औद्योगीकरण का युग 40 MCQ उत्तर | Age of Industrialisation Class 10

📅 Saturday, 5 September 2026 📖 पढ़ रहे हैं...
NCERT / RBSE / CBSE • कक्षा 10 इतिहास • अध्याय 4

औद्योगीकरण का युग: 40 MCQ प्रश्न-उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या

Age of Industrialisation Class 10 MCQ Questions with Answers and Explanations

यह अध्ययन-सामग्री कक्षा 10 इतिहास के औद्योगीकरण का युग अध्याय के 40 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नों को सरल भाषा में समझाती है। पहले ऑनलाइन MCQ टेस्ट हल करें और फिर यहाँ अपने उत्तरों की अवधारणा समझें।

अध्ययन का सही क्रम
  1. अध्याय के संपूर्ण नोट्स पढ़ें
  2. पूरा हिंदी वीडियो देखें
  3. 40 प्रश्नों का ऑनलाइन टेस्ट दें
  4. नीचे उत्तर और व्याख्या से पुनरावृत्ति करें

1आदि-औद्योगीकरण से क्या अभिप्राय है?

सही उत्तर: कारखानों से पहले बाजार के लिए होने वाला उत्पादन

व्याख्या: आदि-औद्योगीकरण उस व्यवस्था को कहा जाता है जिसमें बड़े कारखानों के विकसित होने से पहले व्यापारी ग्रामीण परिवारों और कारीगरों से बाजार के लिए वस्तुएँ बनवाते थे। उत्पादन घरों और छोटी कार्यशालाओं में होता था, पर उसका संचालन व्यापारिक नेटवर्क के माध्यम से होता था।

परीक्षा-बिंदु: आदि-औद्योगीकरण = कारखाना प्रणाली से पहले बाजारोन्मुख उत्पादन।

2सत्रहवीं और अठारहवीं शताब्दी में यूरोपीय व्यापारी गाँवों की ओर क्यों गए?

सही उत्तर: शहरी गिल्डों के नियंत्रण से बचने और ग्रामीण श्रम पाने के लिए

व्याख्या: नगरों में शक्तिशाली व्यापारिक और कारीगर गिल्ड उत्पादन, कीमत, प्रतिस्पर्धा और नए उत्पादकों के प्रवेश को नियंत्रित करते थे। इसलिए नए व्यापारी उत्पादन बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में गए, जहाँ गरीब किसान और कारीगर अतिरिक्त काम के लिए उपलब्ध थे।

परीक्षा-बिंदु: गिल्डों की पाबंदियों ने व्यापारियों को गाँवों की ओर मोड़ा।

3यूरोपीय शहरों में गिल्ड क्या थे?

सही उत्तर: कारीगरों और उत्पादकों के संघ

व्याख्या: गिल्ड ऐसे संगठन थे जो कारीगरों को प्रशिक्षण देते, उत्पादन और कीमतों को नियंत्रित करते तथा व्यापार में नए लोगों के प्रवेश को सीमित करते थे। शासक प्रायः उन्हें विशेष वस्तुओं के उत्पादन और व्यापार का एकाधिकार देते थे।

परीक्षा-बिंदु: गिल्ड = उत्पादकों का नियंत्रक संघ, सैनिक या किसान संगठन नहीं।

4आदि-औद्योगिक व्यवस्था में व्यापारी ग्रामीण परिवारों को सामान्यतः क्या देते थे?

सही उत्तर: कच्चा माल और अग्रिम राशि

व्याख्या: व्यापारी किसानों और कारीगरों को कच्चा माल तथा पेशगी देते थे। परिवार अपने घर पर वस्तु तैयार करता और तैयार माल व्यापारी को सौंप देता था। इस प्रकार व्यापारी बिना कारखाना लगाए बड़ी संख्या में उत्पादकों को नियंत्रित करता था।

परीक्षा-बिंदु: पेशगी ने उत्पादक को व्यापारी के उत्पादन-जाल से जोड़ा।

5आदि-औद्योगिक उत्पादन में तैयार माल मुख्यतः किसके लिए बनाया जाता था?

सही उत्तर: अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए

व्याख्या: विश्व व्यापार और उपनिवेशों के विस्तार से वस्तुओं की माँग बढ़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाया गया माल केवल घरेलू उपयोग के लिए नहीं था; उसे व्यापारी दूरस्थ और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचते थे।

परीक्षा-बिंदु: आदि-औद्योगिक उत्पादन बड़े बाजार से जुड़ा था।

6ग्रामीण परिवारों ने व्यापारी का काम क्यों स्वीकार किया?

