| कक्षा | 6 |
| पुस्तक | मल्हार (अंतिम अध्याय) |
| अध्याय | 13 |
| पाठ | पेड़ की बात |
| विधा | लेख |
| केंद्रीय भाव | पेड़-पौधों का जीवन-क्रम और प्रकाश की महत्ता |
| मूल लेखक | जगदीशचंद्र बसु (1858–1937) |
| मूल भाषा | बांग्ला |
| हिंदी अनुवादक | शंकर सेन |
| NCERT PDF | fhml113.pdf · Reprint 2026-27 |
पेड़ की बात
NCERT कक्षा 6 हिन्दी · मल्हार · अध्याय 13 · सम्पूर्ण नोट्स
पेड़ की बात NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का तेरहवाँ और अंतिम अध्याय है। यह प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु (1858–1937) की बांग्ला रचना का हिंदी अनुवाद है जो शंकर सेन ने किया। इसमें बीज के अंकुरण से लेकर वृक्ष के अंत तक का पूरा जीवन-चक्र साहित्यिक और सुलभ भाषा में वर्णित है।
📌 परीक्षा हेतु: मेरी समझ से (2 MCQ), मिलकर करें मिलान (6 जोड़े), पंक्तियों पर चर्चा और सोच-विचार परीक्षा में पूछे जाते हैं।
1. लेखक परिचय — जगदीशचंद्र बसु
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| जन्म | 1858 |
| मृत्यु | 1937 |
| रुचि | जीवविज्ञान, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान एवं विज्ञान कथा लेखन |
| बचपन | प्रकृति का अवलोकन करते हुए; पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम |
| महत्वपूर्ण खोज | सर्वप्रथम रेडियो तरंगों द्वारा संचार स्थापित किया |
| वैज्ञानिक योगदान | यह सिद्ध किया कि पौधों का एक निश्चित जीवनचक्र और प्रजनन प्रणाली होती है; वे अपने परिवेश के प्रति जागरूक होते हैं। |
| विश्व में स्थान | यह स्थापित करने वाले विश्व के पहले व्यक्ति कि पौधे किसी अन्य जीव रूप के समान होते हैं। |
| यह पाठ | बांग्ला से हिंदी अनुवाद — शंकर सेन |
2. पाठ का सारांश
🌱 भाग 1 — बीज का अंकुरण
🌿 भाग 2 — पेड़-पौधों का भोजन
☀ भाग 3 — अंगारक वायु और प्रकाश
🌸 भाग 4 — फूल, मधुमक्खी और बीज
🍂 भाग 5 — वृक्ष का अंत और माँ की ममता
3. कठिन शब्दार्थ
| # | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | अंकुर | बीज फटने पर निकलने वाला नया कोमल पौधा |
| 2 | सुकोमल | बहुत कोमल, नाजुक |
| 3 | आहिस्ता | धीरे-से, धीमी गति से |
| 4 | दरक गया | दरार आ गई, फट गया |
| 5 | जड़ | पौधे का वह भाग जो माटी के भीतर जाता है |
| 6 | तना | पौधे का वह भाग जो ऊपर की ओर बढ़ता है |
| 7 | सूक्ष्मदर्शी | Microscope — बहुत बारीक चीज़ें देखने वाला यंत्र |
| 8 | अंगारक वायु | साँस छोड़ने पर निकलने वाली विषाक्त वायु — कार्बन डाईआक्साइड |
| 9 | विषाक्त | जहरीला, विष मिश्रित |
| 10 | पराग-कण | फूल के भीतर की धूल, पुष्परज |
| 11 | पल्लव | नई कोमल पत्तियाँ, कोंपल |
| 12 | पंखुड़ी | फूल की पत्ती |
| 13 | मधुपान | शहद पीना |
| 14 | व्यग्र | व्याकुल, बेचैन |
| 15 | न्योछावर | समर्पण करना, बलिदान करना |
| 16 | स्पर्शमणि / पारस पत्थर | जिसके स्पर्श से लोहा सोना बने (पौराणिक) |
| 17 | संवर्द्धन | वृद्धि, विकास |
| 18 | अपरूप उपादान | साधारण सामग्री (माटी और जहरीली हवा) |
| 19 | घनिष्ठता | गहरी मित्रता, निकटता |
| 20 | निःशेष करना | पूरी तरह समाप्त कर देना |
| 21 | बाँधव | निकट-संबंधी, स्वजन |
| 22 | क्षीण | कमजोर, दुर्बल |
| 23 | थपेड़ा | हवा का एक जोर का झटका |
| 24 | आच्छादित | ढका हुआ |
| 25 | संचय | एकत्र करना, जमा करना |
4. मेरी समझ से (NCERT)
प्रश्न 1 — "जैसे पौधे को भी सब भेद मालूम हो गया हो" — पौधे को कौन-सा भेद पता लग गया?
