पेड़ की बात Class 6 Hindi Malhar Chapter 13 Notes | Ped ki Baat Jagadish Chandra Bose NCERT MCQ

📅 Saturday, 25 April 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
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पेड़ की बात — Class 6 Hindi Malhar Chapter 13
कक्षा6
पुस्तकमल्हार (अंतिम अध्याय)
अध्याय13
पाठपेड़ की बात
विधालेख
केंद्रीय भावपेड़-पौधों का जीवन-क्रम और प्रकाश की महत्ता
मूल लेखकजगदीशचंद्र बसु (1858–1937)
मूल भाषाबांग्ला
हिंदी अनुवादकशंकर सेन
NCERT PDFfhml113.pdf · Reprint 2026-27

पेड़ की बात

NCERT कक्षा 6 हिन्दी · मल्हार · अध्याय 13 · सम्पूर्ण नोट्स

पेड़ की बात NCERT कक्षा 6 हिन्दी पाठ्यपुस्तक मल्हार का तेरहवाँ और अंतिम अध्याय है। यह प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु (1858–1937) की बांग्ला रचना का हिंदी अनुवाद है जो शंकर सेन ने किया। इसमें बीज के अंकुरण से लेकर वृक्ष के अंत तक का पूरा जीवन-चक्र साहित्यिक और सुलभ भाषा में वर्णित है।

📌 परीक्षा हेतु: मेरी समझ से (2 MCQ), मिलकर करें मिलान (6 जोड़े), पंक्तियों पर चर्चा और सोच-विचार परीक्षा में पूछे जाते हैं।


1. लेखक परिचय — जगदीशचंद्र बसु

✍ वैज्ञानिक-लेखक
विषयजानकारी
जन्म1858
मृत्यु1937
रुचिजीवविज्ञान, भौतिकी, वनस्पति विज्ञान एवं विज्ञान कथा लेखन
बचपनप्रकृति का अवलोकन करते हुए; पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम
महत्वपूर्ण खोजसर्वप्रथम रेडियो तरंगों द्वारा संचार स्थापित किया
वैज्ञानिक योगदानयह सिद्ध किया कि पौधों का एक निश्चित जीवनचक्र और प्रजनन प्रणाली होती है; वे अपने परिवेश के प्रति जागरूक होते हैं।
विश्व में स्थानयह स्थापित करने वाले विश्व के पहले व्यक्ति कि पौधे किसी अन्य जीव रूप के समान होते हैं।
यह पाठबांग्ला से हिंदी अनुवाद — शंकर सेन

2. पाठ का सारांश

📖 5 भागों में

🌱 भाग 1 — बीज का अंकुरण

बहुत दिनों तक मिट्टी के नीचे बीज पड़े रहे। सर्दियों के बाद वसंत आया और वर्षा हुई — मानो कोई शिशु को पुकार रहा हो, "और सोए मत रहो, ऊपर उठ जाओ।" बीज का ढक्कन दरक गया, दो सुकोमल पत्तियों के बीच अंकुर बाहर निकला। अंकुर का एक अंश माटी में जड़ बना, दूसरा ऊपर उठा — यही तना है। पेड़-पौधों को जिस तरह भी रखो — जड़ नीचे जाएगी, तना ऊपर उठेगा।

🌿 भाग 2 — पेड़-पौधों का भोजन

जैसे नन्हे बच्चों के दाँत नहीं होते और वे केवल दूध पी सकते हैं, वैसे ही पेड़-पौधों के दाँत नहीं होते — वे तरल द्रव्य या वायु से भोजन ग्रहण करते हैं। जड़ों द्वारा माटी से रस-पान करते हैं। सूक्ष्मदर्शी से देखने पर पता चलता है कि पेड़ में हज़ारों-हज़ार नल हैं जिनसे रस का संचार होता है। पत्तों में अनगिनत छोटे-छोटे मुँह होते हैं जो हवा से आहार ग्रहण करते हैं।

☀ भाग 3 — अंगारक वायु और प्रकाश

जब हम साँस छोड़ते हैं तो एक विषाक्त वायु निकलती है जिसे 'अंगारक' वायु कहते हैं। यदि यह पृथ्वी पर इकट्ठी होती रहे तो जीव-जंतु नष्ट हो जाएँ। लेकिन विधाता की करुणा देखो — पेड़-पौधे इसी जहरीली हवा का सेवन करके उसे पूर्णतया शुद्ध कर देते हैं। सूर्य का प्रकाश पड़ने पर पत्ते अंगारक वायु से अंगार निःशेष कर डालते हैं। प्रकाश ही जीवन का मूलमंत्र है।

