| कक्षा | 6 |
| पुस्तक | मल्हार |
| अध्याय | 10 |
| पाठ | परीक्षा |
| विधा | कहानी |
| केंद्रीय भाव | दया, आत्मबल, कर्तव्य और वास्तविक योग्यता |
| लेखक | प्रेमचंद (धनपतराय) |
| जन्म–मृत्यु | 1880–1936 |
| मुख्य पात्र | सरदार सुजानसिंह, पंडित जानकीनाथ |
| प्रकाशक | NCERT |
परीक्षा
NCERT कक्षा 6 हिन्दी · मल्हार · अध्याय 10 · सम्पूर्ण नोट्स · NCERT Official PDF · Reprint 2026-27
- लेखक परिचय — प्रेमचंद
- पात्र-परिचय
- सारांश (5 भाग)
- कठिन शब्दार्थ
- मेरी समझ से (2 MCQ)
- शीर्षक चर्चा
- पंक्तियों पर चर्चा
- सोच-विचार (3 प्रश्न)
- खोजबीन
- समस्या और समाधान
- मन के भाव (भाव-संज्ञा)
- कहानी की रचना
- अभिनय — युवक-किसान संवाद
- विपरीतार्थक शब्द (9 जोड़े)
- कहावत + अर्थ + जोड़
- अनुमान या कल्पना से
- वाद-विवाद — हॉकी और विद्या
- अच्छाई और दिखावा
- आगे की कहानी
- विज्ञापन गतिविधि
- नया-पुराना तालिका
- परिधान तरह-तरह के
- आपकी परीक्षाएँ
- आपकी बात
- MCQ (8 प्रश्न)
- FAQ
- खोजबीन के लिए
परीक्षा NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का दसवाँ अध्याय है। यह हिन्दी के कथा-सम्राट प्रेमचंद (1880–1936) द्वारा लिखी गई एक प्रेरणादायक कहानी है जो यह सिद्ध करती है कि असली योग्यता डिग्री में नहीं — बल्कि दया, आत्मबल और उदारता में है।
📌 परीक्षा हेतु: 'मेरी समझ से' MCQ, पंक्तियों पर चर्चा, सोच-विचार, विपरीतार्थक शब्द, कहावत, मन के भाव (भाव-संज्ञा) और समस्या-समाधान परीक्षा में पूछे जाते हैं।
1. लेखक परिचय — प्रेमचंद
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| वास्तविक नाम | धनपतराय |
| जन्म | 1880 |
| मृत्यु | 1936 |
| उपाधि | हिन्दी के महान लेखक और कथा-सम्राट |
| विशेषता | समाज-सुधार और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कहानियाँ एवं उपन्यास |
| प्रसिद्ध रचनाएँ | ईदगाह, बड़े भाईसाहब, गुल्ली डंडा, दो बैलों की कथा, नादान दोस्त |
2. पात्र-परिचय
| पात्र | परिचय | विशेषता |
|---|---|---|
| सरदार सुजानसिंह | रियासत देवगढ़ के बूढ़े दीवान | अनुभवशील, नीतिकुशल, 40 साल की ईमानदार सेवा |
| महाराज (राजा साहब) | देवगढ़ रियासत के राजा | दीवान का सम्मान करते हैं; उत्तराधिकारी खोजने की जिम्मेदारी उन्हें देते हैं |
| पंडित जानकीनाथ | दीवानी का उम्मीदवार युवक | घायल होते हुए भी किसान की मदद — दया, साहस और उदारता का जीवंत उदाहरण |
| किसान | अनाज भरी गाड़ी लेकर नाले में फँसा व्यक्ति | कहानी में संकेत मिलता है कि इसी रूप में सुजानसिंह उम्मीदवारों की वास्तविक परीक्षा ले रहे थे |
| अन्य उम्मीदवार | देश भर से आए प्रतिभागी | एक महीने दिखावा किया; असली परीक्षा में स्वार्थ उजागर हुआ |
3. पाठ का सारांश
🏛 भाग 1 — दीवान की सेवानिवृत्ति और शर्त
📰 भाग 2 — विज्ञापन और उम्मीदवारों का जमघट
