स्थलरूप एवं जीवन NCERT Class 6 Notes in Hindi | Landforms and Life Chapter 3 Notes

📅 Saturday, 18 April 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
स्थलरूप एवं जीवन – Landforms and Life | NCERT Class 6 Social Science Chapter 3 Notes in Hindi
NCERTclasses.com — Class 6 सामाजिक विज्ञान | Reprint 2026-27
📖 अध्याय परिचय
कक्षा6
विषयसामाजिक विज्ञान
अध्याय3
विषय (क)भारत एवं विश्व: भूभाग एवं उनके निवासी
NCERT PDFfees103.pdf
संस्करणReprint 2026-27
स्थलरूप3 (पर्वत, पठार, मैदान)
एवरेस्ट ऊँचाई8848 मीटर

स्थलरूप एवं जीवन

NCERT Class 6 · सामाजिक विज्ञान · अध्याय 3 · सम्पूर्ण नोट्स (हिन्दी माध्यम)

मनुष्यों के भार से मुक्त; अनेक प्रकार की ऊँचाइयों, ढलानों तथा विशाल समतल भूमि से युक्त; अनेक प्रकार की शक्तियों से संपन्न पेड़-पौधों को आधार प्रदान करती हुई, हम सभी के लिए विस्तार को प्राप्त हो तथा अपनी संपन्नता को प्रदर्शित करे। पृथ्वी मेरी माता है तथा मैं उसकी संतान।
— अथर्ववेद, 'भूमि सूक्त' (पृथ्वी के लिए स्तोत्र)

स्थलरूप एवं जीवन (Landforms and Life) NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान का तीसरा अध्याय है। यह अध्याय 1 — पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति और अध्याय 2 — महासागर एवं महाद्वीप की अगली कड़ी है। इस अध्याय में हम पृथ्वी की सतह पर पाए जाने वाले तीन मुख्य स्थलरूपों — पर्वत, पठार और मैदान — तथा उनसे जुड़े जीवन, संस्कृति और चुनौतियों को समझेंगे।

1. स्थलरूप — परिचय

स्थलरूप (Landform) पृथ्वी की सतह का एक भौतिक स्वरूप है। ये लाखों वर्षों में बनते हैं और पर्यावरण तथा जीवन से इनका गहरा संबंध है।

📌 स्थलरूपों के तीन मुख्य प्रकार
स्थलरूपहिन्दीमुख्य विशेषता
Mountainsपर्वतऊँचे, खड़ी ढलान, संकरे शिखर
Plateausपठारउठी हुई, चपटी सतह, सीधी या ढलवाँ किनारे
Plainsमैदानसपाट, समुद्र तल से 300 मी. से कम ऊँचाई
पर्वत (Mountains) पठार (Plateau) मैदान (Plains) ऊँचाई तीन प्रमुख स्थलरूप
चित्र 1 — तीन प्रमुख स्थलरूप: मैदान (बाएँ), पठार (मध्य), पर्वत (दाएँ) — तुलनात्मक दृश्य

2. पर्वत (Mountains)

पर्वत वे स्थलरूप हैं जो आस-पास की भूमि से अधिक ऊँचे होते हैं। इन्हें चौड़े आधार, खड़ी ढलान और संकरे शिखर से पहचाना जाता है।

📌 पर्वत के मुख्य तथ्य
  • कुछ पर्वत अधिक ऊँचाई के कारण सदा हिम से ढके रहते हैं
  • तुंगता (Altitude) — समुद्र तल से किसी वस्तु की ऊँचाई
  • ग्रीष्म ऋतु में कम तुंगता पर हिम पिघलकर नदियों में बदलती है
  • अधिक ऊँचाई पर हिम कभी नहीं पिघलती — स्थायी हिमाच्छादन
  • पहाड़ी (Hill) — कम ऊँचाई वाले स्थान, कम खड़ी चढ़ाई, गोल शीर्ष
  • विश्व के अधिकांश पर्वत पर्वत शृंखलाओं के रूप में हैं

