परीक्षा Class 6 Hindi Malhar Chapter 10 | Pariksha Premchand Notes NCERT Question Answer MCQ

📅 Saturday, 25 April 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
NCERTclasses.com
परीक्षा — Class 6 Hindi Malhar Chapter 10
कक्षा6
पुस्तकमल्हार
अध्याय10
पाठपरीक्षा
विधाकहानी
केंद्रीय भावदया, आत्मबल, कर्तव्य और वास्तविक योग्यता
लेखकप्रेमचंद (धनपतराय)
जन्म–मृत्यु1880–1936
मुख्य पात्रसरदार सुजानसिंह, पंडित जानकीनाथ
प्रकाशकNCERT

परीक्षा

NCERT कक्षा 6 हिन्दी · मल्हार · अध्याय 10 · सम्पूर्ण नोट्स · NCERT Official PDF · Reprint 2026-27

परीक्षा NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का दसवाँ अध्याय है। यह हिन्दी के कथा-सम्राट प्रेमचंद (1880–1936) द्वारा लिखी गई एक प्रेरणादायक कहानी है जो यह सिद्ध करती है कि असली योग्यता डिग्री में नहीं — बल्कि दया, आत्मबल और उदारता में है।

📌 परीक्षा हेतु: 'मेरी समझ से' MCQ, पंक्तियों पर चर्चा, सोच-विचार, विपरीतार्थक शब्द, कहावत, मन के भाव (भाव-संज्ञा) और समस्या-समाधान परीक्षा में पूछे जाते हैं।


1. लेखक परिचय — प्रेमचंद

✍ कथा-सम्राट प्रेमचंद
विषयजानकारी
वास्तविक नामधनपतराय
जन्म1880
मृत्यु1936
उपाधिहिन्दी के महान लेखक और कथा-सम्राट
विशेषतासमाज-सुधार और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कहानियाँ एवं उपन्यास
प्रसिद्ध रचनाएँईदगाह, बड़े भाईसाहब, गुल्ली डंडा, दो बैलों की कथा, नादान दोस्त

2. पात्र-परिचय

🎩 मुख्य पात्र
पात्रपरिचयविशेषता
सरदार सुजानसिंहरियासत देवगढ़ के बूढ़े दीवानअनुभवशील, नीतिकुशल, 40 साल की ईमानदार सेवा
महाराज (राजा साहब)देवगढ़ रियासत के राजादीवान का सम्मान करते हैं; उत्तराधिकारी खोजने की जिम्मेदारी उन्हें देते हैं
पंडित जानकीनाथदीवानी का उम्मीदवार युवकघायल होते हुए भी किसान की मदद — दया, साहस और उदारता का जीवंत उदाहरण
किसानअनाज भरी गाड़ी लेकर नाले में फँसा व्यक्तिकहानी में संकेत मिलता है कि इसी रूप में सुजानसिंह उम्मीदवारों की वास्तविक परीक्षा ले रहे थे
अन्य उम्मीदवारदेश भर से आए प्रतिभागीएक महीने दिखावा किया; असली परीक्षा में स्वार्थ उजागर हुआ

3. पाठ का सारांश

📖 5 भागों में

🏛 भाग 1 — दीवान की सेवानिवृत्ति और शर्त

रियासत देवगढ़ के बूढ़े दीवान सरदार सुजानसिंह ने महाराज से विनती की — चालीस साल की सेवा के बाद अब शक्ति नहीं रही, बुढ़ापे में कोई भूल-चूक न हो। महाराज ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की, पर शर्त रखी कि रियासत के लिए नया दीवान आप ही खोजेंगे।

📰 भाग 2 — विज्ञापन और उम्मीदवारों का जमघट

देश के प्रसिद्ध समाचार-पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित हुआ — ग्रेजुएट होना जरूरी नहीं, पर हृष्ट-पुष्ट होना आवश्यक; एक माह तक आचार-विचार देखा जाएगा; विद्या कम, कर्तव्य अधिक महत्वपूर्ण होगा। इस अनोखे विज्ञापन ने सारे देश में हलचल मचा दी। पंजाब से, मद्रास से — सैकड़ों लोग भाग्य आजमाने आए। लेकिन एक महीना सब दिखावे में बिताया — सुबह घूमना, किताबें पढ़ना, नम्रता से बोलना।