सही उत्तर: खेती से होने वाली आय के साथ अतिरिक्त आय मिलती थी

व्याख्या: छोटे खेत पूरे परिवार को पर्याप्त काम और आय नहीं दे पाते थे। व्यापारी के लिए उत्पादन करने से ग्रामीण परिवार खेती जारी रखते हुए अपनी घटती कृषि आय में पूरक आय जोड़ सके और परिवार के श्रम का बेहतर उपयोग कर सके।

परीक्षा-बिंदु: मुख्य कारण था कृषि आय की पूर्ति।

7इंग्लैंड में कारखाने सबसे पहले किस दशक में दिखाई देने लगे?

सही उत्तर: 1730 के दशक में

व्याख्या: NCERT के अनुसार इंग्लैंड में आरंभिक कारखाने 1730 के दशक तक दिखाई देने लगे थे। हालांकि कारखानों की संख्या अठारहवीं शताब्दी के अंतिम भाग में तेजी से बढ़ी।

परीक्षा-बिंदु: 1730 का दशक—आरंभ; अठारहवीं सदी का उत्तरार्ध—तेज विस्तार।

8नए औद्योगिक युग का पहला प्रमुख प्रतीक कौन-सा उद्योग था?

सही उत्तर: सूती कपड़ा उद्योग

व्याख्या: औद्योगीकरण के शुरुआती चरण में कपास सबसे गतिशील क्षेत्र बना। नई कताई-बुनाई तकनीकों, कच्ची कपास के बढ़ते आयात और मिल व्यवस्था ने सूती कपड़ा उद्योग को नए औद्योगिक युग का प्रमुख प्रतीक बनाया।

परीक्षा-बिंदु: पहला अग्रणी क्षेत्र कपास था; बाद में लोहा और इस्पात आगे बढ़े।

9कपास मिल की स्थापना से किसका नाम जुड़ा है?

सही उत्तर: रिचर्ड आर्कराइट

व्याख्या: रिचर्ड आर्कराइट ने कपास मिल की व्यवस्था विकसित की। महँगी मशीनों को एक ही भवन में स्थापित करने से उत्पादन, गुणवत्ता और श्रम की निगरानी एक छत के नीचे संभव हुई।

परीक्षा-बिंदु: Richard Arkwright को cotton mill से जोड़कर याद रखें।

101760 के बाद ब्रिटेन में कच्ची कपास के आयात में क्या परिवर्तन आया?

सही उत्तर: तेजी से वृद्धि हुई

व्याख्या: ब्रिटेन का कच्ची कपास आयात 1760 में लगभग 25 लाख पाउंड से बढ़कर 1787 में लगभग 220 लाख पाउंड हो गया। यह वृद्धि सूती उद्योग और नई उत्पादन तकनीकों के विस्तार का परिणाम थी।

परीक्षा-बिंदु: 1760: 2.5 million pounds; 1787: 22 million pounds।

11प्रारंभिक भाप इंजन का निर्माण किसने किया था?

सही उत्तर: थॉमस न्यूकॉमन

व्याख्या: थॉमस न्यूकॉमन ने प्रारंभिक भाप इंजन बनाया था। इसका उपयोग विशेष रूप से खानों से पानी निकालने जैसे कार्यों में किया गया; बाद में जेम्स वाट ने इसे अधिक उपयोगी बनाया।

परीक्षा-बिंदु: Newcomen—प्रारंभिक इंजन; Watt—सुधार।

12थॉमस न्यूकॉमन के भाप इंजन में सुधार किसने किया?

सही उत्तर: जेम्स वाट

व्याख्या: जेम्स वाट ने न्यूकॉमन के इंजन में सुधार किया और 1781 में नए इंजन का पेटेंट कराया। बेहतर दक्षता के बावजूद भाप तकनीक सभी उद्योगों में तुरंत नहीं फैली क्योंकि मशीनें महँगी और मरम्मत कठिन थी।

परीक्षा-बिंदु: जेम्स वाट का संबंध सुधार और 1781 के पेटेंट से है।

13जेम्स वाट के नए भाप इंजन का निर्माण किस उद्योगपति ने किया?

