कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 6 नियंत्रण एवं समन्वय | सचित्र नोट्स एवं बोर्ड चित्र

📅 Wednesday, 23 September 2026 📖 पढ़ रहे हैं...

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 6 — नियंत्रण एवं समन्वय

NCERT / RBSE पाठ्यक्रम 2026–27 · करके सीखिए · पाँच बोर्ड-चित्र बनाना सीखिए

लेखक: सुरेंद्र सिंह चौहान — पूर्व शिक्षा अधिकारी, राजस्थान। शिक्षण, प्रशिक्षण एवं प्रशासन में 34 वर्ष (1991–2025)।
आधार: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान का कक्षा 10 विज्ञान पाठ्यक्रम 2026–27 तथा एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक।
तैयारी: पाठ्यपुस्तक से संकलित, AI सहायता से व्यवस्थित, लेखक द्वारा समीक्षित। सभी आरेख मौलिक।
गरम तवे को छूते ही हाथ पीछे खिंच जाता है — सोचने से पहले। सोचना बाद में: "अरे, जल गया!"

तो आदेश दिया किसने? और छुईमुई, जिसके पास न मस्तिष्क है न तंत्रिका, छूते ही पत्तियाँ कैसे मोड़ लेती है?
एक नज़र में  ·  अध्याय 6 — नियंत्रण एवं समन्वय (Control and Coordination)  ·  अंक भार 6  ·  विषय कोड 07  ·  चित्र-आधारित अध्याय — न्यूरॉन, प्रतिवर्ती चाप एवं मस्तिष्क अनिवार्य
⏱ केवल 5 मिनट हैं? यह पढ़ लीजिए
  1. न्यूरॉन — सूचना द्रुमिका → कोशिकाकाय → तंत्रिकाक्ष → अंतर्ग्रथन। एक ही दिशा में।
  2. अंतर्ग्रथन पर आवेग रासायनिक रूप में अगली कोशिका तक जाता है
  3. प्रतिवर्ती क्रिया का निर्णय मेरुरज्जु में — मस्तिष्क तक जाने में देर लगती
  4. अग्रमस्तिष्क — सोचना, स्मृति · अनुमस्तिष्क — संतुलन · मेडुला — श्वास, धड़कन
  5. ऊतक रक्षा: मस्तिष्क कपाल में, मेरुरज्जु कशेरुक दंड में, दोनों तरल में तैरते
  6. पादप में दो गतियाँ: तत्काल अनुक्रिया (छुईमुई — जल की मात्रा बदलने से) · वृद्धि के कारण गति (अनुवर्तन)
  7. ऑक्सिन प्रकाश से दूर वाली ओर जमकर उस ओर वृद्धि बढ़ाता है — इसलिए प्ररोह प्रकाश की ओर मुड़ता है
  8. हॉर्मोन: एड्रीनलीन (आपात), थायरॉक्सिन (आयोडीन चाहिए), इंसुलिन (रुधिर शर्करा), वृद्धि हॉर्मोन
कैसे पढ़ें — पहले आप सोचेंगे या करेंगे, फिर व्याख्या:
🔍 जिज्ञासा 🧪 करके देखिए 📖 समझिए 🔗 लागू कीजिए ✅ जाँचिए
"जाँचिए" में तीन स्तर — 1 2 3।

नींव की जाँच

  1. ऊतक किसे कहते हैं? (कक्षा 9)
  2. जैव प्रक्रम कौन-कौन से हैं? (अध्याय 5)
  3. एंज़ाइम और हॉर्मोन — क्या दोनों एक ही हैं?
उत्तर

1. समान रचना और कार्य वाली कोशिकाओं का समूह।   2. पोषण, श्वसन, वहन, उत्सर्जन।   3. नहीं। एंज़ाइम अभिक्रिया की दर बढ़ाते हैं; हॉर्मोन संदेशवाहक हैं जो एक अंग से चलकर दूसरे अंग को काम बताते हैं। यह अंतर इसी अध्याय में स्पष्ट होगा।

1. नियंत्रण एवं समन्वय क्यों

🔍 जिज्ञासा

दौड़ते समय पैर, हाथ, फेफड़े और हृदय — सब एक लय में चलते हैं। इन्हें मिलाकर चलाता कौन है?

🧪 करके देखिए

आँखें बंद करके एक उँगली से अपनी नाक छूने की कोशिश कीजिए। हो गया? अब सोचिए — आँखें बंद थीं, फिर उँगली को रास्ता पता कैसे चला?