🏒 भाग 3 — हॉकी का खेल

एक दिन उम्मीदवारों ने हॉकी खेलने का प्रस्ताव रखा — संध्या तक खेल चला, लोग थककर पसीने में भीग गए, पर हार-जीत का निर्णय न हो सका। इस बीच बूढ़ा जौहरी आड़ में बैठकर देख रहा था कि इन बगुलों में कहीं हंस छुपा है।

🚜 भाग 4 — किसान की गाड़ी और असली परीक्षा

खेल के बाद, नजदीक के नाले में एक किसान की गाड़ी कीचड़ में फँस गई। सभी खिलाड़ी डंडे लिए निकले — उन्होंने किसान को देखा, पर "बंद आँखों से" — सहानुभूति न थी, स्वार्थ था। उसी समूह में पंडित जानकीनाथ था — जिसके पैरों में खेल के दौरान चोट लगी थी। वह लँगड़ाता हुआ आया, किसान की हालत देखते ही डंडा रख दिया, कोट उतारा और मदद में जुट गया। घुटने तक कीचड़ में गड़ा — फिर भी हिम्मत नहीं हारी। गाड़ी नाले के ऊपर चढ़ गई। किसान ने गंभीर भाव से कहा — "नारायण चाहेंगे तो दीवानी आपको ही मिलेगी।" जानकीनाथ को संदेह हुआ — क्या यह सुजानसिंह तो नहीं? किसान ने मुस्कराकर कहा — "गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।"

🏆 भाग 5 — दरबार और चुनाव

महीना पूरा होने पर राजदरबार सजा। सुजानसिंह ने घोषणा की — इस पद के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी जिसके हृदय में दया और साथ-साथ आत्मबल हो। और पंडित जानकीनाथ को दीवानी पर बधाई दी। कर्मचारियों की आँखों में सत्कार था, उम्मीदवारों की आँखों में ईर्ष्या।

4. कठिन शब्दार्थ

📄 शब्दार्थ तालिका
#शब्दअर्थ
1दीवानराजा का प्रधान मंत्री, मुख्य प्रशासक
2रियासतराजा का छोटा राज्य
3विनयविनम्र प्रार्थना, अनुरोध
4नेकनामीअच्छी ख्याति, सुनाम
5नीतिकुशलनीति और कूटनीति में निपुण
6अनुभवशीलजिसे बहुत अनुभव हो
7हृष्ट-पुष्टस्वस्थ और मजबूत शरीर वाला
8मंदाग्निकमजोर पाचन-शक्ति
9तहलका मचानाहलचल / सनसनी फैलाना
10सनदडिग्री, शैक्षिक प्रमाण-पत्र
11ऊषाभोर का प्रकाश, सुबह की पहली रोशनी
12जौहरीरत्न परखने वाला विशेषज्ञ; यहाँ — मनुष्य की असली पहचान करने वाला
13वात्सल्यस्नेह, दूसरों के प्रति प्रेम-भाव
14आत्मबलआंतरिक शक्ति, मनोबल
15निदानअंत में, आखिरकार
16धनाढ्यबहुत धनी, संपन्न
17संकल्पदृढ़ निश्चय
18ईर्ष्याजलन, द्वेष
19ललकारनाचुनौती देना; यहाँ — बैलों को उत्साहित करना
20उकसानाप्रेरित करना, जोर लगवाना
21एमामे / चोगे / अंगरखेविभिन्न प्रकार के पारंपरिक पहनावे
22आपत्तिसंकट, मुसीबत

5. पाठ से — मेरी समझ से (NCERT)

❓ सही उत्तर + स्पष्टीकरण

प्रश्न 1 — महाराज ने दीवान को उत्तराधिकारी चुनने का कार्य उनके किस गुण के कारण सौंपा?

✅ सही उत्तर: नीतिकुशलता

स्पष्टीकरण: पाठ के आरंभ में लिखा है कि राजा साहब अपने अनुभवशील नीतिकुशल दीवान का बड़ा आदर करते थे। चालीस साल की नीति-निपुण सेवा के कारण ही महाराज ने उन पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी डाली।

अन्य विकल्पों का खंडन: सादगी — पाठ में इसका उल्लेख इस संदर्भ में नहीं। बल — दीवान बूढ़े थे। उदारता — यह जानकीनाथ का गुण है।

प्रश्न 2 — दीवान साहब द्वारा नौकरी छोड़ने के निश्चय का क्या कारण था?

