चेतक की वीरता Class 6 Hindi Malhar Chapter 11 | Chetak ki Veerta Shyamnarayan Pandey NCERT Notes MCQ

📅 Saturday, 25 April 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
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चेतक की वीरता — Class 6 Hindi Malhar Chapter 11
कक्षा6
पुस्तकमल्हार
अध्याय11
पाठचेतक की वीरता
विधाकविता
रसवीर रस
केंद्रीय भावचेतक की अद्भुत गति, निडरता और युद्ध-कौशल
कविश्यामनारायण पाण्डेय
जन्म–मृत्यु1907–1991
स्रोतकाव्यकृति 'हल्दीघाटी' (प्रकाशन: 1939)
प्रकाशकNCERT

चेतक की वीरता

NCERT कक्षा 6 हिन्दी · मल्हार · अध्याय 11 · सम्पूर्ण नोट्स · NCERT Official PDF · Reprint 2026-27

चेतक की वीरता NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का ग्यारहवाँ अध्याय है। यह वीर रस के प्रसिद्ध कवि श्यामनारायण पाण्डेय (1907–1991) की काव्यकृति 'हल्दीघाटी' (1939) का एक अंश है। इसमें महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक की असाधारण गति, साहस और युद्ध-कौशल का जीवंत वर्णन है।

📌 परीक्षा हेतु: 'मेरी समझ से' MCQ, मिलकर करें मिलान (5 items), पंक्तियों पर चर्चा, तुकांत शब्द और समानार्थी शब्द परीक्षा में पूछे जाते हैं।


1. कवि परिचय — श्यामनारायण पाण्डेय

✍ वीर रस के कवि
विषयजानकारी
जन्म1907
मृत्यु1991
विशेषतावीर रस की कविताओं के लिए विशेष रूप से चर्चित
सर्वाधिक लोकप्रिय रचनाहल्दीघाटी (प्रकाशन: 1939)
यह कविता'हल्दीघाटी' काव्यकृति का एक अंश
ऐतिहासिक महत्वस्वतंत्रता संग्राम के अंतिम वर्षों में 'हल्दीघाटी' ने स्वतंत्रता सेनानियों में सांस्कृतिक एकता और उत्साह का संचार किया

2. महत्वपूर्ण पंक्तियाँ और भावार्थ

📜 चुनी हुई पंक्तियाँ
मूल कविता के लिए NCERT Official PDF देखें। यहाँ परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण पंक्तियाँ और उनके भावार्थ दिए गए हैं।
महत्वपूर्ण पंक्तियाँभावार्थ
रण-बीच चौकड़ी भर-भरकर
चेतक बन गया निराला था।
युद्धभूमि में लगातार छलाँगें लगाते हुए चेतक अद्वितीय और बेजोड़ बन गया था।
राणा प्रताप के घोड़े से
पड़ गया हवा को पाला था।
चेतक की गति इतनी अद्भुत थी कि मानो हवा और चेतक के बीच गति की प्रतियोगिता हो रही हो।
वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर
या आसमान पर घोड़ा था।
चेतक शत्रुओं के सिर के ऊपर से इस तरह दौड़ता था जैसे आसमान में दौड़ रहा हो।
राणा की पुतली फिरी नहीं
तब तक चेतक मुड़ जाता था।
राणा की आँख पूरी तरह पलटे उससे पहले ही चेतक उस दिशा में मुड़ जाता — वह राणा का मन पढ़ लेता था।
निर्भीक गया वह ढालों में
सरपट दौड़ा करवालों में।
चेतक बिना किसी भय के शत्रुओं की ढालों और तलवारों के बीच सरपट दौड़ता रहा।
विकराल बज्र-मय बादल-सा
अरि की सेना पर घहर गया।
भयंकर वज्र से भरे बादल की तरह चेतक शत्रु-सेना पर टूट पड़ा और उनका नाश किया।
वैरी-समाज रह गया दंग
घोड़े का ऐसा देख रंग।
चेतक की ऐसी अद्भुत वीरता देखकर समस्त शत्रु-दल हैरान और स्तब्ध रह गया।

