता था।
मिलों में मज़दूर भर्ती करने वाला व्यक्ति।
💡 1911 में बंबई के आधे से अधिक मिल-मज़दूर रत्नागिरी ज़िले से थे।
रस्सी और चरखी वाली तेज़ करघा तकनीक।
💡 1941 तक 35% से अधिक हथकरघों में। त्रावणकोर और मद्रास में 70-80% में।
उद्योग चलाने वाली यूरोपीय फ़र्में।
💡 बर्ड हेगलर्स, एंड्रयू यूल, जार्डिन स्किनर।
स्टेपलर ऊन छाँटता था। फुलर कपड़े को समेटता था।
💡 दोनों आदि-औद्योगिक उत्पादन की कड़ी थे।
विज्ञापन के साधन, जिनसे निर्माता अपने माल की पहचान और माँग बनाते थे।
💡 'मेड इन मैनचेस्टर' लेबल इसका उदाहरण है।
लकड़ी के ब्लॉक पर उकेरकर की गई छपाई।
💡 चीन में लगभग 594 ई. में। मार्को पोलो 1295 में इटली लाया।
सबसे पुरानी ज्ञात मुद्रित पुस्तक।
💡 868 ई. में छपी।
धातु के चल टाइप वाली प्रेस।
💡 1430 के दशक में बननी शुरू, 1448 में पूरी। एक घंटे में 250 पन्ने। बाइबिल की लगभग 180 प्रतियाँ।
छपाई से लोगों के पढ़ने और सोचने के ढंग में आया बदलाव।
💡 1450-1550 में प्रेस फैले। किताबों की प्रतियाँ 2 करोड़ से 20 करोड़ हुईं।
कैथोलिक चर्च के सुधार का आंदोलन।
💡 मार्टिन लूथर की 95 स्थापनाएँ छपीं। न्यू टेस्टामेंट की 5,000 प्रतियाँ बिकीं।
धर्मविरोधी विचार परखने वाली चर्च की अदालत।
💡 1558 से प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची बनने लगी।
भारत के आरंभिक अंग्रेज़ी साप्ताहिकों में एक।
💡 जेम्स ऑगस्टस हिकी ने 1780 में निकाला।
राममोहन राय का पत्र।
💡 1821 में निकला।
देशी भाषा के अख़बारों पर रोक लगाने वाला कानून।
💡 1878 में लागू हुआ।
ज्योतिबा फुले की पुस्तक।
💡 1871 में प्रकाशित हुई।
पर्यावरण की वह चीज़ जो हमारी ज़रूरत पूरी करे, यदि उसे उपयोग करने की तकनीक हो, वह आर्थिक रूप से संभव और संस्कृति में स्वीकार्य हो।
💡 पुस्तक चार आधारों पर वर्गीकरण देती है: उत्पत्ति, समाप्यता, स्वामित्व और विकास का स्तर।
ऐसा विकास जो पर्यावरण को हानि न पहुँचाए और जिसमें आज की प्रगति के साथ आने वाली पीढ़ियों की ज़रूरतें भी सुरक्षित रहें।
💡 अवधारणा ब्रुन्ड्टलैंड आयोग की रिपोर्ट (1987) में आई।
21वीं सदी के लिए टिकाऊ विकास की वैश्विक कार्ययोजना। हर स्थानीय निकाय अपना स्थानीय एजेंडा बनाए।
💡 रियो डी जेनेरो (ब्राज़ील) पृथ्वी सम्मेलन, जून 1992।
वह भूमि जिस पर फ़सल बोई और काटी जाती है। एक वर्ष में एक से अधिक बार बोई भूमि भी जोड़ें तो सकल कृषित क्षेत्र बनता है।
💡 2019-20 में कुल सूचित क्षेत्र का 45.64%।
भूमि की गुणवत्ता घटना, जैसे लवणीयता, क्षारीयता, जलाक्रांतता और कटाव।
💡 खनन, अति पशुचारण और अधिक सिंचाई इसके कारण हैं।
नदियों द्वारा लाए जमाव से बनी बहुत उपजाऊ मिट्टी। पूरा उत्तरी मैदान इसी से बना है।
💡 सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र के निक्षेप। गन्ना, चावल, गेहूँ और दलहन के लिए उपयुक्त।
बहुत महीन कणों की काली मिट्टी, जो नमी को देर तक रोकती है और कपास के लिए अच्छी है।
💡 लावा से बनी। दक्कन के पठार में मिलती है। सूखे में गहरी दरारें पड़ती हैं।
भारी वर्षा से पोषक तत्त्व बह जाने (निक्षालन) से बनी अम्लीय, ईंट जैसी मिट्टी।
💡 'लेटर' का अर्थ यूनानी में ईंट है। संरक्षण से चाय, कॉफी और काजू होते हैं।
मिट्टी के कटकर बह जाने या उड़ जाने की प्रक्रिया।
💡 रोकथाम: समोच्च जुताई, सोपान कृषि, पट्टी कृषि, रक्षक मेखला।
किसी क्षेत्र में पौधों और जंतुओं की अनेक जातियों का होना।
💡 भारत में विश्व की जैव उपजातियों का लगभग 8% पाया जाता है।
सरकार द्वारा पक्के तौर पर आरक्षित वन। संरक्षण की दृष्टि से सबसे मूल्यवान।
💡 देश के वन क्षेत्र के आधे से अधिक को आरक्षित घोषित किया गया है।
वे वन जिन्हें और नष्ट होने से बचाने के लिए सुरक्षा दी गई है।
💡 कुल वन क्षेत्र का लगभग एक-तिहाई।
बाकी सभी वन और बंजर भूमि, जिनके स्वामी सरकार, व्यक्ति या समुदाय हो सकते हैं।
💡 पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और गुजरात में अधिकतर वन ऐसे हैं।
वन्य जीवों के शिकार और व्यापार पर रोक तथा उनके आवासों की कानूनी सुरक्षा।
💡 1972 में लागू। 1991 में पहली बार पौधों की 6 जातियाँ सूची में आईं।
बाघों को बचाने का कार्यक्रम, जो वास्तव में पूरे बड़े जैव-तंत्र को बचाने का प्रयास है।
💡 1973 में शुरू। बाघ 20वीं सदी के आरंभ के लगभग 55,000 से घटकर 1973 में 1,827 रह गए।
वन विभाग और गाँव की संस्थाएँ मिलकर बिगड़े वनों की रक्षा करें और लाभ में हिस्सा पाएँ।
💡 औपचारिक शुरुआत 1988 में। ओडिशा ने पहला प्रस्ताव पास किया।
हिमालय में लोग पेड़ों से चिपककर कटाई रोकते थे।
💡 कई क्षेत्रों में कटाई रुकी। टिहरी का बीज बचाओ आंदोलन भी पुस्तक में है।
