परीक्षा में बैठना है तो — याद कर प्यारे! कक्षा 9 विज्ञान के 100 सबसे ज़रूरी बिंदु, हर बिंदु पर एक प्रश्न-उत्तर कार्ड। स्क्रीन पर एक समय में एक ही कार्ड: पढ़िए, फिर बाएँ स्वाइप कीजिए (या नीचे › दबाइए)।
NCERTClasses टीम · अंतिम अद्यतन: 24 अक्टूबर 2026
पदार्थ क्या है? इसके कण कितने सूक्ष्म हैं?
जो स्थान घेरे और जिसमें द्रव्यमान हो। पदार्थ अति सूक्ष्म कणों से बना है: KMnO₄ के 2–3 क्रिस्टल 100 mL जल को रंगीन कर देते हैं; बार-बार तनु करने पर भी रंग बना रहता है।
पदार्थ के कणों की विशेषताएँ और विसरण बताइए।
(i) कणों के बीच रिक्त स्थान (ii) कण सदा गतिशील; ताप बढ़ने पर तेज़ (iii) कणों में परस्पर आकर्षण बल। विसरण = दो पदार्थों के कणों का स्वतः आपस में मिलना; ताप बढ़ाने पर तेज़ (इत्र की गंध)।
ठोस, द्रव और गैस में अंतर बताइए।
ठोस: निश्चित आकार व आयतन, संपीड्यता नगण्य। द्रव: निश्चित आयतन, आकार नहीं, बहता है। गैस: न आकार, न आयतन; अत्यंत संपीड्य; कणों में आकर्षण सबसे कम, गति सबसे तेज़।
गलनांक, क्वथनांक और गुप्त ऊष्मा क्या हैं? K और °C का संबंध?
गलनांक = ठोस→द्रव का ताप (बर्फ 273.15 K); क्वथनांक = द्रव→वाष्प का ताप (सामान्य वायुमंडलीय दाब पर जल 373 K = 100 °C)। गुप्त ऊष्मा = अवस्था बदलते समय ताप बढ़ाए बिना सोखी गई ऊष्मा (1 kg पदार्थ के लिए, वायुमंडलीय दाब पर)। K = °C + 273 (गणना में; सटीक 273.15)।
दाब का अवस्था पर प्रभाव क्या है? ऊर्ध्वपातन क्या है?
दाब बढ़ाने व ताप घटाने से गैसें द्रव बन जाती हैं। गैसें अत्यंत संपीड्य हैं, इसीलिए LPG, CNG व O₂ सिलेंडरों में भरी जाती हैं। शुष्क बर्फ (ठोस CO₂) 1 atm पर सीधे गैस बन जाती है। ऊर्ध्वपातन = ठोस का सीधे गैस बनना: कपूर, नैफ्थलीन।
वाष्पीकरण क्या है? इसे कौन-से कारक प्रभावित करते हैं?
क्वथनांक से नीचे किसी भी ताप पर द्रव का वाष्प बनना; यह सतही घटना है। बढ़ाते हैं: सतही क्षेत्रफल↑, ताप↑, आर्द्रता↓, पवन-गति↑।
वाष्पीकरण से ठंडक क्यों मिलती है?
वाष्पित होते कण अपनी गुप्त ऊष्मा सतह या परिवेश से लेते हैं, इसलिए परिवेश ठंडा हो जाता है। उदा.: पसीने से राहत, गर्मी में सूती कपड़े, घड़े का ठंडा जल, हथेली पर एसीटोन।
मिश्रण क्या है? समांगी और विषमांगी मिश्रण में अंतर?
दो या अधिक शुद्ध पदार्थों का किसी भी अनुपात में मेल। समांगी: संघटन एकसमान, घटक दिखते नहीं (नमक-जल, वायु)। विषमांगी: संघटन असमान, घटक अलग दिखते हैं (रेत-जल, तेल-जल)।
विलयन क्या है? सान्द्रता (द्रव्यमान प्रतिशत) का सूत्र?
समांगी मिश्रण; घटक = विलायक + विलेय। कण 1 nm से छोटे: छन्ना-पत्र से अलग नहीं होते, प्रकाश नहीं बिखेरते, स्थायी। द्रव्यमान % = (विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का द्रव्यमान) × 100; विलेय 40 g, विलयन 200 g → (40/200) × 100 = 20 %। अन्य रूप: द्रव्यमान/आयतन % = विलेय का द्रव्यमान ÷ विलयन का आयतन × 100; आयतन/आयतन % = विलेय का आयतन ÷ विलयन का आयतन × 100।
निलंबन और कोलॉइड में अंतर बताइए। टिण्डल प्रभाव क्या है?
