Class 10 Social Science Glossary Hindi-English | कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान शब्दकोश

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कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान शब्दकोश: इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र (हिन्दी-English, चित्र सहित)

NCERTClasses टीम

चारों विषय, एक ही लेख में

22 अध्याय · 195 शब्द · 40 चित्र

इतिहासभूगोलराजनीति विज्ञानअर्थशास्त्र

यह कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान का पूरा शब्दकोश है। इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र के हर अध्याय के शब्द हिन्दी और English में एक ही पंक्ति में हैं। खोज बॉक्स और अध्याय-बटन पूरे लेख पर चलते हैं।

इसे ऐसे इस्तेमाल करें:
  • पहले चित्र देखें: हर अध्याय की शुरुआत में चित्र और "एक मिनट में समझें" है।
  • फिर शब्द-कार्ड: खोज बॉक्स में हिन्दी या English में शब्द लिखें।
  • याद-मोड: अर्थ धुंधला हो जाता है। पहले खुद बोलें, फिर कार्ड छूकर जाँचें।
शब्दों के बारे में: शब्द और आँकड़े NCERT हिन्दी पाठ्यपुस्तकों (2026-27) से मिलाए गए हैं। अर्थ और चित्र हमारे अपने बनाए हैं। आपकी पुस्तक में शब्द अलग हो तो परीक्षा में पुस्तक वाला लिखें।
अध्याय 1: यूरोप में राष्ट्रवाद का उदयबोर्ड में 5 अंक
एक मिनट में समझें: फ्रांसीसी क्रांति के बाद उदारवाद और राष्ट्रवाद फैले। 1815 में रूढ़िवादी शासक लौटे। 1848 की क्रांतियों के बाद इटली और जर्मनी राष्ट्र-राज्य बने।
1797नेपोलियन का इटली परआक्रमण1815वियना संधि1834ज़ॉल्वेराइन शुल्क संघ1848क्रांतियाँ, फ्रैंकफर्ट संसद1859-70इटली का एकीकरण1871जर्मनी का एकीकरण
चित्र 1: यूरोप में राष्ट्रवाद की तिथियाँ।
एक "गज़" (ell) की लंबाई, सेमीफ्रैंकफर्ट54.7मेन्ज़55.1नूरेमबर्ग65.6फ्राइबुर्ग53.5एक ही नाप, अलग-अलग मान। जर्मन राज्यों में व्यापार में यही अड़चन थी।
चित्र 2: एक ही नाप के अलग मान।
निरंकुशवादAbsolutism

ऐसा शासन जिसमें शासक पर कोई रोक-टोक नहीं होती और सत्ता पूरी तरह उसी के हाथ में रहती है।

💡 19वीं सदी के आरंभ में यूरोप के बड़े भाग में निरंकुश राजतंत्र थे।

राष्ट्र-राज्यNation-state

ऐसा राज्य जिसमें एक सीमा के भीतर रहने वाले लोग स्वयं को एक राष्ट्र मानते हैं।

💡 जर्मनी का एकीकरण 18 जनवरी 1871 को वर्साय में पूरा हुआ। कैसर विलियम प्रथम घोषित हुए।

1804 की नागरिक संहिताNapoleonic Code (Civil Code of 1804)

नेपोलियन का बनाया कानून, जिसने जन्म पर आधारित विशेषाधिकार हटाए और कानून के आगे बराबरी दी।

💡 संपत्ति का अधिकार सुरक्षित किया। जीते हुए क्षेत्रों में भी लागू हुई।

उदारवादLiberalism

स्वतंत्रता और कानून के सामने समानता पर ज़ोर देने वाली विचारधारा।

💡 आर्थिक क्षेत्र में बाज़ार की स्वतंत्रता और वस्तुओं-पूँजी के आवागमन पर रोक हटाने की माँग।

रूढ़िवादConservatism

पुरानी व्यवस्था, परंपरा और संस्थाओं को बनाए रखने का पक्षधर विचार।

💡 1815 के बाद रूढ़िवादी शासन लौटे, पर पूरी तरह पुरानी व्यवस्था नहीं लौटी।

वियना संधि (1815)Treaty of Vienna

नेपोलियन की हार के बाद यूरोप की व्यवस्था फिर से तय करने वाला समझौता।

💡 मेटरनिख की अध्यक्षता में हुई। उद्देश्य नेपोलियन से पहले की व्यवस्था लौटाना था।

ज़ॉल्वेराइनZollverein

प्रशा की पहल पर बना शुल्क संघ, जिसने जर्मन राज्यों के बीच सीमा-शुल्क की बाधा घटाई।

💡 1834 में बना। मुद्राओं की संख्या 30 से अधिक से घटकर 2 रह गई।

फ्रैंकफर्ट संसदFrankfurt Parliament

जर्मन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की सभा, जो संविधान बनाने बैठी।

💡 18 मई 1848, सेंट पॉल चर्च, 831 प्रतिनिधि। फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ ने ताज ठुकरा दिया।

रूपकAllegory

किसी अमूर्त विचार को किसी व्यक्ति या चित्र के रूप में दिखाना।

💡 फ्रांस की मारीआन और जर्मनी की जर्मेनिया। ओक की पत्तियों का मुकुट वीरता का प्रतीक।

मात्सिनी, कावूर, गैरीबॉल्डीMazzini, Cavour, Garibaldi

इटली के एकीकरण के तीन नायक: विचारक, कूटनीतिज्ञ मंत्री और सैनिक।

💡 मात्सिनी ने यंग इटली बनाया। कावूर ने कूटनीति चलाई। गैरीबॉल्डी ने 1860 में 'लाल कुर्ते' वाली हज़ार सैनिकों की मुहिम चलाई।

अध्याय 2: भारत में राष्ट्रवादबोर्ड में 5 अंक
एक मिनट में समझें: गांधीजी के सत्याग्रह से राष्ट्रीय आंदोलन जन-आंदोलन बना। असहयोग (1921) के बाद सविनय अवज्ञा (1930) आया, जिसमें कानून भी तोड़े गए।
महामंदी और साइमन कमीशन (1928)इरविन की अस्पष्ट घोषणा (अक्टूबर 1929)लाहौर अधिवेशन: पूर्ण स्वराज (दिसंबर 1929)गांधीजी का 11 माँगों वाला पत्र (31 जनवरी 1930)नमक यात्रा: 78 स्वयंसेवक, 240 किमी, 24 दिन, दांडी में 6 अप्रैल
चित्र 3: पूर्ण स्वराज से नमक यात्रा तक।
सत्याग्रहSatyagraha

सच्चाई और अहिंसा के बल पर अन्याय का विरोध करने की गांधीजी की पद्धति।

💡 गांधीजी जनवरी 1915 में लौटे। चंपारण (1917), खेड़ा (1917), अहमदाबाद (1918)।

रॉलट एक्टRowlatt Act

1919 का कानून, जिसने बिना मुकदमे के गिरफ़्तारी की छूट दी।

💡 दो साल तक बिना मुकदमे नज़रबंदी। 6 अप्रैल 1919 को हड़ताल हुई।

जलियाँवाला बागJallianwala Bagh

अमृतसर का वह मैदान, जहाँ सभा पर गोली चली।

💡 13 अप्रैल 1919, जनरल डायर।

ख़िलाफ़त आंदोलनKhilafat Movement

तुर्की के खलीफ़ा के प्रति हुए व्यवहार के विरोध में मुसलमानों का आंदोलन।

💡 ख़िलाफ़त समिति मार्च 1919 में बंबई में बनी।

असहयोग आंदोलनNon-Cooperation Movement

सरकार से हर स्तर पर सहयोग रोकने का अभियान।

💡 नागपुर अधिवेशन दिसंबर 1920। आरंभ जनवरी 1921।

साइमन कमीशनSimon Commission

संवैधानिक सुधार जाँचने के लिए आया आयोग।

💡 1928 में आया। इसमें कोई भारतीय सदस्य नहीं था, इसलिए विरोध हुआ।

पूर्ण स्वराजPurna Swaraj

ब्रिटिश अधीनता से पूरी आज़ादी की माँग।

💡 लाहौर अधिवेशन, दिसंबर 1929। 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस की प्रतिज्ञा।

नमक यात्राSalt March

नमक कानून तोड़कर शुरू हुआ सविनय अवज्ञा आंदोलन।

💡 78 स्वयंसेवक, 240 किमी, 24 दिन। दांडी में 6 अप्रैल 1930 को नमक कानून तोड़ा गया।

गांधी-इरविन समझौताGandhi-Irwin Pact

आंदोलन रोकने और गोलमेज़ सम्मेलन में भाग लेने का समझौता।

💡 5 मार्च 1931।

पूना पैक्टPoona Pact

दलित वर्गों के प्रतिनिधित्व पर गांधीजी और अंबेडकर के बीच समझौता।

💡 सितंबर 1932। अंबेडकर का दलित वर्ग संघ 1930 में बना था।

अध्याय 3: भूमंडलीकृत विश्व का बननाबोर्ड में 5 अंक
एक मिनट में समझें: व्यापार, पूँजी और श्रम के प्रवाह ने दुनिया जोड़ी। महामंदी (1929) ने उसे तोड़ा। 1944 के बाद IMF और विश्व बैंक की व्यवस्था बनी।
भारत के निर्यात में हिस्सा (%)सूती कपड़ालगभग 18003018151518703कच्ची कपास18125187135भारत तैयार माल का निर्यातक से कच्चे माल का निर्यातक बनता गया।
चित्र 4: भारत के निर्यात का बदलता रूप।
लगभग 3000 ई.पू.सिंधु घाटी के व्यापार कासंकेत1845-49आयरलैंड का अकाल1892रिंडरपेस्ट अटलांटिकतट पर1914फोर्ड: 5 डॉलरप्रतिदिन1929महामंदी1944ब्रेटन वुड्स सम्मेलन1947IMF और विश्व बैंक काकार्य आरंभ
चित्र 5: भूमंडलीकृत विश्व की तिथियाँ।
कॉर्न लॉCorn Laws

ब्रिटेन में अनाज के आयात पर लगी रोक के कानून।

💡 इनके हटने पर सस्ता अनाज आया और नई ज़मीन खेती में आई।

रिंडरपेस्टRinderpest

पशुओं की घातक महामारी।

💡 1880 के दशक के अंत में अफ्रीका में फैली। लगभग 90% पशु मरे।

गिरमिटिया (अनुबंधित) श्रमिकIndentured labour

अनुबंध से बँधे मज़दूर, जिन्हें दूर के देशों में काम पर ले जाया जाता था।

💡 5 साल का अनुबंध। यह प्रथा 1921 में समाप्त हुई।

असेंबली लाइनAssembly line

चलती पंक्ति में एक साथ बहुत सामान बनाने की बृहत उत्पादन पद्धति।

💡 फोर्ड ने जनवरी 1914 से 5 डॉलर प्रतिदिन मज़दूरी दी। कारें 20 लाख (1919) से 50 लाख से अधिक (1929)।

महामंदीGreat Depression

1929 से शुरू हुआ भारी आर्थिक संकट।

💡 1933 तक 4,000 से अधिक बैंक बंद हुए। 1929-32 में लगभग 1,10,000 कंपनियाँ डूबीं।

ब्रेटन वुड्सBretton Woods

युद्धोत्तर आर्थिक व्यवस्था तय करने वाला सम्मेलन।

💡 जुलाई 1944। 1 डॉलर = 35 औंस सोने का स्थिर मान।

IMF और विश्व बैंकIMF and World Bank

ब्रेटन वुड्स से जन्मी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएँ।

💡 दोनों ने 1947 से काम आरंभ किया। विश्व बैंक पुनर्निर्माण-विकास ऋण देता है, IMF भुगतान-संतुलन का घाटा सँभालता है।

