| कक्षा | 6 |
| पुस्तक | मल्हार |
| अध्याय | 11 |
| पाठ | चेतक की वीरता |
| विधा | कविता |
| रस | वीर रस |
| केंद्रीय भाव | चेतक की अद्भुत गति, निडरता और युद्ध-कौशल |
| कवि | श्यामनारायण पाण्डेय |
| जन्म–मृत्यु | 1907–1991 |
| स्रोत | काव्यकृति 'हल्दीघाटी' (प्रकाशन: 1939) |
| प्रकाशक | NCERT |
चेतक की वीरता
NCERT कक्षा 6 हिन्दी · मल्हार · अध्याय 11 · सम्पूर्ण नोट्स · NCERT Official PDF · Reprint 2026-27
चेतक की वीरता NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का ग्यारहवाँ अध्याय है। यह वीर रस के प्रसिद्ध कवि श्यामनारायण पाण्डेय (1907–1991) की काव्यकृति 'हल्दीघाटी' (1939) का एक अंश है। इसमें महाराणा प्रताप के प्रसिद्ध घोड़े चेतक की असाधारण गति, साहस और युद्ध-कौशल का जीवंत वर्णन है।
📌 परीक्षा हेतु: 'मेरी समझ से' MCQ, मिलकर करें मिलान (5 items), पंक्तियों पर चर्चा, तुकांत शब्द और समानार्थी शब्द परीक्षा में पूछे जाते हैं।
1. कवि परिचय — श्यामनारायण पाण्डेय
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| जन्म | 1907 |
| मृत्यु | 1991 |
| विशेषता | वीर रस की कविताओं के लिए विशेष रूप से चर्चित |
| सर्वाधिक लोकप्रिय रचना | हल्दीघाटी (प्रकाशन: 1939) |
| यह कविता | 'हल्दीघाटी' काव्यकृति का एक अंश |
| ऐतिहासिक महत्व | स्वतंत्रता संग्राम के अंतिम वर्षों में 'हल्दीघाटी' ने स्वतंत्रता सेनानियों में सांस्कृतिक एकता और उत्साह का संचार किया |
2. महत्वपूर्ण पंक्तियाँ और भावार्थ
| महत्वपूर्ण पंक्तियाँ | भावार्थ |
|---|---|
| रण-बीच चौकड़ी भर-भरकर चेतक बन गया निराला था। |
युद्धभूमि में लगातार छलाँगें लगाते हुए चेतक अद्वितीय और बेजोड़ बन गया था। |
| राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा को पाला था। |
चेतक की गति इतनी अद्भुत थी कि मानो हवा और चेतक के बीच गति की प्रतियोगिता हो रही हो। |
| वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर या आसमान पर घोड़ा था। |
चेतक शत्रुओं के सिर के ऊपर से इस तरह दौड़ता था जैसे आसमान में दौड़ रहा हो। |
| राणा की पुतली फिरी नहीं तब तक चेतक मुड़ जाता था। |
राणा की आँख पूरी तरह पलटे उससे पहले ही चेतक उस दिशा में मुड़ जाता — वह राणा का मन पढ़ लेता था। |
| निर्भीक गया वह ढालों में सरपट दौड़ा करवालों में। |
चेतक बिना किसी भय के शत्रुओं की ढालों और तलवारों के बीच सरपट दौड़ता रहा। |
| विकराल बज्र-मय बादल-सा अरि की सेना पर घहर गया। |
भयंकर वज्र से भरे बादल की तरह चेतक शत्रु-सेना पर टूट पड़ा और उनका नाश किया। |