कारण: गमले को औंधा लटकाने पर पौधे का सिर नीचे था। लेकिन कुछ दिनों में पत्तियाँ और डालियाँ ऊपर की तरफ उठ आईं और जड़ नीचे लटक गई। पौधे को यह 'भेद' पता लग गया कि प्रकाश ऊपर से आ रहा है — इसीलिए वह उस दिशा में मुड़ गया।
प्रश्न 2 — पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं?
कारण: जो अंगारक वायु जीव-जंतुओं के लिए जहर है, पेड़-पौधे उसी का सेवन करके उसे पूर्णतया शुद्ध कर देते हैं। इस तरह वे जीव-जंतुओं के सच्चे मित्र हैं।
5. पंक्तियों पर चर्चा (NCERT)
(क) "पेड़-पौधों के रेशे-रेशे में सूरज की किरणें आबद्ध हैं। ईंधन को जलाने पर जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता है, वह सूर्य की ही ऊर्जा है।"
(ख) "मधुमक्खी व तितली के साथ वृक्ष की चिरकाल से घनिष्ठता है। वे दल-बल सहित फूल देखने आती हैं।"
6. मिलकर करें मिलान (NCERT)
| # | वाक्यांश (स्तंभ 1) | सही अर्थ (स्तंभ 2) |
|---|---|---|
| 1 | बीज का ढक्कन दरक गया | → 6. बीज के दोनों दलों में दरार आ गई या फट गए। |
| 2 | उसे 'अंगारक' वायु कहते हैं | → 4. साँस छोड़ने पर निकलने वाली वायु — कार्बन डाईआक्साइड। |
| 3 | पत्ते सूर्य-ऊर्जा के सहारे 'अंगारक' वायु से अंगार निःशेष कर डालते हैं | → 5. सूर्य के प्रकाश से पत्ते विषाक्त वायु के प्रभाव को नष्ट कर देते हैं। |
| 4 | प्रकाश ही जीवन का मूलमंत्र है | → 2. जीवन के लिए सूर्य का प्रकाश आधारशक्ति या महत्वपूर्ण है। |
| 5 | जैसे फूल-फूल के बहाने वह स्वयं हँस रहा हो | → 3. अपनी संपन्नता और भावी पीढ़ी की उत्पत्ति से प्रसन्न-संतुष्ट। |
| 6 | इस अपरूप उपादान से किस तरह ऐसे सुंदर फूल खिलते हैं | → 1. मटमैली माटी और विषाक्त वायु से सुंदर-सुंदर फूलों में परिवर्तित होते हैं। |
7. सोच-विचार के लिए (NCERT)
(क) बीज के अंकुरित होने में किस-किस का सहयोग मिलता है?
| सहयोगी | भूमिका |
|---|---|
| पानी / वर्षा | बीज के ढक्कन को नरम करता है; माटी में द्रव्य घोलता है। |
| मिट्टी | बीज को आश्रय और रस-पान का माध्यम देती है। |
| वसंत / ऊष्मा | सर्दियों के बाद गर्मी अंकुरण को जगाती है। |
| सूर्य का प्रकाश | अंकुर के उठने के बाद पत्ते प्रकाश की ओर मुड़ते हैं। |
| हवा | पत्ते हवा से आहार ग्रहण करते हैं। |
(ख) पौधे अपना भोजन कैसे प्राप्त करते हैं?