उत्तर

भीतरी ग्राही लगातार बताते हैं कि कौन-सा अंग कहाँ है; मस्तिष्क इस सूचना को जोड़कर गति नियंत्रित करता है — यही समन्वय है।

📖 समझिए

सजीव वातावरण के परिवर्तनों — उद्दीपनों — के प्रति अनुक्रिया करते हैं। इन्हें व्यवस्थित रूप से चलाना ही नियंत्रण एवं समन्वय है। जंतुओं में यह तंत्रिका तंत्र और अंतःस्रावी तंत्र करते हैं; पादपों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता, वहाँ काम रासायनिक संदेशों से चलता है।

🔗 लागू कीजिए

पौधा भी अनुक्रिया करता है, पर धीरे; जंतु तुरंत — क्योंकि जंतुओं के पास विद्युत आवेग से चलने वाला तंत्रिका तंत्र है।

✅ जाँचिए

स्तर 1 उद्दीपन किसे कहते हैं?

उत्तर

वातावरण का वह परिवर्तन जिसके प्रति जीव अनुक्रिया करता है।

स्तर 2 जंतुओं में समन्वय करने वाले दो तंत्र कौन-से हैं?

उत्तर

तंत्रिका तंत्र तथा अंतःस्रावी (हॉर्मोन) तंत्र।

स्तर 3 पौधे की अनुक्रिया जंतु से धीमी क्यों होती है?

उत्तर

पौधों में तंत्रिका तंत्र नहीं होता। उनकी अनुक्रिया रासायनिक संदेशों और कोशिकाओं में जल की मात्रा या वृद्धि के परिवर्तन से होती है — ये सब विद्युत आवेग की तुलना में बहुत धीमे हैं।

2. तंत्रिका ऊतक की क्रिया

🔍 जिज्ञासा

पैर की उँगली में चुभे काँटे की खबर मस्तिष्क तक एक पल में पहुँच जाती है — डेढ़ मीटर दूर। जाती किस रास्ते से है?

🧪 करके देखिए

साथी से कहिए कि पीठ पर पेंसिल की दो नोकें एक साथ छुआए — कभी पास, कभी दूर। बिना देखे बताइए: एक नोक थी या दो? फिर यही हथेली पर।

क्या दिखा?

हथेली पर आप बहुत पास की दो नोकें भी अलग-अलग पहचान लेते हैं, पीठ पर नहीं। कारण — हथेली में ग्राही कहीं अधिक सघन हैं। जहाँ सूचना अधिक चाहिए, वहाँ ग्राही अधिक।

📖 समझिए
न्यूरॉन का नामांकित चित्र — द्रुमिका, कोशिकाकाय, तंत्रिकाक्ष, मायलिन आच्छद तथा अंतर्ग्रथन; तंत्रिका आवेग का एक दिशा में जाना, कक्षा 10 विज्ञान नियंत्रण एवं समन्वय
चित्र 1 — न्यूरॉन। लाल बिंदु आवेग है: द्रुमिका से कोशिकाकाय, फिर तंत्रिकाक्ष से अंतर्ग्रथन तक।

सूचना ग्रहण करने वाली कोशिकाएँ ग्राही कहलाती हैं, जो प्रायः ज्ञानेंद्रियों में होती हैं। उनसे मिली सूचना विद्युत आवेग बनकर चलती है।

आवेग द्रुमिका से कोशिकाकाय होकर तंत्रिकाक्ष के सिरे तक जाता है। वहाँ वह अगली कोशिका को छूता नहीं — बीच में महीन रिक्त स्थान होता है, अंतर्ग्रथन। यहाँ आवेग रसायन मुक्त करता है, जो पार जाकर अगली कोशिका में नया विद्युत आवेग बना देते हैं।

यही कारण है कि आवेग एक ही दिशा में चलता है — रसायन केवल तंत्रिकाक्ष के सिरे से निकलते हैं, दूसरी ओर से नहीं। यह बोर्ड का प्रिय प्रश्न है।
🔗 लागू कीजिए

अंत में आवेग पेशी कोशिका तक पहुँचकर उसे सिकुड़ने का आदेश देता है — तब गति होती है।

✅ जाँचिए

स्तर 1 दो तंत्रिका कोशिकाओं के बीच के रिक्त स्थान को क्या कहते हैं?

उत्तर

अंतर्ग्रथन (सिनैप्स)।

स्तर 2 अंतर्ग्रथन पर आवेग कैसे पार होता है?