| वैरी-समाज रह गया दंग घोड़े का ऐसा देख रंग। |
चेतक की ऐसी अद्भुत वीरता देखकर समस्त शत्रु-दल हैरान और स्तब्ध रह गया। |
3. कविता का सारांश (स्तबक-वार)
| स्तबक | मुख्य भाव |
|---|---|
| स्तबक 1–2 | युद्धभूमि में चेतक की अद्भुत गति — हवा से प्रतियोगिता। कभी कोड़ा नहीं पड़ा, शत्रुओं के सिर पर दौड़ता जैसे आसमान में हो। |
| स्तबक 3 | राणा का संकेत मिलते ही लगाम के हिलने से पहले उड़ जाता — राणा का मन पढ़ने वाला। |
| स्तबक 4 | कौशल का प्रदर्शन — भयानक भालों में उड़ा, ढालों में निडर रहा, तलवारों के बीच सरपट दौड़ा। |
| स्तबक 5 | गति की अविश्वसनीयता — जहाँ था वहाँ से तुरंत गायब; कोई स्थान न था जहाँ न गया हो। |
| स्तबक 6 | बढ़ती नदी की लहर जैसा आगे बढ़ा — वज्रमय बादल बनकर शत्रु-सेना पर टूट पड़ा। |
| स्तबक 7 | भाले और तरकश गिर गए, घोड़े के टापों से धरती गूँजी — शत्रु-दल हैरान रह गया। |
4. कठिन शब्दार्थ
| # | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | रण | युद्ध का मैदान |
| 2 | चौकड़ी भरना | चारों पैरों से एक साथ छलाँग लगाना |
| 3 | निराला | अद्वितीय, अनोखा, बेजोड़ |
| 4 | पाला पड़ना | सामना होना, मुकाबला होना |
| 5 | अरि | शत्रु, दुश्मन |
| 6 | अरि-मस्तक | शत्रु के सिर के ऊपर |
| 7 | बाग / लगाम | घोड़े को नियंत्रित करने की रस्सी |
| 8 | पुतली फिरना | आँख की पुतली का पलटना |
| 9 | कौशल | चतुराई, दक्षता |
| 10 | भाल / भाला | लंबा नुकीला युद्ध-हथियार |
| 11 | निर्भीक | निडर, बिना किसी भय के |
| 12 | ढाल | Shield — युद्ध में बचाव का हथियार |
| 13 | सरपट | तेज गति से, बिना रुके |
| 14 | करवाल | तलवार (समानार्थी: असि) |
| 15 | नद | बड़ी नदी |
| 16 | विकराल | भयंकर, डरावना |
| 17 | बज्र-मय | वज्र (बिजली) से युक्त, वज्र जैसा |
| 18 | घहर गया | भारी आवाज के साथ टूट पड़ा, गरज उठा |
| 19 | निषंग | तरकश — तीर रखने का थैला |
| 20 | हय | घोड़ा (समानार्थी: अश्व, तुरंग) |
| 21 | हय-टाप | घोड़े के खुरों की आवाज़ |
| 22 | वैरी-समाज | शत्रुओं का समूह |
| 23 | दंग | हैरान, स्तब्ध, आश्चर्यचकित |
| 24 | असि | तलवार (समानार्थी: करवाल) |
| 25 | समर | युद्ध (समानार्थी: रण) |
| 26 | सरिता / तटिनी | नदी (समानार्थी: नद) |
5. पाठ से — मेरी समझ से (NCERT)
प्रश्न 1 — चेतक शत्रुओं की सेना पर किस प्रकार टूट पड़ता था?
स्पष्टीकरण: कविता में "विकराल बज्र-मय बादल-सा / अरि की सेना पर घहर गया" — यानी चेतक भयंकर वज्रमय बादल की तरह शत्रु-सेना पर टूट पड़ता था।
प्रश्न 2 — 'लेकर सवार उड़ जाता था।' इस पंक्ति में 'सवार' शब्द किसके लिए आया है?