प्रमुख पर्वत शृंखलाएँ

पर्वत शृंखलामहाद्वीपविशेषता
हिमालयएशियाविश्व की सबसे ऊँची पर्वत शृंखला; एवरेस्ट, कंचनजुंगा
आल्प्सयूरोपब्लांक गिरिशृंग — आल्प्स की सबसे ऊँची चोटी
एंडीजदक्षिणी अमेरिकाअकोंकागुआ — एंडीज की सबसे ऊँची चोटी
रॉकीजउत्तरी अमेरिकाउत्तरी अमेरिका का पश्चिमी भाग
अरावलीभारत (एशिया)विश्व की प्राचीनतम पर्वत शृंखलाओं में से एक
पश्चिमी घाटभारतअनाईमुडी — दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी

3. विश्व की प्रमुख चोटियाँ

विश्व की 6 प्रमुख चोटियाँ — सापेक्ष ऊँचाई 8848 मी. एवरेस्ट (हिमालय) 8586 मी. कंचनजुंगा (हिमालय) 6962 मी. अकोंकागुआ (एंडीज) 5895 मी. किलिमंजारो (अफ्रीका) 4807 मी. ब्लांक (आल्प्स) 2695 मी. अनाईमुडी (भारत) नोट: ऊँचाई समुद्र तल से (मीटर में)
चित्र 2 — विश्व की 6 प्रमुख चोटियों की सापेक्ष ऊँचाई (बड़े से छोटे क्रम में)
क्र.गिरिशृंग (Peak)ऊँचाईपर्वत शृंखलादेश/महाद्वीप
1एवरेस्ट गिरिशृंग8848 मी.हिमालयनेपाल-तिब्बत सीमा — विश्व का सबसे ऊँचा
2कंचनजुंगा गिरिशृंग8586 मी.हिमालयभारत (सिक्किम) — नेपाल सीमा
3अकोंकागुआ गिरिशृंग6962 मी.एंडीजदक्षिणी अमेरिका — एंडीज की सबसे ऊँची
4किलिमंजारो गिरिशृंग5895 मी.पृथक पर्वतपूर्वी अफ्रीका — किसी शृंखला से नहीं
5ब्लांक गिरिशृंग4807 मी.आल्प्सपश्चिमी यूरोप — आल्प्स की सबसे ऊँची
6अनाईमुडी गिरिशृंग2695 मी.पश्चिमी घाटकेरल, भारत — दक्षिण भारत की सबसे ऊँची
🏔️ एवरेस्ट के नाम
  • तिब्बती नाम: चोमोलुंगमा — अर्थ: "जगत जननी"
  • नेपाली नाम: सागरमाथा — अर्थ: "आकाश की देवी"
  • तिब्बती लोग इसे देवी मानकर पूजते हैं
  • हिमालय में नई (युवा) पर्वत शृंखलाएँ हैं — नुकीली चोटियाँ
  • भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण हिमालय की ऊँचाई में परिवर्तन आज भी जारी है
  • अरावली पुरानी पर्वत शृंखला है — अपरदन से गोल आकार

पर्वतीय वनस्पति

हिम क्षेत्र घास, मॉस, लाइकेन शंकुधारी वन (पाइन, फर, देवदार, स्प्रूस) पर्णपाती वन / कृषि अधिक ऊँचाई मध्यम ऊँचाई कम ऊँचाई पर्वत पर वनस्पति क्षेत्र (ऊँचाई के अनुसार)
चित्र 3 — पर्वत पर ऊँचाई के अनुसार वनस्पति बदलती है: नीचे वन, मध्य में शंकुधारी, ऊपर घास-मॉस, शीर्ष पर हिम
ऊँचाईवनस्पतिविशेषता
कमपर्णपाती वन, कृषिविविध पेड़-पौधे
मध्यमशंकुधारी वन (Coniferous)पाइन (चीड़), फर, स्प्रूस, देवदार — शंकु के आकार, नोकदार पत्तियाँ
अधिकघास, मॉस (काई), लाइकेनपेड़ नहीं उग सकते; मॉस = फूलों और जड़ों से रहित छोटा हरा पौधा
सर्वाधिकहिम (Snow)स्थायी हिमाच्छादन