देवी-देवताओं के नाम पर बचाए गए वन के हिस्से, जिनमें कोई छेड़छाड़ नहीं करता।
💡 राजस्थान में बिश्नोई गाँवों के पास काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोर निश्चिंत घूमते हैं।
पानी की कमी, जो अति-शोषण, अधिक उपयोग और असमान बँटवारे से आती है, केवल कम वर्षा से नहीं।
💡 इज़राइल में वर्षा 25 सेमी, फिर भी अभाव नहीं। भारत में 114 सेमी, फिर भी सूखा।
ऐसे बाँध, जिनके एकत्र जल से एक साथ सिंचाई, बिजली, बाढ़ नियंत्रण आदि अनेक काम होते हैं।
💡 भाखड़ा-नांगल और हीराकुड। नेहरू ने बाँधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' कहा।
नर्मदा पर गुजरात में बना बड़ा बाँध, जो चार राज्यों के काम आता है।
💡 राज्य: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान। राजस्थान के बाड़मेर और जालोर को लाभ।
छत पर गिरे वर्षा के पानी को पाइप से एकत्र कर पीने और उपयोग के लिए रखना।
💡 पुस्तक का उदाहरण: गंडाथूर (मैसूरु, कर्नाटक) के लगभग 200 घर।
राजस्थान के घर या आँगन में बना भूमिगत टैंक, जिसमें छत का वर्षाजल पीने के लिए जमा होता है।
💡 बीकानेर, फलोदी, बाड़मेर में आम। पहली वर्षा का पानी जमा नहीं करते। वर्षाजल को 'पालर पानी' कहते हैं।
खेतों में वर्षा जल रोकने की संरचनाएँ, ताकि मिट्टी सिंचित हो।
💡 जैसलमेर में 'खादीन', राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में 'जोहड़'।
हर ग्रामीण परिवार तक नल से पीने योग्य जल पहुँचाने का सरकारी मिशन।
💡 लक्ष्य: प्रति व्यक्ति 55 लीटर के सेवा स्तर पर पाइप से जल।
भूजल की कमी वाले क्षेत्रों में जल-संरक्षण और समझदारी से उपयोग के लिए योजना।
💡 7 राज्य, 80 ज़िले। इनमें राजस्थान भी है।
ज़मीन साफ़ करके जलाना, खेती करना और उर्वरता घटने पर दूसरी जगह चले जाना।
💡 असम-मेघालय में 'झूम', मणिपुर में 'पामलू', बस्तर-अंडमान में 'दीपा', दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 'वालरे'।
जहाँ आबादी का दबाव अधिक है, वहाँ कम ज़मीन से अधिकतम उपज के लिए श्रम-गहन खेती।
💡 विरासत में बँटवारे से जोतें और छोटी होती जाती हैं।
आधुनिक निवेश (अधिक उपज वाले बीज, उर्वरक, कीटनाशक) से बिक्री के लिए ऊँची उपज वाली खेती।
💡 चावल हरियाणा-पंजाब में वाणिज्यिक फ़सल, ओडिशा में जीविका फ़सल।
बड़े क्षेत्र में एक ही फ़सल, अधिक पूँजी और श्रमिक से। सारा उत्पादन उद्योग का कच्चा माल बनता है।
💡 कृषि और उद्योग के बीच की कड़ी। चाय (असम), कॉफी (कर्नाटक), रबड़, गन्ना, केला।
शीत ऋतु में बोई और गर्मी के आरंभ में काटी जाने वाली फ़सल।
💡 बुआई अक्तूबर-दिसंबर, कटाई अप्रैल-जून। गेहूँ, जौ, मटर, चना, सरसों।
मानसून के आगमन के साथ बोई और सितंबर-अक्तूबर में काटी जाने वाली फ़सल।
💡 चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, तुर, मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली, सोयाबीन।
रबी और खरीफ के बीच, ग्रीष्म ऋतु की अल्पकालिक फ़सल।
💡 तरबूज़, खरबूज़े, खीरे, सब्ज़ियाँ और चारा।
भारत का मुख्य खाद्यान्न, खरीफ फ़सल। चीन के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
💡 25°C से ऊपर तापमान, 100 सेमी से अधिक वर्षा। असम, प. बंगाल, ओडिशा में तीन फ़सलें: ऑस, अमन, बोरो।
भारत की दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न फ़सल, रबी।
💡 50 से 75 सेमी वर्षा। मुख्य क्षेत्र: गंगा-सतलुज का मैदान और दक्कन का काली मिट्टी वाला क्षेत्र।
शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत।
💡 भारत सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता। अरहर को छोड़ बाकी दालें हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं, इसलिए फ़सल-आवर्तन में बोई जाती हैं।
विनोबा भावे का आंदोलन: भूमिहीनों के लिए भूमि का दान (भूदान) और पूरे गाँव का दान (ग्रामदान)।
💡 पोचमपल्ली (तेलंगाना) में श्री राम चन्द्र रेड्डी ने 80 भूमिहीन परिवारों को 80 एकड़ दी। इसे 'रक्तहीन क्रांति' कहा गया।
प्रकृति में मिलने वाला समरूप तत्त्व जिसकी निश्चित आंतरिक बनावट होती है। कठोर हीरे से नरम चूने तक कई रूप हैं।
💡 2000 से अधिक खनिज पहचाने जा चुके हैं। खनिज हमारे कुल पौष्टिक उपभोग का केवल 0.3% हैं।
वह पदार्थ जिसमें खनिज दूसरे तत्त्वों के साथ मिला हो। खनन तभी लाभकारी है जब खनिज पर्याप्त मात्रा में हो।
💡 आग्नेय-कायांतरित चट्टानों में शिराओं में, अवसादी चट्टानों में परतों में और जलोढ़ जमाव में (प्लेसर निक्षेप: सोना, चाँदी, टिन)।
इस्पात उद्योग की रीढ़ का मूल खनिज, दो मुख्य क़िस्मों वाला।
💡 2018-19 में 97% उत्पादन ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड से।