स्पष्टीकरण: इस कविता में चेतक के सवार राणा प्रताप ही हैं। पंक्ति का अर्थ है — लगाम थोड़ी-सी हिलते ही चेतक महाराणा प्रताप को लेकर हवा में उड़ जाता था।
6. पंक्तियों पर चर्चा (NCERT)
(क) "निर्भीक गया वह ढालों में, सरपट दौड़ा करवालों में।"
(ख) "भाला गिर गया, गिरा निषंग, हय-टापों से खन गया अंग।"
7. मिलकर करें मिलान — सही भावार्थ (NCERT)
| # | पंक्तियाँ | सही भावार्थ |
|---|---|---|
| 1 | राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा को पाला था। | → 2. हवा से भी तेज दौड़ने वाला चेतक ऐसे दौड़ रहा था मानो हवा और चेतक में प्रतियोगिता हो। |
| 2 | वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था। | → 3. शत्रुओं के सिर के ऊपर से एक छोर से दूसरे छोर पर ऐसे दौड़ता जैसे आसमान में दौड़ रहा हो। |
| 3 | जो तनिक हवा से बाग हिली लेकर सवार उड़ जाता था। | → 4. चेतक की फुर्ती ऐसी कि लगाम के थोड़ा-सा हिलते ही सरपट हवा में उड़ने लगता था। |
| 4 | राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था। | → 5. वह राणा की पूरी निगाह मुड़ने से पहले ही उस ओर मुड़ जाता — उनका भाव समझ जाता था। |
| 5 | विकराल बज्र-मय बादल-सा अरि की सेना पर घहर गया। | → 1. शत्रु की सेना पर भयानक वज्रमय बादल बनकर टूट पड़ता और शत्रुओं का नाश करता। |
8. शीर्षक चर्चा (NCERT)
| वैकल्पिक शीर्षक | कारण |
|---|---|
| हवा से पाला | चेतक की गति हवा से तेज थी — यही कविता का केंद्र है। |
| रण का निराला | युद्धभूमि में चेतक का अद्वितीय पराक्रम। |
| अश्व-वीर चेतक | घोड़े की वीरता पर केंद्रित। |
| राणा का विश्वस्त साथी | चेतक राणा का मन पढ़ लेता था — यही कविता का भाव है। |
| वज्र-घोड़ा | विकराल बज्रमय बादल की उपमा — चेतक की भयंकर शक्ति। |
9. कविता की रचना — तुकांत शब्द (NCERT)
| छंद | तुकांत शब्द | समान ध्वनि |
|---|---|---|
| पहला | निराला — पाला | आला |
| दूसरा | कोड़ा — घोड़ा | ओड़ा |
| तीसरा | जाता था — मुड़ जाता था | जाता था |
| चौथा | चालों में — भालों में — ढालों में — करवालों में | आलों में |
| पाँचवाँ | यहाँ नहीं — वहाँ नहीं — जहाँ नहीं — कहाँ नहीं | हाँ नहीं |
| छठा | लहर गया — ठहर गया — घहर गया | हर गया |
| सातवाँ | निषंग — अंग — दंग — रंग | अंग |
10. शब्द के भीतर शब्द (NCERT)
| कविता का शब्द | भीतर के सामान्य हिन्दी शब्द |
|---|---|
| आसमान | आस, समान, मान, सम, आन |
| सरपट | सर, पट |
| करवाल | कर, वाल |
| विकराल | कर, राल, काल, कराल |
| निर्भीक | भी, नी, री |
| निराला | नि, राल, आल, आला |
11. आपकी बात (NCERT)
(क) कविता को प्रभावशाली बनाने वाले प्रयोग खोजिए
- "राणा की पुतली फिरी नहीं, तब तक चेतक मुड़ जाता था।" — आँख के पलटने से पहले ही मुड़ जाना — अतिशयोक्ति द्वारा गति का वर्णन।
- "वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था।" — दोनों में से कुछ भी हो सकता है — चेतक को अलौकिक बनाता है।
- "है यहीं रहा, अब यहाँ नहीं, वह वहीं रहा है वहाँ नहीं।" — 'यहाँ-वहाँ' का विरोधाभास गति को अविश्वसनीय बनाता है।
- "विकराल बज्र-मय बादल-सा..." — बादल की उपमा चेतक को भयंकर और प्रचंड बनाती है।
(ख) "कहीं भी, किसी भी तरह का युद्ध नहीं होना चाहिए।"
