ANSWER KEY
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, अजमेर
कक्षा 9 हिन्दी (विषय कोड : 01) — मॉडल प्रश्न-पत्र
🗝️ उत्तर तालिका (Answer Key) — सत्र 2025-26
15
अपठित बोध
15
रचना
15
व्याकरण
40
क्षितिज
15
कृतिका
खण्ड – अ | अपठित बोध 15 अंक
प्रश्न 1 — अपठित गद्यांश (8 बहुचयनात्मक प्रश्न)
| प्र. सं. | प्रश्न-विषय | सही उत्तर | विकल्प |
|---|---|---|---|
| 1(i) | गद्यांश का उचित शीर्षक | ब | पर्यावरण और उसकी रक्षा |
| 1(ii) | पर्यावरण प्रदूषण का प्रमुख कारण | ब | कारखानों का धुआँ व प्लास्टिक उपयोग |
| 1(iii) | वायु प्रदूषण से बढ़ती बीमारी | स | साँस की बीमारियाँ |
| 1(iv) | पर्यावरण रक्षा हेतु क्या करें | स | पेड़ लगाएँ, प्लास्टिक कम करें |
| 1(v) | 'दूषित' शब्द का अर्थ | ब | गंदा/अशुद्ध |
| 1(vi) | जल प्रदूषण का कारण | ब | कारखानों का दूषित जल नदियों में |
| 1(vii) | 'भावी पीढ़ी' का तात्पर्य | स | आने वाली पीढ़ी |
| 1(viii) | गद्यांश का मुख्य संदेश | ब | पर्यावरण की रक्षा सबका दायित्व है |
प्रश्न 2 — अपठित काव्यांश (7 बहुचयनात्मक प्रश्न)
| प्र. सं. | प्रश्न-विषय | सही उत्तर | विकल्प |
|---|---|---|---|
| 2(i) | कवि क्या नहीं चाहता | अ | चिर-सुख और चिर-दुख दोनों |
| 2(ii) | 'नाव चलाना' का तात्पर्य | ब | जीवन-यात्रा करना |
| 2(iii) | फूलमाला के प्रति भावना | ब | अरुचि |
| 2(iv) | 'सहर्ष' शब्द का अर्थ | स | प्रसन्नता के साथ |
| 2(v) | 'सुख-दुख की खेलती लहरें' — अलंकार | स | मानवीकरण |
| 2(vi) | काँटों के प्रति कवि का भाव | स | अनासक्त |
| 2(vii) | काव्यांश का मुख्य भाव | ब | सम-भाव से जीवन को स्वीकारना |
खण्ड – ब | रचना 15 अंक
प्र. 3 — निबंध-लेखन (विकल्प) 6 अंक
(अ) मोबाइल फोन : वरदान या अभिशाप — मूल्यांकन-बिंदु
- प्रस्तावना (1 अंक): मोबाइल फोन आज जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। 21वीं सदी में इसने संचार-क्रांति को जन्म दिया।
- मोबाइल के लाभ (2 अंक): तत्काल संचार, इंटरनेट, ऑनलाइन शिक्षा, UPI भुगतान, आपातकालीन सहायता, मनोरंजन।
- मोबाइल से हानियाँ (2 अंक): समय की बर्बादी, आँखों की कमज़ोरी, साइबर अपराध, सामाजिक अलगाव, बच्चों पर दुष्प्रभाव।
- उपसंहार (1 अंक): संतुलित उपयोग ही मोबाइल को वरदान बनाता है। सावधानी आवश्यक है।
📝 अंकन नोट: भाषा की शुद्धता (1) + विचारों की स्पष्टता (1) + प्रारूप (1) = 3 आंतरिक अंक। विद्यार्थी ने यदि 150 से अधिक शब्द लिखे हों तो पूर्ण अंक देना उचित है।
प्र. 4 — पत्र/संवाद (विकल्प) 5 अंक
(अ) पुस्तकालय हेतु प्रार्थना-पत्र — प्रारूप:
सेवायाम्, श्रीमान् प्राचार्य महोदय
[विद्यालय का नाम], जयपुर, राजस्थान
विषय : क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय खुलवाने हेतु।
महोदय, सविनय निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में...
[विद्यालय का नाम], जयपुर, राजस्थान
विषय : क्षेत्र में सार्वजनिक पुस्तकालय खुलवाने हेतु।
महोदय, सविनय निवेदन है कि हमारे क्षेत्र में...