अध्याय 4: उद्योगीकरण का युगबोर्ड में 5 अंक
एक मिनट में समझें: कारख़ानों से पहले आदि-औद्योगीकरण था। फिर मशीनें आईं। भारत में गुमाश्ता और जॉबर जैसे बीच के लोग बने, और बंबई जैसे शहरों में मिलें खुलीं।
1764स्पिनिंग जेनी (हारग्रीव्ज़)1854बंबई में पहली सूती मिल1855पहली जूट मिल1874मद्रास की पहली सूती मिल1912जमशेदपुर में इस्पातकारखाना
चित्र 1: उद्योगीकरण की प्रमुख तिथियाँ।
कारख़ाना मज़दूर (लाख)19015.84194624.36लगभग 45 साल में चार गुना से अधिक मज़दूर।
चित्र 2: कारख़ानों में काम करने वाले।
आदि-औद्योगीकरणProto-industrialisation

कारख़ानों से पहले का गाँव-आधारित व्यापारिक उत्पादन।

💡 सौदागर किसानों और कारीगरों से घर पर काम कराते थे।

गिल्ड्सGuilds

कारीगर-व्यापारियों के संघ।

💡 शहरों में उत्पादन और कीमतों को नियंत्रित करते थे।

कार्डिंगCarding

रेशों को सीधा करने की प्रक्रिया।

💡 कताई से पहले का चरण।

स्पिनिंग जेनीSpinning Jenny

एक साथ कई तकले चलाने वाली मशीन।

💡 जेम्स हारग्रीव्ज़ ने 1764 में बनाई।

भाप का इंजनSteam engine

भाप से चलने वाला इंजन, जिससे कारख़ानों की मशीनें चलीं।

💡 वॉट और बोल्टन के कारख़ाने के 321 इंजनों में 80 कपास और 9 ऊन उद्योग में थे।

गुमाश्ताGomastha

ईस्ट इंडिया कंपनी का वेतनभोगी एजेंट, जो बुनकरों पर निगरानी रखता था।

💡 बुनकरों की आपूर्ति पर कंपनी का नियंत्रण बनाता था।

जॉबरJobber

मिलों में मज़दूर भर्ती करने वाला व्यक्ति।

💡 1911 में बंबई के आधे से अधिक मिल-मज़दूर रत्नागिरी ज़िले से थे।

फ्लाई शटलFly shuttle

रस्सी और चरखी वाली तेज़ करघा तकनीक।

💡 1941 तक 35% से अधिक हथकरघों में। त्रावणकोर और मद्रास में 70-80% में।

प्रबंधकीय एजेंसियाँManaging agencies

उद्योग चलाने वाली यूरोपीय फ़र्में।

💡 बर्ड हेगलर्स, एंड्रयू यूल, जार्डिन स्किनर।

स्टेपलर और फुलरStapler and Fuller

स्टेपलर ऊन छाँटता था। फुलर कपड़े को समेटता था।

💡 दोनों आदि-औद्योगिक उत्पादन की कड़ी थे।

लेबल और कैलेंडरLabels and calendars

विज्ञापन के साधन, जिनसे निर्माता अपने माल की पहचान और माँग बनाते थे।

💡 'मेड इन मैनचेस्टर' लेबल इसका उदाहरण है।

अध्याय 5: मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनियाबोर्ड में 5 अंक
एक मिनट में समझें: छपाई चीन-जापान से यूरोप पहुँची। गुटेन्बर्ग की प्रेस से किताबें सस्ती हुईं। भारत में अख़बारों ने सुधार और राष्ट्रवाद के विचार फैलाए।
594 ई.चीन में वुडब्लॉक छपाई868डायमंड सूत्र छपा1295मार्को पोलो वुडब्लॉकइटली लाया1448गुटेन्बर्ग प्रेस पूरी1780हिकी का बंगाल गज़ट1821संवाद कौमुदी1878वर्नाक्युलर प्रेसएक्ट
चित्र 3: छपाई का सफ़र।
यूरोप में छपी पुस्तकों की प्रतियाँ (करोड़)15वीं सदी का उत्तरार्ध216वीं सदी में20छपाई के फैलने से किताबें 10 गुना हो गईं।
चित्र 4: किताबों की बाढ़।
छपाई का प्रसारज्ञानोदय के विचार (वॉल्टेयर, रूसो)वाद-विवाद की संस्कृतिराजतंत्र-विरोधी व्यंग्य (1780 तक)फ्रांसीसी क्रांति
चित्र 5: छपाई से फ्रांसीसी क्रांति तक।
वुडब्लॉक प्रिंटWoodblock print

लकड़ी के ब्लॉक पर उकेरकर की गई छपाई।

💡 चीन में लगभग 594 ई. में। मार्को पोलो 1295 में इटली लाया।

डायमंड सूत्रDiamond Sutra

सबसे पुरानी ज्ञात मुद्रित पुस्तक।

💡 868 ई. में छपी।

गुटेन्बर्ग प्रिंटिंग प्रेसGutenberg press

धातु के चल टाइप वाली प्रेस।

💡 1430 के दशक में बननी शुरू, 1448 में पूरी। एक घंटे में 250 पन्ने। बाइबिल की लगभग 180 प्रतियाँ।

मुद्रण क्रांतिPrint revolution

छपाई से लोगों के पढ़ने और सोचने के ढंग में आया बदलाव।

💡 1450-1550 में प्रेस फैले। किताबों की प्रतियाँ 2 करोड़ से 20 करोड़ हुईं।

प्रोटेस्टेंट धर्मसुधारProtestant Reformation

कैथोलिक चर्च के सुधार का आंदोलन।

💡 मार्टिन लूथर की 95 स्थापनाएँ छपीं। न्यू टेस्टामेंट की 5,000 प्रतियाँ बिकीं।

इन्क्वीज़ीशनInquisition

धर्मविरोधी विचार परखने वाली चर्च की अदालत।

💡 1558 से प्रतिबंधित पुस्तकों की सूची बनने लगी।

बंगाल गज़टBengal Gazette

भारत के आरंभिक अंग्रेज़ी साप्ताहिकों में एक।

💡 जेम्स ऑगस्टस हिकी ने 1780 में निकाला।

संवाद कौमुदीSambad Kaumudi

राममोहन राय का पत्र।

💡 1821 में निकला।

वर्नाक्युलर प्रेस एक्टVernacular Press Act

देशी भाषा के अख़बारों पर रोक लगाने वाला कानून।

💡 1878 में लागू हुआ।

गुलामगिरीGulamgiri

ज्योतिबा फुले की पुस्तक।

💡 1871 में प्रकाशित हुई।

अध्याय 6: संसाधन एवं विकासबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: संसाधन चार आधारों पर बाँटे जाते हैं: उत्पत्ति, समाप्यता, स्वामित्व और विकास का स्तर। भारत की मिट्टी के मुख्य प्रकार: जलोढ़, काली, लाल-पीली, लेटराइट, मरुस्थली, वन।
संसाधनप्राकृतिकमानवीयनवीकरण योग्यअनवीकरण योग्यसतत: पवन,जलजैव: वन,जीवपुनःचक्रीय:धातुअचक्रीय:जीवाश्म ईंधनसंरचनाएँ औरसंस्थाएँमात्रा औरगुणवत्ता
चित्र 1: संसाधनों का वर्गीकरण।
ऊपरी स्तर की मृदाउप-मृदा: बालू, गाद और मृत्तिकाअधःस्तरीय अपक्षयित आधारी चट्टानेंअपक्षय रहित आधारी चट्टानेंगहराई बढ़ती है
चित्र 2: मृदा परिच्छेदिका। ऊपर की परत सबसे उपजाऊ।
संसाधनResource

पर्यावरण की वह चीज़ जो हमारी ज़रूरत पूरी करे, यदि उसे उपयोग करने की तकनीक हो, वह आर्थिक रूप से संभव और संस्कृति में स्वीकार्य हो।

💡 पुस्तक चार आधारों पर वर्गीकरण देती है: उत्पत्ति, समाप्यता, स्वामित्व और विकास का स्तर।

सतत पोषणीय विकासSustainable development

ऐसा विकास जो पर्यावरण को हानि न पहुँचाए और जिसमें आज की प्रगति के साथ आने वाली पीढ़ियों की ज़रूरतें भी सुरक्षित रहें।

💡 अवधारणा ब्रुन्ड्टलैंड आयोग की रिपोर्ट (1987) में आई।

एजेंडा 21Agenda 21

21वीं सदी के लिए टिकाऊ विकास की वैश्विक कार्ययोजना। हर स्थानीय निकाय अपना स्थानीय एजेंडा बनाए।

💡 रियो डी जेनेरो (ब्राज़ील) पृथ्वी सम्मेलन, जून 1992।

शुद्ध (निवल) बोया गया क्षेत्रNet sown area

वह भूमि जिस पर फ़सल बोई और काटी जाती है। एक वर्ष में एक से अधिक बार बोई भूमि भी जोड़ें तो सकल कृषित क्षेत्र बनता है।

💡 2019-20 में कुल सूचित क्षेत्र का 45.64%।

भूमि निम्नीकरणLand degradation

भूमि की गुणवत्ता घटना, जैसे लवणीयता, क्षारीयता, जलाक्रांतता और कटाव।

💡 खनन, अति पशुचारण और अधिक सिंचाई इसके कारण हैं।

जलोढ़ मृदाAlluvial soil

नदियों द्वारा लाए जमाव से बनी बहुत उपजाऊ मिट्टी। पूरा उत्तरी मैदान इसी से बना है।

💡 सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र के निक्षेप। गन्ना, चावल, गेहूँ और दलहन के लिए उपयुक्त।

काली मृदा (रेगर)Black soil (Regur)

बहुत महीन कणों की काली मिट्टी, जो नमी को देर तक रोकती है और कपास के लिए अच्छी है।

💡 लावा से बनी। दक्कन के पठार में मिलती है। सूखे में गहरी दरारें पड़ती हैं।

लेटराइट मृदाLaterite soil

भारी वर्षा से पोषक तत्त्व बह जाने (निक्षालन) से बनी अम्लीय, ईंट जैसी मिट्टी।

💡 'लेटर' का अर्थ यूनानी में ईंट है। संरक्षण से चाय, कॉफी और काजू होते हैं।

मृदा अपरदनSoil erosion

मिट्टी के कटकर बह जाने या उड़ जाने की प्रक्रिया।

💡 रोकथाम: समोच्च जुताई, सोपान कृषि, पट्टी कृषि, रक्षक मेखला।

अध्याय 7: वन एवं वन्य जीव संसाधनबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: वन तीन वर्गों में बाँटे जाते हैं। संरक्षण के कानून और परियोजनाएँ 1972 से शुरू हुईं। लोगों की भागीदारी के बिना वन नहीं बचते।
आरक्षित वन: कुल वन क्षेत्र के आधेसे अधिक। संरक्षण की दृष्टि से सबसेमूल्यवानरक्षित वन: कुल वन क्षेत्र का लगभगएक-तिहाई। और नष्ट होने से बचाए जातेहैंये दोनों मिलकर स्थायी वन क्षेत्र हैंअवर्गीकृत वन: शेष वन और बंजर भूमि, जिनके स्वामी सरकार, व्यक्ति या समुदाय होसकते हैं
चित्र 3: वनों के तीन वर्ग।
जैव विविधताBiodiversity

