कक्षा 12 जीव विज्ञान (कोड 42) – अर्धवार्षिक मॉडल पेपर 2026-27
सैद्धांतिक प्रश्नपत्र: 56 अंक | लेखक: NCERTClasses टीम
सामान्य निर्देश
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। जहाँ 'अथवा' दिया है, वहाँ केवल एक विकल्प हल करें।
- अंक प्रश्न के सामने कोष्ठक में दिए हैं; छोटे टैग में अध्याय संख्या (अ.) दी गई है।
- खंड-क: 14 प्रश्न × 1 अंक (वस्तुनिष्ठ); खंड-ख: 7 प्रश्न × 2 अंक; खंड-ग: 4 प्रश्न × 3 अंक; खंड-घ: 4 प्रश्न × 4 अंक।
- प्रश्नपत्र 56 अंक का सैद्धांतिक भाग है; प्रायोगिक (30 अंक) तथा सत्रांक (14 अंक) अलग हैं।
- आवश्यक चित्र शब्दों में वर्णित करें; उत्तर संक्षिप्त एवं बिंदुवार लिखें।
खंड-क : वस्तुनिष्ठ प्रश्न (14 × 1 = 14 अंक)
- परागकोष की भित्ति की वह भीतरी परत जो विकसित हो रहे परागकणों को पोषण देती है, कहलाती है: (क) एंडोथीसियम (ख) मध्य परतें (ग) टेपीटम (घ) बाह्यचोल [1]अ.1
- मानव में निषेचन सामान्यतः कहाँ होता है? (क) गर्भाशय की गुहा में (ख) अंडवाहिनी के तुंबिका-संकीर्णपथ संधि क्षेत्र में (ग) योनि में (घ) ग्रीवा नलिका में [1]अ.2
- मनुष्य में ABO रक्त समूह का AB प्रकट होना किसका उदाहरण है? (क) पूर्ण प्रभाविता (ख) अपूर्ण प्रभाविता (ग) सह-प्रभाविता (घ) उत्परिवर्तन [1]अ.4
- B-DNA की एक पूर्ण कुंडली (चक्र) में लगभग कितने क्षारक युग्म होते हैं? (क) 5 (ख) 10 (ग) 20 (घ) 34 [1]अ.5
- मलेरिया परजीवी (प्लाज़्मोडियम) का वह संक्रामक चरण जो मादा एनोफेलीज़ के काटने से मनुष्य में प्रवेश करता है: (क) मेरोज़ॉइट (ख) स्पोरोज़ॉइट (ग) युग्मकजनक (गैमेटोसाइट) (घ) क्रिप्टोज़ॉइट [1]अ.7
- गोबर गैस संयंत्र में उत्पन्न जैव गैस का मुख्य घटक है: (क) कार्बन डाइऑक्साइड (ख) मेथेन (ग) हाइड्रोजन सल्फ़ाइड (घ) ऑक्सीजन [1]अ.8
- PCR की किस अभिक्रिया में द्विरज्जुकी DNA के दोनों रज्जुक अलग किए जाते हैं? (क) विकृतिकरण (ख) तापानुशीलन (ग) प्रसार (विस्तारण) (घ) संयोजन (लाइगेशन) [1]अ.9
- अपघटन में अपरद (डेट्रिटस) के छोटे टुकड़ों में टूटने का चरण कहलाता है: (क) निक्षालन (ख) खंडन (ग) ह्यूमसीकरण (घ) खनिजीकरण [1]अ.12
- rDNA तकनीक से मानव इंसुलिन बनाते समय A तथा B पॉलीपेप्टाइड शृंखलाएँ अलग-अलग बनाकर ______ बंध द्वारा जोड़ी जाती हैं। [1]अ.10
- जब एक जाति को लाभ हो तथा दूसरी जाति को न लाभ हो न हानि, तो इस पारस्परिक क्रिया को ______ कहते हैं। [1]अ.11
- किसी जाति का उसके प्राकृतिक आवास में ही संरक्षण ______ संरक्षण कहलाता है। [1]अ.13
- A: लैक ओपेरॉन में लैक्टोज़ प्रेरक (इंड्यूसर) का कार्य करता है। R: लैक्टोज़ दमनकारी प्रोटीन से जुड़कर उसे संचालक (ऑपरेटर) से जुड़ने से रोकता है। [1]अ.5
- A: हार्डी-वाइनबर्ग संतुलन में एलील आवृत्तियाँ पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थिर रहती हैं। R: इस संतुलन के लिए यादृच्छिक उत्परिवर्तन का लगातार होते रहना आवश्यक है। [1]अ.6