पर्वतीय जीव-जंतु

🐾 पर्वतों के प्रमुख जीव

पर्वतों में घने वन, बहती नदियाँ, झीलें, घास के मैदान और कंदराएँ अनेक जीवों को आश्रय देते हैं:

गोल्डन ईगल (सुनहरा गरुड़), पेरेग्रिन फाल्कन (घुमंतू बाज), कैनेडियन लिंक्स, हिम तेंदुआ, आइबेक्स (जंगली भेड़), हिमालयन तहर, पर्वतीय खरगोश, याक, ग्रे फॉक्स, ब्लैक बियर

4. पर्वतीय जीवन

4.1 कृषि

पर्वतीय भूभाग ऊबड़-खाबड़ होने से कुछ ही घाटियों में कृषि संभव है। ढलानों पर वेदिका कृषि (Terrace / Step Farming) — ढलान को काटकर सीढ़ीनुमा खेत बनाना — प्रचलित है।

🌾🌾🌾🌾 🌾🌾🌾 निचली ढलान ऊपरी ढलान वेदिका कृषि (Terrace Farming)
चित्र 4 — वेदिका कृषि: पर्वतीय ढलान को काटकर सीढ़ीनुमा खेत बनाना

4.2 पर्यटन एवं चुनौतियाँ

📈 पर्वतीय जीवन — अवसर
  • पर्यटन — आय का महत्वपूर्ण साधन; स्वच्छ हवा, मनोरम दृश्य
  • साहसिक खेल — स्कीइंग, हाइकिंग, पर्वतारोहण, पैराग्लाइडिंग, राफ्टिंग
  • तीर्थयात्रा — पवित्र स्थल; अनेक शताब्दियों से परंपरा
  • पशुपालन — कृषि से अधिक महत्व
⚠️ पर्वतीय जीवन — चुनौतियाँ
चुनौतीविवरण
भूस्खलनपर्वतीय भूखंड का अकस्मात टूटकर गिरना
हिमस्खलन (Avalanche)पर्वत से अकस्मात हिम का गिरना
आकस्मिक बाढ़अचानक आने वाली बाढ़ — अक्सर बादल फटने या तीव्र वर्षा से
बादल फटनाअचानक प्रचंड वर्षा होना
भारी हिमपातसंचार और परिवहन ठप
अनियंत्रित पर्यटनपर्यावरण पर दबाव; संतुलन कठिन

4.3 प्रेरणादायक भारतीय पर्वतारोही

🏆 बछेंद्री पाल
  • 1984 — एवरेस्ट गिरिशृंग पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला
  • बहुत कम आयु में पर्वतारोहण शुरू; अनेक महिला अभियानों का नेतृत्व
  • सम्मान: पद्मश्री (1984) एवं पद्मभूषण (2019)
🏆 अरुणिमा सिन्हा
  • 22 वर्ष की आयु में दुर्घटना में एक पैर गँवाया
  • बछेंद्री पाल के प्रोत्साहन से 2013 में एवरेस्ट पर चढ़ाई की
  • इसके बाद अंटार्कटिका के विंसन गिरिशृंग सहित सभी महाद्वीपों की सबसे ऊँची चोटियाँ फतह कीं
  • सम्मान: पद्मश्री (2015)
📚 कालिदास का हिमालय वर्णन — कुमारसंभव

"भारत के उत्तरी भाग में देवता सदृश पूजनीय हिमालय नाम का पर्वतों का राजा है, जो पश्चिमी से लेकर पूर्वी समुद्र तक फैला हुआ है।"

— कालिदास, कुमारसंभव

'पश्चिमी से पूर्वी समुद्र तक' — अर्थात अरब सागर से बंगाल की खाड़ी तक हिमालय के विस्तार की काव्यात्मक अभिव्यक्ति।

5. पठार (Plateaus)