3. कविता का सारांश (स्तबक-वार)

📖 भाव-विश्लेषण
स्तबकमुख्य भाव
स्तबक 1–2युद्धभूमि में चेतक की अद्भुत गति — हवा से प्रतियोगिता। कभी कोड़ा नहीं पड़ा, शत्रुओं के सिर पर दौड़ता जैसे आसमान में हो।
स्तबक 3राणा का संकेत मिलते ही लगाम के हिलने से पहले उड़ जाता — राणा का मन पढ़ने वाला।
स्तबक 4कौशल का प्रदर्शन — भयानक भालों में उड़ा, ढालों में निडर रहा, तलवारों के बीच सरपट दौड़ा।
स्तबक 5गति की अविश्वसनीयता — जहाँ था वहाँ से तुरंत गायब; कोई स्थान न था जहाँ न गया हो।
स्तबक 6बढ़ती नदी की लहर जैसा आगे बढ़ा — वज्रमय बादल बनकर शत्रु-सेना पर टूट पड़ा।
स्तबक 7भाले और तरकश गिर गए, घोड़े के टापों से धरती गूँजी — शत्रु-दल हैरान रह गया।

4. कठिन शब्दार्थ

📄 शब्दार्थ तालिका
#शब्दअर्थ
1रणयुद्ध का मैदान
2चौकड़ी भरनाचारों पैरों से एक साथ छलाँग लगाना
3निरालाअद्वितीय, अनोखा, बेजोड़
4पाला पड़नासामना होना, मुकाबला होना
5अरिशत्रु, दुश्मन
6अरि-मस्तकशत्रु के सिर के ऊपर
7बाग / लगामघोड़े को नियंत्रित करने की रस्सी
8पुतली फिरनाआँख की पुतली का पलटना
9कौशलचतुराई, दक्षता
10भाल / भालालंबा नुकीला युद्ध-हथियार
11निर्भीकनिडर, बिना किसी भय के
12ढालShield — युद्ध में बचाव का हथियार
13सरपटतेज गति से, बिना रुके
14करवालतलवार (समानार्थी: असि)
15नदबड़ी नदी
16विकरालभयंकर, डरावना
17बज्र-मयवज्र (बिजली) से युक्त, वज्र जैसा
18घहर गयाभारी आवाज के साथ टूट पड़ा, गरज उठा
19निषंगतरकश — तीर रखने का थैला
20हयघोड़ा (समानार्थी: अश्व, तुरंग)
21हय-टापघोड़े के खुरों की आवाज़
22वैरी-समाजशत्रुओं का समूह
23दंगहैरान, स्तब्ध, आश्चर्यचकित
24असितलवार (समानार्थी: करवाल)
25समरयुद्ध (समानार्थी: रण)
26सरिता / तटिनीनदी (समानार्थी: नद)

5. पाठ से — मेरी समझ से (NCERT)

❓ सही उत्तर + स्पष्टीकरण

प्रश्न 1 — चेतक शत्रुओं की सेना पर किस प्रकार टूट पड़ता था?

✅ सही उत्तर: चेतक बादल की तरह शत्रु की सेना पर वज्रपात बनकर टूट पड़ता था।

स्पष्टीकरण: कविता में "विकराल बज्र-मय बादल-सा / अरि की सेना पर घहर गया" — यानी चेतक भयंकर वज्रमय बादल की तरह शत्रु-सेना पर टूट पड़ता था।

अन्य विकल्पों का खंडन: "चारों ओर से घेरकर" — यह वर्णन नहीं है। "हाथियों के दल के समान" — ऐसी उपमा नहीं दी गई। "नदी के उफान जैसा" — 'बढ़ते नद-सा' उपमा दूसरे प्रसंग में है, सेना पर टूट पड़ने के लिए नहीं।

प्रश्न 2 — 'लेकर सवार उड़ जाता था।' इस पंक्ति में 'सवार' शब्द किसके लिए आया है?