किसी क्षेत्र में पौधों और जंतुओं की अनेक जातियों का होना।

💡 भारत में विश्व की जैव उपजातियों का लगभग 8% पाया जाता है।

आरक्षित वनReserved forest

सरकार द्वारा पक्के तौर पर आरक्षित वन। संरक्षण की दृष्टि से सबसे मूल्यवान।

💡 देश के वन क्षेत्र के आधे से अधिक को आरक्षित घोषित किया गया है।

रक्षित वनProtected forest

वे वन जिन्हें और नष्ट होने से बचाने के लिए सुरक्षा दी गई है।

💡 कुल वन क्षेत्र का लगभग एक-तिहाई।

अवर्गीकृत वनUnclassed forest

बाकी सभी वन और बंजर भूमि, जिनके स्वामी सरकार, व्यक्ति या समुदाय हो सकते हैं।

💡 पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और गुजरात में अधिकतर वन ऐसे हैं।

वन्यजीवन (रक्षण) अधिनियमWildlife (Protection) Act

वन्य जीवों के शिकार और व्यापार पर रोक तथा उनके आवासों की कानूनी सुरक्षा।

💡 1972 में लागू। 1991 में पहली बार पौधों की 6 जातियाँ सूची में आईं।

बाघ परियोजनाProject Tiger

बाघों को बचाने का कार्यक्रम, जो वास्तव में पूरे बड़े जैव-तंत्र को बचाने का प्रयास है।

💡 1973 में शुरू। बाघ 20वीं सदी के आरंभ के लगभग 55,000 से घटकर 1973 में 1,827 रह गए।

संयुक्त वन प्रबंधन (JFM)Joint Forest Management

वन विभाग और गाँव की संस्थाएँ मिलकर बिगड़े वनों की रक्षा करें और लाभ में हिस्सा पाएँ।

💡 औपचारिक शुरुआत 1988 में। ओडिशा ने पहला प्रस्ताव पास किया।

चिपको आंदोलनChipko movement

हिमालय में लोग पेड़ों से चिपककर कटाई रोकते थे।

💡 कई क्षेत्रों में कटाई रुकी। टिहरी का बीज बचाओ आंदोलन भी पुस्तक में है।

पवित्र पेड़ों के झुरमुटSacred groves

देवी-देवताओं के नाम पर बचाए गए वन के हिस्से, जिनमें कोई छेड़छाड़ नहीं करता।

💡 राजस्थान में बिश्नोई गाँवों के पास काले हिरण, चिंकारा, नीलगाय और मोर निश्चिंत घूमते हैं।

अध्याय 8: जल संसाधनबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: जल की कमी वर्षा की कमी से अधिक, अति-उपयोग और असमान बँटवारे से आती है। समाधान: बाँध के साथ वर्षाजल संग्रहण।
औसत वार्षिक वर्षा (सेमी)इज़राइल25भारत114फिर भी भारत में हर वर्ष कहीं न कहीं सूखा पड़ता है।
चित्र 4: वर्षा कम, फिर भी अभाव नहीं।
छत से वर्षाजल,PVC पाइप मेंरेत और ईंट केछनन से साफ़भूमिगत पाइप सेहौज़ तकहौज़ का अतिरिक्तजल कुएँ तककुएँ से भूमिगतजल का पुनर्भरणछत पर वर्षाजल संग्रहणहौज़ का जल तुरंत काम आता है। कुएँ का जल बाद में।
चित्र 5: छत वर्षाजल संग्रहण।
जल दुर्लभताWater scarcity

पानी की कमी, जो अति-शोषण, अधिक उपयोग और असमान बँटवारे से आती है, केवल कम वर्षा से नहीं।

💡 इज़राइल में वर्षा 25 सेमी, फिर भी अभाव नहीं। भारत में 114 सेमी, फिर भी सूखा।

बहुउद्देशीय नदी परियोजनाएँMultipurpose river projects

ऐसे बाँध, जिनके एकत्र जल से एक साथ सिंचाई, बिजली, बाढ़ नियंत्रण आदि अनेक काम होते हैं।

💡 भाखड़ा-नांगल और हीराकुड। नेहरू ने बाँधों को 'आधुनिक भारत के मंदिर' कहा।

सरदार सरोवर परियोजनाSardar Sarovar Project

नर्मदा पर गुजरात में बना बड़ा बाँध, जो चार राज्यों के काम आता है।

💡 राज्य: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान। राजस्थान के बाड़मेर और जालोर को लाभ।

छत वर्षाजल संग्रहणRoof-top rainwater harvesting

छत पर गिरे वर्षा के पानी को पाइप से एकत्र कर पीने और उपयोग के लिए रखना।

💡 पुस्तक का उदाहरण: गंडाथूर (मैसूरु, कर्नाटक) के लगभग 200 घर।

टाँकाTanka

राजस्थान के घर या आँगन में बना भूमिगत टैंक, जिसमें छत का वर्षाजल पीने के लिए जमा होता है।

💡 बीकानेर, फलोदी, बाड़मेर में आम। पहली वर्षा का पानी जमा नहीं करते। वर्षाजल को 'पालर पानी' कहते हैं।

खादीन और जोहड़Khadin and Johad

खेतों में वर्षा जल रोकने की संरचनाएँ, ताकि मिट्टी सिंचित हो।

💡 जैसलमेर में 'खादीन', राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में 'जोहड़'।

जल जीवन मिशनJal Jeevan Mission

हर ग्रामीण परिवार तक नल से पीने योग्य जल पहुँचाने का सरकारी मिशन।

💡 लक्ष्य: प्रति व्यक्ति 55 लीटर के सेवा स्तर पर पाइप से जल।

अटल भूजल योजनाAtal Bhujal Yojana

भूजल की कमी वाले क्षेत्रों में जल-संरक्षण और समझदारी से उपयोग के लिए योजना।

💡 7 राज्य, 80 ज़िले। इनमें राजस्थान भी है।

अध्याय 9: कृषिबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: कृषि जीविका के लिए या बिक्री के लिए होती है। फ़सलें तीन ऋतुओं में बँटी हैं: रबी, खरीफ, ज़ायद। भूदान-ग्रामदान भूमि सुधार का प्रयास था।
कृषिजीविका निर्वाहवाणिज्यिकप्रारंभिक: छोटे टुकड़े,आदिम औज़ार, झूम(स्थानांतरण)गहन: आबादी कादबाव, श्रम अधिक,उर्वरक और सिंचाईरोपण: एक फ़सल, बड़ाक्षेत्र, चाय, कॉफी, रबड़,गन्ना, केला
चित्र 1: कृषि के प्रकार।
रबीबुआई: अक्तूबर-दिसंबर (शीत)कटाई: अप्रैल-जूनगेहूँ, जौ, मटर, चना, सरसोंखरीफबुआई: मानसून के आगमन के साथकटाई: सितंबर-अक्तूबरचावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, तुर, मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली, सोयाबीनज़ायदरबी और खरीफ के बीच, ग्रीष्म ऋतु मेंतरबूज़, खरबूज़े, खीरे, सब्ज़ियाँ, चारा
चित्र 2: तीन फ़सल ऋतुएँ। गन्ने को तैयार होने में लगभग एक वर्ष लगता है।
कर्तन दहन (झूम) खेतीSlash-and-burn cultivation

ज़मीन साफ़ करके जलाना, खेती करना और उर्वरता घटने पर दूसरी जगह चले जाना।

💡 असम-मेघालय में 'झूम', मणिपुर में 'पामलू', बस्तर-अंडमान में 'दीपा', दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में 'वालरे'।

गहन जीविका कृषिIntensive subsistence farming

जहाँ आबादी का दबाव अधिक है, वहाँ कम ज़मीन से अधिकतम उपज के लिए श्रम-गहन खेती।

💡 विरासत में बँटवारे से जोतें और छोटी होती जाती हैं।

वाणिज्यिक कृषिCommercial farming

आधुनिक निवेश (अधिक उपज वाले बीज, उर्वरक, कीटनाशक) से बिक्री के लिए ऊँची उपज वाली खेती।

💡 चावल हरियाणा-पंजाब में वाणिज्यिक फ़सल, ओडिशा में जीविका फ़सल।

रोपण कृषिPlantation agriculture

बड़े क्षेत्र में एक ही फ़सल, अधिक पूँजी और श्रमिक से। सारा उत्पादन उद्योग का कच्चा माल बनता है।

💡 कृषि और उद्योग के बीच की कड़ी। चाय (असम), कॉफी (कर्नाटक), रबड़, गन्ना, केला।

रबीRabi

शीत ऋतु में बोई और गर्मी के आरंभ में काटी जाने वाली फ़सल।

💡 बुआई अक्तूबर-दिसंबर, कटाई अप्रैल-जून। गेहूँ, जौ, मटर, चना, सरसों।

खरीफKharif

मानसून के आगमन के साथ बोई और सितंबर-अक्तूबर में काटी जाने वाली फ़सल।

💡 चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, तुर, मूँग, उड़द, कपास, जूट, मूँगफली, सोयाबीन।

ज़ायदZaid

रबी और खरीफ के बीच, ग्रीष्म ऋतु की अल्पकालिक फ़सल।

💡 तरबूज़, खरबूज़े, खीरे, सब्ज़ियाँ और चारा।

चावलRice

भारत का मुख्य खाद्यान्न, खरीफ फ़सल। चीन के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।

💡 25°C से ऊपर तापमान, 100 सेमी से अधिक वर्षा। असम, प. बंगाल, ओडिशा में तीन फ़सलें: ऑस, अमन, बोरो।

गेहूँWheat

भारत की दूसरी सबसे महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न फ़सल, रबी।

💡 50 से 75 सेमी वर्षा। मुख्य क्षेत्र: गंगा-सतलुज का मैदान और दक्कन का काली मिट्टी वाला क्षेत्र।

दालेंPulses

शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत।

💡 भारत सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता। अरहर को छोड़ बाकी दालें हवा से नाइट्रोजन लेकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं, इसलिए फ़सल-आवर्तन में बोई जाती हैं।

भूदान-ग्रामदानBhoodan-Gramdan

विनोबा भावे का आंदोलन: भूमिहीनों के लिए भूमि का दान (भूदान) और पूरे गाँव का दान (ग्रामदान)।

💡 पोचमपल्ली (तेलंगाना) में श्री राम चन्द्र रेड्डी ने 80 भूमिहीन परिवारों को 80 एकड़ दी। इसे 'रक्तहीन क्रांति' कहा गया।

अध्याय 10: खनिज तथा ऊर्जा संसाधनबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: खनिज तीन वर्गों में बँटे हैं। कोयला भारत का मुख्य ऊर्जा खनिज है। मैग्नेटाइट सर्वोत्तम और हेमेटाइट सर्वाधिक प्रयुक्त लौह अयस्क है।
खनिजधात्विकअधात्विकऊर्जा खनिजअभ्रक, नमक, पोटाश,सल्फर, चूना पत्थर,संगमरमरकोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिकगैसलौह: लौहअयस्क,मैंगनीज़अलौह: ताँबा,सीसा, जस्ता,बॉक्साइट
चित्र 3: खनिजों का वर्गीकरण।
कोयले के रूप: नीचे से ऊपर गुणवत्ता बढ़ती हैपीटदलदल में क्षय होतेपादप। कार्बन कम,नमी अधिकलिग्नाइटभूरा, मुलायम। नैवेली(तमिलनाडु), बिजलीबिटुमिनससबसे लोकप्रिय।धातुशोधन और लोहाप्रगलनएंथ्रेसाइटसर्वोत्तम, कठोर कोयला
चित्र 4: कोयले की सीढ़ी।
मैंगनीज़ (2018-19)3327161210म.प्र. 33महाराष्ट्र 27ओडिशा 16कर्नाटक 12आं.प्र. 10अन्य 2बॉक्साइट (2018-19)6510966ओडिशा 65झारखंड 10गुजरात 9छ.ग. 6महाराष्ट्र 6म.प्र. 3अन्य 1हर पट्टी का योग 100% है। संख्या = राज्य का हिस्सा (%)।
चित्र 5: मैंगनीज़ और बॉक्साइट में राज्यों का हिस्सा।
खनिजMineral