सही उत्तर: मैथ्यू बोल्टन

व्याख्या: जेम्स वाट के उद्योगपति मित्र मैथ्यू बोल्टन ने सुधरे हुए भाप इंजन के मॉडल का निर्माण किया। फिर भी प्रारंभ में खरीदार कम थे और इसका प्रसार अपेक्षाकृत धीमा रहा।

परीक्षा-बिंदु: Watt + Boulton की जोड़ी परीक्षा में बार-बार पूछी जाती है।

14नई तकनीकें सभी उद्योगों में तुरंत क्यों नहीं फैलीं?

सही उत्तर: मशीनें महँगी और उनकी मरम्मत कठिन थी

व्याख्या: नई मशीनों में भारी निवेश करना पड़ता था, वे बार-बार खराब हो सकती थीं और उनकी मरम्मत महँगी थी। कई मशीनें आविष्कारकों के दावों जितनी प्रभावी भी नहीं थीं, इसलिए उद्योगपति सावधानी से उन्हें अपनाते थे।

परीक्षा-बिंदु: औद्योगिक परिवर्तन क्रमिक था, अचानक नहीं।

15ब्रिटेन के औद्योगीकरण के आरंभिक चरण में सबसे गतिशील उद्योग कौन-से थे?

सही उत्तर: कपास और धातु उद्योग

व्याख्या: 1840 के दशक तक कपास अग्रणी क्षेत्र था। रेलवे के विस्तार से लोहे और इस्पात की माँग बढ़ी और बाद के चरण में धातु उद्योग तेजी से विकसित हुए।

परीक्षा-बिंदु: क्रम याद रखें: पहले कपास, फिर लोहा-इस्पात।

16उन्नीसवीं सदी में उद्योगपति मशीनों के बजाय हाथ का श्रम भी क्यों पसंद करते थे?

सही उत्तर: श्रमिक पर्याप्त और मजदूरी अपेक्षाकृत कम थी

व्याख्या: विक्टोरियाई ब्रिटेन में श्रम की कमी नहीं थी। गाँवों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार की खोज में नगरों में आते थे, इसलिए मजदूरी कम रहती थी और उद्योगपतियों के लिए महँगी मशीनों की जगह श्रमिक रखना सुविधाजनक था।

परीक्षा-बिंदु: सस्ता और प्रचुर श्रम मशीन अपनाने की गति धीमी करता था।

17मौसमी माँग वाले उद्योगों के लिए हाथ का श्रम क्यों उपयोगी था?

सही उत्तर: आवश्यकतानुसार श्रमिक लगाए जा सकते थे

व्याख्या: मौसमी उद्योगों में वर्ष के कुछ समय काम अधिक और बाकी समय कम होता था। उद्योगपति माँग बढ़ने पर अतिरिक्त श्रमिक रख सकते थे तथा मंद अवधि में उनकी संख्या घटा सकते थे; स्थायी मशीन निवेश में यह लचीलापन कम था।

परीक्षा-बिंदु: मौसमी उत्पादन में श्रम अधिक लचीला था।

18विक्टोरियाई ब्रिटेन के उच्च वर्ग हाथ से बनी वस्तुएँ क्यों पसंद करते थे?

सही उत्तर: वे परिष्कार और प्रतिष्ठा का प्रतीक थीं

व्याख्या: अभिजात और बुर्जुआ वर्ग हस्तनिर्मित वस्तुओं को बेहतर फिनिश, विशिष्ट डिजाइन और व्यक्तिगत निर्माण से जोड़ता था। इसलिए वे सामाजिक प्रतिष्ठा और परिष्कार का प्रतीक मानी जाती थीं।

परीक्षा-बिंदु: मशीन-निर्मित वस्तुएँ जन-बाजार; हस्तनिर्मित वस्तुएँ प्रतिष्ठा।

19स्पिनिंग जेनी का विरोध मुख्यतः किन कामगारों ने किया?

सही उत्तर: हाथ से कताई करने वाली महिलाओं ने

व्याख्या: स्पिनिंग जेनी ने कताई की गति बढ़ाई और कम श्रमिकों से अधिक धागा बनाना संभव किया। हाथ से कताई पर निर्भर महिलाओं को रोजगार और आय घटने का भय था, इसलिए उन्होंने मशीन का विरोध किया।

परीक्षा-बिंदु: विरोध का मूल कारण तकनीक नहीं, रोजगार खोने का भय था।

20स्पिनिंग जेनी का प्रमुख प्रभाव क्या था?