✅ सही उत्तर: महाराणा प्रताप

स्पष्टीकरण: इस कविता में चेतक के सवार राणा प्रताप ही हैं। पंक्ति का अर्थ है — लगाम थोड़ी-सी हिलते ही चेतक महाराणा प्रताप को लेकर हवा में उड़ जाता था।


6. पंक्तियों पर चर्चा (NCERT)

💬 भाव-विश्लेषण

(क) "निर्भीक गया वह ढालों में, सरपट दौड़ा करवालों में।"

भाव: इन पंक्तियों में चेतक की निडरता और अद्भुत गति का वर्णन है। जहाँ साधारण घोड़ा रुक जाए — शत्रुओं की ढालों और तलवारों के बीच — वहाँ चेतक बिना किसी भय के घुस गया और सरपट दौड़ लगाई। यह उसकी असाधारण वीरता और निर्भयता का प्रमाण है।

(ख) "भाला गिर गया, गिरा निषंग, हय-टापों से खन गया अंग।"

भाव: चेतक के टापों की शक्ति और गर्जना से शत्रुओं के हथियार — भाला और तरकश — गिर पड़े। घोड़े के खुरों की भयंकर आवाज़ से धरती गूँज उठी। इस पंक्ति में चेतक की प्रचंड शक्ति का चित्र है — शत्रुओं के हथियार स्वयं ही गिर गए।

7. मिलकर करें मिलान — सही भावार्थ (NCERT)

🔗 5 जोड़े
#पंक्तियाँसही भावार्थ
1राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा को पाला था।→ 2. हवा से भी तेज दौड़ने वाला चेतक ऐसे दौड़ रहा था मानो हवा और चेतक में प्रतियोगिता हो।
2वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था।→ 3. शत्रुओं के सिर के ऊपर से एक छोर से दूसरे छोर पर ऐसे दौड़ता जैसे आसमान में दौड़ रहा हो।
3जो तनिक हवा से बाग हिली लेकर सवार उड़ जाता था।→ 4. चेतक की फुर्ती ऐसी कि लगाम के थोड़ा-सा हिलते ही सरपट हवा में उड़ने लगता था।
4राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था।→ 5. वह राणा की पूरी निगाह मुड़ने से पहले ही उस ओर मुड़ जाता — उनका भाव समझ जाता था।
5विकराल बज्र-मय बादल-सा अरि की सेना पर घहर गया।→ 1. शत्रु की सेना पर भयानक वज्रमय बादल बनकर टूट पड़ता और शत्रुओं का नाश करता।

8. शीर्षक चर्चा (NCERT)

🏷 वैकल्पिक शीर्षक
NCERT: यह कविता 'हल्दीघाटी' काव्यकृति का एक अंश है। इसका शीर्षक 'चेतक की वीरता' दिया गया है। आप इसे क्या शीर्षक देना चाहेंगे?
वैकल्पिक शीर्षककारण
हवा से पालाचेतक की गति हवा से तेज थी — यही कविता का केंद्र है।
रण का निरालायुद्धभूमि में चेतक का अद्वितीय पराक्रम।
अश्व-वीर चेतकघोड़े की वीरता पर केंद्रित।
राणा का विश्वस्त साथीचेतक राणा का मन पढ़ लेता था — यही कविता का भाव है।
वज्र-घोड़ाविकराल बज्रमय बादल की उपमा — चेतक की भयंकर शक्ति।

9. कविता की रचना — तुकांत शब्द (NCERT)