सर्वोत्तम लौह अयस्क, लोहांश लगभग 70%, चुंबकीय गुण सबसे अच्छे, इसलिए विद्युत उद्योग में उपयोगी।
💡 हेमेटाइट से तुलना करें: सर्वोत्तम बनाम सर्वाधिक प्रयुक्त।
सबसे अधिक प्रयुक्त औद्योगिक लौह अयस्क, लोहांश 50-60%।
💡 याद रखें: मैग्नेटाइट में चुंबक, हेमेटाइट में प्रयोग अधिक।
एल्यूमिनियम का मुख्य अयस्क, मिट्टी जैसा दिखने वाला।
💡 ओडिशा 65%। कोरापुट का पंचपतमाली निक्षेप सबसे महत्त्वपूर्ण।
परतों में मिलने वाला खनिज, जो चादरों में आसानी से टूटता है। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए अनिवार्य।
💡 कोडरमा-गया-हजारीबाग पेटी अग्रणी। राजस्थान में अजमेर के आस-पास भी।
परिवार के सदस्य द्वारा एक लंबी संकरी सुरंग से कोयला निकालना।
💡 मेघालय में प्रचलित। राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्युनल ने इसे अवैध घोषित किया।
भारत का बहुतायत में मिलने वाला जीवाश्म ईंधन, वाणिज्यिक ऊर्जा का मुख्य आधार।
💡 चार प्रकार: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एंथ्रेसाइट।
200 लाख वर्ष से कुछ अधिक पुराना कोयला। धातुशोधन वाला कोयला इसी में है।
💡 दामोदर घाटी (झरिया, रानीगंज, बोकारो)। टरशियरी कोयला लगभग 55 लाख वर्ष पुराना है।
परंपरागत: लकड़ी, उपले, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बिजली। गैर-परंपरागत: सौर, पवन, ज्वारीय, भू-तापीय, बायोगैस, परमाणु।
💡 ग्रामीण घरों की 70% से अधिक ऊर्जा लकड़ी और उपलों से। पवन ऊर्जा के लिए नागरकोइल और जैसलमेर प्रसिद्ध।
कोयले के बाद ऊर्जा का दूसरा प्रमुख साधन, पेट्रो-रसायन उद्योगों का आधार।
💡 मुंबई हाई, गुजरात (अंकलेश्वर सबसे महत्त्वपूर्ण), असम (सबसे पुराना: डिगबोई)।
कच्चे माल को अधिक मूल्य के तैयार उत्पाद में बड़ी मात्रा में बदलना।
💡 कागज़ लकड़ी से, चीनी गन्ने से, इस्पात लौह-अयस्क से। ये उद्योग कृषि पर निर्भरता घटाते और विदेशी मुद्रा लाते हैं।
जिस उद्योग के उत्पाद या कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हों।
💡 लोहा-इस्पात, ताँबा प्रगलन, एल्यूमिनियम प्रगलन। इस्पात से बनी मशीनों पर बाकी उद्योग टिके हैं।
जिसका उत्पाद सीधे उपभोक्ता के उपयोग में आता है।
💡 चीनी, दंतमंजन, कागज़, पंखे, सिलाई मशीन।
जिसके मालिक कच्चा माल देने वाले उत्पादक, श्रमिक या दोनों हों। संसाधन साझे और लाभ-हानि अनुपात में बँटती है।
💡 महाराष्ट्र के चीनी उद्योग, केरल के नारियल पर आधारित उद्योग।
कपास से सूत और कपड़ा बनाने वाला उद्योग।
💡 पहला सफल कारखाना 1854 में मुंबई में। कताई कुछ राज्यों में केंद्रित, बुनाई विकेंद्रीकृत।
पटसन (सुनहरा रेशा) से बोरे आदि बनाने वाला उद्योग।
💡 अधिकांश मिलें हुगली तट (पश्चिम बंगाल) पर। पहली मिल 1855 में रिशरा (कोलकाता के पास)।
लोहा-अयस्क गलाकर ढलवाँ लोहा और फिर इस्पात बनाने वाला भारी उद्योग।
💡 लौह-अयस्क : कोकिंग कोल : चूना पत्थर लगभग 4 : 2 : 1। अधिकांश उद्योग छोटानागपुर पठार में।
बॉक्साइट से एल्यूमिना और फिर एल्यूमिनियम बनाना। यह धातु हल्की, जंग-रोधी और ऊष्मा-सुचालक है।
💡 4 से 6 टन बॉक्साइट से 2 टन एल्यूमिना, उससे 1 टन एल्यूमिनियम। दो ज़रूरतें: नियमित बिजली और सस्ता कच्चा माल।
चूना पत्थर, सिलिका, जिप्सम जैसे भारी कच्चे माल से सीमेंट बनाने वाला उद्योग।
💡 पहला कारखाना 1904 में चेन्नई में।
उद्योगों से हवा, पानी, भूमि और ध्वनि का प्रदूषण।
💡 कारखाने का 1 लिटर अपशिष्ट लगभग 8 गुना स्वच्छ जल दूषित करता है। अपशिष्ट शोधन के तीन चरण: प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक।
6 लेन वाले महा राजमार्गों का जाल, जो चार महानगरों (दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई) को जोड़ता है।
💡 NHAI के अधिकार में। उत्तर-दक्षिण गलियारा श्रीनगर-कन्याकुमारी, पूर्व-पश्चिम गलियारा सिलचर-पोरबंदर।
देश के दूरस्थ भागों को जोड़ने वाला प्राथमिक सड़क तंत्र।
💡 सड़कों के छह वर्ग हैं। राज्य राजमार्ग राजधानियों को ज़िला मुख्यालयों से जोड़ते हैं।
सीमांत क्षेत्रों में सामरिक महत्त्व की सड़कें बनाने वाला संगठन।
💡 1960 में बना। अटल टनल (9.02 किमी) विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है।
वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन का प्रमुख साधन।
💡 पहली रेलगाड़ी 1853 में मुंबई से थाणे (34 किमी)। कुल मार्ग 67,956 किमी।
तेल, गैस और घोल के रूप में ठोस पदार्थ ढोने का साधन। शुरुआती लागत अधिक, चलाने की लागत कम।
💡 तीन प्रमुख जाल: ऊपरी असम से, सलाया से मथुरा-दिल्ली, और हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन।
नौ-चालन योग्य अंतर्देशीय जलमार्ग, जिन्हें सरकार ने राष्ट्रीय घोषित किया।