उत्तर

तंत्रिकाक्ष के सिरे से रसायन मुक्त होते हैं, जो रिक्त स्थान पार करके अगली कोशिका की द्रुमिका में नया विद्युत आवेग उत्पन्न कर देते हैं।

स्तर 3 तंत्रिका आवेग उल्टी दिशा में क्यों नहीं जा सकता?

उत्तर

रसायन केवल तंत्रिकाक्ष के सिरे से निकलते हैं और उन्हें ग्रहण करने वाले स्थान अगली कोशिका की द्रुमिका पर होते हैं। उल्टी ओर न भेजने वाला, न ग्रहण करने वाला — मार्ग एकतरफ़ा है।

3. प्रतिवर्ती क्रिया एवं प्रतिवर्ती चाप

🔍 जिज्ञासा

हुक का प्रश्न — हाथ हटाने का आदेश दिया किसने, जब सोचना बाद में हुआ?

🧪 करके देखिए

कुर्सी पर एक पैर दूसरे पर रखिए और ऊपर वाले घुटने के ठीक नीचे हथेली के किनारे से हल्की थाप दीजिए। अनुमान लगाइए — क्या होगा, और क्या रोक पाएँगे?

क्या हुआ?

पैर अपने आप झटके से उठ जाता है, और चाहकर भी रोका नहीं जा सकता। यही प्रतिवर्ती क्रिया है — इसमें आपकी इच्छा का कोई हाथ नहीं।

📖 समझिए
प्रतिवर्ती चाप का नामांकित चित्र — ग्राही, संवेदी तंत्रिका, मेरुरज्जु, प्रेरक तंत्रिका तथा पेशी; गरम वस्तु से हाथ हटाने की प्रतिवर्ती क्रिया, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 2 — प्रतिवर्ती चाप। संकेत ग्राही से मेरुरज्जु तक जाता है और वहीं से आदेश पेशी को लौट आता है।

उद्दीपन के प्रति तुरंत होने वाली अनैच्छिक अनुक्रिया प्रतिवर्ती क्रिया कहलाती है। इसमें संकेत जिस मार्ग से जाता है, वह प्रतिवर्ती चाप है:

ग्राही → संवेदी तंत्रिका → मेरुरज्जु → प्रेरक तंत्रिका → पेशी
मस्तिष्क को क्यों छोड़ा गया? वहाँ तक जाकर निर्णय होने और आदेश लौटने में जितना समय लगता, उतने में हाथ जल चुका होता। इसलिए निर्णय बीच रास्ते — मेरुरज्जु में — हो जाता है। मस्तिष्क को सूचना बाद में मिलती है, तभी दर्द का अहसास होता है।
🔗 लागू कीजिए

पलक झपकना, छींक, तेज़ प्रकाश में पुतली का सिकुड़ना — सब प्रतिवर्ती क्रियाएँ; सब तेज़ और अनैच्छिक।

✅ जाँचिए

स्तर 1 प्रतिवर्ती चाप किस अंग में पूरा होता है?

उत्तर

मेरुरज्जु में।

स्तर 2 प्रतिवर्ती क्रिया में मस्तिष्क की क्या भूमिका है?

उत्तर

निर्णय में कोई नहीं — वह मेरुरज्जु लेता है। मस्तिष्क को सूचना बाद में पहुँचती है, जिससे हमें घटना और दर्द का अनुभव होता है।

स्तर 3 प्रतिवर्ती क्रिया और ऐच्छिक क्रिया में अंतर उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर

प्रतिवर्ती — तुरंत, अनैच्छिक, निर्णय मेरुरज्जु में; जैसे गरम वस्तु से हाथ खींचना। ऐच्छिक — सोच-समझकर, निर्णय अग्रमस्तिष्क में; जैसे गिलास उठाकर पानी पीना। पहली में समय बचाना उद्देश्य है, दूसरी में सही चुनाव करना।

4. मानव मस्तिष्क एवं ऊतक रक्षा

🔍 जिज्ञासा

आप सो रहे हैं, पर साँस चलती रहती है और हृदय धड़कता रहता है। यह काम कौन देख रहा है?

🧪 करके देखिए

एक पैर पर खड़े होकर 20 तक गिनिए। अब यही आँखें बंद करके कीजिए। अंतर क्यों आया?