सही उत्तर: एक कामगार कई तकलियाँ चला सकता था

व्याख्या: जेम्स हारग्रीव्ज द्वारा 1764 में विकसित स्पिनिंग जेनी में एक पहिया घुमाकर कई स्पिंडल चलाए जा सकते थे। इससे एक कामगार एक साथ कई धागे कात सकता था और श्रम की जरूरत घटती थी।

परीक्षा-बिंदु: 1764—James Hargreaves—कई spindles।

21मशीन उद्योगों से पहले भारतीय वस्त्रों की विश्व बाजार में क्या स्थिति थी?

सही उत्तर: वे गुणवत्ता और बारीकी के लिए प्रसिद्ध थे

व्याख्या: मशीन उद्योग के युग से पहले भारतीय रेशमी और सूती वस्त्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रभावशाली थे। विशेष रूप से महीन भारतीय कपड़े अपनी गुणवत्ता, बारीकी और सुंदरता के कारण अत्यधिक माँग में थे।

परीक्षा-बिंदु: भारतीय महीन वस्त्र विश्व प्रसिद्ध थे।

22पूर्व-औपनिवेशिक भारतीय समुद्री व्यापार के प्रमुख बंदरगाहों में कौन शामिल था?

सही उत्तर: सूरत

व्याख्या: गुजरात तट का सूरत बंदरगाह भारत को खाड़ी और लाल सागर के बंदरगाहों से जोड़ता था। मछलीपट्टनम और हुगली भी दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े प्रमुख व्यापारिक केंद्र थे।

परीक्षा-बिंदु: सूरत—खाड़ी/लाल सागर; मछलीपट्टनम और हुगली—दक्षिण-पूर्व एशिया।

23ईस्ट इंडिया कंपनी ने बुनकरों पर नियंत्रण के लिए किसे नियुक्त किया?

सही उत्तर: गोमास्ता

व्याख्या: कंपनी ने बुनकरों की निगरानी, कपड़ा एकत्र करने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वेतनभोगी सेवक नियुक्त किए जिन्हें गोमास्ता कहा जाता था। इससे पुराने स्थानीय व्यापारियों और दलालों की भूमिका कम हुई।

परीक्षा-बिंदु: गोमास्ता कंपनी का नियंत्रणकारी एजेंट था।

24गोमास्ता का मुख्य कार्य क्या था?

सही उत्तर: बुनकरों की निगरानी करना और कपड़ा इकट्ठा करना

व्याख्या: गोमास्ता बुनकरों को पेशगी देता, उनके काम की निगरानी करता और कंपनी के लिए तैयार कपड़ा एकत्र करता था। वह स्थानीय समुदाय का हिस्सा न होने के कारण अक्सर कठोर व्यवहार करता था।

परीक्षा-बिंदु: गोमास्ता = निगरानी + आपूर्ति संग्रह।

25कंपनी से पेशगी लेने के बाद बुनकर पर कौन-सी शर्त लागू होती थी?

सही उत्तर: उसे अपना पूरा उत्पादन कंपनी को देना पड़ता था

व्याख्या: पेशगी स्वीकार करने के बाद बुनकर कंपनी से बँध जाता था और किसी अन्य खरीदार को कपड़ा नहीं बेच सकता था। उसे निर्धारित उत्पादन कंपनी के गोमास्ता को सौंपना पड़ता था।

परीक्षा-बिंदु: पेशगी ने स्वतंत्र बिक्री और मोलभाव की शक्ति सीमित की।

26बुनकरों और गोमास्ताओं के बीच संघर्ष का प्रमुख कारण क्या था?

सही उत्तर: गोमास्ता बाहरी व्यक्ति था और कठोर व्यवहार करता था

व्याख्या: पुराने आपूर्ति व्यापारी प्रायः गाँव से जुड़े होते थे, जबकि गोमास्ता बाहरी व्यक्ति था। वह अनुशासन लागू करता, देरी पर दंड देता और कई बार बलपूर्वक व्यवहार करता था; इसी कारण टकराव बढ़ा।

परीक्षा-बिंदु: स्थानीय संबंधों की जगह औपनिवेशिक दबाव ने ले ली।

27उन्नीसवीं सदी के प्रारंभ में भारतीय वस्त्र निर्यात का क्या हुआ?