🏒 भाग 3 — हॉकी का खेल
🚜 भाग 4 — किसान की गाड़ी और असली परीक्षा
🏆 भाग 5 — दरबार और चुनाव
4. कठिन शब्दार्थ
| # | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | दीवान | राजा का प्रधान मंत्री, मुख्य प्रशासक |
| 2 | रियासत | राजा का छोटा राज्य |
| 3 | विनय | विनम्र प्रार्थना, अनुरोध |
| 4 | नेकनामी | अच्छी ख्याति, सुनाम |
| 5 | नीतिकुशल | नीति और कूटनीति में निपुण |
| 6 | अनुभवशील | जिसे बहुत अनुभव हो |
| 7 | हृष्ट-पुष्ट | स्वस्थ और मजबूत शरीर वाला |
| 8 | मंदाग्नि | कमजोर पाचन-शक्ति |
| 9 | तहलका मचाना | हलचल / सनसनी फैलाना |
| 10 | सनद | डिग्री, शैक्षिक प्रमाण-पत्र |
| 11 | ऊषा | भोर का प्रकाश, सुबह की पहली रोशनी |
| 12 | जौहरी | रत्न परखने वाला विशेषज्ञ; यहाँ — मनुष्य की असली पहचान करने वाला |
| 13 | वात्सल्य | स्नेह, दूसरों के प्रति प्रेम-भाव |
| 14 | आत्मबल | आंतरिक शक्ति, मनोबल |
| 15 | निदान | अंत में, आखिरकार |
| 16 | धनाढ्य | बहुत धनी, संपन्न |
| 17 | संकल्प | दृढ़ निश्चय |
| 18 | ईर्ष्या | जलन, द्वेष |
| 19 | ललकारना | चुनौती देना; यहाँ — बैलों को उत्साहित करना |
| 20 | उकसाना | प्रेरित करना, जोर लगवाना |
| 21 | एमामे / चोगे / अंगरखे | विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पहनावे |
| 22 | आपत्ति | संकट, मुसीबत |
5. पाठ से — मेरी समझ से (NCERT)
प्रश्न 1 — महाराज ने दीवान को उत्तराधिकारी चुनने का कार्य उनके किस गुण के कारण सौंपा?
स्पष्टीकरण: पाठ के आरंभ में लिखा है कि राजा साहब अपने अनुभवशील नीतिकुशल दीवान का बड़ा आदर करते थे। चालीस साल की नीति-निपुण सेवा के कारण ही महाराज ने उन पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी डाली।
प्रश्न 2 — दीवान साहब द्वारा नौकरी छोड़ने के निश्चय का क्या कारण था?
स्पष्टीकरण: दीवान ने महाराज से कहा — "अब मेरी अवस्था भी ढल गई, राज-काज सँभालने की शक्ति नहीं रही।" यही उनका मुख्य कारण था।
6. शीर्षक चर्चा (NCERT)
(क) प्रेमचंद ने कहानी का नाम 'परीक्षा' क्यों रखा?
- पूरी कहानी एक परीक्षा-प्रक्रिया है — नए दीवान की खोज का ढाँचा परीक्षा जैसा ही है।
- सुजानसिंह ने किसान का वेश धारण कर एक गुप्त परीक्षण किया — यह असली परीक्षा थी।
- एक महीने की परीक्षा में सब दिखावा था; किसान वाला प्रसंग वास्तविक परीक्षा था।
- यह केवल दीवान पद की परीक्षा नहीं — बल्कि मानवता की परीक्षा थी।
(ख) वैकल्पिक नाम — आप क्या देते?
| वैकल्पिक नाम | कारण |
|---|---|
| असली जौहरी | सुजानसिंह असली मानव-पारखी थे |
| दया और आत्मबल | कहानी का मूल संदेश |
| हंस और बगुले | गुणवान व्यक्ति और दिखावटी लोगों का अंतर |
7. पंक्तियों पर चर्चा (NCERT)
8. सोच-विचार के लिए (NCERT)
(क) नौकरी की चाह में आए लोगों ने क्या-क्या प्रयत्न किए?