🎵 Rhyming Words
NCERT: रेखांकित शब्दों पर ध्यान दीजिए — ये शब्द बोलने-लिखने में थोड़े मिलते-जुलते हैं। इस तरह की तुकांत शैली प्रायः कविता में आती है। इस कविता में आए तुकांत शब्दों की सूची बनाइए।
छंदतुकांत शब्दसमान ध्वनि
पहलानिराला — पालाआला
दूसराकोड़ा — घोड़ाओड़ा
तीसराजाता था — मुड़ जाता थाजाता था
चौथाचालों में — भालों में — ढालों में — करवालों मेंआलों में
पाँचवाँयहाँ नहीं — वहाँ नहीं — जहाँ नहीं — कहाँ नहींहाँ नहीं
छठालहर गया — ठहर गया — घहर गयाहर गया
सातवाँनिषंग — अंग — दंग — रंगअंग
विशेषता: इस कविता में प्रत्येक छंद की पंक्तियों के अंत में एक जैसी ध्वनि (तुक) मिलती है। चौथे छंद में 'आलों' की और सातवें में 'अंग' की तुक विशेष रूप से प्रभावशाली है।

10. शब्द के भीतर शब्द (NCERT)

🔤 Hidden Words
NCERT उदाहरण: 'आसमान' → आस, समान, मान, सम, आन आदि। कविता में से कोई पाँच शब्द चुनकर उनके भीतर के शब्द खोजिए।
कविता का शब्दभीतर के सामान्य हिन्दी शब्द
आसमानआस, समान, मान, सम, आन
सरपटसर, पट
करवालकर, वाल
विकरालकर, राल, काल, कराल
निर्भीकभी, नी, री
निरालानि, राल, आल, आला

11. आपकी बात (NCERT)

🗣 चर्चा के विषय

(क) कविता को प्रभावशाली बनाने वाले प्रयोग खोजिए

  1. "राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था।" — आँख के पलटने से पहले ही मुड़ जाना — अतिशयोक्ति द्वारा गति का वर्णन।
  2. "वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था।" — दोनों में से कुछ भी हो सकता है — चेतक को अलौकिक बनाता है।
  3. "है यहीं रहा, अब यहाँ नहीं, वह वहीं रहा है वहाँ नहीं।" — 'यहाँ-वहाँ' का विरोधाभास गति को अविश्वसनीय बनाता है।
  4. "विकराल बज्र-मय बादल-सा..." — बादल की उपमा चेतक को भयंकर और प्रचंड बनाती है।

(ख) "कहीं भी, किसी भी तरह का युद्ध नहीं होना चाहिए।"

  1. युद्ध में निर्दोष लोग और पशु मारे जाते हैं — चेतक जैसे वीर घोड़े भी जान गँवाते हैं।
  2. युद्ध से विनाश, दुःख और गरीबी बढ़ती है।
  3. समस्याएँ बातचीत और समझ से सुलझाई जा सकती हैं।
  4. इस कविता में भाले, निषंग, खून — यह सब युद्ध की भयावहता है।

12. समानार्थी शब्द — सही जोड़े (NCERT)

📚 Synonyms
NCERT: हय, अश्व और घोड़ा — ये समानार्थी हैं। नीचे दी गई पंक्तियों में जो शब्द समानार्थी न हो, उस पर घेरा बनाइए।
#शब्द-समूहजो समानार्थी नहींकारण
1हवा, अनल, पवन, बयारअनलहवा / पवन / बयार = वायु; अनल = अग्नि (आग)
2रण, तुरंग, युद्ध, समरतुरंगरण / युद्ध / समर = लड़ाई; तुरंग = घोड़ा
3आसमान, आकाश, गगन, नभचरनभचरआसमान / आकाश / गगन = आकाश; नभचर = आकाश में विचरण करने वाला (पक्षी)
4नद, नाद, सरिता, तटिनीनादनद / सरिता / तटिनी = नदी; नाद = ध्वनि, आवाज़
5करवाल, तलवार, असि, ढालढालकरवाल / तलवार / असि = तलवार (Sword); ढाल = Shield (बचाव का हथियार)

