| बोर्ड | RBSE, Ajmer |
| कक्षा | 11वीं |
| विषय | लोक प्रशासन |
| कोड | 06 |
| सत्र | 2025-26 |
| पूर्णांक | 100 |
| MCQ | ✅ 16 प्रश्न |
| लघु उत्तर | ✅ 11 प्रश्न |
| दीर्घ उत्तर | ✅ 5 प्रश्न |
यह RBSE Class 11 लोक प्रशासन Model Paper 2025-26 की सम्पूर्ण उत्तर कुंजी है।
प्रश्न-पत्र के लिए : लोक प्रशासन Model Paper PDF →
खण्ड — अ : वस्तुनिष्ठ प्रश्न (20 अंक)
| # | प्रश्न | सही उत्तर | कारण |
|---|---|---|---|
| (i) | 'नव लोक प्रशासन' आन्दोलन का वर्ष | (ब) 1968 | मिनोब्रुक सम्मेलन (Minnowbrook Conference) 1968, सिरैक्यूज विश्वविद्यालय, अमेरिका |
| (ii) | राजनीति-प्रशासन द्विभाजन के प्रतिपादक | (स) वुडरो विल्सन | 1887 में 'The Study of Administration' लेख — लोक प्रशासन के जनक |
| (iii) | लोक प्रशासन व राजनीति विज्ञान में समानता | (अ) दोनों का अध्ययन-क्षेत्र सरकार एवं शासन है | दोनों सरकारी संरचनाओं व नीतियों का अध्ययन करते हैं |
| (iv) | निजी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य | (स) लाभ कमाना | Public Admin = जन कल्याण | Private Admin = Profit |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | कारण |
|---|---|---|---|
| (i) | पदसोपान (Hierarchy) का अर्थ | (ब) ऊपर से नीचे क्रमबद्ध व्यवस्था | आदेश ऊपर → नीचे; उत्तरदायित्व नीचे → ऊपर प्रवाहित होता है |
| (ii) | नियंत्रण का क्षेत्र — अवधारणाकर्ता | (स) ग्रेक्यूनास | V.A. Graicunas ने गणितीय सूत्र से Span of Control सिद्ध किया |
| (iii) | प्रत्यायोजन (Delegation) का अर्थ | (स) अधिकार एवं उत्तरदायित्व का हस्तान्तरण | ऊपर से नीचे अधिकार सौंपना — उत्तरदायित्व साथ रहता है |
| (iv) | सूत्र व स्टॉफ अभिकरण | (ब) सूत्र निर्णय लेता है, स्टॉफ परामर्श देता है | Line = Command authority | Staff = Advisory authority |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | कारण |
|---|---|---|---|
| (i) | राष्ट्रपति चुनाव पद्धति | (स) एकल संक्रमणीय आनुपातिक मत पद्धति | संसद के निर्वाचित सदस्य + राज्य विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं (अनुच्छेद 54-55) |
| (ii) | राज्यपाल की नियुक्ति | (द) राष्ट्रपति | अनुच्छेद 155 — राष्ट्रपति राज्यपाल को अपने हस्ताक्षर एवं मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करता है |
| (iii) | मंत्रिपरिषद् उत्तरदायी है | (स) लोकसभा | अनुच्छेद 75(3) — मंत्रिपरिषद् सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | कारण |
|---|---|---|---|
| (i) | लोकसभा की प्रभावी सदस्य संख्या | (ब) 543 | 104वें संविधान संशोधन अधिनियम 2020 से एंग्लो-इंडियन आरक्षित सीटें समाप्त — वर्तमान प्रभावी संख्या 543 |
| (ii) | CJI की नियुक्ति | (स) राष्ट्रपति | अनुच्छेद 124(2) — राष्ट्रपति CJI व SC के अन्य न्यायाधीश नियुक्त करता है |
| (iii) | प्रशासन पर न्यायिक नियंत्रण का साधन | (स) न्यायिक पुनरावलोकन | Judicial Review — सर्वोच्च न्यायालय किसी भी कानून/आदेश को असंवैधानिक घोषित कर सकता है |
| # | प्रश्न | सही उत्तर | कारण |