प्रकृति में मिलने वाला समरूप तत्त्व जिसकी निश्चित आंतरिक बनावट होती है। कठोर हीरे से नरम चूने तक कई रूप हैं।

💡 2000 से अधिक खनिज पहचाने जा चुके हैं। खनिज हमारे कुल पौष्टिक उपभोग का केवल 0.3% हैं।

अयस्कOre

वह पदार्थ जिसमें खनिज दूसरे तत्त्वों के साथ मिला हो। खनन तभी लाभकारी है जब खनिज पर्याप्त मात्रा में हो।

💡 आग्नेय-कायांतरित चट्टानों में शिराओं में, अवसादी चट्टानों में परतों में और जलोढ़ जमाव में (प्लेसर निक्षेप: सोना, चाँदी, टिन)।

लौह अयस्कIron ore

इस्पात उद्योग की रीढ़ का मूल खनिज, दो मुख्य क़िस्मों वाला।

💡 2018-19 में 97% उत्पादन ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड से।

मैग्नेटाइटMagnetite

सर्वोत्तम लौह अयस्क, लोहांश लगभग 70%, चुंबकीय गुण सबसे अच्छे, इसलिए विद्युत उद्योग में उपयोगी।

💡 हेमेटाइट से तुलना करें: सर्वोत्तम बनाम सर्वाधिक प्रयुक्त।

हेमेटाइटHematite

सबसे अधिक प्रयुक्त औद्योगिक लौह अयस्क, लोहांश 50-60%।

💡 याद रखें: मैग्नेटाइट में चुंबक, हेमेटाइट में प्रयोग अधिक।

बॉक्साइटBauxite

एल्यूमिनियम का मुख्य अयस्क, मिट्टी जैसा दिखने वाला।

💡 ओडिशा 65%। कोरापुट का पंचपतमाली निक्षेप सबसे महत्त्वपूर्ण।

अभ्रकMica

परतों में मिलने वाला खनिज, जो चादरों में आसानी से टूटता है। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए अनिवार्य।

💡 कोडरमा-गया-हजारीबाग पेटी अग्रणी। राजस्थान में अजमेर के आस-पास भी।

रैट होल खननRat-hole mining

परिवार के सदस्य द्वारा एक लंबी संकरी सुरंग से कोयला निकालना।

💡 मेघालय में प्रचलित। राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्युनल ने इसे अवैध घोषित किया।

कोयलाCoal

भारत का बहुतायत में मिलने वाला जीवाश्म ईंधन, वाणिज्यिक ऊर्जा का मुख्य आधार।

💡 चार प्रकार: पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एंथ्रेसाइट।

गोंडवाना कोयलाGondwana coal

200 लाख वर्ष से कुछ अधिक पुराना कोयला। धातुशोधन वाला कोयला इसी में है।

💡 दामोदर घाटी (झरिया, रानीगंज, बोकारो)। टरशियरी कोयला लगभग 55 लाख वर्ष पुराना है।

परंपरागत और गैर-परंपरागत ऊर्जाConventional and non-conventional energy

परंपरागत: लकड़ी, उपले, कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बिजली। गैर-परंपरागत: सौर, पवन, ज्वारीय, भू-तापीय, बायोगैस, परमाणु।

💡 ग्रामीण घरों की 70% से अधिक ऊर्जा लकड़ी और उपलों से। पवन ऊर्जा के लिए नागरकोइल और जैसलमेर प्रसिद्ध।

पेट्रोलियमPetroleum

कोयले के बाद ऊर्जा का दूसरा प्रमुख साधन, पेट्रो-रसायन उद्योगों का आधार।

💡 मुंबई हाई, गुजरात (अंकलेश्वर सबसे महत्त्वपूर्ण), असम (सबसे पुराना: डिगबोई)।

अध्याय 11: विनिर्माण उद्योगबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: उद्योग कच्चे माल को कीमती उत्पाद बनाते हैं। उन्हें कच्चे माल, भूमिका, पूँजी और स्वामित्व के आधार पर बाँटा जाता है। इस्पात आधारभूत उद्योग है।
उद्योगों का वर्गीकरणकच्चे माल के स्रोतकृषि आधारित: सूती वस्त्र, चीनी, चाय। खनिज आधारित:लोहा-इस्पात, सीमेंटप्रमुख भूमिकाआधारभूत: लोहा-इस्पात। उपभोक्ता: चीनी, कागज़, पंखेपूँजी निवेशलघु उद्योग: अधिकतम निवेश एक करोड़ रुपये तकस्वामित्वसार्वजनिक: BHEL, SAIL। निजी: टिस्को, बजाज ऑटो,डाबर। संयुक्त: OIL। सहकारी: महाराष्ट्र की चीनी मिलें
चित्र 1: उद्योगों के वर्गीकरण के चार आधार।
लौह-अयस्क : कोकिंग कोल : चूना पत्थर = 4 : 2 : 1कच्चे माल कापरिवहनझोंकदार भट्टी:अयस्क गलता हैढलवाँ लोहाइस्पात: अशुद्धिहटानाआकार देना:रोलिंगभट्टी: कोक ईंधन है और चूना पत्थर धातु का मैलहटाता हैइस्पात में मैंगनीज़, निकल, क्रोमियम मिलाकर उसेकठोर बनाते हैं
चित्र 2: इस्पात बनाने की प्रक्रिया।
विनिर्माणManufacturing

कच्चे माल को अधिक मूल्य के तैयार उत्पाद में बड़ी मात्रा में बदलना।

💡 कागज़ लकड़ी से, चीनी गन्ने से, इस्पात लौह-अयस्क से। ये उद्योग कृषि पर निर्भरता घटाते और विदेशी मुद्रा लाते हैं।

आधारभूत उद्योगBasic industry

जिस उद्योग के उत्पाद या कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हों।

💡 लोहा-इस्पात, ताँबा प्रगलन, एल्यूमिनियम प्रगलन। इस्पात से बनी मशीनों पर बाकी उद्योग टिके हैं।

उपभोक्ता उद्योगConsumer industry

जिसका उत्पाद सीधे उपभोक्ता के उपयोग में आता है।

💡 चीनी, दंतमंजन, कागज़, पंखे, सिलाई मशीन।

सहकारी उद्योगCooperative industry

जिसके मालिक कच्चा माल देने वाले उत्पादक, श्रमिक या दोनों हों। संसाधन साझे और लाभ-हानि अनुपात में बँटती है।

💡 महाराष्ट्र के चीनी उद्योग, केरल के नारियल पर आधारित उद्योग।

सूती वस्त्र उद्योगCotton textile industry

कपास से सूत और कपड़ा बनाने वाला उद्योग।

💡 पहला सफल कारखाना 1854 में मुंबई में। कताई कुछ राज्यों में केंद्रित, बुनाई विकेंद्रीकृत।

पटसन उद्योगJute industry

पटसन (सुनहरा रेशा) से बोरे आदि बनाने वाला उद्योग।

💡 अधिकांश मिलें हुगली तट (पश्चिम बंगाल) पर। पहली मिल 1855 में रिशरा (कोलकाता के पास)।

लोहा तथा इस्पात उद्योगIron and steel industry

लोहा-अयस्क गलाकर ढलवाँ लोहा और फिर इस्पात बनाने वाला भारी उद्योग।

💡 लौह-अयस्क : कोकिंग कोल : चूना पत्थर लगभग 4 : 2 : 1। अधिकांश उद्योग छोटानागपुर पठार में।

एल्यूमिनियम प्रगलनAluminium smelting

बॉक्साइट से एल्यूमिना और फिर एल्यूमिनियम बनाना। यह धातु हल्की, जंग-रोधी और ऊष्मा-सुचालक है।

💡 4 से 6 टन बॉक्साइट से 2 टन एल्यूमिना, उससे 1 टन एल्यूमिनियम। दो ज़रूरतें: नियमित बिजली और सस्ता कच्चा माल।

सीमेंट उद्योगCement industry

चूना पत्थर, सिलिका, जिप्सम जैसे भारी कच्चे माल से सीमेंट बनाने वाला उद्योग।

💡 पहला कारखाना 1904 में चेन्नई में।

औद्योगिक प्रदूषणIndustrial pollution

उद्योगों से हवा, पानी, भूमि और ध्वनि का प्रदूषण।

💡 कारखाने का 1 लिटर अपशिष्ट लगभग 8 गुना स्वच्छ जल दूषित करता है। अपशिष्ट शोधन के तीन चरण: प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक।

अध्याय 12: राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँबोर्ड में 3 अंक
एक मिनट में समझें: परिवहन के तीन साधन हैं: स्थल, जल, वायु। सड़कें सबसे अधिक फैली हैं। रेल में बड़ी लाइन सबसे लंबी है। विदेशी व्यापार का 95% समुद्र से होता है।
परिवहन के साधनस्थलजलवायुसड़क, रेल, पाइपलाइनआंतरिक जल परिवहन,समुद्री परिवहनघरेलू और अंतर्राष्ट्रीयविमान सेवा
चित्र 3: परिवहन के साधन।
भारत के रेल मार्ग (किमी)बड़ी लाइन (1.676 मी)63,950मीटर लाइन (1.000 मी)2,402छोटी लाइन (0.762, 0.610 मी)1,604कुल 67,956 किमी। स्रोत: भारतीय रेल वार्षिक पुस्तिका, 2019-20
चित्र 4: रेल मार्ग।
राष्ट्रीय जलमार्गों की लंबाई (किमी)NW-1 गंगा (हल्दिया-प्रयागराज)1,620NW-4 काकीनाडा-पुदुच्चेरी1,078NW-2 ब्रह्मपुत्र (सदिया-धुबरी)891NW-5 ब्राह्मणी-पूर्वी तटीय588NW-3 केरल पश्चिम तटीय205
चित्र 5: राष्ट्रीय जलमार्ग।
स्वर्णिम चतुर्भुज महा राजमार्गGolden Quadrilateral Super Highways

6 लेन वाले महा राजमार्गों का जाल, जो चार महानगरों (दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई) को जोड़ता है।

💡 NHAI के अधिकार में। उत्तर-दक्षिण गलियारा श्रीनगर-कन्याकुमारी, पूर्व-पश्चिम गलियारा सिलचर-पोरबंदर।

राष्ट्रीय राजमार्गNational Highways

देश के दूरस्थ भागों को जोड़ने वाला प्राथमिक सड़क तंत्र।

💡 सड़कों के छह वर्ग हैं। राज्य राजमार्ग राजधानियों को ज़िला मुख्यालयों से जोड़ते हैं।

सीमा सड़क संगठन (BRO)Border Roads Organisation

सीमांत क्षेत्रों में सामरिक महत्त्व की सड़कें बनाने वाला संगठन।

💡 1960 में बना। अटल टनल (9.02 किमी) विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है।

रेल परिवहनRail transport

वस्तुओं और यात्रियों के परिवहन का प्रमुख साधन।

💡 पहली रेलगाड़ी 1853 में मुंबई से थाणे (34 किमी)। कुल मार्ग 67,956 किमी।

पाइपलाइनPipeline

तेल, गैस और घोल के रूप में ठोस पदार्थ ढोने का साधन। शुरुआती लागत अधिक, चलाने की लागत कम।

💡 तीन प्रमुख जाल: ऊपरी असम से, सलाया से मथुरा-दिल्ली, और हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन।