1. जड़ों द्वारा (माटी से): जड़ें माटी में घुले द्रव्यों को सोखती हैं। पेड़ में हज़ारों-हज़ार नल होते हैं जिनसे यह रस शरीर में संचारित होता है।
2. पत्तों द्वारा (हवा से): पत्तों के अनगिनत छोटे मुँह हवा से अंगारक वायु (कार्बन डाईआक्साइड) ग्रहण करते हैं। सूर्य का प्रकाश पड़ने पर पत्ते इस वायु से अंगार निःशेष कर देते हैं और वही अंगार वृक्ष के शरीर में प्रवेश करके उसका संवर्द्धन करते हैं।
8. लेख की रचना (NCERT)
| विशेषता | उदाहरण |
|---|---|
| व्यावहारिक उदाहरण | गमला औंधा लटकाना — जड़-तना का ऊपर-नीचे जाना। |
| तुलना | नन्हे बच्चे — दाँत नहीं → केवल दूध; पेड़ — दाँत नहीं → तरल आहार। |
| शिशु-उपमा | अंकुर की तुलना नन्हे शिशु से — "नन्हा-सा सिर उठाकर नई दुनिया देख रहा है।" |
| विधाता की करुणा | जो जीवों के लिए जहर है, पेड़ उसी से भोजन करके जगत को बचाते हैं। |
| माँ की ममता | पेड़ का बीज के लिए तिल-तिल सूखकर बलिदान = माँ की ममता। |
| पारस पत्थर | ममता ही वह मणि जो माटी और अंगारक से फूल बनाती है। |
| क्रमबद्ध प्रस्तुति | बीज → अंकुर → पत्ता → फूल → पराग-कण → बीज → वृक्ष का अंत। |
(क) लेखन गतिविधि: जैसे लेखक ने 'पेड़ की बात' कही है, वैसे ही किसी एक चीज़ पर लेख लिखिए — जैसे गेहूँ की बात, नदी की बात, बादल की बात।
9. अनुमान या कल्पना से (NCERT)
(क) वृक्ष के समाप्त होने के बाद क्या होता है?
- वृक्ष भूमि पर गिरकर धीरे-धीरे माटी में मिल जाता है — नए पेड़-पौधों के लिए उपजाऊ खाद बन जाता है।
- उसके बीज जमीन में गिरकर नए अंकुर देते हैं — जीवन-चक्र जारी रहता है।
- लकड़ी के रूप में ईंधन, घर और सामग्री बनने में उपयोग आता है।
- उसमें संग्रहीत सूर्य की ऊर्जा इसी तरह जंतुओं के शरीर में प्रवेश करती है।
(ख) पेड़-पौधों के बारे में लेखक की रुचि कैसे जागृत हुई होगी?