उत्तर

आँखें बंद होते ही संतुलन कठिन हो गया। संतुलन अनुमस्तिष्क सँभालता है, और उसे आँखों से मिलने वाली सूचना की भी आवश्यकता होती है।

📖 समझिए
मानव मस्तिष्क का नामांकित चित्र — अग्रमस्तिष्क, मध्यमस्तिष्क, अनुमस्तिष्क, पोंस तथा मेडुला और उनके कार्य, कक्षा 10 विज्ञान नियंत्रण एवं समन्वय
चित्र 3 — मस्तिष्क के तीन भाग। सोचना अग्रमस्तिष्क में, संतुलन अनुमस्तिष्क में, और साँस-धड़कन मेडुला में।
भागकार्य
अग्रमस्तिष्कसोचना, स्मृति, निर्णय; देखने, सुनने, सूँघने, स्वाद के केंद्र; भूख का अनुभव
मध्यमस्तिष्कअनैच्छिक क्रियाएँ — जैसे पुतली का सिकुड़ना
अनुमस्तिष्कशरीर की मुद्रा एवं संतुलन; सटीक ऐच्छिक गति — जैसे सीधी रेखा खींचना
पोंस एवं मेडुलारुधिर दाब, हृदय-स्पंदन, श्वास, वमन — जो सोते समय भी चलते रहते हैं
ऊतक रक्षा — तंत्रिका ऊतक बहुत कोमल है, इसलिए मस्तिष्क कपाल (खोपड़ी) में और मेरुरज्जु कशेरुक दंड में बंद रहता है। भीतर ये तरल से भरी झिल्लियों में तैरते हैं, जो आघात सोख लेता है।
🔗 लागू कीजिए

जिज्ञासा का उत्तर: मेडुला। वह सोते-जागते, बिना आदेश के, साँस और धड़कन चलाता रहता है — यही अनैच्छिक क्रियाओं का केंद्र है।

✅ जाँचिए

स्तर 1 संतुलन बनाए रखने वाला भाग कौन-सा है?

उत्तर

अनुमस्तिष्क।

स्तर 2 मस्तिष्क एवं मेरुरज्जु की सुरक्षा कैसे होती है?

उत्तर

मस्तिष्क कपाल में और मेरुरज्जु कशेरुक दंड में सुरक्षित रहता है। दोनों झिल्लियों से ढके रहते हैं और उनमें भरा तरल आघात सोखकर उन्हें बचाता है।

स्तर 3 किसी दुर्घटना में अनुमस्तिष्क को चोट लगे तो व्यक्ति में क्या परिवर्तन दिखेंगे, और क्या उसकी साँस भी रुक जाएगी?

उत्तर

लड़खड़ाहट, संतुलन बिगड़ना और सटीक गतियों (लिखना, सीधी रेखा) में कठिनाई। साँस नहीं रुकेगी — श्वास का नियंत्रण मेडुला करता है।

5. पादपों में तत्काल अनुक्रिया

🔍 जिज्ञासा

छुईमुई की पत्तियाँ छूते ही मुड़ जाती हैं — पर उसमें न तंत्रिका है, न पेशी। फिर गति हुई कैसे?

🧪 करके देखिए

छुईमुई का पौधा मिले तो एक पत्ती को हल्के से छुइए। फिर दूसरी पत्ती को देखिए — क्या वह भी मुड़ी? और मुड़ी पत्ती कितनी देर में वापस खुलती है?

क्या दिखा?

छुई गई पत्ती तुरंत मुड़ती है, पास वाली भी कुछ देर में। कुछ मिनट बाद सब वापस खुल जाती हैं। यानी गति उत्क्रमणीय है — कुछ टूटा नहीं, केवल बदला।

📖 समझिए

पादप दो तरह की गति दिखाते हैं — एक वृद्धि के कारण (अगला खंड), दूसरी वृद्धि से स्वतंत्र, यानी तत्काल अनुक्रिया।

छूने पर पत्ती के आधार की कोशिकाओं से जल बाहर निकल जाता है, वे सिकुड़ती हैं और पत्ती मुड़ जाती है। जल लौटते ही पत्ती फिर खुल जाती है।

दो बातें अलग समझिए: स्पर्श वहीं हुआ जहाँ छुआ, पर गति दूसरी जगह हुई — इसका अर्थ है कि सूचना एक कोशिका से दूसरी तक गई। पादप यह काम विद्युत-रासायनिक संकेतों से करते हैं, तंत्रिका से नहीं।
🔗 लागू कीजिए

इसीलिए यह गति दिशा पर निर्भर नहीं — आप किसी भी ओर से छुएँ, पत्ती मुड़ेगी उसी तरह। अगले खंड की गतियाँ इसके ठीक विपरीत, दिशा-निर्भर होंगी।

✅ जाँचिए

स्तर 1 छुईमुई की पत्ती मुड़ने का तात्कालिक कारण क्या है?

