RBSE Class 12 Hindi आरोह भाग-2 Notes PDF 2025-26 | सभी पाठों के नोट्स

📅 Monday, 5 January 2026 📖 3-5 min read

📚 MARWARI MISSION 100 | www.ncertclasses.com

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड | सत्र 2025-26

📖 RBSE Class 12 Hindi Complete Notes Series

खंड-1: अपठित बोध | खंड-2: रचनात्मक लेखन | खंड-3: व्याकरण | खंड-4: आरोह (यह लेख)

परिचय एवं परीक्षा प्रारूप

आरोह भाग-2 RBSE कक्षा 12 हिंदी की मुख्य पाठ्यपुस्तक है। इसमें काव्य खंड (10 पाठ) और गद्य खंड (8 पाठ) शामिल हैं। यह खंड परीक्षा में सर्वाधिक अंकों (36-40 अंक) का होता है।

खंड प्रश्न प्रकार अंक
काव्य खंड व्याख्या, सौंदर्य बोध, MCQ, लघूत्तरात्मक 18-20 अंक
गद्य खंड व्याख्या, लघूत्तरात्मक, निबंधात्मक, MCQ 18-20 अंक
कुल (लगभग) 36-40 अंक

काव्य खंड (Poetry Section) - 10 पाठ

📖 पाठ 1: आत्म-परिचय, एक गीत

✍️ कवि: हरिवंश राय बच्चन (1907-2003) | हालावाद के प्रवर्तक

सारांश: इस कविता में कवि ने अपने जीवन की विडंबना को प्रस्तुत किया है। कवि कहता है कि वह संसार को अपनी कविताओं से जगाता रहा है, लेकिन स्वयं सोया हुआ है। 'एक गीत' में जीवन की क्षणभंगुरता और सुख-दुख की अनिश्चितता का वर्णन है।

"मैं जग-जीवन का भार लिए फिरता हूँ,
फिर भी जीवन में प्यार लिए फिरता हूँ।"

मुख्य बिंदु: हालावाद, जीवन की विडंबना, समय की क्षणभंगुरता, "दिन जल्दी-जल्दी ढलता है"

📖 पाठ 2: पतंग

✍️ कवि: आलोक धन्वा (1948-) | समकालीन कविता के प्रमुख कवि

सारांश: यह कविता बच्चों की ऊर्जा, उत्साह और जीवंतता का सुंदर चित्रण है। पतंग बच्चों की स्वतंत्रता और कल्पनाशीलता का प्रतीक है। कवि ने बच्चों के साहस और निडरता का वर्णन किया है।

मुख्य बिंदु: पतंग - स्वतंत्रता का प्रतीक, बच्चों की ऊर्जा, शरद ऋतु का महत्व

📖 पाठ 3: कविता के बहाने, बात सीधी थी पर

✍️ कवि: कुंवर नारायण (1927-2017) | ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता (2005)

सारांश: 'कविता के बहाने' में कवि ने कविता की असीम संभावनाओं का वर्णन किया है। कविता की तुलना चिड़िया, फूल और बच्चे से की गई है। 'बात सीधी थी पर' में भाषा और अभिव्यक्ति की समस्या को उठाया गया है।

मुख्य बिंदु: कविता की असीम संभावनाएं, भाषा की सीमाएं, अभिव्यक्ति की समस्या

📖 पाठ 4: कैमरे में बंद अपाहिज

✍️ कवि: रघुवीर सहाय (1929-1990) | साहित्य अकादमी पुरस्कार (1982)

सारांश: यह कविता मीडिया की संवेदनहीनता पर तीखा व्यंग्य है। एक टीवी साक्षात्कार में अपाहिज व्यक्ति से बार-बार अपनी पीड़ा व्यक्त करने को कहा जाता है। कवि ने करुणा के व्यापारीकरण पर चोट की है।

मुख्य बिंदु: मीडिया की संवेदनहीनता, TRP का खेल, करुणा का व्यापारीकरण, गरिमा का हनन