पठार आसपास की भूमि से उठा हुआ विस्तृत भूभाग होता है, जिसकी सतह अपेक्षाकृत समतल होती है और जिसके किनारे प्रायः ढलवाँ या कहीं-कहीं खड़े होते हैं।

📌 पठार के मुख्य तथ्य
  • ऊँचाई: कुछ सौ मीटर से लेकर कई हजार मीटर तक
  • पठारों में खनिजों का प्रचुर भंडार — इसीलिए "खनिजों का भंडार-गृह"
  • पठारों में खनन मुख्य गतिविधि; विश्व की सबसे बड़ी खानें पठारों में
  • चट्टानी मिट्टी होने से कम उपजाऊ — कृषि के लिए कम अनुकूल
  • लावा पठार (ज्वालामुखीय उत्पत्ति वाले) अपेक्षाकृत अधिक उपजाऊ हो सकते हैं — काली मिट्टी
  • पठारों में सुंदर जल प्रपात भी होते हैं

प्रमुख पठार — भारत एवं विश्व

पठारस्थानविशेषता
तिब्बत का पठारएशिया (चीन-तिब्बत)विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार; औसत ऊँचाई 4500 मी.; 'विश्व की छत'; लगभग 2500 किमी. लंबा
दक्कन का पठारमध्य-दक्षिण भारतविश्व के सबसे पुराने पठारों में एक; प्राचीन ज्वालामुखीय क्रियाओं से बना; काली मिट्टी
छोटा नागपुर पठारझारखंड, भारतलौह, कोयला, मैंगनीज के प्रचुर भंडार; हुंडरू जल प्रपात
पूर्वी अफ्रीका का पठारअफ्रीकासोने और हीरे के खनन के लिए प्रसिद्ध
चेरापूंजी पठारमेघालय, भारतनहकालीकाई जल प्रपात — लगभग 340 मीटर ऊँचाई से गिरता है
🌊 पठारों में प्रमुख जल प्रपात
  • विक्टोरिया जल प्रपात — जंबेजी नदी, दक्षिण अफ्रीका
  • हुंडरू जल प्रपात — सुवर्ण रेखा नदी, छोटा नागपुर पठार (झारखंड)
  • जोग जल प्रपात — शरावती नदी, पश्चिमी घाट (कर्नाटक)
  • नहकालीकाई जल प्रपात — चेरापूंजी पठार, मेघालय

6. मैदान (Plains)

मैदान ऐसी स्थलाकृति है जिसका विस्तृत सपाट अथवा हल्का तरंगित धरातल होता है। सामान्यतः इसकी ऊँचाई समुद्र तल से 300 मीटर से अधिक नहीं होती।

मैदान कैसे बनते हैं?

⚙️ मैदान निर्माण की प्रक्रिया
  1. पर्वत शृंखलाओं से नदियाँ निकलती हैं
  2. नदियाँ रेत, चट्टानों के कण और गाद (तलछट) एकत्र करती हैं
  3. नदियाँ इन तलछटों को समतल भूमि में लाकर जमा करती हैं
  4. मिट्टी उपजाऊ बनती है → सर्वश्रेष्ठ कृषि भूमि

मैदानी जीवन

🌾🌾🌾🌾🌾🌾 🏠 पर्वत उपजाऊ मैदान नदी (तलछट लाती है) पर्वत → नदी → मैदान (उपजाऊ)
चित्र 5 — पर्वत से नदी तलछट लाकर मैदानों की मिट्टी उपजाऊ बनाती है
🌏 गंगा के मैदान — मुख्य तथ्य
  • भारत की कुल जनसंख्या की एक-चौथाई से अधिक यहाँ रहती है
  • मुख्य व्यवसाय: कृषि और मत्स्यपालन
  • खाद्य फसलें: चावल, गेहूँ, मक्का, जौ, ज्वार, बाजरा, रागी
  • रेशेदार फसलें: कपास, जूट, सन
  • परंपरागत कृषि वर्षा पर निर्भर; आधुनिक कृषि में नहरें एवं पंप आधारित सिंचाई का उपयोग
  • भूमिगत जलस्तर में गिरावट — भविष्य की गंभीर चुनौती
  • मैदान में नौका-संचालन सुगम — ढलान हल्की होती है
  • संगम स्थल — दो या अधिक नदियों के मिलने का स्थान; प्रायः पवित्र माना जाता है
📈 गंगा नदी — महत्वपूर्ण तथ्य
  • हिमालय से निकलने वाली भारतीय नदियों में सबसे बड़ी
  • लंबाई: लगभग 2500 किमी.
  • प्रमुख सहायक नदियाँ: यमुना, घाघरा; सोन दक्षिण से मिलती है
  • अंग्रेजी में: Ganges