10. प्रवाह चार्ट — बीज से बीज तक (NCERT)
| बक्से के संकेत | ✅ उत्तर | पाठ में संदर्भ |
|---|---|---|
| _ _ ल | नल | पेड़ में हज़ारों-हज़ार नल जिनसे रस-संचार होता है। |
| फ _ _ | फूल | संतान (बीज) की सुरक्षा के लिए फूल की पंखुड़ियों से घर। |
| _ _ _ र | अंकुर | बीज का ढक्कन दरका, अंकुर निकला। |
| क _ _ | कली | फूल बनने से पहले कली। |
| बी _ _ | बीज | नया बीज — चक्र की वापसी। |
| प _ _ _ _ | पराग-कण | मधुमक्खी पराग-कण एक फूल से दूसरे पर ले जाती है। |
| _ _ ता | पत्ता | पत्ते हवा से आहार ग्रहण करते हैं। |
11. अंकुरण — प्रयोग (NCERT)
| दिन | अवलोकन |
|---|---|
| 1 | बीज फूले हुए — पानी सोख रहे हैं। |
| 2–3 | बीज का ढक्कन दरका, सफेद अंकुर दिखा। |
| 4–5 | जड़ नीचे, तना ऊपर; पहली दो कोमल पत्तियाँ। |
| 7+ | पत्तियाँ प्रकाश की ओर मुड़ती हैं। |
12. शब्दों के रूप — विशेषण (NCERT)
| शब्द | विशेषता-शब्द (उदाहरण) |
|---|---|
| पेड़ | हरा-भरा, घना, ऊँचा, छायादार, फलदार, सूखा, पुराना |
| सर्दी | कड़कड़ाती, ठंडी, शीतल, कँपकँपाती, सुहावनी |
| सूर्य | चमकीला, तेज, गर्म, रोशन, ऊर्जावान, अस्त होता |
(उत्तर व्यक्तिगत — अपने शब्द जोड़िए।)
पाठ से आगे — मेरे प्रिय (NCERT)
| फूल | पक्षी | वृक्ष | पुस्तक | खेल |
|---|---|---|---|---|
| 1. ___ | 1. ___ | 1. ___ | 1. ___ | 1. ___ |
| 2. ___ | 2. ___ | 2. ___ | 2. ___ | 2. ___ |
| 3. ___ | 3. ___ | 3. ___ | 3. ___ | 3. ___ |
(यह व्यक्तिगत activity है — अपनी पसंद से भरिए।)
13. आज की पहेली — शब्द सीढ़ी (NCERT)
| अक्षर-संकेत | ✅ उत्तर (NCERT) | पाठ में प्रयोग | |
|---|---|---|---|
| रा | _ _ | रात | रात में बाहर न निकल पाना |
| _ | मा | तमाम | "तमाम जीव-जंतु नष्ट हो सकते हैं" |
| _ _ | म | ममता | "माँ की ममता ही वह मणि है" |
| ता | प | ताप | "जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता है" |
| ल्ल | _ _ | पल्लव | नई कोमल पत्तियाँ |
| व | सं | वसंत | "सर्दियों के बाद वसंत आया" |
| ना | _ | तना | "जो अंश ऊपर बढ़ता है उसे तना कहते हैं" |
| ना | ज | नाम | "उसका नाम जड़ है" |
| मज़बू | त | मज़बूत | "माटी में मज़बूती से गड़ गया" |
| त | रल | तरल | "तरल द्रव्य या वायु से भोजन" |
| ल | ट | लटक | "जड़ नीचे की ओर लटक गई" |
| क | म | कम | "शक्ति क्षीण हो चली" |
14. MCQ — परीक्षा उपयोगी
15. FAQ
'पेड़ की बात' पाठ किस कक्षा में है?
अंकुर में जड़ और तना कैसे बनते हैं?
अंगारक वायु क्या है और पेड़-पौधे उसका क्या करते हैं?
पराग-कण क्या है और यह क्यों जरूरी है?
जगदीशचंद्र बसु की प्रमुख खोज क्या थी?
पेड़ और माँ की ममता में क्या समानता है?
16. खोजबीन के लिए (NCERT)
| विषय | सुझाव |
|---|---|
| जगदीशचंद्र बसु | QR कोड से पढ़ें: "जगदीशचंद्र बसु — एक विलक्षण और संवेदनशील वैज्ञानिक।" |
| रेडियो तरंगें | मार्कोनी से पहले बसु का प्रयोग — इंटरनेट से जानें। |
| पौधों में जीवन | बसु ने क्रेस्कोग्राफ (Crescograph) से पौधों में संवेदना सिद्ध की। |
अस्वीकरण: यह NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित स्वतंत्र शैक्षिक व्याख्या है। मूल पाठ के लिए NCERT की आधिकारिक PDF देखें। NCERTclasses.com, NCERT / CBSE / RBSE से संबद्ध नहीं है।
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