- देर तक सोने वाले अब बगीचे में सुबह-सुबह टहलते थे।
- घर पर नौकरों से कड़ाई से पेश आने वाले अब विनम्रता से "आप-जनाब" कहते थे।
- किताबों से दूर रहने वाले अब बड़े-बड़े ग्रंथ लेकर बैठ जाते थे।
- रंग-बिरंगी पोशाकों और सज-धज से खुद को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश।
- हॉकी जैसे खेल में कौशल दिखाने का प्रयास।
सार: "एक महीने का झंझट है, किसी तरह काट लें" — इसी भावना से सब काम कर रहे थे।
(ख) "उसे किसान की सूरत देखते ही सब बातें ज्ञात हो गईं।" — खिलाड़ी को कौन सी बातें पता चलीं?
- गाड़ी कीचड़ में फँसी है — बैल कमजोर, बोझ भारी।
- किसान अकेला और असहाय है।
- शर्म के कारण वह किसी से मदद माँगने का साहस नहीं कर पा रहा।
- बिना मदद के सारी रात यहीं बैठना पड़ेगा।
(ग) "मगर उन आँखों में सत्कार था, इन आँखों में ईर्ष्या।"
| आँखें | भाव | कारण |
|---|---|---|
| रियासत के कर्मचारियों और रईसों की | सत्कार (आदर) | जानकीनाथ की दया और साहस की वे सराहना करते थे। |
| उम्मीदवार दल की | ईर्ष्या (जलन) | वे भी वहाँ थे, फिर भी उन्हें न चुना गया — स्वार्थ आहत हुआ। |
9. खोजबीन — कहानी से वाक्य (NCERT)
(क) शायद युवक बूढ़े किसान की असलियत पहचान गया था —
पाठ में लिखा है कि युवक ने किसान को गौर से देखा, उसके मन में संदेह हुआ — क्या यह सुजानसिंह तो नहीं? आवाज़ और चेहरा-मोहरा मिलता था।
(ख) नौकरी के लिए आए लोग किसी तरह बस नौकरी पाना चाहते थे —
पाठ में वर्णित है कि लोग यही सोचते थे कि एक महीने का झंझट है, किसी तरह काट लें — कार्यसिद्ध हो गया तो कौन पूछता है।
10. समस्या और समाधान (NCERT)
| पात्र | समस्या | समाधान |
|---|---|---|
| महाराज | दीवान के बूढ़े होने पर रियासत को नए योग्य दीवान की जरूरत। | पुराने दीवान सुजानसिंह को ही उत्तराधिकारी खोजने की जिम्मेदारी सौंपी। |
| दीवान सुजानसिंह | शक्ति नहीं रही; बुढ़ापे में भूल-चूक से नेकनामी पर दाग न लगे। | महाराज से सेवानिवृत्ति माँगी। फिर विज्ञापन और गुप्त परीक्षण के जरिए सही व्यक्ति को परखा। |
| उम्मीदवार | ऊँचा पद पाना था — किस आधार पर चुने जाएँ? | एक महीने दिखावा करते रहे। पर असली परीक्षा में स्वार्थ उजागर हो गया। |
11. मन के भाव — भाव-संज्ञा (NCERT)
| भाव-संज्ञा (कहानी से) | प्रसंग |
|---|---|
| स्वार्थ | अन्य खिलाड़ियों में — किसान की मदद न करने का कारण |
| मद (अहंकार) | उम्मीदवारों में |
| उदारता | जानकीनाथ में |
| वात्सल्य | दूसरों के लिए स्नेह-भाव |
| दया | जानकीनाथ का किसान को देखते ही मदद का भाव |
| साहस | घायल होकर भी कीचड़ में उतरना |
| आत्मबल | संकट में हिम्मत न हारना |
| ईर्ष्या | हारे हुए उम्मीदवारों की आँखों में |
| आशा / निराशा | उम्मीदवारों के चेहरे पर परिणाम के इंतजार में |
| सहानुभूति | जो अन्य खिलाड़ियों में नहीं थी |
12. कहानी की रचना — चित्रात्मक भाषा (NCERT)
| विशेषता | उदाहरण |
|---|---|