💡 NW-1 गंगा (हल्दिया-प्रयागराज) 1620 किमी। NW-2 ब्रह्मपुत्र (सदिया-धुबरी) 891 किमी।
विदेशी व्यापार के प्रवेश-द्वार।
💡 12 प्रमुख और 200 मध्यम-छोटे पत्तन। देश का 95% व्यापार (मूल्य में 68%) समुद्र से। स्वतंत्रता के बाद पहला नया पत्तन कांडला।
निर्यात और आयात के मूल्य का अंतर।
💡 निर्यात अधिक हो तो अनुकूल, आयात अधिक हो तो असंतुलित। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को 'आर्थिक बैरोमीटर' कहा गया है।
देश के भीतर और बाहर घूमना, जो आय देता है और संस्कृति समझाता है।
💡 विदेशी पर्यटकों के प्रकार: विरासत, पारि-पर्यटन, रोमांचकारी, सांस्कृतिक, चिकित्सा, व्यापारिक।
शासन की शक्ति किसी एक व्यक्ति या समूह के पास न रहकर कई अंगों, स्तरों और समूहों में बँट जाना। लोकतंत्र में जनता ही सत्ता का स्रोत मानी जाती है।
💡 पुरानी सोच थी कि सत्ता बाँटी नहीं जा सकती। यह अध्याय उसी सोच को उलटता है।
यह सोच कि जिस समुदाय की संख्या अधिक है, वह अल्पसंख्यक की परवाह किए बिना अपनी मर्ज़ी से राज चला सकता है।
💡 श्रीलंका में 1956 के कानून से सिंहली ही एकमात्र राजभाषा बनी और तमिल किनारे हुए।
बेल्जियम में तीसरे स्तर की सरकार, जिसे एक भाषा बोलने वाले लोग चुनते हैं, वे कहीं भी रहते हों।
💡 डच, फ्रेंच और जर्मन-भाषी समुदायों की सरकारें हैं। वे संस्कृति, शिक्षा और भाषा पर निर्णय लेती हैं।
हानि-लाभ का हिसाब लगाकर कहना कि सत्ता बाँटना फ़ायदेमंद है, क्योंकि टकराव और अस्थिरता घटती है।
💡 सत्ता-बँटवारे के पक्ष में पहला तर्क। दूसरा नैतिक तर्क है।
सत्ता की साझेदारी अपने आप में लोकतंत्र की आत्मा है, इसलिए सही है, चाहे लाभ हो या न हो।
💡 जिस शासन में सभी समूहों की भागीदारी हो, वही वैध माना जाता है।
सरकार के अंगों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) के बीच एक ही स्तर पर सत्ता बाँटना।
💡 इसे 'नियंत्रण और संतुलन' की व्यवस्था भी कहते हैं।
ऊँचे और नीचे स्तर की सरकारों (केंद्र, राज्य, स्थानीय) के बीच सत्ता बाँटना।
💡 अगला अध्याय (संघवाद) इसी पर है। बेल्जियम में यह संविधान में लिखा है, श्रीलंका में नहीं।
व्यापारी, उद्योगपति, किसान, मज़दूर जैसे संगठित समूह, जो दबाव बनाकर या समितियों में भाग लेकर सत्ता में हिस्सा पाते हैं।
💡 सत्ता-साझेदारी का चौथा रूप दलों और इन समूहों के माध्यम से बताया गया है।
ऐसी व्यवस्था जिसमें सर्वोच्च सत्ता केंद्र और राज्यों में बँटी हो और दोनों अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करें।
💡 पुस्तक इसकी सात विशेषताएँ गिनाती है: दो स्तर, अलग अधिकार-क्षेत्र, न्यायालय निर्णायक आदि।
जहाँ शासन का एक ही स्तर हो या अन्य इकाइयाँ उसके अधीन हों। केंद्र उन्हें आदेश दे सकता है।
💡 बेल्जियम ने 1993 में संघीय ढाँचा अपनाया। श्रीलंका में व्यवहार में अब भी एकात्मक व्यवस्था है।
राष्ट्रीय महत्त्व के वे विषय, जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बनाती है।
💡 रक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग, संचार, मुद्रा।
प्रांतीय और स्थानीय महत्त्व के विषय, जिन पर केवल राज्य सरकार कानून बनाती है।
💡 पुलिस, व्यापार, वाणिज्य, कृषि, सिंचाई।
साझा रुचि के विषय। इन पर केंद्र और राज्य, दोनों कानून बना सकते हैं।
💡 शिक्षा, वन, मज़दूर-संघ, विवाह, गोद लेना, उत्तराधिकार। टकराव हो तो केंद्र का कानून मान्य होता है।
बहुत छोटे क्षेत्र, जो अलग राज्य नहीं बन सकते। इनका शासन केंद्र सरकार चलाती है।
💡 पुस्तक के उदाहरण: चंडीगढ़, लक्षद्वीप, दिल्ली।
संविधान ने किसी भाषा को राष्ट्रभाषा नहीं माना। हिंदी राजभाषा है और आठवीं अनुसूची की भाषाएँ अनुसूचित भाषाएँ कहलाती हैं।
💡 2011 की जनगणना में 121 प्रमुख भाषाएँ थीं, जिनमें 22 अनुसूचित हैं।
केंद्र और राज्य की कुछ शक्तियाँ लेकर स्थानीय सरकारों को सौंपना।
💡 1992 के संविधान संशोधन से स्थानीय शासन मज़बूत हुआ। कम से कम एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
गाँव स्तर की शासन व्यवस्था। ग्राम सभा में गाँव के सभी मतदाता शामिल होते हैं।
💡 क्रम: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, ज़िला परिषद। चुनाव राज्य चुनाव आयोग कराता है।
काम का ऐसा बँटवारा, जिसमें घर के सभी काम औरतें स्वयं करती हैं या अपनी देखरेख में नौकरों से करवाती हैं।
💡 सर्वेक्षण के अनुसार औरत रोज़ औसतन एक घंटा अधिक काम करती है, पर अधिकांश काम बिना पैसे का होता है।
ऐसी व्यवस्था, जो पुरुषों को अधिक महत्त्व और शक्ति देती है।
💡 साक्षरता: महिलाएँ 54%, पुरुष 76%।
प्रति हज़ार लड़कों पर लड़कियों की संख्या।