|---|---|---|---|
| (i) | जिला कलेक्टर किस विभाग का प्रमुख | (स) राजस्व | DM/Collector = राजस्व विभाग का प्रमुख + विधि-व्यवस्था + विकास का समन्वयक |
| (ii) | पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा | (स) 1993 | 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 1992 — 24 अप्रैल 1993 से लागू (पंचायती राज दिवस) |
- (i) "लोक प्रशासन सरकार का कार्यकारी पक्ष है" — वुडरो विल्सन ने कहा है। (पॉल एप्पलबी भी स्वीकार्य — "Morality and Administration in Democratic Government")
- (ii) "संगठन का अर्थ है कार्य के अनुसार कर्मचारियों का वर्गीकरण" — लूथर गुलिक ने दी।
- (iii) भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। (अनुच्छेद 75)
- (iv) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक पद पर रहते हैं। (अनुच्छेद 217)
- (v) ग्रामसेवक ग्राम पंचायत स्तर पर कार्य करता है।
| # | कथन | उत्तर |
|---|---|---|
| (i) | लोक प्रशासन और निजी प्रशासन के उद्देश्य समान होते हैं | ❌ असत्य — लोक प्रशासन = जन कल्याण; निजी प्रशासन = लाभ कमाना |
| (ii) | केन्द्रीयकरण में सर्वोच्च स्तर पर अधिकारों का केन्द्रीकरण होता है | सत्य ✅ — Centralisation = निर्णय लेने की शक्ति शीर्ष पर |
| (iii) | भारत में राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है | सत्य ✅ — अनुच्छेद 153; राज्यपाल = nominal head; CM = real head |
| स्तम्भ 'अ' | → | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|---|
| (i) वुडरो विल्सन | → (ब) | लोक प्रशासन के जनक; राजनीति-प्रशासन पृथक्करण (1887) |
| (ii) नव लोक प्रशासन | → (स) | मिनोब्रुक सम्मेलन 1968; मूल्य-आधारित प्रशासन |
| (iii) बलवन्त राय मेहता | → (अ) | पंचायती राज समिति के अध्यक्ष (1957) |
| (iv) सूत्र अभिकरण | → (द) | सीधे आदेश देने का अधिकार; निर्णय लेने की शक्ति |
खण्ड — ब : लघु उत्तरात्मक प्रश्न (40 अंक)
लोक प्रशासन का अर्थ
लोक प्रशासन दो शब्दों से बना है — लोक (Public = सरकारी/जन) तथा प्रशासन (Administration = प्रबन्धन)। यह सरकार की नीतियों को क्रियान्वित करने की प्रक्रिया है।
प्रमुख परिभाषाएँ (2 अंक)
- एल.डी. व्हाइट : "लोक प्रशासन में वे सभी क्रियाएँ आती हैं जिनका उद्देश्य सार्वजनिक नीति का पालन करना या उसे लागू करना है।"
- वुडरो विल्सन : "प्रशासन कानून का विस्तृत एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन है।"
- पॉल एप्पलबी : "सरकारी कार्यों को करना ही लोक प्रशासन है।"
लोक प्रशासन की प्रकृति (2 अंक)
- यह सरकारी संगठनों की प्रशासनिक गतिविधियों से सम्बन्धित है।
- इसका उद्देश्य जन कल्याण एवं सार्वजनिक हित है।
- यह संसद/विधानमण्डल के प्रति उत्तरदायी होता है।
- यह एक अन्तर-अनुशासनिक (Interdisciplinary) विषय है।
| आधार | लोक प्रशासन | निजी प्रशासन |
|---|---|---|
| उद्देश्य | जन कल्याण एवं सेवा | लाभ कमाना (Profit) |
| उत्तरदायित्व | संसद/जनता के प्रति | स्वामियों / शेयरधारकों के प्रति |
| वित्त | सरकारी कोष (करों से) | निजी पूँजी एवं बाजार से |