निलंबन: कण दिखते हैं, ठहरने पर बैठ जाते हैं, छन्ना-पत्र पर रुक जाते हैं। कोलॉइड: कण दिखते नहीं, बैठते नहीं, छन्ना-पत्र से अलग नहीं होते। टिण्डल प्रभाव = कोलॉइडी कणों द्वारा प्रकाश-पुंज का प्रकीर्णन (वन में धूप की किरणें)।
भौतिक और रासायनिक परिवर्तन में अंतर बताइए।
भौतिक: केवल भौतिक गुण बदलते हैं, नया पदार्थ नहीं बनता (बर्फ पिघलना, नमक घुलना)। रासायनिक: नया पदार्थ बनता है, रासायनिक गुण बदलते हैं (जंग लगना, लकड़ी/कागज़ जलना)। मोम जलने में दोनों परिवर्तन होते हैं।
तत्त्व और यौगिक क्या हैं? तत्त्वों के प्रकार बताइए।
तत्त्व = ऐसा शुद्ध पदार्थ जिसे रासायनिक अभिक्रिया से सरल पदार्थों में नहीं तोड़ सकते। प्रकार: धातु (चमक, सुचालक, आघातवर्ध्य), अधातु (चमकहीन, कुचालक, आघातवर्ध्य नहीं), उपधातु (दोनों गुण: B, Si, Ge)। यौगिक = दो या अधिक तत्त्व निश्चित अनुपात में रासायनिक रूप से संयुक्त (H₂O)।
मिश्रण और यौगिक में अंतर बताइए।
मिश्रण: कोई भी अनुपात; घटकों के गुण बने रहते हैं; भौतिक विधि से अलग; गलनांक अनिश्चित। यौगिक: निश्चित अनुपात; गुण नए; रासायनिक विधि से ही अलग; गलनांक निश्चित। उदा. Fe + S का मिश्रण बनाम FeS।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (लेवॉज़िए) लिखिए।
रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनता है, न नष्ट होता है — अभिक्रिया से पहले और बाद का कुल द्रव्यमान बराबर रहता है। उदा. BaCl₂ + Na₂SO₄ → BaSO₄↓ + 2NaCl; द्रव्यमान समान।
स्थिर अनुपात का नियम (प्राउस्ट) क्या है? उदाहरण दीजिए।
किसी शुद्ध यौगिक में तत्त्वों का द्रव्यमान-अनुपात सदैव निश्चित रहता है, स्रोत कोई भी हो। जल में H : O = 1 : 8; अमोनिया में N : H = 14 : 3।
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य अभिगृहीत लिखिए।
(i) पदार्थ सूक्ष्म परमाणुओं से बना (ii) परमाणु अविभाज्य हैं, रासायनिक अभिक्रिया में बनते-नष्ट नहीं होते (iii) एक तत्त्व के परमाणु द्रव्यमान व गुण में समान, भिन्न तत्त्वों के भिन्न (iv) यौगिक में परमाणु छोटी पूर्ण-संख्या अनुपात में जुड़ते हैं। (ये ऐतिहासिक अभिगृहीत हैं; उप-परमाण्विक कणों की खोज से (ii) संशोधित हुआ।)
परमाणु का आकार और प्रतीक लिखने के नियम बताइए।
परमाणु अत्यंत सूक्ष्म हैं: लाखों परमाणु रखने पर भी परत कागज़ जितनी पतली। प्रतीक (IUPAC): पहला अक्षर बड़ा, दूसरा छोटा (H, Cl, Al)। लैटिन नामों से: Na (नैट्रियम), K (कैलियम), Fe (फेरम)।
परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) क्या है? कुछ परमाणु द्रव्यमान लिखिए।
1 u = कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान का 1/12 भाग (पुराना नाम amu)। H = 1, C = 12, N = 14, O = 16, Na = 23, Mg = 24, S = 32, Cl = 35.5, Ca = 40 u।
परमाणुकता क्या है? तत्त्वों के अणुओं के उदाहरण दीजिए।
अणु में परमाणुओं की संख्या = परमाणुकता। एकपरमाणुक: He, Ar। द्विपरमाणुक: H₂, O₂, N₂, Cl₂। त्रिपरमाणुक: O₃। चतुःपरमाणुक: P₄। बहुपरमाणुक: S₈। यौगिकों के अणु: H₂O, CO₂, NH₃।
आयन क्या हैं? बहुपरमाणुक आयनों के उदाहरण दीजिए।
आवेशित कण। धनायन = e⁻ त्यागने से (Na⁺, Mg²⁺); ऋणायन = e⁻ ग्रहण से (Cl⁻, O²⁻)। बहुपरमाणुक आयन: NH₄⁺, OH⁻, NO₃⁻, CO₃²⁻, SO₄²⁻। आयनिक यौगिक का कुल आवेश शून्य।
रासायनिक सूत्र कैसे लिखते हैं? (क्रॉस-नियम)
प्रतीक लिखो → संयोजकता लिखो → संयोजकताएँ आड़ी क्रॉस करो → अनुपात सरल करो; बहुपरमाणुक आयन एक से अधिक हों तो कोष्ठक में। Al(3) O(2) → Al₂O₃; Mg(2) Cl(1) → MgCl₂; Ca(2) OH(1) → Ca(OH)₂; Na(1) CO₃(2) → Na₂CO₃।
आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान क्या हैं?
आण्विक द्रव्यमान = अणु के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग: H₂O = 2 + 16 = 18 u; CO₂ = 12 + 32 = 44 u। आयनिक यौगिकों के लिए सूत्र इकाई द्रव्यमान: NaCl = 23 + 35.5 = 58.5 u।
परमाणु के उप-परमाण्विक कण: आवेश, द्रव्यमान और खोजकर्ता बताइए।
इलेक्ट्रॉन: −1, द्रव्यमान प्रोटॉन का ≈ 1/2000 (थॉमसन)। प्रोटॉन: +1, 1 u (गोल्डस्टाइन)। न्यूट्रॉन: 0, 1 u (चैडविक, 1932)। हाइड्रोजन (प्रोटियम) में न्यूट्रॉन नहीं होता।
थॉमसन का परमाणु मॉडल और उसकी सीमा बताइए।
परमाणु = धनावेशित गोला, जिसमें इलेक्ट्रॉन धँसे हैं (क्रिसमस पुडिंग/तरबूज़ जैसा); कुल आवेश शून्य। सीमा: रदरफोर्ड के α-प्रकीर्णन प्रयोग के परिणाम नहीं समझा सका।
रदरफोर्ड के α-कण प्रकीर्णन प्रयोग के प्रेक्षण और निष्कर्ष लिखिए।
α-कणों (He²⁺) को लगभग 1000 परमाणु मोटी सोने की पन्नी पर डाला। (i) अधिकांश सीधे निकले → परमाणु अधिकतर खाली (ii) बहुत कम कण मुड़े → धनावेश बहुत कम स्थान घेरता है (iii) 12000 में 1 कण 180° पर लौटा → पूरा धनावेश व द्रव्यमान अति सूक्ष्म आयतन (नाभिक) में।
रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल और उसकी सीमा क्या है?