उत्तर

पत्ती के आधार की कोशिकाओं से जल का बाहर निकल जाना।

स्तर 2 यह गति वृद्धि वाली गति से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर

यह तुरंत होती है, उत्क्रमणीय है और वृद्धि पर निर्भर नहीं। वृद्धि वाली गति धीमी और स्थायी होती है।

स्तर 3 छुईमुई में तंत्रिका नहीं, फिर भी छुई गई पत्ती के पास वाली पत्ती भी मुड़ जाती है। यह कैसे संभव है?

उत्तर

पादप विद्युत-रासायनिक संकेत एक कोशिका से दूसरी तक भेजते हैं। यह संकेत तंत्रिका आवेग जितना तेज़ नहीं, इसलिए पास वाली पत्ती कुछ देर बाद मुड़ती है — पर सूचना पहुँचती अवश्य है।

6. पादपों में वृद्धि के कारण गति

🔍 जिज्ञासा

खिड़की के पास रखा गमला कुछ दिनों में खिड़की की ओर झुक जाता है। और बीज चाहे किसी भी करवट बोएँ, जड़ हमेशा नीचे ही जाती है। क्यों?

🧪 करके देखिए — एक सप्ताह का प्रयोग

जार में गीली रुई पर दो-तीन चने रखिए और जार को ऐसे डिब्बे में बंद कीजिए जिसमें एक ओर छोटा छेद हो। एक सप्ताह बाद खोलिए। अनुमान लगाइए — अंकुर किस ओर, जड़ किस ओर?

क्या दिखा?

अंकुर छेद की ओर मुड़ा — जहाँ से प्रकाश आ रहा था। जड़ नीचे गई, चाहे प्रकाश कहीं से भी आए। दोनों गतियाँ दिशा-निर्भर हैं।

📖 समझिए
अनुवर्तन का चित्र — प्रकाशानुवर्तन में प्ररोह का प्रकाश की ओर मुड़ना और गुरुत्वानुवर्तन में जड़ का नीचे बढ़ना, ऑक्सिन द्वारा वृद्धि, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 4 — बाएँ: प्ररोह प्रकाश की ओर मुड़ता है (यहाँ मुड़ते देख सकते हैं)। दाएँ: जड़ गुरुत्व की दिशा में, प्ररोह विपरीत।

उद्दीपन की दिशा के अनुसार होने वाली वृद्धि-गति अनुवर्तन कहलाती है।

अनुवर्तनउद्दीपनउदाहरण
प्रकाशानुवर्तनप्रकाशप्ररोह प्रकाश की ओर, जड़ विपरीत
गुरुत्वानुवर्तनगुरुत्वजड़ नीचे, प्ररोह ऊपर
जलानुवर्तनजलजड़ जल की ओर
रसायनानुवर्तनरसायनपरागनलिका का बीजांड की ओर बढ़ना
प्ररोह प्रकाश की ओर मुड़ता कैसे है? ऑक्सिन प्ररोह के अग्रभाग में बनता है और प्रकाश आने पर छाया वाली ओर अधिक जमा हो जाता है। जिस ओर ऑक्सिन अधिक, उस ओर कोशिकाएँ अधिक लंबी होती हैं — वह ओर तेज़ बढ़ती है और तना प्रकाश की ओर झुक जाता है।
पादप हॉर्मोनकार्य
ऑक्सिनकोशिकाओं की लंबाई में वृद्धि; अनुवर्तन
जिबरेलिनतने की वृद्धि
साइटोकाइनिनकोशिका विभाजन; फलों और बीजों जैसे तेज़ वृद्धि वाले भागों में अधिक
ऐब्सिसिक अम्लवृद्धि का संदमन; पत्तियों का मुरझाना
🔗 लागू कीजिए

गमले को हर दो-तीन दिन में घुमा देने पर पौधा सीधा रहता है — क्योंकि ऑक्सिन को किसी एक ओर जमने का अवसर ही नहीं मिलता।

✅ जाँचिए

स्तर 1 वृद्धि का संदमन करने वाला पादप हॉर्मोन कौन-सा है?

उत्तर

ऐब्सिसिक अम्ल।

स्तर 2 प्रकाशानुवर्तन में ऑक्सिन की भूमिका समझाइए।

उत्तर

ऑक्सिन प्ररोह के अग्रभाग में बनकर प्रकाश से दूर वाली (छाया की) ओर अधिक जमा हो जाता है। वहाँ कोशिकाएँ अधिक लंबी होती हैं, अतः वह ओर तेज़ बढ़ती है और प्ररोह प्रकाश की ओर मुड़ जाता है।

स्तर 3 एक अंकुरित बीज को क्षैतिज रखकर धीरे-धीरे घूमने वाली तश्तरी पर रख दिया जाए, तो जड़ किस दिशा में बढ़ेगी?

