हिंदी और अंग्रेज़ी व्याकरण: समानताएँ और असमानताएँ

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हिंदी और अंग्रेज़ी व्याकरण: समानताएँ, असमानताएँ और तुलनात्मक अध्ययन

Hindi vs English Grammar: A Complete Comparative Guide with Examples, Diagrams and Common Mistakes
लेखक: NCERTClasses टीम  |  प्रकाशित: 2 अक्टूबर 2026  |  अंतिम अद्यतन: 2 अक्टूबर 2026  |  श्रेणी: व्याकरण, भाषा-अध्ययन, Comparative Linguistics

संक्षेप में: हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों व्याकरण भाषा को शुद्ध बोलने और लिखने के नियम सिखाते हैं, पर दोनों का ढाँचा अलग है। हिंदी में शब्द का रूप बदलता है (लड़का, लड़के, लड़कों), जबकि अंग्रेज़ी में शब्द-क्रम और सहायक शब्द अर्थ तय करते हैं (Ram eats, Ram is eating)। इस विस्तृत लेख में छह चित्रों, कई तालिकाओं, रोमन उच्चारण और अंग्रेज़ी अनुवाद के साथ दोनों व्याकरणों की समानताएँ, असमानताएँ, काल की तुलना, शब्द-क्रम, सामान्य गलतियाँ और अभ्यास दिए गए हैं।
At a glance: Hindi is largely synthetic (meaning is carried by word endings) with SOV order and postpositions; English is largely analytic (meaning is carried by word order and helper words) with SVO order and prepositions. This guide compares them topic by topic.

1. परिचय | Introduction

भारत के लगभग हर विद्यार्थी को स्कूल में हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों भाषाएँ पढ़नी पड़ती हैं। इसका अर्थ है कि वह एक ही समय में दो अलग व्याकरण सीख रहा होता है। सुबह की कक्षा में वह पढ़ता है कि "राम ने खाना खाया" में कर्ता के साथ "ने" लगता है, और अगली कक्षा में बताया जाता है कि "Ram ate food" में कोई "ने" नहीं है। एक कक्षा में संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया हिंदी नामों से पढ़ने होते हैं, दूसरी में वही Noun, Pronoun और Verb बनकर आ जाते हैं। यहीं से उलझन शुरू होती है।

यह उलझन कमज़ोरी की निशानी नहीं है। जब दो भाषाओं के नियम कहीं मिलते हैं और कहीं टकराते हैं, तो दिमाग को हर बार तय करना पड़ता है कि कौन-सा नियम कहाँ लगाना है। जिस विद्यार्थी को पहले से पता हो कि "यह बात दोनों में एक जैसी है" और "यह बात सिर्फ़ एक भाषा में है", वह इस उलझन से बहुत जल्दी बाहर आ जाता है। लगातार गलतियाँ होने पर मनोबल भी टूटता है, इसलिए यह लेख गलतियों को "हस्तांतरण" (Transfer) के स्वाभाविक असर की तरह समझाता है, कमज़ोरी की तरह नहीं।

यह लेख किसी एक कक्षा के लिए नहीं है। विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी और हिंदी-अंग्रेज़ी का तुलनात्मक अध्ययन करने वाले पाठक, सब इससे लाभ ले सकते हैं। हिंदी उदाहरणों के साथ रोमन लिपि में उच्चारण (Transliteration) और अंग्रेज़ी अर्थ भी दिए गए हैं, ताकि हिंदी न जानने वाले पाठक भी तर्क समझ सकें।

In English: Students in India study Hindi and English grammar side by side, so rules from one language often leak into the other. This article maps what the two systems share, where they differ, and why typical mistakes happen, using short examples with Roman transliteration so that non-Hindi readers can follow along.

2. भाषा-परिवार और बनावट | Language Family and Structure

हिंदी भारोपीय (Indo-European) परिवार की इंडो-आर्यन शाखा की भाषा है। इसकी जड़ें संस्कृत, प्राकृत और अपभ्रंश से जुड़ी हैं। इसी कारण हिंदी में तत्सम शब्द (सूर्य, विद्या), तद्भव शब्द (सूरज, पढ़ाई), देशज शब्द और अरबी-फ़ारसी तथा अंग्रेज़ी से आए विदेशी शब्द मिलते हैं। हिंदी व्याकरण का बड़ा भाग संस्कृत व्याकरण की परंपरा से प्रभावित है, इसलिए संधि, समास, कारक और अलंकार जैसे अध्याय उसमें स्वाभाविक हैं।

अंग्रेज़ी भी भारोपीय परिवार की है, पर जर्मनिक शाखा में आती है। पुरानी अंग्रेज़ी में शब्दों के रूप बहुत बदलते थे, पर समय के साथ अधिकतर रूप-परिवर्तन घिस गए और उनकी जगह शब्द-क्रम तथा सहायक शब्द (Prepositions, Auxiliary Verbs) आ गए। इसमें लैटिन, फ़्रेंच और ग्रीक से भी बहुत शब्द आए हैं।

भाषा-परिवार वृक्ष: भारोपीय से हिंदी और अंग्रेज़ी तक भारोपीय परिवार Indo-European भारत-ईरानीIndo-Iranian जर्मनिकGermanic भारत-आर्यIndo-Aryan पश्चिमी जर्मनिकWest Germanic संस्कृत → प्राकृत → अपभ्रंशSanskrit → Prakrit → Apabhramsha पुरानी अंग्रेज़ीOld English हिंदीHindi अंग्रेज़ीEnglish
चित्र 1: हिंदी और अंग्रेज़ी का सरलीकृत वंश-वृक्ष | Fig. 1: Simplified family tree (not every intermediate stage is shown)

दोनों का मूल परिवार एक होने के कारण कुछ शब्दों में आश्चर्यजनक समानता मिलती है: संस्कृत-हिंदी का "मातृ/माता" और "mother", "नाम" और "name", "नव" और "new", "द्वार" और "door"। पर आज की व्याकरण-पद्धति में दोनों का रास्ता काफ़ी अलग हो चुका है। भाषा-विज्ञान की भाषा में हिंदी अधिकतर संश्लेषणात्मक (Synthetic) है, यानी अर्थ शब्द के रूप-परिवर्तन से निकलता है, जबकि अंग्रेज़ी अधिकतर विश्लेषणात्मक (Analytic) है, यानी अर्थ शब्द-क्रम और अलग शब्दों से निकलता है।

मूल अंतर एक पंक्ति में: हिंदी में शब्द अपना रूप बदलकर अर्थ बताता है; अंग्रेज़ी में शब्द जगह और साथी-शब्दों से अर्थ बताता है।
In English: Both languages are Indo-European, but Hindi descends from Sanskrit through Prakrit, while English is Germanic. "Synthetic" and "analytic" are tendencies, not absolutes: Hindi also uses helper verbs, and English still has a few endings (-s, -ed, -ing).