💡 2011 की जनगणना में बाल (0-6 वर्ष) लिंग अनुपात 919 रहा।
चुनी हुई संस्थाओं में महिलाओं के लिए तय हिस्सा।
💡 पंचायत और नगरपालिका में एक तिहाई। 2023 के अधिनियम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33%।
राजनीति में धर्म का ऐसा उपयोग कि एक धर्म को श्रेष्ठ और अन्य को विरोधी माना जाए।
💡 इसके चार रूप हैं: रोज़मर्रा के पूर्वाग्रह, राजनीतिक प्रभुत्व की कोशिश, धार्मिक गोलबंदी, हिंसा और दंगे।
ऐसा राज्य, जिसका अपना कोई राजकीय धर्म न हो, जो सबको धर्म मानने की आज़ादी दे और भेदभाव न करे।
💡 श्रीलंका में बौद्ध, पाकिस्तान में इस्लाम और इंग्लैंड में ईसाई धर्म को विशेष दर्जा है। भारत में नहीं।
विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार से जुड़े कानून।
💡 भारत में अलग-अलग धर्मों के अलग पारिवारिक कानून हैं।
यह मान्यता कि जाति ही समुदाय बनाने का एकमात्र आधार है और एक जाति के सभी हित एक जैसे होते हैं।
💡 पुस्तक के अनुसार अनुभव से यह पुष्ट नहीं होता। किसी संसदीय क्षेत्र में एक जाति का स्पष्ट बहुमत नहीं है।
सरकारी अनुसूची में दर्ज जातियाँ (प्रायः दलित) और जनजातियाँ (प्रायः आदिवासी)। OBC की जनगणना में अलग गिनती नहीं होती।
💡 2011 की जनगणना में SC 16.6% और ST 8.6%। OBC का अनुमान लगभग 41% है।
लोगों का संगठित समूह, जो चुनाव लड़कर सत्ता पाने और सामूहिक हित की नीतियाँ लागू करने के लिए काम करता है।
💡 तीन हिस्से: नेता, सक्रिय सदस्य, अनुयायी।
जिस दल की सरकार बनी वह शासक दल है। चुनाव हारने वाले दल विपक्ष की भूमिका निभाते हैं।
💡 विपक्ष गलत नीतियों की आलोचना करता और जनता को गोलबंद करता है।
जहाँ केवल एक दल को सरकार बनाने की अनुमति हो।
💡 चीन (कम्युनिस्ट पार्टी)। इसे लोकतांत्रिक विकल्प नहीं माना गया।
सत्ता मुख्यतः दो दलों के बीच बदलती है। दूसरे दल हों भी तो सरकार बनाने लायक नहीं होते।
💡 अमरीका और ब्रिटेन।
कई दल सत्ता की होड़ में हों और दो से अधिक के पास अकेले या गठबंधन से सत्ता में आने का मौका हो।
💡 भारत। चुनाव आयोग में 750 से अधिक दल पंजीकृत हैं।
बहुदलीय व्यवस्था में कई दल चुनाव लड़ने और सत्ता पाने के लिए हाथ मिलाते हैं।
💡 2004 में तीन गठबंधन: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन, वाम मोर्चा।
चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त दल, जिसकी इकाइयाँ कई राज्यों में हों।
💡 लोकसभा या चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में 6% वोट और लोकसभा की कम से कम 4 सीटें।
राज्य में मान्यता प्राप्त दल। इसका विचार ज़रूरी नहीं कि क्षेत्रीय ही हो।
💡 विधानसभा में 6% वोट और कम से कम 2 सीटें।
चुने हुए प्रतिनिधि का अपना दल छोड़कर दूसरे दल में चले जाना।
💡 संविधान संशोधन के बाद दल बदलने पर सांसद या विधायक की सीट चली जाती है।
दल में ऊँचे पद पर एक ही परिवार के लोगों का आना।
💡 दलों की चार चुनौतियाँ: आंतरिक लोकतंत्र की कमी, वंशवाद, धन और अपराधी तत्त्व, विकल्पहीनता।
अधिकारी को दिया दस्तावेज़, जिसमें व्यक्ति अपनी जानकारी देकर उसके सही होने की शपथ लेता है।
💡 सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से उम्मीदवार को संपत्ति और आपराधिक मामलों का शपथपत्र देना होता है।
नागरिक यह जान सके कि फ़ैसले नियमों के अनुसार लिए गए या नहीं।
💡 गैर-लोकतांत्रिक शासनों में अक्सर नहीं होती।
सरकार के कामकाज की जानकारी माँगने का नागरिक का अधिकार।
💡 पुस्तक के उदाहरण में दिल्ली के एक दिहाड़ी मज़दूर का राशन कार्ड अर्ज़ी के बाद एक हफ़्ते में बन गया।
देश की आय या अर्थव्यवस्था की बढ़त की दर।
💡 1950-2000 में सभी तानाशाहियों की दर 4.42 और सभी लोकतंत्रों की 3.95। गरीब देशों में अंतर बहुत कम।
आय और संपत्ति का बहुत असमान वितरण।
💡 दक्षिण अफ़्रीका में ऊपर के 20% की आय में हिस्सेदारी 64.8% और नीचे के 20% की 2.9%।
हर फ़ैसले में अलग-अलग लोग मिलकर बहुमत बना सकें। यह जन्म से बने स्थायी बहुसंख्यक समूह का शासन नहीं।
💡 धर्म, नस्ल या भाषा का स्थायी बहुसंख्यक शासन बाकियों को बाहर कर देता है।
लोग खुद को शासित प्रजा नहीं, अधिकार रखने वाला नागरिक मानने लगें।
💡 असंतोष और शिकायतें लोकतंत्र की सफलता का संकेत मानी गई हैं।
देश की कुल आय को कुल आबादी से भाग देने पर हर व्यक्ति के हिस्से की औसत कमाई।
💡 औसत से यह पता नहीं चलता कि आय लोगों में कैसे बँटी है।
विश्व बैंक के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों के तीन समूह।
💡 2024 में लगभग US $66,500 या अधिक: उच्च आय। लगभग US $2,300 या कम: निम्न आय। भारत मध्य आय वर्ग में।