🌸 भाग 4 — फूल, मधुमक्खी और बीज

पेड़ मरने से पहले बीज (संतान) छोड़ जाना चाहता है। फूल की पंखुड़ियों से घिरा एक छोटा-सा घर बनाता है। मधुमक्खी व तितली के साथ वृक्ष की चिरकाल से घनिष्ठता है। मधुमक्खी एक फूल के पराग-कण दूसरे फूल पर ले जाती है — पराग-कण के बिना बीज पक नहीं सकता। वृक्ष अपने शरीर का रस पिलाकर बीजों का पोषण करता है।

🍂 भाग 5 — वृक्ष का अंत और माँ की ममता

बीज बनने के बाद वृक्ष का शरीर सूख जाता है। एक दिन पेड़ जड़ सहित भूमि पर गिर पड़ता है। "इस तरह संतान के लिए अपना जीवन न्योछावर करके वृक्ष समाप्त हो जाता है।" लेखक इसे माँ की ममता से जोड़ते हैं — जैसे पारस पत्थर के स्पर्श से लोहा सोना बनता है, माँ की ममता से माटी और अंगारक से सुंदर फूल खिलते हैं।

3. कठिन शब्दार्थ

📄 25 शब्द
#शब्दअर्थ
1अंकुरबीज फटने पर निकलने वाला नया कोमल पौधा
2सुकोमलबहुत कोमल, नाजुक
3आहिस्ताधीरे-से, धीमी गति से
4दरक गयादरार आ गई, फट गया
5जड़पौधे का वह भाग जो माटी के भीतर जाता है
6तनापौधे का वह भाग जो ऊपर की ओर बढ़ता है
7सूक्ष्मदर्शीMicroscope — बहुत बारीक चीज़ें देखने वाला यंत्र
8अंगारक वायुसाँस छोड़ने पर निकलने वाली विषाक्त वायु — कार्बन डाईआक्साइड
9विषाक्तजहरीला, विष मिश्रित
10पराग-कणफूल के भीतर की धूल, पुष्परज
11पल्लवनई कोमल पत्तियाँ, कोंपल
12पंखुड़ीफूल की पत्ती
13मधुपानशहद पीना
14व्यग्रव्याकुल, बेचैन
15न्योछावरसमर्पण करना, बलिदान करना
16स्पर्शमणि / पारस पत्थरजिसके स्पर्श से लोहा सोना बने (पौराणिक)
17संवर्द्धनवृद्धि, विकास
18अपरूप उपादानसाधारण सामग्री (माटी और जहरीली हवा)
19घनिष्ठतागहरी मित्रता, निकटता
20निःशेष करनापूरी तरह समाप्त कर देना
21बाँधवनिकट-संबंधी, स्वजन
22क्षीणकमजोर, दुर्बल
23थपेड़ाहवा का एक जोर का झटका
24आच्छादितढका हुआ
25संचयएकत्र करना, जमा करना

4. मेरी समझ से (NCERT)

❓ सही उत्तर + स्पष्टीकरण

प्रश्न 1 — "जैसे पौधे को भी सब भेद मालूम हो गया हो" — पौधे को कौन-सा भेद पता लग गया?

✅ सही उत्तर: प्रकाश ऊपर से आ रहा है।

कारण: गमले को औंधा लटकाने पर पौधे का सिर नीचे था। लेकिन कुछ दिनों में पत्तियाँ और डालियाँ ऊपर की तरफ उठ आईं और जड़ नीचे लटक गई। पौधे को यह 'भेद' पता लग गया कि प्रकाश ऊपर से आ रहा है — इसीलिए वह उस दिशा में मुड़ गया।

अन्य विकल्पों का खंडन: "उसे उल्टा लटकाया गया" — यह पौधे को नहीं पता। "किसी ने सजा दी" — असंगत। "बच्चे को गमला रखना नहीं आया" — यह असली कारण नहीं।

प्रश्न 2 — पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं?