| एकाधिकार | कई क्षेत्रों में एकाधिकार | प्रतिस्पर्धा में कार्य |
नव लोक प्रशासन (New Public Administration)
उत्पत्ति : 1968 में मिनोब्रुक सम्मेलन (सिरैक्यूज विश्वविद्यालय, अमेरिका) में फ्रैंक मैरिनी के नेतृत्व में। मुख्य प्रेरक — ड्वाइट वाल्डो।
मुख्य विशेषताएँ (4 बिन्दु = 2 अंक)
- सामाजिक समता (Social Equity) : समाज के कमजोर वर्गों के लिए न्याय पर बल।
- प्रासंगिकता (Relevance) : सामाजिक समस्याओं के समाधान पर ध्यान।
- मूल्य-आधारित प्रशासन : नैतिकता व मानवीय मूल्यों को महत्व।
- विकेन्द्रीकरण : जन-सहभागिता एवं लोकतान्त्रिक मूल्यों पर जोर।
- परिवर्तन के प्रति खुलापन : पारम्परिक नौकरशाही के विरुद्ध।
लोक प्रशासन एवं राजनीति विज्ञान
समानताएँ : दोनों का अध्ययन-क्षेत्र सरकार है; दोनों नीति-निर्माण व क्रियान्वयन से जुड़े हैं; राजनीति विज्ञान सैद्धान्तिक आधार देता है।
अन्तर : राजनीति विज्ञान = नीति-निर्माण (Policy making); लोक प्रशासन = नीति-क्रियान्वयन (Policy implementation)।
वुडरो विल्सन का द्विभाजन : राजनीति सरकार की इच्छाशक्ति है, प्रशासन उस इच्छा का क्रियान्वयन। किन्तु आधुनिक विद्वान (पॉल एप्पलबी) इस पृथक्करण को अव्यावहारिक मानते हैं।
समानता : दोनों सार्वजनिक वित्त, बजट, आर्थिक नीतियों का अध्ययन करते हैं।
अर्थशास्त्र का योगदान : बजट-निर्माण, राजकोषीय नीति, सार्वजनिक व्यय विश्लेषण में मदद।
अन्तर : अर्थशास्त्र = उत्पादन-वितरण-उपभोग; लोक प्रशासन = सरकारी नीतियों का क्रियान्वयन।
संगठन का अर्थ (1 अंक)
संगठन वह ढाँचा है जिसमें विभिन्न व्यक्ति एवं इकाइयाँ निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए परस्पर सम्बद्ध होती हैं। — लूथर गुलिक
संगठन के चार आधार (3 अंक)
- कार्य के आधार पर (By Purpose/Function) : एक विशेष कार्य हेतु — जैसे स्वास्थ्य मंत्रालय।
- प्रक्रिया के आधार पर (By Process) : तकनीकी प्रक्रिया — जैसे लेखा विभाग।
- क्षेत्र के आधार पर (By Area/Territory) : भौगोलिक क्षेत्र — जैसे राज्य सरकारें।
- व्यक्ति के आधार पर (By Clientele) : सेवा प्राप्त करने वाले वर्ग — जैसे महिला एवं बाल विकास।
| आधार | केन्द्रीयकरण | विकेन्द्रीकरण |
|---|---|---|
| अर्थ | निर्णय शक्ति शीर्ष पर | निर्णय शक्ति नीचे के स्तरों पर |
| नियंत्रण | कठोर एकीकृत नियंत्रण | शिथिल, लचीला नियंत्रण |
| जनभागीदारी | कम | अधिक |
| उदाहरण | आपातकाल में केन्द्रीय प्रशासन | पंचायती राज, नगर निगम |
विकेन्द्रीकरण का महत्व
- जनभागीदारी एवं लोकतन्त्र को बल मिलता है।
- स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सम्भव।
- प्रशासनिक बोझ कम होता है।
- स्थानीय प्रतिभाओं का विकास होता है।
राष्ट्रपति की प्रमुख शक्तियाँ (अनुच्छेद 52–62)
- कार्यपालिका शक्तियाँ : प्रधानमंत्री, मंत्री, राज्यपाल, CJI आदि की नियुक्ति (अनुच्छेद 75, 155)।
- विधायी शक्तियाँ : संसद का सत्र बुलाना/स्थगित करना; विधेयक पर स्वीकृति/वीटो; अध्यादेश जारी करना (अनुच्छेद 123)।
- न्यायिक शक्तियाँ : क्षमादान, दण्डविराम, प्रविलम्बन (अनुच्छेद 72)।