13. आज की पहेली — बूझो तो जानें (NCERT)

🧩 5 पहेलियाँ + उत्तर

पहेली 1: तीन अक्षर का मेरा नाम, उल्टा सीधा एक समान। दिन में जगता, रात में सोता, यही मेरी पहचान।

✅ उत्तर: नयन / आँख — 'नयन' तीन अक्षरों का पलिंड्रोम है (आगे-पीछे पढ़ने पर समान)। आँखें दिन में खुली (जागती) रहती हैं और रात में सोती (बंद) हो जाती हैं।

पहेली 2: एक पक्षी ऐसा अलबेला, बिना पंख उड़ रहा अकेला। बाँध गले में लंबी डोर, पकड़ रहा अंबर का छोर।

✅ उत्तर: पतंग — बिना पंख के उड़ती है, डोर से बँधी होती है, आसमान छूती है।

पहेली 3: रात में हूँ दिन में नहीं, दीये के नीचे हूँ ऊपर नहीं। बोलो, बोलो — मैं हूँ कौन?

✅ उत्तर: अँधेरा — रात में होता है, दिन में नहीं। दीये के नीचे छाया (अँधेरा) होती है, ऊपर प्रकाश।

पहेली 4: मुझमें समाया फल, फूल और मिठाई। सबके मुँह में आया पानी मेरे भाई।

✅ उत्तर: बाज़ार — बाजार में फल, फूल, मिठाई सब मिलती है जिसे देखकर मुँह में पानी आता है।

पहेली 5: सड़क है पर गाड़ी नहीं, जंगल है पर पेड़ नहीं। शहर है पर घर नहीं, समंदर है पर पानी नहीं।

✅ उत्तर: नक्शा / मानचित्र — नक्शे में सड़क, जंगल, शहर, समुद्र सब दर्शाए जाते हैं, लेकिन वास्तव में कुछ नहीं होता।

14. MCQ — परीक्षा उपयोगी प्रश्न

✅ 8 बहुविकल्पीय प्रश्न
1. 'चेतक की वीरता' कविता के कवि कौन हैं?
अ. मैथिलीशरण गुप्त   ब. श्यामनारायण पाण्डेय   स. सुभद्राकुमारी चौहान   द. माखनलाल चतुर्वेदी
✅ सही: (ब) श्यामनारायण पाण्डेय — 1907–1991, वीर रस के प्रसिद्ध कवि।
2. 'चेतक की वीरता' किस काव्यकृति का अंश है?
अ. रामचरितमानस   ब. पद्मावत   स. हल्दीघाटी   द. साकेत
✅ सही: (स) हल्दीघाटी — 1939 में प्रकाशित।
3. 'अरि' शब्द का अर्थ क्या है?
अ. घोड़ा   ब. सेना   स. शत्रु   द. आकाश
✅ सही: (स) अरि = शत्रु, दुश्मन।
4. चेतक ने शत्रु-सेना पर आक्रमण किस उपमा से किया?
अ. बाढ़ की तरह   ब. तूफान की तरह   स. विकराल वज्रमय बादल की तरह   द. आग की तरह
✅ सही: (स) "विकराल बज्र-मय बादल-सा अरि की सेना पर घहर गया।"
5. 'हवा, अनल, पवन, बयार' — इनमें से कौन समानार्थी नहीं है?
अ. अनल   ब. हवा   स. पवन   द. बयार
✅ सही: (अ) अनल = आग; हवा / पवन / बयार = वायु।
6. "राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था" — इसका भाव क्या है?
अ. राणा आँखें नहीं मूँदते थे   ब. चेतक राणा की आँख पलटने से पहले ही उनका भाव समझ जाता था   स. चेतक बहुत धीमा था   द. राणा को बार-बार देखना पड़ता था
✅ सही: (ब) चेतक और राणा के बीच की अद्भुत एकता और समझ का चित्रण।
7. 'करवाल, तलवार, असि, ढाल' — इनमें से कौन समानार्थी नहीं है?
अ. करवाल   ब. तलवार   स. असि   द. ढाल
✅ सही: (द) ढाल = Shield; करवाल / तलवार / असि = तलवार (Sword)।
8. 'हल्दीघाटी' काव्यकृति का स्वतंत्रता संग्राम में क्या महत्व था?
अ. यह बच्चों की पाठ्यपुस्तक थी   ब. इसने स्वतंत्रता सेनानियों में सांस्कृतिक एकता और उत्साह का संचार किया   स. इसमें युद्ध की आलोचना थी   द. यह केवल राजस्थान के लिए लिखी गई
✅ सही: (ब) NCERT में स्पष्ट लिखा है।

15. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

'चेतक की वीरता' किस कक्षा में है?
NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का अध्याय 11। कवि: श्यामनारायण पाण्डेय (1907–1991), स्रोत: 'हल्दीघाटी' (1939)।
चेतक कौन था?
चेतक महाराणा प्रताप का प्रसिद्ध और वफादार घोड़ा था। हल्दीघाटी के युद्ध में उसने असाधारण वीरता और गति दिखाई। स्वामी-भक्ति के लिए वह इतिहास और कविता में अमर हो गया।
हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?
हल्दीघाटी का युद्ध 1576 में मेवाड़ के महाराणा प्रताप और मुगल सेना के बीच हुआ माना जाता है। इस कविता में मुख्य ध्यान चेतक की वीरता और गति पर है, न कि युद्ध-इतिहास पर।
तुकांत और अतुकांत कविता में क्या अंतर है?
तुकांत: जिस कविता में पंक्तियों के अंत में एक जैसी ध्वनि हो — जैसे 'निराला-पाला'। अतुकांत: जिसमें पंक्तियों के अंत में तुक न हो।
"विकराल बज्र-मय बादल-सा" — इसमें कौन-सा भाषा-प्रयोग है?
यहाँ चेतक की तुलना वज्र-मय बादल से की गई है — 'बादल-सा' शब्द यह तुलना दर्शाता है। इस तरह किसी वस्तु या व्यक्ति की किसी अन्य से तुलना करना कविता को अधिक प्रभावशाली बनाता है।
इस कविता का रस क्या है?
यह कविता वीर रस में है। युद्धभूमि, शौर्य, पराक्रम और उत्साह — ये सब वीर रस के लक्षण हैं। श्यामनारायण पाण्डेय वीर रस के कवि के रूप में विशेष रूप से जाने जाते हैं।

16. खोजबीन के लिए (NCERT)

🔍 अतिरिक्त अध्ययन

1. महाराणा प्रताप कौन थे?

विषयजानकारी
पूरा नाममहाराणा प्रताप सिंह
जन्म9 मई 1540
मृत्यु19 जनवरी 1597
राज्यमेवाड़ (राजस्थान)
प्रसिद्ध युद्धहल्दीघाटी (1576)
विशेषताभारतीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक; मुगल आधिपत्य स्वीकार नहीं किया
प्रसिद्ध घोड़ाचेतक — वीरता और स्वामी-भक्ति के लिए अमर

अधिक जानकारी के लिए पुस्तकालय या विश्वसनीय इतिहास-स्रोत से जानें।

2. पशु-पक्षियों पर आधारित पाँच रचनाएँ:

रचनापशु/पक्षीरचनाकार
चेतक की वीरताचेतक — घोड़ाश्यामनारायण पाण्डेय
दो बैलों की कथाबैल — हीरा और मोतीप्रेमचंद
मोरमोर — राष्ट्रीय पक्षीविभिन्न हिन्दी कवि
बाज और साँपबाज और साँपमैक्सिम गोर्की
पंछी और दानाविभिन्न पक्षीलोककथा / बाल-साहित्य

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