- सही पत्र-प्रारूप (प्रेषक, सेवा में, विषय, सम्बोधन, हस्ताक्षर) = 2 अंक
- विषय-वस्तु (समस्या + तर्क + अनुरोध) = 2 अंक
- भाषा शुद्धता = 1 अंक
— अथवा —
(ब) संवाद-लेखन — मूल्यांकन:
- 8–10 संवाद = 2 अंक | संवाद-क्रम स्वाभाविक हो = 2 अंक | भाषा = 1 अंक
- परीक्षा की तैयारी विषय को दोनों पात्रों के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना आवश्यक।
प्र. 5 — प्रतिवेदन (रिपोर्ट) 4 अंक
वार्षिक पुरस्कार-वितरण समारोह — प्रतिवेदन के अनिवार्य तत्त्व:
शीर्षक: "राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर में वार्षिक पुरस्कार-वितरण समारोह"
तारीख, स्थान | मुख्य अतिथि का नाम | कार्यक्रम का विवरण | पुरस्कार-वितरण | समापन
तारीख, स्थान | मुख्य अतिथि का नाम | कार्यक्रम का विवरण | पुरस्कार-वितरण | समापन
- शीर्षक + तारीख + स्थान = 1 अंक
- घटनाओं का क्रमबद्ध वर्णन = 2 अंक
- भाषा शुद्धता + समापन = 1 अंक
खण्ड – स | व्यावहारिक व्याकरण 15 अंक
प्र. 6 — शब्द निर्माण / विशेषण-वचन 3 अंक
| प्रश्न | सही उत्तर |
|---|---|
| (i) 'सु' उपसर्ग से दो शब्द | सुफल, सुविचार / सुगंध, सुडौल (कोई भी दो) |
| (ii) 'पठनीय' में प्रत्यय | अनीय |
| (iii) विशेषण / विशेष्य | विशेषण = चतुर | विशेष्य = लड़की |
| (iv) 'लड़कियाँ' — वचन | बहुवचन |
प्र. 7 — कारक / 'ने' का प्रयोग 3 अंक
- (i) सही वाक्य → (अ) सीता ने गाना गाया।
- (ii) 'राम ने आम खाया' — 'ने' का प्रयोग इसलिए हुआ क्योंकि भूतकाल में सकर्मक क्रिया होने पर कर्त्ता के साथ 'ने' परसर्ग आता है।
- (iii) उदाहरण (बिना ने) → "मोहन दूध पीता है।" / "वह खाना खाती है।" (वर्तमान काल, सकर्मक)
📝 'ने' का प्रयोग सामान्यतः सकर्मक भूतकाल में होता है। अकर्मक या वर्तमान काल में नहीं।
प्र. 8 — वाक्य-रचना (सरल/संयुक्त/मिश्र) 3 अंक
- (i) सरल वाक्य → "बीमारी के कारण वह विद्यालय नहीं आया।"
- (ii) संयुक्त वाक्य → "मोहन ने परिश्रम किया, इसलिए वह सफल हुआ।"
- (iii) मिश्र वाक्य की परिभाषा → "जिस वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य हों, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं।"
प्र. 9 — पर्यायवाची / विलोम / श्रुतिसमभिन्नार्थक 3 अंक
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| (i) 'आकाश' के पर्यायवाची (दो) | गगन, नभ / अम्बर, व्योम (कोई भी दो) |
| (ii) 'सफलता' का विलोम | असफलता / विफलता |
| (iii) दिन–दीन का अर्थ-भेद | दिन = Day (दिवस) | दीन = गरीब/बेचारा |
प्र. 10 — मुहावरे (कोई तीन) 3 अंक
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| आँखें खुलना | सच्चाई का ज्ञान होना | ठोकर खाने पर उसकी आँखें खुल गईं। |
| नौ-दो ग्यारह होना | भाग जाना | पुलिस को देखते ही चोर नौ-दो ग्यारह हो गए। |
| हाथ-पाँव फूलना | बहुत डर जाना | परीक्षा का नाम सुनकर राम के हाथ-पाँव फूल गए। |
| अंगूठा दिखाना | मना कर देना / धोखा देना | जब मुझे पैसे की ज़रूरत थी, उसने अंगूठा दिखा दिया। |
📝 प्रत्येक मुहावरे हेतु: अर्थ (½) + वाक्य-प्रयोग (½) = 1 अंक। तीन मुहावरे = 3 अंक।
खण्ड – द | क्षितिज (भाग-1) 40 अंक