सही उत्तर: उसमें गिरावट आई

व्याख्या: ब्रिटेन में मशीन-निर्मित कपड़ा बढ़ने के बाद भारतीय वस्त्रों पर वहाँ शुल्क लगाए गए और भारतीय बाजार ब्रिटिश कपड़ों के लिए खोला गया। परिणामस्वरूप भारत के तैयार वस्त्र निर्यात में गिरावट आई।

परीक्षा-बिंदु: भारत कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता और ब्रिटिश माल का बाजार बनने लगा।

28भारतीय बाजार में मैनचेस्टर के कपड़े के आने से क्या हुआ?

सही उत्तर: भारतीय बुनकरों की प्रतिस्पर्धा बढ़ी और बाजार सिकुड़ा

व्याख्या: मशीन से बना मैनचेस्टर कपड़ा बड़ी मात्रा में और अपेक्षाकृत कम कीमत पर भारत पहुँचा। स्थानीय बुनकर उससे कीमत पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सके, जिससे उनका घरेलू बाजार सिकुड़ गया।

परीक्षा-बिंदु: मैनचेस्टर आयात ने भारतीय हथकरघा पर दबाव बढ़ाया।

29अमेरिकी गृहयुद्ध के समय भारतीय बुनकरों को कच्ची कपास महँगी क्यों मिली?

सही उत्तर: भारत से ब्रिटेन को कच्ची कपास का निर्यात बढ़ गया

व्याख्या: अमेरिकी गृहयुद्ध से अमेरिका की कपास आपूर्ति रुकने पर ब्रिटेन ने भारत से अधिक कच्ची कपास खरीदी। निर्यात बढ़ने से भारत में उपलब्ध कपास कम और महँगी हो गई, जिससे बुनकरों की लागत बढ़ी।

परीक्षा-बिंदु: अमेरिकी आपूर्ति बंद → भारतीय निर्यात बढ़ा → घरेलू कीमत बढ़ी।

30भारतीय बुनकर किस दोहरे संकट का सामना कर रहे थे?

सही उत्तर: सस्ते आयातित कपड़े की प्रतिस्पर्धा और महँगा कच्चा माल

व्याख्या: एक ओर ब्रिटेन से सस्ता मशीन-निर्मित कपड़ा भारतीय बाजार में आ रहा था; दूसरी ओर कच्ची कपास महँगी हो रही थी। इससे बुनकरों की बिक्री घटी और उत्पादन लागत बढ़ी—इसी को दोहरा संकट कहा जाता है।

परीक्षा-बिंदु: बाजार की हानि और लागत वृद्धि—दोनों साथ।

31भारत में पहली सूती कपड़ा मिल 1854 में कहाँ स्थापित हुई?

सही उत्तर: बंबई

व्याख्या: भारत की पहली सूती कपड़ा मिल 1854 में बंबई में स्थापित हुई और दो वर्ष बाद उत्पादन शुरू हुआ। बंदरगाह, पूँजी, कच्ची कपास और व्यापारिक नेटवर्क ने बंबई को अनुकूल स्थान बनाया।

परीक्षा-बिंदु: 1854—बंबई—पहली सूती मिल।

32भारत की पहली जूट मिल 1855 में कहाँ स्थापित हुई?

सही उत्तर: रिशरा, बंगाल

व्याख्या: पहली जूट मिल 1855 में बंगाल के रिशरा में स्थापित हुई। बंगाल के जूट उत्पादक क्षेत्र, हुगली नदी और कलकत्ता बंदरगाह की निकटता ने जूट उद्योग के विकास में सहायता की।

परीक्षा-बिंदु: 1855—रिशरा—पहली जूट मिल।

331860 के दशक में स्थापित एल्गिन मिल कहाँ थी?

सही उत्तर: कानपुर

व्याख्या: उत्तर भारत में एल्गिन मिल 1860 के दशक में कानपुर में शुरू हुई। कानपुर आगे चलकर वस्त्र और चमड़ा उद्योग सहित महत्वपूर्ण औद्योगिक नगर बना।

परीक्षा-बिंदु: Elgin Mill—Kanpur—1860s।

34अहमदाबाद में पहली सूती मिल किस वर्ष स्थापित हुई?

सही उत्तर: 1861

व्याख्या: NCERT के कालक्रम के अनुसार कानपुर की एल्गिन मिल के लगभग एक वर्ष बाद अहमदाबाद में पहली सूती मिल स्थापित हुई। सामान्यतः इसका वर्ष 1861 माना जाता है।

परीक्षा-बिंदु: 1861—अहमदाबाद की पहली सूती मिल।

35टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की स्थापना किस वर्ष हुई?