राष्ट्रीय जलमार्ग (NW)National Waterway

नौ-चालन योग्य अंतर्देशीय जलमार्ग, जिन्हें सरकार ने राष्ट्रीय घोषित किया।

💡 NW-1 गंगा (हल्दिया-प्रयागराज) 1620 किमी। NW-2 ब्रह्मपुत्र (सदिया-धुबरी) 891 किमी।

प्रमुख समुद्री पत्तनMajor sea ports

विदेशी व्यापार के प्रवेश-द्वार।

💡 12 प्रमुख और 200 मध्यम-छोटे पत्तन। देश का 95% व्यापार (मूल्य में 68%) समुद्र से। स्वतंत्रता के बाद पहला नया पत्तन कांडला।

व्यापार संतुलनBalance of trade

निर्यात और आयात के मूल्य का अंतर।

💡 निर्यात अधिक हो तो अनुकूल, आयात अधिक हो तो असंतुलित। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को 'आर्थिक बैरोमीटर' कहा गया है।

पर्यटनTourism

देश के भीतर और बाहर घूमना, जो आय देता है और संस्कृति समझाता है।

💡 विदेशी पर्यटकों के प्रकार: विरासत, पारि-पर्यटन, रोमांचकारी, सांस्कृतिक, चिकित्सा, व्यापारिक।

अध्याय 13: सत्ता की साझेदारीबोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: बेल्जियम ने सत्ता बाँटी, देश बचा। श्रीलंका में बहुसंख्यक ने सत्ता रखी, गृहयुद्ध हुआ। यही सार है। बाँटने के चार रास्ते: अंग, स्तर, समूह, दल-दबाव समूह।
दोनों देशों की आबादी की बनावटबेल्जियमडच 59%फ्रेंच 40%जर्मन-भाषी 1%। ब्रसेल्स: 80% फ्रेंच, 20% डच।श्रीलंकासिंहली 74%तमिल 18%शेषतमिल 18% में श्रीलंकाई तमिल 13% हैं। ईसाई 7%।बेल्जियम: 1970 से 1993 तक चारसंशोधन, सत्ता साझा की, एकता बचीश्रीलंका: 1956 में सिंहली ही राजभाषा,तमिल उपेक्षित, गृहयुद्ध 2009 तक
चित्र 1: बेल्जियम और श्रीलंका।
1अंगों मेंविधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका। एक हीस्तर, इसे क्षैतिज वितरण कहते हैं।2स्तरों मेंकेंद्र, राज्य, स्थानीय सरकार। ऊपर-नीचेका बँटवारा, उर्ध्वाधर वितरण।3समूहों मेंसामुदायिक सरकार (बेल्जियम), आरक्षितचुनाव क्षेत्र (भारत)।4दल और दबाव-समूहदलों का गठबंधन, व्यापारी, किसान, मज़दूरजैसे हित-समूह।
चित्र 2: सत्ता बाँटने के चार रूप।
सत्ता की साझेदारीPower sharing

शासन की शक्ति किसी एक व्यक्ति या समूह के पास न रहकर कई अंगों, स्तरों और समूहों में बँट जाना। लोकतंत्र में जनता ही सत्ता का स्रोत मानी जाती है।

💡 पुरानी सोच थी कि सत्ता बाँटी नहीं जा सकती। यह अध्याय उसी सोच को उलटता है।

बहुसंख्यकवादMajoritarianism

यह सोच कि जिस समुदाय की संख्या अधिक है, वह अल्पसंख्यक की परवाह किए बिना अपनी मर्ज़ी से राज चला सकता है।

💡 श्रीलंका में 1956 के कानून से सिंहली ही एकमात्र राजभाषा बनी और तमिल किनारे हुए।

सामुदायिक सरकारCommunity government

बेल्जियम में तीसरे स्तर की सरकार, जिसे एक भाषा बोलने वाले लोग चुनते हैं, वे कहीं भी रहते हों।

💡 डच, फ्रेंच और जर्मन-भाषी समुदायों की सरकारें हैं। वे संस्कृति, शिक्षा और भाषा पर निर्णय लेती हैं।

युक्तिपरक तर्कPrudential reason

हानि-लाभ का हिसाब लगाकर कहना कि सत्ता बाँटना फ़ायदेमंद है, क्योंकि टकराव और अस्थिरता घटती है।

💡 सत्ता-बँटवारे के पक्ष में पहला तर्क। दूसरा नैतिक तर्क है।

नैतिक तर्कMoral reason

सत्ता की साझेदारी अपने आप में लोकतंत्र की आत्मा है, इसलिए सही है, चाहे लाभ हो या न हो।

💡 जिस शासन में सभी समूहों की भागीदारी हो, वही वैध माना जाता है।

क्षैतिज वितरणHorizontal distribution

सरकार के अंगों (विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका) के बीच एक ही स्तर पर सत्ता बाँटना।

💡 इसे 'नियंत्रण और संतुलन' की व्यवस्था भी कहते हैं।

उर्ध्वाधर वितरणVertical distribution

ऊँचे और नीचे स्तर की सरकारों (केंद्र, राज्य, स्थानीय) के बीच सत्ता बाँटना।

💡 अगला अध्याय (संघवाद) इसी पर है। बेल्जियम में यह संविधान में लिखा है, श्रीलंका में नहीं।

दबाव-समूहPressure group

व्यापारी, उद्योगपति, किसान, मज़दूर जैसे संगठित समूह, जो दबाव बनाकर या समितियों में भाग लेकर सत्ता में हिस्सा पाते हैं।

💡 सत्ता-साझेदारी का चौथा रूप दलों और इन समूहों के माध्यम से बताया गया है।

अध्याय 14: संघवादबोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: संघवाद में सत्ता केंद्र और राज्य, दोनों के पास संविधान से सुरक्षित रहती है। तीन सूचियाँ विषय बाँटती हैं। 1992 के बाद स्थानीय शासन भी संवैधानिक बना।
संघ सूची• रक्षा• विदेशी मामले• बैंकिंग• संचार• मुद्राराज्य सूची• पुलिस• व्यापार• वाणिज्य• कृषि• सिंचाईसमवर्ती सूची• शिक्षा• वन• मज़दूर-संघ• विवाह• गोद लेना• उत्तराधिकारटकराव हो तो केंद्र का कानून मान्य। सूचियों में न आए विषय केंद्र के पास।
चित्र 3: तीन सूचियाँ।
संघ / केंद्र सरकारराज्य सरकारस्थानीय शासन (1992 के संशोधन के बाद)गाँवशहरग्राम पंचायतपंचायत समितिज़िला परिषदनगरपालिकानगर निगम (मेयर)एक तिहाई पद महिलाओं के लिए
चित्र 4: भारत में सरकारें। ग्रामीण क्षेत्र में तीन स्तर और शहरी क्षेत्र में नगरपालिका या नगर निगम।
संघवादFederalism

ऐसी व्यवस्था जिसमें सर्वोच्च सत्ता केंद्र और राज्यों में बँटी हो और दोनों अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से काम करें।

💡 पुस्तक इसकी सात विशेषताएँ गिनाती है: दो स्तर, अलग अधिकार-क्षेत्र, न्यायालय निर्णायक आदि।

एकात्मक शासन व्यवस्थाUnitary system

जहाँ शासन का एक ही स्तर हो या अन्य इकाइयाँ उसके अधीन हों। केंद्र उन्हें आदेश दे सकता है।

💡 बेल्जियम ने 1993 में संघीय ढाँचा अपनाया। श्रीलंका में व्यवहार में अब भी एकात्मक व्यवस्था है।

संघ सूचीUnion List

राष्ट्रीय महत्त्व के वे विषय, जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बनाती है।

💡 रक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग, संचार, मुद्रा।

राज्य सूचीState List

प्रांतीय और स्थानीय महत्त्व के विषय, जिन पर केवल राज्य सरकार कानून बनाती है।

💡 पुलिस, व्यापार, वाणिज्य, कृषि, सिंचाई।

समवर्ती सूचीConcurrent List

साझा रुचि के विषय। इन पर केंद्र और राज्य, दोनों कानून बना सकते हैं।

💡 शिक्षा, वन, मज़दूर-संघ, विवाह, गोद लेना, उत्तराधिकार। टकराव हो तो केंद्र का कानून मान्य होता है।

केंद्र शासित प्रदेशUnion Territory

बहुत छोटे क्षेत्र, जो अलग राज्य नहीं बन सकते। इनका शासन केंद्र सरकार चलाती है।

💡 पुस्तक के उदाहरण: चंडीगढ़, लक्षद्वीप, दिल्ली।

राजभाषाOfficial language

संविधान ने किसी भाषा को राष्ट्रभाषा नहीं माना। हिंदी राजभाषा है और आठवीं अनुसूची की भाषाएँ अनुसूचित भाषाएँ कहलाती हैं।

💡 2011 की जनगणना में 121 प्रमुख भाषाएँ थीं, जिनमें 22 अनुसूचित हैं।

विकेंद्रीकरणDecentralisation

केंद्र और राज्य की कुछ शक्तियाँ लेकर स्थानीय सरकारों को सौंपना।

💡 1992 के संविधान संशोधन से स्थानीय शासन मज़बूत हुआ। कम से कम एक तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

पंचायती राज और ग्राम सभाPanchayati Raj and Gram Sabha

गाँव स्तर की शासन व्यवस्था। ग्राम सभा में गाँव के सभी मतदाता शामिल होते हैं।

💡 क्रम: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, ज़िला परिषद। चुनाव राज्य चुनाव आयोग कराता है।

अध्याय 15: जाति, धर्म और लैंगिक मसलेबोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: तीन सामाजिक भेद राजनीति से जुड़ते हैं: लिंग, धर्म, जाति। लिंग-भेद सामाजिक भूमिका से बनता है। धर्म राजनीति का आधार बने तो सांप्रदायिकता। जाति पर गोलबंदी जातिवाद।
एक दिन के 24 घंटे कैसे बँटते हैंपुरुषआमदनीफुरसतनींद आदिमहिलाआमदनीघरफुरसतनींद आदिआमदनी वाला कामघर का कामगपशपफुरसतनींद, सफ़ाई, पढ़नामहिला रोज़ाना औसतन एक घंटा अधिक काम करती है, पर घर का काम अवैतनिक है।
चित्र 5: पुरुष और महिला का एक दिन। पुस्तक के सर्वेक्षण के अनुसार महिला का अधिक समय घर के अवैतनिक काम में जाता है।
श्रम का लैंगिक विभाजनGender division of labour

काम का ऐसा बँटवारा, जिसमें घर के सभी काम औरतें स्वयं करती हैं या अपनी देखरेख में नौकरों से करवाती हैं।

💡 सर्वेक्षण के अनुसार औरत रोज़ औसतन एक घंटा अधिक काम करती है, पर अधिकांश काम बिना पैसे का होता है।

पितृ-प्रधानPatriarchal

ऐसी व्यवस्था, जो पुरुषों को अधिक महत्त्व और शक्ति देती है।

💡 साक्षरता: महिलाएँ 54%, पुरुष 76%।

लिंग अनुपातSex ratio

प्रति हज़ार लड़कों पर लड़कियों की संख्या।

💡 2011 की जनगणना में बाल (0-6 वर्ष) लिंग अनुपात 919 रहा।

महिला आरक्षणReservation for women

चुनी हुई संस्थाओं में महिलाओं के लिए तय हिस्सा।

💡 पंचायत और नगरपालिका में एक तिहाई। 2023 के अधिनियम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33%।

सांप्रदायिकताCommunalism

राजनीति में धर्म का ऐसा उपयोग कि एक धर्म को श्रेष्ठ और अन्य को विरोधी माना जाए।

💡 इसके चार रूप हैं: रोज़मर्रा के पूर्वाग्रह, राजनीतिक प्रभुत्व की कोशिश, धार्मिक गोलबंदी, हिंसा और दंगे।