3. वर्ण, लिपि और ध्वनि | Script and Sounds

हिंदी देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। पारंपरिक वर्णमाला में स्वर (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ) और 33 मूल व्यंजन गिने जाते हैं, इनके साथ अनुस्वार, विसर्ग और संयुक्ताक्षर भी पढ़ाए जाते हैं। देवनागरी की बड़ी विशेषता यह है कि जैसा लिखा जाता है, लगभग वैसा ही बोला जाता है। हर व्यंजन के साथ स्वर की मात्रा जुड़ती है और अक्षरों में Capital-Small का भेद नहीं होता।

अंग्रेज़ी रोमन लिपि में लिखी जाती है, जिसमें 26 अक्षर हैं: 5 Vowel अक्षर (a, e, i, o, u) और 21 Consonant अक्षर। पर बोलने में अंग्रेज़ी की ध्वनियाँ लगभग 44 मानी जाती हैं (मानक ब्रिटिश उच्चारण के अनुसार), यानी अक्षर कम और ध्वनियाँ अधिक। इसी कारण अंग्रेज़ी की वर्तनी (Spelling) और उच्चारण (Pronunciation) में अक्सर मेल नहीं बैठता: "put" और "but" में एक जैसा "u" दिखता है, पर उच्चारण अलग है; "though", "through" और "tough" में "ough" तीन तरह से बोला जाता है।

वर्ण और ध्वनियों की संख्या की तुलना हिंदी पारंपरिक वर्ण (11 स्वर + 33 व्यंजन) 44 English letters (5 vowels + 21 consonants) 26 English sounds (phonemes, RP) ≈44
चित्र 2: वर्ण और ध्वनियाँ | Fig. 2: Symbols versus sounds (textbook counts; scholars' counts of English phonemes vary by accent)

इस चित्र से दिखता है कि हिंदी में लगभग हर ध्वनि के लिए अलग चिह्न है, जबकि अंग्रेज़ी में 26 अक्षर लगभग 44 ध्वनियों का भार उठाते हैं। इसीलिए अंग्रेज़ी में Spelling याद रखनी पड़ती है, जबकि हिंदी में अधिकतर शब्द सुनकर लिखे जा सकते हैं। एक और बड़ा अंतर Capital अक्षरों का है। अंग्रेज़ी में वाक्य के आरंभ, व्यक्तिवाचक संज्ञा और "I" को Capital में लिखना नियम है। देवनागरी में बड़े-छोटे अक्षर होते ही नहीं, इसलिए हिंदीभाषी विद्यार्थी अंग्रेज़ी लिखते समय Capital भूल जाते हैं।

In English: Devanagari is largely phonetic: one symbol, one sound. English spelling is not: 26 letters cover roughly 44 sounds, so spelling must be memorised. Devanagari also has no upper and lower case, which is why capital letters are a common slip for Hindi speakers writing English.

4. समानताएँ: दोनों में क्या एक जैसा है | What They Share

अलग लिपि और अलग बनावट के बावजूद दोनों व्याकरणों में पढ़ाए जाने वाले अधिकतर विषय एक-दूसरे से मिलते हैं। नीचे का चित्र बताता है कि कौन-से विषय केवल हिंदी में विस्तृत हैं, कौन-से केवल अंग्रेज़ी में और कौन-से दोनों में समान।

हिंदी और अंग्रेज़ी व्याकरण का वेन आरेख हिंदी में विस्तृत English-heavy कारक-विभक्तिसंधिसमासअलंकार, रस, छंदप्रेरणार्थक क्रिया ArticlesModalsPhrasal VerbsConditionalsQuestion TagsDeterminers समान पद-भेदकालवाच्यकथनलिंग-वचनविराम चिह्न
चित्र 3: समान और भिन्न विषयों का वेन आरेख | Fig. 3: Venn diagram of shared and language-specific topics

बीच के भाग के विषयों की विस्तृत तुलना नीचे की तालिका में है। हर विषय का हिंदी नाम, अंग्रेज़ी नाम और एक उदाहरण दिया गया है।

विषयहिंदी मेंEnglishउदाहरण | Example
शब्द-भेदपद विचार: संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया, क्रिया-विशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक, विस्मयादिबोधकParts of Speech: Noun, Pronoun, Adjective, Verb, Adverb, Preposition, Conjunction, Interjectionमोहन / Mohan = संज्ञा / Noun
कालभूत, वर्तमान, भविष्यPast, Present, Futureखाया / ate
वाच्यकर्तृ, कर्म, भावActive, Passiveराम आम खाता है / Ram eats a mango
कथनप्रत्यक्ष, अप्रत्यक्षDirect, Indirect Speechउसने कहा, "मैं जाऊँगा।" / He said, "I will go."
वाक्य (अर्थ से)विधानवाचक, निषेधवाचक, प्रश्नवाचक, आज्ञावाचक, विस्मयादिबोधकAssertive, Negative, Interrogative, Imperative, Exclamatoryक्या तुम आए? / Did you come?
वाक्य (रचना से)सरल, संयुक्त, मिश्रSimple, Compound, Complexवह आया और बैठ गया / He came and sat
लिंगपुल्लिंग, स्त्रीलिंगMasculine, Feminine (+ Neuter, Common)लड़का-लड़की / boy-girl
वचनएकवचन, बहुवचनSingular, Pluralकिताब-किताबें / book-books
पुरुषउत्तम, मध्यम, अन्यFirst, Second, Third Personमैं, तुम, वह / I, you, he
शब्द-रचनाउपसर्ग, प्रत्ययPrefix, Suffixअ-सफल / un-happy; सफल-ता / happi-ness
शब्द-भंडारपर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, एकार्थकSynonyms, Antonyms, Homonyms, One-word Substitutionदिन-रात / day-night
मुहावरेमुहावरे, लोकोक्तियाँIdioms, Proverbsआसमान टूटना / a bolt from the blue
विराम चिह्नपूर्ण विराम (।), अल्प विराम (,), प्रश्न चिह्न (?), विस्मयादिबोधक (!)Full Stop (.), Comma (,), Question Mark (?), Exclamation Mark (!)"?" और "!" दोनों में एक जैसे

इन विषयों में नाम अलग हैं, पर विचार लगभग समान है। संज्ञा किसी नाम को बताती है, चाहे वह Mohan हो या मोहन। क्रिया काम को बताती है, चाहे वह "पढ़ता है" हो या "reads"। विशेषण संज्ञा की विशेषता बताता है और दोनों भाषाओं में सामान्यतः संज्ञा से पहले आता है (सुंदर फूल / beautiful flower)। इसलिए जो विद्यार्थी एक भाषा में पद-भेद अच्छी तरह समझ लेता है, उसे दूसरी भाषा में अधिकतर पारिभाषिक शब्द ही बदलने पड़ते हैं।

सावधानी: नाम समान होने का अर्थ यह नहीं कि हर नियम भी समान है। लिंग दोनों में है, पर हिंदी में क्रिया और विशेषण भी लिंग के अनुसार बदलते हैं (अच्छा लड़का, अच्छी लड़की), जबकि अंग्रेज़ी में "good boy, good girl" में good वही रहता है। अगले खंडों में ऐसे सभी अंतर विस्तार से हैं।

5. संज्ञा: लिंग, वचन और रूप | Nouns: Gender, Number and Form

लिंग। हिंदी में हर संज्ञा का व्याकरणिक लिंग होता है, निर्जीव वस्तुओं का भी: मेज़ (स्त्रीलिंग), कुर्सी (स्त्रीलिंग), दरवाज़ा (पुल्लिंग), किताब (स्त्रीलिंग), पर्दा (पुल्लिंग)। यह लिंग शब्द के अर्थ से नहीं, परंपरा और रूप से तय होता है, इसलिए हर शब्द के साथ याद करना पड़ता है। अंग्रेज़ी में लिंग मुख्यतः प्राकृतिक है: boy, man (Masculine), girl, woman (Feminine), table, book (Neuter), और teacher, student (Common Gender)। इसलिए अंग्रेज़ी में "मेज़ स्त्रीलिंग है" जैसी कोई चिंता नहीं होती।

वचन। दोनों में एकवचन और बहुवचन हैं, पर बनाने का तरीक़ा अलग है। हिंदी में बहुवचन संज्ञा के अंतिम स्वर और लिंग पर निर्भर करता है; अंग्रेज़ी में अधिकतर -s/-es जुड़ता है और कुछ अनियमित रूप हैं।