केंद्र में धनावेशित नाभिक (लगभग पूरा द्रव्यमान); इलेक्ट्रॉन उसके चारों ओर वृत्ताकार कक्षाओं में। सीमा: घूमता इलेक्ट्रॉन त्वरित होकर ऊर्जा खोएगा व नाभिक में गिरेगा → परमाणु अस्थिर, पर वास्तव में स्थायी है।
बोर के परमाणु मॉडल के अभिगृहीत लिखिए।
(i) इलेक्ट्रॉन केवल कुछ विविक्त (निश्चित) कक्षाओं में रह सकते हैं (ii) इन कक्षाओं में घूमते हुए ऊर्जा विकिरित नहीं करते, अतः परमाणु स्थायी (iii) कक्षाएँ K, L, M, N… या n = 1, 2, 3, 4… (ऊर्जा-स्तर)।
इलेक्ट्रॉन वितरण के नियम (बोर–बरी) बताइए।
कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉन = 2n²: K = 2, L = 8, M = 18, N = 32। बाह्यतम कोश में अधिकतम 8; भीतरी कोश भरने के बाद बाहरी भरता है (प्रारंभिक तत्त्वों के लिए)। Na: 2,8,1 · Cl: 2,8,7 · Ar: 2,8,8।
संयोजकता क्या है? अष्टक किसे कहते हैं?
संयोजकता = अष्टक पाने के लिए त्यागे/ग्रहण/साझा किए इलेक्ट्रॉनों की संख्या। बाह्यतम कोश में 8 e⁻ = अष्टक (He में 2)। Na 1, Mg 2, Al 3, Cl 1, O 2; अक्रिय गैसों की संयोजकता 0।
परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक और समभारिक समझाइए।
Z = प्रोटॉन संख्या; A = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन। समस्थानिक: Z समान, A भिन्न (H के 3 समस्थानिक, C-12/C-14, Cl-35/37); NCERT के उपयोग: U (नाभिकीय ईंधन), Co (कैंसर-उपचार), I (घेंघा-उपचार)। समभारिक: A समान, Z भिन्न (Ca-40, Ar-40)।
कोशिका की खोज किसने की? कोशिका सिद्धांत क्या है? एककोशिकीय और बहुकोशिकीय जीव?
रॉबर्ट हुक (1665): कॉर्क में कोशिकाएँ; लेवेनहुक (1674): जीवित कोशिका; ब्राउन (1831): केंद्रक। श्लाइडेन–श्वान: सभी जीव कोशिकाओं से बने; वर्चो (1855): नई कोशिका पूर्व कोशिका से ही बनती है। एककोशिकीय: अमीबा, पैरामीशियम, क्लैमाइडोमोनस, जीवाणु; बहुकोशिकीय: कुछ कवक, पादप, जंतु (श्रम-विभाजन)।
प्लैज्मा झिल्ली की संरचना और कार्य बताइए।
कोशिका की बाहरी सीमा; लिपिड व प्रोटीन की बनी, लचीली; वरणात्मक पारगम्य — केवल कुछ पदार्थों को आने-जाने देती है। लचीलेपन से एंडोसाइटोसिस: अमीबा भोजन निगलता है। कोशिकाद्रव्य (साइटोप्लाज़्म) = प्लैज्मा झिल्ली के भीतर का तरल भाग, जिसमें अंगक होते हैं; प्रत्येक अंगक का विशिष्ट कार्य।
विसरण और परासरण क्या हैं? हाइपोटोनिक, आइसोटोनिक, हाइपरटोनिक माध्यम में क्या होता है?
विसरण: अधिक से कम सान्द्रता की ओर पदार्थ की गति (O₂, CO₂)। परासरण: वरणात्मक पारगम्य झिल्ली से जल का विसरण (जल की अधिक सान्द्रता से कम की ओर)। हाइपोटोनिक माध्यम (बाहर जल अधिक) में कोशिका फूलती है; आइसोटोनिक (जल बराबर) में कोई शुद्ध परिवर्तन नहीं; हाइपरटोनिक (बाहर जल कम) में सिकुड़ती है।
कोशिका भित्ति और रसधानी के कार्य बताइए।
कोशिका भित्ति: पादप, कवक, जीवाणु में; पादप में सेलुलोज की; आकार व दृढ़ता देती है, हाइपोटोनिक माध्यम में फटने से बचाती है। रसधानी: संचय-थैली; पादप में बड़ी, जंतु में छोटी; स्फीति व कठोरता देती है, अपशिष्ट जमा करती है।
केंद्रक की संरचना और कार्य बताइए।
दोहरी परत वाली केंद्रक झिल्ली (छिद्रयुक्त)। भीतर क्रोमैटिन, जो विभाजन के समय गुणसूत्र (DNA + प्रोटीन) बन जाता है। DNA के क्रियात्मक खंड = जीन; आनुवंशिक सूचना रखते हैं। कार्य: कोशिका-क्रियाओं का नियंत्रण, कोशिका विभाजन।
प्रोकैरियोट और यूकैरियोट कोशिका में अंतर बताइए।
प्रोकैरियोट: केंद्रक झिल्ली नहीं (न्यूक्लिऑइड), झिल्ली-बद्ध अंगक नहीं (जीवाणु)। यूकैरियोट: झिल्लीयुक्त सुस्पष्ट केंद्रक, झिल्ली-बद्ध अंगक (पादप, जंतु, कवक)।
अंतर्द्रव्यी जालिका (ER) के प्रकार और कार्य बताइए।
झिल्ली-बद्ध नलिकाओं का जाल। खुरदरी (RER): सतह पर राइबोसोम → प्रोटीन संश्लेषण। चिकनी (SER): वसा/लिपिड संश्लेषण, यकृत में विष-निष्क्रियता। कोशिका में परिवहन-मार्ग का कार्य।
गॉल्जी उपकरण के कार्य बताइए।
खोज: कैमिलो गॉल्जी। झिल्ली-बद्ध थैलियों (सिस्टर्नी) का ढेर। कार्य: ER में बने पदार्थों का संचय, रूपांतरण, पैकेजिंग व वितरण; लाइसोसोम बनाना।
लाइसोसोम को 'आत्मघाती थैली' क्यों कहते हैं?