✅ सही उत्तर: हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं।

कारण: जो अंगारक वायु जीव-जंतुओं के लिए जहर है, पेड़-पौधे उसी का सेवन करके उसे पूर्णतया शुद्ध कर देते हैं। इस तरह वे जीव-जंतुओं के सच्चे मित्र हैं।

अन्य विकल्पों का खंडन: "हमारे जैसे साँस लेते हैं" — नहीं, वे हमारी छोड़ी हुई अंगारक वायु ग्रहण करते हैं। "भोजन एक जैसा" — नहीं। "धरती पर साथ जन्मे" — मित्रता का कारण नहीं।

5. पंक्तियों पर चर्चा (NCERT)

💬 भाव-विश्लेषण

(क) "पेड़-पौधों के रेशे-रेशे में सूरज की किरणें आबद्ध हैं। ईंधन को जलाने पर जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता है, वह सूर्य की ही ऊर्जा है।"

भाव: पेड़-पौधे सूर्य की ऊर्जा को अपने शरीर में संग्रहीत कर लेते हैं। जब हम लकड़ी जलाते हैं तो जो प्रकाश और ताप मिलता है, वह उस पेड़ ने वर्षों तक सूरज से जो ऊर्जा इकट्ठी की थी, वही बाहर निकलती है। इसीलिए पेड़-पौधों को "प्रकाश हथियाने के जाल" कहा गया है। सूर्य की किरणें ही हर जीव के जीवन का आधार हैं।

(ख) "मधुमक्खी व तितली के साथ वृक्ष की चिरकाल से घनिष्ठता है। वे दल-बल सहित फूल देखने आती हैं।"

भाव: वृक्ष और मधुमक्खी/तितली एक-दूसरे के परस्पर उपकारी हैं। पेड़ फूलों में शहद और सुगंध रखता है; मधुमक्खी और तितली आकर शहद लेती हैं और बदले में एक फूल के पराग-कण दूसरे फूल पर ले जाती हैं। पराग-कण के बिना बीज पक नहीं सकता। यह दोनों के लिए लाभकारी मित्रता है।

6. मिलकर करें मिलान (NCERT)

🔗 6 सही जोड़े
#वाक्यांश (स्तंभ 1)सही अर्थ (स्तंभ 2)
1बीज का ढक्कन दरक गया6. बीज के दोनों दलों में दरार आ गई या फट गए।
2उसे 'अंगारक' वायु कहते हैं4. साँस छोड़ने पर निकलने वाली वायु — कार्बन डाईआक्साइड।
3पत्ते सूर्य-ऊर्जा के सहारे 'अंगारक' वायु से अंगार निःशेष कर डालते हैं5. सूर्य के प्रकाश से पत्ते विषाक्त वायु के प्रभाव को नष्ट कर देते हैं।
4प्रकाश ही जीवन का मूलमंत्र है2. जीवन के लिए सूर्य का प्रकाश आधारशक्ति या महत्वपूर्ण है।
5जैसे फूल-फूल के बहाने वह स्वयं हँस रहा हो3. अपनी संपन्नता और भावी पीढ़ी की उत्पत्ति से प्रसन्न-संतुष्ट।
6इस अपरूप उपादान से किस तरह ऐसे सुंदर फूल खिलते हैं1. मटमैली माटी और विषाक्त वायु से सुंदर-सुंदर फूलों में परिवर्तित होते हैं।

7. सोच-विचार के लिए (NCERT)

💡 विस्तृत उत्तर

(क) बीज के अंकुरित होने में किस-किस का सहयोग मिलता है?

सहयोगीभूमिका
पानी / वर्षाबीज के ढक्कन को नरम करता है; माटी में द्रव्य घोलता है।
मिट्टीबीज को आश्रय और रस-पान का माध्यम देती है।
वसंत / ऊष्मासर्दियों के बाद गर्मी अंकुरण को जगाती है।
सूर्य का प्रकाशअंकुर के उठने के बाद पत्ते प्रकाश की ओर मुड़ते हैं।
हवापत्ते हवा से आहार ग्रहण करते हैं।

(ख) पौधे अपना भोजन कैसे प्राप्त करते हैं?