✅ सही उत्तर: राज-काज सँभालने योग्य शक्ति न रहना

स्पष्टीकरण: दीवान ने महाराज से कहा — "अब मेरी अवस्था भी ढल गई, राज-काज सँभालने की शक्ति नहीं रही।" यही उनका मुख्य कारण था।

अन्य विकल्पों का विश्लेषण: परमात्मा की याद — यह भावना का उल्लेख है, मुख्य कारण नहीं। बदनामी का भय — यह परिणाम था, कारण नहीं। चालीस वर्ष — यह तथ्य था, कारण नहीं।

6. शीर्षक चर्चा (NCERT)

🏷 नाम 'परीक्षा' क्यों?

(क) प्रेमचंद ने कहानी का नाम 'परीक्षा' क्यों रखा?

  1. पूरी कहानी एक परीक्षा-प्रक्रिया है — नए दीवान की खोज का ढाँचा परीक्षा जैसा ही है।
  2. सुजानसिंह ने किसान का वेश धारण कर एक गुप्त परीक्षण किया — यह असली परीक्षा थी।
  3. एक महीने की परीक्षा में सब दिखावा था; किसान वाला प्रसंग वास्तविक परीक्षा था।
  4. यह केवल दीवान पद की परीक्षा नहीं — बल्कि मानवता की परीक्षा थी।

(ख) वैकल्पिक नाम — आप क्या देते?

वैकल्पिक नामकारण
असली जौहरीसुजानसिंह असली मानव-पारखी थे
दया और आत्मबलकहानी का मूल संदेश
हंस और बगुलेगुणवान व्यक्ति और दिखावटी लोगों का अंतर

7. पंक्तियों पर चर्चा (NCERT)

💬 भाव-विश्लेषण
"इस पद के लिए ऐसे पुरुष की आवश्यकता थी, जिसके हृदय में दया हो और साथ-साथ आत्मबल। हृदय वह जो उदार हो, आत्मबल वह जो आपत्ति का वीरता के साथ सामना करे। ऐसे गुणवाले संसार में कम हैं और जो हैं, वे कीर्ति और मान के शिखर पर बैठे हुए हैं।"
भाव: सुजानसिंह स्पष्ट करते हैं कि दीवान के लिए दो गुण जरूरी हैं — (1) दयालु और उदार हृदय: दूसरों की सहायता करने की प्रवृत्ति। (2) आत्मबल: संकट में भी वीरता से डटे रहने की आंतरिक शक्ति। ऐसे व्यक्ति दुर्लभ हैं — और जहाँ होते हैं वहाँ स्वतः यश और सम्मान पाते हैं। यही कहानी का मूल संदेश है।

8. सोच-विचार के लिए (NCERT)

💡 विस्तृत उत्तर

(क) नौकरी की चाह में आए लोगों ने क्या-क्या प्रयत्न किए?

  1. देर तक सोने वाले अब बगीचे में सुबह-सुबह टहलते थे।
  2. घर पर नौकरों से कड़ाई से पेश आने वाले अब विनम्रता से "आप-जनाब" कहते थे।
  3. किताबों से दूर रहने वाले अब बड़े-बड़े ग्रंथ लेकर बैठ जाते थे।
  4. रंग-बिरंगी पोशाकों और सज-धज से खुद को श्रेष्ठ दिखाने की कोशिश।
  5. हॉकी जैसे खेल में कौशल दिखाने का प्रयास।

सार: "एक महीने का झंझट है, किसी तरह काट लें" — इसी भावना से सब काम कर रहे थे।

(ख) "उसे किसान की सूरत देखते ही सब बातें ज्ञात हो गईं।" — खिलाड़ी को कौन सी बातें पता चलीं?

  1. गाड़ी कीचड़ में फँसी है — बैल कमजोर, बोझ भारी।
  2. किसान अकेला और असहाय है।
  3. शर्म के कारण वह किसी से मदद माँगने का साहस नहीं कर पा रहा।
  4. बिना मदद के सारी रात यहीं बैठना पड़ेगा।

(ग) "मगर उन आँखों में सत्कार था, इन आँखों में ईर्ष्या।"

आँखेंभावकारण
रियासत के कर्मचारियों और रईसों कीसत्कार (आदर)जानकीनाथ की दया और साहस की वे सराहना करते थे।
उम्मीदवार दल कीईर्ष्या (जलन)वे भी वहाँ थे, फिर भी उन्हें न चुना गया — स्वार्थ आहत हुआ।

9. खोजबीन — कहानी से वाक्य (NCERT)