इनमें शक्तिशाली पाचक एंज़ाइम होते हैं। ये बाहरी पदार्थ और पुराने अंगक पचाते हैं (कोशिका के सफ़ाईकर्मी)। कोशिका क्षतिग्रस्त होने पर फटकर अपनी ही कोशिका को पचा देते हैं।
माइटोकॉन्ड्रिया को 'कोशिका का शक्तिगृह' क्यों कहते हैं?
श्वसन में ATP (ऊर्जा-मुद्रा) बनाते हैं। दोहरी झिल्ली: बाहरी छिद्रयुक्त, भीतरी अत्यधिक वलित (सतह बढ़ने से ATP-निर्माण अधिक)। अपना DNA व राइबोसोम होने से अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बनाते हैं।
प्लैस्टिड के प्रकार और कार्य बताइए।
पादप कोशिका में; जंतु कोशिका में नहीं। प्लैस्टिड दो प्रकार: क्रोमोप्लास्ट (रंगीन; फल-फूल) और ल्यूकोप्लास्ट (रंगहीन; स्टार्च, तेल, प्रोटीन संचय)। क्लोरोफिल वाले क्रोमोप्लास्ट = क्लोरोप्लास्ट (हरे; प्रकाश-संश्लेषण)। अपना DNA व राइबोसोम।
समसूत्री और अर्धसूत्री विभाजन में अंतर बताइए।
समसूत्री: दो समान पुत्री कोशिकाएँ, गुणसूत्र संख्या वही; वृद्धि व मरम्मत। अर्धसूत्री: जनन-अंगों में, चार कोशिकाएँ, गुणसूत्र आधे → युग्मक; निषेचन पर संख्या फिर पूरी।
ऊतक क्या है? पादप और जंतु ऊतकों में मुख्य भेद क्या है?
समान संरचना वाली व एक विशिष्ट कार्य करने वाली कोशिकाओं का समूह। पादप स्थिर → सीधे खड़े रहने हेतु सहारा देने वाले ऊतक अधिक, जिनकी कोशिकाएँ प्रायः मृत; वृद्धि कुछ क्षेत्रों तक सीमित। जंतु गतिशील → अधिक ऊर्जा खर्च, अधिकांश ऊतक जीवित, वृद्धि अपेक्षाकृत एकसमान।
विभज्योतक क्या है? इसके प्रकार बताइए।
विभाजन-सक्षम कोशिकाएँ: सघन, पतली भित्ति, बड़ा केंद्रक, रसधानी नहीं। शीर्षस्थ (जड़/तने का सिरा — लंबाई), पार्श्व/कैम्बियम (मोटाई), अंतर्वेशी (कुछ पादपों में, पर्व के पास)।
स्थायी ऊतक कैसे बँटते हैं? पैरेन्काइमा के कार्य बताइए।
स्थायी ऊतक: सरल (एक प्रकार की कोशिकाएँ) और जटिल (अनेक प्रकार)। पैरेन्काइमा: जीवित, पतली भित्ति, अंतरकोशिकीय स्थान; भोजन-संचय। क्लोरेन्काइमा: प्रकाश-संश्लेषण। ऐरेन्काइमा: उत्प्लावन (जलीय पौधे)।
कोलेन्काइमा और स्क्लेरेन्काइमा में अंतर बताइए।
कोलेन्काइमा: जीवित, लंबी कोशिकाएँ, कोनों पर अनियमित मोटी भित्ति; अंतरकोशिकीय स्थान बहुत कम; पर्णवृंत में बाह्यत्वचा के नीचे; लचीलापन व सहारा। स्क्लेरेन्काइमा: मृत, लिग्निन की मोटी भित्ति; कठोरता (नारियल का रेशा, बीज-खोल)।
बाह्यत्वचा, रंध्र और कॉर्क के कार्य बताइए।
बाह्यत्वचा: सटी कोशिकाओं की परत; क्यूटिन की मोमी जलरोधी परत; जड़ की बाह्यत्वचा के रोम जैसे भाग अवशोषण-क्षेत्र बढ़ाते हैं। रंध्र: दो रक्षक कोशिकाओं से घिरे — गैस विनिमय, वाष्पोत्सर्जन। कॉर्क: मृत कोशिकाएँ, सुबेरिन — पुराने तने की सुरक्षा।
जाइलम की संरचना और कार्य बताइए।
जल व खनिज जड़ से पत्तियों तक पहुँचाता है (जटिल ऊतक)। घटक: वाहिनिका (ट्रेकिड) व वाहिका (वेसल) — मोटी भित्ति, परिपक्व होने पर अनेक मृत; ऊर्ध्वाधर संवहन; जाइलम पैरेन्काइमा (भोजन संचय); जाइलम तंतु (सहारा)।
फ्लोएम की संरचना और कार्य बताइए।
पत्तियों में बना भोजन पौधे के अन्य भागों में पहुँचाता है। घटक (पाँच): चालनी कोशिका, चालनी नलिका (छिद्रित भित्ति), सहचर कोशिका, फ्लोएम पैरेन्काइमा, फ्लोएम तंतु (केवल यही मृत)।
उपकला ऊतक के प्रकार और कार्य बताइए।
शरीर व अंगों को ढकता है; कोशिकाएँ सघन, आधार-झिल्ली पर। शल्की (त्वचा, मुख, वायुकोष्ठिका), घनाकार (वृक्क नलिका), स्तंभाकार (आँत: अवशोषण), पक्ष्माभी (श्वास नली), ग्रंथिल (स्राव)।