हिंदीRomanबहुवचनEnglishPlural
लड़काladkaलड़केboyboys
लड़कीladkiलड़कियाँgirlgirls
किताबkitaabकिताबेंbookbooks
घरgharघर (वही रूप)househouses
मालाmaalaमालाएँgarlandgarlands
आदमीaadmiआदमीmanmen (अनियमित)
बच्चाbachchaबच्चेchildchildren (अनियमित)

सीधा रूप और तिर्यक् रूप। हिंदी में संज्ञा विभक्ति के साथ आने पर अपना रूप बदल लेती है: "लड़का जाता है" (सीधा रूप), पर "लड़के को", "लड़के से", "लड़कों को" (तिर्यक् रूप)। अंग्रेज़ी में संज्ञा का रूप विभक्ति के कारण नहीं बदलता: boy, to the boy, with the boy। इसे हिंदी की अतिरिक्त परत समझा जा सकता है।

गणनीय और अगणनीय संज्ञा। अंग्रेज़ी में Countable (book, pen) और Uncountable (water, information, furniture, advice) का भेद बहुत अहम है, क्योंकि उसी से a/an, many/much और बहुवचन तय होते हैं। हिंदी में ऐसा सख़्त भेद नहीं है: "जानकारियाँ", "सलाहें" सामान्य हिंदी हैं। इसीलिए हिंदीभाषी विद्यार्थी "informations", "furnitures", "advices" जैसी गलतियाँ करते हैं।

6. सर्वनाम और आदर के स्तर | Pronouns and Politeness

हिंदी में सर्वनाम हैं: मैं, हम, तू, तुम, आप, यह, वह, ये, वे, कौन, क्या। अंग्रेज़ी में I, we, you, he, she, it, they, who, what। तीन बातें विशेष ध्यान देने योग्य हैं।

(1) तृतीय पुरुष में लिंग। हिंदी का "वह" लिंग-निरपेक्ष है: "वह लड़का है" और "वह लड़की है" में "वह" वही रहता है। अंग्रेज़ी में he, she और it अलग-अलग हैं। इसलिए हिंदीभाषी विद्यार्थी अक्सर "My sister is a doctor. He works in Jodhpur." जैसी गलती कर देते हैं।

(2) आदर के तीन स्तर। हिंदी में तू (अति-आत्मीय), तुम (सामान्य) और आप (आदर) हैं और क्रिया भी उसी के अनुसार बदलती है: तू जा, तुम जाओ, आप जाइए। अंग्रेज़ी में सबके लिए एक ही you है, इसलिए आदर का भाव please, would you, kindly जैसे शब्दों से दिया जाता है।

(3) अधिकार-सूचक सर्वनाम। हिंदी में मेरा, तुम्हारा, उसका जैसे शब्द उस वस्तु के लिंग-वचन के अनुसार बदलते हैं जो स्वामित्व में है: मेरी किताब, मेरा घर, मेरे भाई। अंग्रेज़ी में my नहीं बदलता, पर his और her स्वामी के लिंग के अनुसार बदलते हैं। यह एक रोचक उलटफेर है।

हिंदीRomanअर्थ अंग्रेज़ी में
उसकी किताबuski kitaabhis book / her book (दोनों संभव, संदर्भ से तय)
उसका घरuska gharhis house / her house
मेरे भाईmere bhaimy brother(s)
मेरी बहनmeri behenmy sister

हिंदी में "उसकी" का "की" किताब (स्त्रीलिंग) के कारण है, स्वामी के कारण नहीं। अंग्रेज़ी में "his book" और "her book" में चुनाव स्वामी के लिंग से होता है। इस उलझन को पहचानना अंग्रेज़ी में अधिकार-सूचक शब्द सही चुनने में बहुत मदद करता है।

7. क्रिया: मेल, Be-verb और "है / have" | Verbs

कर्ता से क्रिया का मेल। हिंदी में क्रिया कर्ता (या कुछ स्थितियों में कर्म) के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदलती है: लड़का जाता है, लड़की जाती है, लड़के जाते हैं, लड़कियाँ जाती हैं। अंग्रेज़ी में क्रिया केवल वचन और पुरुष पर, और वह भी बहुत कम, बदलती है: वर्तमान काल में तृतीय पुरुष एकवचन के साथ -s/-es (He goes, They go) और Be-verb के रूप (am, is, are, was, were)। अंग्रेज़ी क्रिया पर लिंग का कोई असर नहीं है: "He goes", "She goes"।

Be-verb। हिंदी में "होना" के वर्तमान रूप हूँ, है, हो, हैं हैं (मैं छात्र हूँ, वह छात्र है, तुम छात्र हो, वे छात्र हैं)। अंग्रेज़ी में am, is, are। दोनों में "होना" क्रिया सहायक क्रिया का काम भी करती है (वह पढ़ रहा है / He is reading)।

स्वामित्व: "के पास" बनाम have। हिंदी में स्वामित्व प्रायः "के पास" या "का/की" से बताया जाता है, "have" जैसी क्रिया से नहीं: "मेरे पास दो कलम हैं", जबकि अंग्रेज़ी में "I have two pens"। इसीलिए "I am having two pens" जैसी गलती होती है।

भावनाएँ और अनुभूतियाँ। हिंदी में भूख, प्यास, बुखार जैसी अनुभूतियाँ प्रायः "को" या "से" के साथ आती हैं: "मुझे भूख लगी है", "राम को बुखार है"। अंग्रेज़ी में वही बात कर्ता-क्रिया के रूप में आती है: "I am hungry", "Ram has a fever"। यहाँ हिंदी में अनुभव करने वाला "कर्ता" नहीं, बल्कि "को" वाला शब्द होता है।

"ने" और सकर्मक भूतकाल। हिंदी में सामान्यतः सकर्मक क्रिया के भूतकाल (सामान्य, आसन्न, पूर्ण भूत) में कर्ता के साथ "ने" लगता है और क्रिया कर्म के लिंग-वचन के अनुसार बदलती है: "राम ने रोटी खाई" (रोटी स्त्रीलिंग), "राम ने आम खाया" (आम पुल्लिंग)। हिंदी व्याकरण में इसे कर्मणि प्रयोग और भाषा-विज्ञान में Ergative-like pattern कहा जाता है। अंग्रेज़ी में इसका कोई समकक्ष नहीं है।

संयुक्त क्रिया और Phrasal Verb। हिंदी की "उठ जाना", "खा लेना", "कर देना", "गिर पड़ना" जैसी संयुक्त क्रियाएँ मुख्य क्रिया में सूक्ष्म भाव (पूर्णता, तत्परता, अचानकपन) जोड़ती हैं। अंग्रेज़ी में यही काम Phrasal Verbs (give up, put off, look after) और Adverbs करते हैं। दोनों में अर्थ शब्दकोश से नहीं, प्रयोग से सीखना पड़ता है।

8. कारक बनाम Prepositions | Case Markers vs Prepositions

संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया या दूसरे शब्दों से जो संबंध होता है, उसे हिंदी में कारक कहते हैं। हिंदी में आठ कारक और उनकी विभक्तियाँ पढ़ाई जाती हैं। आधुनिक हिंदी में विभक्तियाँ संज्ञा के बाद आती हैं, इसलिए इन्हें परसर्ग (Postposition) भी कहा जाता है। अंग्रेज़ी में यही काम Prepositions करते हैं, जो संज्ञा से पहले आते हैं।

विभक्ति (बाद में) बनाम Preposition (पहले) हिंदी: संज्ञा + विभक्ति (परसर्ग) घर में राम के लिए English: Preposition + Noun in the house for Ram
चित्र 4: परसर्ग बनाम पूर्वसर्ग | Fig. 4: Postposition vs preposition
कारकविभक्तिहिंदी उदाहरणRomanEnglish
कर्ताने (शून्य)राम ने खायाRam ne khaayaRam ate (subject)
कर्मको (शून्य)उसने राम को देखाusne Ram ko dekhaHe saw Ram (object)
करणसे, द्वाराकलम से लिखाkalam se likhawrote with a pen
संप्रदानको, के लिएमाँ के लिए फलmaa ke liye phalfruit for mother
अपादानसे (अलग होना)पेड़ से पत्ते गिरेped se patte gireleaves fell from the tree
संबंधका, के, कीराम की किताबRam ki kitaabRam's book
अधिकरणमें, परमेज़ पर किताब हैmez par kitaab haiThe book is on the table
संबोधनहे, अरेहे प्रभु!he prabhuO Lord!