प्र. 11(अ) — गद्यांश : दो बैलों की कथा 6 अंक
| प्रश्न | उत्तर (1 अंक प्रत्येक) |
|---|---|
| (i) पाठ और लेखक | पाठ: दो बैलों की कथा | लेखक: मुंशी प्रेमचंद |
| (ii) हीरा-मोती किसके बैल थे | झूरी काछी के |
| (iii) झूरी का प्यार | अपनी लड़कियों की तरह |
| (iv) दोनों बैलों का आपसी व्यवहार | साथ चरते, साथ बैठते, साथ मार सहते — भाइयों जैसा प्रेम |
| (v) 'अनजान' का विलोम | जानकार / परिचित |
| (vi) उचित शीर्षक | हीरा-मोती की गहरी मित्रता / पशु-प्रेम |
— अथवा —
प्र. 11(ब) — गद्यांश : प्रेमचंद के फटे जूते
📌 लेखक: हरिशंकर परसाई (व्यंग्य-लेखक) | पाठ: प्रेमचंद के फटे जूते
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| (i) पाठ और लेखक | पाठ: प्रेमचंद के फटे जूते | लेखक: हरिशंकर परसाई |
| (ii) क्या नहीं जान पाते | उनका आंतरिक संघर्ष और तकलीफें |
| (iii) फटे जूते क्या याद दिलाते हैं | महान लोग भी साधारण जीवन जीते हैं, बाहरी दिखावा उनका लक्ष्य नहीं |
| (iv) महान लोगों का असली लक्ष्य | रचनाओं में जीवन की सच्चाइयाँ उतारना |
| (v) 'साधारण' का विलोम | असाधारण / विशेष |
| (vi) 'संघर्ष' का समानार्थी | द्वंद्व / लड़ाई / जद्दोजहद |
प्र. 12(अ) — पद्यांश : कबीर की साखी 6 अंक
- (i) भाव-सौंदर्य (2 अंक): कबीर कहते हैं कि ऐसी वाणी बोलो जिससे मन का अहंकार (आपा) खत्म हो। मधुर वाणी दूसरों को भी शीतलता देती है और बोलने वाले को भी। यह वाणी की शक्ति का बोध कराता है।
- (ii) 'सीतल' का अर्थ: शीतल = ठंडा / शांत / सुखद
- (iii) कैसी बाणी बोलें: अहंकार-रहित, मृदु और शीतल वाणी — जो सुनने वाले को भी शांति दे।
- (iv) 'मन का आपा खोना': मन के अहंकार / घमंड को त्यागना।
- (v) अलंकार: अनुप्रास अलंकार (बाँणी–बोलिए, सीतल–सीतल) + पुनरुक्तिप्रकाश (सीतल-सीतल)
— अथवा —
प्र. 12(ब) — पद्यांश : रसखान के सवैये
- (i) भक्ति-भावना (2 अंक): रसखान की कृष्ण-भक्ति इतनी प्रगाढ़ है कि वे अगले जन्म में भी गोकुल के ग्वाले बनना चाहते हैं। यह सखा-भक्ति का सुंदर उदाहरण है।
- (ii) 'ग्वारन' का अर्थ: ग्वाले / गाय चराने वाले
- (iii) मनुष्य रूप में कहाँ बसना: गोकुल गाँव के ग्वालों में
- (iv) पशु रूप में क्या करना: नंद बाबा की गायों के बीच चरना (कृष्ण के संग रहना)
- (v) भक्ति का प्रकार: सखा-भक्ति / प्रेम-भक्ति (माधुर्य भाव)
प्र. 13 — अतिलघूत्तरात्मक (कोई 6) 6 अंक
| प्र. | संक्षिप्त उत्तर (1 अंक प्रत्येक) |
|---|---|
| (i) हीरा-मोती ने मटर खेत में क्यों प्रवेश | भूख लगने पर / आज़ादी की भावना से |
| (ii) राहुल ने किस वेश में यात्रा की | भिखारी के वेश में — क्योंकि उस समय भारतीयों का तिब्बत जाना निषिद्ध था |
| (iii) उपभोक्तावाद में किस खतरे का संकेत | भारतीय संस्कृति और परंपरा के क्षरण का; पाश्चात्य संस्कृति के अंधानुकरण का |
| (iv) मैना का हश्र | अंग्रेज़ों ने मैना को पकड़कर जला दिया |
| (v) कबीर के अनुसार ज्ञानी-अज्ञानी में अंतर | ज्ञानी भीतर से प्रकाशित होता है; अज्ञानी बाहरी दिखावे में रहता है |
| (vi) ललद्यद के वाखों में किस साधना का वर्णन | आत्मा और परमात्मा के मिलन की — अध्यात्मिक साधना / सूफी-दर्शन |