एक वर्ष में जन्मे हर 1,000 जीवित बच्चों में से जितने पहले जन्मदिन से पहले मर जाते हैं।
💡 2020 में केरल 6, हरियाणा 28, बिहार 27।
7 वर्ष और उससे ऊपर के लोगों में पढ़ना-लिखना जानने वालों का अनुपात।
💡 2017-18 में केरल 96%, हरियाणा 80%, बिहार 71%।
किसी आयु-वर्ग के सारे बच्चों में से स्कूल जाने वालों का प्रतिशत।
💡 माध्यमिक स्तर (15-17 वर्ष), 2019-21: केरल 77, हरियाणा 67, बिहार 55।
स्कूल, अस्पताल, राशन-दुकान जैसी चीज़ें, जो सब मिलकर उपलब्ध कराते हैं और अकेले पैसे से नहीं खरीदी जा सकतीं।
💡 केरल में शिशु मृत्यु दर कम है, क्योंकि स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएँ अधिक हैं।
वज़न (किग्रा) को ऊँचाई (मीटर) के वर्ग से भाग देने पर मिला अंक, जो बताता है कि पोषण ठीक है या नहीं।
💡 पुस्तक के उदाहरण में 14 वर्ष 8 माह की आयु पर BMI 15.2 अल्प-पोषित माना गया।
यूएनडीपी की रिपोर्ट का क्रम-अंक, जो देशों की तुलना आय के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के आधार पर करता है।
💡 तालिका 1.6 (2025) में 193 देशों में भारत का क्रमांक 130।
विकास ऐसा हो जो आज भी चले और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे।
💡 भूमिगत जल का उदाहरण: 300 ज़िलों में 20 वर्षों में जल-स्तर 4 मीटर से अधिक गिरा।
नवीकरणीय को प्रकृति फिर भर देती है (फ़सल, भूमिगत जल)। गैर नवीकरणीय का भंडार तय है और खत्म हो जाएगा (कच्चा तेल)।
💡 पुनः-पूर्ति से अधिक उपयोग को अति-उपयोग कहते हैं।
जिसमें प्रकृति के संसाधनों का सीधे उपयोग करके वस्तु मिलती है। बाकी उत्पाद इसी पर टिके हैं।
💡 कपास, दूध, खनिज, मछली पकड़ना, वन।
जहाँ प्राकृतिक उत्पाद को कारखाने, कार्यशाला या घर में बदलकर नई चीज़ बनाई जाती है।
💡 कपास से सूत और कपड़ा, गन्ने से चीनी और गुड़, मिट्टी से ईंट।
जो खुद वस्तु नहीं बनाता, बल्कि दूसरे क्षेत्रों के उत्पादन और व्यापार में मदद की सेवा देता है।
💡 परिवहन, भंडारण, संचार, बैंक, व्यापार। नई सेवाएँ: ATM, कॉल सेंटर, सॉफ्टवेयर कंपनी।
जो चीज़ उपभोक्ता तक पहुँचती है वह अंतिम। जो अंतिम चीज़ बनाने में लगती है वह मध्यवर्ती।
💡 बिस्कुट अंतिम वस्तु है, गेहूँ और आटा मध्यवर्ती। GDP में केवल अंतिम वस्तु गिनते हैं, ताकि दोहरी गिनती न हो।
किसी देश के भीतर एक वर्ष में बनी सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य।
💡 अर्थव्यवस्था की विशालता दिखाता है।
सब काम में लगे दिखते हैं, पर ज़रूरत से अधिक लोग लगे हैं, इसलिए सभी क्षमता से कम काम करते हैं।
💡 पुस्तक का उदाहरण: 2 हेक्टेयर खेत में परिवार के सभी 5 सदस्य काम करते हैं। 2 हटें तो उत्पादन नहीं घटेगा।
पंजीकृत उद्यम, जहाँ रोज़गार नियमित है और सरकारी नियम-कानून लागू होते हैं।
💡 सवेतन छुट्टी, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, चिकित्सा, पेंशन जैसे लाभ।
छोटी, बिखरी इकाइयाँ, जो अधिकतर सरकारी नियंत्रण से बाहर हैं। नियम होते हैं, पर माने नहीं जाते।
💡 दैनिक मज़दूर, भूमिहीन मज़दूर, छोटे किसान, कारीगर। कम वेतन, छुट्टी नहीं, कभी भी हटाए जा सकते हैं।
वस्तु-के-बदले-वस्तु में सौदा तभी बनता है जब दोनों पक्षों को ठीक वही चीज़ चाहिए जो दूसरे के पास है।
💡 जूता निर्माता को ऐसा किसान खोजना पड़ता जो जूते भी खरीदे और गेहूँ भी बेचे।
बैंक खाते में जमा वह धन, जिसे माँगने पर कभी भी निकाला जा सकता है और जो चैक से भुगतान में चलता है।
💡 इसे भी मुद्रा गिना जाता है, क्योंकि बिना नकद भुगतान हो जाता है।
उधार देने वाला पैसा, वस्तु या सेवा देता है और बदले में भविष्य में भुगतान का वादा लेता है।
💡 सलीम को ऋण से लाभ हुआ। स्वप्ना की फ़सल बर्बाद हुई, तो वह कर्ज़ में फँसी।
ऐसा कर्ज़ जो आय बढ़ाने की जगह व्यक्ति को ऐसी हालत में फँसा दे कि उससे निकलना कठिन हो।
💡 स्वप्ना को कर्ज़ चुकाने के लिए अपनी ज़मीन का कुछ हिस्सा बेचना पड़ा।
कर्ज़दार की वह संपत्ति जो वह गारंटी के रूप में रखता है। न चुकाने पर उधारदाता उसे बेचकर पैसा वसूल सकता है।
💡 भूमि, इमारत, गाड़ी, पशु, बैंक जमा।
औपचारिक: बैंक और सहकारी समितियाँ। अनौपचारिक: साहूकार, व्यापारी, रिश्तेदार, मित्र।
💡 औपचारिक पर RBI की निगरानी रहती है। अनौपचारिक पर कोई निगरानी नहीं और ब्याज प्रायः अधिक।
ऐसी कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर स्वामित्व या नियंत्रण रखती है और सस्ते श्रम-संसाधन वाली जगह कारखाने लगाती है।
💡 फोर्ड मोटर्स 26 देशों में है। 1995 में भारत आई, चेन्नई के पास निवेश किया।
देश के बाहर के बाज़ारों में माल बेचना और दूसरे देशों का माल अपने बाज़ार में लाना।
💡 उत्पादकों को बाहर का बाज़ार मिलता है और खरीदारों को अधिक विकल्प।