उत्तर

लगातार घूमने से गुरुत्व किसी एक ओर स्थिर नहीं रह पाता, इसलिए जड़ नीचे नहीं मुड़ेगी, लगभग सीधी बढ़ेगी। सिद्ध हुआ कि अनुवर्तन के लिए उद्दीपन का एक दिशा में स्थिर रहना आवश्यक है।

7. जंतुओं में हॉर्मोन

🔍 जिज्ञासा

अचानक साँप दिख जाए तो हृदय तेज़ धड़कने लगता है, साँस तेज़ हो जाती है, हाथ-पैर काँपने लगते हैं — और यह सब एक साथ। इतने अंगों तक आदेश इतनी जल्दी कैसे?

🧪 करके देखिए

कभी अचानक डर लगा हो — जैसे परीक्षा का परिणाम आने से ठीक पहले — तो उस समय शरीर में क्या-क्या बदला था, याद करके लिखिए।

मिलाइए

धड़कन तेज़, साँस तेज़, हथेलियाँ पसीजना, मुँह सूखना। ये सब एड्रीनलीन के काम हैं — एक ही हॉर्मोन, अनेक अंगों पर असर।

📖 समझिए
मानव की प्रमुख अंतःस्रावी ग्रंथियों का नामांकित चित्र — पीयूष, थायरॉइड, अधिवृक्क, अग्न्याशय तथा जनन ग्रंथि और उनके हॉर्मोन, कक्षा 10 विज्ञान
चित्र 5 — ग्रंथियाँ और उनके हॉर्मोन। ये नलिका नहीं, सीधे रुधिर में स्रावित होते हैं।

अंतःस्रावी ग्रंथियाँ नलिकाविहीन हैं — वे स्राव सीधे रुधिर में डालती हैं। रुधिर उसे पूरे शरीर में ले जाता है, पर असर केवल लक्ष्य अंग पर होता है। ये स्राव हॉर्मोन हैं।

हॉर्मोन (ग्रंथि)कार्य
एड्रीनलीन (अधिवृक्क)आपात स्थिति में हृदय-स्पंदन एवं श्वास तेज़ करना, शरीर को तैयार करना
थायरॉक्सिन (थायरॉइड)कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा के उपापचय का नियंत्रण; इसके बनने के लिए आयोडीन आवश्यक
इंसुलिन (अग्न्याशय)रुधिर में शर्करा का स्तर नियंत्रित करना
वृद्धि हॉर्मोन (पीयूष)शरीर की वृद्धि एवं विकास
टेस्टोस्टेरोन / एस्ट्रोजन (जनन ग्रंथि)किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तन
मात्रा ठीक होना ज़रूरी है — हॉर्मोन न बहुत कम, न बहुत अधिक। शरीर में पुनर्भरण (फीडबैक) की व्यवस्था होती है जो स्राव को नियंत्रित रखती है। भोजन में आयोडीन की कमी से थायरॉक्सिन कम बन पाता है, इसलिए आयोडीनयुक्त नमक का उपयोग बताया जाता है।
🔗 लागू कीजिए

अब दोनों तंत्रों का अंतर साफ़ है — तंत्रिका तंत्र तेज़ है पर संदेश केवल वहीं पहुँचाता है जहाँ तंत्रिका जुड़ी हो। हॉर्मोन धीमे हैं पर रुधिर के साथ हर जगह पहुँचते हैं और उनका असर देर तक रहता है।

स्वास्थ्य संबंधी सूचना: यह पाठ केवल शैक्षिक है। हॉर्मोन, थायरॉइड, शर्करा या किसी भी लक्षण से जुड़ी बात के लिए योग्य चिकित्सक से ही परामर्श लें।
✅ जाँचिए

स्तर 1 थायरॉक्सिन बनने के लिए कौन-सा तत्व आवश्यक है?

उत्तर

आयोडीन।

स्तर 2 अंतःस्रावी ग्रंथियों को नलिकाविहीन क्यों कहते हैं?