रक्त के घटक और कार्य बताइए।
संयोजी ऊतक, जिसकी आधात्री द्रव (प्लाज़्मा) है। उसमें लाल रुधिर कणिकाएँ (RBC), श्वेत रुधिर कणिकाएँ (WBC) और प्लेटलेट तैरते हैं; प्लाज़्मा में प्रोटीन, लवण, हार्मोन। कार्य: O₂, भोजन, हार्मोन व अपशिष्ट का परिवहन।
अस्थि, उपास्थि, स्नायु और कंडरा में अंतर बताइए।
अस्थि: कठोर, ढाँचा (Ca, P)। उपास्थि: चिकनी, लचीली — नाक, कान, जोड़ों के सिरे। स्नायु (लिगामेंट): अस्थि को अस्थि से जोड़ता है। कंडरा (टेंडन): पेशी को अस्थि से जोड़ती है।
ऐरिओलर और वसीय ऊतक के कार्य बताइए।
ऐरिओलर: त्वचा व पेशियों के बीच, रक्त वाहिनियों-तंत्रिकाओं के चारों ओर व अस्थि-मज्जा में; अंगों के भीतर का स्थान भरता, आंतरिक अंगों को सहारा देता, ऊतक-मरम्मत में सहायक। वसीय: त्वचा के नीचे व अंगों के बीच; वसा-भंडार → ऊष्मारोधी व ऊर्जा संचय।
तीन प्रकार की पेशियों में अंतर बताइए।
रेखित: ऐच्छिक, अस्थि से जुड़ी, बहुकेंद्रकी, धारीदार (हाथ-पैर)। अरेखित: अनैच्छिक, तर्कु-आकार, एककेंद्रकी (आहारनाल, रक्त वाहिनी)। हृदय पेशी: अनैच्छिक, शाखित, धारीदार; जीवन भर लयबद्ध संकुचन-शिथिलन।
न्यूरॉन की संरचना और कार्य बताइए।
कोशिका काय (केंद्रक + कोशिकाद्रव्य), द्रुमिका (संदेश ग्रहण), तंत्रिकाक्ष/एक्सॉन (संदेश आगे भेजे)। उद्दीपन से विद्युत आवेग बनता है; मस्तिष्क, मेरुरज्जु व तंत्रिकाएँ शरीर का नियंत्रण करती हैं।
जाइलम और फ्लोएम में अंतर बताइए।
जाइलम: जल-खनिज का संवहन, जड़ से पत्ती की ओर; अनेक कोशिकाएँ मृत; ट्रेकिड, वाहिका, पैरेन्काइमा, तंतु। फ्लोएम: भोजन का संवहन, पत्ती से अन्य भागों की ओर (मुख्यतः); अधिकांश जीवित; चालनी कोशिका, चालनी नलिका, सहचर कोशिका, पैरेन्काइमा, तंतु।
दूरी और विस्थापन में अंतर बताइए।
दूरी = तय पथ की कुल लंबाई (अदिश, ऋणात्मक नहीं)। विस्थापन = आरंभ से अंत बिंदु की न्यूनतम सीधी दूरी, दिशा सहित (सदिश)। A से B तक 3 km जाकर लौटें: दूरी 6 km, विस्थापन 0।
एकसमान गति और असमान गति क्या हैं?
एकसमान गति: समान समय-अंतरालों में समान दूरी (अंतराल कितना भी छोटा हो)। असमान गति: समान समय-अंतरालों में असमान दूरी।
चाल क्या है? औसत चाल कैसे निकालते हैं?
चाल = दूरी ÷ समय (अदिश); SI इकाई m/s। औसत चाल = कुल दूरी ÷ कुल समय। उदा. 100 m, 20 s → 5 m/s।
वेग क्या है? औसत वेग का सूत्र लिखिए।
औसत वेग = कुल विस्थापन ÷ कुल समय (दिशा सहित चाल का माप); SI m/s। एकसमान त्वरण में औसत वेग = (u + v)/2। चाल कभी ऋणात्मक नहीं होती, वेग हो सकता है।
त्वरण क्या है? मंदन किसे कहते हैं?
वेग-परिवर्तन की दर: a = (v − u)/t; SI m/s²। वेग घटने पर त्वरण वेग के विपरीत दिशा में, यानी ऋणात्मक (मंदन)। उदा. विराम से 10 s में 20 m/s → a = 2 m/s²।
दूरी–समय ग्राफ से क्या जानकारी मिलती है?
x-अक्ष पर समय, y-अक्ष पर दूरी। सरल रेखा = एकसमान चाल; ढाल = चाल; वक्र = असमान चाल; समय-अक्ष के समांतर रेखा = वस्तु विराम में।
वेग–समय ग्राफ से क्या जानकारी मिलती है?
समय-अक्ष के समांतर रेखा = एकसमान वेग; सीधी ढलान वाली रेखा = एकसमान त्वरण; ढाल = त्वरण; ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन।
गति के तीन समीकरण लिखिए और एक उदाहरण दीजिए।
v = u + at · s = ut + ½at² · v² = u² + 2as (एकसमान त्वरण में)। उदा. u = 0, a = 2 m/s², t = 5 s → v = 10 m/s, s = 25 m।
एकसमान वृत्तीय गति क्या है? इसे त्वरित गति क्यों कहते हैं?
