कक्षा 10 विज्ञान शब्दकोश भाग 2 (प्रकाश और नेत्र): चित्र, हिन्दी-English शब्द और परीक्षा संकेत

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कक्षा 10 विज्ञान शब्दकोश भाग 2 (प्रकाश और नेत्र): चित्र, हिन्दी-English शब्द और परीक्षा संकेत

NCERTClasses टीम

चित्र, शब्द और अर्थ, एक ही पन्ने पर

अध्याय 9-10 · 29 शब्द · 4 चित्र

किरण-आरेखआँख के दोषप्रिज़्म

यह कक्षा 10 विज्ञान शब्दकोश का भाग 2 है। इसमें अध्याय 9 (प्रकाश) और अध्याय 10 (मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार) के शब्द हिन्दी और English में एक ही पंक्ति में हैं। हर अध्याय की शुरुआत चित्र से होती है, फिर शब्द-कार्ड आते हैं। रसायन के अध्याय भाग 1 में हैं।

इसे ऐसे इस्तेमाल करें:
  • पहले चित्र देखें: हर अध्याय की शुरुआत में चित्र और "एक मिनट में समझें" है।
  • फिर शब्द-कार्ड: खोज बॉक्स में हिन्दी या English में शब्द लिखें।
  • याद-मोड: अर्थ धुंधला हो जाता है। पहले खुद बोलें, फिर कार्ड छूकर जाँचें।
शब्दों के बारे में: मुख्य शब्द NCERT की हिन्दी पाठ्यपुस्तक (2026-27) का है, दूसरा प्रचलित नाम कोष्ठक में। अर्थ और चित्र हमारे अपने बनाए हैं। आपकी पुस्तक में शब्द अलग हो तो परीक्षा में पुस्तक वाला लिखें।
अध्याय 9: प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तनबोर्ड में 8 अंक
एक मिनट में समझें: प्रकाश किसी चमकीली सतह से टकराकर लौटे तो परावर्तन होता है, और एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में जाते हुए मुड़े तो अपवर्तन। दर्पण परावर्तन से और लेंस अपवर्तन से काम करते हैं। इस अध्याय के लगभग सभी प्रश्न तीन औज़ारों से हल होते हैं: किरण-आरेख, चिह्न-परिपाटी और दो सूत्र (दर्पण सूत्र व लेंस सूत्र)।
PFCवस्तुप्रतिबिंब (वास्तविक, उलटा, छोटा)मुख्य अक्ष
चित्र 1: अवतल दर्पण। वस्तु C से परे है। नीली किरण आती है और लाल किरण परावर्तित होती है। (1) अक्ष के समानांतर चली किरण परावर्तन के बाद फोकस F से गुज़रती है। (2) वक्रता केंद्र C से गुज़री किरण उसी रास्ते लौट आती है। दोनों लाल किरणें जहाँ मिलें, वहीं प्रतिबिंब बनता है: F और C के बीच, वास्तविक, उलटा और छोटा।
2F1F1OF22F2वस्तुप्रतिबिंब (वास्तविक, उलटा, छोटा)उत्तल लेंस
चित्र 2: उत्तल लेंस। वस्तु 2F₁ से परे है। (1) अक्ष के समानांतर किरण अपवर्तन के बाद फोकस F₂ से गुज़रती है। (2) प्रकाशिक केंद्र O से गुज़री किरण बिना मुड़े सीधी निकल जाती है। दोनों किरणें F₂ और 2F₂ के बीच मिलती हैं: वास्तविक, उलटा और छोटा प्रतिबिंब।
प्रकाश का परावर्तनReflection of light

चमकीली सतह से टकराकर प्रकाश का उसी माध्यम में वापस लौटना।

💡 नियम: आपतन कोण = परावर्तन कोण। आपतित किरण, अभिलंब और परावर्तित किरण एक ही तल में होती हैं।

गोलीय दर्पणSpherical mirror

ऐसा दर्पण जिसकी परावर्तक सतह किसी खोखले गोले का भाग हो। यह अवतल या उत्तल होता है।

💡 अवतल दर्पण अभिसारी और उत्तल दर्पण अपसारी कहलाता है।

ध्रुव, वक्रता केंद्र और वक्रता त्रिज्याPole, centre and radius of curvature

ध्रुव दर्पण का मध्य बिंदु है। वक्रता केंद्र उस गोले का केंद्र है जिसका दर्पण भाग है, और वक्रता त्रिज्या उस गोले की त्रिज्या।

💡 मुख्य अक्ष ध्रुव और वक्रता केंद्र से गुज़रने वाली सीधी रेखा है।

मुख्य फोकस और फोकस दूरीPrincipal focus and focal length

मुख्य अक्ष के समानांतर किरणें परावर्तन के बाद जिस बिंदु पर मिलती (या मिलती प्रतीत होती) हैं, वह मुख्य फोकस है। ध्रुव से उसकी दूरी फोकस दूरी है।