इस तालिका से एक महत्वपूर्ण बात निकलती है: हिंदी की एक ही विभक्ति कई अर्थ देती है। "से" का अर्थ with (कलम से), from (पेड़ से) और than (राम श्याम से लंबा है) तीनों हो सकता है, जबकि अंग्रेज़ी में इन अर्थों के लिए अलग शब्द हैं। उल्टी तरफ़, अंग्रेज़ी की in, on, at, by, with, from, to जैसी Prepositions हिंदी में कभी "में" या "पर" से, कभी "को" या "से" से निपट जाती हैं। इसीलिए Preposition का चुनाव (in/on/at) हिंदीभाषी विद्यार्थियों को कठिन लगता है।

अंग्रेज़ी में Case का औपचारिक रूप केवल सर्वनामों में बचा है: Nominative (he), Objective (him), Possessive (his)। संज्ञाओं में केवल Possessive बचा है (Ram's)। इसीलिए अंग्रेज़ी में कारक का अलग अध्याय नहीं मिलता।

In English: Hindi has eight cases marked by postpositions (ne, ko, se, ka/ke/ki, mein, par...). English keeps case only in pronouns (he/him/his) and the possessive 's; everything else is done by prepositions and word order. One Hindi marker, such as "se", can translate to with, from or than.

9. काल: 11 बनाम 12 | Tenses: 11 versus 12

काल दोनों भाषाओं में है, पर वर्गीकरण का तरीक़ा अलग है। अंग्रेज़ी में तीन मुख्य काल हैं और हर काल के चार रूप (Simple, Continuous, Perfect, Perfect Continuous) मिलकर कुल 12 Tenses बनते हैं। हिंदी में परंपरागत वर्गीकरण के अनुसार भूतकाल के 6, वर्तमान के 3 और भविष्यत काल के 2 भेद, यानी कुल 11 भेद पढ़ाए जाते हैं।

हिंदी और अंग्रेज़ी में काल-भेदों की संख्या हिंदी (कुल 11) English (total 12) भूत | Past 6 4 वर्तमान | Present 3 4 भविष्य | Future 2 4
चित्र 5: काल-भेदों की संख्या | Fig. 5: Number of tense categories (traditional school-grammar counts)
कालहिंदी के भेद
भूतकाल (6)सामान्य, आसन्न, पूर्ण, अपूर्ण, संदिग्ध, हेतुहेतुमद्
वर्तमान काल (3)सामान्य, अपूर्ण, संदिग्ध
भविष्यत काल (2)सामान्य, संभाव्य

कुछ पाठ्यपुस्तकों में भेदों के नाम या संख्या में थोड़ा अंतर मिल सकता है, इसलिए परीक्षा के लिए अपनी पाठ्यपुस्तक का वर्गीकरण ही मानें। सबसे ज़रूरी बात यह है कि हिंदी के भेद अंग्रेज़ी के 12 Tenses से एक-एक करके नहीं मिलाए जा सकते। नीचे "खाना / eat" का उदाहरण देखिए:

अंग्रेज़ी TenseEnglishहिंदीRoman
Simple PresentHe eats rice.वह चावल खाता है।vah chaawal khaata hai
Present ContinuousHe is eating rice.वह चावल खा रहा है।vah chaawal kha raha hai
Present PerfectHe has eaten rice.उसने चावल खाया है।usne chaawal khaaya hai
Present Perfect ContinuousHe has been eating rice since morning.वह सुबह से चावल खा रहा है।vah subah se chaawal kha raha hai
Simple PastHe ate rice.उसने चावल खाया।usne chaawal khaaya
Past ContinuousHe was eating rice.वह चावल खा रहा था।vah chaawal kha raha tha
Past PerfectHe had eaten rice.उसने चावल खाया था।usne chaawal khaaya tha
Past Perfect ContinuousHe had been eating rice for an hour.वह एक घंटे से चावल खा रहा था।vah ek ghante se chaawal kha raha tha
Simple FutureHe will eat rice.वह चावल खाएगा।vah chaawal khaayega
Future ContinuousHe will be eating rice.वह चावल खा रहा होगा।vah chaawal kha raha hoga
Future PerfectHe will have eaten rice.उसने चावल खा लिया होगा।usne chaawal kha liya hoga

इस तालिका से चार बातें साफ़ दिखती हैं। पहली, Present Perfect Continuous और Past Perfect Continuous का हिंदी रूप क्रमशः वर्तमान और भूत की चालू क्रिया जैसा दिखता है ("खा रहा है", "खा रहा था"), और अवधि का भाव "से" शब्द देता है। इसीलिए विद्यार्थी "He is eating since morning" लिख देते हैं, जो गलत है। दूसरी, अंग्रेज़ी में since (कब से, बिंदु) और for (कितनी देर से, अवधि) दो शब्द हैं, जबकि हिंदी में दोनों के लिए "से" है। तीसरी, हिंदी के भूतकाल में कर्ता के साथ "ने" आ सकता है, अंग्रेज़ी में नहीं। चौथी, कुछ क्रियाएँ (know, like, want, own, understand) अंग्रेज़ी में सामान्यतः Continuous में नहीं आतीं ("I know him", "I am knowing him" नहीं), जबकि हिंदी में "मैं उसे जान रहा हूँ" जैसे रूप संभव हैं।

"ने" का नियम: हिंदी में सामान्यतः सकर्मक क्रिया के भूतकाल में कर्ता के साथ "ने" लगता है, पर वर्तमान और भविष्यत में नहीं: "राम खाता है" (ने नहीं), "राम खाएगा" (ने नहीं), "राम ने खाया" (ने है)। अंग्रेज़ी में ऐसा कोई चिह्न नहीं है।

10. वाच्य और कथन | Voice and Narration

वाच्य (Voice)। हिंदी में तीन वाच्य हैं: कर्तृवाच्य (क्रिया कर्ता के अनुसार), कर्मवाच्य (क्रिया कर्म के अनुसार) और भाववाच्य (क्रिया केवल भाव बताती है, कर्ता या कर्म के अनुसार नहीं)। अंग्रेज़ी में दो ही हैं: Active और Passive।

वाच्यहिंदी उदाहरणEnglish
कर्तृवाच्य | Activeराम पत्र लिखता है।Ram writes a letter.
कर्मवाच्य | Passiveराम से पत्र लिखा जाता है।A letter is written by Ram.
भाववाच्यमुझसे चला नहीं जाता।I cannot walk. (सामर्थ्य का अभाव, कोई सीधा Passive नहीं)
भाववाच्यअब सोया जाए।Let us sleep now. / It is time to sleep.