उत्तर

क्योंकि इनके पास स्राव भेजने के लिए अलग नलिका नहीं होती — ये हॉर्मोन सीधे रुधिर में डालती हैं, और रुधिर उन्हें लक्ष्य अंग तक पहुँचाता है।

स्तर 3 तंत्रिका तंत्र बहुत तेज़ है, फिर भी शरीर को हॉर्मोन की आवश्यकता क्यों पड़ी?

उत्तर

तंत्रिका आवेग केवल वहीं पहुँचता है जहाँ तंत्रिका जुड़ी हो, और उसका असर क्षणिक है। वृद्धि, उपापचय और किशोरावस्था के परिवर्तन जैसे काम पूरे शरीर में और देर तक चलने चाहिए — यही हॉर्मोन करते हैं। तेज़ी के लिए तंत्रिका, टिकाऊपन के लिए हॉर्मोन।

आपकी सीढ़ी

स्तरकुलयदि इतने सहीतो आप
स्तर 176+परिचित
स्तर 275+दक्ष — बोर्ड के लिए तैयार
स्तर 374+निपुण

चित्र — ऐसे बनाइए

1. न्यूरॉन (चित्र 1) — बाईं ओर पेड़ की शाखाओं जैसी द्रुमिकाएँ, बीच में गोल कोशिकाकाय (भीतर केंद्रक का बिंदु), दाईं ओर लंबा तंत्रिकाक्ष जिस पर कुछ अंडाकार मायलिन आच्छद, और सिरे पर फिर छोटी शाखाएँ।
नामांकन: द्रुमिका, कोशिकाकाय, तंत्रिकाक्ष, मायलिन आच्छद, अंतर्ग्रथन। दिशा का तीर भी बनाइए।
आम ग़लती: द्रुमिका और तंत्रिकाक्ष के सिरे को एक जैसा बना देना — द्रुमिका छोटी व अनेक, तंत्रिकाक्ष एक व लंबा।
2. प्रतिवर्ती चाप (चित्र 2) — बाईं ओर हाथ और उसके पास गरम वस्तु; दाईं ओर लंबी पट्टी जैसी मेरुरज्जु। दो वक्र रेखाएँ जोड़िए — ऊपर वाली हाथ से मेरुरज्जु की ओर, नीचे वाली मेरुरज्जु से पेशी की ओर। तीर अवश्य लगाइए।
नामांकन: ग्राही, संवेदी तंत्रिका, मेरुरज्जु, प्रेरक तंत्रिका, पेशी।
आम ग़लती: तीर न लगाना, या दोनों तंत्रिकाओं के तीर एक ही दिशा में बना देना।
3. मानव मस्तिष्क (चित्र 3) — ऊपर बड़ा सिलवटदार अग्रमस्तिष्क, पीछे-नीचे छोटा सिलवटदार अनुमस्तिष्क, और उसके सामने ऊपर से नीचे आती पट्टी — पोंस व मेडुला, जो नीचे मेरुरज्जु में मिल जाए।
नामांकन: अग्रमस्तिष्क, मध्यमस्तिष्क, अनुमस्तिष्क, पोंस, मेडुला।
आम ग़लती: अनुमस्तिष्क को अग्रमस्तिष्क के ऊपर बना देना — वह पीछे और नीचे होता है।
4. अनुवर्तन (चित्र 4) — गमले में पौधा, एक ओर से प्रकाश की किरणें, और तना उसी ओर झुका हुआ। दूसरे चित्र में मिट्टी के नीचे जड़ और ऊपर प्ररोह, गुरुत्व का तीर नीचे की ओर।
नामांकन: प्रकाश की दिशा, प्ररोह, जड़, गुरुत्व की दिशा।

अंक योजना

(परीक्षकों की सामान्य पद्धति का उदाहरण — आधिकारिक योजना नहीं।)

प्रश्न (5 अंक): प्रतिवर्ती क्रिया क्या है? नामांकित चित्र द्वारा प्रतिवर्ती चाप समझाइए।

परिभाषा — उद्दीपन के प्रति तुरंत होने वाली अनैच्छिक अनुक्रिया। 1 अंक

नामांकित चित्र — ग्राही, संवेदी तंत्रिका, मेरुरज्जु, प्रेरक तंत्रिका, पेशी। 2 अंक