- A: सामान्य कोशिकाओं में संपर्क संदमन (कांटैक्ट इनहिबिशन) का गुण नहीं होता। R: कैंसर कोशिकाएँ संपर्क संदमन का गुण खोकर अनियंत्रित रूप से वृद्धि करती हैं। [1]अ.7
खंड-ख : 2 अंक के प्रश्न (7 × 2 = 14 अंक)
अथवा MTP का पूर्ण रूप लिखिए तथा बताइए कि MTP किस अवधि तक अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है।
अथवा यूकैरियोटिक कोशिका में DNA की न्यूक्लियोसोम इकाई की संरचना का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
अथवा tRNA को 'अनुकूलक अणु' (अडैप्टर) क्यों कहा जाता है? दो कारण दीजिए।
अथवा अनुकूली विकिरण (एडैप्टिव रेडिएशन) किसे कहते हैं? डार्विन के फ़िंच या ऑस्ट्रेलियाई शिशुधानी (मार्सुपियल) में से एक का उदाहरण दीजिए।
अथवा टीकाकरण का सिद्धांत लिखिए तथा बताइए कि टीके में क्या होता है।
अथवा कैनाबिनॉइड किस पादप से प्राप्त होते हैं? ये शरीर के किस तंत्र पर प्रभाव डालते हैं?
अथवा स्वस्थाने तथा बाह्यस्थाने संरक्षण में एक-एक उदाहरण सहित अंतर लिखिए।
खंड-ग : 3 अंक के प्रश्न (4 × 3 = 12 अंक)
अथवा मानव शुक्राणु के चार भागों के नाम लिखिए तथा शीर्ष (एक्रोसोम) और मध्य भाग का कार्य बताइए।
अथवा क्लोनिंग वाहक में आवश्यक तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
अथवा Bt कपास कीट-प्रतिरोधी कैसे बनता है? तीन बिंदुओं में लिखिए।
अथवा सहोपकारिता, स्पर्धा तथा परजीविता में से प्रत्येक की एक-एक पंक्ति में परिभाषा लिखकर उदाहरण दीजिए।
खंड-घ : 4 अंक के प्रश्न (4 × 4 = 16 अंक)
अथवा स्वपरागण, सजातपुष्पी परागण (गीटोनोगैमी) तथा परनिषेचन (ज़ीनोगैमी) की परिभाषा लिखिए तथा बताइए कि आनुवंशिक दृष्टि से सजातपुष्पी परागण किसके समान है।
अथवा मनुष्य में लिंग निर्धारण की XX-XY प्रणाली तथा मधुमक्खी की अगुणित-द्विगुणित प्रणाली में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अथवा जैव उर्वरक किसे कहते हैं? राइज़ोबियम, सायनोबैक्टीरिया तथा माइकोराइज़ा के योगदान को संक्षेप में लिखिए।
अथवा अपघटन के चार चरणों के नाम लिखिए तथा प्रत्येक को एक पंक्ति में समझाइए।
अंक-विभाजन सारणी
| इकाई | अध्याय | प्रश्न संख्या | अंक |
|---|---|---|---|
| इ-6 | अ.1 पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन | 1, 15 | 5 |
| इ-6 | अ.2 मानव जनन | 1, 11 | 4 |
| इ-6 | अ.3 जनन स्वास्थ्य | 4 | 2 |
| इ-7 | अ.4 वंशागति तथा विविधता के सिद्धांत | 1, 16 | 5 |
| इ-7 | अ.5 वंशागति के आणविक आधार | 1, 3, 5, 6 | 6 |
| इ-7 | अ.6 विकास | 3, 7 | 3 |
| इ-8 | अ.7 मानव स्वास्थ्य एवं रोग | 1, 3, 8, 9 | 6 |
| इ-8 | अ.8 मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव | 1, 17 | 5 |
| इ-9 | अ.9 जैव प्रौद्योगिकी: सिद्धांत एवं प्रक्रम | 1, 12 | 4 |
| इ-9 | अ.10 जैव प्रौद्योगिकी एवं उसके उपयोग | 2, 13 | 4 |
| इ-10 | अ.11 जीव और समष्टियाँ | 2, 14 | 4 |
| इ-10 | अ.12 पारितंत्र | 1, 18 | 5 |