- आपातकालीन शक्तियाँ : राष्ट्रीय आपात (अनुच्छेद 352), राज्य आपात (356), वित्तीय आपात (360)।
- कूटनीतिक शक्तियाँ : राजदूत नियुक्ति, सन्धि वार्ता (संसद की स्वीकृति आवश्यक)।
राज्यपाल — नियुक्ति, कार्यकाल एवं शक्तियाँ
नियुक्ति : अनुच्छेद 155 — राष्ट्रपति द्वारा। कार्यकाल : अनुच्छेद 156 — 5 वर्ष, किन्तु राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त।
योग्यताएँ : भारत का नागरिक; 35 वर्ष की आयु पूर्ण; संसद/विधानमण्डल का सदस्य न हो।
शक्तियाँ
- कार्यपालिका : CM व मंत्रियों की नियुक्ति; विश्वविद्यालय का कुलाधिपति।
- विधायी : विधानमण्डल का सत्र बुलाना; विधेयक पर स्वीकृति; अध्यादेश जारी करना।
- विवेकाधीन : त्रिशंकु विधानसभा में CM नियुक्ति; राष्ट्रपति शासन की सिफारिश।
संसद के प्रशासनिक नियंत्रण के साधन
- प्रश्नकाल (Question Hour) : सांसद मंत्रियों से सरकारी नीतियों पर प्रश्न पूछते हैं।
- शून्यकाल (Zero Hour) : बिना पूर्व सूचना के अत्यावश्यक मामले उठाए जाते हैं।
- अविश्वास प्रस्ताव : सरकार के विरुद्ध पारित होने पर मंत्रिमण्डल को इस्तीफा देना पड़ता है।
- स्थगन प्रस्ताव : तत्काल महत्व के मामलों पर बहस।
- बजट पर चर्चा : सरकारी व्यय की जाँच; CAG की रिपोर्ट।
- संसदीय समितियाँ : PAC (लोक लेखा समिति), Estimates Committee।
उच्चतम न्यायालय — संरचना
अनुच्छेद 124 — 1 मुख्य न्यायाधीश + अधिकतम 33 अन्य न्यायाधीश। नियुक्ति — राष्ट्रपति। सेवानिवृत्ति — 65 वर्ष।
क्षेत्राधिकार
- मूल क्षेत्राधिकार : केन्द्र बनाम राज्य, राज्य बनाम राज्य विवाद।
- अपीलीय क्षेत्राधिकार : HC के निर्णय के विरुद्ध अपील।
- परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार : राष्ट्रपति का परामर्श (अनुच्छेद 143)।
- मूल अधिकारों का रक्षक : रिट — बन्दी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश आदि (अनुच्छेद 32)।
- न्यायिक पुनरावलोकन : असंवैधानिक कानूनों को निरस्त करना।
जिला कलेक्टर के प्रमुख कार्य
- राजस्व कार्य : भूमि अभिलेख, राजस्व वसूली, भू-बंदोबस्त।
- विधि-व्यवस्था : जिले में शान्ति बनाए रखना; धारा 144 लगाना।
- विकास कार्य : केन्द्र एवं राज्य की योजनाओं का क्रियान्वयन।
- निर्वाचन : जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में चुनाव प्रबन्धन।
- आपदा प्रबन्धन : बाढ़, सूखा, महामारी में राहत कार्य।
- समन्वय : सभी सरकारी विभागों में समन्वय।
राजस्थान में पंचायती राज
प्रारम्भ : 2 अक्टूबर 1959 — नागौर जिले से (प्रथम पंचायती राज राज्य)। संवैधानिक दर्जा — 73वाँ संविधान संशोधन, 1993।
त्रिस्तरीय संरचना (2 अंक)
| स्तर | संस्था | क्षेत्र |
|---|---|---|
| प्रथम | ग्राम पंचायत | एक या अधिक गाँव |
| द्वितीय | पंचायत समिति | ब्लॉक / तहसील स्तर |
| तृतीय | जिला परिषद् | जिला स्तर |
प्रमुख कार्य (1 अंक)
- सड़क, पानी, स्वच्छता, प्राथमिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य।
- कृषि विकास, गरीबी उन्मूलन योजनाएँ।
- महिलाओं हेतु 50% आरक्षण (राजस्थान में)।
खण्ड — स : दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (40 अंक)
1. अर्थ एवं परिभाषाएँ (2 अंक)