- युद्ध में निर्दोष लोग और पशु मारे जाते हैं — चेतक जैसे वीर घोड़े भी जान गँवाते हैं।
- युद्ध से विनाश, दुःख और गरीबी बढ़ती है।
- समस्याएँ बातचीत और समझ से सुलझाई जा सकती हैं।
- इस कविता में भाले, निषंग, खून — यह सब युद्ध की भयावहता है।
12. समानार्थी शब्द — सही जोड़े (NCERT)
| # | शब्द-समूह | जो समानार्थी नहीं | कारण |
|---|---|---|---|
| 1 | हवा, अनल, पवन, बयार | अनल | हवा / पवन / बयार = वायु; अनल = अग्नि (आग) |
| 2 | रण, तुरंग, युद्ध, समर | तुरंग | रण / युद्ध / समर = लड़ाई; तुरंग = घोड़ा |
| 3 | आसमान, आकाश, गगन, नभचर | नभचर | आसमान / आकाश / गगन = आकाश; नभचर = आकाश में विचरण करने वाला (पक्षी) |
| 4 | नद, नाद, सरिता, तटिनी | नाद | नद / सरिता / तटिनी = नदी; नाद = ध्वनि, आवाज़ |
| 5 | करवाल, तलवार, असि, ढाल | ढाल | करवाल / तलवार / असि = तलवार (Sword); ढाल = Shield (बचाव का हथियार) |
13. आज की पहेली — बूझो तो जानें (NCERT)
पहेली 1: तीन अक्षर का मेरा नाम, उल्टा सीधा एक समान। दिन में जगता, रात में सोता, यही मेरी पहचान।
पहेली 2: एक पक्षी ऐसा अलबेला, बिना पंख उड़ रहा अकेला। बाँध गले में लंबी डोर, पकड़ रहा अंबर का छोर।
पहेली 3: रात में हूँ दिन में नहीं, दीये के नीचे हूँ ऊपर नहीं। बोलो, बोलो — मैं हूँ कौन?
पहेली 4: मुझमें समाया फल, फूल और मिठाई। सबके मुँह में आया पानी मेरे भाई।
पहेली 5: सड़क है पर गाड़ी नहीं, जंगल है पर पेड़ नहीं। शहर है पर घर नहीं, समंदर है पर पानी नहीं।
14. MCQ — परीक्षा उपयोगी प्रश्न
15. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
'चेतक की वीरता' किस कक्षा में है?
चेतक कौन था?
हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?
तुकांत और अतुकांत कविता में क्या अंतर है?
"विकराल बज्र-मय बादल-सा" — इसमें कौन-सा भाषा-प्रयोग है?
इस कविता का रस क्या है?
16. खोजबीन के लिए (NCERT)
1. महाराणा प्रताप कौन थे?
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| पूरा नाम | महाराणा प्रताप सिंह |
| जन्म | 9 मई 1540 |
| मृत्यु | 19 जनवरी 1597 |
| राज्य | मेवाड़ (राजस्थान) |
| प्रसिद्ध युद्ध | हल्दीघाटी (1576) |
| विशेषता | भारतीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक; मुगल आधिपत्य स्वीकार नहीं किया |
| प्रसिद्ध घोड़ा | चेतक — वीरता और स्वामी-भक्ति के लिए अमर |
अधिक जानकारी के लिए पुस्तकालय या विश्वसनीय इतिहास-स्रोत से जानें।
2. पशु-पक्षियों पर आधारित पाँच रचनाएँ:
| रचना | पशु/पक्षी | रचनाकार |
|---|---|---|
| चेतक की वीरता | चेतक — घोड़ा | श्यामनारायण पाण्डेय |
| दो बैलों की कथा | बैल — हीरा और मोती | प्रेमचंद |
| मोर | मोर — राष्ट्रीय पक्षी | विभिन्न हिन्दी कवि |
| बाज और साँप | बाज और साँप | मैक्सिम गोर्की |
| पंछी और दाना | विभिन्न पक्षी | लोककथा / बाल-साहित्य |
अस्वीकरण: यह NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित स्वतंत्र शैक्षिक व्याख्या है। मूल पाठ के लिए NCERT की आधिकारिक PDF देखें। NCERTclasses.com एक स्वतंत्र शैक्षिक मंच है और NCERT / CBSE / RBSE से संबद्ध नहीं है।
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