| इ-10 | अ.13 जैव विविधता एवं संरक्षण | 2, 10 | 3 |
| कुल योग | 56 | ||
उत्तर-कुंजी एवं अंक-योजना
(समान भाव वाले सही उत्तर पर पूर्ण अंक दें; शब्दशः मिलान आवश्यक नहीं। अथवा-विकल्प के अंक भी मूल प्रश्न के समान।)
प्रश्न 1 (प्रत्येक 1)
(i) ग – टेपीटम। (ii) ख – तुंबिका-संकीर्णपथ संधि क्षेत्र। (iii) ग – सह-प्रभाविता (IA व IB दोनों प्रभावी, दोनों प्रकट)। (iv) ख – 10 (चक्र 3.4 nm, दो क्षारक युग्मों में 0.34 nm)। (v) ख – स्पोरोज़ॉइट। (vi) ख – मेथेन। (vii) क – विकृतिकरण (ताप से H-बंध टूटते हैं)। (viii) ख – खंडन (डिट्रिटिवोर, जैसे केंचुआ, करते हैं)।
प्रश्न 2 (प्रत्येक 1)
(i) डाइसल्फ़ाइड। (ii) सहभोजिता (कमेंसलिज़्म)। (iii) स्वस्थाने (इन-सीटू)।
प्रश्न 3 (प्रत्येक 1)
(i) क – लैक्टोज़ प्रेरक है और दमनकारी से जुड़कर ओपेरॉन चालू करता है। (ii) ग – A सही; R गलत, क्योंकि संतुलन तभी रहता है जब उत्परिवर्तन, चयन, प्रवास, आनुवंशिक विचलन आदि न हों। (iii) घ – A गलत (सामान्य कोशिकाओं में संपर्क संदमन होता है), R सही।
प्रश्न 4 (2)
Cu आयन मुक्त करने वाले IUD शुक्राणुओं की गतिशीलता व निषेचन-क्षमता घटाते हैं (1); हार्मोन-मोचक IUD (जैसे LNG-20) गर्भाशय को अंतर्रोपण के अयोग्य तथा ग्रीवा को शुक्राणु-अवरोधी बनाते हैं (1)। अथवा: Medical Termination of Pregnancy – चिकित्सकीय गर्भ समापन (1); गर्भ की प्रथम तिमाही (लगभग 12 सप्ताह तक) (1)।
प्रश्न 5 (2)
A = T = 28% (1); G = C = (100 − 56)/2 = 22% प्रत्येक (1)। अथवा: लगभग 200 bp DNA धनावेशित हिस्टोन प्रोटीन अष्टक (octamer: H2A, H2B, H3, H4 के दो-दो अणु) पर लिपटा होता है (1); यह इकाई न्यूक्लियोसोम है, ऐसे न्यूक्लियोसोम मनके-धागे जैसे क्रोमैटिन बनाते हैं (1)।
प्रश्न 6 (2)
(i) 5'-AUG CCU AAG UGA-3' (1); (ii) मेथियोनीन–प्रोलीन–लाइसीन, UGA पर समापन (1)। अथवा: tRNA एक ओर कोडन के पूरक प्रतिकोडन (anticodon) से mRNA को पहचानता है (1) तथा दूसरी ओर (3' सिरे पर) विशिष्ट अमीनो अम्ल से जुड़ता है, इस प्रकार न्यूक्लियोटाइड-भाषा को अमीनो अम्ल-भाषा से जोड़ता है (1)।
प्रश्न 7 (2)
q² = 0.16 ⇒ q = 0.4; p = 1 − 0.4 = 0.6 (1); 2pq = 2 × 0.6 × 0.4 = 0.48 अर्थात 48% (1)। अथवा: एक भौगोलिक क्षेत्र में एक पूर्वज से अनेक जातियों के अलग-अलग आवासों/निचों के अनुकूल विकसित होने की प्रक्रिया (1); उदाहरण – डार्विन के फ़िंच (चोंच विविध) या ऑस्ट्रेलिया के मार्सुपियल (1)।
प्रश्न 8 (2)
वे अंग जहाँ अपरिपक्व लिंफ़ोसाइट विभेदित होकर प्रतिजन-संवेदी परिपक्व कोशिकाएँ बनते हैं (1); अस्थि मज्जा तथा थाइमस (1)। अथवा: स्मृति – रोगजनक के निष्क्रिय/दुर्बल रूप या प्रोटीन से द्वितीयक प्रतिक्रिया हेतु स्मृति B व T कोशिकाएँ बनती हैं (1); टीके में मृत/दुर्बलित रोगाणु या उनके प्रतिजनी प्रोटीन होते हैं (1)।
प्रश्न 9 (2)