वृत्तीय पथ पर समान चाल से गति। चाल स्थिर, पर दिशा बदलने से वेग बदलता है → त्वरित गति। v = 2πr/t। उदा. चंद्रमा की कक्षा, घड़ी की सुई की नोक।
संतुलित और असंतुलित बल में अंतर बताइए।
संतुलित बल: कुल बल शून्य (जैसे समान परिमाण, विपरीत दिशा के दो बल), गति की अवस्था नहीं बदलती (आकार बदल सकता है)। असंतुलित बल: विराम या गति (चाल/दिशा) बदल देता है।
न्यूटन का गति का प्रथम नियम लिखिए।
वस्तु विराम में या सरल रेखा में एकसमान गति में तब तक रहती है, जब तक कोई असंतुलित बाह्य बल उसे बदलने को विवश न करे। इसे जड़त्व का नियम भी कहते हैं।
जड़त्व क्या है? उदाहरण बताइए।
वस्तु का अपनी विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन का विरोध; इसका माप द्रव्यमान है (भारी → अधिक जड़त्व; रेलगाड़ी में गाड़ी से अधिक)। उदा.: अचानक ब्रेक लगने पर यात्री आगे झुकते हैं; मुड़ती कार में बाहर की ओर; कार्ड पर रखा सिक्का कार्ड खिसकाने पर सीधा गिलास में गिरता है।
संवेग क्या है? इसका सूत्र और SI इकाई लिखिए।
p = m v (द्रव्यमान × वेग); सदिश राशि; SI kg·m/s; दिशा वेग की दिशा में। उदा. 5 kg × 2 m/s = 10 kg·m/s। तेज़ या भारी वस्तु को रोकना कठिन।
न्यूटन का द्वितीय नियम लिखिए और F = ma सिद्ध कीजिए।
संवेग-परिवर्तन की दर लगाए गए असंतुलित बल के समानुपाती और बल की दिशा में होती है। p₁ = mu, p₂ = mv; बल ∝ (mv − mu)/t = m(v − u)/t = ma ⇒ F = kma; k = 1 लेने पर F = ma। 1 N = वह बल जो 1 kg को 1 m/s² त्वरण दे। m = 5 kg, a = 2 m/s² → F = 10 N।
न्यूटन का तृतीय नियम लिखिए और उदाहरण दीजिए।
प्रत्येक क्रिया की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है; दोनों अलग वस्तुओं पर लगती हैं, इसलिए एक-दूसरे को निरस्त नहीं करतीं। उदा. बंदूक का पीछे धक्का, रॉकेट, चलना, नाव से कूदना।
द्वितीय नियम से बल निकालने का एक हल किया प्रश्न दीजिए।
F = m(v − u)/t. 5 kg वस्तु पर 2 s बल लगा, वेग 3 से 7 m/s हुआ: F = 5(7 − 3)/2 = 10 N। यही बल 3 m/s से कुल 5 s लगे तो v = u + Ft/m = 3 + 10×5/5 = 13 m/s। (2 kg को 5 m/s² देने में 10 N; 4 kg को 2 m/s² देने में 8 N → 2 kg को 5 m/s² देने में अधिक बल लगेगा।)
सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियम और उसका महत्त्व बताइए।
दो वस्तुओं के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के समानुपाती व दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती है। F = G m₁m₂/d²; G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m²/kg²। महत्त्व: चंद्रमा व ग्रहों की कक्षाएँ, ज्वार-भाटा, वस्तुओं का पृथ्वी पर टिके रहना।
मुक्त पतन क्या है? g का मान और गुण बताइए।
केवल गुरुत्व बल के प्रभाव में गिरना। त्वरण g = GM/R²; G = 6.7×10⁻¹¹ N m² kg⁻², M = 6×10²⁴ kg, R = 6.4×10⁶ m → g ≈ 9.8 m/s² — वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं। ध्रुवों पर अधिक, भूमध्य रेखा पर कम। समीकरण (नीचे गिरते: a = +g; ऊपर जाते: a = −g): v = u + gt, s = ut + ½gt², v² = u² + 2gs।
द्रव्यमान और भार में अंतर बताइए।
द्रव्यमान: पदार्थ की मात्रा, अदिश, kg, सर्वत्र समान। भार: W = mg, पृथ्वी का आकर्षण बल, सदिश, न्यूटन, स्थान से बदलता है। चंद्रमा पर भार पृथ्वी का 1/6: 60 kg → 588 N (पृथ्वी), 98 N (चंद्रमा)।
प्रणोद और दाब क्या हैं? दाब किस पर निर्भर करता है?
प्रणोद = सतह के लंबवत लगा बल। दाब = प्रणोद ÷ क्षेत्रफल; SI पास्कल (Pa) = N/m²। क्षेत्रफल कम → दाब अधिक (कील की नोक, चाकू की धार); चौड़े पट्टे/ऊँट के पैर। द्रव में दाब सभी दिशाओं में लगता है।
उत्प्लावन बल क्या है? वस्तु कब तैरती या डूबती है?
द्रव में डूबी वस्तु पर द्रव द्वारा ऊपर की ओर लगाया गया बल (उत्क्षेप)। वस्तु का घनत्व < द्रव का घनत्व → तैरती है; घनत्व > द्रव का → डूबती है। जहाज़ का औसत घनत्व जल से कम होता है, इसलिए तैरता है।
आर्किमिडीज़ का सिद्धांत और उसके उपयोग बताइए।
द्रव में पूर्ण/आंशिक डूबी वस्तु पर उत्प्लावन बल = वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। उपयोग: जहाज़, पनडुब्बी, लैक्टोमीटर (दूध की शुद्धता), हाइड्रोमीटर (द्रव का घनत्व)।
विज्ञान में कार्य क्या है? धनात्मक, ऋणात्मक और शून्य कार्य समझाइए।
कार्य की दो शर्तें: (i) वस्तु पर बल लगे (ii) वस्तु का विस्थापन हो। W = F × s; SI जूल (J) = 1 N × 1 m। बल व विस्थापन एक दिशा में: धनात्मक; विपरीत: ऋणात्मक (घर्षण); विस्थापन s = 0: कार्य शून्य (दीवार धकेलना)।
ऊर्जा क्या है? इसके रूप बताइए।
कार्य करने की क्षमता; SI इकाई J (1 kJ = 1000 J)। रूप: यांत्रिक (गतिज + स्थितिज), ऊष्मा, प्रकाश, ध्वनि, विद्युत, रासायनिक, नाभिकीय। मुख्य स्रोत: सूर्य।
गतिज ऊर्जा क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
गति के कारण वस्तु में निहित ऊर्जा: Eₖ = ½mv²। वेग दोगुना → गतिज ऊर्जा चार गुनी। उदा. 5 kg, 2 m/s → ½ × 5 × 2² = 10 J।
स्थितिज ऊर्जा क्या है? इसका सूत्र लिखिए।
स्थिति या विन्यास के कारण ऊर्जा। गुरुत्वीय: Eₚ = mgh। उदा. 10 kg, 5 m ऊँचाई → 10 × 9.8 × 5 = 490 J। उदाहरण: ऊँचाई पर रखा पत्थर, बाँध का जल, तना हुआ धनुष।
ऊर्जा संरक्षण का नियम लिखिए। उदाहरण दीजिए।
ऊर्जा न बनाई जा सकती है, न नष्ट की जा सकती है; केवल एक रूप से दूसरे में बदलती है, कुल ऊर्जा स्थिर रहती है। मुक्त पतन में हर बिंदु पर Eₖ + Eₚ समान। बल्ब: विद्युत → प्रकाश + ऊष्मा।
शक्ति क्या है? इसकी इकाई बताइए।
कार्य करने की दर (या ऊर्जा-स्थानांतरण की दर): P = W/t; SI इकाई वाट (W): 1 W = 1 J/s। बड़ी इकाई किलोवाट: 1 kW = 1000 W। उदा. 100 W का बल्ब 10 s में 1000 J ऊर्जा लेता है।
ध्वनि कैसे उत्पन्न और संचरित होती है? अनुदैर्ध्य तरंग क्या है?