💡 गोलीय दर्पण में R = 2f, यानी f = R/2।

चिह्न-परिपाटीSign convention

दूरियों और ऊँचाइयों पर धन-ऋण चिह्न लगाने का नियम। सारी दूरियाँ ध्रुव से मापते हैं।

💡 अवतल दर्पण की f ऋणात्मक और उत्तल की धनात्मक होती है। मुख्य अक्ष के ऊपर की ऊँचाई धनात्मक, नीचे की ऋणात्मक।

दर्पण सूत्र और आवर्धनMirror formula and magnification

1/v + 1/u = 1/f, जहाँ u वस्तु-दूरी, v प्रतिबिंब-दूरी। आवर्धन m = h′/h = −v/u।

💡 m ऋणात्मक हो तो प्रतिबिंब वास्तविक है, धनात्मक हो तो आभासी।

वास्तविक और आभासी प्रतिबिंबReal and virtual image

वास्तविक प्रतिबिंब पर्दे पर प्राप्त होता है। आभासी प्रतिबिंब पर्दे पर नहीं आता, किरणें केवल मिलती प्रतीत होती हैं।

💡 वास्तविक प्रतिबिंब प्रायः उलटा और आभासी सीधा होता है।

गोलीय दर्पणों के उपयोगUses of spherical mirrors

अवतल दर्पण: टॉर्च, सर्चलाइट, वाहन के अग्रदीप, शेविंग दर्पण और दंत विशेषज्ञ। उत्तल दर्पण: वाहन के पश्च-दर्शी दर्पण।

💡 उत्तल दर्पण सदैव सीधा, छोटा प्रतिबिंब देता है और उसका दृष्टि-क्षेत्र बड़ा होता है।

प्रकाश का अपवर्तनRefraction of light

प्रकाश का एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे में जाते समय अपनी दिशा बदलना।

💡 विरल से सघन माध्यम में जाने पर किरण अभिलंब की ओर मुड़ती है, सघन से विरल में अभिलंब से दूर।

स्नेल का नियमSnell's law

(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण और अभिलंब एक ही तल में होते हैं। (ii) sin i / sin r एक नियतांक है।

💡 यह नियतांक दिए गए माध्यम-युग्म का अपवर्तनांक है।

अपवर्तनांकRefractive index

माध्यम में प्रकाश की चाल कितनी घटती है, इसकी माप: n = c/v।

💡 निर्वात में प्रकाश की चाल लगभग 3 × 108 m/s है।

गोलीय लेंस और प्रकाशिक केंद्रSpherical lens and optical centre

दो गोलीय सतहों से घिरा पारदर्शी पदार्थ लेंस है: उत्तल (अभिसारी) या अवतल (अपसारी)। मध्य बिंदु प्रकाशिक केंद्र है।

💡 प्रकाशिक केंद्र से गुज़रने वाली किरण बिना विचलित हुए निकल जाती है।

लेंस सूत्र और आवर्धनLens formula and magnification

1/v − 1/u = 1/f, और आवर्धन m = h′/h = v/u।

💡 दर्पण सूत्र में दोनों पद जुड़ते हैं (+), लेंस सूत्र में घटते हैं (−)।

लेंस की क्षमताPower of a lens

फोकस दूरी की व्युत्क्रम: P = 1/f (f मीटर में)। SI मात्रक डाइऑप्टर (D)।

💡 उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक और अवतल की ऋणात्मक होती है।

समतल दर्पणPlane mirror

समतल दर्पण में प्रतिबिंब सदैव आभासी और सीधा बनता है। उसका आकार वस्तु के बराबर होता है और वह दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है, जितनी दूरी पर वस्तु सामने रखी है।

💡 प्रतिबिंब पार्श्व-परिवर्तित होता है: आपका दायाँ हाथ प्रतिबिंब में बाएँ हाथ जैसा दिखता है।

प्रकाशिक सघन माध्यमOptically denser medium

वह माध्यम जिसका अपवर्तनांक अधिक हो और जो प्रकाश को अधिक मोड़े।

💡 प्रकाशिक घनत्व और द्रव्यमान-घनत्व एक नहीं हैं: किरोसिन जल से प्रकाशिक सघन है, पर द्रव्यमान-घनत्व में जल से हल्का है।

काँच के आयताकार स्लैब से अपवर्तनRefraction through a rectangular glass slab

स्लैब में प्रकाश दो बार मुड़ता है: हवा से काँच में अभिलंब की ओर, काँच से हवा में अभिलंब से दूर। दोनों बार मुड़ने का परिमाण समान और विपरीत होता है।

💡 इसलिए निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर निकलती है, पर थोड़ा पार्श्विक विस्थापन हो जाता है।