7. मरुस्थल (Deserts)

मरुस्थल पृथ्वी का एक अतिरिक्त स्थलरूप है। ये यदा-कदा वर्षा प्राप्त करने वाले शुष्क क्षेत्र हैं।

प्रकारमरुस्थलस्थानविशेषता
गर्म मरुस्थलसहाराअफ्रीकाविश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल
गर्म मरुस्थलथारभारत (राजस्थान)भारतीय उपमहाद्वीप का उत्तर-पश्चिम
ठंडा मरुस्थलगोबीएशिया (मंगोलिया-चीन)ठंडा मरुस्थल
ठंडा मरुस्थलअंटार्कटिकादक्षिणी ध्रुवकुछ विशेषज्ञ इसे भी मरुस्थल मानते हैं
🎼 थार मरुस्थल — सांस्कृतिक धरोहर

जीवन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोगों ने मरुस्थल के अनुसार स्वयं को ढाल लिया है। भारत के थार मरुस्थल के समुदाय अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर — लोक गीत, किंवदंतियाँ और दंतकथाएँ — को सँजोकर रखते हैं। यह मानवीय लचीलेपन (Resilience) का उदाहरण है।

8. तमिल टिनै — 5 दृश्यभूमि (Tinai)

प्राचीन तमिल संगम कविता में पाँच टिनै (Tinai) दृश्यभूमियाँ वर्णित हैं। ये स्थलरूपों और मानव जीवन के गहरे संबंध को दर्शाती हैं।

टिनैदृश्यभूमिमुख्य व्यवसाय
कुरिंजीपर्वतीय क्षेत्रआखेट और संग्रह
मुल्लाईघास के मैदान और वनपशुपालन
मरूदमउपजाऊ कृषि के मैदानकृषि
नेयदलतटीय क्षेत्रमत्स्यपालन और समुद्री यात्रा
पालैशुष्क, मरुस्थल जैसे प्रदेशघुमंतू और युद्धरत जीवन
📚 टिनै का महत्व

ये पाँच टिनै स्थलरूपों के अलग वर्गीकरण की बजाय विविधता वाले प्रदेशों के प्रति गहन जागरूकता और हमारे तथा पर्यावरण के बीच गहन संबंध को दर्शाती हैं। टिनै का उद्देश्य केवल नाम याद कराना नहीं, बल्कि जीवन और भू-दृश्य के रिश्ते को समझाना है।

9. सारांश — महत्वपूर्ण बिंदु

⛰️ पर्वत
ऊँचे, खड़ी ढलान; हिम, शंकुधारी वन; वेदिका कृषि; पर्यटन
एवरेस्ट = 8848 मी.
🏞️ पठार
चपटी उठी भूमि; खनिज भंडार; विश्व की छत = तिब्बत (4500 मी.)
🌎 मैदान
सपाट; 300 मी. से कम; सर्वाधिक उपजाऊ; सर्वाधिक जनसंख्या
🌞 मरुस्थल
शुष्क; गर्म (सहारा, थार) व ठंडे (गोबी); विलक्षण वनस्पति-जंतु
🏔️ एवरेस्ट
8848 मी.; नेपाल-तिब्बत; तिब्बती: चोमोलुंगमा; नेपाली: सागरमाथा
🎓 गंगा मैदान
घनी आबादी; चावल, गेहूँ; लगभग 2500 किमी. नदी
🏆 बछेंद्री पाल
1984 — प्रथम भारतीय महिला एवरेस्ट; पद्मश्री + पद्मभूषण
🏆 अरुणिमा सिन्हा
2013 — एवरेस्ट (एक पैर के बिना); पद्मश्री 2015