| (vii) 'ग्राम श्री' में किस ऋतु का वर्णन | शरद ऋतु / हेमंत ऋतु (नई फसल आने का समय) |
| (viii) कैदी ने कोकिला से क्या जानना चाहा | वह इतनी रात को क्यों रो रही है, क्या उसका भी कोई प्रियजन जेल में है |
प्र. 14 — लघूत्तरात्मक (कोई 5 × 2 अंक) 10 अंक
(i) गधे को बैल से अधिक बेवकूफ क्यों : प्रेमचंद लिखते हैं कि गधा सबसे अधिक सहनशील और बोझ उठाने वाला प्राणी है, पर वह कभी विद्रोह नहीं करता। इसीलिए उसे मूर्खता का प्रतीक माना जाता है क्योंकि वह अपमान सहकर भी चुप रहता है।
(ii) राहुल की तिब्बत यात्रा की समस्याएँ : भिखारी वेश में चलना, रास्ते में डाकुओं का भय, पहाड़ी रास्तों की कठिनाई, भाषा-बाधा, और कभी भी पकड़े जाने का खतरा।
(iii) 'प्रेमचंद के फटे जूते' का मूल तथ्य : परसाई ने यह रेखांकित किया कि महान लेखक प्रेमचंद जीवनभर भौतिक संपन्नता से दूर रहे, पर उनकी कलम से भारतीय जनजीवन की सच्ची तस्वीर उभरी। बाहरी दरिद्रता आंतरिक महानता को कम नहीं करती।
(iv) सालिम अली को 'प्रकृति का जादूगर' क्यों : उन्होंने जीवनभर पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियों की खोज की, उनके जीवन-व्यवहार को समझा और देश-विदेश में घूम-घूमकर पक्षी-विज्ञान को एक जीवंत विज्ञान बनाया।
(v) कबीर की साखियों में ईश्वर-प्रेम : कबीर का ईश्वर निराकार, सर्वव्यापी है। वे मंदिर-मस्जिद में नहीं, प्रेम में उसे खोजते हैं। "प्रेम गली अति साँकरी" — यही उनकी भक्ति का सार है।
(vi) 'मेघ आए' में बादलों की तुलना : बादलों के आने की तुलना दामाद (नए मेहमान) के आने से की गई है। पेड़-पौधे, नदियाँ, महिलाएँ सभी उनका स्वागत करते हैं — ग्रामीण संस्कृति का सजीव चित्रण।
(vii) 'बच्चे काम पर जा रहे हैं' — सामाजिक समस्या : बाल-मजदूरी। छोटे बच्चे जो स्कूल जाने की उम्र में हैं, वे कारखानों और दुकानों में काम करने को मजबूर हैं — यह एक गंभीर सामाजिक अपराध है।
प्र. 15 — दीर्घ उत्तरात्मक (विकल्प) 3 अंक
(अ) हीरा-मोती का स्वतंत्रता-प्रेम — मूल्यांकन बिंदु:
- काँजीहौस से भागने का प्रयास — स्वतंत्रता की लालसा (1 अंक)
- गया के घर से भागना, साथ मिलकर संघर्ष करना (1 अंक)
- प्रेमचंद का संदेश — पशुओं के माध्यम से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का प्रतीकात्मक चित्रण (1 अंक)
प्र. 16 — रचनाकार परिचय (विकल्प) 4 अंक
(अ) मुंशी प्रेमचंद :
| जन्म / मृत्यु | 31 जुलाई 1880, लमही (वाराणसी) | मृत्यु: 8 अक्टूबर 1936 |
| प्रमुख रचनाएँ | उपन्यास: गोदान, गबन, निर्मला | कहानियाँ: ईदगाह, बड़े भाई साहब, पूस की रात |
| भाषा-शैली | सरल, मुहावरेदार हिंदी-उर्दू मिश्रित भाषा | यथार्थवादी शैली |
| साहित्यिक योगदान | 'उपन्यास-सम्राट' | किसान, स्त्री और दलित जीवन को साहित्य का केंद्र बनाया |
— अथवा —
(ब) कबीर :
| जन्म / काल | लगभग 1398–1518 | काशी (वाराणसी) | जुलाहा परिवार में पले |
| प्रमुख रचनाएँ | बीजक (साखी, सबद, रमैनी) |
| भक्ति-भावना | निर्गुण, निराकार ब्रह्म की उपासना | हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश |
| साहित्यिक महत्त्व | भक्तिकाल के प्रमुख संत-कवि | सधुक्कड़ी भाषा | समाज-सुधारक |
