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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड | सत्र 2025-26
📑 विषय सूची (Table of Contents)
परिचय एवं परीक्षा प्रारूप
व्याकरण भाषा का वह अंग है जो शब्दों और वाक्यों के शुद्ध प्रयोग के नियम बताता है। व्यावहारिक व्याकरण खंड में संधि, समास, उपसर्ग-प्रत्यय, शब्द ज्ञान, वाक्य शुद्धि और मुहावरे-लोकोक्तियाँ शामिल हैं।
| क्रम | विषय | प्रश्न प्रकार | अंक |
|---|---|---|---|
| 1 | संधि (पहचान व विच्छेद) | MCQ / अतिलघूत्तरात्मक | 2-3 |
| 2 | समास (पहचान व विग्रह) | MCQ / अतिलघूत्तरात्मक | 2-3 |
| 3 | उपसर्ग-प्रत्यय | MCQ / अतिलघूत्तरात्मक | 2 |
| 4 | पर्यायवाची/विलोम/अनेकार्थी | MCQ / अतिलघूत्तरात्मक | 2-3 |
| 5 | वाक्य शुद्धि | अतिलघूत्तरात्मक | 2 |
| 6 | मुहावरे-लोकोक्तियाँ | MCQ / वाक्य प्रयोग | 2-3 |
| कुल (लगभग) | 12-15 अंक | ||
संधि (Sandhi)
परिभाषा
दो वर्णों के मेल से होने वाले विकार को संधि कहते हैं। जब दो शब्द पास-पास आते हैं तो पहले शब्द का अंतिम वर्ण और दूसरे शब्द का पहला वर्ण मिलकर नया रूप धारण कर लेते हैं।
संधि के प्रकार
| प्रकार | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्वर संधि | स्वर + स्वर का मेल | विद्या + आलय = विद्यालय |
| व्यंजन संधि | व्यंजन + स्वर/व्यंजन का मेल | जगत् + नाथ = जगन्नाथ |
| विसर्ग संधि | विसर्ग + स्वर/व्यंजन का मेल | मनः + रथ = मनोरथ |
✅ स्वर संधि के 5 भेद
| भेद | नियम | उदाहरण | विच्छेद |
|---|---|---|---|
| दीर्घ | समान स्वर = दीर्घ | विद्यालय, महीश | विद्या+आलय |
| गुण | अ/आ + इ/ई = ए, अ/आ + उ/ऊ = ओ | देवेन्द्र, महोत्सव | देव+इन्द्र |
| वृद्धि | अ/आ + ए/ऐ = ऐ, अ/आ + ओ/औ = औ | एकैक, सदैव | एक+एक |
| यण् | इ/ई + असमान = य्, उ/ऊ = व् | इत्यादि, अन्वय | इति+आदि |
| अयादि | ए/ऐ/ओ/औ + असमान = अय्/आय्/अव्/आव् | नयन, भवन | ने+अन |
समास (Compound Words)
दो या दो से अधिक शब्दों के मेल से बने नए शब्द को समास कहते हैं। समास में शब्दों के बीच की विभक्तियाँ लुप्त हो जाती हैं।
समास के 6 प्रकार
| समास | पहचान | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|---|
| अव्ययीभाव | पूर्वपद प्रधान (आ, प्रति, यथा) | आजीवन, प्रतिदिन | जीवन भर |
| तत्पुरुष | उत्तरपद प्रधान, विभक्ति लुप्त | राजपुत्र, देशभक्ति | राजा का पुत्र |
| कर्मधारय | विशेषण-विशेष्य संबंध | नीलकमल, महापुरुष | नीला कमल |
| द्विगु | पूर्वपद संख्यावाचक | त्रिलोक, पंचवटी | तीन लोकों का समूह |
| द्वंद्व | दोनों पद प्रधान ('और' से जुड़े) | माता-पिता, सुख-दुख | माता और पिता |
| बहुव्रीहि | अन्य पद प्रधान, तीसरा अर्थ | नीलकंठ, दशानन | नीला है कंठ जिसका (शिव) |
📌 याद रखें: कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य संबंध (नीला कमल), जबकि बहुव्रीहि में तीसरे अर्थ का बोध (नीला है कंठ जिसका = शिव)।
उपसर्ग और प्रत्यय
उपसर्ग (Prefix) - शब्द के आरंभ में
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ | नहीं, अभाव | अज्ञान, असत्य, अधर्म |
| प्र | अधिक, आगे | प्रगति, प्रसिद्ध, प्रबल |
| वि | विशेष, भिन्न | विज्ञान, विशेष, विकास |
| सु | अच्छा | सुपुत्र, सुगम, सुलभ |
| दुर्/दुस् | बुरा, कठिन | दुर्गम, दुर्बल, दुष्कर्म |
प्रत्यय (Suffix) - शब्द के अंत में
| प्रत्यय | प्रकार | उदाहरण |
|---|---|---|
| ता | भाववाचक | मानवता, सुंदरता, मूर्खता |
| इक | संबंधवाचक | सामाजिक, धार्मिक, वैज्ञानिक |
| ई | स्थानवाचक | जयपुरी, बनारसी, कश्मीरी |
| आई | भाववाचक | लड़ाई, पढ़ाई, लिखाई |
| वाला | कर्तृवाचक | दूधवाला, फलवाला |