महत्वपूर्ण शब्दावली

स्थलरूप (Landform)
पृथ्वी की सतह का एक भौतिक स्वरूप — पर्वत, पठार, मैदान।
तुंगता / Altitude
समुद्र तल से किसी वस्तु की ऊँचाई।
वर्षण (Precipitation)
वायुमंडल से भूमि पर जल का गिरना — वर्षा, हिमपात, ओले।
पर्वतीय वन (Montane Forest)
पर्वतीय क्षेत्र में उगने वाले वनों का एक प्रकार।
मॉस (Moss)
फूलों और वास्तविक जड़ों से रहित छोटा हरा पौधा।
लाइकेन (Lichen)
पौधे के समान जीव जो चट्टानों, दीवारों या पेड़ों पर उगता है।
वेदिका कृषि (Terrace Farming)
ढलान की भूमि काटकर सीढ़ीनुमा खेत बनाकर कृषि।
घाटी (Valley)
पहाड़ों के बीच का निचला क्षेत्र जिसमें नदी या जलधारा बहती है।
भूखंड (Terrain)
भौतिक आकृतियों की दृष्टि से भूमि का एक खंड।
तलछट (Sediment)
नदियों द्वारा बहाकर लाई गई रेत, चट्टानों के कण और गाद।
समुद्र तल (Sea Level)
समुद्र की सतह का औसत स्तर।
संगम स्थल (Confluence)
दो या अधिक नदियों के मिलने का स्थान।
भूस्खलन (Landslide)
पर्वतीय भूखंड का एक बड़ा भाग अकस्मात टूटकर गिरना।
हिमस्खलन / Avalanche
पर्वत से अकस्मात हिम का गिरना।
बादल फटना (Cloudburst)
अचानक अत्यधिक वर्षा होना।
लचीलापन / Resilience
चुनौतियों और कठिनाइयों के अनुसार ढलने की क्षमता।

10. परीक्षा उपयोगी प्रश्न एवं उत्तर

प्र.1 — स्थलरूप किसे कहते हैं? इसके कितने प्रकार हैं?
उत्तर: पृथ्वी की सतह के भौतिक स्वरूप को स्थलरूप कहते हैं। मुख्य प्रकार तीन हैं — पर्वत, पठार और मैदान
प्र.2 — एवरेस्ट गिरिशृंग का तिब्बती और नेपाली नाम क्या है तथा इसकी ऊँचाई कितनी है?
उत्तर: तिब्बती: चोमोलुंगमा (जगत जननी), नेपाली: सागरमाथा (आकाश की देवी)। ऊँचाई: 8848 मीटर
प्र.3 — वेदिका कृषि क्या है और यह कहाँ होती है?
उत्तर: पर्वतीय ढलानों पर भूमि काटकर सीढ़ीनुमा खेत बनाकर कृषि करना वेदिका (Terrace) कृषि कहलाती है। यह विश्वभर के पर्वतीय क्षेत्रों में होती है।
प्र.4 — मैदान सर्वाधिक उपजाऊ क्यों होते हैं?
उत्तर: नदियाँ पर्वतों से तलछट (रेत, मिट्टी, गाद) बहाकर मैदानों में जमा करती हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ बनती है।
प्र.5 — पठार को 'खनिजों का भंडार-गृह' क्यों कहा जाता है?
उत्तर: पठारों में खनिजों का प्रचुर मात्रा में जमाव होता है। जैसे — छोटा नागपुर में लौह, कोयला, मैंगनीज; पूर्वी अफ्रीका में सोना और हीरा
प्र.6 — तिब्बत के पठार को 'विश्व की छत' क्यों कहते हैं?
उत्तर: इसकी औसत ऊँचाई 4500 मीटर है — यह विश्व का सबसे ऊँचा पठार है।
प्र.7 — बछेंद्री पाल और अरुणिमा सिन्हा की उपलब्धि क्या है?
उत्तर: बछेंद्री पाल — 1984 में एवरेस्ट फतह करने वाली प्रथम भारतीय महिलाअरुणिमा सिन्हा — कृत्रिम पैर के साथ 2013 में एवरेस्ट फतह; सभी महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियाँ फतह कीं।
प्र.8 — पर्वतीय जीवन की मुख्य चुनौतियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर: भूस्खलन, हिमस्खलन, आकस्मिक बाढ़, बादल फटना, भारी हिमपात और अनियंत्रित पर्यटन।