🔍 खोजे गए वाक्य

(क) शायद युवक बूढ़े किसान की असलियत पहचान गया था —

पाठ में लिखा है कि युवक ने किसान को गौर से देखा, उसके मन में संदेह हुआ — क्या यह सुजानसिंह तो नहीं? आवाज़ और चेहरा-मोहरा मिलता था।

(ख) नौकरी के लिए आए लोग किसी तरह बस नौकरी पाना चाहते थे —

पाठ में वर्णित है कि लोग यही सोचते थे कि एक महीने का झंझट है, किसी तरह काट लें — कार्यसिद्ध हो गया तो कौन पूछता है।


10. समस्या और समाधान (NCERT)

⚖ तीन समस्याएँ
पात्रसमस्यासमाधान
महाराजदीवान के बूढ़े होने पर रियासत को नए योग्य दीवान की जरूरत।पुराने दीवान सुजानसिंह को ही उत्तराधिकारी खोजने की जिम्मेदारी सौंपी।
दीवान सुजानसिंहशक्ति नहीं रही; बुढ़ापे में भूल-चूक से नेकनामी पर दाग न लगे।महाराज से सेवानिवृत्ति माँगी। फिर विज्ञापन और गुप्त परीक्षण के जरिए सही व्यक्ति को परखा।
उम्मीदवारऊँचा पद पाना था — किस आधार पर चुने जाएँ?एक महीने दिखावा करते रहे। पर असली परीक्षा में स्वार्थ उजागर हो गया।

11. मन के भाव — भाव-संज्ञा (NCERT)

🧠 Abstract Nouns
NCERT: "स्वार्थ था, मद था, मगर उदारता और वात्सल्य का नाम भी न था।" — ये शब्द दिखाई न देने वाले मन के भावों के नाम हैं। इन्हें भाव-संज्ञा (Abstract Noun) कहते हैं।
भाव-संज्ञा (कहानी से)प्रसंग
स्वार्थअन्य खिलाड़ियों में — किसान की मदद न करने का कारण
मद (अहंकार)उम्मीदवारों में
उदारताजानकीनाथ में
वात्सल्यदूसरों के लिए स्नेह-भाव
दयाजानकीनाथ का किसान को देखते ही मदद का भाव
साहसघायल होकर भी कीचड़ में उतरना
आत्मबलसंकट में हिम्मत न हारना
ईर्ष्याहारे हुए उम्मीदवारों की आँखों में
आशा / निराशाउम्मीदवारों के चेहरे पर परिणाम के इंतजार में
सहानुभूतिजो अन्य खिलाड़ियों में नहीं थी

12. कहानी की रचना — चित्रात्मक भाषा (NCERT)

🖼 विशेषताएँ
NCERT उदाहरण: "लोग पसीने से तर हो गए। खून की गरमी आँख और चेहरे से झलक रही थी।" — यह चित्रात्मक भाषा है जिसे पढ़कर दृश्य आँखों के सामने आ जाता है।
विशेषताउदाहरण
चित्रात्मक भाषाथकान और रक्त की गर्मी आँख-चेहरे से झलकने का वर्णन
बगुला-हंस प्रतीकदिखावटी उम्मीदवारों में असली गुणवान की तलाश
लहर-दीवार उपमाहॉकी खेल के धावे और रोक का जीवंत वर्णन
मनोवैज्ञानिक वर्णन"बंद आँखों से देखा, जिनमें सहानुभूति न थी"
कहावत का प्रयोग"गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है"
अप्रेंटिस उपमागेंद के ठोकरें खाने का जीवंत चित्रण
भणिता / लेखक-हस्ताक्षरकहानी के अंत में "— प्रेमचंद"

13. अभिनय — युवक और किसान का संवाद (NCERT)

🎭 संवाद अभिनय
NCERT: कहानी में युवक और किसान की बातचीत संवादों के रूप में दी गई है। यह भी बताया गया है कि उन दोनों ने ये बातें कैसे बोलीं। अपने समूह के साथ मिलकर तैयारी कीजिए और कहानी के इस भाग को कक्षा में अभिनय के द्वारा प्रस्तुत कीजिए।