- व्युत्पत्ति : लोक = Public (सार्वजनिक) + प्रशासन = Administration (प्रबन्धन)।
- विल्सन (1887) : "प्रशासन कानून का विस्तृत एवं व्यवस्थित क्रियान्वयन है।"
- एल.डी. व्हाइट : "लोक प्रशासन में वे सभी क्रियाएँ आती हैं जिनका उद्देश्य सार्वजनिक नीति लागू करना है।"
- पॉल एप्पलबी : "सरकारी कार्य करना लोक प्रशासन है।"
2. प्रकृति (2 अंक)
- यह एक सामाजिक विज्ञान है — अन्तर-अनुशासनिक।
- यह व्यावहारिक है — सिद्धान्त और व्यवहार दोनों।
- यह मूल्य-आधारित है — न्याय, समता, नैतिकता।
- यह गतिशील है — समाज की आवश्यकताओं के अनुसार बदलता है।
3. क्षेत्र — दो दृष्टिकोण (2 अंक)
| संकुचित दृष्टिकोण | विस्तृत दृष्टिकोण |
|---|---|
| केवल कार्यपालिका शाखा | तीनों शाखाएँ — कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका |
| वुडरो विल्सन, एल.डी. व्हाइट | पॉल एप्पलबी, मार्क्स |
4. विल्सन का राजनीति-प्रशासन द्विभाजन (2 अंक)
विल्सन ने 1887 में कहा — राजनीति नीति-निर्माण का कार्य करती है; प्रशासन उसे लागू करता है। दोनों क्षेत्र अलग-अलग हैं। किन्तु आधुनिक विद्वान इसे अव्यावहारिक मानते हैं क्योंकि IAS अधिकारी नीति निर्माण में भी भाग लेते हैं।
संगठन के चार आधार (POSDCORB — गुलिक)
- कार्य/उद्देश्य आधार (Purpose) : एक विशिष्ट कार्य के लिए — जैसे रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय। लाभ : विशेषज्ञता। हानि : समन्वय की कठिनाई।
- प्रक्रिया आधार (Process) : तकनीकी प्रक्रिया पर — जैसे विधि विभाग, लेखा विभाग। लाभ : कुशलता एवं दक्षता।
- क्षेत्र आधार (Place/Territory) : भौगोलिक सीमा पर — जैसे राज्य सरकारें, जिला कार्यालय। लाभ : स्थानीय समस्याओं का समाधान।
- व्यक्ति/ग्राहक आधार (Clientele/Material) : लक्षित समूह पर — जैसे महिला एवं बाल विकास, जनजाति विभाग। लाभ : विशेष वर्गों की जरूरतें पूरी।
पदसोपान (Hierarchy)
संगठन की ऊपर से नीचे क्रमबद्ध व्यवस्था जिसमें प्रत्येक स्तर अपने ऊपर के स्तर के प्रति उत्तरदायी होता है। फेयोल ने इसे "scalar chain" कहा। आदेश ऊपर से नीचे → और उत्तरदायित्व नीचे से ऊपर ↑।
समन्वय (Co-ordination)
मेरी पार्कर फोलेट — "समन्वय प्रशासन का मर्म है।" विभिन्न इकाइयों के प्रयासों को एकीकृत करके संगठनात्मक लक्ष्य प्राप्त करना। क्षैतिज समन्वय (समान स्तर पर) + ऊर्ध्वाधर समन्वय (विभिन्न स्तरों के बीच)।
नियुक्ति एवं योग्यता (अनुच्छेद 75)
राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है। भारत का नागरिक; 25 वर्ष (LS) या 30 वर्ष (RS) आयु आवश्यक।
प्रमुख शक्तियाँ एवं कार्य (4 अंक)
- मंत्रिमण्डल का प्रमुख : मंत्रियों की नियुक्ति, विभाग आवंटन, बर्खास्तगी।
- नीति-निर्माण का केन्द्र : सरकारी नीतियों की दिशा निर्धारण।
- संसद में नेतृत्व : सरकारी विधेयकों को पास कराना; संसद के प्रति उत्तरदायी।
- नियुक्तियाँ : CJI, CAG, UPSC अध्यक्ष, राज्यपाल आदि की नियुक्ति में भूमिका।
- विदेश नीति : अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में प्रतिनिधित्व।
प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति का सम्बन्ध (2 अंक)