विदेश व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ने से देशों के आपसी जुड़ाव और एकीकरण की तेज़ होती प्रक्रिया।
💡 बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ इसमें मुख्य भूमिका निभा रही हैं।
सरकार द्वारा व्यापार और निवेश पर लगे प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया।
💡 भारत में लगभग 1991 के शुरू से। पहले 1950-60 के दशक में नए उद्योगों को बचाने के लिए प्रतिबंध थे।
आयात पर रोक-टोक के तरीके, जैसे कर लगाना या मात्रा सीमित करना।
💡 आयात कर से माल महँगा होता है। कोटा आयात की संख्या पर सीमा है।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाने वाला संगठन, जो नियम तय करता है और पालन देखता है।
💡 विकसित देशों की पहल पर शुरू। लगभग 160 देश सदस्य।
ऐसा वैश्वीकरण जो सबको अवसर दे और लाभ में सबकी बेहतर हिस्सेदारी सुनिश्चित करे।
💡 सरकार श्रम कानून लागू करे और छोटे उत्पादकों की मदद करे।
उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने वाला कानून, जिसने उपभोक्ता न्यायालय और अधिकार दिए।
💡 2019 में संशोधन: अब इंटरनेट से खरीद भी शामिल।
वस्तु या सेवा चुनने की आज़ादी। दबाव में साथ में दूसरी चीज़ नहीं बेची जा सकती।
💡 अबिरामी ने कोचिंग का दो वर्ष का कोर्स बीच में छोड़ा और धन वापसी का दावा जीता।
अनुचित सौदेबाज़ी से नुकसान होने पर क्षति के अनुसार मुआवज़ा पाने का अधिकार।
💡 श्री प्रकाश का मनीऑर्डर नहीं पहुँचा, तो उन्होंने उपभोक्ता आयोग में मुकदमा किया।
उपभोक्ता विवादों के लिए ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के आयोग।
💡 ज़िला: 1 करोड़ तक। राज्य: 1 से 10 करोड़। राष्ट्रीय: 10 करोड़ से ऊपर।
वस्तु की गुणवत्ता का भरोसा देने वाले लोगो। संगठन जाँच-प्रमाणपत्र देकर इसके प्रयोग की अनुमति देते हैं।
💡 एगमार्क अनाज और खाद्य तेल के लिए। LPG सिलेंडर, सीमेंट और बोतलबंद पानी के लिए प्रमाण अनिवार्य।
इस नाम का शब्द नहीं मिला। दूसरा रूप या English में लिखकर देखें।
भ्रम की जोड़ियाँ: अंतर एक नज़र में
| जोड़ी | अंतर |
|---|---|
| उदारवाद / रूढ़िवाद | उदारवाद स्वतंत्रता और परिवर्तन चाहता है। रूढ़िवाद परंपरा और पुरानी व्यवस्था। |
| असहयोग / सविनय अवज्ञा | असहयोग में सहयोग रोका जाता है। सविनय अवज्ञा में कानून तोड़ना भी शामिल है। |
| विश्व बैंक / IMF | विश्व बैंक पुनर्निर्माण और विकास के लिए ऋण देता है। IMF भुगतान-संतुलन का घाटा सँभालता है। |
| आदि-औद्योगीकरण / कारख़ाना उत्पादन | आदि-औद्योगीकरण में गाँवों में घर पर काम होता था। कारख़ाना उत्पादन में मशीनें और मिलें। |
| स्पिनिंग जेनी / फ्लाई शटल | जेनी कताई की मशीन है। फ्लाई शटल बुनाई की तेज़ करघा तकनीक। |
| वुडब्लॉक / चल टाइप | वुडब्लॉक में पूरे पन्ने का एक ब्लॉक। चल टाइप में अलग-अलग अक्षर, जिन्हें बदला जा सकता है। |
| आरक्षित / रक्षित वन | आरक्षित वन अधिक मूल्यवान और आधे से अधिक। रक्षित वन लगभग एक-तिहाई। |
| नवीकरण योग्य / अनवीकरण योग्य | नवीकरण योग्य संसाधन फिर बन सकते हैं (वन, जल)। अनवीकरण योग्य बनने में लाखों वर्ष लेते हैं (कोयला)। |
| खादर / बांगर | नया जलोढ़ खादर कहलाता है। पुराना जलोढ़ बांगर। |
| रबी / खरीफ | रबी: शीत में बोई, अप्रैल-जून में कटी। खरीफ: मानसून के साथ बोई, सितंबर-अक्तूबर में कटी। |
| प्रारंभिक / गहन जीविका कृषि | प्रारंभिक: छोटे टुकड़े, आदिम औज़ार, स्थानांतरण। गहन: आबादी के दबाव में उर्वरक, सिंचाई और अधिक श्रम। |
| भूदान / ग्रामदान | भूदान: भूमि का दान। ग्रामदान: पूरे गाँव का दान। |
| लौह / अलौह खनिज | लौह में लोहे का अंश (लौह अयस्क, मैंगनीज़)। अलौह: ताँबा, सीसा, जस्ता, बॉक्साइट। |
| आधारभूत / उपभोक्ता उद्योग | आधारभूत के उत्पाद पर दूसरे उद्योग निर्भर (इस्पात)। उपभोक्ता का उत्पाद सीधे उपयोग में आता है (चीनी, पंखे)। |
| सार्वजनिक / निजी / संयुक्त | सार्वजनिक: सरकारी एजेंसियाँ चलाती हैं (SAIL)। निजी: व्यक्ति या कंपनी (टिस्को)। संयुक्त: राज्य सरकार और निजी क्षेत्र (OIL)। |
| राष्ट्रीय राजमार्ग / राज्य राजमार्ग / ज़िला मार्ग | राष्ट्रीय: देश के दूरस्थ भाग। राज्य: राजधानी से ज़िला मुख्यालय। ज़िला: ज़िले के प्रशासनिक केंद्रों से ज़िला मुख्यालय। |
| अनुकूल / असंतुलित व्यापार | निर्यात का मूल्य अधिक हो तो अनुकूल। आयात अधिक हो तो असंतुलित। |
| क्षैतिज / उर्ध्वाधर वितरण | क्षैतिज: सरकार के अंगों में, एक ही स्तर पर। उर्ध्वाधर: केंद्र, राज्य, स्थानीय स्तरों में। |
| युक्तिपरक / नैतिक तर्क | युक्तिपरक तर्क लाभ और स्थिरता पर ज़ोर देता है। नैतिक तर्क सत्ता-साझेदारी को अपने आप में सही मानता है। |