संवाद — अभिनय के लिए

पात्रसंवादभाव / अभिनय-संकेत
किसान"हुजूर, मैं आपसे कैसे कहूँ?"झुककर, संकोच के साथ, सहमी आँखों से
युवक (जानकीनाथ)"मालूम होता है, तुम यहाँ बड़ी देर से फँसे हो। अच्छा, तुम गाड़ी पर जाकर बैलों को साधो, मैं पहियों को ढकेलता हूँ, अभी गाड़ी ऊपर चढ़ जाती है।"आत्मविश्वास से, सहजता से — कोट उतारते हुए
किसान"महाराज, आपने आज मुझे उबार लिया, नहीं तो सारी रात मुझे यहाँ बैठना पड़ता।"हाथ जोड़कर, कृतज्ञता के साथ
युवक"अब मुझे कुछ इनाम देते हो?"हँसकर, हल्के मजाकिया स्वर में
किसान"नारायण चाहेंगे तो दीवानी आपको ही मिलेगी।"गंभीर भाव से, मुस्कराते हुए
किसान"गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।"रहस्यमय मुस्कान के साथ

14. विपरीतार्थक शब्द — सही जोड़े (NCERT)

🔄 9 जोड़े
स्तंभ 1विपरीतार्थक
1. आना→ जाना
2. गुण→ अवगुण
3. आदर→ अनादर
4. स्वस्थ→ अस्वस्थ
5. कम→ अधिक
6. दयालु→ निर्दयी
7. योग्य→ अयोग्य
8. हार→ जीत
9. आशा→ निराशा

15. कहावत — अर्थ और कहानी से जोड़ (NCERT)

📜 5 कहावतें
"गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है।"
अर्थ: बिना परिश्रम और जोखिम के कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती।
कहानी से: जानकीनाथ ने चोट के बावजूद कीचड़ में उतरकर किसान की मदद की — इसी साहस के कारण दीवानी मिली।
कहावतअर्थकहानी से संबंध
अधजल गगरी छलकत जाएथोड़े ज्ञान वाला उसका दिखावा करता है।उम्मीदवारों ने थोड़ी-सी योग्यता का खूब दिखावा किया।
अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेतसमय निकल जाने के बाद पछताना व्यर्थ।मदद न करके निकल जाने के बाद पछताने से क्या?
एक अनार सौ बीमारएक चीज़ के लिए बहुत लोग चाहने वाले।एक दीवानी पद के लिए सैकड़ों उम्मीदवार।
जो गरजते हैं वे बरसते नहींबढ़-चढ़कर बोलने वाले काम नहीं करते।बड़े-बड़े उम्मीदवार आए, पर असली जरूरत में सब चुप रहे।
जहाँ चाह, वहाँ राहइच्छाशक्ति हो तो रास्ता मिल जाता है।जानकीनाथ ने चोट के बावजूद मदद का रास्ता निकाला।

16. अनुमान या कल्पना से (NCERT)

🤔 कल्पनाशील उत्तर

(क) विज्ञापन किसने निकलवाया होगा?

सरदार सुजानसिंह ने महाराज की अनुमति से — क्योंकि महाराज ने शर्त रखी थी कि "नया दीवान आप ही खोजेंगे।" विज्ञापन की शर्तें (कर्तव्य अधिक, विद्या कम) सुजानसिंह की सोच को दर्शाती हैं।

(ख) विज्ञापन ने पूरे देश में हलचल क्यों मचाई?

  1. दीवान जैसा ऊँचा पद था।
  2. डिग्री की कोई शर्त नहीं — सभी को समान अवसर।
  3. चयन आचार-विचार पर — यह अनोखी परीक्षा-पद्धति थी।
  4. सभी वर्गों के लिए खुला — "एक अनार सौ बीमार।"

17. वाद-विवाद — क्या हॉकी जैसा खेल भी विद्या है? (NCERT)

🗣 Debate Activity
NCERT: कहानी में उम्मीदवारों ने कहा — "यह भी तो आखिर एक विद्या है।" इस विषय पर कक्षा में वाद-विवाद आयोजित कीजिए।

पक्ष में तर्क (खेल भी विद्या है):

  1. शारीरिक दक्षता: हॉकी खेलने के लिए अभ्यास, तकनीक और रणनीति सीखनी पड़ती है — यही विद्या है।
  2. मानसिक कौशल: खेल में एकाग्रता, नेतृत्व और टीमवर्क के गुण विकसित होते हैं।
  3. जीविका: खेल में करियर बन सकता है — यह भी एक प्रकार की व्यावसायिक शिक्षा है।
  4. राष्ट्रीय गौरव: हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है।

विपक्ष में तर्क (खेल केवल खेल है):