प्र. 17 — निबंधात्मक (विकल्प) 5 अंक
(अ) 'दो बैलों की कथा' — प्रतीकात्मकता : अंकन बिंदु (5 अंक)
- प्रतीक: हीरा-मोती = भारतीय जनता / स्वतंत्रता-सेनानी | गया = देशी दलाल/सहयोगी | काँजीहौस = जेल/ब्रिटिश शासन (1)
- स्वतंत्रता की चाह: बार-बार भागने का प्रयास = असहयोग / विद्रोह की भावना (1)
- मित्रता और एकता: दोनों बैलों का साथ = राष्ट्रीय एकता का संदेश (1)
- शोषण का विरोध: काँजीहौस में बंद = अन्याय के विरुद्ध आवाज़ (1)
- भाषा और प्रस्तुति: 80+ शब्द, सुसंगत, उदाहरण सहित (1)
खण्ड – य | कृतिका (भाग-1) 15 अंक
प्र. 18 — अतिलघूत्तरात्मक (कोई 3 × 1 अंक) 3 अंक
| प्र. | उत्तर |
|---|---|
| (i) 'इस जल प्रलय में' — बाढ़ का वर्णन | रिपोर्ताज (Reportage) शैली से — एक पत्रकार/साहित्यकार की दृष्टि से बाढ़ का प्रत्यक्षदर्शी वर्णन |
| (ii) लेखिका की माँ की विशेषता | साहसी, आत्मनिर्भर, निडर स्वभाव की। पुरुषों से बात करने में कभी संकोच नहीं करती थीं। |
| (iii) 'रीढ़ की हड्डी' का मुख्य संदेश | स्त्री-शिक्षा आवश्यक है। लड़कियों को 'वस्तु' नहीं, 'व्यक्ति' समझना चाहिए। दहेज-प्रथा का विरोध। |
| (iv) माटी वाली की जीवन-स्थिति | अत्यंत गरीब, संघर्षपूर्ण। वह पहाड़ से लाल मिट्टी लाकर बेचती है और उसी से परिवार का पेट पालती है। |
प्र. 19 — लघूत्तरात्मक (कोई 2 × 2 अंक) 4 अंक
(i) बाढ़-पीड़ितों की मनोदशा : फणीश्वरनाथ रेणु ने बाढ़ में फँसे लोगों की असहाय, भयभीत और टूटी हुई मनोदशा का यथार्थ चित्रण किया है। लोग अपने घर, खेत और पशुओं को छोड़ने पर मजबूर हैं — पर आशा नहीं छोड़ते।
(ii) उमा का चरित्र : उमा शिक्षित, आत्मसम्मान से भरी, साहसी और बुद्धिमान लड़की है। वह अपने परिवार की कमज़ोरियों के बावजूद खुद अपनी पहचान बनाती है और लड़के के परिवार की गलत मानसिकता को उजागर करती है।
(iii) माटी वाली के सामने संकट : उसके इकलौते रोज़गार पर संकट आया जब यह बताया गया कि पहाड़ की लाल मिट्टी वाली जगह पर अब बाँध बनेगा और वह क्षेत्र डूब जाएगा — उसकी जीविका का एकमात्र साधन नष्ट होने वाला था।
प्र. 20 — दीर्घ उत्तरात्मक (विकल्प) 3 अंक
(अ) लेखिका की दादी का व्यक्तित्व — मूल्यांकन बिंदु:
- स्वतंत्र विचारों वाली, धार्मिक कट्टरता से मुक्त (1)
- समाज के नियमों की परवाह न करते हुए खुद के निर्णय लेने वाली (1)
- अगली पीढ़ी को साहस और स्वाभिमान की प्रेरणा देने वाली (1)
प्र. 21 — निबंधात्मक (विकल्प) 5 अंक
(अ) 'रीढ़ की हड्डी' — नारी-सम्मान : अंकन बिंदु
- एकांकी का केंद्रीय विषय: वधू-परीक्षा की प्रथा, दहेज, स्त्री को वस्तु समझना (1)
- उमा का महत्त्व: शिक्षित लड़की ने स्वयं खड़े होकर अपनी बात रखी (1)
- रामस्वरूप का अंतर्द्वंद्व: बेटी को पढ़ाया पर समाज के डर से छुपाया (1)
- लेखक का संदेश: स्त्री-शिक्षा से ही समाज सुधरेगा, बेटियाँ पहचान की मोहताज नहीं (1)
- भाषा और प्रस्तुति: सुसंगत, 100+ शब्द (1)
⚠️ यह उत्तर तालिका केवल शिक्षक/अभिभावक/स्व-मूल्यांकन हेतु है।
कक्षा 9 हिंदी मॉडल पेपर | RBSE 2025-26 | ncertclasses.com


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