धर्मनिरपेक्ष राज्यSecular state

ऐसा राज्य, जिसका अपना कोई राजकीय धर्म न हो, जो सबको धर्म मानने की आज़ादी दे और भेदभाव न करे।

💡 श्रीलंका में बौद्ध, पाकिस्तान में इस्लाम और इंग्लैंड में ईसाई धर्म को विशेष दर्जा है। भारत में नहीं।

पारिवारिक कानूनFamily laws

विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार से जुड़े कानून।

💡 भारत में अलग-अलग धर्मों के अलग पारिवारिक कानून हैं।

जातिवादCasteism

यह मान्यता कि जाति ही समुदाय बनाने का एकमात्र आधार है और एक जाति के सभी हित एक जैसे होते हैं।

💡 पुस्तक के अनुसार अनुभव से यह पुष्ट नहीं होता। किसी संसदीय क्षेत्र में एक जाति का स्पष्ट बहुमत नहीं है।

अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ी जातियाँ (SC, ST, OBC)Scheduled Castes, Scheduled Tribes, OBC

सरकारी अनुसूची में दर्ज जातियाँ (प्रायः दलित) और जनजातियाँ (प्रायः आदिवासी)। OBC की जनगणना में अलग गिनती नहीं होती।

💡 2011 की जनगणना में SC 16.6% और ST 8.6%। OBC का अनुमान लगभग 41% है।

अध्याय 16: राजनीतिक दलबोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: दल सत्ता पाने की होड़ में रहते हैं। देश में कितने दल मज़बूत हों, उससे तीन व्यवस्थाएँ बनती हैं। मान्यता वोट और सीटों से मिलती है। दलों की चुनौतियाँ आंतरिक लोकतंत्र, वंशवाद, धन-बल और विकल्पहीनता हैं।
एकदलीय• चीन• कम्युनिस्ट पार्टी हीसरकार बना सकती है• लोकतांत्रिक विकल्प नहींद्विदलीय• अमरीका, ब्रिटेन• सत्ता मुख्यतः दो दलों केबीच बदलती हैबहुदलीय• भारत• 2004 में तीन गठबंधन:NDA, UPA, वाम मोर्चाबहुदलीय व्यवस्था में घालमेल और अस्थिरता आ सकती है, पर अलग-अलग हितों को प्रतिनिधित्वमिलता है।
चित्र 1: दल व्यवस्था के तीन रूप।
सभी दल: चुनाव आयोग में पंजीकरण750 से अधिक पंजीकृत दलराज्य स्तरीय दल: विधानसभा चुनाव में 6%वोट और कम से कम 2 सीटेंराष्ट्रीय दल: लोकसभा या 4 राज्यों केविधानसभा चुनाव में 6% वोट और लोकसभा कीकम से कम 4 सीटें
चित्र 2: मान्यता कैसे मिलती है।
राजनीतिक दलPolitical party

लोगों का संगठित समूह, जो चुनाव लड़कर सत्ता पाने और सामूहिक हित की नीतियाँ लागू करने के लिए काम करता है।

💡 तीन हिस्से: नेता, सक्रिय सदस्य, अनुयायी।

शासक दल और विपक्षRuling party and opposition

जिस दल की सरकार बनी वह शासक दल है। चुनाव हारने वाले दल विपक्ष की भूमिका निभाते हैं।

💡 विपक्ष गलत नीतियों की आलोचना करता और जनता को गोलबंद करता है।

एकदलीय व्यवस्थाOne-party system

जहाँ केवल एक दल को सरकार बनाने की अनुमति हो।

💡 चीन (कम्युनिस्ट पार्टी)। इसे लोकतांत्रिक विकल्प नहीं माना गया।

द्विदलीय व्यवस्थाTwo-party system

सत्ता मुख्यतः दो दलों के बीच बदलती है। दूसरे दल हों भी तो सरकार बनाने लायक नहीं होते।

💡 अमरीका और ब्रिटेन।

बहुदलीय व्यवस्थाMulti-party system

कई दल सत्ता की होड़ में हों और दो से अधिक के पास अकेले या गठबंधन से सत्ता में आने का मौका हो।

💡 भारत। चुनाव आयोग में 750 से अधिक दल पंजीकृत हैं।

गठबंधन (मोर्चा)Alliance (Front)

बहुदलीय व्यवस्था में कई दल चुनाव लड़ने और सत्ता पाने के लिए हाथ मिलाते हैं।

💡 2004 में तीन गठबंधन: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन, वाम मोर्चा।

राष्ट्रीय दलNational party

चुनाव आयोग से मान्यता प्राप्त दल, जिसकी इकाइयाँ कई राज्यों में हों।

💡 लोकसभा या चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में 6% वोट और लोकसभा की कम से कम 4 सीटें।

राज्य स्तरीय दलState party

राज्य में मान्यता प्राप्त दल। इसका विचार ज़रूरी नहीं कि क्षेत्रीय ही हो।

💡 विधानसभा में 6% वोट और कम से कम 2 सीटें।

दल-बदलDefection

चुने हुए प्रतिनिधि का अपना दल छोड़कर दूसरे दल में चले जाना।

💡 संविधान संशोधन के बाद दल बदलने पर सांसद या विधायक की सीट चली जाती है।

वंशवादDynastic politics

दल में ऊँचे पद पर एक ही परिवार के लोगों का आना।

💡 दलों की चार चुनौतियाँ: आंतरिक लोकतंत्र की कमी, वंशवाद, धन और अपराधी तत्त्व, विकल्पहीनता।

शपथपत्रAffidavit

अधिकारी को दिया दस्तावेज़, जिसमें व्यक्ति अपनी जानकारी देकर उसके सही होने की शपथ लेता है।

💡 सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से उम्मीदवार को संपत्ति और आपराधिक मामलों का शपथपत्र देना होता है।

अध्याय 17: लोकतंत्र के परिणामबोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: लोकतंत्र वैध शासन देता है और नागरिक की गरिमा बढ़ाता है। आर्थिक विकास में तानाशाही से बहुत पीछे नहीं। असमानता घटाने में उतना सफल नहीं।
विकास दर, 1950-2000 (पुस्तक का आँकड़ा)सभी तानाशाहियाँ4.42गरीब देशों में तानाशाही4.34गरीब देशों में लोकतंत्र4.28सभी लोकतंत्र3.95आय में हिस्सा (%): ऊपर के 20% बनाम नीचे के 20% लोगदक्षिण अफ़्रीका64.82.9अमरीका50.04.0डेनमार्क34.59.6ऊपर का 20%नीचे का 20%
चित्र 3: विकास दर और आय का बँटवारा।
पारदर्शिताTransparency

नागरिक यह जान सके कि फ़ैसले नियमों के अनुसार लिए गए या नहीं।

💡 गैर-लोकतांत्रिक शासनों में अक्सर नहीं होती।

सूचना का अधिकार (RTI)Right to Information

सरकार के कामकाज की जानकारी माँगने का नागरिक का अधिकार।

💡 पुस्तक के उदाहरण में दिल्ली के एक दिहाड़ी मज़दूर का राशन कार्ड अर्ज़ी के बाद एक हफ़्ते में बन गया।

आर्थिक संवृद्धिEconomic growth

देश की आय या अर्थव्यवस्था की बढ़त की दर।

💡 1950-2000 में सभी तानाशाहियों की दर 4.42 और सभी लोकतंत्रों की 3.95। गरीब देशों में अंतर बहुत कम।

आर्थिक असमानताEconomic inequality

आय और संपत्ति का बहुत असमान वितरण।

💡 दक्षिण अफ़्रीका में ऊपर के 20% की आय में हिस्सेदारी 64.8% और नीचे के 20% की 2.9%।

बहुमत का शासनRule of the majority

हर फ़ैसले में अलग-अलग लोग मिलकर बहुमत बना सकें। यह जन्म से बने स्थायी बहुसंख्यक समूह का शासन नहीं।

💡 धर्म, नस्ल या भाषा का स्थायी बहुसंख्यक शासन बाकियों को बाहर कर देता है।

प्रजा से नागरिकFrom subject to citizen

लोग खुद को शासित प्रजा नहीं, अधिकार रखने वाला नागरिक मानने लगें।

💡 असंतोष और शिकायतें लोकतंत्र की सफलता का संकेत मानी गई हैं।

अध्याय 18: विकास (अर्थशास्त्र अध्याय 1)बोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: विकास का अर्थ सबके लिए अलग है। देशों की तुलना औसत आय से होती है, पर आय अकेली काफ़ी नहीं। स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाएँ भी गिनी जाती हैं।
देश कगरीब-अमीर विहीन9,50010,5009,80010,00010,200देश खगरीब और अमीर दोनों50050050050048,000दोनों देशों की औसत मासिक आय 10,000 रुपये है, फिर भी हालात बिल्कुल अलग हैं।
चित्र 4: औसत आय बराबर, पर बँटवारा अलग।
प्रति-व्यक्ति आय 2023-24 (₹)हरियाणा3,25,759केरल2,81,001बिहार60,337शिशु मृत्यु दर 2020 (प्रति 1000)हरियाणा28केरल6बिहार27साक्षरता दर 2017-18 (%)हरियाणा80केरल96बिहार71माध्यमिक निवल उपस्थिति 2019-21 (%)हरियाणा67केरल77बिहार55अधिक आय हर मापदंड पर आगे होना नहीं है: केरल की आय कम, पर अन्य मापदंडों में आगे।
चित्र 5: हरियाणा, केरल और बिहार।
प्रतिव्यक्ति आयPer capita income

देश की कुल आय को कुल आबादी से भाग देने पर हर व्यक्ति के हिस्से की औसत कमाई।

💡 औसत से यह पता नहीं चलता कि आय लोगों में कैसे बँटी है।

उच्च, मध्य और निम्न आय वाले देशHigh, middle and low income countries

विश्व बैंक के अनुसार प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देशों के तीन समूह।

💡 2024 में लगभग US $66,500 या अधिक: उच्च आय। लगभग US $2,300 या कम: निम्न आय। भारत मध्य आय वर्ग में।

शिशु मृत्यु दर (IMR)Infant Mortality Rate

एक वर्ष में जन्मे हर 1,000 जीवित बच्चों में से जितने पहले जन्मदिन से पहले मर जाते हैं।

💡 2020 में केरल 6, हरियाणा 28, बिहार 27।

साक्षरता दरLiteracy rate

7 वर्ष और उससे ऊपर के लोगों में पढ़ना-लिखना जानने वालों का अनुपात।

💡 2017-18 में केरल 96%, हरियाणा 80%, बिहार 71%।

निवल उपस्थिति अनुपातNet Attendance Ratio

किसी आयु-वर्ग के सारे बच्चों में से स्कूल जाने वालों का प्रतिशत।

💡 माध्यमिक स्तर (15-17 वर्ष), 2019-21: केरल 77, हरियाणा 67, बिहार 55।

सार्वजनिक सुविधाएँPublic facilities

स्कूल, अस्पताल, राशन-दुकान जैसी चीज़ें, जो सब मिलकर उपलब्ध कराते हैं और अकेले पैसे से नहीं खरीदी जा सकतीं।

💡 केरल में शिशु मृत्यु दर कम है, क्योंकि स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएँ अधिक हैं।

शरीर द्रव्यमान सूचकांक (BMI)Body Mass Index

वज़न (किग्रा) को ऊँचाई (मीटर) के वर्ग से भाग देने पर मिला अंक, जो बताता है कि पोषण ठीक है या नहीं।