  1. परंपरागत रूप से विद्या का अर्थ पुस्तकीय ज्ञान था — खेल उसमें नहीं आता।
  2. कहानी में देवगढ़ में पढ़े-लिखे लोग गंभीर खेल खेलते थे — दौड़-कूद बच्चों का काम समझा जाता था।
  3. हर कौशल विद्या नहीं कहा जा सकता।
निष्कर्ष: आधुनिक दृष्टि से खेल भी एक महत्वपूर्ण विद्या है — शरीर, मन और चरित्र तीनों के विकास में सहायक।

18. अच्छाई और दिखावा (NCERT)

🎭 स्वयं का विश्लेषण
NCERT: "हर एक मनुष्य अपने जीवन को अपनी बुद्धि के अनुसार अच्छे रूप में दिखाने की कोशिश करता था।"

(क) स्वयं को अच्छा दिखाने के लिए लोग क्या-क्या करते हैं?

  1. सकारात्मक कारण: मेहनत करना, कसरत करना, साफ-सुथरे रहना, समय पर उठना।
  2. दिखावा: दूसरों के सामने किताब पढ़ना लेकिन अकेले में नहीं; परीक्षा में ही पढ़ना; नेक दिखने के लिए बोलना पर करना नहीं।

(ख) 'स्वयं को अच्छा दिखाने' और 'स्वयं के अच्छा होने' में अंतर?

स्वयं को अच्छा दिखानास्वयं का अच्छा होना
बाहरी — दूसरों के लिए।आंतरिक — स्वभाव का हिस्सा।
तब तक जब देखने वाले हों।अकेले में भी वही व्यवहार।
उम्मीदवारों का एक महीने का व्यवहार।जानकीनाथ का किसान के साथ व्यवहार — कोई देख नहीं रहा था।

निष्कर्ष: असली परीक्षा तब होती है जब कोई देखने वाला न हो — तब भी जो अच्छा करे, वही सच्चे अर्थ में अच्छा है।


19. आगे की कहानी (NCERT)

✏ कल्पना से
NCERT: 'परीक्षा' कहानी जहाँ समाप्त होती है, उसके आगे क्या हुआ होगा — अपनी कल्पना से बनाइए।

नमूना (Sample):

दरबार से लौटने के बाद पंडित जानकीनाथ ने सरदार सुजानसिंह को प्रणाम किया। सुजानसिंह ने मुस्कराकर कहा — "बेटे, परीक्षा तो बहुत पहले ही हो चुकी थी।" जानकीनाथ समझ गए — किसान और वह संदेहास्पद मुलाकात।

अगले दिन से जानकीनाथ ने दीवानी का कार्यभार संभाला। पहला काम उन्होंने यह किया कि उस नाले पर एक पुल बनवाने का प्रस्ताव महाराज के सामने रखा — ताकि किसी और किसान को रात भर वहाँ न बैठना पड़े। महाराज ने खुशी से स्वीकार किया।

(उत्तर कल्पना पर आधारित — अपनी कल्पना से आगे लिखें।)


20. विज्ञापन गतिविधि (NCERT)

📢 बनाएँ, देखें, सोचें

(क) कहानी का विज्ञापन — नमूना:

〰 देवगढ़ रियासत — दीवान पद हेतु विज्ञापन 〰

रियासत देवगढ़ को एक योग्य दीवान की आवश्यकता है।

📌 योग्यता: ग्रेजुएट होना अनिवार्य नहीं।

💪 आवश्यक: हृष्ट-पुष्ट शरीर। मंदाग्नि के रोगी कृपया न आएँ।

📋 चयन: एक माह तक रहन-सहन और आचार-विचार की जाँच।

🏆 मानदंड: विद्या कम, कर्तव्य-भावना अधिक महत्वपूर्ण।

— सरदार सुजानसिंह, देवगढ़

(ग) विज्ञापनों से लाभ और हानि:

लाभहानि
सही जानकारी बड़े पैमाने पर पहुँचती है।भ्रामक विज्ञापन नुकसान पहुँचाते हैं।
रोजगार और व्यापार को बढ़ावा।अनावश्यक खर्च की प्रवृत्ति बढ़ती है।
नई वस्तुओं की जानकारी मिलती है।गुणवत्ता से अधिक प्रचार होता है।

21. नया-पुराना (NCERT)

🆕 पीढ़ी-दर-पीढ़ी
मेरे लिए नईमेरे लिए पुरानीबड़ों के लिए नईबड़ों के लिए पुरानी
स्मार्टफोनलालटेनस्मार्टवॉचछीका
ऑनलाइन पढ़ाईस्लेट-खड़ियाOTT प्लेटफॉर्मडाकिया
डिजिटल पेमेंटलकड़ी की चरखीवीडियो कॉलटेलीग्राम