सही उत्तर: 1907

व्याख्या: टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की स्थापना 1907 में हुई। यह भारत में आधुनिक लौह-इस्पात उद्योग के विकास की प्रमुख घटना थी और बाद में जमशेदपुर इसका बड़ा केंद्र बना।

परीक्षा-बिंदु: 1907—TISCO; उत्पादन का विस्तार इसके बाद हुआ।

36भारतीय मिलों में श्रमिकों की भर्ती करने वाले मध्यस्थ को क्या कहा जाता था?

सही उत्तर: जॉबर

व्याख्या: मिल मालिक प्रायः सीधे श्रमिक भर्ती नहीं करते थे। वे जॉबर की सहायता लेते थे, जो अपने गाँव या परिचित क्षेत्रों से मजदूर लाता, नौकरी दिलाता और बदले में धन या उपहार की अपेक्षा रखता था।

परीक्षा-बिंदु: जॉबर—मिल श्रमिकों की भर्ती; गोमास्ता—बुनकर नियंत्रण।

37भारतीय हथकरघा उत्पादन मिलों की प्रतिस्पर्धा के बावजूद क्यों बना रहा?

सही उत्तर: बुनकर विशेष डिजाइन बना सकते थे और नई तकनीक अपनाते थे

व्याख्या: मिलें सभी प्रकार के वस्त्र नहीं बना सकती थीं। बुनकर विशिष्ट डिजाइन और महीन कपड़ा तैयार करते थे तथा फ्लाई शटल जैसी तकनीक अपनाकर उत्पादकता बढ़ाते थे। इसलिए हथकरघा क्षेत्र पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।

परीक्षा-बिंदु: हथकरघा ने विशिष्ट बाजार और तकनीकी अनुकूलन से अस्तित्व बचाया।

38फ्लाइंग शटल अपनाने से भारतीय बुनकरों को क्या लाभ हुआ?

सही उत्तर: उत्पादन क्षमता बढ़ी

व्याख्या: फ्लाई शटल ने करघे पर बाने के धागे को तेजी से चलाना संभव किया। इससे एक बुनकर बड़े करघे पर चौड़ा कपड़ा अधिक तेजी से बुन सकता था और प्रति श्रमिक उत्पादकता बढ़ी।

परीक्षा-बिंदु: Fly shuttle = तेज बुनाई + चौड़ा कपड़ा + अधिक उत्पादकता।

39प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान भारतीय उद्योगों को विस्तार का अवसर क्यों मिला?

सही उत्तर: ब्रिटिश आयात घटा और युद्ध-सामग्री के आदेश मिले

व्याख्या: ब्रिटिश मिलें युद्ध की जरूरतों में व्यस्त थीं, इसलिए भारत में मैनचेस्टर वस्त्रों का आयात घट गया। भारतीय कारखानों को जूट की बोरियाँ, वर्दियाँ, कपड़ा, तंबू और अन्य युद्ध-सामग्री के आदेश मिले तथा उत्पादन तेजी से बढ़ा।

परीक्षा-बिंदु: युद्ध ने विदेशी प्रतिस्पर्धा घटाई और सरकारी माँग बढ़ाई।

40निर्माता वस्तुओं के लेबल पर देवी-देवताओं या महाराजाओं की तस्वीरें क्यों लगाते थे?

सही उत्तर: उत्पाद को परिचित और विश्वसनीय बनाने के लिए

व्याख्या: निर्माता धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों का उपयोग कर खरीदार के मन में सम्मान, परिचय और भरोसा पैदा करते थे। देवता की छवि मानो वस्तु की गुणवत्ता पर स्वीकृति की मुहर देती थी; महाराजाओं की छवि प्रतिष्ठा जोड़ती थी।

परीक्षा-बिंदु: लेबल केवल पहचान नहीं, विश्वास और आकर्षण बनाने का माध्यम था।

त्वरित पुनरावृत्ति: प्रमुख तिथियाँ

  • 1730 का दशक: इंग्लैंड में शुरुआती कारखाने
  • 1764: जेम्स हारग्रीव्ज की स्पिनिंग जेनी
  • 1781: जेम्स वाट के सुधरे भाप इंजन का पेटेंट
  • 1854: बंबई में पहली सूती मिल की स्थापना
  • 1855: रिशरा में पहली जूट मिल
  • 1861: अहमदाबाद में पहली सूती मिल
  • 1907: टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की स्थापना

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