मार्ग का क्रम शब्दों में। 1 अंक

मस्तिष्क को क्यों छोड़ा गया — समय की बचत। 1 अंक

भूल-सुधार तालिका

आम भूलसही बात
"प्रतिवर्ती क्रिया का निर्णय मस्तिष्क करता है"मेरुरज्जु करती है; मस्तिष्क को सूचना बाद में मिलती है।
"आवेग दोनों दिशाओं में जा सकता है"नहीं — रसायन केवल तंत्रिकाक्ष के सिरे से निकलते हैं।
"अनुमस्तिष्क सोचने का काम करता है"सोचना अग्रमस्तिष्क; अनुमस्तिष्क संतुलन देखता है।
"छुईमुई की गति वृद्धि से होती है"नहीं — जल की मात्रा बदलने से; यह उत्क्रमणीय है।
"ऑक्सिन प्रकाश वाली ओर जमा होता है"उल्टा — छाया वाली ओर, इसीलिए तना प्रकाश की ओर झुकता है।
"हॉर्मोन तंत्रिका से तेज़ होते हैं"हॉर्मोन धीमे पर दूरगामी और देर तक असर रखने वाले।
एंज़ाइम और हॉर्मोन को एक समझनाएंज़ाइम दर बढ़ाते हैं; हॉर्मोन संदेशवाहक हैं।

अंतिम परीक्षण — मिश्रित

8+ सही = अध्याय पक्का।

  1. न्यूरॉन के तीन मुख्य भाग?
  2. अंतर्ग्रथन पर आवेग किस रूप में पार होता है?
  3. प्रतिवर्ती चाप का क्रम लिखिए।
  4. श्वास और हृदय-स्पंदन कौन नियंत्रित करता है?
  5. मेरुरज्जु की सुरक्षा कौन करता है?
  6. छुईमुई की गति का कारण?
  7. कोशिका विभाजन बढ़ाने वाला पादप हॉर्मोन?
  8. आपात स्थिति का हॉर्मोन कौन-सा है?
  9. (अध्याय 5) दौड़ने पर नाड़ी तेज़ क्यों होती है?
  10. (अध्याय 5) इंसुलिन बनाने वाली ग्रंथि पाचन में भी काम करती है — कौन-सी है और वहाँ क्या करती है?
उत्तर देखें

1. द्रुमिका, कोशिकाकाय, तंत्रिकाक्ष  |  2. रासायनिक रूप में  |  3. ग्राही → संवेदी तंत्रिका → मेरुरज्जु → प्रेरक तंत्रिका → पेशी  |  4. मेडुला  |  5. कशेरुक दंड  |  6. कोशिकाओं से जल बाहर निकलना  |  7. साइटोकाइनिन  |  8. एड्रीनलीन  |  9. पेशियों को अधिक ऑक्सीजन चाहिए, इसलिए हृदय तेज़ पंप करता है  |  10. अग्न्याशय — वहाँ ट्रिप्सिन और लाइपेज स्रावित करती है

शब्दावली

हिंदीEnglishहिंदीEnglish
उद्दीपनStimulusअनुवर्तनTropism
ग्राहीReceptorप्रकाशानुवर्तनPhototropism
द्रुमिका / तंत्रिकाक्षDendrite / Axonगुरुत्वानुवर्तनGeotropism
अंतर्ग्रथनSynapseअंतःस्रावी ग्रंथिEndocrine gland
प्रतिवर्ती चापReflex arcअनुमस्तिष्कCerebellum
मेरुरज्जुSpinal cordमेडुलाMedulla

अभिभावक एवं शिक्षक के लिए

पाँच मिनट की जाँच: प्रतिवर्ती चाप का क्रम सुनाइए। आवेग एक ही दिशा में क्यों? संतुलन कौन देखता है? ऑक्सिन किस ओर जमा होता है? एड्रीनलीन क्या करता है?

घर पर करवाइए: घुटने वाली थाप, और चने का एक-छेद वाला प्रयोग (एक सप्ताह) — दोनों सुरक्षित और आँखों से दिखने वाले।

आगे की जिज्ञासा

पाठ NCERT कक्षा 10 की सीमा में है। आगे जानने को केवल विश्वसनीय स्रोत:

  • ncert.nic.in — NCERT, भारत सरकार
  • ePathshala — शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
  • PhET — University of Colorado Boulder

वचन: पाठ में इन स्रोतों से कुछ नहीं मिलाया गया।

आगे पढ़ें
← पिछला: अध्याय 5 — जैव प्रक्रम (8 अंक)
→ अगला: अध्याय 7 — जीवों में जनन (7 अंक)
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यह पाठ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर के कक्षा 10 विज्ञान (कोड 07) पाठ्यक्रम 2026–2027 के अनुसार — अध्याय 6 का अंक भार 6। पुस्तक — विज्ञान, एन.सी.ई.आर.टी.। सभी आरेख मौलिक। संरचना 5E शिक्षण मॉडल पर।
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