अंग्रेज़ी का Passive "be + Past Participle" से बनता है (is written, was written, has been written), और हिंदी का कर्मवाच्य "जाना" सहायक क्रिया से (लिखा जाता है, लिखा गया)। भाववाच्य का अंग्रेज़ी में कोई अलग वर्ग नहीं है; वही भाव अक्सर Modal Verbs (cannot, should) से व्यक्त होता है। यह हिंदी की एक विशेषता है जो अंग्रेज़ी व्याकरण में स्वतंत्र विषय के रूप में नहीं मिलती।

कथन (Narration)। दोनों भाषाओं में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कथन हैं, पर नियम अलग हैं। अंग्रेज़ी में अप्रत्यक्ष कथन में Tense का पीछे खिसकना (Backshift) और समय-सूचक शब्दों का बदलना आवश्यक है। हिंदी में सर्वनाम तो बदलते हैं, पर काल प्रायः नहीं खिसकता।

कथनहिंदीEnglish
प्रत्यक्ष | Directउसने कहा, "मैं कल आऊँगा।"He said, "I will come tomorrow."
अप्रत्यक्ष | Indirectउसने कहा कि वह अगले दिन आएगा।He said that he would come the next day.

ध्यान दीजिए: अंग्रेज़ी में will → would और tomorrow → the next day बदला है। हिंदी के अप्रत्यक्ष कथन में केवल "मैं → वह" हुआ और "आऊँगा → आएगा", यानी रूप पुरुष के अनुसार बदला, काल पीछे नहीं गया। इसीलिए हिंदीभाषी विद्यार्थी अंग्रेज़ी Narration में Backshift भूल जाते हैं।

In English: Hindi has three voices (active, passive, and an impersonal "bhaav vaachya" often used for inability or necessity); English has two. In reported speech English shifts tense and time words backwards, while Hindi mainly adjusts pronouns.

11. वाक्य-रचना और शब्द-क्रम | Sentence Structure and Word Order

हिंदी का सामान्य शब्द-क्रम कर्ता - कर्म - क्रिया (SOV) है। अंग्रेज़ी का सामान्य क्रम कर्ता - क्रिया - कर्म (SVO) है।

शब्द-क्रम: SOV बनाम SVO हिंदी: SOV रामकर्ता S आमकर्म O खाता हैक्रिया V English: SVO RamSubject S eatsVerb V a mangoObject O क्रिया और कर्म की जगह आपस में बदल जाती है
चित्र 6: शब्द-क्रम | Fig. 6: Word order, SOV versus SVO

इसके साथ एक और बड़ा अंतर विभक्ति और Preposition की जगह का है, जो खंड 8 के चित्र 4 में दिखाया गया है। जब कोई विद्यार्थी हिंदी में सोचकर अंग्रेज़ी वाक्य बनाता है, तो वह बहुत बार शब्द-क्रम उलट देता है, जैसे "Ram mango eats" लिख देना।

लचीलापन। हिंदी में विभक्तियों के कारण शब्द-क्रम अपेक्षाकृत लचीला है: "राम आम खाता है" के अलावा "आम राम खाता है" भी संभव है (ज़ोर देने के लिए), अर्थ नहीं बदलता। अंग्रेज़ी में "Ram eats a mango" और "A mango eats Ram" में अर्थ पूरी तरह उलट जाता है। इसका कारण यही है कि अंग्रेज़ी में कर्ता-कर्म की पहचान शब्द की जगह से होती है।

प्रश्न की रचना। हिंदी में "क्या" लगाकर या स्वर-शैली बदलकर प्रश्न बनता है और शब्द-क्रम वही रहता है: "तुम स्कूल जाते हो।" → "क्या तुम स्कूल जाते हो?"। अंग्रेज़ी में सहायक क्रिया आगे आती है: "You go to school." → "Do you go to school?"। प्रश्नवाचक शब्द (कब, कहाँ, क्यों, कैसे) हिंदी में वाक्य के बीच भी आ सकते हैं (तुम कहाँ जा रहे हो?), अंग्रेज़ी में वे सामान्यतः आरंभ में आते हैं (Where are you going?)।

निषेध की रचना। हिंदी में "नहीं" क्रिया से पहले आता है: "मैं नहीं जाता।" अंग्रेज़ी में सहायक क्रिया + not: "I do not go।" यही कारण है कि Do-Does-Did वाले नियम हिंदीभाषियों को अलग से सीखने पड़ते हैं।

विशेषण का स्थान और मेल। दोनों भाषाओं में विशेषण सामान्यतः संज्ञा से पहले आता है। हिंदी के आकारांत विशेषण संज्ञा के अनुसार बदलते हैं (अच्छा लड़का, अच्छी लड़की, अच्छे लड़के), अंग्रेज़ी विशेषण नहीं बदलते (good boy, good girl, good boys)।

उपवाक्य। हिंदी में "जो... वह..." जैसी सहसंबंधी रचना बहुत आम है ("जो मेहनत करता है, वह सफल होता है"), जबकि अंग्रेज़ी में who, which, that से Relative Clause बनता है ("He who works hard succeeds" या "A person who works hard succeeds")। दोनों में "कि / that" से संज्ञा-उपवाक्य जुड़ता है।

12. हिंदी में अधिक विस्तृत विषय | Topics Rich in Hindi

संधि। दो वर्णों के मेल से होने वाले परिवर्तन को संधि कहते हैं। हिंदी में इसके तीन भेद हैं: स्वर संधि (विद्या + आलय = विद्यालय), व्यंजन संधि (जगत् + ईश = जगदीश) और विसर्ग संधि (मनः + हर = मनोहर)। अंग्रेज़ी में ऐसा औपचारिक अध्याय नहीं है। उससे मिलते-जुलते रूप Contractions (do not = don't, I am = I'm, it is = it's) हैं, पर वे बोलचाल को आसान बनाते हैं और संधि जैसे नियमबद्ध नहीं हैं।

समास। दो या अधिक शब्दों के मिलने से बने नए शब्द को समास कहते हैं। हिंदी में छह भेद पढ़ाए जाते हैं। अंग्रेज़ी में इसका नज़दीकी रूप Compound Words है, जो Word Formation में थोड़े में पढ़ाया जाता है।

समासहिंदी उदाहरणविग्रहEnglish अनुरूप
अव्ययीभावयथाशक्तिशक्ति के अनुसारas far as possible
तत्पुरुषराजपुत्रराजा का पुत्रking's son / handbook
कर्मधारयनीलकमलनीला है जो कमलblue lotus / blackboard
द्विगुत्रिलोकतीन लोकों का समूहtrio / triangle
द्वंद्वमाता-पितामाता और पिताmother and father / bittersweet
बहुव्रीहिनीलकंठनीला है कंठ जिसका (शिव)redhead, bigfoot (person with...)

अलंकार, रस और छंद। ये हिंदी साहित्य से जुड़े अध्याय उच्च कक्षाओं में विस्तार से पढ़ाए जाते हैं। अंग्रेज़ी में इनके समान Figures of Speech (Simile, Metaphor, Personification, Alliteration) और Poetry (Rhyme, Metre) हैं, पर वे प्रायः साहित्य के पाठ्यक्रम में आते हैं।

तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द। हिंदी शब्दों का स्रोत के आधार पर वर्गीकरण करती है (कर्म → काम, अग्नि → आग)। अंग्रेज़ी में यह Etymology के रूप में है, जो विद्यालय के व्याकरण में प्रायः अलग अध्याय नहीं बनता।

प्रेरणार्थक क्रिया। हिंदी में एक ही मूल क्रिया से स्वाभाविक रूप से प्रेरणार्थक रूप बनते हैं: पढ़ना → पढ़ाना → पढ़वाना, करना → कराना → करवाना। अंग्रेज़ी में इसके लिए अलग शब्द (teach) या सहायक रचनाएँ (make someone read, get it done) लगती हैं।