| चित्रात्मक भाषा | थकान और रक्त की गर्मी आँख-चेहरे से झलकने का वर्णन |
| बगुला-हंस प्रतीक | दिखावटी उम्मीदवारों में असली गुणवान की तलाश |
| लहर-दीवार उपमा | हॉकी खेल के धावे और रोक का जीवंत वर्णन |
| मनोवैज्ञानिक वर्णन | "बंद आँखों से देखा, जिनमें सहानुभूति न थी" |
| कहावत का प्रयोग | "गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है" |
| अप्रेंटिस उपमा | गेंद के ठोकरें खाने का जीवंत चित्रण |
| भणिता / लेखक-हस्ताक्षर | कहानी के अंत में "— प्रेमचंद" |
13. अभिनय — युवक और किसान का संवाद (NCERT)
संवाद — अभिनय के लिए
| पात्र | संवाद | भाव / अभिनय-संकेत |
|---|---|---|
| किसान | "हुजूर, मैं आपसे कैसे कहूँ?" | झुककर, संकोच के साथ, सहमी आँखों से |
| युवक (जानकीनाथ) | "मालूम होता है, तुम यहाँ बड़ी देर से फँसे हो। अच्छा, तुम गाड़ी पर जाकर बैलों को साधो, मैं पहियों को ढकेलता हूँ, अभी गाड़ी ऊपर चढ़ जाती है।" | आत्मविश्वास से, सहजता से — कोट उतारते हुए |
| किसान | "महाराज, आपने आज मुझे उबार लिया, नहीं तो सारी रात मुझे यहाँ बैठना पड़ता।" | हाथ जोड़कर, कृतज्ञता के साथ |
| युवक | "अब मुझे कुछ इनाम देते हो?" | हँसकर, हल्के मजाकिया स्वर में |
| किसान | "नारायण चाहेंगे तो दीवानी आपको ही मिलेगी।" | गंभीर भाव से, मुस्कराते हुए |
| किसान | "गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।" | रहस्यमय मुस्कान के साथ |
14. विपरीतार्थक शब्द — सही जोड़े (NCERT)
| स्तंभ 1 | विपरीतार्थक |
|---|---|
| 1. आना | → जाना |
| 2. गुण | → अवगुण |
| 3. आदर | → अनादर |
| 4. स्वस्थ | → अस्वस्थ |
| 5. कम | → अधिक |
| 6. दयालु | → निर्दयी |
| 7. योग्य | → अयोग्य |
| 8. हार | → जीत |
| 9. आशा | → निराशा |
15. कहावत — अर्थ और कहानी से जोड़ (NCERT)
अर्थ: बिना परिश्रम और जोखिम के कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती।
कहानी से: जानकीनाथ ने चोट के बावजूद कीचड़ में उतरकर किसान की मदद की — इसी साहस के कारण दीवानी मिली।
| कहावत | अर्थ | कहानी से संबंध |
|---|---|---|
| अधजल गगरी छलकत जाए | थोड़े ज्ञान वाला उसका दिखावा करता है। | उम्मीदवारों ने थोड़ी-सी योग्यता का खूब दिखावा किया। |
| अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत | समय निकल जाने के बाद पछताना व्यर्थ। | मदद न करके निकल जाने के बाद पछताने से क्या? |
| एक अनार सौ बीमार | एक चीज़ के लिए बहुत लोग चाहने वाले। | एक दीवानी पद के लिए सैकड़ों उम्मीदवार। |
| जो गरजते हैं वे बरसते नहीं | बढ़-चढ़कर बोलने वाले काम नहीं करते। | बड़े-बड़े उम्मीदवार आए, पर असली जरूरत में सब चुप रहे। |
| जहाँ चाह, वहाँ राह | इच्छाशक्ति हो तो रास्ता मिल जाता है। | जानकीनाथ ने चोट के बावजूद मदद का रास्ता निकाला। |
16. अनुमान या कल्पना से (NCERT)
(क) विज्ञापन किसने निकलवाया होगा?
(ख) विज्ञापन ने पूरे देश में हलचल क्यों मचाई?