1. जड़ों द्वारा (माटी से): जड़ें माटी में घुले द्रव्यों को सोखती हैं। पेड़ में हज़ारों-हज़ार नल होते हैं जिनसे यह रस शरीर में संचारित होता है।

2. पत्तों द्वारा (हवा से): पत्तों के अनगिनत छोटे मुँह हवा से अंगारक वायु (कार्बन डाईआक्साइड) ग्रहण करते हैं। सूर्य का प्रकाश पड़ने पर पत्ते इस वायु से अंगार निःशेष कर देते हैं और वही अंगार वृक्ष के शरीर में प्रवेश करके उसका संवर्द्धन करते हैं।


8. लेख की रचना (NCERT)

✏ विशेषताएँ
NCERT: इस लेख में एक के बाद एक विचार सुसंगत रूप से प्रस्तुत हुए हैं। गमले को औंधा लटकाना या मूली काटकर बोना जैसे उदाहरण देकर बात कहना इस लेख की विशेषता है।
विशेषताउदाहरण
व्यावहारिक उदाहरणगमला औंधा लटकाना — जड़-तना का ऊपर-नीचे जाना।
तुलनानन्हे बच्चे — दाँत नहीं → केवल दूध; पेड़ — दाँत नहीं → तरल आहार।
शिशु-उपमाअंकुर की तुलना नन्हे शिशु से — "नन्हा-सा सिर उठाकर नई दुनिया देख रहा है।"
विधाता की करुणाजो जीवों के लिए जहर है, पेड़ उसी से भोजन करके जगत को बचाते हैं।
माँ की ममतापेड़ का बीज के लिए तिल-तिल सूखकर बलिदान = माँ की ममता।
पारस पत्थरममता ही वह मणि जो माटी और अंगारक से फूल बनाती है।
क्रमबद्ध प्रस्तुतिबीज → अंकुर → पत्ता → फूल → पराग-कण → बीज → वृक्ष का अंत।

(क) लेखन गतिविधि: जैसे लेखक ने 'पेड़ की बात' कही है, वैसे ही किसी एक चीज़ पर लेख लिखिए — जैसे गेहूँ की बात, नदी की बात, बादल की बात।


9. अनुमान या कल्पना से (NCERT)

🤔 कल्पनाशील उत्तर

(क) वृक्ष के समाप्त होने के बाद क्या होता है?

  • वृक्ष भूमि पर गिरकर धीरे-धीरे माटी में मिल जाता है — नए पेड़-पौधों के लिए उपजाऊ खाद बन जाता है।
  • उसके बीज जमीन में गिरकर नए अंकुर देते हैं — जीवन-चक्र जारी रहता है।
  • लकड़ी के रूप में ईंधन, घर और सामग्री बनने में उपयोग आता है।
  • उसमें संग्रहीत सूर्य की ऊर्जा इसी तरह जंतुओं के शरीर में प्रवेश करती है।

(ख) पेड़-पौधों के बारे में लेखक की रुचि कैसे जागृत हुई होगी?

जगदीशचंद्र बसु का बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता। पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को ध्यान से देखने की यह सहज जिज्ञासा ही उन्हें वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में ले गई और उन्होंने यह सिद्ध किया कि पौधों में भी जीवन और संवेदना होती है।

10. प्रवाह चार्ट — बीज से बीज तक (NCERT)

🌱 Word-Fill Activity
NCERT गतिविधि: नीचे दिए गए बक्सों में आंशिक अक्षर दिए गए हैं। पाठ के आधार पर शब्द पूरे कीजिए।
बीज से बीज तक — प्रवाह चार्ट बीज (दिया गया) _ _ ल नल फ _ _ फूल _ _ _ र अंकुर क _ _ कली बी _ _ बीज प _ _ _ _ पराग-कण _ _ ता पत्ता चक्र जारी
बक्से के संकेत✅ उत्तरपाठ में संदर्भ
_ _ लनलपेड़ में हज़ारों-हज़ार नल जिनसे रस-संचार होता है।
फ _ _फूलसंतान (बीज) की सुरक्षा के लिए फूल की पंखुड़ियों से घर।
_ _ _ रअंकुरबीज का ढक्कन दरका, अंकुर निकला।
क _ _कलीफूल बनने से पहले कली।
बी _ _बीजनया बीज — चक्र की वापसी।
प _ _ _ _पराग-कणमधुमक्खी पराग-कण एक फूल से दूसरे पर ले जाती है।
_ _ तापत्तापत्ते हवा से आहार ग्रहण करते हैं।

11. अंकुरण — प्रयोग (NCERT)

🌿 Experiment
NCERT: मिट्टी के पात्र में राजमा या चने के 4–5 बीज बोइए, हल्का पानी छिड़किए, 3–4 दिन तक थोड़ा-थोड़ा पानी डालिए।
दिनअवलोकन
1बीज फूले हुए — पानी सोख रहे हैं।
2–3बीज का ढक्कन दरका, सफेद अंकुर दिखा।
4–5जड़ नीचे, तना ऊपर; पहली दो कोमल पत्तियाँ।
7+पत्तियाँ प्रकाश की ओर मुड़ती हैं।
लेखन पुस्तिका में लिखें: एक दिन में कितनी लंबाई बढ़ी, कितने पत्ते निकले, क्या पौधा प्रकाश की तरफ मुड़ा?