लिंग-निर्णय और उपसर्ग-प्रत्यय का बड़ा भंडार। हिंदी में लिंग के नियम (जैसे -ता, -आई, -आवट अंत वाले अधिकतर शब्द स्त्रीलिंग) और संस्कृत, अरबी-फ़ारसी तथा हिंदी के अपने उपसर्ग-प्रत्यय अलग से पढ़ाए जाते हैं, जो अंग्रेज़ी के Prefix-Suffix से कहीं अधिक विविध हैं।

13. अंग्रेज़ी में अधिक विस्तृत विषय | Topics Rich in English

Articles (a, an, the)। अंग्रेज़ी में Article पूरा अध्याय है। a/an अनिश्चित एकवचन वस्तु के लिए और the निश्चित वस्तु के लिए आता है। a और an का चुनाव अक्षर से नहीं, उच्चारण से तय होता है।

नियमExampleकारण
a: व्यंजन ध्वनि से शुरू होने वाले शब्द से पहलेa book, a university, a Europeanuniversity की शुरुआत "यू" ध्वनि से है
an: स्वर ध्वनि से शुरू होने वाले शब्द से पहलेan apple, an hour, an honest manhour और honest में "h" मौन है
the: पहले से ज्ञात या अद्वितीय वस्तुthe sun, the Ganga, the book I boughtश्रोता को वस्तु की पहचान है
कोई Article नहीं: सामान्य बहुवचन और अगणनीयDogs are loyal. Water is life.सामान्य कथन

हिंदी में Article नहीं होते। "एक लड़का आया" और "वह लड़का आया" में भेद "एक" या "वह" जैसे शब्दों से या संदर्भ से हो जाता है। इसीलिए हिंदीभाषियों को Article सबसे ज़्यादा भूलता है।

Modal Verbs। can, could, may, might, will, would, shall, should, must, ought to का अंग्रेज़ी में अलग अध्याय है, क्योंकि हर Modal का अर्थ और प्रयोग अलग है।

भावEnglish Modalहिंदी में कैसे
क्षमताI can swim.मैं तैर सकता हूँ।
अनुमतिMay I come in?क्या मैं अंदर आ सकता हूँ?
कर्तव्य / आवश्यकताYou must study. / You should study.तुम्हें पढ़ना चाहिए। / तुम्हें पढ़ना पड़ेगा।
संभावनाIt might rain.शायद बारिश हो।
निषेधYou must not lie.तुम्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए।

हिंदी में यही भाव "सकना", "चाहिए", "पड़ना", "होना" जैसी क्रियाओं और "शायद" जैसे अव्ययों से व्यक्त होता है और क्रिया के अंतर्गत पढ़ाया जाता है।

Conditionals। अंग्रेज़ी में If-वाक्यों के चार प्रकार पढ़ाए जाते हैं। हिंदी में "यदि... तो..." रचना है, पर इस वर्गीकरण को अलग से कम पढ़ाया जाता है।

प्रकारEnglishहिंदी
Zero (सामान्य सत्य)If you heat ice, it melts.यदि बर्फ़ को गरम करो, तो वह पिघलती है।
First (संभावित)If it rains, I will stay home.यदि बारिश हुई, तो मैं घर पर रहूँगा।
Second (काल्पनिक वर्तमान)If I were a bird, I would fly.यदि मैं पक्षी होता, तो उड़ता।
Third (अतीत की अधूरी इच्छा)If I had studied, I would have passed.यदि मैंने पढ़ा होता, तो मैं उत्तीर्ण हो जाता।

Auxiliary Do। अंग्रेज़ी में प्रश्न और निषेध के लिए do/does/did की आवश्यकता पड़ती है। हिंदी में "क्या" और "नहीं" से काम हो जाता है, इसलिए यह नियम हिंदीभाषियों के लिए अलग विषय बन जाता है।

Phrasal Verbs। give up (छोड़ देना), look after (देखभाल करना), put off (टालना), run out of (समाप्त हो जाना) जैसे Verb + Preposition/Adverb के मेल का अर्थ अलग निकलता है, इसलिए अंग्रेज़ी में यह बड़ा विषय है। हिंदी में इसकी जगह संयुक्त क्रियाएँ और मुहावरे हैं।

Question Tags। "You like tea, don't you?" जैसे अंत अंग्रेज़ी में नियमबद्ध हैं (सकारात्मक वाक्य के बाद नकारात्मक Tag, और उल्टा)। हिंदी में "है न?", "ठीक है न?" जैसे रूप बोलचाल में हैं, पर उनके नियम अलग अध्याय नहीं बनते।

Determiners, Gerund, Participle, Infinitive। some, any, much, many, few, little जैसे Determiners और -ing/-ed/to-रूप वाले Non-finite Verbs अंग्रेज़ी में विस्तार से पढ़ाए जाते हैं। हिंदी में ये भाव कृदंत और विशेषण-रूपों में आते हैं और अलग अध्याय के रूप में कम दिखते हैं।

Subject-Verb Agreement के कठिन मामले। अंग्रेज़ी में "Each of the boys has...", "Neither of them is...", "The news is good" जैसे नियम (Notional agreement, Proximity) परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। हिंदी में यह मेल लिंग-वचन-पुरुष के सीधे नियम से चलता है।

14. कुछ और रोचक अंतर | More Interesting Differences

तुलना की कोटियाँ (Degrees of Comparison)। अंग्रेज़ी में Adjective का रूप बदलता है: tall → taller → tallest, good → better → best। हिंदी में विशेषण का रूप नहीं बदलता; तुलना "से" और "सबसे" शब्दों से होती है: लंबा → (श्याम से) लंबा → सबसे लंबा। इसलिए हिंदी में तीनों डिग्री एक ही विशेषण रूप से बनती हैं।

PositiveComparativeSuperlative
Ram is tall.Ram is taller than Shyam.Ram is the tallest boy.
राम लंबा है।राम श्याम से लंबा है।राम सबसे लंबा लड़का है।

शब्द-द्वित्व (Reduplication)। हिंदी में शब्दों की पुनरावृत्ति व्याकरण का सामान्य भाग है: धीरे-धीरे (slowly), घर-घर (every house), बड़े-बड़े (very big ones), चाय-वाय (tea and such), खाना-वाना। अंग्रेज़ी में यह प्रयोग सीमित है (bye-bye, so-so, tick-tock)।

"कल" का दोहरा अर्थ। हिंदी में "कल" का अर्थ yesterday और tomorrow दोनों हो सकता है, और काल क्रिया के रूप से स्पष्ट होता है: "कल आया था" (yesterday), "कल आऊँगा" (tomorrow)। अंग्रेज़ी में दोनों के लिए अलग शब्द हैं। यही कारण है कि हिंदीभाषी कभी-कभी अंग्रेज़ी में समय-सूचक शब्द उलझा देते हैं।

संख्याएँ। हिंदी में 1 से 100 तक की संख्याओं के नाम लगभग अनियमित हैं (उन्नीस, उनतीस, उनचास, उनसठ, उनहत्तर, उन्यासी, नवासी, निन्यानवे), जबकि अंग्रेज़ी में नाम अधिकतर नियमित हैं (twenty-one, twenty-two)। यह अंतर हिंदी सीखने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए कठिनाई का बड़ा कारण है।

वर्तनी-नियम। हिंदी की वर्तनी में अनुस्वार/चंद्रबिंदु, नुक़्ता और संयुक्ताक्षर के नियम हैं (हँसी बनाम हंस)। अंग्रेज़ी में Silent Letters (knife, psychology, island), Homophones (their/there, write/right) और अनियमित वर्तनी मुख्य चुनौती हैं।

15. सामान्य गलतियाँ | Common Mistakes

दोनों भाषाओं के अंतर से कुछ गलतियाँ बार-बार दिखती हैं। इन्हें पहले से पहचान लेने पर बचना आसान हो जाता है।