कंपन से (स्वरित्र, तार, स्वर-तंतु)। संचरण को माध्यम (ठोस, द्रव, गैस) चाहिए; निर्वात में नहीं। वायु में ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है: माध्यम के कण तरंग की दिशा में दोलन करते हैं; संपीडन (उच्च दाब) व विरलन (निम्न दाब) बनते हैं।
ध्वनि तरंग के लक्षण बताइए। v = νλ समझाइए।
तरंगदैर्घ्य λ (क्रमागत संपीडनों के बीच दूरी, m); आवृत्ति ν (Hz); आवर्तकाल T = 1/ν; आयाम A। चाल v = νλ। उदा. 500 Hz, λ = 0.7 m → v = 350 m/s।
तारत्व, प्रबलता और गुणता में अंतर बताइए।
तारत्व: आवृत्ति पर निर्भर (अधिक आवृत्ति → तीखी ध्वनि)। प्रबलता: आयाम पर निर्भर (ज़ोर से मारने पर आयाम व प्रबलता अधिक); स्रोत से दूर जाने पर घटती है। गुणता (टिम्बर): समान तारत्व-प्रबलता की दो ध्वनियों में भेद कराती है। तीव्रता = प्रति सेकंड इकाई क्षेत्रफल से गुज़रने वाली ध्वनि-ऊर्जा; प्रबलता = ध्वनि के प्रति कान की प्रतिक्रिया का माप। दोनों एक नहीं हैं।
ध्वनि की चाल किन कारकों पर निर्भर करती है?
माध्यम (ठोस > द्रव > गैस) और ताप (बढ़ने पर चाल बढ़ती है)। वायु में 22 °C पर ≈ 344 m/s। प्रकाश से बहुत कम, इसलिए बिजली पहले दिखती है, गर्जन बाद में सुनाई देता है।
प्रतिध्वनि क्या है? इसके लिए न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?
परावर्तित ध्वनि का अलग से सुनाई देना (आपतन कोण = परावर्तन कोण)। ध्वनि की संवेदना मस्तिष्क में ≈ 0.1 s टिकती है। 22 °C पर 2d = 344 × 0.1 → d ≈ 17.2 m।
अनुरणन क्या है? ध्वनि के बहुल परावर्तन के उपयोग बताइए।
बार-बार परावर्तन से ध्वनि का देर तक बना रहना (बड़े हॉल) — अवांछित; दीवारों पर ध्वनि-अवशोषक पदार्थ लगाते हैं। उपयोग: मेगाफोन, हॉर्न, तुरही, शहनाई, स्टेथोस्कोप, वक्राकार छत व साउंड-बोर्ड।
श्रव्यता परिसर क्या है? अवश्रव्य और पराश्रव्य ध्वनि क्या हैं?
मनुष्य: 20 Hz – 20,000 Hz। अवश्रव्य: < 20 Hz (गैंडा लगभग 5 Hz तक)। पराश्रव्य: > 20 kHz (चमगादड़, डॉल्फ़िन, पोरपॉइज़ उत्पन्न करते हैं)। 5 वर्ष तक के बच्चे ~25 kHz तक सुन लेते हैं।
पराध्वनि के अनुप्रयोग लिखिए।
(i) दुर्गम भागों की सफ़ाई (सर्पिल नली, इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़े) (ii) धातु-खंडों में दरार/दोष की जाँच (iii) इकोकार्डियोग्राफी: हृदय का प्रतिबिंब (iv) अल्ट्रासोनोग्राफी: अंगों व गर्भस्थ शिशु की जाँच (v) गुर्दे की पथरी को बारीक कणों में तोड़ना।
फसल किस्म सुधार के तरीके और वांछित गुण बताइए।
संकरण: अंतराकिस्मीय, अंतरविशिष्ट, अंतरावंशीय; आनुवंशिक रूपांतरण: वांछित जीन डालना। गुण: अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता, जैविक-अजैविक प्रतिरोध, कम परिपक्वता अवधि, व्यापक अनुकूलता, वांछित सस्य गुण।
NCERT के अनुसार पौधों के लिए आवश्यक 16 पोषक तत्त्व कौन-से हैं?
वायु से C, O; जल से H, O; मृदा से 13। वृहत् पोषक (6): N, P, K, Ca, Mg, S। सूक्ष्म पोषक (7): Fe, Mn, B, Zn, Cu, Mo, Cl।
खाद और उर्वरक में अंतर बताइए। जैव खेती क्या है?