| आधार | राष्ट्रपति | प्रधानमंत्री |
|---|---|---|
| स्थिति | संवैधानिक/नाममात्र प्रमुख | वास्तविक कार्यकारी प्रमुख |
| नियुक्ति | निर्वाचित (अनुच्छेद 54) | राष्ट्रपति द्वारा (अनुच्छेद 75) |
| शक्ति | मंत्रिमण्डल की सलाह से कार्य (अनु. 74) | वास्तविक नीति-निर्माण एवं क्रियान्वयन |
भारतीय न्याय व्यवस्था (2 अंक)
भारत में एकीकृत न्यायपालिका है — शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय, फिर 25 उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालय।
न्यायपालिका के कार्य : न्याय प्रदान करना; संविधान की व्याख्या; मूल अधिकारों की सुरक्षा; न्यायिक पुनरावलोकन; कानून का शासन स्थापित करना।
SC बनाम HC क्षेत्राधिकार (3 अंक)
| आधार | उच्चतम न्यायालय | उच्च न्यायालय |
|---|---|---|
| स्थान | नई दिल्ली (एकमात्र) | प्रत्येक राज्य में (25) |
| मूल क्षेत्राधिकार | केन्द्र-राज्य विवाद (अनु. 131) | मूल अधिकार (अनु. 226) |
| अपीलीय | HC के निर्णय पर अपील | जिला न्यायालय पर अपील |
| सेवानिवृत्ति | 65 वर्ष | 62 वर्ष |
| रिट | अनुच्छेद 32 (संकुचित) | अनुच्छेद 226 (विस्तृत) |
| अन्तिम अपील | हाँ — अन्तिम न्यायालय | नहीं |
प्रशासन पर न्यायिक नियंत्रण (1 अंक)
न्यायिक पुनरावलोकन; रिट याचिकाएँ (बन्दी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा); PIL (जनहित याचिका) — प्रशासनिक अत्याचार से नागरिकों की रक्षा।
जिला प्रशासन संरचना — राजस्थान
- सम्भागीय आयुक्त (Divisional Commissioner) : IAS अधिकारी; जिला कलेक्टरों का पर्यवेक्षण; सम्भाग स्तर पर शिकायत निवारण।
- जिला कलेक्टर / DM : जिले का प्रशासनिक प्रमुख। कार्य — राजस्व, विधि-व्यवस्था, विकास योजनाएँ, निर्वाचन, आपदा प्रबन्धन, विभागीय समन्वय।
- SDM (उपखण्ड अधिकारी) : उपखण्ड का प्रमुख; DM की सहायता; राजस्व एवं विधि-व्यवस्था।
- तहसीलदार : तहसील का राजस्व प्रमुख; भूमि अभिलेख, नामान्तरण, राजस्व वसूली।
- पटवारी : सबसे निचला राजस्व अधिकारी; भूमि नापजोख, खसरा-खतौनी का रखरखाव।
- ग्रामसेवक : ग्राम पंचायत स्तर पर; सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन; ग्राम पंचायत का सचिव।
सम्भागीय आयुक्त → जिला कलेक्टर → SDM → तहसीलदार → नायब तहसीलदार → पटवारी → ग्रामसेवक
अंक योजना (Marking Scheme)
| खण्ड | प्रश्न | इकाई | अंक |
|---|---|---|---|
| अ | प्र. 1–8 : MCQ + रिक्त + सत्य/असत्य + सुमेलन | 1–10 | 20 |
| ब | प्र. 9–19 : लघु उत्तरात्मक (4-4 अंक) | 1–10 | 40 |
| स | प्र. 20–24 : दीर्घ उत्तरात्मक (8-8 अंक) | 1–10 | 40 |
| कुल | 100 | ||
- प्रत्येक उत्तर में उचित शीर्षक (Headings) दें — अतिरिक्त प्रभाव।
- अनुच्छेद संख्याएँ लिखें — जैसे अनु. 74, 75, 155 आदि।
- तुलनात्मक प्रश्नों में तालिका (Table)* बनाएँ।
- दीर्घ उत्तर में भूमिका + विस्तार + निष्कर्ष तीनों लिखें।
- MCQ में उत्तर के आगे कारण एक पंक्ति में लिख सकते हैं।
यह उत्तर कुंजी NCERTClasses.com द्वारा प्रकाशित है। RBSE पाठ्यक्रम 2025-26 पर आधारित।
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