पोस्त (Papaver somniferum) के लेटेक्स से (1); केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (तथा आहार नाल) के ओपिऑइड ग्राहियों पर – अवसादक (1)। अथवा: भांग (Cannabis sativa) के पुष्पक्रम से (1); हृदवाहिका (परिसंचरण) तंत्र पर (1)।
प्रश्न 10 (2)
कोई दो कारण (1 + 1): आवास क्षति व खंडन (जैसे अमेज़न वर्षावन का कटना); अति-दोहन (स्टेलर समुद्री गाय, यात्री कबूतर); विदेशज जातियों का आक्रमण (विक्टोरिया झील में नाइल पर्च, जलकुंभी); सह-विलोपन। अथवा: स्वस्थाने – आवास में ही, जैसे राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य/जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (1); बाह्यस्थाने – आवास से बाहर, जैसे चिड़ियाघर, वानस्पतिक उद्यान, बीज बैंक (1)।
प्रश्न 11 (3)
मासिक-स्राव प्रावस्था, पुटिका (फॉलिक्यूलर) प्रावस्था, अंडोत्सर्ग, पीत-पिंड (ल्यूटियल) प्रावस्था में से तीन (½ नाम + ½ घटना × 3): मासिक-स्राव में गर्भाशय अस्तर का रक्त सहित निकलना; पुटिका प्रावस्था में FSH से पुटिका वृद्धि, एस्ट्रोजन से अस्तर का पुनः निर्माण; अंडोत्सर्ग (लगभग 14वाँ दिन) LH के उछाल से; ल्यूटियल में पीत-पिंड से प्रोजेस्टेरोन स्राव। अथवा: शीर्ष, ग्रीवा, मध्य भाग, पूँछ (1); शीर्ष का एक्रोसोम एंजाइम अंडे को भेदने में सहायक (1); मध्य भाग के माइटोकॉन्ड्रिया गति हेतु ऊर्जा देते हैं (1)।
प्रश्न 12 (3)
एंजाइम जो DNA को विशिष्ट पहचान-अनुक्रम पर काटते हैं (1); पैलिंड्रोम – क्षारक-युग्म अनुक्रम जो दोनों रज्जुकों पर 5'→3' पढ़ने पर समान रहता है (1); चिपचिपे सिरे पूरक सिरों से H-बंध बनाते हैं, DNA लाइगेज़ से जुड़कर पुनर्योगज DNA बनता है (1)। अथवा: प्रतिकृतिकरण-उद्भव (ori), वरणयोग्य चिह्नक (selectable marker), क्लोनिंग स्थल (1 × 3)।
प्रश्न 13 (3)
जीन चिकित्सा – रोगी में दोषपूर्ण जीन का सुधार हेतु जीन-स्थानांतरण (1); ADA की कमी में रोगी के लिंफ़ोसाइट शरीर से बाहर संवर्धित किए, उनमें रेट्रोवायरल वाहक से क्रियाशील ADA का cDNA डाला (1) और उन्हें रोगी में लौटाया; स्थायी इलाज हेतु मज्जा की प्रारंभिक कोशिकाओं में जीन डालना उपयुक्त (1)। अथवा: बैसिलस थुरिंजिएन्सिस के cry जीन कपास में स्थानांतरित (1); जीन प्रोटॉक्सिन बनाता है जो कीट की क्षारीय आँत में सक्रिय विष बनता है (1); विष आँत कोशिकाओं में छिद्र बनाकर कीट को मारता है (1)।
प्रश्न 14 (3)
(i) Nt = N0 + [(B + I) − (D + E)] (1) = 400 + [(90 + 30) − (40 + 20)] = 460 (1)। (ii) 460 = 400·er ⇒ r = ln 1.15 = 0.1398 ≈ 0.14 प्रति वर्ष (1)। अथवा: सहोपकारिता – दोनों को लाभ (लाइकेन: कवक + शैवाल) (1); स्पर्धा – सीमित संसाधन हेतु जातियों में होड़ से हानि (कोई उदाहरण, जैसे गैलापागोस में बकरी बनाम अबिंगडन कछुआ) (1); परजीविता – एक को लाभ, मेज़बान को हानि (प्लाज़्मोडियम, कोयल द्वारा कौए के घोंसले में अंडे) (1)।
प्रश्न 15 (4)