सही (✓) / गलत (✗) — अभ्यास

कथनसही/गलतकारण
हिमालय गोल शिखरों वाली नवीन पर्वत शृंखला है।✗ गलतहिमालय में अधिकतर नुकीली चोटियाँ मिलती हैं; यह अपेक्षाकृत नवीन पर्वत शृंखला है।
पठार प्रायः एक ओर से उठे होते हैं।✗ गलतपठार आसपास की भूमि से उठा हुआ विस्तृत भूभाग होता है।
पर्वत और पहाड़ियाँ एक ही प्रकार के स्थलरूप हैं।✗ गलतपर्वत अधिक ऊँचे और खड़ी ढलान वाले होते हैं; पहाड़ियाँ कम ऊँची और अधिक गोलाकार होती हैं।
गंगा, यमुना की सहायक नदी है।✗ गलतयमुना, गंगा की सहायक नदी है।
मरुस्थल का वनस्पति और प्राणि जगत विलक्षण होता है।✓ सहीशुष्क पर्यावरण के अनुकूल विशेष जीव-वनस्पति पाई जाती है।
हिम के पिघलने से नदियों में जल आता है।✓ सहीग्रीष्म में हिम पिघलकर नदियों में बहती है।
मैदानों में नदियों द्वारा एकत्र तलछट भूमि को उपजाऊ बनाते हैं।✓ सहीयही मैदानों की उपजाऊता का प्रमुख कारण है।
सभी मरुस्थल गर्म होते हैं।✗ गलतगोबी ठंडा मरुस्थल है; अंटार्कटिका को भी मरुस्थलीय दृष्टि से देखा जाता है।

शब्दों के जोड़े बनाइए

स्तंभ Aसही जोड़
एवरेस्ट गिरिशृंगपर्वतारोहण
राफ्टिंगनदी
ऊँटमरुस्थल
पठारविश्व की छत
गंगा का मैदानधान के खेत
किलिमंजारोअफ्रीका
यमुनासहायक नदी

अध्याय का सार — आगे बढ़ने से पहले

  • स्थलरूप तीन प्रकार के हैं — पर्वत, पठार और मैदान। इनकी भौतिक विशेषताएँ और पर्यावरण अलग-अलग होते हैं।
  • ऐतिहासिक समय से लोगों के क्रियाकलाप उस स्थलरूप से जुड़े रहे हैं जिसमें वे रहते हैं।
  • प्रत्येक स्थलरूप चुनौतियाँ और अवसर दोनों प्रस्तुत करता है।
  • भारतीय संस्कृति विविध स्थलरूपों को अनेक रूपों में सम्मान देती रही है — पर्वत, नदी और मैदान सबका अपना महत्व है।
📌 अस्वीकरण (Disclaimer): यह नोट्स केवल शैक्षिक उद्देश्य हेतु हैं। समस्त पाठ्यक्रम सामग्री NCERT की आधिकारिक पाठ्यपुस्तक (fees103.pdf)Exploring Society: India and Beyond / Landforms and Life, Class 6, Reprint 2026-27 पर आधारित है। समस्त सामग्री पर © NCERT, नई दिल्ली का कॉपीराइट है। विद्यार्थी मूल पाठ्यपुस्तक अवश्य पढ़ें।

आधिकारिक स्रोत:
NCERT Chapter 3 PDF — fees103.pdf
NCERT कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक सूची
ncert.nic.in
DIKSHA Portal — diksha.gov.in

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