12. शब्दों के रूप — विशेषण (NCERT)

📝 Adjectives
NCERT: मिट्टी के लिए: उपजाऊ, चिकनी, नम, भुरभुरी, काली, रेतीली। अब पेड़, सर्दी, सूर्य के लिए विशेषता-शब्द लिखिए।
शब्दविशेषता-शब्द (उदाहरण)
पेड़हरा-भरा, घना, ऊँचा, छायादार, फलदार, सूखा, पुराना
सर्दीकड़कड़ाती, ठंडी, शीतल, कँपकँपाती, सुहावनी
सूर्यचमकीला, तेज, गर्म, रोशन, ऊर्जावान, अस्त होता

(उत्तर व्यक्तिगत — अपने शब्द जोड़िए।)


पाठ से आगे — मेरे प्रिय (NCERT)

💐 Personal Activity
NCERT: प्रत्येक के लिए अपनी पसंद के तीन-तीन नाम लिखिए।
फूलपक्षीवृक्षपुस्तकखेल
1. ___1. ___1. ___1. ___1. ___
2. ___2. ___2. ___2. ___2. ___
3. ___3. ___3. ___3. ___3. ___

(यह व्यक्तिगत activity है — अपनी पसंद से भरिए।)


13. आज की पहेली — शब्द सीढ़ी (NCERT)

🧩 Word Staircase
NCERT: इस शब्द सीढ़ी में पाठ में आए शब्द हैं। उन्हें पूरा कीजिए और पाठ में रेखांकित कीजिए। दिए गए अक्षर: रा, मा, म, ल्ल, सं, ना, ज, त, क
अक्षर-संकेत✅ उत्तर (NCERT)पाठ में प्रयोग
रा_ _रातरात में बाहर न निकल पाना
_ मातमाम"तमाम जीव-जंतु नष्ट हो सकते हैं"
_ _ममता"माँ की ममता ही वह मणि है"
ताताप"जो प्रकाश व ताप बाहर प्रकट होता है"
ल्ल_ _पल्लवनई कोमल पत्तियाँ
संवसंत"सर्दियों के बाद वसंत आया"
ना_तना"जो अंश ऊपर बढ़ता है उसे तना कहते हैं"
नानाम"उसका नाम जड़ है"
मज़बूमज़बूत"माटी में मज़बूती से गड़ गया"
रलतरल"तरल द्रव्य या वायु से भोजन"
लटक"जड़ नीचे की ओर लटक गई"
कम"शक्ति क्षीण हो चली"
✅ NCERT Official Answers (पृष्ठ 165): रात, तमाम, ममता, ताप, पल्लव, वसंत, तना, नाम, मज़बूत, तरल, लटक, कम