दो शुक्राणु-केंद्रक भ्रूणकोश में पहुँचकर एक अंड से मिलता है (संयुग्मन → द्विगुणित युग्मनज) और दूसरा दो ध्रुवीय केंद्रकों से (त्रिक-संलयन → त्रिगुणित PEN) (2); भ्रूणकोश 7 कोशिकाओं व 8 केंद्रकों वाला (अंड-उपकरण, 3 प्रतिमुख कोशिकाएँ, 1 केंद्रीय कोशिका) (1); परिणाम – PEN से भ्रूणपोष (पोषण) तथा युग्मनज से भ्रूण, केवल आवृतबीजी में (1)। अथवा: स्वपरागण – उसी पुष्प के परागकण उसी के वर्तिकाग्र पर (1); सजातपुष्पी – उसी पादप के अन्य पुष्प के (1); परनिषेचन – भिन्न पादप के पुष्प के (1); आनुवंशिक रूप से सजातपुष्पी परागण स्वपरागण के समान (1)।
प्रश्न 16 (4)
(i) RrYy – गोल-पीला (1)। (ii) F1 के चार प्रकार के युग्मक RY, Ry, rY, ry; पुनेट वर्ग (1):
| युग्मक | RY | Ry | rY | ry |
|---|---|---|---|---|
| RY | RRYY | RRYy | RrYY | RrYy |
| Ry | RRYy | RRyy | RrYy | Rryy |
| rY | RrYY | RrYy | rrYY | rrYy |
| ry | RrYy | Rryy | rrYy | rryy |
(iii) गोल-पीला : गोल-हरा : झुर्रीदार-पीला : झुर्रीदार-हरा = 9 : 3 : 3 : 1 (1)। (iv) गोल-पीले = 1600 × 9/16 = 900; झुर्रीदार-हरे = 1600 × 1/16 = 100 (1)। अथवा: मनुष्य में 22 जोड़ी ऑटोसोम + XX (मादा)/XY (नर); नर विषमयुग्मकी, शुक्राणु X या Y वाला, अतः संतान का लिंग पिता से निर्धारित (2); मधुमक्खी में रानी व श्रमिक द्विगुणित (32 गुणसूत्र) निषेचित अंडों से, ड्रोन अगुणित (16) अनिषेचित अंडों से (अनिषेकजनन) (2)।
प्रश्न 17 (4)
प्राथमिक – निस्यंदन व अवसादन से तैरते व ठोस कण हटाना, अवसाद (प्राथमिक पंक) तथा बहिःस्राव (1); द्वितीयक – वायवीय टंकियों में सूक्ष्मजीवों से फ्लॉक बनना, जैविक पदार्थ का ऑक्सीकरण, BOD में कमी (1); BOD – एक लीटर जल में जैविक पदार्थ ऑक्सीकृत करने में सूक्ष्मजीवों द्वारा उपभुक्त ऑक्सीजन की मात्रा (1); सक्रियित पंक का अवसादन, कुछ भाग निवेश (इनोकुलम) रूप में लौटाना, शेष अवायवीय संपाचकों में (1)। अथवा: जैव उर्वरक – मृदा की पोषक गुणवत्ता बढ़ाने वाले जीव (1); राइज़ोबियम – दलहनी जड़ों में सहजीवी N2-स्थिरीकरण (1); सायनोबैक्टीरिया (नॉस्टॉक, एनाबीना) – धान के खेत में नाइट्रोजन स्थिरीकरण (1); माइकोराइज़ा (ग्लोमस) – फ़ॉस्फ़ोरस अवशोषण, रोगरोधन, लवणता-सहनशीलता (1)।
प्रश्न 18 (4)
(i) एक पोषण स्तर से अगले स्तर पर केवल लगभग 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है, शेष श्वसन, ऊष्मा व अपघटन आदि में हानि (1); (ii) प्राथमिक उपभोक्ता = 8000 × 10/100 = 800 kJ (1); द्वितीयक = 800 × 10/100 = 80 kJ (1); (iii) हर स्तर पर ऊर्जा घटती है, अतः आधार (उत्पादक) पर सर्वाधिक, शिखर पर न्यूनतम – पिरामिड उलटा नहीं हो सकता (1)। अथवा: खंडन – अपरद का छोटे टुकड़ों में टूटना; निक्षालन – घुलनशील अकार्बनिक पोषक जल के साथ मृदा की निचली परतों में; अपचय – एंजाइमों से अपरद का सरल पदार्थों में विघटन; ह्यूमसीकरण – गहरे रंग का पोषक-समृद्ध ह्यूमस बनना; खनिजीकरण – ह्यूमस का खनिजों में बदलना (कोई चार, 1 × 4)।

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