💡 पुस्तक के उदाहरण में 14 वर्ष 8 माह की आयु पर BMI 15.2 अल्प-पोषित माना गया।

मानव विकास सूचकांक (HDI)Human Development Index

यूएनडीपी की रिपोर्ट का क्रम-अंक, जो देशों की तुलना आय के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के आधार पर करता है।

💡 तालिका 1.6 (2025) में 193 देशों में भारत का क्रमांक 130।

विकास की धारणीयताSustainability of development

विकास ऐसा हो जो आज भी चले और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी बना रहे।

💡 भूमिगत जल का उदाहरण: 300 ज़िलों में 20 वर्षों में जल-स्तर 4 मीटर से अधिक गिरा।

नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय साधनRenewable and non-renewable resources

नवीकरणीय को प्रकृति फिर भर देती है (फ़सल, भूमिगत जल)। गैर नवीकरणीय का भंडार तय है और खत्म हो जाएगा (कच्चा तेल)।

💡 पुनः-पूर्ति से अधिक उपयोग को अति-उपयोग कहते हैं।

अध्याय 19: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रकबोर्ड में 1 अंक
एक मिनट में समझें: अर्थव्यवस्था के तीन क्षेत्रक हैं: प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक। रोज़गार का बड़ा हिस्सा खेती से हटकर सेवाओं की ओर गया है। संगठित क्षेत्रक में नियम-कानून और लाभ मिलते हैं।
प्राथमिक: प्राकृतिक वस्तुएँद्वितीयक: विनिर्मित वस्तुएँतृतीयक: सेवाएँ, दोनों की मददरोज़गार में क्षेत्रकों की हिस्सेदारी (%)1977-78प्राथमिक 7111तृतीयक 182017-18प्राथमिक 44द्वितीयक 25तृतीयक 31खेती से हटकर लोग उद्योग और सेवाओं में गए हैं।
चित्र 1: रोज़गार में क्षेत्रकों की हिस्सेदारी। द्वितीयक का 1977-78 वाला हिस्सा 11% है।
प्राथमिक क्षेत्रकPrimary sector

जिसमें प्रकृति के संसाधनों का सीधे उपयोग करके वस्तु मिलती है। बाकी उत्पाद इसी पर टिके हैं।

💡 कपास, दूध, खनिज, मछली पकड़ना, वन।

द्वितीयक क्षेत्रकSecondary sector

जहाँ प्राकृतिक उत्पाद को कारखाने, कार्यशाला या घर में बदलकर नई चीज़ बनाई जाती है।

💡 कपास से सूत और कपड़ा, गन्ने से चीनी और गुड़, मिट्टी से ईंट।

तृतीयक क्षेत्रकTertiary (service) sector

जो खुद वस्तु नहीं बनाता, बल्कि दूसरे क्षेत्रों के उत्पादन और व्यापार में मदद की सेवा देता है।

💡 परिवहन, भंडारण, संचार, बैंक, व्यापार। नई सेवाएँ: ATM, कॉल सेंटर, सॉफ्टवेयर कंपनी।

अंतिम और मध्यवर्ती वस्तुएँFinal and intermediate goods

जो चीज़ उपभोक्ता तक पहुँचती है वह अंतिम। जो अंतिम चीज़ बनाने में लगती है वह मध्यवर्ती।

💡 बिस्कुट अंतिम वस्तु है, गेहूँ और आटा मध्यवर्ती। GDP में केवल अंतिम वस्तु गिनते हैं, ताकि दोहरी गिनती न हो।

सकल घरेलू उत्पाद (GDP)Gross Domestic Product

किसी देश के भीतर एक वर्ष में बनी सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य।

💡 अर्थव्यवस्था की विशालता दिखाता है।

अल्प बेरोज़गारी (प्रच्छन्न)Underemployment (disguised)

सब काम में लगे दिखते हैं, पर ज़रूरत से अधिक लोग लगे हैं, इसलिए सभी क्षमता से कम काम करते हैं।

💡 पुस्तक का उदाहरण: 2 हेक्टेयर खेत में परिवार के सभी 5 सदस्य काम करते हैं। 2 हटें तो उत्पादन नहीं घटेगा।

संगठित क्षेत्रकOrganised sector

पंजीकृत उद्यम, जहाँ रोज़गार नियमित है और सरकारी नियम-कानून लागू होते हैं।

💡 सवेतन छुट्टी, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी, चिकित्सा, पेंशन जैसे लाभ।

असंगठित क्षेत्रकUnorganised sector

छोटी, बिखरी इकाइयाँ, जो अधिकतर सरकारी नियंत्रण से बाहर हैं। नियम होते हैं, पर माने नहीं जाते।

💡 दैनिक मज़दूर, भूमिहीन मज़दूर, छोटे किसान, कारीगर। कम वेतन, छुट्टी नहीं, कभी भी हटाए जा सकते हैं।

अध्याय 20: मुद्रा और साखबोर्ड में 1 अंक
एक मिनट में समझें: मुद्रा ने वस्तु विनिमय की दिक्कत दूर की। साख से उत्पादन बढ़ता है, पर कर्ज़ जोखिम भी है। औपचारिक ऋण सस्ता और नियमित है।
वस्तु विनिमयमुद्रा से लेन-देनजूता निर्माता को गेहूँ चाहिए। किसान को जूते नहीं,कपड़े चाहिए।कपड़े वाले को जूते चाहिए, पर उसके पास गेहूँनहीं है।आवश्यकताओं का दोहरा संयोग नहीं बनाजूते बेचोमुद्रागेहूँमुद्रा विनिमय का माध्यम है। दोहरे संयोग कीज़रूरत खत्म।
चित्र 2: वस्तु विनिमय और मुद्रा।
आवश्यकताओं का दोहरा संयोगDouble coincidence of wants

वस्तु-के-बदले-वस्तु में सौदा तभी बनता है जब दोनों पक्षों को ठीक वही चीज़ चाहिए जो दूसरे के पास है।

💡 जूता निर्माता को ऐसा किसान खोजना पड़ता जो जूते भी खरीदे और गेहूँ भी बेचे।

माँग जमाDemand deposits

बैंक खाते में जमा वह धन, जिसे माँगने पर कभी भी निकाला जा सकता है और जो चैक से भुगतान में चलता है।

💡 इसे भी मुद्रा गिना जाता है, क्योंकि बिना नकद भुगतान हो जाता है।

साख (ऋण)Credit (loan)

उधार देने वाला पैसा, वस्तु या सेवा देता है और बदले में भविष्य में भुगतान का वादा लेता है।

💡 सलीम को ऋण से लाभ हुआ। स्वप्ना की फ़सल बर्बाद हुई, तो वह कर्ज़ में फँसी।

कर्ज-जालDebt trap

ऐसा कर्ज़ जो आय बढ़ाने की जगह व्यक्ति को ऐसी हालत में फँसा दे कि उससे निकलना कठिन हो।

💡 स्वप्ना को कर्ज़ चुकाने के लिए अपनी ज़मीन का कुछ हिस्सा बेचना पड़ा।

समर्थक ऋणाधारCollateral

कर्ज़दार की वह संपत्ति जो वह गारंटी के रूप में रखता है। न चुकाने पर उधारदाता उसे बेचकर पैसा वसूल सकता है।

💡 भूमि, इमारत, गाड़ी, पशु, बैंक जमा।

औपचारिक और अनौपचारिक ऋणFormal and informal credit

औपचारिक: बैंक और सहकारी समितियाँ। अनौपचारिक: साहूकार, व्यापारी, रिश्तेदार, मित्र।

💡 औपचारिक पर RBI की निगरानी रहती है। अनौपचारिक पर कोई निगरानी नहीं और ब्याज प्रायः अधिक।

अध्याय 21: वैश्वीकरणबोर्ड में 1 अंक
एक मिनट में समझें: वैश्वीकरण यानी देशों का तेज़ जुड़ाव। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ इसकी मुख्य कड़ी हैं। 1991 के आस-पास भारत में उदारीकरण आया।
संयुक्त उत्पादन• स्थानीय कंपनी के साथमिलकर• फोर्ड और महिंद्रा एंडमहिंद्रा• नई मशीनें और तकनीकआती हैकंपनी खरीदना• स्थानीय कंपनी खरीदना• कारगिल फूड्स ने परखफूड्स खरीदी• सबसे आम रास्ताऑर्डर देना• छोटे उत्पादकों को ऑर्डर• वस्त्र, जूते, खेल कासामान• अपने ब्रांड नाम से बेचतीहै
चित्र 3: बहुराष्ट्रीय कंपनी के तीन रास्ते।
बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC)Multinational Corporation

ऐसी कंपनी जो एक से अधिक देशों में उत्पादन पर स्वामित्व या नियंत्रण रखती है और सस्ते श्रम-संसाधन वाली जगह कारखाने लगाती है।

💡 फोर्ड मोटर्स 26 देशों में है। 1995 में भारत आई, चेन्नई के पास निवेश किया।

विदेश व्यापारForeign trade

देश के बाहर के बाज़ारों में माल बेचना और दूसरे देशों का माल अपने बाज़ार में लाना।

💡 उत्पादकों को बाहर का बाज़ार मिलता है और खरीदारों को अधिक विकल्प।

वैश्वीकरणGlobalisation

विदेश व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ने से देशों के आपसी जुड़ाव और एकीकरण की तेज़ होती प्रक्रिया।

💡 बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ इसमें मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

उदारीकरणLiberalisation

सरकार द्वारा व्यापार और निवेश पर लगे प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया।

💡 भारत में लगभग 1991 के शुरू से। पहले 1950-60 के दशक में नए उद्योगों को बचाने के लिए प्रतिबंध थे।

व्यापार अवरोधकTrade barriers

आयात पर रोक-टोक के तरीके, जैसे कर लगाना या मात्रा सीमित करना।

💡 आयात कर से माल महँगा होता है। कोटा आयात की संख्या पर सीमा है।

विश्व व्यापार संगठन (WTO)World Trade Organisation

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को उदार बनाने वाला संगठन, जो नियम तय करता है और पालन देखता है।

💡 विकसित देशों की पहल पर शुरू। लगभग 160 देश सदस्य।

न्यायसंगत वैश्वीकरणFair globalisation

ऐसा वैश्वीकरण जो सबको अवसर दे और लाभ में सबकी बेहतर हिस्सेदारी सुनिश्चित करे।

💡 सरकार श्रम कानून लागू करे और छोटे उत्पादकों की मदद करे।

अध्याय 22: उपभोक्ता अधिकारबोर्ड में 1 अंक
एक मिनट में समझें: उपभोक्ता को 1986 के कानून ने अधिकार दिए। शिकायत ज़िला, राज्य या राष्ट्रीय आयोग में होती है, दावे की राशि के अनुसार।
चयन का अधिकारदबाव में साथ में दूसरी चीज़ नहींसूचना का अधिकारMRP, बैच संख्या, समाप्ति तिथिनिवारण का अधिकारनुकसान हो तो मुआवज़ाप्रतिनिधित्व का अधिकारउपभोक्ता अदालत में पक्ष रखनासुरक्षा का अधिकारखतरनाक सामान या सेवा से बचावउपभोक्ता शिक्षाअपने अधिकार जानना
चित्र 4: उपभोक्ता के अधिकार।
ज़िला आयोग1 करोड़ रुपये तकराज्य आयोग1 करोड़ से 10 करोड़राष्ट्रीय आयोग10 करोड़ से ऊपरज़िला आयोग में हारने पर राज्य, फिर राष्ट्रीय आयोग में अपील।
चित्र 5: तीन स्तर के आयोग।
उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम 1986 (COPRA)Consumer Protection Act 1986