खाद: जंतु-मल व पादप-अपशिष्ट के अपघटन से; कार्बनिक पदार्थ अधिक, मृदा-संरचना सुधारती (कम्पोस्ट, वर्मीकम्पोस्ट, हरी खाद: सनई/ग्वार)। उर्वरक: व्यावसायिक; N, P, K देते हैं; अधिक प्रयोग से जल-प्रदूषण व मृदा-उर्वरता का ह्रास। जैव खेती: रसायनों (उर्वरक, शाकनाशी, पीड़कनाशी) का न्यूनतम/शून्य प्रयोग; जैव खाद, कृषि-अपशिष्ट, जैव-कारक पर बल।
सिंचाई के साधन और फसल पैटर्न बताइए।
सिंचाई: कुएँ, नलकूप, नहरें, नदी-जल उठाव, तालाब। मिश्रित फसल: एक खेत में साथ-साथ (गेहूँ + चना)। अंतरफसलीकरण: पंक्तियों में निश्चित पैटर्न (सोयाबीन + मक्का)। फसल चक्र: क्रमवार भिन्न फसलें।
फसल सुरक्षा के उपाय और अनाज भंडारण में हानि के कारण बताइए।
हानिकारक: खरपतवार, कीट, रोगजनक — नियंत्रण: निरोधी उपाय, प्रतिरोधी किस्में, कीटनाशी, जैविक/यांत्रिक विधि। भंडारण-हानि: जैविक (कीट, कृंतक, कवक, जीवाणु), अजैविक (नमी, ताप); रोक: धूमन, सफ़ाई, सुखाना।
पशुपालन में पशुधन के प्रकार और दुग्ध-उत्पादन के मुख्य बिंदु बताइए।
दुधारू (दूध) व भारवाहक (खेती-ढुलाई)। दुग्धस्रवण काल जितना लंबा, दूध उतना अधिक। संकर: देशी (साहीवाल, लाल सिंधी) × विदेशी (जर्सी, ब्राउन स्विस)। आहार: रौगेज + सान्द्र; स्वच्छ आवास, टीकाकरण।
कुक्कुट पालन के उद्देश्य और नस्लें बताइए।
अंडे (लेयर) और मांस (ब्रॉयलर) के लिए। देशी: असील; विदेशी: लेगहॉर्न; संकरण से बेहतर नस्लें। देखभाल: स्वच्छ आवास, उचित ताप, टीका, संतुलित आहार (विटामिन सहित)।
मत्स्य-उत्पादन और मधुमक्खी पालन के मुख्य बिंदु लिखिए।
मछली: समुद्री (पॉमफ्रेट, मैकेरल, टूना), अंतःस्थलीय — मिश्रित संवर्धन: कतला, रोहू, मृगल आदि। मधुमक्खी: शहद बढ़ाने हेतु लाई गई एपिस मेलिफेरा (इटैलियन): शहद-संग्रह क्षमता अधिक, डंक कुछ कम; शहद व मोम; चारागाह ज़रूरी।
10 दिन में 100 कार्ड कैसे दोहराएँ
- रोज़ 10 कार्ड: पहले प्रश्न पढ़कर, उत्तर हाथ से ढककर खुद बोलिए; फिर मिलाइए।
- रात को वही 10 दोबारा: जो अटके, उन पर पेंसिल से निशान लगाइए।
- 10 दिन में 100: ग्यारहवें दिन से उलटे क्रम में (100 से 1) दोहराइए।
- कार्ड के बाद पाठ: जो कार्ड कठिन लगे, उसका पाठ NCERT में एक बार पढ़िए और अंत के प्रश्न हल कीजिए।
सामान्य प्रश्न
ये 100 बिंदु किस आधार पर चुने गए हैं?
बोर्ड के 2026-27 कक्षा 9 विज्ञान पाठ्यक्रम के 12 पाठों और 100 अंकों के आधार पर: हर पाठ में उतने कार्ड, जितने उसके बोर्ड-अंक। तथ्य NCERT (संशोधित 2023-24) के पाठ से मिलाए गए हैं।
क्या सिर्फ़ इन 100 कार्ड से परीक्षा की तैयारी पूरी हो जाएगी?
नहीं। ये तेज़ दोहराव हैं, पूरी पुस्तक नहीं। NCERT के अभ्यास प्रश्न, संख्यात्मक प्रश्न और चित्र अलग से करें।
अर्धवार्षिक परीक्षा के लिए कौन-से कार्ड पढ़ें?
हमारे नील पत्र पन्ने के अनुसार पाठ 1 से 9 (कार्ड 1 से 78); पाठ 10 से 12 वार्षिक परीक्षा में। विद्यालय की सूचना से मिला लें।
कार्ड कैसे बदलें?
फ़ोन पर बाएँ स्वाइप करें या नीचे › दबाएँ; कीबोर्ड पर दायाँ तीर भी चलता है। सब कार्ड एक साथ देखने के लिए ‘सूची में देखें’, वापसी के लिए ‘स्वाइप-दृश्य’ दबाएँ।
संदर्भ और संबंधित पन्ने
पाठ्यक्रम और अंक-भार: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान: कक्षा 9 विज्ञान पाठ्यक्रम 2026-27। तथ्यों की जाँच: NCERT विज्ञान, कक्षा IX (संशोधित 2023-24) के 12 पाठ; NCERT की साइट पर अब नई पुस्तक है, इसलिए यही पुस्तक archive.org की प्रति से मिलाई गई।
- RBSE कक्षा 9 पाठ्यक्रम 2026-27
- कक्षा 9 नील पत्र 2026-27
- कक्षा 9 अर्धवार्षिक परीक्षा 2026-27 हब
- कक्षा 9 विज्ञान: प्रयोग-आधारित 30 प्रश्न
- कक्षा 9 विज्ञान मॉडल पेपर · उत्तर-कुंजी (सत्र 2025-26, अभ्यास के लिए)
NCERTClasses टीम · प्रकाशित: 24 अक्टूबर 2026

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