📖 पाठ 5: सहर्ष स्वीकारा है

✍️ कवि: गजानन माधव मुक्तिबोध (1917-1964) | नई कविता के अग्रदूत

सारांश: इस कविता में कवि ने जीवन के सभी अनुभवों को सहर्ष स्वीकार करने की बात कही है - सुख-दुख, उतार-चढ़ाव सब कुछ। जीवन-संगिनी के प्रति आभार और प्रेम व्यक्त किया गया है।

मुख्य बिंदु: जीवन-स्वीकृति, यथार्थवाद, आशावाद, फैंटेसी का प्रयोग

📖 पाठ 6: उषा

✍️ कवि: शमशेर बहादुर सिंह (1911-1993) | "कवियों का कवि"

सारांश: इस कविता में कवि ने प्रातःकालीन आकाश का चित्रात्मक वर्णन किया है। ग्रामीण बिंबों के माध्यम से भोर के आकाश को नीले शंख, राख से लीपे चौके, गीली मटमैली चट्टान से तुलना की गई है।

मुख्य बिंदु: बिंब योजना, ग्रामीण जीवन के प्रतीक, चित्रात्मकता, प्रकृति चित्रण

📖 पाठ 7: बादल राग

✍️ कवि: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' (1899-1961) | छायावाद के महाप्राण

सारांश: यह कविता क्रांति और विद्रोह की कविता है। बादलों को क्रांतिदूत के रूप में चित्रित किया गया है। बादल गरजते हैं, बरसते हैं और धरती को सींचते हैं - यह समाज में परिवर्तन का आह्वान है।

मुख्य बिंदु: बादल - क्रांति का प्रतीक, मार्क्सवादी विचारधारा, शोषित वर्ग की आवाज

📖 पाठ 8: कवितावली, लक्ष्मण-मूर्च्छा

✍️ कवि: गोस्वामी तुलसीदास (1532-1623) | भक्तिकाल के महान कवि

सारांश: कवितावली में कलियुग की विषमताओं का वर्णन है। लक्ष्मण-मूर्च्छा में मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्च्छित हो जाते हैं और राम का विलाप - अपार भ्रातृ-प्रेम का वर्णन है।

मुख्य बिंदु: कलियुग की विषमता, भ्रातृ-प्रेम, राम का विलाप, दास्य भक्ति

📖 पाठ 9: रुबाइयाँ, गज़ल

✍️ कवि: फ़िराक़ गोरखपुरी (1896-1982) | ज्ञानपीठ पुरस्कार (1969)

सारांश: रुबाइयों में माँ और बच्चे के प्रेम का मार्मिक चित्रण है। गज़ल में प्रेम और विरह की पीड़ा का वर्णन है। दोनों में भावनात्मक गहराई है।

मुख्य बिंदु: रुबाई - चार पंक्तियों की विधा, माँ-बच्चे का प्रेम, गज़ल - प्रेम और विरह

📖 पाठ 10: छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख

✍️ कवि: उमाशंकर जोशी (1911-1988) | गुजराती के प्रसिद्ध कवि

सारांश: 'छोटा मेरा खेत' में कविता रचना की प्रक्रिया को खेती से तुलना की गई है। 'बगुलों के पंख' में प्रकृति के सौंदर्य का चित्रण है।

मुख्य बिंदु: कविता रचना = खेती, भावनाओं के बीज, कविता रूपी फसल

गद्य खंड (Prose Section) - 8 पाठ

📖 पाठ 11: भक्तिन

✍️ लेखिका: महादेवी वर्मा (1907-1987) | "आधुनिक मीरा" | ज्ञानपीठ (1982)

सारांश: यह संस्मरणात्मक रेखाचित्र है। भक्तिन (असली नाम: लछमिन) महादेवी वर्मा की सेविका थी। उसका जीवन कष्टों से भरा था - बचपन में माता-पिता की मृत्यु, ससुराल में प्रताड़ना, पति की असमय मृत्यु। फिर भी वह हँसमुख और जिंदादिल थी।

चरित्र विशेषताएं: परिश्रमी, स्वाभिमानी, हँसमुख, वफादार, स्पष्टवादी

📖 पाठ 12: बाज़ार दर्शन

✍️ लेखक: जैनेंद्र कुमार (1905-1988) | मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार

सारांश: यह ललित निबंध बाज़ार के आकर्षण और उसके प्रभाव का विश्लेषण करता है। खाली मन से बाज़ार जाने पर हम अनावश्यक चीजें खरीद लेते हैं। जिसका मन भरा है, उसके लिए बाज़ार का कोई अर्थ नहीं।

मुख्य संदेश: बाज़ार का जादू, खाली मन vs भरा मन, उपभोक्तावाद की आलोचना

📖 पाठ 13: काले मेघा पानी दे

✍️ लेखक: धर्मवीर भारती (1926-1997) | 'धर्मयुग' के संपादक

सारांश: यह संस्मरण बचपन की यादों पर आधारित है। इंदर सेना (बच्चों का समूह) 'काले मेघा पानी दे' गीत गाकर वर्षा के लिए प्रार्थना करती थी। लेखक ने परोपकार और त्याग का महत्व बताया है - "देने का सिद्धांत"।

मुख्य संदेश: इंदर सेना, देने का सिद्धांत, परोपकार का महत्व

📖 पाठ 14: पहलवान की ढोलक

✍️ लेखक: फणीश्वरनाथ रेणु (1921-1977) | आंचलिक उपन्यासकार

सारांश: यह कहानी लुट्टन पहलवान की है जिसने 'चाँद सिंह' को हराकर प्रसिद्धि पाई। उसकी पहचान उसकी ढोलक थी। स्वतंत्रता के बाद महामारी में बेटों की मृत्यु हुई, लेकिन उसकी ढोलक गाँव वालों को जीवन-शक्ति देती रही।

चरित्र विशेषताएं: साहसी, स्वाभिमानी, संघर्षशील, प्रेरणादायक

📖 पाठ 15: चार्ली चैप्लिन यानी हम सब

✍️ लेखक: विष्णु खरे (1940-2018) | प्रसिद्ध कवि और आलोचक

सारांश: इस निबंध में चार्ली चैप्लिन की कला का विश्लेषण है। उनकी कॉमेडी में हास्य और करुणा का अद्भुत मिश्रण है। 'ट्रैंप' चरित्र आम आदमी का प्रतिनिधित्व करता है।

मुख्य बिंदु: पैथोस + ह्यूमर, ट्रैंप चरित्र, सामाजिक व्यंग्य

📖 पाठ 16: नमक

✍️ लेखिका: रजिया सज्जाद ज़हीर (1917-1979) | प्रगतिशील लेखिका

सारांश: यह कहानी भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर है। सिख बीबी सफ़िया से अपने पुराने घर (भारत) की मिट्टी या नमक लाने का अनुरोध करती है। नमक अटूट संबंधों का प्रतीक है।

मुख्य संदेश: विभाजन की पीड़ा, सीमाओं की निरर्थकता, मानवीय संवेदनाएं

📖 पाठ 17: शिरीष के फूल

✍️ लेखक: हजारी प्रसाद द्विवेदी (1907-1979) | प्रसिद्ध निबंधकार

सारांश: यह ललित निबंध शिरीष के फूल के माध्यम से जीवन-दर्शन प्रस्तुत करता है। शिरीष भीषण गर्मी में भी खिला रहता है - यह जीवट और संघर्षशीलता का प्रतीक है।

मुख्य संदेश: जीवट का प्रतीक, विपरीत परिस्थितियों में सृजनशीलता

📖 पाठ 18: श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा

✍️ लेखक: डॉ. भीमराव अंबेडकर (1891-1956) | "बाबा साहेब" | संविधान निर्माता

सारांश: इस निबंध में जाति-प्रथा की आलोचना है। डॉ. अंबेडकर कहते हैं कि जाति-प्रथा श्रम-विभाजन नहीं बल्कि श्रमिक-विभाजन है। उनका आदर्श समाज स्वतंत्रता, समता और बंधुत्व पर आधारित है।