(उत्तर व्यक्तिगत — परिवार से पूछकर भरें।)


22. परिधान तरह-तरह के (NCERT)

👘 भारतीय परिधान
परिधानविवरणक्षेत्र/प्रयोग
कोटऊपर पहना जाने वाला वस्त्रऔपचारिक अवसर
दुपट्टासिर या कंधे पर ओढ़ा जाने वाला कपड़ामहिलाएँ
गमछापतला सूती कपड़ाग्रामीण पुरुष
लहँगाकमर से नीचे का घेरदार वस्त्रराजस्थान, गुजरात
फिरनढीला लंबा कुर्ता जैसा वस्त्रकश्मीर
धोतीकमर के नीचे बाँधा सफेद वस्त्रपूजा-अनुष्ठान
अचकनबंद गले की लंबी कोटशादी-विवाह
पगड़ीसिर पर बाँधी जाने वाली पट्टीराजस्थान, पंजाब

23. आपकी परीक्षाएँ (NCERT)

🎯 जीवन की परीक्षाएँ
NCERT: हम सभी अपने जीवन में अनेक प्रकार की परीक्षाएँ लेते और देते हैं। अपने अनुभवों के आधार पर कुछ परीक्षाओं के उदाहरण बताइए।

जीवन में परीक्षाओं के प्रकार — उदाहरण:

परीक्षा का प्रकारकिसने लीकब/कैसेउद्देश्य
साइकिल चलाकर दिखानादोस्त नेनई साइकिल खरीदने से पहलेक्षमता परखना
विद्यालय परीक्षाशिक्षक नेवर्ष के अंत मेंज्ञान की जाँच
किसी काम की चुनौतीबड़े भाई नेखेल मेंहिम्मत परखना
कहानी की परीक्षा (सुजानसिंह)दीवान नेकिसान वेश मेंअसली योग्यता परखना

(उत्तर व्यक्तिगत — अपना अनुभव लिखें।)


24. आपकी बात (NCERT)

🗣 व्यक्तिगत विचार

(क) यदि आप दीवान साहब की जगह होते तो योग्य व्यक्ति को कैसे चुनते?

मैं भी एक व्यावहारिक परीक्षा रखता — जैसे जरूरतमंद की मदद देखना, छोटे लोगों के साथ व्यवहार परखना, और एक कठिन निर्णय की परिस्थिति बनाना जहाँ स्वार्थ और नैतिकता में से एक चुनना हो।

(ख) यदि आपको कक्षा का मॉनिटर चुनना हो तो?

देखूँगा: ईमानदारी, सबकी मदद की भावना, शांत स्वभाव, जिम्मेदारी।

कैसे परखूँगा: किसी के सामान गिरने पर कौन उठाता है, झगड़े में कौन निष्पक्ष रहता है, शिक्षक के न होने पर कक्षा कौन सँभालता है।