शब्द ज्ञान
पर्यायवाची शब्द (Synonyms)
| शब्द | पर्यायवाची | शब्द | पर्यायवाची |
|---|---|---|---|
| जल | पानी, नीर, वारि, अंबु, तोय | आकाश | गगन, नभ, अंबर, व्योम |
| सूर्य | रवि, भानु, दिनकर, भास्कर | चंद्रमा | चाँद, शशि, निशाकर, इंदु |
| पृथ्वी | धरा, भूमि, वसुधा, अवनि | कमल | पंकज, जलज, नीरज, सरोज |
विलोम शब्द (Antonyms)
| शब्द | विलोम | शब्द | विलोम | शब्द | विलोम |
|---|---|---|---|---|---|
| सत्य | असत्य | ज्ञान | अज्ञान | जीवन | मरण |
| सुख | दुख | आशा | निराशा | मित्र | शत्रु |
| उन्नति | अवनति | लाभ | हानि | आदि | अंत |
वाक्य शुद्धि
| अशुद्ध वाक्य | शुद्ध वाक्य | अशुद्धि |
|---|---|---|
| मुझे को किताब दो। | मुझे किताब दो। | विभक्ति |
| वह रोज प्रतिदिन आता है। | वह प्रतिदिन आता है। | पुनरुक्ति |
| राम और श्याम आया। | राम और श्याम आए। | वचन |
| मेरे को पता है। | मुझे पता है। | सर्वनाम |
मुहावरे और लोकोक्तियाँ
प्रमुख मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| आँखों का तारा | बहुत प्रिय | राम अपने माता-पिता की आँखों का तारा है। |
| उल्लू बनाना | मूर्ख बनाना | दुकानदार ने मुझे उल्लू बना दिया। |
| नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों ने नाक में दम कर दिया। |
| गागर में सागर भरना | कम में बहुत कहना | कवि बिहारी ने गागर में सागर भर दिया। |
प्रमुख लोकोक्तियाँ
| लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|
| अंधों में काना राजा | मूर्खों में थोड़ा जानकार भी बड़ा माना जाता है |
| घर का भेदी लंका ढाए | अपना ही व्यक्ति नुकसान करे |
| जैसी करनी वैसी भरनी | जैसा करोगे वैसा फल मिलेगा |
| नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी गलती दूसरों पर डालना |
📌 मुहावरे vs लोकोक्ति: मुहावरा वाक्यांश है (वाक्य में प्रयोग), लोकोक्ति पूर्ण वाक्य है (स्वतंत्र प्रयोग)।
परीक्षा में सफलता के टिप्स
- संधि: स्वर संधि के 5 भेद याद करें। विच्छेद में '+' चिह्न अवश्य लगाएं।
- समास: 6 समास की पहचान याद करें। विग्रह में विभक्ति (का, के, को) प्रयोग करें।
- उपसर्ग-प्रत्यय: उपसर्ग आरंभ में, प्रत्यय अंत में। सामान्य उपसर्ग-प्रत्यय याद करें।
- शब्द ज्ञान: 50-60 पर्यायवाची और विलोम याद करें।
- मुहावरे: 30-40 मुहावरे अर्थ और वाक्य प्रयोग सहित याद करें।
📝 सारांश (Quick Revision)
- व्याकरण खंड से 12-15 अंक के प्रश्न
- संधि: स्वर (5 भेद), व्यंजन, विसर्ग
- समास: अव्ययीभाव, तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि
- पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी शब्द याद करें
- 30-40 मुहावरे और 15-20 लोकोक्तियाँ याद करें
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इस अध्याय के विस्तृत नोट्स की PDF डाउनलोड करें जिसमें शामिल हैं:
- विस्तृत नोट्स (12 पेज)
- संधि - 3 प्रकार, स्वर संधि के 5 भेद, 16+ उदाहरण
- समास - 6 प्रकार, पहचान, विग्रह
- उपसर्ग (8 प्रमुख) + प्रत्यय (8 प्रमुख)
- पर्यायवाची (16 समूह) + विलोम (24 जोड़े)
- वाक्य शुद्धि (12 उदाहरण)
- मुहावरे (12) + लोकोक्तियाँ (12)
PDF में Watermark: Marwari Mission 100 | www.ncertclasses.com
🔗 संबंधित अध्याय:
- खंड-1: अपठित बोध (12 अंक)
- खंड-2: रचनात्मक लेखन (16 अंक)
- खंड-4: आरोह भाग-2 (Coming Soon)
- खंड-5: वितान भाग-2 (Coming Soon)
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⏱️ परीक्षा समय: 3 घंटे 15 मिनट | 📚 निर्धारित पुस्तकें: आरोह भाग-2, वितान भाग-2, अभिव्यक्ति एवं माध्यम (NCERT)


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