उपभोक्ताओं को शोषण से बचाने वाला कानून, जिसने उपभोक्ता न्यायालय और अधिकार दिए।

💡 2019 में संशोधन: अब इंटरनेट से खरीद भी शामिल।

चयन का अधिकारRight to choose

वस्तु या सेवा चुनने की आज़ादी। दबाव में साथ में दूसरी चीज़ नहीं बेची जा सकती।

💡 अबिरामी ने कोचिंग का दो वर्ष का कोर्स बीच में छोड़ा और धन वापसी का दावा जीता।

क्षतिपूर्ति निवारण का अधिकारRight to redress

अनुचित सौदेबाज़ी से नुकसान होने पर क्षति के अनुसार मुआवज़ा पाने का अधिकार।

💡 श्री प्रकाश का मनीऑर्डर नहीं पहुँचा, तो उन्होंने उपभोक्ता आयोग में मुकदमा किया।

त्रिस्तरीय उपभोक्ता तंत्रThree-tier consumer system

उपभोक्ता विवादों के लिए ज़िला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के आयोग।

💡 ज़िला: 1 करोड़ तक। राज्य: 1 से 10 करोड़। राष्ट्रीय: 10 करोड़ से ऊपर।

मानक चिह्नISI, Agmark, Hallmark

वस्तु की गुणवत्ता का भरोसा देने वाले लोगो। संगठन जाँच-प्रमाणपत्र देकर इसके प्रयोग की अनुमति देते हैं।

💡 एगमार्क अनाज और खाद्य तेल के लिए। LPG सिलेंडर, सीमेंट और बोतलबंद पानी के लिए प्रमाण अनिवार्य।

इस नाम का शब्द नहीं मिला। दूसरा रूप या English में लिखकर देखें।

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भ्रम की जोड़ियाँ: अंतर एक नज़र में

जोड़ीअंतर
उदारवाद / रूढ़िवादउदारवाद स्वतंत्रता और परिवर्तन चाहता है। रूढ़िवाद परंपरा और पुरानी व्यवस्था।
असहयोग / सविनय अवज्ञाअसहयोग में सहयोग रोका जाता है। सविनय अवज्ञा में कानून तोड़ना भी शामिल है।
विश्व बैंक / IMFविश्व बैंक पुनर्निर्माण और विकास के लिए ऋण देता है। IMF भुगतान-संतुलन का घाटा सँभालता है।
आदि-औद्योगीकरण / कारख़ाना उत्पादनआदि-औद्योगीकरण में गाँवों में घर पर काम होता था। कारख़ाना उत्पादन में मशीनें और मिलें।
स्पिनिंग जेनी / फ्लाई शटलजेनी कताई की मशीन है। फ्लाई शटल बुनाई की तेज़ करघा तकनीक।
वुडब्लॉक / चल टाइपवुडब्लॉक में पूरे पन्ने का एक ब्लॉक। चल टाइप में अलग-अलग अक्षर, जिन्हें बदला जा सकता है।
आरक्षित / रक्षित वनआरक्षित वन अधिक मूल्यवान और आधे से अधिक। रक्षित वन लगभग एक-तिहाई।
नवीकरण योग्य / अनवीकरण योग्यनवीकरण योग्य संसाधन फिर बन सकते हैं (वन, जल)। अनवीकरण योग्य बनने में लाखों वर्ष लेते हैं (कोयला)।
खादर / बांगरनया जलोढ़ खादर कहलाता है। पुराना जलोढ़ बांगर।
रबी / खरीफरबी: शीत में बोई, अप्रैल-जून में कटी। खरीफ: मानसून के साथ बोई, सितंबर-अक्तूबर में कटी।
प्रारंभिक / गहन जीविका कृषिप्रारंभिक: छोटे टुकड़े, आदिम औज़ार, स्थानांतरण। गहन: आबादी के दबाव में उर्वरक, सिंचाई और अधिक श्रम।
भूदान / ग्रामदानभूदान: भूमि का दान। ग्रामदान: पूरे गाँव का दान।
लौह / अलौह खनिजलौह में लोहे का अंश (लौह अयस्क, मैंगनीज़)। अलौह: ताँबा, सीसा, जस्ता, बॉक्साइट।
आधारभूत / उपभोक्ता उद्योगआधारभूत के उत्पाद पर दूसरे उद्योग निर्भर (इस्पात)। उपभोक्ता का उत्पाद सीधे उपयोग में आता है (चीनी, पंखे)।
सार्वजनिक / निजी / संयुक्तसार्वजनिक: सरकारी एजेंसियाँ चलाती हैं (SAIL)। निजी: व्यक्ति या कंपनी (टिस्को)। संयुक्त: राज्य सरकार और निजी क्षेत्र (OIL)।
राष्ट्रीय राजमार्ग / राज्य राजमार्ग / ज़िला मार्गराष्ट्रीय: देश के दूरस्थ भाग। राज्य: राजधानी से ज़िला मुख्यालय। ज़िला: ज़िले के प्रशासनिक केंद्रों से ज़िला मुख्यालय।
अनुकूल / असंतुलित व्यापारनिर्यात का मूल्य अधिक हो तो अनुकूल। आयात अधिक हो तो असंतुलित।
क्षैतिज / उर्ध्वाधर वितरणक्षैतिज: सरकार के अंगों में, एक ही स्तर पर। उर्ध्वाधर: केंद्र, राज्य, स्थानीय स्तरों में।
युक्तिपरक / नैतिक तर्कयुक्तिपरक तर्क लाभ और स्थिरता पर ज़ोर देता है। नैतिक तर्क सत्ता-साझेदारी को अपने आप में सही मानता है।
राष्ट्रीय / राज्य स्तरीय दलराष्ट्रीय: 6% वोट और लोकसभा की 4 सीटें। राज्य स्तरीय: विधानसभा में 6% वोट और 2 सीटें।
एकदलीय / द्विदलीय / बहुदलीययह इस पर टिका है कि सरकार बनाने के प्रबल दावेदार कितने हैं: एक, दो या दो से अधिक।
बहुमत का शासन / बहुसंख्यक का शासनबहुमत हर बार अलग लोगों से बन सकता है। स्थायी बहुसंख्यक समूह बाकियों को बाहर कर देता है।
अंतिम / मध्यवर्ती वस्तुअंतिम वस्तु उपभोक्ता तक पहुँचती है। मध्यवर्ती उसे बनाने में लगती है, इसलिए GDP में अलग नहीं गिनी जाती।
संगठित / असंगठित क्षेत्रकआधार है रोज़गार की शर्तें और नियमों का पालन। संगठित में नियमित काम और लाभ, असंगठित में अनिश्चित काम।
आयात कर / कोटादोनों व्यापार अवरोधक। कर से आयात महँगा होता है, कोटा उसकी मात्रा सीमित करता है।
औपचारिक / अनौपचारिक ऋणऔपचारिक: बैंक, सहकारी समितियाँ, RBI की निगरानी। अनौपचारिक: साहूकार आदि, निगरानी नहीं।

शब्द पहचानो: 24 त्वरित प्रश्न

पहले खुद सोचिए, फिर प्रश्न पर छूकर उत्तर देखिए।

जर्मनी का एकीकरण कब और कहाँ घोषित हुआ?

18 जनवरी 1871, वर्साय में।

नमक यात्रा में कितने स्वयंसेवक थे और कितनी दूरी तय हुई?

78 स्वयंसेवक, 240 किमी।

ब्रेटन वुड्स सम्मेलन कब हुआ?

जुलाई 1944 में।

स्पिनिंग जेनी किसने बनाई?

जेम्स हारग्रीव्ज़ ने, 1764 में।

सबसे पुरानी ज्ञात मुद्रित पुस्तक कौन-सी है?

डायमंड सूत्र (868 ई.)।

बंगाल गज़ट किसने निकाला?

जेम्स ऑगस्टस हिकी ने, 1780 में।

मृदा अपरदन रोकने की दो विधियाँ बताइए।

समोच्च जुताई और सोपान कृषि।

बाघ परियोजना कब शुरू हुई?

1973 में।

टाँका क्या है?

राजस्थान में वर्षाजल जमा करने का भूमिगत टैंक।

रबी की चार फ़सलें बताइए।

गेहूँ, जौ, मटर, चना, सरसों में से कोई भी चार।

सर्वोत्तम गुणवत्ता का लौह अयस्क कौन-सा है?

मैग्नेटाइट, लोहांश लगभग 70%।

कोयले का सबसे अच्छा रूप कौन-सा है?

एंथ्रेसाइट।

इस्पात बनाने में लौह-अयस्क, कोकिंग कोल और चूना पत्थर का अनुपात क्या है?

लगभग 4 : 2 : 1।

भारत का पहला सफल सूती वस्त्र कारखाना कहाँ और कब लगा?

मुंबई में, 1854 में।

स्वर्णिम चतुर्भुज किन चार महानगरों को जोड़ता है?

दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई।

श्रीलंका में 1956 के कानून से कौन-सी भाषा राजभाषा बनी?

सिंहली। यह बहुसंख्यकवाद का उदाहरण है।

भारतीय संविधान की किस सूची के विषय पर टकराव हो तो केंद्र का कानून मान्य होता है?

समवर्ती सूची।

जनगणना 2011 में भारत में सबसे बड़ा धार्मिक समुदाय कौन-सा था और उसका प्रतिशत?

हिंदू, 79.8%।

राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए क्या चाहिए?

लोकसभा या चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में 6% वोट और लोकसभा की कम से कम 4 सीटें।

1950-2000 में किसकी विकास दर अधिक रही, तानाशाही की या लोकतंत्र की?

सभी तानाशाहियों की (4.42), सभी लोकतंत्रों की 3.95।

शिशु मृत्यु दर किसे कहते हैं?

एक वर्ष में जन्मे 1,000 जीवित बच्चों में से पहले जन्मदिन से पहले मरने वाले बच्चे।

GDP में केवल अंतिम वस्तुएँ क्यों गिनी जाती हैं?

मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य अंतिम वस्तु में पहले से शामिल है। अलग गिनने पर दोहरी गिनती हो जाती।

2017-18 में रोज़गार में प्राथमिक क्षेत्रक का हिस्सा कितना था?

44% (1977-78 में 71%)।

राज्य आयोग में कितनी राशि तक के दावे सुने जाते हैं?

1 करोड़ से 10 करोड़ रुपये तक।

इसी विषय के और पन्ने

पाठ्यपुस्तक के अध्याय (NCERT हिन्दी PDF)

सीमा: यह शब्दकोश पढ़ने और दोहराने की सहायता है, पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं। परिभाषाएँ और उत्तर लिखने का रूप अपनी पाठ्यपुस्तक और शिक्षक के निर्देश से मिलाएँ। अंकभार बोर्ड के 2026-27 ब्लू प्रिंट के अनुसार है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस शब्दकोश में कितने अध्याय और शब्द हैं?

चारों विषयों (इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र) के 22 अध्याय, 195 शब्द और 40 चित्र हैं। हर शब्द हिन्दी और English में एक ही पंक्ति में है।

शब्द और आँकड़े कहाँ से लिए गए हैं?

NCERT की हिन्दी पाठ्यपुस्तकों (2026-27) से। संख्याएँ और तिथियाँ मूल पन्नों से मिलाई गई हैं। जहाँ पुस्तक में छपाई की भूल दिखी, वह संख्या हमने नहीं दी।

क्या यह राजस्थान बोर्ड की पुस्तक से मेल खाता है?

यह NCERT पर आधारित है। राजस्थान बोर्ड की पुस्तक में शब्द अलग हो सकते हैं, तब परीक्षा में अपनी पुस्तक वाला शब्द लिखें।

याद-मोड कैसे काम करता है?

याद-मोड चालू करने पर हर शब्द का अर्थ धुंधला हो जाता है। पहले खुद बोलें, फिर कार्ड छूकर अर्थ देखें।

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