सारणी: अवतल दर्पण से प्रतिबिंब (पाठ्यपुस्तक सारणी 9.1)
वस्तु की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिआकारप्रकृति
अनंत परफोकस F परअत्यधिक छोटा, बिंदु-आकारवास्तविक, उलटा
C से परेF और C के बीचछोटावास्तविक, उलटा
C परC परसमान आकारवास्तविक, उलटा
C और F के बीचC से परेबड़ा (विवर्धित)वास्तविक, उलटा
F परअनंत परप्रतिबिंब प्राप्त नहीं होता—
P और F के बीचदर्पण के पीछेबड़ा (विवर्धित)आभासी, सीधा
सारणी: उत्तल लेंस से प्रतिबिंब (पाठ्यपुस्तक सारणी 9.4)
वस्तु की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिआकारप्रकृति
अनंत परफोकस F₂ परअत्यधिक छोटा, बिंदु-आकारवास्तविक, उलटा
2F₁ से परेF₂ और 2F₂ के बीचछोटावास्तविक, उलटा
2F₁ पर2F₂ परसमान आकारवास्तविक, उलटा
F₁ और 2F₁ के बीच2F₂ से परेबड़ा (विवर्धित)वास्तविक, उलटा
F₁ परअनंत परप्रतिबिंब प्राप्त नहीं होता—
F₁ और O के बीचवस्तु की ही ओरबड़ा (विवर्धित)आभासी, सीधा
उत्तल दर्पण और अवतल लेंस: प्रतिबिंब सदा आभासी, सीधा, छोटा।
अध्याय 10: मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसारबोर्ड में 4 अंक
एक मिनट में समझें: आँख कैमरे जैसी है: कॉर्निया और अभिनेत्र लेंस मिलकर रेटिना पर उलटा, वास्तविक प्रतिबिंब बनाते हैं। दृष्टि दोष तब होते हैं जब प्रतिबिंब रेटिना पर नहीं बनता। प्रिज़्म और आसमान का रंग, दोनों इस बात से समझ आते हैं कि अलग-अलग रंग अलग-अलग मात्रा में मुड़ते या बिखरते हैं।
सामान्य नेत्रप्रतिबिंब रेटिना परनिकट-दृष्टि दोषरेटिना के सामने: अवतल लेंसदीर्घ-दृष्टि दोषरेटिना के पीछे: उत्तल लेंस● = वह बिंदु जहाँ किरणें मिलती हैं · लाल चाप = रेटिना
चित्र 3: तीन आँखें। सामान्य आँख में किरणें रेटिना पर मिलती हैं। निकट-दृष्टि में वे रेटिना से पहले मिल जाती हैं, इसलिए अवतल लेंस उन्हें थोड़ा फैलाकर पीछे ले जाता है। दीर्घ-दृष्टि में वे रेटिना के पीछे मिलना चाहती हैं, इसलिए उत्तल लेंस उन्हें पहले जोड़ देता है।
श्वेत प्रकाशप्रिज़्मलाल: सबसे कम झुकताबैंगनी: सबसे अधिक झुकता
चित्र 4: प्रिज़्म से विक्षेपण। श्वेत प्रकाश अलग-अलग कोणों पर मुड़कर सात वर्णों में बँटता है। लाल सबसे कम मुड़ता है और बैंगनी सबसे अधिक।
मानव नेत्रHuman eye

कॉर्निया से प्रकाश भीतर आता है, अभिनेत्र लेंस रेटिना पर वास्तविक, उलटा प्रतिबिंब बनाता है और दृक् तंत्रिका संकेत मस्तिष्क को भेजती है।

💡 आँख में अधिकांश अपवर्तन कॉर्निया की बाहरी सतह पर होता है।

परितारिका और पुतलीIris and pupil

पुतली आँख में जाने वाले प्रकाश की मात्रा तय करती है और परितारिका उसका आकार नियंत्रित करती है।

💡 तेज़ प्रकाश में पुतली सिकुड़ती है, मंद प्रकाश में फैलती है।

समंजनAccommodation

पक्ष्माभी पेशियों से अभिनेत्र लेंस (आँख के लेंस) की फोकस दूरी बदलकर निकट और दूर की वस्तुएँ देखने की क्षमता।

💡 निकट की वस्तु देखते समय लेंस मोटा होता है।

निकट बिंदु और दूर बिंदुNear point and far point

निकट बिंदु: स्पष्ट देखने की न्यूनतम दूरी। दूर बिंदु: वह दूरतम बिंदु जहाँ तक आँख स्पष्ट देख सके।

