मानव पाचन तंत्र: संरचना और कार्य (Human Digestive System Notes in Hindi)

📅 Saturday, 17 January 2026 📖 3-5 min read

मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System)

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मानव पाचन तंत्र (Digestive System) आहार नाल (Alimentary canal) और उससे जुड़ी ग्रंथियों का एक समूह है जो जटिल भोजन को सरल और अवशोषित करने योग्य पदार्थों में बदलता है। यह प्रक्रिया मुख से शुरू होकर गुदा (Anus) तक चलती है। एक वयस्क मनुष्य में आहार नाल की लंबाई लगभग 8 से 9 मीटर होती है।

नोट: यह लेख कक्षा 10 विज्ञान (NCERT) के अध्याय 'जैव प्रक्रम' (Life Processes) के पाठ्यक्रम पर आधारित है।

पाचन तंत्र की संरचना (Structure)

आहार नाल एक लंबी मांसपेशीय नली है जिसके मुख्य भाग निम्नलिखित हैं:

  • मुख गुहा (Buccal Cavity): भोजन ग्रहण करने का स्थान।
  • ग्रसिका (Oesophagus): यह नली भोजन को मुख से आमाशय तक ले जाती है।
  • आमाशय (Stomach): अंग्रेजी के 'J' आकार का अंग, जहाँ भोजन का पाचन शुरू होता है।
  • क्षुद्रांत्र (Small Intestine): आहार नाल का सबसे लंबा भाग, जहाँ पूर्ण पाचन होता है।
  • बृहदांत्र (Large Intestine): यहाँ जल का अवशोषण होता है।
Oesophagus (ग्रसिका) Liver (यकृत) Stomach (आमाशय) Pancreas Large Intestine Small Intestine
चित्र 1: मानव पाचन तंत्र का नामांकित चित्र।
(नोट: आरेख पैमाने पर नहीं है; केवल वैचारिक समझ के लिए)

पाचन की प्रक्रिया (Process of Digestion)

1. मुख में पाचन (Digestion in Mouth)

पाचन की शुरुआत मुख से होती है। दांत भोजन को चबाकर छोटा करते हैं। लार ग्रंथियों (Salivary Glands) से 'लार' निकलती है, जिसमें लार एमाइलेज (Salivary Amylase) नामक एंजाइम होता है। यह एंजाइम मंड (Starch) को शर्करा (Maltose) में बदल देता है।

नोट: यह पाचन आंशिक होता है और आमाशय के अम्लीय माध्यम में रुक जाता है।

2. आमाशय में पाचन (Digestion in Stomach)

भोजन ग्रसिका से होता हुआ आमाशय में पहुँचता है। आमाशय की भित्ति में जठर ग्रंथियां (Gastric glands) होती हैं जो तीन चीजें स्रावित करती हैं:

  • हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl): यह भोजन के माध्यम को अम्लीय (Acidic) बनाता है ताकि पेप्सिन एंजाइम कार्य कर सके। यह भोजन में आए जीवाणुओं को भी नष्ट करता है।
  • पेप्सिन (Pepsin): यह एंजाइम प्रोटीन का पाचन करता है।
  • श्लेष्मा (Mucus): यह आमाशय की आंतरिक परत को अम्ल के प्रभाव से बचाती है।

3. क्षुद्रांत्र में पाचन (Digestion in Small Intestine)

क्षुद्रांत्र (छोटी आंत) आहार नाल का सबसे लंबा भाग है। यहाँ कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा का पूर्ण पाचन होता है। इसे दो ग्रंथियों से स्राव प्राप्त होता है:

ग्रंथि (Gland) स्राव (Secretion) कार्य (Function)
यकृत (Liver) पित्त रस (Bile Juice) यह अम्लीय भोजन को क्षारीय बनाता है और वसा का इमल्सीकरण (Emulsification) करता है।
अग्न्याशय (Pancreas) अग्न्याशयिक रस इसमें तीन मुख्य एंजाइम होते हैं:
  • ट्रिप्सिन (Trypsin): प्रोटीन के पाचन के लिए।
  • लाइपेज (Lipase): वसा (Fats) के पाचन के लिए।
  • एमाइलेज: कार्बोहाइड्रेट के पाचन के लिए।

अवशोषण और बहिक्षेपण (Absorption & Egestion)

छोटी आंत की आंतरिक भित्ति पर अंगुली जैसे प्रवर्ध होते हैं जिन्हें दीर्घरोम (Villi) कहते हैं। दीर्घरोम (Villi) अवशोषण के लिए सतही क्षेत्रफल बढ़ाकर ग्लूकोज, अमीनो अम्ल और फैटी एसिड को रक्त में पहुँचाते हैं।

बिना पचा हुआ भोजन बृहदांत्र (Large Intestine) में भेज दिया जाता है, जहाँ दीर्घरोम इस पदार्थ से जल का अवशोषण कर लेते हैं। शेष अपशिष्ट पदार्थ गुदा (Anus) द्वारा शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है।

परीक्षा में याद रखने योग्य बिंदु:
  • पाचन की शुरुआत मुख में होती है।
  • HCl जीवाणु नष्ट करता है और पेप्सिन को सक्रिय करता है।
  • Villi अवशोषण हेतु सतही क्षेत्रफल बढ़ाते हैं।
  • पित्त (Bile) कोई एंजाइम नहीं है, यह केवल वसा को तोड़ता (Emulsify) है।

अभ्यास प्रश्न (Chapter Assessment)

1. हमारे आमाशय में अम्ल (Acid) की क्या भूमिका है?
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) एक अम्लीय माध्यम तैयार करता है जो पेप्सिन एंजाइम की क्रिया में सहायक होता है। साथ ही यह भोजन के साथ आए हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है।
2. पाचक एंजाइमों (Digestive Enzymes) का क्या कार्य है?
एंजाइम उत्प्रेरक (Catalyst) का कार्य करते हैं। वे भोजन के जटिल पदार्थों (जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन) को सरल और घुलनशील पदार्थों (जैसे ग्लूकोज, अमीनो अम्ल) में तोड़ देते हैं ताकि शरीर उन्हें अवशोषित कर सके।
3. पचे हुए भोजन को अवशोषित करने के लिए क्षुद्रांत्र (Small Intestine) में क्या रचना होती है?
क्षुद्रांत्र की आंतरिक भित्ति पर हजारों अंगुली जैसी रचनाएं होती हैं जिन्हें दीर्घरोम (Villi) कहते हैं। ये अवशोषण का सतही क्षेत्रफल बढ़ा देते हैं।
Reference: NCERT Class 10 Science Textbook (Chapter 6).
Last Updated: January 2026
Reviewed under Sarkari Service Prep Academic Policy.

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