(क) हिंदीभाषी विद्यार्थी अंग्रेज़ी में | Hindi speakers writing English

गलत | Incorrectसही | Correctकारण
I am having two brothers.I have two brothers."मेरे दो भाई हैं" का शब्दशः अनुवाद; स्वामित्व वाली have Continuous में नहीं आती।
He is knowing the answer.He knows the answer.know जैसी Stative क्रियाएँ सामान्यतः Continuous में नहीं आतीं।
I am studying since morning.I have been studying since morning."सुबह से पढ़ रहा हूँ" का सीधा अनुवाद।
She is a honest girl.She is an honest girl.honest का "h" मौन है, उच्चारण स्वर से शुरू होता है।
I like mango.I like mangoes. / I like the mango.हिंदी में Article नहीं, इसलिए छूट जाता है।
Ram mango eats.Ram eats a mango.SOV क्रम को अंग्रेज़ी में लगा देना।
Return back. Discuss about it.Return. Discuss it."वापस लौटना", "के बारे में चर्चा" का असर।
Open the light.Switch on the light."बत्ती खोलो" का शब्दशः अनुवाद।
She do not like tea.She does not like tea.Do/Does का चुनाव हिंदी में नहीं होता।
My sister is a doctor. He works here.... She works here.हिंदी का "वह" लिंग-निरपेक्ष है।
i am going to school.I am going to school.देवनागरी में Capital होता ही नहीं।
informations, furnitures, advicesinformation, furniture, adviceहिंदी में "जानकारियाँ" संभव है, पर अंग्रेज़ी में ये Uncountable हैं।
He said me that he will come.He told me that he would come.say/tell का भेद और Backshift हिंदी में नहीं है।

(ख) अंग्रेज़ी के प्रभाव में हिंदी लिखने वाले | English-influenced Hindi

गलतसहीकारण
राम खाना खाया।राम ने खाना खाया।सकर्मक भूतकाल में "ने" छूट जाना।
राम ने जाता है।राम जाता है।वर्तमान काल में "ने" नहीं लगता।
लड़की जाता है।लड़की जाती है।अंग्रेज़ी में क्रिया-लिंग का अभ्यास नहीं।
मेरा बहन आई।मेरी बहन आई।अधिकार-सूचक सर्वनाम स्वामित्व वाली वस्तु के लिंग के अनुसार बदलता है।
राम कि किताबराम की किताब"कि" (उपवाक्य जोड़ने वाला) और "की" (संबंध) का भेद।
घर पे, राम को सेघर पर, राम सेबोलचाल के रूप और विभक्ति-मेल।
वाक्य के अंत में "."वाक्य के अंत में "।"पूर्ण विराम की जगह Full Stop।
याद रखें: गलती का मतलब यह नहीं कि विद्यार्थी कमज़ोर है। यह एक भाषा के नियम को दूसरी में लगा देने का स्वाभाविक असर है, जिसे भाषा-विज्ञान में "हस्तांतरण" (Language Transfer) कहते हैं। पहचानने के बाद इसे सुधारना सरल है।

16. याद रखने के सूत्र | Quick Memory Rules

सूत्र 1: "हिंदी की क्रिया अंत में, अंग्रेज़ी की क्रिया बीच में।" वाक्य बनाते समय पहले जाँच लें कि क्रिया कहाँ बैठनी है।

सूत्र 2: "हिंदी में बाद, अंग्रेज़ी में पहले।" विभक्ति संज्ञा के बाद (घर में), Preposition संज्ञा के पहले (in the house)।

सूत्र 3: "हिंदी में लिंग क्रिया तक जाता है, अंग्रेज़ी में रुक जाता है।" अंग्रेज़ी में goes, ate, is जैसे रूप लिंग से प्रभावित नहीं होते।

सूत्र 4: "Article हिंदी में नहीं, अंग्रेज़ी में हमेशा सोचो।" अंग्रेज़ी में एकवचन गणनीय संज्ञा के साथ बिना a/an/the के वाक्य प्रायः अधूरा रहता है।

सूत्र 5: "ने सिर्फ़ हिंदी के सकर्मक भूतकाल का साथी है।" अंग्रेज़ी में "ने" का समकक्ष मत खोजिए।

सूत्र 6: "से देखो, Perfect Continuous सोचो।" हिंदी में "सुबह से", "दो घंटे से" के साथ "रहा है" दिखे, तो अंग्रेज़ी में प्रायः have/has been + -ing आएगा।

सूत्र 7: "वह" देखो तो पूछो: he, she या it? हिंदी का "वह" लिंग-निरपेक्ष है, अंग्रेज़ी में चुनाव करना पड़ता है।

सूत्र 8: "एक भाषा में नाम सीखो, दूसरी में केवल नाम बदलो।" पद-भेद, वाच्य, कथन जैसे समान विषयों में अवधारणा एक जैसी है।

17. अभ्यास और उत्तर | Practice with Answers

नीचे दस प्रश्न हैं। पहले स्वयं उत्तर सोचिए, फिर प्रश्न पर टैप करके उत्तर देखिए।

प्र.1: गलती सुधारिए: She do not like tea.

She does not like tea. (तृतीय पुरुष एकवचन के साथ does)

प्र.2: अंग्रेज़ी में लिखिए: मैं सुबह से पढ़ रहा हूँ।

I have been studying since morning. (Present Perfect Continuous)

प्र.3: रिक्त स्थान: He waited for ___ hour.

an hour, क्योंकि hour का "h" मौन है और उच्चारण स्वर से शुरू होता है।

प्र.4: सही रूप चुनिए: लड़की स्कूल ___ (जाता/जाती) है।

जाती है, क्योंकि हिंदी में क्रिया कर्ता के लिंग के अनुसार बदलती है।

प्र.5: रिक्त स्थान: राम ___ खाना खाया। (ने / को / से)

ने, क्योंकि सकर्मक क्रिया के सामान्य भूतकाल में कर्ता के साथ "ने" लगता है।

प्र.6: "उसकी किताब" का अंग्रेज़ी अनुवाद क्या होगा?

स्वामी के लिंग के अनुसार his book या her book। हिंदी में "उसकी" किताब के लिंग के कारण है, स्वामी के लिंग के कारण नहीं।

प्र.7: Indirect Speech: He said, "I will go tomorrow."

He said that he would go the next day। (will → would, tomorrow → the next day)

प्र.8: Passive बनाइए: Ram writes a letter. और हिंदी में: राम पत्र लिखता है।

A letter is written by Ram. / राम से पत्र लिखा जाता है (या: राम द्वारा पत्र लिखा जाता है)।

प्र.9: गलती सुधारिए: I am having a car.