- दीवान जैसा ऊँचा पद था।
- डिग्री की कोई शर्त नहीं — सभी को समान अवसर।
- चयन आचार-विचार पर — यह अनोखी परीक्षा-पद्धति थी।
- सभी वर्गों के लिए खुला — "एक अनार सौ बीमार।"
17. वाद-विवाद — क्या हॉकी जैसा खेल भी विद्या है? (NCERT)
पक्ष में तर्क (खेल भी विद्या है):
- शारीरिक दक्षता: हॉकी खेलने के लिए अभ्यास, तकनीक और रणनीति सीखनी पड़ती है — यही विद्या है।
- मानसिक कौशल: खेल में एकाग्रता, नेतृत्व और टीमवर्क के गुण विकसित होते हैं।
- जीविका: खेल में करियर बन सकता है — यह भी एक प्रकार की व्यावसायिक शिक्षा है।
- राष्ट्रीय गौरव: हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है।
विपक्ष में तर्क (खेल केवल खेल है):
- परंपरागत रूप से विद्या का अर्थ पुस्तकीय ज्ञान था — खेल उसमें नहीं आता।
- कहानी में देवगढ़ में पढ़े-लिखे लोग गंभीर खेल खेलते थे — दौड़-कूद बच्चों का काम समझा जाता था।
- हर कौशल विद्या नहीं कहा जा सकता।
18. अच्छाई और दिखावा (NCERT)
(क) स्वयं को अच्छा दिखाने के लिए लोग क्या-क्या करते हैं?
- सकारात्मक कारण: मेहनत करना, कसरत करना, साफ-सुथरे रहना, समय पर उठना।
- दिखावा: दूसरों के सामने किताब पढ़ना लेकिन अकेले में नहीं; परीक्षा में ही पढ़ना; नेक दिखने के लिए बोलना पर करना नहीं।
(ख) 'स्वयं को अच्छा दिखाने' और 'स्वयं के अच्छा होने' में अंतर?
| स्वयं को अच्छा दिखाना | स्वयं का अच्छा होना |
|---|---|
| बाहरी — दूसरों के लिए। | आंतरिक — स्वभाव का हिस्सा। |
| तब तक जब देखने वाले हों। | अकेले में भी वही व्यवहार। |
| उम्मीदवारों का एक महीने का व्यवहार। | जानकीनाथ का किसान के साथ व्यवहार — कोई देख नहीं रहा था। |
निष्कर्ष: असली परीक्षा तब होती है जब कोई देखने वाला न हो — तब भी जो अच्छा करे, वही सच्चे अर्थ में अच्छा है।
19. आगे की कहानी (NCERT)
नमूना (Sample):
दरबार से लौटने के बाद पंडित जानकीनाथ ने सरदार सुजानसिंह को प्रणाम किया। सुजानसिंह ने मुस्कराकर कहा — "बेटे, परीक्षा तो बहुत पहले ही हो चुकी थी।" जानकीनाथ समझ गए — किसान और वह संदेहास्पद मुलाकात।
अगले दिन से जानकीनाथ ने दीवानी का कार्यभार संभाला। पहला काम उन्होंने यह किया कि उस नाले पर एक पुल बनवाने का प्रस्ताव महाराज के सामने रखा — ताकि किसी और किसान को रात भर वहाँ न बैठना पड़े। महाराज ने खुशी से स्वीकार किया।
(उत्तर कल्पना पर आधारित — अपनी कल्पना से आगे लिखें।)
20. विज्ञापन गतिविधि (NCERT)
(क) कहानी का विज्ञापन — नमूना:
〰 देवगढ़ रियासत — दीवान पद हेतु विज्ञापन 〰
रियासत देवगढ़ को एक योग्य दीवान की आवश्यकता है।
📌 योग्यता: ग्रेजुएट होना अनिवार्य नहीं।
💪 आवश्यक: हृष्ट-पुष्ट शरीर। मंदाग्नि के रोगी कृपया न आएँ।
📋 चयन: एक माह तक रहन-सहन और आचार-विचार की जाँच।
🏆 मानदंड: विद्या कम, कर्तव्य-भावना अधिक महत्वपूर्ण।
— सरदार सुजानसिंह, देवगढ़
(ग) विज्ञापनों से लाभ और हानि:
| लाभ | हानि |
|---|---|
| सही जानकारी बड़े पैमाने पर पहुँचती है। | भ्रामक विज्ञापन नुकसान पहुँचाते हैं। |
| रोजगार और व्यापार को बढ़ावा। | अनावश्यक खर्च की प्रवृत्ति बढ़ती है। |