14. MCQ — परीक्षा उपयोगी

✅ 8 प्रश्न
1. 'पेड़ की बात' पाठ के मूल लेखक कौन हैं?
अ. जयशंकर प्रसाद   ब. जगदीशचंद्र बसु   स. शंकर सेन   द. प्रेमचंद
✅ (ब) जगदीशचंद्र बसु (1858–1937); हिंदी अनुवाद: शंकर सेन।
2. अंकुर का कौन-सा भाग माटी में जाता है?
अ. तना   ब. जड़   स. पत्ता   द. फूल
✅ (ब) "जो अंश माटी के भीतर प्रवेश करता है, उसका नाम जड़ है।"
3. पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं?
अ. हमारे जैसे भोजन   ब. धरती पर साथ जन्मे   स. हवा को शुद्ध करके   द. साँस एक जैसी
✅ (स) अंगारक वायु को ग्रहण करके हवा शुद्ध करते हैं।
4. 'अंगारक वायु' किसे कहते हैं?
अ. ऑक्सीजन   ब. नाइट्रोजन   स. कार्बन डाईआक्साइड   द. वाष्प
✅ (स) साँस छोड़ने पर निकलने वाली विषाक्त वायु।
5. मधुमक्खी वृक्ष का उपकार कैसे करती है?
अ. छाया   ब. पानी   स. पराग-कण एक फूल से दूसरे फूल पर ले जाकर   द. बीज बोकर
✅ (स) "मधुमक्खी एक फूल के पराग-कण दूसरे फूल पर ले जाती हैं। पराग-कण के बिना बीज पक नहीं सकता।"
6. 'प्रकाश ही जीवन का मूलमंत्र है' — भाव क्या है?
अ. दीया जलाना   ब. सुबह उठना   स. सूर्य का प्रकाश पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के जीवन का आधार है   द. बिजली जरूरी
✅ (स) सूर्य-ऊर्जा के बिना न पेड़ बचते हैं, न जीव।
7. जगदीशचंद्र बसु ने क्या सिद्ध किया?
अ. पौधे बोल सकते हैं   ब. पौधों में खून   स. पौधे किसी भी अन्य जीव रूप के समान होते हैं   द. पौधे सोते हैं
✅ (स) NCERT: "वे यह स्थापित करने वाले विश्व के पहले व्यक्ति थे।"
8. पेड़ माँ की ममता जैसा है — क्यों?
अ. वह बड़ा है   ब. पानी देता है   स. बीज (संतान) के लिए तिल-तिल सूखकर समाप्त हो जाता है   द. सुगंध देता है
✅ (स) "संतान के लिए अपना जीवन न्योछावर करके वृक्ष समाप्त हो जाता है।"

15. FAQ

'पेड़ की बात' पाठ किस कक्षा में है?
NCERT कक्षा 6 हिन्दी मल्हार का अध्याय 13 (अंतिम अध्याय)। मूल लेखक: जगदीशचंद्र बसु (1858–1937), अनुवादक: शंकर सेन।
अंकुर में जड़ और तना कैसे बनते हैं?
बीज के दो दल फटने पर जो अंश माटी में जाता है वह जड़, जो ऊपर उठता है वह तना। जड़ हमेशा नीचे और तना ऊपर — चाहे पौधे को किसी भी दिशा में रखो।
अंगारक वायु क्या है और पेड़-पौधे उसका क्या करते हैं?
अंगारक वायु वह विषाक्त वायु है जो साँस छोड़ने पर निकलती है (कार्बन डाईआक्साइड)। पेड़-पौधे इसी का सेवन करके, सूर्य के प्रकाश की सहायता से, इसे पूर्णतया शुद्ध कर देते हैं।
पराग-कण क्या है और यह क्यों जरूरी है?
पराग-कण फूल के भीतर की धूल (पुष्परज) है। मधुमक्खी और तितली इसे एक फूल से दूसरे फूल पर ले जाती हैं — पराग-कण के बिना बीज पक नहीं सकता।
जगदीशचंद्र बसु की प्रमुख खोज क्या थी?
सर्वप्रथम रेडियो तरंगों के द्वारा संचार स्थापित किया। साथ ही सिद्ध किया कि पौधे भी अन्य जीवों के समान हैं और अपने परिवेश के प्रति जागरूक होते हैं।
पेड़ और माँ की ममता में क्या समानता है?
जैसे माँ संतान के लिए सब-कुछ न्योछावर कर देती है, वैसे ही पेड़ भी बीज (अपनी संतान) के लिए अपना पूरा रस पिलाकर, तिल-तिल सूखकर समाप्त हो जाता है।

16. खोजबीन के लिए (NCERT)

विषयसुझाव
जगदीशचंद्र बसुQR कोड से पढ़ें: "जगदीशचंद्र बसु — एक विलक्षण और संवेदनशील वैज्ञानिक।"
रेडियो तरंगेंमार्कोनी से पहले बसु का प्रयोग — इंटरनेट से जानें।
पौधों में जीवनबसु ने क्रेस्कोग्राफ (Crescograph) से पौधों में संवेदना सिद्ध की।

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अस्वीकरण: यह NCERT पाठ्यपुस्तक पर आधारित स्वतंत्र शैक्षिक व्याख्या है। मूल पाठ के लिए NCERT की आधिकारिक PDF देखें। NCERTclasses.com, NCERT / CBSE / RBSE से संबद्ध नहीं है।

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