I have a car. (स्वामित्व वाली have Continuous में नहीं आती)

प्र.10: सही या गलत: अंग्रेज़ी में संधि का कोई औपचारिक अध्याय नहीं है।

सही। Contractions (don't, I'm) कुछ मिलते-जुलते रूप हैं, पर वे संधि जैसे नियमबद्ध नहीं हैं।

18. सारांश तालिका और English Summary

पहलू | AspectहिंदीEnglish
मूल | Originइंडो-आर्यन (संस्कृत से विकसित)Germanic (heavy Latin/French influence)
लिपि | Scriptदेवनागरी, Capital-Small नहींRoman, Capital-Small नियम
वर्तनी | Spellingलगभग जैसा लिखा, वैसा बोलावर्तनी और उच्चारण में अंतर आम
अर्थ का आधार | Meaning carried byरूप-परिवर्तन और विभक्तिशब्द-क्रम और सहायक शब्द
शब्द-क्रम | Word orderSOV (लचीला)SVO (सख़्त)
विभक्ति / Prepositionसंज्ञा के बाद (Postposition)संज्ञा से पहले (Preposition)
Articleनहींa, an, the
लिंग | Genderसभी संज्ञाओं में; क्रिया और विशेषण पर असरप्राकृतिक; मुख्यतः he/she/it में
कारक | Case8 कारक, अलग अध्यायसर्वनाम में सीमित, Prepositions में
संधि-समासअलग विस्तृत अध्यायContractions, Compound Words
काल | Tensesभूत 6, वर्तमान 3, भविष्य 2 = 113 × 4 = 12
वाच्य | Voiceकर्तृ, कर्म, भाव (3)Active, Passive (2)
कथन | Narrationकाल प्रायः नहीं खिसकताBackshift और समय-शब्द बदलते हैं
Modals, Phrasal Verbsसहायक और संयुक्त क्रियाओं मेंअलग विस्तृत अध्याय
आदर | Politenessतू, तुम, आपकेवल you
Summary in English: Hindi and English share most grammar topics (parts of speech, tenses, voice, narration, gender and number, punctuation), but they organise them differently. Hindi relies on inflection: nouns, adjectives, pronouns and verbs change form for gender, number and case, and case markers follow the noun (ghar mein). English relies on word order and helper words: prepositions come first (in the house), articles and auxiliary verbs carry much of the meaning, and verbs hardly change. Hindi has chapters on sandhi, samas and eight karakas that English folds into word formation, contractions and prepositions; English has chapters on articles, modals, phrasal verbs and conditionals that Hindi absorbs into its verb system. Most errors made by learners come from carrying rules across: dropping articles, reversing word order, using "since" with the present continuous, confusing "he" and "she", or forgetting "ne" and gender agreement in Hindi. Knowing which rules are shared and which are not is the quickest way to remove the confusion.

19. संदर्भ | References and Further Reading

इस लेख की सामग्री विद्यालयी पाठ्यक्रम में पढ़ाए जाने वाले व्याकरण और निम्न मानक ग्रंथों की प्रचलित अवधारणाओं पर आधारित है। उदाहरण और व्याख्या मौलिक हैं। अधिक अध्ययन के लिए:

1. कामताप्रसाद गुरु, हिंदी व्याकरण (हिंदी व्याकरण का मानक शास्त्रीय ग्रंथ)।
2. NCERT और राज्य बोर्डों की हिंदी तथा अंग्रेज़ी की पाठ्यपुस्तकें (वर्गीकरण और परिभाषाओं के लिए अपनी बोर्ड की पुस्तक देखें)।
3. Yamuna Kachru, Hindi (John Benjamins, 2006), Hindi का वर्णनात्मक व्याकरण।
4. Michael C. Shapiro, A Primer of Modern Standard Hindi।
5. Randolph Quirk et al., A Comprehensive Grammar of the English Language (1985)।
6. Rodney Huddleston and Geoffrey K. Pullum, The Cambridge Grammar of the English Language (2002)।

सुझाव: परीक्षा के लिए हमेशा अपने पाठ्यक्रम और बोर्ड की पुस्तक का वर्गीकरण (विशेषकर काल-भेदों की संख्या) अंतिम मानें। इस लेख का उद्देश्य अवधारणाएँ स्पष्ट करना है।

20. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न | FAQ

प्रश्न 1: क्या हिंदी और अंग्रेज़ी व्याकरण एक साथ पढ़ना कठिन है?

कठिन नहीं, पर सावधानी चाहिए। दोनों में बहुत-से विषय समान हैं, इसलिए एक की समझ दूसरी में काम आती है। कठिनाई तब आती है जब एक भाषा का नियम दूसरी में लगा दिया जाता है। पहले यह जान लें कि कौन-से विषय समान हैं और कौन-से अलग, फिर अभ्यास करें।

प्रश्न 2: क्या अंग्रेज़ी में कारक और विभक्ति होते हैं?

अंग्रेज़ी में कारक का अलग अध्याय नहीं है। उसका काम मुख्यतः Prepositions और शब्द-क्रम से होता है। Pronouns में Case के तीन रूप (Nominative, Objective, Possessive) पढ़ाए जाते हैं, जैसे he, him, his।

प्रश्न 3: हिंदी में Article क्यों नहीं होते?

हिंदी में निश्चित और अनिश्चित का भेद संदर्भ और "एक", "कोई", "वह", "यह" जैसे शब्दों से व्यक्त होता है, इसलिए अलग Article की आवश्यकता भाषा की बनावट में नहीं पड़ी।

प्रश्न 4: हिंदी के कितने काल-भेद होते हैं?

परंपरागत वर्गीकरण में भूतकाल के 6, वर्तमान के 3 और भविष्यत काल के 2 भेद, यानी कुल 11 भेद पढ़ाए जाते हैं। कुछ पुस्तकों में नाम या संख्या में थोड़ा अंतर मिल सकता है।

प्रश्न 5: क्या हिंदी में अंग्रेज़ी जैसे 12 Tenses होते हैं?

हिंदी में भी काल के कई रूप हैं और अधिकतर अंग्रेज़ी Tenses के समकक्ष हिंदी वाक्य बन जाते हैं, पर वर्गीकरण और नाम अलग हैं। Continuous और Perfect के भाव सहायक क्रियाओं (रहा, चुका, था, होगा) से बनते हैं। इसलिए एक-एक का सीधा मिलान ठीक नहीं।

प्रश्न 6: हिंदीभाषी विद्यार्थी अंग्रेज़ी में सबसे ज़्यादा कौन-सी गलतियाँ करते हैं?

Article छोड़ना, शब्द-क्रम उलट देना, Present Perfect Continuous की जगह Present Continuous लिखना, Do/Does का गलत प्रयोग और he/she में भ्रम। इन सबका कारण हिंदी का सीधा अनुवाद है।

प्रश्न 7: क्या संधि अंग्रेज़ी में होती है?

संस्कृत-परंपरा जैसी नियमबद्ध संधि अंग्रेज़ी में नहीं है। Contractions (don't, I'm, they're) और बोलचाल की ध्वनि-मिलावट (gonna, wanna) उससे कुछ मिलते-जुलते रूप हैं।

प्रश्न 8: "ने" का अंग्रेज़ी में क्या अर्थ है?

"ने" कर्ता-कारक का चिह्न है, जो हिंदी में सकर्मक क्रिया के भूतकाल में लगता है। अंग्रेज़ी में इसका कोई समकक्ष शब्द नहीं है, वहाँ केवल क्रिया का Past रूप बदलता है (ate)।

प्रश्न 9: दोनों भाषाओं का व्याकरण सीखने का सबसे आसान तरीक़ा क्या है?

पहले समान विषयों को एक तालिका में लिखकर दोनों नाम याद करें, फिर अलग विषयों (कारक-संधि-समास और Article-Modals) को अलग से पढ़ें। हर नियम के साथ एक हिंदी और एक अंग्रेज़ी उदाहरण बनाएँ, और रोज़ पाँच वाक्य दोनों भाषाओं में लिखकर मिलान करें।

Question 10: Which is easier for a beginner, Hindi or English grammar?

Neither is simply easier. Hindi grammar needs more memorisation of gender and agreement, but its spelling is regular. English grammar has fewer word-forms, but needs attention to articles, auxiliaries, prepositions and irregular spelling. The harder one is usually the language whose structure differs most from your first language.

© ABCsteps Technologies Pvt Ltd | NCERTClasses टीम। यह लेख शैक्षिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। पाठ्यक्रम और वर्गीकरण में अपनी पाठ्यपुस्तक और बोर्ड के निर्देश को अंतिम मानें।
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