| नई वस्तुओं की जानकारी मिलती है। | गुणवत्ता से अधिक प्रचार होता है। |
21. नया-पुराना (NCERT)
| मेरे लिए नई | मेरे लिए पुरानी | बड़ों के लिए नई | बड़ों के लिए पुरानी |
|---|---|---|---|
| स्मार्टफोन | लालटेन | स्मार्टवॉच | छीका |
| ऑनलाइन पढ़ाई | स्लेट-खड़िया | OTT प्लेटफॉर्म | डाकिया |
| डिजिटल पेमेंट | लकड़ी की चरखी | वीडियो कॉल | टेलीग्राम |
(उत्तर व्यक्तिगत — परिवार से पूछकर भरें।)
22. परिधान तरह-तरह के (NCERT)
| परिधान | विवरण | क्षेत्र/प्रयोग |
|---|---|---|
| कोट | ऊपर पहना जाने वाला वस्त्र | औपचारिक अवसर |
| दुपट्टा | सिर या कंधे पर ओढ़ा जाने वाला कपड़ा | महिलाएँ |
| गमछा | पतला सूती कपड़ा | ग्रामीण पुरुष |
| लहँगा | कमर से नीचे का घेरदार वस्त्र | राजस्थान, गुजरात |
| फिरन | ढीला लंबा कुर्ता जैसा वस्त्र | कश्मीर |
| धोती | कमर के नीचे बाँधा सफेद वस्त्र | पूजा-अनुष्ठान |
| अचकन | बंद गले की लंबी कोट | शादी-विवाह |
| पगड़ी | सिर पर बाँधी जाने वाली पट्टी | राजस्थान, पंजाब |
23. आपकी परीक्षाएँ (NCERT)
जीवन में परीक्षाओं के प्रकार — उदाहरण:
| परीक्षा का प्रकार | किसने ली | कब/कैसे | उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| साइकिल चलाकर दिखाना | दोस्त ने | नई साइकिल खरीदने से पहले | क्षमता परखना |
| विद्यालय परीक्षा | शिक्षक ने | वर्ष के अंत में | ज्ञान की जाँच |
| किसी काम की चुनौती | बड़े भाई ने | खेल में | हिम्मत परखना |
| कहानी की परीक्षा (सुजानसिंह) | दीवान ने | किसान वेश में | असली योग्यता परखना |
(उत्तर व्यक्तिगत — अपना अनुभव लिखें।)
24. आपकी बात (NCERT)
(क) यदि आप दीवान साहब की जगह होते तो योग्य व्यक्ति को कैसे चुनते?
(ख) यदि आपको कक्षा का मॉनिटर चुनना हो तो?
देखूँगा: ईमानदारी, सबकी मदद की भावना, शांत स्वभाव, जिम्मेदारी।
कैसे परखूँगा: किसी के सामान गिरने पर कौन उठाता है, झगड़े में कौन निष्पक्ष रहता है, शिक्षक के न होने पर कक्षा कौन सँभालता है।
25. MCQ — परीक्षा उपयोगी प्रश्न
26. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
'परीक्षा' कहानी किस कक्षा में है?
कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
कहानी में किसान और सुजानसिंह का क्या संबंध है?
'बगुलों में हंस' — इस पंक्ति का अर्थ?
भाव-संज्ञा (Abstract Noun) क्या होती है?
प्रेमचंद की अन्य रचनाएँ?
27. खोजबीन के लिए (NCERT)
| विषय | सुझाव |
|---|---|
| प्रेमचंद की कहानियाँ | ईदगाह, नादान दोस्त, दो बैलों की कथा पढ़ें। |
| झरोखे से | चाणक्य और चंद्रगुप्त की परीक्षा की कहानी — जयशंकर प्रसाद रचित। |
| आज की पहेली | NCERT में दी गई दोनों चित्रों में अंतर खोजें। |
| भारतीय परिधान | अपने राज्य के पारंपरिक पहनावे की जानकारी एकत्र करें। |
अस्वीकरण: यह NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित स्वतंत्र शैक्षिक व्याख्या है। मूल पाठ के लिए NCERT की आधिकारिक PDF देखें। NCERTclasses.com एक स्वतंत्र शैक्षिक मंच है और NCERT/CBSE/RBSE से संबद्ध नहीं है।
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