25. MCQ — परीक्षा उपयोगी प्रश्न

✅ 8 बहुविकल्पीय प्रश्न
1. 'परीक्षा' कहानी के लेखक कौन हैं?
अ. जयशंकर प्रसाद   ब. प्रेमचंद   स. महादेवी वर्मा   द. रामधारी सिंह दिनकर
✅ सही: (ब) प्रेमचंद — वास्तविक नाम धनपतराय, 1880–1936।
2. महाराज ने दीवान को उत्तराधिकारी चुनने का कार्य उनके किस गुण के कारण सौंपा?
अ. सादगी   ब. बल   स. उदारता   द. नीतिकुशलता
✅ सही: (द) राजा साहब अपने अनुभवशील नीतिकुशल दीवान का आदर करते थे।
3. विज्ञापन में दीवान पद के लिए क्या अनिवार्य था?
अ. ग्रेजुएट होना   ब. हृष्ट-पुष्ट होना   स. अंग्रेजी जानना   द. घुड़सवारी आना
✅ सही: (ब) "हृष्ट-पुष्ट होना आवश्यक है।"
4. चयन में मुख्य आधार क्या था?
अ. विद्या अधिक   ब. कर्तव्य अधिक, विद्या कम   स. धन अधिक   द. ताकत अधिक
✅ सही: (ब) "विद्या का कम, परंतु कर्तव्य का अधिक विचार किया जायेगा।"
5. किसान की मदद करते समय जानकीनाथ को क्या कठिनाई थी?
अ. हाथ में चोट   ब. हॉकी खेलते हुए पैरों में चोट   स. बीमारी   द. बुढ़ापा
✅ सही: (ब) "आज हॉकी खेलते हुए उसके पैरों में चोट लग गई थी।"
6. सुजानसिंह ने किसे दीवानी पर बधाई दी?
अ. मिस्टर 'ल'   ब. पंडित जानकीनाथ   स. मिस्टर 'अ'   द. महाराज
✅ सही: (ब) "मैं रियासत के पंडित जानकीनाथ को दीवानी पाने पर बधाई देता हूँ।"
7. "गहरे पानी में पैठने से ही मोती मिलता है" — यह किसने कहा?
अ. जानकीनाथ ने   ब. किसान ने   स. महाराज ने   द. प्रेमचंद ने
✅ सही: (ब) किसान ने — कहानी में यह संकेत मिलता है कि किसान वेश में सुजानसिंह ही थे।
8. "बगुलों में हंस कहाँ छिपा है" — इस वाक्य में 'बगुले' किसे कह रहे हैं?
अ. पक्षियों को   ब. दिखावटी और स्वार्थी उम्मीदवारों को   स. किसान को   द. महाराज को
✅ सही: (ब) बगुला = दिखावा करने वाले उम्मीदवार; हंस = असली गुणवान व्यक्ति।

26. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

'परीक्षा' कहानी किस कक्षा में है?
NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का अध्याय 10। लेखक: प्रेमचंद (धनपतराय), 1880–1936।
कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
असली योग्यता डिग्री में नहीं — बल्कि दया, आत्मबल और उदारता में है। जो व्यक्ति दूसरों की मदद के लिए अपना कष्ट भूल जाता है, वही असली नेतृत्व का हकदार है।
कहानी में किसान और सुजानसिंह का क्या संबंध है?
कहानी में यह स्पष्ट नहीं कहा गया कि किसान ही सुजानसिंह थे। लेकिन पाठ में संकेत मिलता है — जानकीनाथ को संदेह होता है, आवाज़ और चेहरा मिलता था, और किसान ने संकेतात्मक बात कही। इसे पाठक की व्याख्या पर छोड़ा गया है।
'बगुलों में हंस' — इस पंक्ति का अर्थ?
बगुला = दिखावटी और स्वार्थी व्यक्ति। हंस = असली गुणवान। सुजानसिंह इन दिखावटी उम्मीदवारों में से सच्चे योग्य व्यक्ति को ढूँढ रहे थे।
भाव-संज्ञा (Abstract Noun) क्या होती है?
ऐसे शब्द जो दिखाई न देने वाले भावों, गुणों या अवस्थाओं के नाम हों। जैसे — स्वार्थ, उदारता, दया, ईर्ष्या, साहस। इस पाठ में मन के भाव गतिविधि इसी पर आधारित है।
प्रेमचंद की अन्य रचनाएँ?
ईदगाह, बड़े भाईसाहब, गुल्ली डंडा, दो बैलों की कथा, नादान दोस्त, पंच-परमेश्वर, बूढ़ी काकी।

27. खोजबीन के लिए (NCERT)

🔍 अतिरिक्त अध्ययन
विषयसुझाव
प्रेमचंद की कहानियाँईदगाह, नादान दोस्त, दो बैलों की कथा पढ़ें।
झरोखे सेचाणक्य और चंद्रगुप्त की परीक्षा की कहानी — जयशंकर प्रसाद रचित।
आज की पहेलीNCERT में दी गई दोनों चित्रों में अंतर खोजें।
भारतीय परिधानअपने राज्य के पारंपरिक पहनावे की जानकारी एकत्र करें।

नोट्स शेयर करें:
Telegram Facebook

अस्वीकरण: यह NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित स्वतंत्र शैक्षिक व्याख्या है। मूल पाठ के लिए NCERT की आधिकारिक PDF देखें। NCERTclasses.com एक स्वतंत्र शैक्षिक मंच है और NCERT/CBSE/RBSE से संबद्ध नहीं है।

© 2026 NCERTclasses.com | SarkariServicePrep.com

📤 शेयर करें:

💼

सरकारी नौकरी की तैयारी करें!

SSC, Railway, Bank, UPSC के लिए

Visit Now →

💬 टिप्पणियाँ

No comments:

Post a Comment