| राष्ट्रीय / राज्य स्तरीय दल | राष्ट्रीय: 6% वोट और लोकसभा की 4 सीटें। राज्य स्तरीय: विधानसभा में 6% वोट और 2 सीटें। |
| एकदलीय / द्विदलीय / बहुदलीय | यह इस पर टिका है कि सरकार बनाने के प्रबल दावेदार कितने हैं: एक, दो या दो से अधिक। |
| बहुमत का शासन / बहुसंख्यक का शासन | बहुमत हर बार अलग लोगों से बन सकता है। स्थायी बहुसंख्यक समूह बाकियों को बाहर कर देता है। |
| अंतिम / मध्यवर्ती वस्तु | अंतिम वस्तु उपभोक्ता तक पहुँचती है। मध्यवर्ती उसे बनाने में लगती है, इसलिए GDP में अलग नहीं गिनी जाती। |
| संगठित / असंगठित क्षेत्रक | आधार है रोज़गार की शर्तें और नियमों का पालन। संगठित में नियमित काम और लाभ, असंगठित में अनिश्चित काम। |
| आयात कर / कोटा | दोनों व्यापार अवरोधक। कर से आयात महँगा होता है, कोटा उसकी मात्रा सीमित करता है। |
| औपचारिक / अनौपचारिक ऋण | औपचारिक: बैंक, सहकारी समितियाँ, RBI की निगरानी। अनौपचारिक: साहूकार आदि, निगरानी नहीं। |
शब्द पहचानो: 24 त्वरित प्रश्न
पहले खुद सोचिए, फिर प्रश्न पर छूकर उत्तर देखिए।
जर्मनी का एकीकरण कब और कहाँ घोषित हुआ?
18 जनवरी 1871, वर्साय में।
नमक यात्रा में कितने स्वयंसेवक थे और कितनी दूरी तय हुई?
78 स्वयंसेवक, 240 किमी।
ब्रेटन वुड्स सम्मेलन कब हुआ?
जुलाई 1944 में।
स्पिनिंग जेनी किसने बनाई?
जेम्स हारग्रीव्ज़ ने, 1764 में।
सबसे पुरानी ज्ञात मुद्रित पुस्तक कौन-सी है?
डायमंड सूत्र (868 ई.)।
बंगाल गज़ट किसने निकाला?
जेम्स ऑगस्टस हिकी ने, 1780 में।
मृदा अपरदन रोकने की दो विधियाँ बताइए।
समोच्च जुताई और सोपान कृषि।
बाघ परियोजना कब शुरू हुई?
1973 में।
टाँका क्या है?
राजस्थान में वर्षाजल जमा करने का भूमिगत टैंक।
रबी की चार फ़सलें बताइए।
गेहूँ, जौ, मटर, चना, सरसों में से कोई भी चार।
सर्वोत्तम गुणवत्ता का लौह अयस्क कौन-सा है?
मैग्नेटाइट, लोहांश लगभग 70%।
कोयले का सबसे अच्छा रूप कौन-सा है?
एंथ्रेसाइट।
इस्पात बनाने में लौह-अयस्क, कोकिंग कोल और चूना पत्थर का अनुपात क्या है?
लगभग 4 : 2 : 1।
भारत का पहला सफल सूती वस्त्र कारखाना कहाँ और कब लगा?
मुंबई में, 1854 में।
स्वर्णिम चतुर्भुज किन चार महानगरों को जोड़ता है?
दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई।
श्रीलंका में 1956 के कानून से कौन-सी भाषा राजभाषा बनी?
सिंहली। यह बहुसंख्यकवाद का उदाहरण है।
भारतीय संविधान की किस सूची के विषय पर टकराव हो तो केंद्र का कानून मान्य होता है?
समवर्ती सूची।
जनगणना 2011 में भारत में सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय कौन-सा था और उसका प्रतिशत?
हिंदू, 79.8%।
राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए क्या चाहिए?
लोकसभा या चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में 6% वोट और लोकसभा की कम से कम 4 सीटें।
1950-2000 में किसकी विकास दर अधिक रही, तानाशाही की या लोकतंत्र की?
सभी तानाशाहियों की (4.42), सभी लोकतंत्रों की 3.95।
शिशु मृत्यु दर किसे कहते हैं?
एक वर्ष में जन्मे 1,000 जीवित बच्चों में से पहले जन्मदिन से पहले मरने वाले बच्चे।
GDP में केवल अंतिम वस्तुएँ क्यों गिनी जाती हैं?
मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य अंतिम वस्तु में पहले से शामिल है। अलग गिनने पर दोहरी गिनती हो जाती।
2017-18 में रोज़गार में प्राथमिक क्षेत्रक का हिस्सा कितना था?
44% (1977-78 में 71%)।
राज्य आयोग में कितनी राशि तक के दावे सुने जाते हैं?
1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक।
इसी विषय के और पन्ने
पाठ्यपुस्तक के अध्याय (NCERT हिन्दी PDF)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस शब्दकोश में कितने अध्याय और शब्द हैं?
चारों विषयों (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र) के 22 अध्याय, 195 शब्द और 40 चित्र हैं। हर शब्द हिन्दी और English में एक ही पंक्ति में है।
शब्द और आँकड़े कहाँ से लिए गए हैं?
NCERT की हिन्दी पाठ्यपुस्तकों (2026-27) से। संख्याएँ और तिथियाँ मूल पन्नों से मिलाई गई हैं। जहाँ पुस्तक में छपाई की भूल दिखी, वह संख्या हमने नहीं दी।
क्या यह राजस्थान बोर्ड की पुस्तक से मेल खाता है?
यह NCERT पर आधारित है। राजस्थान बोर्ड की पुस्तक में शब्द अलग हो सकते हैं, तब परीक्षा में अपनी पुस्तक वाला शब्द लिखें।
याद-मोड कैसे काम करता है?
याद-मोड चालू करने पर हर शब्द का अर्थ धुंधला हो जाता है। पहले खुद बोलें, फिर कार्ड छूकर अर्थ देखें।

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