मुख्य संदेश: जाति-प्रथा = श्रमिक-विभाजन, आदर्श समाज, स्वतंत्रता-समता-बंधुत्व

महत्वपूर्ण प्रश्न संग्रह

काव्य खंड - अति महत्वपूर्ण प्रश्न

पाठ संभावित प्रश्न
आत्म-परिचय "दिन जल्दी-जल्दी ढलता है" की व्याख्या, हालावाद क्या है?
कैमरे में बंद अपाहिज मीडिया की संवेदनहीनता पर व्यंग्य, करुणा का व्यापारीकरण
उषा बिंब योजना का विश्लेषण, ग्रामीण जीवन के प्रतीक
बादल राग बादल क्रांति के प्रतीक कैसे? निराला जी का परिचय
कवितावली राम का विलाप, भ्रातृ-प्रेम का वर्णन

गद्य खंड - अति महत्वपूर्ण प्रश्न

पाठ संभावित प्रश्न
भक्तिन भक्तिन का चरित्र-चित्रण, महादेवी-भक्तिन का संबंध
बाज़ार दर्शन बाज़ार का जादू क्या है? खाली मन vs भरा मन
पहलवान की ढोलक लुट्टन पहलवान का चरित्र, ढोलक का महत्व
नमक नमक प्रतीक किसका? विभाजन की पीड़ा
श्रम-विभाजन जाति-प्रथा की आलोचना, आदर्श समाज की कल्पना

परीक्षा में सफलता के टिप्स

  1. काव्य खंड: प्रत्येक कविता की 2-3 महत्वपूर्ण पंक्तियों की व्याख्या तैयार करें। कवि परिचय और काव्य की विशेषताएं याद करें।
  2. गद्य खंड: प्रत्येक पाठ का सारांश और 3-4 प्रश्नोत्तर तैयार करें। लेखक परिचय अवश्य याद करें।
  3. चरित्र-चित्रण: भक्तिन, लुट्टन पहलवान जैसे पात्रों का विस्तृत चरित्र-चित्रण तैयार करें।
  4. केंद्रीय भाव: प्रत्येक पाठ का मुख्य संदेश और उद्देश्य समझें।
  5. उद्धरण: महत्वपूर्ण पंक्तियाँ याद करें और उनका संदर्भ समझें।

📝 सारांश (Quick Revision)

  • आरोह भाग-2 से 36-40 अंक के प्रश्न
  • काव्य खंड: 10 पाठ (18-20 अंक) - व्याख्या, सौंदर्य बोध, MCQ
  • गद्य खंड: 8 पाठ (18-20 अंक) - व्याख्या, लघूत्तरात्मक, निबंधात्मक
  • सभी कवियों/लेखकों का परिचय याद करें
  • प्रत्येक पाठ का केंद्रीय भाव और मुख्य संदेश समझें

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इस अध्याय के विस्तृत नोट्स की PDF (21 पेज) डाउनलोड करें जिसमें शामिल हैं:

  • सभी 18 पाठों के विस्तृत नोट्स
  • कवि/लेखक परिचय
  • पाठ सारांश और केंद्रीय भाव
  • महत्वपूर्ण पंक्तियों की व्याख्या
  • प्रश्नोत्तर (Q&A)
  • महत्वपूर्ण प्रश्न संग्रह
  • परीक्षा टिप्स
  • पिछले अध्यायों के Clickable Links

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📢 महत्वपूर्ण सूचना - Official अंक विभाजन 2025-26

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर के Official Syllabus के अनुसार

खंड विषय अंक
खंड-1 अपठित बोध 12
खंड-2 रचनात्मक लेखन (अभिव्यक्ति एवं माध्यम सहित) 18
- व्यावहारिक व्याकरण 08
खंड-3 आरोह भाग-2 (पाठ्यपुस्तक) 31
खंड-4 वितान भाग-2 (पूरक पुस्तक) 11
प्रश्न-पत्र कुल अंक: 80
सत्रांक (Internal): 20
पूर्णांक: 100

⏱️ परीक्षा समय: 3 घंटे 15 मिनट | 📚 निर्धारित पुस्तकें: आरोह भाग-2, वितान भाग-2, अभिव्यक्ति एवं माध्यम (NCERT)

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