💡 सामान्य आँख का निकट बिंदु लगभग 25 cm और दूर बिंदु अनंत होता है।

निकट-दृष्टि दोषMyopia

निकट की वस्तु स्पष्ट, दूर की धुँधली दिखना। प्रतिबिंब रेटिना के सामने बनता है।

💡 सुधार: उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस।

दीर्घ-दृष्टि दोषHypermetropia

दूर की वस्तु स्पष्ट, निकट की धुँधली दिखना। प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है।

💡 सुधार: उपयुक्त क्षमता का उत्तल लेंस।

जरा-दूरदृष्टिताPresbyopia

आयु बढ़ने के साथ समंजन क्षमता घट जाने का दोष।

💡 सुधार प्रायः द्विफोकसी लेंस (Bi-focal lens) से होता है।

मोतियाबिंदCataract

अधिक आयु में अभिनेत्र लेंस का दूधिया और धुँधला हो जाना।

💡 शल्य-चिकित्सा के बाद दृष्टि लौटना संभव है।

विक्षेपणDispersion

श्वेत प्रकाश का प्रिज़्म से गुज़रकर अपने सात वर्णों में बँट जाना।

💡 क्रम: बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल। लाल सबसे कम झुकता है।

वायुमंडलीय अपवर्तनAtmospheric refraction

वायुमंडल में वायु की बदलती सघनता के कारण प्रकाश का अपवर्तन।

💡 तारों का टिमटिमाना। सूर्य सूर्योदय से लगभग 2 मिनट पहले और सूर्यास्त के लगभग 2 मिनट बाद तक दिखता है।

प्रकीर्णन और टिंडल प्रभावScattering and Tyndall effect

कणों द्वारा प्रकाश का अलग-अलग दिशाओं में बिखरना। कोलॉइडी कणों से बिखरकर प्रकाश-पथ दिखना टिंडल प्रभाव है।

💡 उदाहरण: धुएँ भरे कमरे में रोशनी की किरण दिखना।

आकाश का नीला रंगBlue colour of the sky

वायुमंडल के सूक्ष्म कण छोटी तरंगदैर्ध्य वाले नीले प्रकाश को अधिक बिखेरते हैं।

💡 सूर्योदय और सूर्यास्त पर सूर्य लाल दिखता है, क्योंकि प्रकाश को अधिक दूरी पार करनी पड़ती है और नीला बिखर जाता है।

इस नाम का शब्द नहीं मिला। दूसरा रूप या English में लिखकर देखें।

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भ्रम की जोड़ियाँ: अंतर एक नज़र में

जोड़ीअंतर
दर्पण सूत्र / लेंस सूत्रदर्पण: 1/v + 1/u = 1/f। लेंस: 1/v − 1/u = 1/f।
अवतल दर्पण / अवतल लेंसअवतल दर्पण परावर्तन से किरणें जोड़ता (अभिसारी) है। अवतल लेंस अपवर्तन से किरणें फैलाता (अपसारी) है।
निकट-दृष्टि / दीर्घ-दृष्टिनिकट-दृष्टि: दूर की वस्तु धुँधली, सुधार अवतल लेंस। दीर्घ-दृष्टि: निकट की वस्तु धुँधली, सुधार उत्तल लेंस।

शब्द पहचानो: 5 त्वरित प्रश्न

पहले खुद सोचिए, फिर प्रश्न पर छूकर उत्तर देखिए।

एक उत्तल लेंस की फोकस दूरी 50 cm है। उसकी क्षमता कितनी है?

P = 1/f = 1/0.5 = +2 D। (f को हमेशा मीटर में लेना है।)

निकट-दृष्टि दोष को किस लेंस से ठीक करते हैं?

उपयुक्त क्षमता के अवतल लेंस से।

अवतल दर्पण में वस्तु C पर रखी है। प्रतिबिंब कहाँ और कैसा बनेगा?

C पर, समान आकार का, वास्तविक और उलटा।

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पाठ्यपुस्तक के अध्याय (NCERT हिन्दी PDF)

सीमा: यह शब्दकोश पढ़ने और दोहराने की सहायता है, पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं। परिभाषाएँ और उत्तर लिखने का रूप अपनी पाठ्यपुस्तक और शिक्षक के निर्देश से मिलाएँ। अंकभार बोर्ड के 2026-27 ब्लू प्रिंट के अनुसार है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस शब्दकोश में कौन-से अध्याय हैं?

कक्षा 10 विज्ञान के अध्याय 9 और 10: प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन, और मानव नेत्र तथा रंग-बिरंगा संसार। रसायन के शब्द भाग 1 में हैं और विद्युत व चुंबकत्व के शब्द भाग 3 में।

शब्द किस पुस्तक के अनुसार हैं?

NCERT की 2026-27 की हिन्दी पाठ्यपुस्तक के अनुसार। दूसरा प्रचलित नाम कोष्ठक में है। अर्थ और चित्र हमारे अपने हैं, इसलिए परिभाषा अपनी पुस्तक से मिलाकर याद करें।

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